Saturday, June 20, 2026
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मानसून में जब खरीदने हों फुटवेयर

बारिश का मौसम आ गया है। माना कि कोरोना काल है मगर अनलॉक के दौरान यदा – कदा अगर निकलने का मूड हो और अचानक बारिश का आ जाए तो क्या करेंगे। अब लॉकडाउन के मौसम में जब दुकानें आपके स्मार्टफोन पर सज ही गयी हैं तो मन क्या मारना…तो जब आप फुटवेयर खरीदने की तैयारी कर ही रहे हैं…इस मौसम में तो इन बातों का ख्याल जरूर रखें –
क्रॉक्स हैं सही
अगर आप दोस्तों के साथ घूमने या पास में ही कहीं जा रहे हैं तो क्रॉक्स सही विकल्प हैं। बारिश के मौसम में ये सबसे सही ऑप्शन है। आप बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसी भी खूबसूरत रंग के क्रॉक्स खरीद सकते हैं।

फ्लिप-फ्लॉप
डेनिम जींस और टीशर्ट या लेगिंग-कुर्ती के साथ फ्लिप-फ्लॉप बढ़िया रहेंगे मगर यह भी देखने की जरूरत है कि इनको पहनकर आपको चलने में दिक्कत न हो। ऐसे फ्लिप – फ्लॉप खरीदें जो आसानी से धुल जाएँ और सूख भी जाएँ।
स्टाइल मारना है तो गमबूट्स हैं
ये तो युवाओं में बहुत पसन्द किया जा रहा है। इसको पहन कर आप आसानी से चल -फिर सकते हैं।
अगर हील्स पहनना चाहें तो
वैसे तो हम बारिश में हील्स पहनने की सलाह नहीं देंगे मगर किसी पार्टी या समारोह में इसकी जरूरत पड़ ही जाती है। अब हील्स पहनने ही हैं तो वेजेस पहनें, पैरों को आराम मिलेगा और सहारा भी।
पीप-टोज न खरीदें
बारिश के दौरान ऐसे फुटवेअर खरीदें जो आपके पैर को पूरी तरह से कवर करें। और रंगों का भी ध्यान रखें, भूरा, काला, गहरा नीला, नीला मतलब गहरे रंग के जितने विकल्प हैं, आप खरीद सकती हैं…बस यह ध्यान रहे,,कीचड़ आपकी चप्पल पर न चमके और न टिक पाये और उसे साफ करना आसान हो।

 

शुभजिता युवा प्रतिभा सम्मान प्रतिभागी – सूरज राउत

प्रतियोगिता – चित्रांकन
संस्थान- इन्दिरा गाँधी ओपेन यूनिवर्सिटी
रुचि- चित्रकला

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गारूलिया मिल हाई स्कूल ( एच. एस) का बढ़िया प्रदर्शन

कोलकाता :गारूलिया मिल हाई स्कूल ( एच. एस) में माध्यमिक परीक्षा 2020 में कुल 178 विद्यार्थी प्रस्तुत हुए थें जिनमें 123 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, प्रथम स्थान कबीर जावेद अंसारी (593) , द्वितीय अभिषेक तांती (546), तृतीय गौरव कुमार गोंड (526 ) ने प्राप्त किया है, उच्च माध्यमिक 2020 में प्रथम स्थान रोहित गुप्ता (459), द्वितीय निलेश हरिजन (421), तृतीय तुशाल मल्लाह (419)ने प्राप्त किया है

राष्ट्रीय पुस्तकालय में दो दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला

कोलकाता : राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता द्वारा दिनांक 27 एवं 28 जुलाई, 2020 को आयोजित दो-दिवसीय ऑनलाइन हिंदी कार्यशाला का उद्घाटन गूगल मीट के माध्यम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन करते डॉ. के.के. कोच्चुकोशी, विशेष कार्य अधिकारी, राष्ट्रीय पुस्तकालय ने कहा कि हिंदी भारत सरकार की राजभाषा है तथा केंद्रीय कर्मियों का दायित्व है कि वे हिंदी में कामकाज को बढ़ावा दें। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उदय भान दुबे, पूर्व मुख्य प्रबंधक (राजभाषा), यू.बी.आई. ने राजभाषा नीति, नियम एवं अधिनियम से संबंधित विचार विस्तारपूर्वक रखे। उन्होंने सत्र के दौरान मो. उसमान घनी, सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के प्रश्नों के जवाब भी दिए। प्रभारी हिंदी अधिकारी श्री सुनील कुमार ने कार्यक्रम में भाग ले रहे मुख्य अतिथि, अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत किया। श्री विनोद कुमार यादव, अनुवादक, राष्ट्रीय पुस्तकालय ने कार्यशाला का संचालन करते हुए कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी ने हिंदी कार्यशाला को ऑनलाइन करने को बाध्य किया। कम संसाधनों की लागत से आयोजित इस तरह के आयोजन आपदा में भी अवसर के समान हैं। ऑनलाइन कार्यशाला के दूसरे दिन दिनांक 28 जुलाई, 2020 को पहले सत्र में प्रो. संजय जायसवाल ने ‘विज्ञान एवं रोज़गार की भाषा हिंदी’ विषय पर चर्चा की। दूसरे सत्र में अर्पिता राय ने ‘टिप्पण, प्रारूप लेखन एवं पत्राचार’ विषय पर व्याख्यान दिया।

सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय में मनायी गयी तुलसी जयंती

कोलकाता : सेठ सूरजमल जालान पुस्‍तकालय के तत्वावधान में आज गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पुस्‍तकालय कक्ष में एक छोटे से समारोह में मनायी गयी | गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए पुस्‍तकालय के अध्यक्ष श्री भरत कुमार जालान ने कहा कि सेठ सूरजमल जालान पुस्‍तकालय द्वारा प्रतिवर्ष तुलसी जयंती के आयोजन की अपनी विशिष्ट परम्परा रही है लेकिन वैश्विक महामारी के इस दौर में जहाँ लोग अपने आवासों में कैद हैं, ऐसे समय में पुस्‍तकालय ने छोटे समारोह में ही इस परम्परा का निर्वाह कर इसे अक्षुण्ण बनाए रखा है |

कार्यकारिणी समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्‍तकालय के मंत्री महावीर बजाज भी मंच पर उपस्थित थे | पुस्तकालय के उपाध्यक्ष डॉ प्रेमशंकर त्रिपाठी एवं मंत्री दुर्गा व्यास ने भी गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रति घर से ही वर्च्युवल श्रद्धा निवेदित की | इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ कवि कालीप्रसाद जायसवाल, पुस्तकाध्यक्ष श्रीमोहन तिवारी, पुस्‍तकालय सहायक विजय कुमार तिवारी भी उपस्थित थे |

कामधेनु ग्रुप ने पीएम -केयर्स फंड में दिये 71 लाख रुपये

कोलकाता : कामधेनु ग्रुप ने प्रधानमंत्री – केयर्स में 71 लाख रुपये का अनुदान दिया है। यह फंड कोविड -19 से निपटने के लिए बनाया गया बै। कामधेनु ने यह पहल अपनी सीएसआर शाखा, कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन के तहत की है। कम्पनी ने अपने कर्मचारियों, डीलरों, वितरकों को भी पीएम केयर फंड में अनुदान देने की गुजारिश की है। आर्थिक सहायता के अतिरिक्त कामधेनु राशन, मास्क औऱ सैनेटाइजर भी वितरित कर रही है। कामधेनु ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक सतीश अग्रवाल ने कहा कि कामधेनु अपने कर्मचारियों, सहयोगियों तथा आम जनता के सहयोग हेतु हमेशा तत्पर रहता है। कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन हमेशा सामाजिक कार्यों में तत्पर रहता है।

रेलवे ने बंद किया ब्रिटिशकालीन डाक मैसेंजर का चलन

 

यूपीएससी परीक्षा के लिए उपयोगी

अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये होगा संवाद

नयी दिल्ली : रेलवे ने गोपनीय दस्तावेजों को निजी संदेशवाहक अथवा डाक मैसेंजर के जरिये भेजने के ब्रिटिश दौर के चलन को खत्म करने का फैसला किया है। रेलवे ने सभी जोनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद करने का निर्देश दिया है।
रेलवे के विभिन्न जोनों को जारी आदेश के मुताबिक, लागत घटाने और प्रतिष्ठान से जुड़े खर्चो पर बचत बढ़ाने के उपायों के तहत रेलवे बोर्ड की इच्छा है कि रेलवे उपक्रमों और रेलवे बोर्ड के सभी अधिकारियों के बीच सभी विचार-विमर्श वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये किए जाएं और निजी संदेशवाहक या डाक मैसेंजर की बुकिंग तत्काल रोक दी जाए। इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए क्योंकि इससे भत्तों, स्टेशनरी, फैक्स इत्यादि में उल्लेखनीय बचत होगी।
मालूम हो कि डाक मैसेंजर सामान्यत चपरासी होते हैं जिन्हें रेलवे के पूरे नेटवर्क (रेलवे बोर्ड से इसके विभिन्न विभागों, विभिन्न जोनों और डिवीजनों) में संवेदनशील फाइलें और दस्तावेज लाने-ले जाने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस चलन को ब्रिटिश काल में शुरू किया गया था जब इंटरनेट या ईमेल नहीं हुआ करते थे।
इससे पहले रेलवे ने नए पदों का सृजन रोकने, कार्यशालाओं में मानव संसाधनों के युक्तिकरण, आउटसोर्स किए जाने वाले कार्यो को सीएसआर में शिफ्ट करने और औपचारिक कार्यक्रमों को डिजिटल प्लेटफार्मो पर करने का आह्वान किया था। उसने सभी जोनों को कर्मचारियों की लागत घटाकर खर्च नियंत्रित करने, कर्मचारियों को युक्तिसंगत बनाने और उन्हें कई कार्यो में दक्ष करने का सुझाव भी दिया था। इसके अलावा उनसे अनुबंधों की समीक्षा करने, ऊर्जा की खपत घटाने और प्रशासनिक व अन्य क्षेत्रों की लागत घटाने को कहा गया था। रेलवे ने फाइलों का सारा काम डिजिटल करने के निर्देश भी दिए थे और सलाह दी थी कि सारा पत्राचार सुरक्षित ई-मेल के जरिये किया जाए और स्टेशनरी वस्तुओं, कार्टेज व अन्य वस्तुओं का उपयोग कम से कम 50 फीसद कम किया जाए। रेलवे ने सभी जोनों से मंत्रालय की सभी गैर-लाभकारी शाखाओं की समीक्षा करके उन्हें बंद करने को भी कहा था।