Thursday, October 22, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 469

कमल के फूलों की डंठल से धागे बनाकर रोजगार दे रही हैं विजयलक्ष्मी

कमल के फूलों के डंठल से धागा बनाने से पहले वे कमल के फूलों की चाय भी बना चुकी हैं। कोरोनावायरस महामारी ने लोगों की आजीविका को बुरी तरह से प्रभावित किया है जिसके चलते दुनिया भर में लाखों युवा बेरोजगार हैं। संकट के इस समय में ऐसे कई युवा हैं जो काम के नए-नए तरीके खोज रहे हैं।
ऐसा ही एक तरीका 27 साल की बिजयलक्ष्मी टोंगब्रम ने भी खोजा है। वे कमल के फूलों के डंठल से धागे बनाकर रोजगार के अवसर तलाश रही हैं।
बिजयशांति टोंगब्रम अपनी छोटी सी टीम के साथ यह काम कर रही हैं। उन्हें इस काम का आइडिया एक बुजुर्ग महिला से मिला। फिर उन्होंने खुद इस बारे में पता लगाया कि कमल के डंठल से आखिर कैसे धागा बनाया जा सकता है।
कमल के फूलों के डंठल से धागा बनाने से पहले वे कमल के फूलों की चाय भी बना चुकी हैं। उनका चाय वाला प्रयोग सफल होने के बाद एक बार फिर वे इन फूलों का उपयोग धागा बनाने के लिए कर रही हैं। वे चाहती हैं सरकार इस स्टार्ट अप आइडिया को आगे बढ़ाने में उनकी मदद करे।
(साभार – दैनिक भास्कर)

कोयम्बटूर में ट्रांसजेंडर के एक समुह ने शुरू किया ‘कोवाई ट्रांस किचन’

कोयम्बटूर : तमिलनाडु के कोयम्बटूर में ट्रांसजेंडर्स के एक समूह ने कोविड -19 लॉकडाउन के कारण उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के बाद एक बार फिर रोजगार पाने की राह पर अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने 32 सीटों वाले रेस्तरां की शुरुआत की है जिसे ‘कोवाई ट्रांस किचन’ नाम दिया है।
पिछले कुछ महीनों में लॉकडाउन की वजह से ट्रांसजेंडर ने कई मुश्किलों का सामना किया है। ऐसे कई ट्रांसजेंडर्स हैं जिनके लिए दो वक्त की रोटी-रोजी चला पाना भी कठिन है। इन हालातों से उबरने के लिए ट्रांसजेंडर द्वारा की गई इस पहल की तारीफ हो रही है।
कोयंबटूर ट्रांसजेंडर एसोसिएशन की हेड संगीता के अनुसार, हम अब दूसरे रेस्तरां को खोलने की योजना बना रहे हैं। हमारे समुदाय के लिए ये बहुत जरूरी है कि वे भीख मांगना बंद करें और आत्मनिर्भरता के रास्ते अपनाएं।

संगीता ने ये भी बताया कि किस तरह तमाम मुश्किलों के बाद वे इस रेस्तरां की शुरुआत कर पाईं। उनकी कहानी समाज में लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हुए सभी लोगों को प्रेरित करेगी।
इस हफ्ते कोयंबटूर के वेंकटस्वामी रोड़ पर इस रेस्तरां की शुरुआत हुई है। इस शहर में रहने वाले राजन एक समाज सेवी हैं। उन्होंने बताया कि ”मैंने पिछले हफ्ते देखा था कि यहां कुछ ट्रांसजेंडर्स मिलकर एक रेस्तराँ शुरू कर रहे हैं। मैं उनके इस काम को देखकर बहुत खुश हुआ। इस रेस्टोरेंट के जरिये वे अपनी ही तरह के अन्य ट्रांसजेंडर्स को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं”।
कोयंबटूर में रहने वाले मर्सी का कहना है – ”मैं आमतौर पर तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अलग-अलग शहरों की यात्रा करता हूं। मुझे खाने का बहुत शौक है। कोवाई ट्रांस किचन का खाना बहुत स्वादिष्ट है। ये बहुत अच्छा व्यवसाय है”।

(साभार – दैनिक भास्कर)

हिन्दी में दवाओं के नाम लिखते हैं ये डॉक्टर

नोएडा : डॉक्टरों की लेखनी की जटिलता अकसर चर्चा का विषय बनी रहती है। दवाई की पर्ची पर डॉक्टरों की लिखावट का पढ़ना और समझ पाना आम आदमी के लिए मुश्किल होता है। दुनिया में हिन्दी के बढ़ते कद के चलते अब कई डॉक्टरों ने हिन्दी में ही दवा के पर्चे बनाने की मुहिम छेड़ दी है। इस मुहिम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के नोएडा से शुरू हुई है।
शहर के जिला अस्पताल के एक डॉक्टर ओपीडी में अह हिन्दी में भी दवा के पर्चे बना रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि अगर चीनी डॉक्टर अपनी राष्ट्र भाषा में पर्चा बना सकते हैं तो भारतीय डॉक्टर हिन्दी में क्यों नहीं लिख सकते।कई मरीज करते थे माँग
सेक्टर-30 जिला अस्पताल के फिजिशन डॉ. संतराम वर्मा बताते हैं कि वह ओपीडी में पर्चे पर जांच और दवाएं हिन्दी में ही लिखते हैं ताकि मरीजों को भी समझ आए कि उन्हें क्या दवा और जाँच लिखी है। जब मरीज ओपीडी में आता है तो वह कहता है कि उसे हिंदी में ही दवा लिख दीजिए ताकि कोई परेशानी न हो।
मरीजों के लिए समझना होता है आसान
डॉ. संतराम ने बताया कि उनकी मुहिम में कुछ और डॉक्टर भी शामिल हुए हैं और उन्होंने भी हिन्दी में पर्चे बनाने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण इलाकों के होते हैं। हिन्दी में पर्चा होने पर उन्हें भी बार-बार डॉक्टर से कुछ पूछने की जरूरत नहीं पड़ती है।

बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी ने वितरित की पाठ्यसामग्री

कोलकाता : बेस्ट फ्रेंड्ज सोसायटी ने हाल ही में जरूरतमंदों के बीच पाठ्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। ये पाठ्य पुस्तकें केजी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों में वितरित की गयीं। इन किताबों में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से लेकर उपन्यास, भोजन, कपड़े, आर्ट और क्राफ्ट सामग्री, जूते भी वितरित किये गये। लगभग 750 बच्चों को इन प्रदर्शित सामग्रियों में से उनकी पसन्दीदा वस्तुएँ चुनने को कहा गया। बेस्ट फ्रेंड्ज की सह संस्थापक शगुफ्ता हनाफी ने कहा कि संस्था शिक्षित करने और सशक्त, इन दो शब्दों पर अधिक जोर देती है। खुशी की बात है कि अधिकतर बच्चों ने अपने लिए किताबों को चुना जिनमें लड़कियाँ भी शामिल थीं।

हिन्दी का आंगन – हिन्दी से नयी पीढ़ी को मिलवाने की कोशिश

काव्यांगन’ जो कि अब हिन्दी का आंगन के नाम से जाना जाएगा, एक यूट्यूब चैनल है। यह चैनल पहले काव्यांगन के नाम से शुरू हुआ था, कविताओं पर, कवियों पर बात होती थी मगर चैनल की संस्थापक व शिक्षिका नीलम सिंह इसका फलक बड़ा कर रही हैं। अब काव्यांगन हिन्दी का आंगन के नाम से परिचित होगा। नीलम से जानिए काव्यांगन से हिन्दी का आंगन बनने की कहानी और उनके विचार –

इस चैनल को शुरू करने के पीछे मेरा एकमात्र उद्देश्य आज के छात्र जो भावी पीढ़ी हैं उन्हें मातृभाषा के करीब ले जाना है। आज पूरे देश में अंग्रेजी का बोलबाला है। टूटी फूटी अंग्रेजी बोल कर के भी लोग अपने आप को सबसे अलग दर्जे में रखने की एक हास्यास्पद कोशिश कर रहे हैं। मैं यह कभी नहीं कहती कि आप अन्य भाषा न सीखें, स्वयं की एवं देश की उन्नति के लिए एक नहीं कई भाषाएं सीखिए, बेशक इसमें कोई बुराई नहीं है ,बुराई है वहां जब हम स्वयं को आगे बढ़ाने में अपनी मातृभाषा की अवहेलना करने लगते हैं दुख होता है मुझे यह देख कर ,यह जानकर कि अक्सर भारतीय घरों में लोग कहते फिरते हैं कि क्या करोगे हिंदी पढ़ कर इसमें ,भविष्य नहीं है। किंतु वे लोग यह भूल जाते हैं कि विदेशी लोगों की अभिरुचि हिंदी की तरफ बढ़ रही है जिस तरह से आप गैर भाषा को अपनी मां से बढ़कर दर्जा दे रहे हैं ,वही दूसरे लोग हिंदी के महत्व को समझ रहे हैं। कहने की बात नहीं है कि भारतीय सिनेमा में अनेकों विदेशी कलाकार आए, हिंदी सीखी और यहीं के होकर रह गए। आत्माभिव्यक्ति का जो सुख अपनी मातृभाषा में है वह किसी और भाषा में नहीं।
‘काव्यांगन’ का भी यही उद्देश्य है। यहां इस आंगन में अपनी मां हिंदी के आंचल में लेटने का जो सुख मिलता है उसे व्याख्यायित नहीं किया जा सकता। इसे शुरू करने का मेरा मुख्य उद्देश्य यही रहा है कि आज की युवा पीढ़ी को इससे जोड़ सकूं। उन्हें पुनः लौटा कर उनका आंगन सौंप सकूं।

काव्यांगन में न केवल पाठ्यक्रम की कविताओं का सरलार्थ किया जाता है बल्कि इससे इतर देश भक्ति ,स्वतंत्रता से संबंधित अन्य कविताएं भी प्रस्तुत की जाती हैं।
प्रसन्नता की बात यह है कि इसे छात्र-छात्राओं एवं अन्य लोगों का भी प्रोत्साहन एवं प्यार प्राप्त हो रहा है।
हिंदी दिवस पर मैं सभी लोगों से यह निवेदन करना चाहूंगी कि आप इसे केवल 1 दिन के तौर पर ना मनाएं बल्कि इसे प्रतिदिन महसूस करें। जब आप एक मां के तौर पर अपनी भाषा को सम्मान देंगे तब जाकर भावी पीढ़ी आपका सम्मान करेगी क्योंकि यदि हम अपने बच्चों को अपने देश एवं अपनी मातृभाषा से ना जोड़ पाए तो एक दिन वे अपने संबंधों से भी जुड़ाव महसूस नहीं कर पाएंगे।

हमारी जातीय एकता की भाषा है हिंदी

कोलकाता :   कोलकाता की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से ‘भारतीयता के विविध आयाम और हिंदी’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय भाषा परिषद के निदेशक प्रो. शंभुनाथ ने कहा कि हिंदी भारतीय ज्ञान -परंपरा और संस्कृति की भाषा होने के कारण पूरे देश को जोड़ने का काम कृती है। बतौर मुख्य वक्ता वरिष्ठ आलोचक अजय तिवारी ने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और अस्मिता की भाषा है।हिंदी भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता की पोषक है। हिंदी ने हमेशा औपनिवेशिक सत्ता के बरक्स लोकसत्ता को खड़ा किया। चर्चित युवा आलोचक वैभव सिंह ने कहा कि
हिंदी साझी संस्कृति की विरासत है।हिंदी का विकास सत्ता के गलियारों से नहीं बल्कि भारत के सामान्य जीवन की हलचलों से हुआ है। इस अवसर पर मारीशस से प्रसिद्ध लेखिका सुरीत रघुनंदन ने कैरिबियाई देशों में हिंदी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा किया।उन्होंने कहा कि हिंदी भौगोलिक सीमाओं से परे भारतीयों को जोड़ने का काम कर रही है।कल्याणी विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर विभा कुमारी ने कहा कि हिंदी भाषा ने प्रारंभ से ही पूरे देश के बीच एक पुल की तरह काम कर रही है।हिंदी ने ही पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोया। इस अवसर स्वागत वक्तव्य देते हुए संस्था के संरक्षक रामनिवास द्विवेदी जी ने कहा कि हिंदी का रूप बहुत लचीला और समावेशी है। संयोजक प्रो.संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी को अपने जीवन और आचरण में प्राथमिकता देने की जरूरत है। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए प्रो.कलावती कुमारी ने कहा कि हिंदी ने हमारी हीनता को दूर करते हुए स्वाभिमान से जोड़ती है।कार्यक्रम का संयोजन मधु सिंह और राहुल गौड़ ने किया।धन्यवाद ज्ञापन देते हुए संस्था के उपाध्यक्ष मृत्युंजय जी ने सभी आमंत्रित वक्ताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि हिंदी भारतीयता की अवधारणा को बल प्रदान करती है।

द हेरिटेज स्कूल ने आयोजित किया स्कूल फेस्ट यूथोपिया 2020

वर्चुअल तरीके से हुआ आयोजन
कोलकाता : द हेरिटेज स्कूल कोलकाता ने हाल ही में अपना स्कूल फेस्ट यूथोपिया 2020 पहली बार वर्चअल तरीके से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अभिनेत्री एकावली खन्ना ने किया। इस फेस्ट में भारत 33 और विभिन्न देशों के 5 अन्तरराष्ट्रीय स्कूलों ने भाग लिया। स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू ने इस आयोजन के लिए विद्यार्थियों के परिश्रम की सराहना की। इस कार्यक्रम में कल्याण भारती ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तथा स्कूल की प्रबन्धन कमेटी के चेयरमैन विक्रम स्वरूप, कल्याण भारती ट्रस्ट के निदेशक प्रबीर राय तथा कल्याण भारती ट्रस्ट के सीईओ प्रदीप अग्रवाल उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इन्स्टाग्राम पर सचेत टंडन और परम्परा ठाकुर ने प्रस्तुति दी।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में फैशन शो, रचनात्मक लेखन, शतरंज, पूर्वी क्षेत्र के नृत्य हुए जिसका आय़ोजन लाइव रहा। इस फेस्ट में ओवरऑल चैम्पियन्स ट्रॉफी औरंगाबाद के स्टेपिंग स्टोन हाई स्कूल को मिली। दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से अक्षर स्कूल तथा कोठारी इंटरनेशनल स्कूल रहे। तीसरे स्थान पर सेंट जेवियर्स कॉलेजिएट स्कूल, कोलकाता रहा।

कविता:- मेरी ‘हिन्दी’

-निखिता पाण्डेय

मेरी ‘हिन्दी’ का हृदय
अत्यंत विस्तृत है…..
इसके मन में केवल ‘भारत’ ही नहीं,
पूरे विश्व का प्रेम समाहित है।
इसके हर पन्ने में…….
विचारों की मालाएं खिली रहती हैं।
यही हमारी जननी,
हमारा पोषण करती है।
प्रतिदिन इसमें सृजन की धारा प्रवाहित होती है…
मुझे पता है,
मैं भी इसी का हिस्सा हूं…..
पंत,प्रसाद और महादेवी वर्मा ने भी
अपना प्रकृति-प्रेम
इसी ‘हिन्दी’ से
अपने रचना-संसार में पल्लवित किया।
धूमिल ने भी अपना क्रांतिकारी स्वर,
इसी ‘हिन्दी’ से जागृत किया…..
और जन-जन के अग्रदूत बने।
निराला ने इसी ‘हिन्दी’ के माध्यम से जनमानस के अंधविश्वास के
थोथे जंजीरों से मुक्ति दिलायी।
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ ने
युद्ध की विभीषिका से अपना प्रेम उजागर किया
और ‘हिन्दी’ की पहचान को एक नयी दिशा दी…
यह धारा चलती रही….
इसकी नींव भारतेंदु ने
अपने मातृभाषा की शक्ति को
ईमानदारी से प्रस्तुत
किए……
और इसे सर्वोच्च स्थान प्रदान किया……
क्योंकि ऐसी निराली है,
मेरी ‘हिन्दी’।

 

शुभजिता शॉपिंग बैग – नये ऑफर

अड्डा 247, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

सबसे बड़ा फ्लैश सेल – पाएं 50 प्रतिशत की छूट, इसके साथ ही ऐप कॉएन इस्तेमाल के जरिए खरीदने पर 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट, वीडियो पाठ्यक्रमों और टेस्ट सीरीज पर 3 माह की एक्सेटेंडेड वैलिडिटी के साथ

Offer : Biggest Flash Sale- Get Flat 50% OFF + Extra 5% OFF using App Coins with 3 Months Extended Validity on Video Courses & Test Series

कूपन कोड /Coupon code : FLASH

 

प्लम गुडनेस, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

1500 रुपये से ऊपर की खरीददारी पर फ्लैट 15 प्रतिशत की छूट

Offer : Get Flat 15% OFF on orders above INR 1500

कूपन कोड /Coupon code : PLUMM15

 

द बॉडी शॉप, ऑफर अवधि – 18 सितम्बर 2020

चुनिंदा उत्पादों पर 50 प्रतिशत की फ्लैट छूट

Offer : Get Flat 50% OFF on Selected Products

विक्रय अवधि – दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक

 

फैबेले, ऑफर अवधि – 13 सितम्बर 2020

समर स्टॉक अप सेल में 60 प्रतिशत तक की छूट

Offer : Get Upto 60% OFF on Summer Stock-up SALE

 

गार्जियन, ऑफर अवधि – 13 सितम्बर 2020

चुनिंदा वेलनेस रेंज में एक की खरीद पर एक मुफ्त

Offer : Buy 1 Get 1 FREE on Selected Wellness Range

कूपन कोड /Coupon code : GNCBOGO

 

लाइफस्टाइल, ऑफर अवधि – 13 सितम्बर 2020

पाएं 60 प्रतिशत तक की छूट, 1999 रुपये से ऊपर की खरीददारी पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट

Offer : Get Upto 60% OFF + Extra 10% OFF on purchase of INR 1999

कूपन कोड /Coupon code : SHOP10

 

कूव्स, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

पुरुषों की जीन्स खरीदें, 250 रुपये की शुरुआती कीमतों पर

Offer : Buy Men Jeans starting from Rs.250

महिलाओं के फुटवेयर की कीमतें 150 रुपये से शुरू

Offer : Buy Women Footwear starting from Rs.150

पुरुषों के फुटवेयर खरीदें 175 रुपये की शुरुआती कीमतों में

 Offer : Buy Men Footwear starting from Rs.175

 

मामा अर्थ, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

अलोवेरा के गुणों वाला विटामिन सी स्लीपिंग मास्क, 100 ग्राम का पैक 569 रुपये में

Offer : Vitamin C Sleeping Mask with Aloe Vera for Skin Illumination – 100 g just Rs.569

शुभजिता शॉपिंग बैग के नये ऑफर

फ्लिपकार्ट, ऑफर अवधि – स्टॉक रहने तक

पुरुषों के कपड़ों पर छूट

Offer : Sale on Men’s Clothing

व्यायाम और जिम के परिधानों पर छूट

Offer : Sale on Gym Wear

 

वजोर, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

पाएं फ्लैट 50 प्रतिशत की छूट, परिधानों पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट

Offer : Get Flat 50% OFF + Extra 10% OFF on Clothing

कूपन कोड/ Coupon code : OPTIMISE10 

पाएं 50 प्रतिशत की फ्लैट छूट, साथ ही जूतों और एक्सेसरीज पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट

Offer : Enjoy Flat 50% OFF + Extra 10% OFF on Shoes and Accessories

कूपन कोड/ Coupon code : OPTIMISE10

 

द फाई लाइफ, ऑफर अवधि – 15 सितम्बर 2020

799 रुपये से ऊपर के ऑर्डर पर पाएं मुफ्त तैलीय त्वचा स्टार्टर पैक

Offer : Get FREE Oliy Skin Starter pack on all orders above INR 799

999 रुपये की खरीद पर पाएं एक कैनवस किट बैग मुफ्त

Offer : Get FREE Canvas Kit Bag on purchase of INR 999

 

नॉर्ड वीपीएन, ऑफर अवधि – 15 सितम्बर 2020

2 वर्ष के प्लान पर 68 प्रतिशत की छूट

Offer : Get 68% OFF on 2 year plan

6 महीने के प्लान पर करें 24 प्रतिशत की बचत

Offer : Save 24% OFF on 6 months plan

 

मिन्त्रा, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

पुरुषों के कैजुअल कपड़ों पर 40 – 70 प्रतिशत की छूट

Offer : Get upto 40%-70% off Men Casual Wear

बच्चों के कपड़ों पर 50 – 70 प्रतिशत की छूट

Offer : Get 50%-70% off on Kids Wear

 

नाइन कलर्स, ऑफर अवधि – 20 सितम्बर 2020

पुरुषों के कपड़ों पर फ्लैट 33 प्रतिशत की छूट

Offer : Get Flat 33% OFF on Mens Wear

लहंगों पर 40 प्रतिशत तक की छूट

Offer : Get upto 40% OFF on Lahengas

 

लॉ ऑरगेनो, ऑफर अवधि – 30 सितम्बर 2020

रेड ओनियन हेयर ऑयल (लाल प्याज के गुणों वाला केश तेल) पर 53 प्रतिशत की छूट, साथ ही रेड अनियन शैम्पू (लाल प्याज शैम्पू) कॉम्बो

Offer : Get 53% OFF on Red Onion Hair Oil + Red Onion Shampoo Combo

टी ट्री और अलोवरा के तत्वों से भरा अरेबिका कॉफी पील मास्क 40 प्रतिशत की छूट के साथ

Offer : Get 40% OFF on Arabica Coffee Peel Off Mask with Tea Tree & Aloe Vera Extracts