Wednesday, April 22, 2026
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जेईई-एडवांस्ड के परिणाम घोषित, चन्द्रेश शीर्ष पर

नयी दिल्ली : जेईई (एडवांस्ड),2019 के परिणाम की शुक्रवार को घोषणा की गई जिसमें महाराष्ट्र के गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। परीक्षा के प्रथम और द्वितीय दोनों पेपर देने वाले कुल 1,61,319 परीक्षार्थियों में से 38,705 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। सफल परीक्षार्थियों में 5,356 लड़कियां हैं। महाराष्ट्र के बल्लारपुर के गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में प्रथम रहे। उन्हें 372 में से 346 अंक मिले हैं। शबनम सहाय लड़कियों में शीर्ष पर रहीं। उन्हें 372 में से 308 अंक मिले हैं।

जी20 के सदस्य देश समुद्र में प्लास्टिक कम करने के समझौता पर सहमत

तोक्यो :दुनिया की 20 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों (जी 20) ने समुद्र में प्लास्टिक के कचरे की मात्रा में कमी लाने के लिए एक समझौता को लेकर सहमति जताई है। उन्होंने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति पर भी इस बैठक में चर्चा की। पर्यावरण मंत्री योशियाकी हरादा ने संवाददाताओं को शनिवार देर रात जी20 पर्यावरण एवं ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बारे में बताया कि जापान ने समुद्री प्लास्टिक कचरा के लिए एक व्यावहारिक संरचना तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इस कदम का सदस्य देशों ने स्वागत किया है। प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। खासतौर पर चीन और अन्य देशों द्वारा प्लास्टिक कचरे के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद यह चिंता और बढ़ गई है। इस प्रतिबंध के बाद जापान सहिक कई देशों में प्लास्टिक कचरा जमा हो रहा है। कारूईजावा के सेंट्रल माउंटेन रिजॉर्ट में हुई यह दो दिवसीय बैठक पहली ऐसी बैठक है जिसमें समुद्र में प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई है। उम्मीद है कि जी 20 के मंत्रियों द्वारा जारी संयुक्त बयान में इसे शामिल किया जाएगा।

राजस्थान की सुमन राव बनीं मिस इंडिया वर्ल्ड 2019

मुम्बई : राजस्थानकी सुमन राव ने मिस इंडिया वर्ल्ड 2019 का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह सीए की छात्रा हैं। विजेताओं की ताजपोशी का कार्यक्रम सरदार वल्लभ भाई पटेल इंडोर स्टेडियम में गत शनिवार को आयोजित किया गया था। राव ने कहा कि वह यह खिताब जीत कर प्रसन्न एवं सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, “मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा। मुझे लगता है कि मैं उस समाज के लिए उम्मीद की किरण बन गई हूं जहां से मैं आती हूं और अब मेरी जैसी लड़कियां अपने सपनों को पूरा करने में कभी भी डरेंगी नहीं। मेरा परिवार एवं दोस्त रोमांचित हैं और मैं उनके साथ इस खुशी को मनाने के लिए बेसब्र हूं।”
छत्तीसगढ़ की शिवानी जाधव जो कि इंजीनियरिंग की छात्रा हैं उन्हें मिस ग्रांड इंडिया 2019 का खिताब दिया गया है वहीं बिहार की श्रेया शंकर जो कि मैनेजमेंट की छात्रा हैं उन्हें मिस इंडिया यूनाइटेड कॉन्टिनेंट्स 2019 के खिताब से नवाजा गया। तेलंगाना की संजना विज मिस इंडिया रनर अप 2019 रहीं। प्रख्यात डिजाइनर फाल्गुनी शेन पीकॉक, मिस वर्ल्ड 2018 वेनेसा पोनका डी लियोन, अभिनेत्री हुमा कुरैशी, चित्रांगदा सिंह, आयुष शर्मा, कोरियोग्राफर-फिल्मकार रेमो डी सूजा, धावक दुती चंद और फुटबॉल कप्तान सुनिल छेत्री के पैनल ने विजेताओं का चयन किया।

हाई वोल्टेज करन्ट ने छीने युवती के हाथ -पैर, मंगेतर करने जा रहा है शादी

अहमदाबाद ­: कहा जाता है कि शादी के सात फेरे यानी युगल को सात जन्मों तक बांध देते हैं। फिर चाहे जीवन में कितने भी धूप-छांव, सुख-दु:ख आए, एक-दूसरे का साथ देना ही होता है परन्तु यहाँ बात कुछ अलग है। जो भी इसे सुनेगा, यही कहेगा कि ऐसा तो फिल्मों में होता है। आम जीवन में ऐसा होना सम्भव ही नहीं है। पर, हीरल (लड़की) के चिराग (लड़का) ने यह बता दिया कि प्यार इन्सान को कितना खूबसूरत दिल बख्श देता है। करंट ने हीरल के हाथ-पैर छीन लिए, फिर भी मंगेतर ने कहा कि मैं तुम्हारा साथ निभाऊँगा।

करन्ट ने छीने हाथ-पैर

जामनगर जिले के डबासण गांव की 18 वर्षीय युवती हीरल तनसुख भाइ्र वड़गामा में रहती हैं। उसकी सगाई 28 मार्च को जामनगर के चिराग भाड़ेशिया गज्जर से हुई थी। गर्मी की छुट्टियों में शादी होनी तय हुई थी लेकिन, भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। 11 मई की दोपहर हीरल कपड़े धोकर उसे सुखाने खिड़की के पास पहुँची। हाथ बाहर निकाला, इसी दौरान ईटेंशन तार हाथ पर गिर गया। उसका हाथ वहीं जल गया। पैर में भी करंट लगा, जिससे वह गम्भीर रूप से झुलस गयी।

4 दिन बाद डॉक्टरोंने हाथ खड़े कर दिए

हीरल को तुरन्त जामनगर के जीजी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहाँ उसका इलाज तो शुरू हुआ, पर उसके परिवार वालों को लगा कि अस्पताल वाले उन्हें अंधेरे में रख रहे हैं। पूछने पर यही कहा जाता कि रिपोर्ट अच्छी आ रही है, सब कुछ ठीक हो जाएगा। चार दिनों के बाद डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने हीरल को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भेज दिया जहाँ डॉक्टरों ने कहा कि हीरल का दायाँ हाथ और दोनों पैर घुटने तक काटने होंगे। यदि दुर्घटना के 48 घंटे बाद ही यहाँ ले आए होते, तो स्थिति कुछ दूसरी ही होती।

माता-पिता पर टूटा दु:ख का पहाड़

जब हीरल के माता-पिता को पता चला कि हीरल का एक हाथ और दोनों पैर काटने होंगे, तो उन पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। अब बेटी का जिंदगीभर का बोझ कौन उठाएगा? क्या उसका मंगेतर अब उससे शादी करेगा? हीरल की जिंदगी कैसे कटेगी? इन सभी सवालों से वे काफी परेशान थे। पर इसका समाधान कर दिखाया, उसके मंगेतर चिराग ने। उसने कह दिया कि हीरल का साथ मैं जीवन भर निभाऊँगा? यदि यह हादसा शादी के बाद हुआ होता, तो क्या मैं उसे छोड़ देता। इलाज के दौरान चिराग हीरल के पास ही खड़ा रहा। उसने पल भर के लिए भी हीरल को नहीं छोड़ा। चिराग के इस फैसले को उसके माता-पिता ने पूरा समर्थन दिया।

हीरल ने कहा- चिराग पर गर्व है

हीरल ने  कहा कि मुझे 3-4 दिनों तक कुछ भी होश नहीं था। होश में आने के बाद जब मुझे पता चला कि मेरे हाथ-पांव काटे जाएंगे, तो मैं निराश हो गयी पर चिराग के विचार जानने के बाद मुझे लगा कि सचमुच इस संसार में अच्छे लोग भी रहते हैं। मुझे चिराग पर गर्व है। अस्पताल में चिराग पूरे समय मेरे साथ रहा। उसने अस्पताल के सामने ही एक कमरा किराए पर लिया और मेरी सेवा की। उसके माता-पिता भी मुझे इस स्थिति में स्वीकार करते हैं, तो यह मेरा सौभाग्य है।

लोग मदद के लिए आगे आए
हीरल के साथ हुई यह घटना सोशल मीडिया पर छा गयी है। इससे अहमदाबाद में रहने वाले विरल गज्जर अपने बड़े भाई के साथ हॉस्पिटल पहुँचे और हीरल और चिराग को हर तरह की मदद की।
(दैनिक भास्कर में प्रकाशित अनिरुद्ध सिंह, मकवाणा की खबर)

अम्पाई  के लिए कॉमन इंट्रेंस परीक्षा ‘‘सीईई-अम्पाई-2019-डब्ल्यूबी’’ 23 जून को

कोलकाता :  ‘अम्पाई’ने आम प्रवेश परीक्षा “सीईई-अम्पाई -2019-डब्ल्यूबी .” 23 जून, 2019 को होने की घोषणा की है। यह प्रवेश परीक्षा उच्च शिक्षा विभाग, प.बंगाल सरकार की देखरेख में लगातार 6ठे वर्ष आयोजित की जायेगी।  यह प्रवेश परीक्षा प. बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 4-वर्षीय बी.टेक और बी.फार्मा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होगी। इस प्रवेश परीक्षा की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए अम्पाई के सचिव सरदार सोहन सिंह ने कहा “2010 में अंपाई की स्थापना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को इंजीनियरिंग और फार्मेसी के क्षेत्रों में देशभर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों की सुविधा प्रदान करना है। मैं इस वर्ष सीईई-अंपाई-2019- डब्लूबी. परीक्षा में शामिल होनेवाले सभी उम्मीदवारों को इसके लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूँ।  इस वर्ष सीईई-अम्पाई परीक्षा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश जैसे देशभर के कई प्रमुख शहरों के केंद्रों में आयोजित की जाएगी।

सीईई-अंपाई-2019- डब्ल्यूबी के किसी भी श्रेणी से पढ़ाई करनेवाले छात्र पश्चिम बंगाल के निम्नलिखित शीर्ष रैंकिंग इंजीनियरिंग बी.टेक और बी.फर्म कॉलेजों में दाखिला ले सकते हैं.

1. जेआइएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कल्याणी, प.बं. (www.jiscollege.ac.in)

2. नरूला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.nit.ac.in)

3. गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.gnit.ac.in)

4. गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोलकाता (www.gnipst.ac.in)

5. डॉ. सुधीर चंद्र सूर डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेज, कोलकाता (www.dsec.ac.in)

सीईई-अंपाई-2019-डब्ल्यूबी के संयोजक बिद्युत मजूमदार ने कहा कि अम्पाई का उद्देश्य वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित पाठ्यक्रमों में कुशल उम्मीदवारों के चयन के लिए एक पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया तैयार करना है। यह सभी वर्गों के उम्मीदवार जो सूचना विवरण में दिये गये निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं, सीईई-अंपाई-2019-डब्लूबी परीक्षा उन सभी के लिए है। यह परीक्षा डब्लूबीजेईई-18 के पाठ्यक्रम पर निर्धारित होगी और इसके लिए कोई निगेटिव अंक नहीं होगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस वर्ष इस परीक्षा के 6वें संस्करण के में 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। हालांकि प्रवेश के दौरान सिख अल्पसंख्यक छात्रों को वरीयता दी जाएगी, अन्य अल्पसंख्यक और गैर-अल्पसंख्यक छात्रों को भी मेधा सूची के आधार पर प्रवेश पाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार कोई भी छात्र परीक्षा में बैठ सकता है। सीईई-अंपाई-2019-डब्लूबी में उपलब्ध सीटों की कुल संख्या 1164 है। कोई भी छात्र इससे संबंधित विस्तृत सूचना www.ampai.in पर देख सकते हैं। सभी इच्छुक छात्र इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दिये गये कॉलेजों के वेबसाइट के माध्यम से ऑफलाइन या फिर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए websitewww.ampai.in वेबसाइट में जाकर फॉर्म डाउनलोड कर उसे ऑनलाइन भर सकते हैं। छात्र ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान इसका ऑनलाइन आवेदक शुल्क जमा कर सकते हैं, जबकि ऑफ़लाइन आवेदकों को कोलकाता में देय अम्पाई  डिमांड ड्राफ्ट बनाना होगा। इस परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्र 16 जून तक अपना आवेदन पत्र ऑनलाइन व ऑफलाइन जमा कर सकते हैं।

एक साँझ कविता की कार्यक्रम की 5वीं कड़ी सम्पन्न

कोलकाता : साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था नीलांबर कोलकाता ने हाल ही में कलाकुंज सभागार में एक साँझ कविता की-5 कार्यक्रम का आयोजन किया। पिछले कुछ वर्षों के दौरान नीलांबर ने अपने आयोजनों से पूरे देश के साहित्य प्रेमियों का ध्यान खींचा है। संस्था ने आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर साहित्य को आम लोगों के बीच पहुँचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।
हिंदी के वरिष्ठ कवि अरुण कमल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कृष्ण कल्पित, मृत्युंजय कुमार सिंह, सुधांशु फिरदौस और उज़्मा सरवत ने कार्यक्रम में कविताएं पढ़ी। इस अवसर पर अरुण कमल ने अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए साहित्य के क्षेत्र में नीलांबर के कार्यों की प्रशंसा की। कविता पाठ के अलावा उनकी कविताओं पर विभिन्न तरह की प्रस्तुतियां की गई जिनमें कविता गीत, कविता नृत्य, कविता मोंताज और कविता कोलाज शामिल हैं। सर्वप्रथम मशहूर नृत्यांगना मौसूमी दे ने शानदार काव्य नृत्य प्रस्तुत किया। नीलांबर की टीम ने उज्मा सरवत और सुधांशु फिरदौस की कविताओं पर आधारित कोलाज की प्रस्तुति की। युवा गायिका सुनोभा साहा ने मृत्यंजय कुमार सिंह के गीत पथिक हूँ थक गया हूँ की प्रस्तुति की। ऋतेश पांडेय के निर्देशन में कृष्ण कल्पित की कविताओं पर वीडियो मोंताज फिल्म का प्रदर्शन किया गया। नीलांबर की टीम ने अरुण कमल की कविताओं को जन-गीत के रूप में प्रस्तुत किया।विभिन्न प्रस्तुतियों में हिस्सा लेने वाले कलाकारों में शामिल थे ऋतेश पांडेय, कल्पना झा, स्मिता गोयल, ममता पांडेय, प्रतिमा सिंह, दीपक ठाकुर, विशाल पांडेय, निधि पांडेय।
इस मौके पर अतिथि के रूप में मौजूद थे वरिष्ठ आलोचक और वागर्थ पत्रिका के संपादक डॉ. शंभुनाथ, डॉ चंद्रकला पांडेय,अलका सरावगी, उमा झुनझुनवाला, डॉ आशुतोष और प्रियंकर पालीवाल। नीलांबर के अध्यक्ष यतीश कुमार ने स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने नीलांबर संस्था और उसके आनेवाले कार्यक्रमों और योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि नीलांबर साहित्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता और विस्तार बनाए रखेगी और हम नए सकारात्मक प्रयोग करते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इतु सिंह ने किया। ममता पांडेय ने संस्था की विभिन्न समितियों का परिचय कराते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और शिक्षक उपस्थित हुए।

अलीगढ़ में बच्ची की बर्बर हत्या के खिलाफ वीरांगनाओं का कैंडल मार्च

कोलकाता : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रुपये के लेनदेन को लेकर ढाई साल की मासूम टि्वंकल की बर्बरता पूर्वक हत्या के प्रतिवाद में अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउंडेशन, पश्चिम बंगाल की ओर से महानगर के काशीपुर में कैंडल मार्च निकाला गया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मामले की त्वरित व निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसा सज़ा मिले जिससे बच्चों के जीवन से खेलने वालों को सबक मिले। आज देश में ऐसा माहौल बन गया है जिससे स्त्री कहीं भी महफूज नहीं है। स्त्रियों को खिलाफ अपराध करने वाले मनोरोगियों को किसी भी शर्त पर जमानत न मिले। बच्ची के हत्या के मामले में पकड़े गये अभियुक्तों में से एक ऐसा भी है जिस पर बच्चियों पर जुल्म ढाने का केस चल रहा है। वह कैसे समाज में घूम कर जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहा था। कार्यक्रम में प्रतिमा सिंह, रीता सिंह, मीनू सिंह, इंदु सिंह काशीपुर, संचिता सिंह, गिरिजा दारोगा सिंह, गिरिजा दुर्गादत्त सिंह, ललिता सिंह काशीपुर, ललिता सिंह सोदपुर, अर्पिता सिंह, मीना सिंह, आशा सिंह, सुमन सिंह, रीता सिंह, सुनीता सिंह, रश्मि सिंह, राजेश्वरी सिंह, ललिता सिंह काशीपुर सहित अन्य कई वीरांगनाओं ने भाग लिया और टि्वंकल के प्रति किये गये अपराधों के लिए न्याय की मांग की तथा टि्वंकल की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अयोध्या से जुड़ी है स्वर्ग से पृथ्वी पर गंगा अवतरण की घटना

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को स्वर्ग में हबने वाली गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, इस कारण से इस तिथि को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून दिन बुधवार को मनाया जा रहा है। गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर आने की घटना मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम की अयोध्या नगरी से जुड़ी है।
गंगा अवतरण की पौराणिक कथा
सूर्यवंशी श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। उनके पूर्वजों में एक चक्रवर्ती सम्राट थे महाराजा सगर। उनकी दो रानियों में से केशनी से एक पुत्र असमंजस था तो दूसरी रानी सुमति से 60 हजार पुत्र थे। असमंजस का पुत्र अंशुमान था। महाराजा सगर के सभी पुत्र दुष्ट थे, उनसे दुखी होकर राजा सगर ने असमंजस को राज्य से निकाल दिया। उनका पौत्र अंशुमान दयालु, धार्मिक, उदार और दूसरों का सम्मान करने वाला था। राजा सगर ने अंशुमान को ही अपना उत्तराधिकारी बना दिया।
ऐसे भस्म हो गए राजा सगर के 60 हजार पुत्र
इस बीच राजा सगर ने अपने राज्य में अश्वमेधयज्ञ का आयोजन किया, जिसके तहत उन्होंने अपने यज्ञ का घोड़ा छोड़ा था, जिसे देवताओं के राजा इंद्र ने चुराकर पाताल में कपिलमुनि के आश्रम में बांध दिया। इधर राजा सगर के 60 हजार पुत्र उस घोड़े की खोज कर रहे थे, लाख प्रयास के बाद भी उन्हें यज्ञ का घोड़ा नहीं मिला। पृथ्वी पर घोड़ा न मिलने की दशा में उन लोगों ने एक जगह से पृथ्वी को खोदना शुरू किया और पाताल लोक पहुंच गए।


घोड़े की खोज में वे सभी कपिल मुनि के आश्रम में पहुंच गए, जहां घोड़ा बंधा था। घोड़े को मुनि के आश्रम में बंधा देखकर राजा सगर के 60 हजार पुत्र गुस्से और घमंड में आकर कपिल मुनि पर प्रहार के लिए दौड़ पड़े। तभी कपिल मुनि ने अपनी आंखें खोलीं और उनके तेज से राजा सगर के सभी 60 हजार पुत्र वहीं जलकर भस्म हो गए। अंशुमान को इस घटना की जानकारी गरुड से हुई तो वे मुनि के आश्रम गए और उनको सहृदयता से प्रभावित किया। तब मुनि ने अंशुमान को घोड़ा ले जाने की अनुमति दी और 60 हजार भाइयों के मोक्ष के लिए गंगा जल से उनकी राख को स्पर्श कराने का सुझाव दिया।
गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए भगीरथ की तपस्या
पहले राजा सगर, फिर अंशुमान, राजा अंशुमान के पुत्र दिलीप इन सभी को गंगा को प्रसन्न करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। तब राजा दिलीप के पुत्र भगीरथ ने अपनी तपस्या से ब्रह्मा जी को प्रसन्न कर गंगा को पृथ्वी पर भेजने का वरदान मांगा। ब्रह्मा जी ने कहा कि गंगा के वेग को केवल भगवान शिव ही संभाल सकते हैं, तुम्हें उनको प्रसन्न करना होगा। तब भगीरथ ने भगवान शिव को कठोर तपस्या से प्रसन्न कर अपनी इच्छा व्यक्त की। तब भगवान शिव ने ब्रह्मा जी के कमंडल से निकली गंगा को अपनी जटाओं में रोक लिया और फिर उनको पृथ्वी पर छोड़ा। इस प्रकार गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ और महाराजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मोक्ष की प्राप्ति हुई। भगीरथ की तपस्या से अवतरित होने के कारण गंगा को ‘भागीरथी’ भी कहा जाता है।
(साभार – दैनिक जागरण)

79 साल के वरिष्ठ कॉमेडियन दिन्यार कॉन्ट्रेक्टर का निधन

मुम्बई : वरिष्ठ फिल्म और थिएटर अभिनेता दिन्यार कॉन्ट्रेक्टर नहीं रहे। वह 79 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार वे लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। दिन्यार का अंतिम संस्कार बुधवार को ही वरली मुंबई में शाम 3.30 बजे किया जाएगा। दिन्यार को 2019 में ही भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया था। अपने नाम की घोषणा होने के बाद दिन्यार ने एक इंटरव्यू में बताया था- मुझे इस बात का भरोसा ही नहीं हो रहा था। मुझे लगा कोई बेवकूफ बना रहा है। लेकिन जब ढेर सारे फोन कॉल्स आए तब पता चला कि मुझे अवॉर्ड दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्विटर पर दिन्यार के साथ वाली एक फोटो शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा- पद्म श्री दिन्यार कॉन्ट्रेक्टर विशेष थे क्योंकि उन्होंने बहुत सारी खुशियां फैलाईं। उनके बहुमुखी अभिनय ने कई चेहरों पर मुस्कान ला दी। चाहे वह रंगमंच हो, टेलीविजन हो या फिल्में, उन्होंने सभी माध्यमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके निधन से दुखी हूँ।
1966 से कॅरियर की शुरुआत करने वाले दिन्यार को खास तौर पर बाजीगर, 36 चाइना टाउन, खिलाड़ी, बादशाह जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई टीवी शो में भी काम किया था। दिन्यार ने अपना कॅरियर थिएटर आर्टिस्ट के तौर पर शुरू किया था। वे हिन्दी और गुजराती नाटकों में ज्यादा काम करते थे।

किराए की कोख लेने और देने वाली दोनों महिला कर्मचारियों को मिलेगा मातृत्व अवकाश

चंडीगढ़ :   हरियाणा सरकार ने कमीशनिंग और सरोगेट मदर दोनों को ही मातृत्व अवकाश देने का निर्णय लिया है। सरकार के फैसले के अनुसार अब कमीशनिंग मदर अर्थात वह महिला कर्मचारी जो गर्भधारण करने के लिए किसी अन्य महिला की सेवाएं लेती है और सरोगेट मदर अर्थात वह महिला कर्मचारी जो ऐसा करने के लिए अपनी कोख किराए पर देती है, दोनों को ही गर्भवती महिला कर्मचारियों के लिए लागू नियमों और शर्तों के आधार पर ही मातृत्व अवकाश मिलेगा।
वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हरियाणा सरकार के सभी बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों के प्रमुखों, सभी मंडलायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ के रजिस्ट्रार और सभी डीसी, एसडीएम को पत्र भेजकर कहा है कि यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय के कमीशनिंग मदर को मातृत्व अवकाश देने के संबंध में सुनाए गए फैसले के मद्देनजर लिया गया है।
केंद्र सरकार ने इसे नीतिगत निर्णय मानते हुए सभी राज्य सरकारों को आदेश अमल में लाने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में जहां कमीशनिंग मदर और सरोगेट मदर दोनों कर्मचारी हैं और मातृत्व अवकाश के लिए पात्र हैं (इस आधार पर कि वह एक कमीशनिंग मदर है और दूसरी इस आधार पर कि वह गर्भवती महिला है), सक्षम प्राधिकारी एक ही समय या अन्यथा मातृत्व अवकाश देने के संबंध में उचित फैसला लेंगे। विभागाध्यक्षों को मातृत्व अवकाश देने के लिए सक्षम प्राधिकारी की शक्तियां प्राप्त हैं।