Saturday, June 20, 2026
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कोलकाता पुलिस ने शुरू किया ‘मास्क अप कोलकाता’ अभियान

कोलकाता : महानगर के लोगों को मास्क पहनने को लेकर जागरूक करने के लिए सोमवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा ने #MaskUpKolkata अभियान की शुरुआत की। कोरोना वायरस से लड़ने में मास्क लोगों के हथियार की तरह है लेकिन जागरुकता के अभाव में लोग मास्क पहनने को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसी वजह से कोलकाता पुलिस आयुक्त ने लालबाजार से #MaskUpKolkata अभियान को लॉन्च किया।

 (साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

सावन के रिमझिम गीतों की प्रतियोगिता में भवानीपुर कॉलेज की जाह्नवी प्रथम

कोलकाता : मानसून की बारिश का मौसम आते ही युवाओं के हृदय में तो गीत संगीत की लहरें हिलोरें लेने लगती हैं, बच्चे, बूढ़े, स्त्री-पुरुष सभी प्रकृति की हरियाली और बारिश की बूंदों के साथ आनंदित हो उठते हैं। ऐसे समय में भवानीपुर कॉलेज के क्रिसेंडो टीम के संगीत प्रेमियों को भला कौन रोक सकता है? इस इवेंट का संयोजन और संचालन में विक्रम जित दास, सम्राट घोष और अनुराग सेन गुप्ता अग्रणी रहे। कोरोना काल में घरों में रहकर कॉलेज के क्रिसेंडो टीम ने अॉन-लाइन सावन के रिमझिम गीतों की प्रतियोगिता का आयोजन किया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्यक्रम की परिकल्पना कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह की रही।प्रो. शाह ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम करने का उद्देश्य है प्रतिभाशाली संगीत प्रतिभाओं को सामने लाना। प्रथम चरण में इस प्रतियोगिता में नब्बे विद्यार्थियों का अॉडिशन हुआ जिसमें दस विद्यार्थियों का फाइनल राउंड में चयन हुआ।दूसरे चरण में टॉप टेन प्रतिभागियों में अभिषेक पॉल, अर्कप्रभा चटर्जी, हृदिमन दास, जाह्नवी अग्रहरि, मधुबन दास, मौ. अरिफ रजा, नंदराज अमृत, संदीप प्रधान, श्रिनजीनी भादुड़ी और सूरज लामा चयनित हुए । निर्णायक मंडल में संगीतकार श्री सौरभ गोस्वामी और म्युजिक डायरेक्टर- कम्पोजर श्री व्रत देव रहे जिनके स्टुडियो में उमंग के टाइटल सांग का निर्माण किया गया था।जूम पर हुए फाइनल राउंड में 76 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की
। बरसात के प्रसिद्ध गीतों में “ये मौसम की बारिश”, “टापुर टूपूर” ,” रिमझिम घिरे सावन” , “भीगी भीगी रातों में” , “आओगे जब तुम ओ साजना अंगना फूल खिलेंगे” आदि गीतों ने सभी का मन मोह लिया। निर्णायक सौरभ गोस्वामी ने मेघ मल्हार से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अंजलि दूबे ने अपने मोहक गीत से सभी को मोहित कर दिया।
प्रो.दिलीप शाह, प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, दिव्या उडीसी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। डॉ. वसुंधरा मिश्र ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के अनुरोध पर “प्रिय तुम तो सावन के प्रभात, मैं बदली सी मिलने आई” गीत की प्रस्तुति दी। टीम एक्सप्रेशन की प्रीति जैन ने रिपोर्ट तैयार की।
भवानीपुर कॉलेज मंच प्रदान कर युवा संगीतकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर देने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जाह्नवी अग्रहरि द्वितीय स्थान पर मधुबन दास और तृतीय स्थान पर दो विद्यार्थी अभिषेक पॉल और श्रिनजिनी भादुड़ी रहे।अंत में, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दिलीप शाह ने दिया। सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे । इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ. वसुंधरा मिश्र ने।

रक्षाबन्धन को खास बनाने आया अमेजन का राखी स्टोर

67 नहीं अब 120 एकड़ में बनेगा भव्य और आधुनिक राम मंदिर

अब 100 करोड़ से अधिक होंगे खर्च

अयोध्या :  अयोध्या में भव्य राम मंदिर दो की बजाय अब तीन मंजिला होगा। धरातल से शिखर तक की ऊंचाई 161 फिट किए जाने के कारण एक तल बढ़ाया गया है। राम मंदिर समेत देश के कई प्रसिद्ध तीर्थों का नक्शा तैयार करने वाले वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा ने शनिवार को ‘हिन्दुस्तान’ से विशेष बातचीत में यह जानकारी दी।सोमपुरा ने कहा कि मंदिर के शिखर की ऊंचाई बढ़ाने के निर्णय और गुंबदों की संख्या तीन से पांच किए जाने के बाद एक मंजिल और बढ़ाना आवश्यक हो गया था। पहले के नक्शे के हिसाब से मंदिर की ऊंचाई 128 फिट प्रस्तावित थी। गुंबद और ऊंचाई के अलावा मंदिर के मुख्य परिसर का क्षेत्रफल भी थोड़ा बढ़ेगा। संतों और ट्रस्ट की इच्छा के अनुसार यह बदलाव किया गया है। तीन मंजिल के आधार पर फाइनल नक्शा भी जल्द तैयार कर लिया जाएगा।
मंदिर परिसर का दायरा भी बढ़ेगा
पहले के नक्शे के अनुसार, नागर शैली के इस मंदिर परिसर क्षेत्र का दायरा करीब 67 एकड़ में रखा गया था, जिसे नए डिजाइन और ऊंचाई की आवश्यकता के अनुसार 100 से 120 एकड़ में विस्तारित किया जा सकता है। मंदिर की रूपरेखा तैयार होने के 15 दिन के भीतर ही नई डिजाइन के अनुसार मास्टरप्लान तैयार हो सकता है।
मंदिर निर्माण की लागत
सोमपुरा ने बताया कि मंदिर के मौजूदा डिजाइन के हिसाब से करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अगर डिजाइन में बदलाव होता है तो खर्च बढ़ सकता है। लागत इस बात पर भी निर्भर करेगी कि मंदिर को किस समयसीमा में पूरा करना है। निर्माण को समय सीमा में पूरा करने के लिए ज्यादा संसाधन और बजट की जरूरत होगी।
गर्भगृह में कोई बदलाव नहीं होगा
सोमपुरा ने शनिवार को अयोध्या में मंदिर निर्माण के संबंध में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भगृह, आरती स्थल, सीता रसोई, रंगमंडपम की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले बनाए गए नक्शे के हिसाब से ही इसकी संरचना रहेगी। सोमपुरा ने कहा कि नए राम मंदिर की ऊंचाई बढ़ाई गई है, लेकिन यह भारत में सबसे ऊंचे शिखर वाला मंदिर नहीं होगा। दक्षिण भारत में कई मंदिरों के शिखर की ऊंचाई 200 से 250 फिट से ज्यादा है। जबकि अक्षरधाम समेत कई मंदिरों में पांच गुंबद हैं। द्वारका मंदिर तो सात मंजिला है।
80 हजार घन फुट पत्थर तराशा गया
अक्षरधाम जैसे मंदिरों का डिजाइन तैयार कर चुके सोमपुरा ने बताया कि अब तक 80 हजार घन फुट पत्थर तराशा जा चुका है और करीब इतने ही पत्थर की और जरूरत पड़ सकती है। यह पत्थर बंसी पहाड़पुर से लाया जाएगा। तराशी का कार्य भी भी बरसात के बाद तेज होगा और इसमें हजारों कारीगर लगाए जा सकते हैं।
तय समय पर कार्य के लिए बड़े ठेकेदारों की भी जरूरत
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का कार्य तीन से साढ़े तीन साल में पूरा करने के लिए कम से कम पांच-छह बड़े ठेकेदारों की जरूरत होगी। दो मंजिला मंदिर का निर्माण दो-ढाई साल में ही पूरा करने का लक्ष्य था। मंदिर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाली स्वदेशी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो मिट्टी के परीक्षण लेकर उसकी ताकत को परख रही है। मिट्टी की ताकत के आधार पर नींव का निर्माण 60 से 70 फिट नीचे तक किया जाएगा।
लागत भी बढ़ने का अनुमान
पहले के प्रस्तावित नक्शे के हिसाब से मंदिर निर्माण की लागत सौ करोड़ रुपये आंकी गई, जिसमें भी अब बढ़ोतरी आने का अनुमान है। अगस्त में आधारशिला रखे जाने के बाद बरसात जब बंद होगी तो यह निर्माण कार्य शुरू सकता है। निर्माण जितनी जल्दी शुरू होगा, लागत उतनी ही कम की जा सकती है।
आपको बता दें कि चंद्रकांत सोमपुरा ने 1987 में मंदिर का नक्शा बनाया था। शिल्पी चंद्रकांत सोमपुरा ने 1987 में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के कहने पर राम मंदिर का मॉडल तैयार किया था। इसमें पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की जरूरत बतायी गई थी।

 अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन की तारिख ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की बैठक के बाद तय हो गयी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने 5 अगस्त को अयोध्या में आयोजित होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी के उपस्थिति की तारिख तय कर दी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में पीएम मोदी की उपस्थिति को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से निवेदन किया था, जिसपर 5 अगस्त की मुहर लगा दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस दिन पीएम मोदी करीब 4 घंटे रामनगरी अयोध्या में रहेंगे। इस दौरान पीएम श्रीराम मंदिर का भूमि व शिलान्यास करने के साथ ही अयोध्या में पर्यटन पर भी कार्यक्रम देखेंगे।

(इनपुट साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

उत्तर प्रदेश में खुलेंगे 1100 एग्री जंक्शन केन्द्र

बीएससी- एमएससी किए छात्रों को मिलेगा रोजगार

लखनऊ : प्रदेश के कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में स्नात्तक एवं स्नात्तकोत्तर पास छात्रों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार प्रदेश में 1100 एग्री जंक्शन केंद्र को मंजूरी देने जा रही है। इससे कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में बीएससी या एमएससी करने वाले छात्रों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसमें आधे से अधिक 615 एग्री जंक्शन पूर्वांचल के जिलों में खोले जाएंगे जबकि 315 पश्चिमी यूपी में खोले जाएंगे। शेष बचे 80 एग्री जंक्शन बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र में खुलेंगे।
कृषि विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को उच्चस्तरीय समिति ने अपनी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही इसे प्रदेश में शुरू कर दिया जाएगा। करीब चार साल पूर्व शुरू किए इस योजना के तहत अब तक प्रदेश में 3862 एग्री जंक्शन खुल चुके हैं, जिसके माध्यम से बेरोजगार कृषि स्नातक अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर चुके हैं। कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना (एग्री जंक्शन) की कुल लागत 4 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जिसमें 3.50 लाख ऋण के रूप में और 50,000 मार्जिन मनी के रूप में दी जाती है। चयनित युवाओं को रूरल सेल्फ इम्पलॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 12 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद कृषि विभाग की ओर से एग्री जंक्शन खोलने के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये की दर से 12000 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
साथ ही खाद, बीज, कीटनाशक की बिक्री के लिए जारी होने वाले लाइसेंस का एक साल का शुल्क भी विभाग की ओर से ही भुगतान किया जाता है। वहीं 3.50 लाख रुपये के ऋण के 5 प्रतिशत की दर से 3 वर्षों का ब्याज 42000 रुपये का भुगतान भी विभाग की ओर से किया जाता है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अभिनव स्टार्टअप योजना के तहत शुरू किए गए इस एग्री जंक्शन योजना के माध्यम से तमाम युवा उद्यमियों का व्यवसाय 25 लाख से 5 करोड़ तक जा पहुंचा है। इन युवा उद्यमियों से न सिर्फ उद्यमशीलता की तरफ युवाओं का रुझान बढ़ा है बल्कि कई लोगों को अलग से रोजगार भी प्राप्त हुआ है।

कोरोना : नागपंचमी पर पहली बार काशी में होगा ऑनलाइन शास्त्रार्थ

वाराणसी : काशी में नागपंचमी को नागकूप पर होने वाले शास्त्रार्थ की सदियों पुरानी परंपरा का इस वर्ष ऑनलाइन निर्वहन होगा। कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा पहली बार होगा। नागकूप का संबंध महर्षि पतंजलि से है। ऐसी मान्यता है कि यहां श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि पर शास्त्रार्थ करने से वाणी पवित्र होती है और मेधा शक्ति का विकास होता है।  नागपंचमी, 25 जुलाई को प्रातः नागकूपेश्वर महादेव का पांच वैयाकरण विद्वान पाणिनी अष्टाध्यायी से विल्वार्चन करेंगे। यह अनुष्ठान श्रीविद्यामठ के प्रभारी स्वामी अविमुक्तेश्वारानन्द सरस्वती के सानिध्य में होगा। इसके बाद नागकूप शास्त्रार्थ समिति की ओर से राष्ट्रीय वेबिनार होगा। वेबिनार में शास्त्रार्थ, शोधपत्र वाचन और व्याकरण शास्त्र पर चर्चा की जाएगी। प्रतिवर्ष इस अनुष्ठान में सैकड़ो संस्कृतसेवी उपस्थित होते हैं। देश के कोने कोने के विद्वान नागपंचमी पर नागकूप में शोधपत्रों का वाचन करते हैं। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय पं. रामयत्न शुक्ल ने वर्ष-1995 में नागकूप शास्त्रार्थ समिति का गठन कर इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। देश के ख्यातिलब्ध विद्वान और विद्यार्थी यहां शास्त्रार्थ के लिए आने लगे। संस्कृत की सेवा करने वाले देश के पांच विद्वानों को प्रति वर्ष सम्मानित भी किया जाता है मगर इस वर्ष सम्मान समारोह स्थगित रहेगा। अगले वर्ष दस विद्वानों को एक साथ सम्मानित किया जाएगा।
नागकूप शास्त्रार्थ समिति काशी में प्रतिमास शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मठों, संस्कृत विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में शास्त्रार्थ सभा कराती है। शास्त्रार्थ में विजयी होने वाले विद्वानों और छात्रों को सम्मानित किया जाता है।

दुबई में रहने वाली समृद्धि ने योगासन में तोड़ा यह विश्व रिकॉर्ड

दुबई : दुबई में रहने वाली एक भारतीय लड़की ने सीमित स्थान में कुछ ही मिनट के भीतर योग के 100 आसन कर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। खलीज टाइम्स की खबर के मुताबिक, 11 वर्षीय समृद्धि कालिया ने तीसरी बार विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। कालिया ने पिछले एक महीने के अंदर ही दूसरी बार विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड के ”सीमित स्थान में सबसे तेजी से योग के 100 आसन” करने को लेकर कालिया ने कहा कि उनकी सफलता की वजह कठिन परिश्रम और दृढ़ता है।सातवीं कक्षा की छात्रा ने बृहस्पतिवार को मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा में यह योगासन प्रस्तुति दी थी। इससे पहले, 21 जून को विश्व योग दिवस के मौके पर समृद्धि ने एक मिनट में 40 उन्नत योग आसन करने का अपना दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

भारत में महामारी के बावजूद मिला 20 अरब डॉलर का एफडीआई : रंगास्वामी 

वाशिंगटन : मेरिका के शीर्ष वेंचर कैपिटलिस्ट एमआर रंगास्वामी का मानना है कि भारत के प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल, ई कॉमर्स और मैनुफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अगले दस साल ‘स्वर्णिम’ रहने वाले हैं। रंगास्वामी ने कहा कि अमेरिका और भारत सहित कोरोना महामारी पूरी दुनिया में पैर पसार चुकी है। इसके बावजूद भारत को जो निवेश मिला है, वह शानदार है। पिछले कुछ माह में कोरोना महामारी के बावजूद भारत को 20 अरब डॉलर के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) मिला है। दुनियाभर की कंपनियां इस महामारी से प्रभावित हुई हैं।
सॉफ्टवेयर कारोबार क्षेत्र के दिग्गज रंगास्वामी ने कहा, मुझे लगता है कि अगले 10 साल भारत के लिए काफी अहम होंगे। भारत में प्रत्येक क्षेत्र चाहे वह औषधि हो या टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स या लॉजिस्टिक्स डिजिटल और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है। बाजार के हर क्षेत्र, यहां तक कि किराना दुकानों में भी इनका इस्तेमाल हो रहा है। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका भारत को फायदा उठाना चाहिए।
भारत में एफडीआई का उल्लेख करते हुए रंगास्वामी ने कहा, यह किसी भी तरीके से असाधारण है। हाल के महीनों में भारत में गूगल ने 10 अरब डॉलर, फेसबुक ने 5.7 अरब डॉलर, वॉलमार्ट ने 1.2 अरब डॉलर और फॉक्सकॉन ने एक अरब डॉलर का निवेश किया है। मुझे लगता है कि इस साल भारत में इस तरह के और सौदे देखने को मिलेंगे। भारत में और  और अधिक निवेश जाएगा। ई – कॉमर्स कम्पनी अमेजन भारत में निवेश जारी रखेगी। अन्य कंपनियों की निगाह भी भारत पर है। निजी इक्विटी कंपनियां भी भारत में निवेश करना चाहती हैं।

कोरोना कवच बीमा पलिसी हो रही है लोकप्रिय: बीमा कम्पनियां

नयी दिल्ली : कोरोना कवच स्वास्थ्य बीमा पालिसी बाजार में आने के साथ ही बेहद लोकप्रिय हो गयी है। कोविड-19 महामारी के फैलाव को देखते हुए करीब सभी साधारण और स्वास्थ्य बीमा कम्पनियों ने कोरोना वायरस संक्रमण के लिए यह उत्पाद दस जुलाई से पेश करना शुरू किया है। इसका उद्येश्य है कि लोग इस महामारी के इलाज के लिए मुनासिब दर पर एक स्वास्थ्य बीमा संरक्षण ले सकें।
इसमें साढ़े तीन महीने से साढ़े नौ महीने के लिए पालिसी बेची जा रही है। इसमें बीमित व्यक्ति के चिकित्सा खर्च की अधिकतम राशि पांच लाख रुपये रखी गयी है। बीमा विनियामक इरडाई ने इसके लिए कंपनियों को मंजूरी दी है।
पालिसी बाजार के स्वास्थ्य बीमा कारोबार के प्रमुख अमुत छाबड़ा ने कहा, ‘इसके लिए बहुत अच्छा समर्थन मिला है, क्योंकि लोग इस योजना को खरीदने के इच्छुक है।’
उन्होंने बताया कि पालिसी बाजार की वेबसाइट पर कंपनियां हर रोज 300 से 500 तक यह पालिसी बेच रही हैं। यह पालिसी ज्यादातर युवा लोग ले रहे है। उन्होंने कहा कि यह पालिसी काफी मुनासिब दर पर है। इसे मासिक 208 रुपये तक के न्यूनतम प्रीमियम पर लिया जा सकता है, जो बेहद सस्ता है।
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और दिल्ली एनसीआर के लोगों ने इसमें अधिक रुचि दिखायी है। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अंडरराइटिंग एवं पुनर्बीमा कारोबार के प्रमुख सुब्रमणियम ब्रह्मजोसियुला ने कहा कि इसमें फेमिली फ्लोटर और पांच लाख के बीमा पर 2500 रुपये रोज के हॉस्पिटल डेली कैश जैसे विकल्प भी दिए गए हैं, जो इसे अधिक आकर्षक बना रहे हैं।
इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष (अंडरराइटिंग) सुब्रत मंडल ने भी कहा कि कोविड-19 को लेकर यह उत्पाद जारी हुए अभी एक सप्ताह ही हुए हैं और लोग काफी आकर्षित हुए है।
कोरोना कवच को व्यक्ति स्वयं के लिए और अपने जीवनसाथी, माता पिता , सास-स्वसुर और 25 साल से कम उम्र के आश्रित बच्चों के लिए खरीद सकता है।

अमेजन के भारतीय एमएसएमई ब्रांड का कुल निर्यात दो अरब डॉलर के पार

वैश्विक बिक्री कार्यक्रम के तहत मिली सफलता

नयी दिल्ली : ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन के वैश्विक बिक्री कार्यक्रम (जीएसपी) के तहत बिक्री करने वाले भारतीय लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और ब्रांड का कुल निर्यात दो अरब डॉलर को पार कर गया है। अमेजन ने यह जानकारी दी। बयान के मुताबिक अमेजन ने साल 2015 में जीएसपी की शुरुआत की थी। इसके तहत भारतीय कंपनियों को अमेजन की 15 वेबसाइट के माध्यम से दुनियाभर में अपने सामान का निर्यात करने का मौका मिलता है। पहले इस कार्यक्रम कुछ ही विक्रेता जुड़े थे जिनकी संख्या अब 60,000 से अधिक हो चुकी है।
इस साल जनवरी में अमेजन ने 2025 तक जीएसपी के माध्यम से कुल 10 अरब डॉलर के निर्यात की प्रतिबद्धता जतायी थी। अमेजन इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कंट्री प्रमुख अमित अग्रवाल ने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनका डिजिटलीकरण कर अमेजन निर्यात को तेज करने और रोजगार निर्माण में अपना योगदान कर रही है। यह देश की समावेशी आर्थिक वृद्धि को सशक्त बनाएगा।
उन्होंने कहा कि जीएसपी के माध्यम से किया जाने वाला निर्यात अब दो अरब डॉलर यानी 30,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है। अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम ने कोविड-19 संकट के दौरान भी एमएसएमई के निर्यात कारोबार को बनाए रखने में मदद की। इससे सैकड़ों परिवारों को समर्थन मिला।