Sunday, July 5, 2026
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ने भाषा सिखाने के लिए पांच गांवों को लिया गोद

नयी दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (आरकेएस) ने यह सुनिश्चित करने के लिए देशभर से पांच गांवों को गोद लिया है कि इन गांवों के लोग संस्कृत में बात कर पाएं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आरकेएस, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति को दो गांवों को गोद लेने और संस्कृत सिखाने का निर्देश दिया है। यह तीनों केंद्रीय संस्थान हैं और 3,500 साल से भी अधिक पुरानी भाषा संस्कृत को आगे बढ़ाते हैं।
एचआरडी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आरकेएस ने त्रिपुरा में जुबार्ता, हिमाचल प्रदेश में मसोत, कर्नाटक के चित्तेबैल, केरल में अदात और मध्य प्रदेश में बराई गांव को गोद लिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इन गांवों में हर कोई संस्कृत भाषा में बात कर सके।’’ अधिकारी ने बताया कि दो अन्य संस्थाओं ने अभी गांवों को गोद नहीं लिया है। पिछले माह मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में निर्देश दिया गया था कि संस्कृत को आगे बढ़ाने और इस भाषा के संरक्षण के लिए कम से कम दो संस्कृत भाषी गांव विकसित करने की जरूरत है।

आम बजट : गांव, गरीब, किसान के साथ साथ अर्थव्यस्था को गति देने पर जोर

नयी दिल्ली : ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘‘अधिक सरल’’ बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है।

बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपने पहले कार्यकाल में ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम शुरू कर दिया था। अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में काम को पूरा कर के दिखाया। आम चुनाव में मतदाताओं ने काम करने वाली सरकार के पक्ष में मत दिया। उन्होंने कहा कि हमने अंतिम छोर तक कार्यक्रमों को पहुंचाया। अब कार्यक्रमों की रफ्तार तेज की जाएगी और लालफीताशाही को कम किया जाएगा।

बजट में देश के तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों और दुकानदारों को पेंशन सुविधा के तहत लाने की भी घोषणा की गयी है।

उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ रूपये से कम के सालाना कारोबार वाले तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों एवं दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना को अब तक 30 लाख कामगारों ने अपनाया। इस योजना को अपनाने वाले कामगारों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना की शुरुआत पिछले साल प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद में की थी।

सीतारमण ने कि कहा कि बीते वित्त वर्ष में देश में 64.37 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 से छह प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस लाभ को और बेहतर करने का प्रस्ताव करती हूं जिससे भारत को विदेशी निवेश के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार विमानन, मीडिया, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) तथा बीमा क्षेत्रों को एफडीआई के लिए और खोलने को अंशधारकों के साथ विचार विमर्श करेगी।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि बीमा क्षेत्र की मध्यस्थ इकाइयों के लिए 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी जाएगी। साथ ही एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्थानीय खरीद के नियमों में ढील दी जाएगी। अभी एफडीआई नीति के तहत बीमा क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। इसमें बीमा ब्रोकिंग, बीमा कंपनियां, तीसरा पक्ष प्रशासक (टीपीए), सर्वेयर और नुकसान आकलनकर्ता शामिल हैं।

देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना प्रथम बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार का मकसद ‘‘हमारे नागरिकों के जीवन को अधिक सरल बनाना है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता अभियान पर दिये जाने वाले जोर की प्रतिध्वनि वित्त मंत्री के बजट भाषण में भी सुनाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सूचना देते हुए प्रसन्न एवं संतुष्ट हूं कि भारत को दो अक्तूबर 2019 को खुले में शौच करने से मुक्त घोषित किया जाएगा।’’

वित्त मंत्री ने किराये वाले मकानों के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि किराये वाले मकानों को प्रोत्साहन देने के लिए कई सुधार किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून काफी पुराने हैं क्योंकि वे पट्टा देने वाले और पट्टा लेने वालों के संबंधों की समस्याओं का ढंग से निदान नहीं कर पाते।

उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रम कानूनों को सरल कर चार कानून संहिताएं तय की जाएंगी। इसका मकसद रिटर्न दाखिले और पंजीकरण का मानकीकरण करना और विवादों को घटना है।

महिला उद्मियों की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्येक स्वयं सेवी समूह की प्रमाणित महिला सदस्य का जन धन खाता होगा और उन्हें पांच हजार रूपये के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी।

सरकार के प्रत्येक कार्य एवं योजना के केन्द्र में ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।

वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करते हैं, सरकार के प्रत्येक कार्य एवं प्रत्येक योजना के केन्द्र में गांव, गरीब और किसान होता है।’’

उन्होंने कहा कि जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी।

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे। इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी।

पाकिस्तानी अदाकारा जहीन ताहिरा का निधन

इस्लामाबाद : पाकिस्तानी अदाकारा जहीन ताहिरा का निधन हो गया। वह 79 वर्ष की थीं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, हृदय संबंधी बीमारी के कारण उन्हें एक महीने पहले शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया और फिर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। अभिनेत्री के पोते दानियाल शाहजाद खान ने फेसबुक पर उनके निधन की जानकारी दी। खान ने लिखा है कि उनकी दादी जहीन ताहिरा की मृत्यु हो गयी। पाकिस्तानी टेलीविजन की दुनिया की सबसे पुरानी अदाकरा में शामिल ताहिरा ने 700 से ज्यादा कार्यक्रमों में काम किया है। उन्हें मनोरंजन की दुनिया में योगदान के लिए 2013 में तमगा-ए-इम्तियाज से नवाजा गया।

देश के आठ शहरों में बढ़ गई मकानों की बिक्री, चार फीसदी का हुआ इजाफाः रिपोर्ट

देश के आठ शहरों में मकानों की बिक्री बढ़ गयी है और रियल इस्टेेट कारोबार में 4 फीसदी का उछाल आया है। दिल्ली-एनसीआर में इस साल अब तक घर खरीदी में सर्वाधिक 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, यहां लोगों ने 19852 घर खरीदे। वहीं देश के आठ प्रमुख शहरों के रियल इस्टेट सेक्टर में घरों की बिक्री पहली छमाही में चार फीसदी बढ़ी है। पिछले साल जहां इस दौरान 1.24 लाख घर खरीदे गए, वहीं इस साल इनकी संख्या 1.29 लाख रही।
घर खरीदने के मामले में दूसरे स्थान पर बंगलुरू रहा, यहां नौ फीसदी वृद्धि के साथ 28225 घर खरीदे गए। नाइट फ्रैंक ने ‘इंडिया रियल इस्टेट’ नाम से जारी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक डेवलपर्स के पास खाली पड़े घरों की संख्या 9 फीसदी घटी है, इस साल डेवलपर्स के पास 4,50,263 घर खाली पड़े हैं।
नए घरों की बिक्री 21 फीसदी बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पहले छह महीनों में नए घरों की बिक्री में भी 21 फीसदी का इजाफा हुआ। पिछली बार जहां इस अवधि में 91739 घर नए घर बिके इस बार 1,11,175 लाख नए घरों की बिक्री हुई।
कहाँ कितनी बढ़ोतरी
शहर बढ़ोतरी कितने घर बिके (जनवरी-जून 2019 तक)
दिल्ली/एनसीआर 10 19852
बेंगलुरू 9 28225
पुणे 6 17364
चेन्नई 5 8979
मुंबई 4 33731
अहमदाबाद 2 8212
हैदराबाद 0 8334 (पिछले साल जितने ही घर बिके)
कोलकाता में आई गिरावट
घर खरीदने के मामले में पिछली साल के मुकाबले इस साल पहली छमाही में कोलकाता फिसड्डी रहा, यहां मार्केट में 30 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इस साल कोलकाता में सिर्फ 4588 घर ही खरीदे गए। इसका मुख्य कारण पश्चिम बंगाल आवास उद्योग नियामक प्राधिकरण की जटिल प्रक्रिया और संकटग्रस्त गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) क्षेत्र पर डेवलपर्स की स्पष्ट निर्भरता रही।
लगातार तीसरी तिमाही में घरों की बिक्री बढ़ी
नाईट फ्रैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक (उत्तर) मुदासिर जैदी के मुताबिक घरों की बिक्री में आई इस तेजी के कारण रियल इस्टेट में घरों की खरीदारी लगातार तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
मुम्बई, पुणे में सस्ते हुए घर
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई, पुणे और चेन्नई में घरों की औसत कीमत में गिरावट आई है। साल दर साल यह गिरावट क्रमश: 3 फीसदी, 4 फीसदी, 3 फीसदी रही। हैदराबाद इकलौता ऐसा शहर है जहां घरों की कीमतों में साल दर साल 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल के मुताबिक सरकार की हर व्यक्ति को घर योजना के तहत उठाए गए कदमों के कारण हाउसिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है जिसके कारण घरों की बिक्री में बढृोतरी हुई।

बेटियों में भरें आत्मविश्वास

हर माँ चाहती है कि उसकी बेटी में आत्मविश्वास कूट-कूटकर भरा हो ताकि जीवन के हर मोड़ पर वह परिस्थितियों का बहादुरी से सामना कर सके। वहीं यह भी सच है कि पारिवारिक एवं सामाजिक दबाव के कारण वे बेटियों को लेकर न सिर्फ ओवर प्रोटेक्टिव हो जाती हैं बल्कि परिवार की शांति बनाये रखने के लिए वे सही होने पर भी अपनी बेटियों के साथ खड़ी नहीं होती। इसका सीधा असर बेटियों के आत्मविश्वास पर पड़ता है और अपने जीवन की पहली लड़ाई में ही कमजोर पड़ जाती हैं।
आप चाहती हैं कि आपकी बेटी को आपसे बेहतर जीवन मिले तो जरूरी है कि आप उसे समझें। जब वह सही हो तो मजबूती से उसका पक्ष लें और समस्या होने पर उसका पक्ष सुनें और इसके बाद फैसला लें।
बेटियों में आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है कि बचपन से ही उनकी परवरिश के वक्त उनको चुनौतियों का सामना करने दें, उन्हें किसी चीज को लेकर रोके-टोके नहीं बल्कि उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश करें।
कुछ वक्त पहले 8 से 14 साल की 14,00 लड़कियों पर एक सर्वे हुआ था। इसमें इन लड़कियों के आत्मविश्वास में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट बताई गई थी। सर्वे में कहा गया था कि चार में से तीन लड़कियां असफलता को लेकर डरती हैं और ये ही वजह है कि उनके भीतर आत्मविश्वास मजबूती से नहीं आ पाता।
अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी बेटी में आत्मविश्वास मजबूत हो तो सबसे पहले उसका कंफर्ट जोन तोड़े और उसे जोखिम उठाने दें। अक्सर घरों में लड़कियों पर कई तरह की रोक टोक लगा दी जाती है।
घर से अकेले बाहर निकलने से लेकर रात के वक्त अकेले आने तक उनके मन में कई तरह का डर भर दिया जाता है। ऐसे में वे हर वक्त एक कंफर्ट जोन में रहती हैं और चुनौतियां का सामना करना नहीं सीख पाती हैं।
आत्मविश्वास के लिए जरूरी है, बेटियों की सराहना करना। अपनी बेटी की सराहना करें। भविष्य के खतरों को लेकर सूची बनाकर बेटियों को बताएं कि उनका सामना कैसे करें और इन चुनौतियों से कैसे निपटे।
उसे अपने काम खुद करने दें, फैसले खुद लेने दीजिए तभी उनमें आत्मविश्वास पनपेगा।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद घुसपैठ की घटनाओं में आई 43 फीसदी की कमी: केन्द्र सरकार

नयी दिल्ली : सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद 2018 की तुलना में इस साल सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में 43 फीसदी की कमी आई है। इसकी जानकारी सरकार द्वारा संसद में दी गई है। एक लिखित प्रश्न का उत्तर कि क्या बालाकोट हवाई हमले के बाद राज्य में घुसपैठ में कमी आई है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सुरक्षा बलों के ठोस और समन्वित प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की घटनाओं में सुधार हुआ है।
सरकार ने सीमा पार से घुसपैठ के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। सुरक्षा के ठोस और समन्वित प्रयासों के कारण 2018 की तुलना में राज्य की सुरक्षा स्थिति में सुधार देखा गया है। नित्यानंद राय के अनुसार, 2018 की तुलना में सीमा पार से होने वाले घुसपैठ की घटनाओं में 43 फीसदी की कमी आई है। राज्य सरकार के साथ मिलकर भारत सरकार ने भी सीमा पार से घुसपैठ को रोकने के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर बाड़ लगाने के साथ बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली की तैनाती शामिल है।

राजनीतिक दलों को दो सालों में मिला 985 करोड़ से ज्यादा का चंदाः एडीआर

पिछले दो वित्तीय वर्ष में देश के राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को 985 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा मिला है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह चंदा इन दलों के ज्ञात स्त्रोतों का 93 फीसदी है। वहीं 2004-05 से 2014-15 के बीच मिले दान से यह 160 फीसदी ज्यादा है।
आठ सेक्टर से मिला सबसे ज्यादा दान
सबसे ज्यादा आठ सेक्टर से इन दलों को दान मिला है। एडीआर की रिपोर्ट में 20 हजार रुपये ज्यादा के मिले दान को ही इस लिस्ट में शामिल किया है। इनमें 49.58 फीसदी दान (488.42 करोड़ रुपये) इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट से, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से 12.18 फीसदी (120 करोड़ रुपये), रियल इस्टेट सेक्टर से 9.19 फीसदी (90.57 करोड़ रुपये), खनिज व आयात- निर्यात सेक्टर से 6.55 फीसदी (64.544 करोड़ रुपये) मुख्य तौर पर शामिल हैं।
छह राष्ट्रीय दलों में भाजपा आगे
रिपोर्ट के मुताबिक छह राष्ट्रीय दलों में भाजपा को सबसे ज्यादा ऐसा दान मिला है। कुल 1731 कंपनियों ने भाजपा को 915.596 करोड़ रुपये का दान दिया था। दूसरे स्थान पर कांग्रेस को 151 कंपनियों ने 55.36 करोड़ का दान दिया था। वहीं तीसरे स्थान पर एनसीपी को 23 कंपनियों से 7.737 करोड़ रुपये दान में मिले थे।
इन ट्रस्ट से मिला सबसे ज्यादा पैसा
इन दो वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा पैसा प्रूडेंट/सत्या इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट ने भाजपा और कांग्रेस को दिया। इस ट्रस्ट ने भाजपा को 33 दानों के जरिए 405.52 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 13 दानों के जरिए 23.90 करोड़ रुपये दान में दिए। वहीं एनसीपी को बी.जी. शिरके कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने 2.5 करोड़ रुपये दान में दिए।
इनका नहीं दिया पैन और पते का विवरण
एडीआर के मुताबिक राष्ट्रीय दलों ने अपनी दान रिपोर्ट में ऐसे 916 दानों का विवरण भी दिया है, जिनसे उन्हें 120.14 करोड़ रुपये दान में मिले। वहीं इन दलों के पास 76 ऐसे दान भी आएं जिन्होंने अपने पैन का विवरण नहीं दिया। इनसे इन दलों को 2.59 करोड़ रुपये मिले।

गरीब प्रतिभावान युवाओं को मुफ्त में संगीत सिखाएंगे कैलाश खेर, खोलेंगे अकादमी

मुम्बई : मशहूर सूफी गायक कैलाश खेर तीर्थनगरी के युवाओं को मुफ्त संगीत सिखाएंगे। ऐसा होगा उनकी संगीत एकेडमी कैलाश खेर एकेडमी ऑफ आर्ट के जरिये। इसे खोलने के लिए आवश्यक विचार विमर्श को वह बुधवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतिभा हर युवा में होती है, लेकिन उसे सामने लाने के लिए एक मंच की जरूरत होती है। एकेडमी यह मंच प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मुम्बई लौटकर वह इस संबंध में सारी रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कैलाश खेर से संगीत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया। उन्हें पर्यावरण के प्रतीक के रूप में रूद्राक्ष का पौधा भी भेंट किया।

मॉनसून और कॉर्न का याराना स्वाद बनाएगा लजीज

चटपटे कॉर्न रोल्स

सामग्री :  2 एकदम फ्रेश भुट्टे, 10 ब्रेड की स्लाइस, पाव कटोरी ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, 2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई, 1 प्याज बारीक कटा, 1 टमाटर बारीक कटा, 1 चम्मच गरम मसाला, हरा धनिया बारीक कटा, नमक स्वादानुसार।
विधि : सबसे पहले कॉर्न (भुट्टे, मकई) के दाने निकालकर उबाल लें एवं हल्का पीस लें। इसमें कटे प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नमक, गरम मसाला, किसा हुआ नारियल व अन्य सभी सामग्री मिला लें। अब ब्रेड स्लाइस के किनारे निकालकर पानी में डुबोकर दबाएं, उस पर तैयार मसाला फैलाकर रोल करें। फ्रायपैन में तेल गरम करके डीप फ्राय कर लें। तैयार लाजवाब चटपटे कॉर्न रोल्स को हरी एवं मीठी चटनी तथा सॉस के साथ गरमा-गरम पेश करें।

 

 

 कॉर्न खीर   

सामग्री : 1 या 2 फ्रेश मुलायम भुट्टे, डेढ़ लीटर दूध, 1 कप शक्कर, 1 चम्मच इलायची पावडर, मेवों की कतरन आवश्यकतानुसार।
विधि : सबसे पहले फ्रेश मुलायम भुट्टे के दाने निकाल कर रख लें। अब इन्हें जरूरतानुसार दूध डालकर प्रेशर कुकर में सीटी लगाकर पका लें। तत्पश्चात शेष बचे दूध में शक्कर डालकर गाढ़ा कर लें। अब उसमें दूध के साथ पकाएं भुट्‍टे डालकर धीमी आचं पर 5-7 उबाल आने ‍तक पकाएं।  ऊपर से इलायची व मेवों की कतरन डालें और आंच से उतार लें। तैयार लाजवाब स्वीट कॉर्न खीर को गरमा-गरम पेश करें।

जानिए परफ्यूम लगाने का सही सलीका

सुनने में अजीब लगे मगर कहते हैं कि हर चीज का एक तरीका होता है, एक सलीका होता है। उसी प्रकार परफ्यूम लगाने का भी एटिकेट होता है। परफ्यूम का इस्तेमाल करते व़क़्त हमें इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिए:

1) परफ्यूम को सही जगह पर लगाना ज़रूरी है। यदि पऱफ़्यूम सही स्थान पर नहीं लगाएंगी तो महक ज़्यादा देर तक नहीं ठहरेगी।

2) पऱफ़्यूम हमेशा बॉडी के पल्स प्वॉइंट्स (जहां धड़कन होती है) पर ही लगाएं। साथ ही दोनों हाथों की कलाइयों, दोनों कानों के पीछे, गले के बीचोंबीच यानी विंड पाइप और दोनों एल्बो जॉइंट्स पर भी परफ्यूम लगाएं।

3) किस जगह पर कैसे परफ्यूम का इस्तेमाल करना चाहिए, इस बात का ध्यान रखना भी बहुत ज़रूरी है. ऑफिस, सेमिनार या ऑफिशियल फंक्शन के दौरान हमेशा माइल्ड यानी हल्के परफ्यूम का इस्तेमाल करें।

4) शाम के व़क़्त कॉकटेल पार्टी, कॉर्पोरेट इवेंट या शादी-विवाह के अवसर पर आप स्ट्रॉन्ग फ्रेगरेंस वाला परफ्यूम इस्तेमाल कर सकती हैं।

5) डेटिंग या किसी ख़ास मौ़के पर आप सिग्नेचर पऱफ़्यूम भी लगा सकती हैं।

6) परफ्यूम के चुनते समय मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए। गर्मी के मौसम में हल्की ख़ुशबू वाले और ठंडी में स्ट्रॉन्ग फ्रेगरेंस वाले परफ्यूम लगा सकती हैं।

7) पूरे कपड़ों पर परफ्यूम न छिड़कें। हमेशा शरीर के सभी पल्स प्वॉइंट्स पर एक बार या ज़्यादा-से-़ज़्यादा दो बार परफ्यूम लगाएं।

8) आजकल ऑलराउंड परफ्यूम का चलन बढ़ गया है, जिसका इस्तेमाल आप शरीर और कपड़े दोनों पर कर सकती हैं। इसके इस्तेमाल से न तो कपड़ों पर दाग़ लगता है, न ही शरीर पर कोई ख़राब प्रभाव पड़ता है।

9) इन दिनों यूनीसेक्स परफ्यूम भी काफ़ी पसन्द किये जा रहे हैं।

10) परफ्यूम को हमेशा धूप के सीधे संपर्क से दूर रखें। धूप के सीधे संपर्क से परफ्यूम का असर कम हो जाता है।