राज्यपाल व कवि केसरीनाथ त्रिपाठी की कविता का पाठ प्रख्यात रंगकर्मी तथा कवियित्री उमा झुनझुनवाला ने किया है
नहीं रहे मशहूर कवि-पत्रकार विष्णु खरे
नयी दिल्ली : मशहूर कवि और पत्रकार विष्णु खरे नहीं रहे। वे 78 साल के थे। पिछले हफ्ते ब्रेन हैमरेज के बाद उन्हें दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां बुधवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। खरे ने 30 जून को हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष का पद संभाला था। इंदौर से पत्रकारिता की शुरुआत की थी विष्णु खरे का जन्म मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में 1940 में हुआ था। उन्होंने इंदौर में इंग्लिश से एमए करने के बाद बतौर हिंदी पत्रकार करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लखनऊ, जयपुर, दिल्ली समेत कई शहरों में हिंदी अखबार के संपादक की भूमिका निभाई। खरे का पहला काव्य संग्रह ‘एक गैर रूमानी समय में’ था। 2008 में प्रकाशित ‘पठांतर’ उनके पांच काव्य संग्रहों में आखिरी था। खरे ने ब्रिटिश कवि टीएस इलियट की कविताओं समेत कई किताबों के अनुवाद भी किए।
‘विलेज रॉकस्टार’ ऑस्कर 2019 के लिये भारत की आधिकारिक प्रविष्टि
मुम्बई : रीमा दास की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को 91वें अकादमी पुरस्कारों में विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) ने शनिवार को इसकी घोषणा की। यह फिल्म गरीबी में पली बढ़ी लड़की धुनू की कहानी है जो इन परिस्थितियों में भी रॉक बैंड बनाने और किसी दिन अपना गिटार हासिल करने के अपने सपने से पीछे नहीं हटती। इस घोषण से प्रसन्न दास कहती हैं कि ‘विलेज रॉकस्टार’ के चुने जाने से पूर्वोत्तर के फिल्म निर्माताओं की एक बड़ी पहचान मिली है। दास ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘बहुत अच्छा लग रहा है। इसे बताने के लिए मेरे पास ज्यादा शब्द नहीं हैं। पूरी यात्रा किसी परी कथा के समान है। यह पूर्वोत्तर के लिए एक बड़ी पहचान है और मुझे लगता है कि चयनित होने वाली यह पहली असमिया फिल्म है। इसलिए मेरा मानना है कि इससे क्षेत्र के फिल्मकारों के लिए बड़ा बदलाव आएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमेशा से उम्मीद थी। मैं हमेशा ऐसे फेस्टिवल्स में जाना और पुरस्कार पाना चाहती थी। लेकिन मेरे लिए सबसे अहम यह है कि लोग इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करें। इस फिल्म के जरिए मुझे उसी प्रकार का भावनात्मक जुड़ाव मिला है।’’
इसकी घोषणा एफएफआई की ऑस्कर पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष एस वी राजेंद्र सिंह बाबू ने की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मानवीय पहलू पर बनी तकनीकी रूप से अच्छी फिल्म है जो विश्व भर में लोगों को पसंद आएगी। हम ऐसी फिल्म को सम्मान दे रहे हैं जो ऑस्कर के मंच पर पहुंचने की हकदार है। हमें इस बात की उम्मीद है कि लोग इसे देखेंगे और इसे सम्मान देंगे।’’
फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) 2017 में हुआ था और 70 से अधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में यह फिल्म दिखाई जा चुकी है। संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’, आलिया भट्ट अभिनीत ‘राजी’, रानी मुखर्जी अभिनीत ‘हिचकी’, शूजित सरकार की ‘अक्टूबर’, तबरेज नूरानी निर्देशित ‘लव सोनिया’, ‘तुमबाद’, ‘हल्का’, ‘कड़वी हवा’ और हाल में प्रदर्शित ‘मंटो’ उन 28 फिल्मों की सूची का हिस्सा थी, जिसे अगले साल के ऑस्कर के लिये सौंपा गया था। गौरतलब है कि किसी भी भारतीय फिल्म ने अब तक ऑस्कर पुरस्कार नहीं जीता है। विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में अंतिम पांच में जगह बनाने वाली आखिरी भारतीय फिल्म आशुतोष गोवरीकर निर्देशित ‘लगान’ थी। अमित मासुरकर निर्देशित और राजकुमार राव अभिनीत हिंदी फिल्म ‘न्यूटन’ पिछले साल ऑस्कर के लिये भारत की आधिकारिक प्रविष्टि थी।
‘टाइम’ पत्रिका 19 करोड़ डॉलर में बिकी
वाशिंगटन : अमेरिकी मीडिया कंपनी मेरेडिथ कॉर्प ने मशहूर ‘टाइम’ पत्रिका सेल्सफोर्स के सह-संस्थापक मार्क बेनीऑफ और उनकी पत्नी को 19 करोड़ डॉलर में बेच दिया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक यह पत्रिका सेल्सफोर्स के चार सह-संस्थापकों में एक मार्क बेनीऑफ को 19 करोड़ डॉलर में बेची गई है। सेल्सफोर्स ‘क्लाउड कंप्यूटिंग’ की दिग्गज कंपनी है।’पीपल’ और ‘बेटर होम्स एंड गार्डन्स’ जैसी पत्रिकाओं का प्रकाशन करने वाली मेरेडिथ ने ‘टाइम इन्क’ के चार पत्रिकाओं को मार्च में बेचने की पेशकश की थी। ‘टाइम’ के बाद अब बची हुई तीन पत्रिकाओं फॉर्च्यून, मनी और स्पोर्ट्स इल्टस्ट्रेटेड की बिक्री पर भी मोल-भाव चल रहा है।
तीन तलाक देने पर 3 साल जेल, मोदी सरकार के अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी
नयी दिल्ली : एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) देना अब अपराध हो जाएगा। ऐसा करने पर 3 साल जेल की सजा होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को इससे संबंधित अध्यादेश को मंजूरी दे दी। जिस पर देर रात राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी। सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे अवैध बता चुका है।
यह अध्यादेश छह महीने तक लागू रहेगा। इस दौरान तीन तलाक विधेयक को राज्यसभा से पारित कराना होगा। 9 अगस्त को यह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था। कांग्रेस इसमें कुछ बदलाव चाहती है। इसलिए यह राज्यसभा से पारित नहीं हो पाया था। पिछले साल 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने इस पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि एक साथ तीन तलाक कहने की प्रथा यानी तलाक-ए-बिद्दत असंवैधानिक और गैर-कानूनी है। केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस अध्यादेश का मुख्य घटक यह है कि अपराध सिर्फ तभी संज्ञेय होगा जब पीड़ित पत्नी या उसके परिवार (मायके या ससुराल) के सदस्य एफआईआर दर्ज कराएं। अभियुक्त को पुलिस जमानत नहीं दे सकेगी। मजिस्ट्रेट पीड़ित पत्नी का पक्ष सुनने के बाद वाजिब वजहों के आधार पर जमानत दे सकते हैं। उन्हें पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का भी अधिकार होगा। बच्चा मां के संरक्षण में ही रहेगा। उसका भी गुजारा देना होगा। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि जनवरी 2017 से सितंबर 2018 तक तीन तलाक के 430 मामले सामने आए। इनमें 229 मामले सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले और 201 केस उसके बाद के हैं।
इस दौरान सबसे ज्यादा तीन तलाक के मामले उत्तरप्रदेश में सामने आए। कोर्ट के फैसले से पहले वहां 126 और उसके बाद 120 मामले सामने आए। संविधान के अनुच्छेद 123 के मुताबिक, जब संसद सत्र नहीं चल रहा हो तो राष्ट्रपति केन्द्र के आग्रह पर कोई अध्यादेश जारी कर सकते हैं। यह अध्यादेश अगला सत्र समाप्त होने के बाद छह सप्ताह तक लागू रह सकता है। जिस विधेयक पर अध्यादेश लाया जाता है, उसे संसद में अगले सत्र में पारित करवाना होता है। ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रपति इसे दोबारा भी लागू कर सकते हैं।
तीन साल पहले पति शहीद हुआ था, अब पत्नी सेना में बनी लेफ्टिनेंट
जम्मू : जम्मू-कश्मीर में सांबा जिले के बारी ब्रह्माना कस्बे में रहने वाली नीरू साम्ब्याल पति की शहादत को भुलाकर सेना में शामिल हो गई हैं। हाल ही में उन्होंने बतौर लेफ्टिनेंट आर्मी ज्वाइन की है। पति राइफलमैन रविंदर साम्ब्याल 2 मई, 2015 को अपनी रेजिमेंट के साथ एक ड्रिल के दौरान शहीद हो गए थे। कॉलेज में एनसीसी का सी सर्टिफिकेट हासिल करने वाली नीरू को 9 सितंबर को आर्मी ऑर्डिनेंस कोर में लेफ्टिनेंट बनाया गया। नीरू ने 2017 में सेना की परीक्षा दी थी और चेन्नै स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में एक साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की।
नीरू बताती हैं कि 2 मई, 2015 उनके जीवन का सबसे बुरा दिन था, जब उन्होंने अपने पति को खोया। पति के गुजरने के बाद उनकी जिंदगी काफी मुश्किल हो गई थी। कुछ वक्त बाद उन्होंने खुद को संभाल लिया। नीरू के मुताबिक, उनकी दो साल की बेटी उनके लिए प्रेरणा बनी। इसके बाद नीरू ने सेना में शामिल होने का फैसला किया और कई कोशिशों के बाद सफल हो गईं। नीरू बताती हैं कि वे राजपूत परिवार से हैं, जहां विधवा महिलाओं को सामाजिक बंधनों का सामना करना पड़ता है। नीरू के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी सास से इस बारे में बात की तो वे उनकी हिम्मत बन गईं। नीरू के भाई वरिंदर सिंह सलाथिया सांबा जिले के गुरहा-सलाथिया गांव में रहते हैं और एयरफोर्स में हैं। वरिंदर अपनी बहन के इस कदम को काफी हिम्मत भरा बताते हैं।
मनचलों की खैर नहीं : ट्रेन में महिलाओं से छेड़खानी पर हो सकती है 3 साल की सजा
नयी दिल्ली : सफर के दौरान ट्रेन में महिलाओं से छेड़खानी और उन्हें परेशान करने वाले मनचलों की अब खैर नहीं होगी। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित कानून के तहत अगर कोई छेड़छाड़ करता पकड़ा जाता है तो उसे 3 साल की सजा हो सकती है। रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले को 3 साल तक की सजा मिल सकेगी। फिलहाल भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) के तहत इस तरह के मामलों में अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान है।
राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में रेल मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि 2014 से 2016 के बीच रेल सफर के दौरान महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में 35 फीसद तक की बढ़ोतरी हुई है। 2014 में जहां 448 मामले सामने आए थे। वहीं, 2015 में 553 और 2016 में 606 मामले सामने आए।
आरपीएफ की ओर से महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले पुरुषों पर लगने वाले जुर्माने को भी 500 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। एक अन्य प्रस्ताव में ई-टिकटिंग में जालसाजी करने वालों पर भी दो लाख का जुर्माना लगाने और तीन साल की सजा की बात कही गई है।
एथलेटिक्स में और पदक जीतने पर लगी हैं 102 वर्ष की मन कौर की निगाहें
नयी दिल्ली : भारत की 102 साल की महिला एथलीट मन कौर ने इस महीने के शुरू में स्पेन में हुई विश्व मास्टर्स में ट्रैक एवं फील्ड में स्वर्ण पदक जीता था और कभी हार न मानने वाले जज्बे से भरी यह खिलाड़ी अब अगली प्रतियोगिता के लिये ट्रेनिंग में जुटी हैं। वह दौड़ने के अलावा भाला भी फेंकती हैं। उन्होंने कहा कि वह अब भी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक हासिल करने के लिये बेताब हैं। उन्होंने पटियाला से पीटीआई फोन पर कहा, ‘‘मैं और पदक जीतना चाहती हूं। जीतने के बाद मुझे काफी खुशी होती है। सरकार ने मुझे कुछ नहीं दिया लेकिन यह मायने नहीं रखता क्योंकि मैं सिर्फ दौड़ना चाहती हूं क्योंकि दौड़ने से मुझे खुशी मिलती है। ’ मन कौर ने इस महीने के शुरू में स्पेन के मलागा में हुई विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 200 मीटर रेस में 100 से 104 साल के उम्र ग्रुप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने वहां भाला फेंक स्पर्द्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था।
वह इस उम्र की स्पर्द्धा में एकमात्र खिलाड़ी थीं लेकिन उनके प्रशंसकों ने उनकी जीत का जश्न मनाया जिसने 102 सल की उम्र में 200 मीटर की रेस की और भाला फेंका। अब वह अगले साल मार्च में पोलैंड में होने वाली विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स इंडोर चैम्पियनशिप के लिये ट्रेनिंग करने में जुटी हैं जिसमें उनका लक्ष्य 60 मीटर और 200 मीटर रेस में भाग लेना है। उन्होंने 93 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया था और पिछले साल न्यूजीलैंड के आकलैंड में विश्व मास्टर्स खेलों में 100 मीटर स्प्रिंट में पदक जीतने के बाद वह सुर्खियों में आयीं।
30 साल से नेशनल चैंपियन है लड़कियों की यह टीम, लारा दत्ता बनाएंगी फिल्म
भिलाई : भिलाई सिर्फ पिघलता लोहा ही नहीं उगलता, प्रतिभाओं को भी जन्म देता है। भिलाई की लड़कियों की बास्केटबॉल टीम पिछले 30 साल से नेशनल चैंपियन है। इस टीम के आगे देश की कोई भी दूसरी टीम टिक ही नहीं पाती। इन खिलाड़ियों की प्रतिभा का अब बॉलीवुड भी कायल हो गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री लारा दत्ता इस टीम की कहानी पर एक फिल्म बनाने जा रही हैं, जिसका निर्माण इस साल नवंबर से शुरू होगा। यह फिल्म रेलवे की इस टीम के 30 साल से चले आ रहे जीत के सफर और कोच के संघर्ष की कहानी आधारित होगी। फिल्म में दिवंगत अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल की भूमिका एक्टर इरफान खान निभाएंगे।
कोच के संघर्ष की कहानी
बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश पटेल के परिजनों से मिलने फिल्म अभिनेत्री लारा दत्ता सितंबर के पहले पखवाड़े में भिलाई आई थी। लारा दत्ता ने कहा कि यह फिल्म 2014 के नेशनल बास्केटबॉल चैम्पियनशिप पर फोकस है। इसमें लगातार 30 साल से विजेता भारतीय रेलवे की टीम को छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य की बेटियों ने धूल चटा दिया था। साथ ही फिल्म में अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक राजेश पटेल के जीवन पर भी फोकस किया जाएगा।
वे इंदौर में जन्म लेने के बाद कैसे भिलाई आए, भिलाई स्टील प्लांट में उनकी नौकरी और बास्केटबॉल में प्रशिक्षक के तौर पर उनका जीवन, छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य की बेटियों का सौ से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतररष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीतना। इन सभी का भी उल्लेख होगा। एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले राजेश ने अपने संघर्ष और खेल प्रतिभा के दम पर एक अंतर्राष्ट्रीय कोच के रूप में ख्याती हासिल की थी। वे टीम की खिलाड़ियों को अपनी बेटियों की तरह प्यार देते थे और उन्हें अपने अपने परिवार का हिस्सा समझते हुए अपने घर पर ही रखते थे। इनमें से कई लड़कियां राज्य के अलग-अलग हिस्से के आदिवासी और गरीब परिवारों से आईं और आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाया है। कई लड़कियां रेलवे में अच्छे पदों पर जॉब भी कर रही हैं।
खेल रत्न के लिए कोहली और मीराबाई, अर्जुन के लिए नीरज के नाम की सिफारिश
नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और भारोत्तोलक मीराबाई चानू को संयुक्त रूप से देश के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने की सिफारिश की गयी जबकि भालाफेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को उन 20 खिलाड़ियों की सूची में जगह मिली है जिनके नामों की सिफारिश अर्जुन पुरस्कारों के लिए की गयी है। अर्जुन परस्कारों के लिए चोपड़ा के अलावा जूनियर विश्व चैम्पियन हिमा दास और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्यम दूरी के धावक जिन्सन जॉनसन, क्रिकेटर स्मृति मंधाना, हाकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह एवं सविता पूनिया, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और एशियाई खेलों में युगल मैच में स्वर्ण पदक जीतने वाले टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना के नामों की सिफारिश की गयी है। इन सिफारिशों को खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलना बाकी है। एक बार मंत्रालय से अनुमोदित होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार देंगे। अगर मंत्रालय चयन समिति की सिफारिश को मान लेता है तो कोहली खेल रत्न का सम्मान पाने वाले देश के तीसरे क्रिकेटर होंगे। इससे पहले यह खिताब दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (1997) और दो बार विश्व कप जीतने वाले पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (2007) को मिला है। इस पुरस्कार की चयन समिति से जुडे़ एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘ हां, चयन समिति ने विराट कोहली और मीराबाई चानू के नामों की सिफारिश की है।’ यह भी पता चला है कि भारत के शीर्ष पुरूष बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत भी इस खिताब की दौड़ में थे। उन्होंने पिछले साल सुपर सीरीज सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन वह 24 साल की मौजूदा भारोत्तोलन विश्व चैम्पियन मीराबाई से पिछड़ गये। पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के कारण इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए मीराबाई के नाम की सिफारिश की गई है। उन्होंने इस साल राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था लेकिन चोट के कारण एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पायी थी। सूत्र ने पीटीआई से कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अमित पंघाल (48 किग्रा) के नाम पर अर्जुन पुरस्कार के लिए चर्चा की गयी लेकिन 2012 में वह डोपिंग के एक मामले में फंसे थे जिस वजह से उनके नाम को खारिज कर दिया गया। एशियाई खेलों के पूर्व कांस्य पदक विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता सतीश कुमार इस सूची में इकलौते मुक्केबाज है। इस सूची में तीन निशानेबाजों राही सरनोबत, अंकुर मित्तल और श्रेयसी सिंह को जगह मिली है जबकि दो पैरा खिलाड़ी अंकुर धामा और मनोज सरकार के नामों की भी सिफारिश की गयी है। एशियाई खेलों के कारण इस साल पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त की जगह 25 सितम्बर को किया जाएगा।
खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुने गये खिलाड़ियों को साढे साल लाख और अर्जुन पुरस्कार के विजेताओं को पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। कोहली फिलहाल आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाज हैं और पिछले तीन साल से शानदार फार्म में चल रहे हैं। 29 साल के कोहली के नाम की 2016 और 2017 में भी सिफारिश की गयी थी लेकिन उस समय चयन समिति में उनके नाम पर सहमति नहीं बनी थी।
कोहली के नाम 71 टेस्ट मैचों में 23 शतकों के साथ 6147 रन हैं जबकि 211 एकदिवसीय में उन्होंने 9779 रन बनाये हैं जिसमें 35 शतक शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के मामले में कुल 58 शतकों के साथ वह भारतीय बल्लेबाजों की सूची में सिर्फ तेंदुलकर (100) से पीछे हैं। बीसीसीआई ने 2016 और 2017 में भी उनके नाम की सिफारिश की थी लेकिन 2016 में साक्षी मलिक, पीवी सिंधू और दीपा करमाकर के रियो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के कारण वह इस खिताब के लिए नहीं चुने गये। पिछले साल पूर्व हाकी खिलाड़ी सरदार सिंह और पैरा एथलीट देवेन्द्र झझारिया को यह पुरस्कार दिया गया था। कोहली उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने खेल रत्न पुरस्कार से पहले पद्म श्री पुरस्कार (2017) हासिल किया है। इस साल कोहली को मजबूत दावेदार माना जा रहा क्योंकि टीम ने उनके नेतृत्व में घरेलू श्रृंखलाओं में इंग्लैंड तथा ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी और वेस्टइंडीज तथा श्रीलंका को उनकी सरजमीं पर हराया।
उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय श्रृंखला में जीत दर्ज की। वह 2011 में आईसीसी विश्व कप और 2013 में आईसीसी चैम्पियंस ट्राफी जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे। उनकी कप्तानी में टीम 2017 में आईसीसी चैम्पियंस ट्राफी के फाइनल में पहुंची थी। कोहली 2012 और 2017 में क्रमश: आईसीसी के सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीत चुके हैं। उन्होंने पांच बार सर्वश्रेष्ठ भारतीय क्रिकेटर का पुरस्कार भी जीता है। पीठ की चोट से उबर रही मीराबाई का भी हौसला इस खिताब से बढ़ेगा। इस विश्व चैम्पियन से भारत को 2020 तोक्यो ओलंपिक में पदक की उम्मीद है।
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए सिफारिश किये गये खिलाड़ियों के नाम : विराट कोहली (क्रिकेट), मीराबाई चानू (भारोत्तोलन)
अर्जुन पुरस्कार के लिए सिफारिश किये गये नाम : नीरज चोपड़ा (एथलेटिक्स); जिन्सन जॉनसन (एथलेटिक्स), हिमा दास (एथलेटिक्स); एन सिक्की रेड्डी (बैडमिंटन); सतीश कुमार (मुक्केबाजी); स्मृति मंधाना (क्रिकेट); शुभंकर शर्मा (गोल्फ); मनप्रीत सिंह (हॉकी); सविता (हॉकी); रवि राठौड़ (पोलो); राही सरनोबत (निशानेबाजी); अंकुर मित्तल (निशानेबाजी); श्रेयशी सिंह (निशानेबाजी); मनिका बत्रा (टेबल टेनिस); जी सथियान (टेबल टेनिस); रोहन बोपन्ना (टेनिस); सुमित (कुश्ती); पूजा काडिया (वुशु); अंकुर धामा (पैरा एथलेटिक्स); मनोज सरकार (पैरा बैडमिंटन)




