पटना : आज के समय में जब बच्चे अधिकतर स्मार्टफोन और गेमिंग कंसोल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में नयी पीढ़ी के बच्चों में कहानी कहने की परंपरा को जीवंत बनाये रखने की कोशिश करती एक नयी किताब ग्रामीण बिहार से दिलचस्प कालजयी लोककथाओं का संग्रह समेटे है।
‘द ग्रेटेस्ट फोक टेल्स ऑफ बिहार’ में 37 कहानियों का संग्रह है, जिनका आधार ग्रामीण जीवन है। इसमें लोक भाषा में रोचक किस्सों और आज के समय में टीवी सामग्री के कारण विलुप्त होती संस्कृति एवं बिहार के इतिहास को समाहित किया गया है।
किताब का प्रकाशन रूपा प्रकाशन ने किया है और इसे लिखा है पत्रकार लेखक नलिन वर्मा ने। वर्मा ने इस किताब में सदियों से चली आ रही लोककथाओं को शामिल कर इसे मौखिक कथाओं का एक संग्रह बनाया है। वर्मा ने इससे पहले राजद प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की आत्मकथा ‘गोपालगंज से रायसिना : मेरी राजनीतिक यात्रा’ का सह-लेखन किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अपनी नयी किताब के जरिए मैंने हमारी समृद्ध परंपराओं और लोककथाओं के ज्ञान को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है जो दुर्भाग्य से तकनीक पसंद नयी पीढ़ी नहीं जानती।’’
बिहार की लोककथाओं को समेटती नयी किताब
26 दिसम्बर से आरम्भ होगा 25वाँ हिन्दी मेला
अहिंसा, भाईचारा और स्त्री का आत्मसम्मान है मुख्य संदेश
कोलकाता : सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा हिंदी मेला 26 दिसम्बर से आरम्भ होगा। हिन्दी मेले का यह 25वां साल है, रजत जयंती वर्ष। कोलकाता में यह हिन्दी की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान बन चुका है। इसका आयोजन सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा राजाबाजार के फेडरेशन हाल में होता आ रहा है। देश के दूसरे नगरों में हिन्दी मेला बड़ी आशा से देखा जाता है। यह चिंता व्यक्त होती है कि हिन्दीभाषियों में कलाओं और साहित्य के प्रति रुचि कैसे जाग्रत की जाए। सस्ती फिल्मों और पॉप गानों से जो सांस्कृतिक प्रदूषण फैला है, उसका जवाब है हिन्दी मेला। इसमें आधुनिक कविताओं के आधार पर गायन, आवृत्ति, नृत्य आदि के आयोजन होते हैं। इसके अलावा नाटक, लोक गीत, हिंदी क्विज आदि की प्रतियोगिताएँ होती हैं। इनमें सैकड़ों युवा और विद्यार्थी भाग लेते हैं। हिन्दी मेला ने हिन्दी भाषियों में सांस्कृतिक आत्मविश्वास बढ़ाया है।
हिन्दी मेला के 25वें साल में युवा प्रतिभागियों के लिए 1 लाख रुपये के पुरस्कार और स्मृति चिह्न हैं। यह कार्यक्रम सात दिन 26 दिसंबर 2019 से 1 जनवरी 2020 तक चलेगा। यह नए वर्ष का नए तरह से अभिनंदन करेगा। लखनऊ से जानेमाने ग़ज़ल गायक हरिओम का प्रदर्शन शनिवार 28 दिसंबर को होगा। पटना की ‘हिरावल’ की टीम रविवार को छायावादी संगीत प्रस्तुत करेगी। यह रवींद्र संगीत की तरह छायावादी संगीत को लोकप्रिय बनाने की कोशिश है। इसी दिन कबीर के पदों पर आधारित नृत्य बनारस की प्रसिद्ध नृत्यांगना प्रशस्ति तिवारी प्रस्तुत करेंगी।
हिन्दी मेला की इस बार केंद्रीय थीम ‘छायावाद के सौ साल’ है। सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के संयुक्त महासचिव प्रो.संजय जायसवाल ने बताया कि धर्मांधता, यौन-उत्पीड़न और हिंसा के माहौल में छायावाद पर चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसने धार्मिक भाईचारे, अहिंसा, स्त्री-आत्म सम्मान और मानवतावाद का संदेश दिया था। देश के विभिन्न नगरों से आकर विद्वान प्रसाद, निराला, पंत और महादेवी के कृतित्व पर विशेष रूप से चर्चा करेंगे। प्रो.संजय जायसवाल का कहना है कि कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, हुगली, मिदनापुर और बर्दवान से ही नहीं इस बार उत्तर बंगाल से भी कई युवा प्रतिभागी आ रहे हैं। हिन्दी मेला युवाओं का उच्च संस्कृति के लिए अभियान है। देश में शांति, सौहार्द और मानव-अधिकारों की स्थापना हिन्दी मेला का लक्ष्य है। 25 सालों से लगातार चलता आया हिन्दी मेला इस बार गांधी के सत्य और अहिंसा का संदेश पहुँचाना चाहता है, क्योंकि देश अभूतपूर्व संकट में है। छायावाद गांधी के आदर्शों की ही साहित्यिक प्रतिध्वनि रहा है। हिन्दी मेला के आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को डॉ.शंभुनाथ, रामनिवास द्विवेदी, मृत्युंजय, राजेश मिश्र और सुशील पांडेय ने भी संबोधित किया।
25वें मेले में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा
हिन्दी मेले में इस बार 2019 का नाटक के लिए माधव शुक्ल नाट्य सम्मान ‘रंगशिल्पी’ के सुशील कांति को, प्रो.कल्याणमल लोढ़ा शिक्षक सम्मान भोगेंद्र झा को तथा युगल किशोर सुकुल पत्रकारिता सम्मान अजय विद्यार्थी को प्रदान किया जाएगा।
डॉ.अभिज्ञात व देवदीप पुरोहित को ‘अग्रसर सम्मान’
कोलकाता/बैरकपुर : रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित खड़दह सांस्कृतिक उत्सव 2019 सम्पन्न हो गया। अग्रसर समाज कल्याण केन्द्र के संयोजन में यह उत्सव का 19 आयोजन था। इस वर्ष यह 13 दिसम्बर से शुरू हुआ। इस दौरान मेला भी लगा था और विज्ञान प्रदर्शनी भी लगायी गयी थी। पेंटिंग, काव्य आवृत्ति, गीत, संगीत व नृत्य प्रतियोगिताओं में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। कठपुतली नृत्य ने लोगों को लुभाया। बालीवुड के गायकों शब्बीर कुमार, सुदेश भोंसले व शैलजा सुब्रमण्यम ने अपनी हिन्दी गीतों व इंद्रनील सेन, लावणी भट्टाचार्य, ईमन चक्रवर्ती ने बांग्ला गीतों से लोगों का मन मोह लिया। सांसद सौगत राय ने विज्ञान मेले का उद्घाटन कर उत्सव की शुरुआत की। पत्रकारिता में सराहनीय योगदान के लिए हिन्दी के पत्रकार डॉ.अभिज्ञात और अंग्रेज़ी पत्रकार देवदीप पुरोहित को अग्रसर सम्मान प्रदान किया गया। अग्रसर के कार्यकारी अध्यक्ष सुकंठ बनिक, सचिव अरिजीत घोष, मुख्य संयोजक उत्तम दत्त, मीडिया समन्वयक दिव्येन्दु चौधुरी ने उत्सव के कार्यक्रमों को संयोजित किया था। कार्यक्रमों का संचालन तानिया साहा ने किया। मेले से होने वाली आय से कैंसर व किडनी के मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2019 घोषित, नन्दकिशोर आचार्य होंगे सम्मानित
नयी दिल्ली : साहित्य अकादमी ने 23 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा की। सात कविता-संग्रह, चार उपन्यास, छह कहानी-संग्रह, तीन निबंध संग्रह, एक-एक कथेतर गद्य, आत्मकथा और जीवनी के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार घोषित किए गए।
पुरस्कारों की अनुशंसा 23 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों द्वारा की गयी तथा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में आज इन्हें अनुमोदित किया गया।
सात कविता-संग्रहों के लिए इन्हें पुरस्कृत किया गया : डॉ. फुकन चन्द्र बसुमतारी (बोडो), डॉ. नन्दकिशोर आचार्य (हिंदी), निलबा आ. खांडेकार (कोंकणी), कुमार मनीष अरविन्द (मैथिली), वी. मधुसूदनन नायर (मलयाळम्), अनुराधा पाटील (मराठी) एवं प्रो. पेन्ना-मधुसूदनः (संस्कृत)। चार उपन्यासों के लिए इन्हें पुरस्कृत किया गया : डॉ. जयश्री गोस्वामी महंत (असमिया), एल. बिरमंगल सिंह (बेरिल थंगा) (मणिपुरी),चो. धर्मन (तमिळ) एवं श्री बंदि नारायणा स्वामी (तेलुगु)।
छह कहानी-संग्रहों के लिए इन्हें पुरस्कृत किया गया – अब्दुल अहद हाज़िनी (कश्मीरी), तरुण कांति मिश्र (ओड़िया), किरपाल कज़ाक (पंजाबी), रामस्वरूप किसान (राजस्थानी), काली चरण हेम्ब्रम (संताली) एवं ईश्वर मूरजाणी (सिंधी)।
डॉ. शशि थरूर (अंग्रेजी), डॉ. विजया (कन्नड) एवं प्रो. शाफे किदवई (उर्दू) को क्रमशः सृजनात्मक कथेतर गद्य, आत्मकथा एवं जीवनी के लिए पुरस्कृत किया गया। तीन निबंध-संग्रहों के लिए इन्हें पुरस्कृत किया गया : डॉ. चिन्मय गुहा (बाड्ला), श्री ओम शर्मा ‘जन्द्रयाड़ी’ (डोगरी) एवं श्री रतिलाल बोरीसागर (गुजराती)। इन पुस्तकों को संबंधित भाषा के त्रिसदस्यीय निर्णायक मंडल ने निर्धारित चयन-प्रक्रिया का पालन करते हुए पुरस्कार के लिए चुना है। नियमानुसार कार्यकारी मंडल ने निर्णायकों के बहुमत के आधार पर अथवा सर्वसम्मति के आधार पर चयनित पुस्तकों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की है। पुरस्कार 1 जनवरी 2013 से 31 दिसम्बर 2017 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों पर दिया गया है।
साहित्य अकादमी पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान करेगी। घोषित पुरस्कार 25 फरवरी 2020 को नयी दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह (साहित्योत्सव) में दिए जाएंगे।
महानगर में एक साथ दिखे परिधानों के 600 राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय ब्रांड
कोलकाता : वेस्ट बंगाल गारमेंट मैन्यूफक्चरर्स एंड डीलर एसोसिएशन अपने 55 साल पूरे कर लिए हैं। हाल ही में इस उपलब्धि को खास बनाते हुए एसोसिएशन ने तीन दिवसीय वस्त्र प्रदर्शनी सह बिक्री बी 2 बी एक्सपो आयोजित की। इस बायर्स – सेलर्स मीट में 600 राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय परिधानों के ब्रांडों अपने उत्पाद प्रदर्शित किये। संगठन के मुताबिक इस दौरान 400-500 करोड़ रुपये के की उम्मीद है। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ शीर्ष औद्योगिक घरानों ने शिरकत की। डब्ल्यूबीजीएमडीए बायर्स सेलर्स मीट का उद्घाटन राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिकिशन राठी ने कहा कि उनका संगठन उद्योग को मजबूत बनाने में अपनी तरफ से योगदान करता रहेगा। वहीं संगठन के मानद सचिव देवेन्द्र बैद ने कहा कि यह प्रयास उद्यमियों के लिए सहायक साबित हुआ है और आगे भी हुआ। डब्ल्यूबीजीएमडीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय करीवाला, उपाध्यक्ष प्रदीप मुरारका, कमेटी के सदस्य मनीष अग्रवाल समेत कई अन्य उद्यमी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मशीन लर्निंग और डेटा साइंस पर तीसरा अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन
हैदराबाद : मशीन लर्निंग और डेटा साइंस पर तीसरा अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीएमएलडीएस 2019) हाल ही में आयोजित किया गया। इसका आयोजन महिन्द्रा इकोल सेन्ट्रल में किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में कम्प्यूटर विशेषज्ञों, वैज्ञानिक और इंजीनियरों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन को तकनीकी रूप से एसीएम डिजिटल लाइब्रेरी ने सहयोग किया था। मुख्य वक्ताओं में यूनिवर्सिटी ऑफ सर्दन कैलिफोर्निया के प्रो. विक्टर के प्रसन्ना समेत अन्य वक्ता शामिल थे। सम्मेलन का उद्घाटन तेलेंगाना के कॉलेजिएट एडुकेशन एंड टेक्निकल एडुकेशन के कमिश्नर नवीन मित्तल ने किया। इस सम्मेलन में बड़ी मात्रा में शोध पत्र जमा किये गये।
आईसीएआई व ईआईआरसी का 44वाँ क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित
कोलकाता : द इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स और ईस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल (ईआईआरसी) का 44वाँ क्षेत्रीय सम्मेलन हाल ही में आयोजित किया गया। विश्व बांग्ला कन्वेन्शन सेंटर में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन की थीम सीए – द प्रोफेशन विद विंग्स ऑफ विशडम थी और सम्मेलन में 2500 सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य सदस्यों की क्षमता और जानकारी बढ़ाना था जिससे उनका कौशल निखर सके। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन डॉ. मधुसूदन साहू, वाऊ मोमो के संस्थापक सागर दरयानी मौजूद थे। उद्घाटन भाषण ईआईआरसी के चेयरमैन सीए सुमित बिनानी ने दिया।
बीएचएस (जूनियर सेक्शन) में मनाया गया ग्रैन्ड पैरेंट्स डे
कोलकाता : बच्चों के जीवन में उनके दादा – दादी, नाना – नानी की बड़ी भूमिका होती है। हाल ही में बीएचएस (जूनियर सेक्शन) के बच्चों ने उनके योगदान और स्नेह के प्रति आभार जताते हुए ‘अभिनन्दन’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की हेडमिस्ट्रेस फरीदा सिंह के वक्तव्य से हुई। इस वर्ष स्कूल ने द्विभाषीय सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘उड़ान’ आयोजित किया जिसमें बच्चे के जीवन में ग्रैंड पैरेंट्स की भूमिका को दर्शाया गया। इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में ऑल बंगाल विमेन्स ओल्ड एज होम से आए बुजुर्ग उपस्थित थे। स्कूल की प्लास्टिक निरोधी मुहिम के तहत लिटेरेसी इंडिया को पर्यावरण अनुकूल बैग तथा हस्तशिल्प की बिक्री करने के लिए बुलाया गया था। इस अवसर पर विद्या मंदिर सोसायटी की श्रीमती बिड़ला, विद्या मंदिर सोसायटी के महासचिव ब्रिगेडियर वी.एन. चतुर्वेदी, बिड़ला हाई स्कूल की निदेशक मुक्ता नैन तथा प्रिंसिपल लवलीन सैगल भी उपस्थित थीं।
शानदार एगलेस केक के साथ मनाइए क्रिसमस
एगलेस ऑरेन्ज केक

सामग्री : 1 कप मैदा, 1 कप मक्खन, 1/2 कप पाउडर चीनी, 1 संतरा, 2 टी स्पून अलसी का पाउडर, 1/2 टी स्पून बेकिंग सोडा, 1/2 टी चम्मच बेकिंग पाउडर
विधि : एगलेस ऑरेंज केक बनाने के लिए सबसे पहले संतरे को ले और छील ले। संतरे के अंदर से उसका गुदा निकाल कर अलग कर ले अब इस गूदे को मिक्सी में डाले और इसका जूस निकाल ले और अलग से रख दे अब एक बर्तन में मैदा ले और उसे अच्छे से छान ले। मैदा में बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छे से मिक्स कर दे। इस मिश्रण को एक बार छान ले। इस मिश्रण में बना हुआ संतरे का थोड़ा सा जूस डाले और अच्छे से मिला दे। इतना करने के बाद एक बाउल में अलसी का पाउडर ले और उसमे बचा हुआ संतरे का जूस डालकर अच्छे से मिला दे। अब एक बाउल में दोनों मिश्रण को आपस में मिक्स कर दे। इस मिश्रण में बटर और चीनी डालकर मिक्स कर दे इस मिश्रण को कुछ देर के लिए रख दे ताकि वो फूल जाए। कुछ देर बाद माइक्रोवेव वाले बर्तन को ले और बटर लगाकर चिकना कर ले। इसमें बना हुआ मिश्रण डाले और माइक्रोवेव में 4-5 मिनट के लिए रख दे। कुछ देर बाद इसे बाहर निकाल ले और चाकू की मदद से बाहर निकाल ले कुछ ही देर में आपका लजीज एगलेस ऑरेंज केक बनकर तैयार है। इसमें आप ऊपर से ऑरेंज के टुकड़े लगाकर इसे सजा भी सकते है। इसे सभी को सर्वे करे।
फ्रूट एंड नट्स केक

सामग्री : 1/2 कप मैदा, 1/2 कप पाउडरचीनी, 1/2 कप मक्खन, 1/2 कप दूध, 1/2 कप काजू, 1/2 कप अखरोट, 1/2 कप किशमिश, 1/2 कप बादाम, 1/2 कप टूटी फ्रूटी, 1/2 कप कन्डेन्स्ड मिल्क, 1 टी स्पून बेकिंग सोडा, 1 टी स्पून बेकिंग पाउडर
विधि : फ्रूट एंड नट्स केक बनाने के लिए सबसे पहले अखरोट, काजू, बादाम को अच्छे से साफ कर ले अब उनके छोटे छोटे टुकड़े कर ले। किशमिश को भी धोकर साफ कर ले। अब एक बर्तन में मैदा को ले और छलनी की मदद से छान ले। अब इसमें बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालकर सारे मिश्रण को अच्छे से मिक्स कर ले। एक बाउल में पिघला हुआ मक्खन ले और उसमे चीनी पाउडर मिलाये। इसी मिश्रण में कंडेंस्ड मिल्क डालकर अच्छे से मिक्स कर ले। सारे मिश्रण को मिलाकर फेट ले। कुछ देर इस मिश्रण को रख दे ताकि वो फूल जाए। ऐसा करने से केक अच्छा बनेगा। कुछ देर बाद इस मिश्रण में दूध डाले साथ ही मैदा वाला मिश्रण डाले और मिक्स करे। इसी मिश्रण में सारे कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और टूटी फ्रूटी डालकर मिक्स कर ले। केक बनने का मिश्रण तैयार है। अब केक बनाने वाला बर्तन ले उसे मक्खन लगाकर चिकना कर ले उसमे केक वाला मिश्रण डाले और माइक्रोवेव में 4-5 मिनट के लिए रख दे। कुछ देर बाद केक को बाहर निकाले ठंडा होने पर बर्तन से बाहर निकाले आपका लजीज केक बनकर तैयार है इसे सभी को सर्वे करे।




