Friday, June 26, 2026
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शुभजिता शॉपिंग बैग – दिवाली ऑफर

असेम्बली दिवाली सेल पर, ऑफर अवधि – 4 से 14 नवम्बर तक

“लैपटॉप मैसेंजर बैग खरीदें और वेक्सट्रॉन हाई-फ़िडेलिटी ईयरफ़ोन वॉर्थ 1290 / – रु। प्राप्त करें”

स्टॉक रहने तक

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✅ जल प्रतिरोधी यानी वाटरप्रूफ कपड़ा

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✅ मुफ्त शिपिंग

✅ 1 साल की वारंटी

 

आरंभ तिथि – 4th Nov’2020
अंतिम तिथि – 14 नवंबर 2020

Offer Details.
 
Offer Name – Diwali Sale
“Buy Laptop Messenger Bag and get Vextron High-fidelity earphones Worth Rs 1290/- FREE”
Offer limited till stock last.
✅ Spacious main compartment

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✅ COD Available
✅ Free-shipping
✅ 1-year warranty

Start Date – 4th Nov’2020
End Date –  14th Nov’2020

संस्कृति मंत्रालय और कोलकाता अनुभव के तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या

कोलकाता : रोटरी सदन कॉन्फ्रेंस हॉल में” ए जर्नी इंटू दि वाइब्रेंट वर्ल्ड ऑफ ललितकला ” नाम से मनोरंजन सांस्कृतिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर भारत सरकार और कोलकाता अनुभव के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज से नृत्यांगना  प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी के नृत्य से हुआ।दीप प्रज्वलित किया संपादक और टेलीफिल्म निर्देशक नौशाद मल्लिक और आयुषी फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रिंसिपल अभिजीत साँतरा ने। ” दि इटरनल जर्नी ऑफ सिस्टर निवेदिता ” विषय पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गयी जिसका विषय भावना, चित्रनाट्य पर आधारित रहा।इस नाटक का संयोजन सुदीप्त राय, कृष्णा दत्ता, देबयानी सेनगुप्ता एवं विजया दत्त द्वारा किया गया। नृत्य निर्देशन राजीव भट्टाचार्य और विजया दत्त का रहा। संगीत परिवेषण संजीव घोष और तनुश्री मित्र का रहा।
रंगताल थियेटर ने मूक अभिनय “सूटकेस ” की प्रस्तुति दी गई जिसमें अभिनय किया रणेन चक्रवर्ती और उनके ग्रुप ने। सोमा दास और आयंतिका दास के निर्देशन में की गई प्रस्तुति बहुत ही मोहक रही।
कोलकाता अनुभव के छात्र संदीप भट्टाचार्य, देवव्रत भुंनिया, सायन दास, सुशोभन मंडल की प्रस्तुति ने अंत तक सभी दर्शकों को बांधे रखा। “सरणेर परे” शीर्षक नाटक का मंचन किया गया जिसमें अभिनय किया कृष्णा दत्त, सुब्रत बर्मन और मास्टर उद्भव दास ने। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन किया सुदीप्त राय ने। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

4 बाल विवाह रुकवाने वाली15 वर्षीय जसोदा, बाल शांति पुरस्कार के लिए नामित

130 बालिकाओं को आत्मरक्षा करना सिखा चुकी है

जोधपुर : ओसियां के भैरूसागर गांव की 15 वर्षीय जसोदा प्रजापत का नामांकन अंतरराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार के लिए हुआ है। यह पुरस्कार नीदरलैंड की किड्स राइटस् संस्था देती हैं। वर्ष 2013 में यह पुरस्कार पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई और 2019 में स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग को भी मिला था। वर्ष 2020 के लिए भारत से 17 बच्चे नामांकित हुए हैं, इनमें राजस्थान से दो है। दूसरी बच्ची टोंक के दारदा तुर्क गांव की वसुंधरा हैं। इस वर्ष 42 देशों से 142 बच्चों को नामांकित किया गया है। पुरस्कार की घोषणा 13 नवंबर को होगी।
सेव द चिल्ड्रन के सीईओ सुदर्शन सूचि ने कहा कि जसोदा चार बाल विवाह रुकवाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बाल अधिकारों को लेकर उल्लेखनीय काम किया है। वह उरमूल ट्रस्ट के साथ जीवन कौशल शिक्षा सत्रों के माध्यम से 130 से अधिक लड़कियों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर लड़कियों की मांग को अधिकारियों को अवगत कराने और उन कामों का फॉलोअप कर उन्हें पूरा करने के अभियानों का नेतृत्व किया है। उन्हें ग्राम पंचायत स्तर की लड़कियों के महासंघ के अध्यक्ष भी चुना गया। बाद में स्वास्थ्य सचिव भी बनाया। 30 जनवरी से 1 फ़रवरी 2019 तक नई दिल्ली में समावेशी राष्ट्रीय बाल संसद में भी भाग लिया। बाल संसद की स्वास्थ्य मंत्री चुना गया था।
किसान परिवार की बेटी, कुरीतियों के खिलाफ लड़ रहीं
सेव द चिल्ड्रन के शादी बच्चों का खेल नहीं परियोजना के समन्वयक नीरज जुनेजा ने बताया कि पंद्रह वर्षीय जसोदा किसान परिवार से है। मां-पिता खेती का कार्य करते हैं। उसके माता पिता ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता लाने और अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लेने की छूट दी थी। जशोदा ने बताया कि परिवारों में आज भी मासिक धर्म स्वास्थ्य, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों पर चर्चा नहीं की जाती है। कई पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। पढाई के दौरान जसोदा ने गांव में उरमूल ट्रस्ट से शादी बच्चों का खेल नहीं क्लस्टर कार्डिनेटर संतोष ज्याणी के संपर्क में आई और जल्दी ही चिल्ड्रन्स ग्रुप की मेंबर बनी। इस दौरान उसने 4 लड़कियों का बाल विवाह रुकवाया।

विंग कमांडर डॉ. विजयलक्ष्मी रमनन का निधन

वायुसेना की पहली महिला अधिकारी जिन्हें विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया
उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से 1943 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी
विजयलक्ष्मी को साल 1971 में स्थायी कमीशन दिया गया

भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर डॉ. विजयलक्ष्मी रमनन का 96 साल की उम्र में निधन हो गया। वे वायुसेना की पहली महिला अधिकारी थीं। वे 2 अगस्त 1955 को वायुसेना में बतौर अधिकारी कमीशन हुई थीं। 22 अगस्त 1972 को वे विंग कमांडर बनीं और 28 फरवरी 1979 को रिटायर हो गईं थीं। उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल ने नवाजा गया था।
उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से 1943 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। मेडिसिन के लिए बालफोर मेमोरियल मेडल और सर्जरी के लिए मद्रास विवि का पुरस्कार भी मिला था। वायुसेना के विभिन्न अस्पतालों में उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में काम किया। उन्होंने युद्धों के दौरान घायल हुए सैनिकों का भी इलाज किया। साथ ही प्रशासनिक दायित्वों को भी बखूबी अंजाम दिया।
विजयलक्ष्मी को साल 1971 में स्थायी कमीशन दिया गया। अगस्त 1972 में विंग कमांडर की रैंक के रूप में पदोन्नति मिली थी। पांच वर्ष बाद साल 1977 में उन्हें विशिष्ट सेवा पदक मिला था। 24 वर्षों तक वायुसेना की सेवा करने के बाद फरवरी 1979 में विजयलक्ष्मी रमणन सेवानिवृत्त हो गईं थीं। रमणन कर्नाटक संगीत में भी प्रशिक्षित थीं। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में आकाशवाणी कलाकार के रूप में भी काम किया था।

जीएसटी संग्रह अक्टूबर में 1.05 लाख करोड़, कोरोना के दौर में पहली बार 1 लाख करोड़ के पार

नयी दिल्ली : कोविड-19 के कारण संकट में आई भारतीय अर्थव्यवस्था में अब सुधार होने लगा है। इसका ताजा संकेत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन से मिला है। वित्त मंत्रालय के डाटा के मुताबिक, अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 1.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। फरवरी के बाद पहली बार GST कलेक्शन का आंकड़ा 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा है।
80 लाख जीएसटीआर-3B रिटर्न फाइल हुए
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2020 तक कुल 80 लाख जीएसटीआर-3B रिटर्न फाइल किए गए हैं। इसकी बदौलत अक्टूबर-2020 ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू 1,05,155 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें 19,193 करोड़ रुपए का सीजीएसटी, 5,411 करोड़ रुपये का एसजीएसटी और 52,540 करोड़ रुपए का IGST शामिल है। इसके अलावा 8,011 करोड़ रुपये सेस के जरिए मिले हैं। आईजीएसटी में आयात किए गए सामान से वसूले गए 23,375 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा रेवेन्यू
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अक्टूबर 2020 में GST कलेक्शन एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा रहा है। एक साल पहले समान अवधि यानी अक्टूबर 2019 में जीएसटी कलेक्शन 95,379 करोड़ रुपए रहा था। बयान में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण आर्थिक गतिविधियों के रुकने से जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ गया था।

यूनियन बैंक ने दिवाली से पहले महिला ग्राहकों को दिया तोहफा

नयी दिल्ली: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) महिला ग्राहकों के लिए खास ऑफर लेकर आया है. इस ऑफर में बैंक महिला ग्राहकों को सस्ते में होम लोन दे रहा है. यानी अब आप अपने सस्ता घर खरीदने के सपने को आसानी से पूरा कर सकते हैं. बैंक ने 30 लाख रुपए से अधिक के होम लोन (Home Loan) पर ब्याज दर में 0.10 फीसदी की कटौती की गई है. वहीं, अगर आप महिला ग्राहक हैं तो बैंक आपको इस लोन पर 0.05 फीसदी एक्सट्रा छूट देगा.
बैंक ने प्रोसेसिंग चार्ज भी जीरो किए
बैंक की ओर से 30 लाख रुपये से अधिक के होम लोन पर ब्याज की दर में 0.10 फीसदी की कटौती की गई है. यहीं नहीं, महिलाओं को ब्याज दर में 0.05 फीसदी की अतिरिक्त छूट दी जा रही है. यानी, महिलाओं के लिए ब्याज दर 0.15 फीसदी सस्ता होगा. बैंक ने कहा कि उसने 31 दिसंबर 2020 तक होम लोन के लिए प्रोसेसिंग फीस भी शून्य कर दी है.
महिला ग्राहकों को मिलेंगे ये ऑफर्स-
31 दिसंबर 2020 तक लोन के लिए प्रोसेसिंग शुल्क के तौर पर आवेदक को बैंक को एक भी पैसा नहीं देना होगा।बैंक की ओर से 1 नवंबर से ही यह छूट लागू कर दी गयी है। बैंक ने होम लोन टेकओवर करने की स्थिति में दस हजार रुपए तक की छूट की भी पेशकश की है। इनके अलावा ऑटों और एजुकेशन लोन पर भी प्रोसेसिंग चार्ज हटा दिया गया है।

ज्यादा से ज्यादा ग्राहक उठाएंगे फायदा
बता दें बैंक ने त्योहारी सीजन में ग्राहकों के लिए खास ऑफर्स निकाले हैं। इसके साथ ही बैंक ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए रिटेल और एमएसएमई सेगमेंट पर ध्यान देते हुए कई कैंपेन शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही बैंक ने कहा कि उनको उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा लोन लेने वाले ग्राहक बैंक की इस स्कीम का फायदा उठा पाएंगे।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी सस्ता किया होम लोन
वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े कर्जदाता बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने रेपो दर से जुड़े लोन पर ब्याज की दरों (BRLLR) को 7 फीसदी से घटाकर 6.85 फीसदी कर दिया है. बैंक की नई दरें 1 नवंबर 2020 लागू हो गयी। बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक हर्षद कुमार टी. सोलंकी ने कहा कि इससे होम लोन, मॉर्टगेज लोन, ऑटो लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन के ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा।

मिठाई बेचने के लिए रोज 120 किलोमीटर‌ साइकिल चला रहा है वह

नदिया :कोरोना वायरस की सबसे ज्यादा मार गरीब व असहाय लोगों पर पड़ी है। रोजगार छीनने के साथ ही रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। हालांकि इस विकट स्थिति के बावजूद कुछ बुलंद हौसले वाले लोग इन चुनौतियों का डटकर सामना कर रहे हैं। इन्हीं में से बंगाल के नादिया जिले का एक 19 वर्षीय लड़का इन दिनों मिठाई बेचने के लिए प्रतिदिन 120 किमी की यात्रा करके साईकिल से कोलकाता आता- जाता है, जिससे उसके परिवार की जीविका चलती है।
दरअसल मार्च में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद जब लोकल ट्रेन सेवाएं बंद हो गईं, तो लड़के का परिवार गरीबी के कारण संघर्ष करना शुरू कर दिया। लॉकडाउन, हालांकि युवा इमरान शेख के मजबूत इरादों को डिगा नहीं सका। उसने साइकिल से ही रोजाना कोलकाता आने का फैसला किया। इमरान मिठाई बेचने के लिए नदिया जिले के राणाघाट से कोलकाता आने जाने के लिए प्रतिदिन सात-आठ घंटे साईकिल चलाता है।
दरअसल, पहले वह मिठाई बेचने के लिए लोकल ट्रेनों से यात्रा करता था। नादिया अपनी मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध है, मुख्य रूप से ‘सरपुरिया’। इमरान शेख उर्फ़ सागर, जो अपने इस काम से बहुत प्यार करता है, ने कहा- ‘मैं घर पर लॉकडाउन में नहीं बैठना चाहता था। लोग मुझसे मिठाई खरीदते थे और मैं अपना व्यवसाय नहीं खोना चाहता था। इसलिए, मैंने अनलॉक- 1 में अपने व्यवसाय को फिर से शुरू किया। लेकिन ट्रेनें नहीं चल रही थीं। इसलिए, मैंने अपने साइकिल की सवारी करके मिठाई बेचने के लिए कोलकाता आने का फैसला किया।’
दरअसल, बाजार के मानकों की तुलना में इमरान की मिठाइयां बहुत सस्ती है। इमरान ने कहा, ‘मैं सुबह 3 बजे के आसपास घर से निकलता हूं और कोलकाता लगभग 7 बजे पहुंचते हैं। मिठाइयों में रसगुल्ला, गुलाब जामुन और लंगचा’ शामिल हैं, जिसे अपने बैग में भरकर ले जाते हैं। इसके अलावा सूखी मिठाइयों से भरा बैग भी ले जाता हूं। रास्ते में छोटे शहरों व गांवों से गुजरने के दौरान मिठाइयां बेचते हुए वे कोलकाता पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि शुरू में मैं प्रतिदिन 300 पीस मिठाई बेचता था, लेकिन मेरे ग्राहकों ने मुझे मिठाई की अधिक किस्में लाने के लिए प्रेरित किया। अब मैं रोजाना कम से कम 700 मिठाइयां बेचता हूं। उनके प्रत्येक मिठाई की कीमत मात्र 5 रुपये है। किफायती दाम व बेहतर स्वाद होने के चलते उनके मिठाई की काफी माँग रहती है।

(साभार – दैनिक जागरण)

इस धनतेरस पर गोल्ड ईटीएफ है बढ़िया विकल्प

भारत में त्योहारी सीजन चल रहा है और कुछ ही दिनों में दिवाली आने वाली है। दिवाली के साथ ही धनतेरस भी आ रहा है। धनतेरस पर लोग दूसरी कीमती चीजों के साथ-साथ सोना भी खूब खरीदते हैं। भारत में महिलाएं इस मौके पर सोने के जेवर बहुत अधिक खरीदती हैं। सोने की ज्वेलरी के अलावा बहुत से लोग इसमें निवेश भी करते हैं। सोने को निवेश से लिहाज से एक बढ़िया विकल्प माना जाता है। सोना निवेश के लिए सुरक्षित भी है इसीलिए जब शेयर बाजार गिरता है तो निवेशक सोने का रुख करते हैं। यदि आप दिवाली के खास मौके पर सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा विकल्प रहेगा। गोल्ड ईटीएफ की कई स्कीमों ने अच्छा रिटर्न दिया है। गोल्ड ईटीएफ में जम कर हो रहा निवेश गोल्ड ईटीएफ एक सुरक्षित जगह है। सेफ होने के चलते ही पहले की तुलना में अब ज्यादा लोग इस ऑप्शन में निवेश करने लगे हैं। एम्फी की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जुलाई-सितंबर तिमाही में 2,426 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। आपको बता दें कि पिछले साल की समान अवधि में 172 करोड़ रुपये ही आए थे। निवेश के लिहाज से ये एक अच्छा मौका हो सकता है। ये होता है गोल्ड ईटीएफ एक्सपर्ट्स गोल्ड में निवेश को बहुत अच्छा तरीका मानते हैं। पर किसी भी निवेश के लिए ये जानना है जरूरी है कि आखिर गोल्ड ईटीएफ होता क्या है। गोल्ड ईटीएफ एक ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड है, जो गोल्ड के मौजूदा रेट पर ही आधारित होता है। इसमें अतिरिक्त लागत बहुत कम होती है। बता दें कि गोल्ड ईटीएफ में 1 इकाई में 1 ग्राम सोना होता है। अगर आप गोल्ड ईटीएफ में निवेश (खरीदना और बेचना) करना चाहते हैं तो बीएसई-एनएसई पर ये बिल्कुल शेयर की तरह ही होता है। जैसे आप शेयर खरीदें और रेट बढ़ने पर बेच देते हैं। इसी तरह गोल्ड ईटीएफ में निवेश होता है। होता है प्योर गोल्ड गोल्ड ईटीएफ का एक अहम फायदा ये है कि इसमें सोने की क्वालिटी 100 फीसदी शुद्ध होती है। इसलिए आपको सोने की शुद्धता को लेकर कोई टेंशन नहीं होगी। दूसरी बात गोल्ड ईटीएफ में सोना फिजिकल फॉर्म में नहीं होता, इसलिए आपको इसे रखरखाव की जरूरत नहीं होगी। इसलिए सुरक्षा की भी चिंता नहीं होगी।
कैसे करें गोल्ड ईटीएफ में निवेश जिस तरह म्यूचुअल फंड में एसआईपी की तरह निवेश किया जाता है उसी तरह गोल्ड ईटीएफ में भी एसआईपी के जरिए ही निवेश किया जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ में आपको लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश के लिए आपको डीमैट अकाउंट की जरूरत होगी। एक बार डीमैट खाता खुलने पर आप ऑनलाइन ही गोल्ड ईटीएफ की यूनिट्स खरीद-बेच सकेंगे। मिल सकता है अच्छा मुनाफा बता दें कि जब कोरोना जैसा कोई संकट आता है तो सोने की कीमतों में तेजी से इजाफा होता है। असल में ऐसे समय पर निवेशक शेयर बाजार से निकल कर सोने का रुख करते हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस समय भी कोरोना संकट, इकोनॉमी में अस्थिरता और अमेरिकी चुनाव जैसे कारण हैं, जिनके चलते सोने के रेट ऊपर जा सकते हैं। यानी ये मुनाफा कमाने का अच्छा अवसर हो सकता है।

कार्टन रीसाइक्लिंग बन सकता है एक लाभजनक व्यवसाय

रीसाइक्लिंग मटेरियल्स से हम न केवल कचरे को कम कर रहे हैं, बल्कि संसाधनों को बचा रहे हैं और पर्यावरण को सुरक्षित भी रख रहे हैं। लेकिन हमारे देश में आज भी 300 मिलियन टन सॉलिड वेस्ट में से करीबन 10% रिसाइकिल किया जाता है और 70% से अधिक लैंडफिल में जाता है। रीसाइक्लिंग की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तीन प्रमुख कारकों पर एक साथ ध्यान देने की जरूरत है। कलेक्शन और रीसाइक्लिंग के लिए वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी और प्रोसेस में इनोवेशन व सर्वश्रेष्ठ प्रणालियां और आखिर में निवेश क्षमता।
टेट्रा पैक स्थानीय और वैश्विक हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला और ग्राहकों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करता रहा है, ताकि पैकेजिंग कलेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जा सके। भारत में Tetra Pak 4  टेट्रा पैक फॉर रिसाइकिलर्स के साथ काम कर रहा है। इनमें परिवार नियंत्रित बिजनेस से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं।


1999 से पार्टनर: 12000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग संभव
यह एक ज़ीरो वेस्ट प्रक्रिया के माध्यम से कैप्स और स्ट्रॉ सहित इस्तेमाल किए पैक को पैनल बोर्ड में बदलता है। उपयोग: लकड़ी का बेहतर विकल्प – इसकी मदद से आप फर्नीचर, इंडस्ट्रियल पैलेट्स, पैसेंजर व्हीकल की सीटें, सजावटी सामान और बहुत कुछ बना सकते हैं। एक इंटीग्रेटेड रिसाइकिलर, जो दुनिया भर में कुछ में से एक है। 2009 से पार्टनर: 30,000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग सम्भव है।
यह इको-फ्रेंडली इंडस्ट्रियल पेपर्स और पॉलिमर एल्यूमीनियम पैलेट्स बनाता है
कागज का उपयोग हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, पार्ले, मैकडॉनल्ड्स और KFC जैसी कंपनियों द्वारा प्राथमिक और माध्यमिक पैकेजिंग के लिए किया जाता है। पॉलिमर पैलेट्स का उपयोग विभिन्न पाइप, पेन, पैलेट्स, छत टाइल, कृत्रिम फूल आदि बनाने के लिए किया जाता है।2016 से पार्टनर: 50,000 टन कार्टन तक प्रति वर्ष रीसाइक्लिंग सम्भव है। आईटीसी टेट्रा पैक के लिए पेपरबोर्ड का एक सप्लायर है। इस पेपरबोर्ड को टेट्रा पैक द्वारा पेय कार्टन्स के लिए पैकेजिंग मटेरियल्स में बदला जाता है, जिसका उपयोग आईटीसी द्वारा अलग- अलग तरह के जूस को पैकेज करने के लिए किया जाता है। इस्तेमाल किए गए पेय कार्टन को कोयम्बटूर में आईटीसी के पेपर मिल में वापस रिसाइकिल किया जाता है।
यह शीट बनाने के लिए पॉलिमर-एल्यूमीनियम कंपाउंड का उपयोग करता है।

प्रयुक्त हुआ– स्वच्छ भारत मिशन के तहत नालीदार छत, बायो-टॉयलेट, भारतीय रेलवे के लिए शौचालय, आंगनवाड़ी स्कूलों के लिए स्कूल फर्नीचर, कम लागत वाले आवास। इनकी रीसाइक्लिंग प्रक्रिया स्वयं एक ज़ीरो वेस्ट प्रक्रिया है। रिसाइकिल के बाद जो मटेरियल मिलता है वो किसी भी बाड़े का तापमान 5-7 डिग्री तक नीचे लाती है। इस्तेमाल किए गए पेय कार्टन को नए उत्पादों में बदलकर टेट्रा पैक और उसके पार्टनर्स बेहतर भविष्य बनाने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में योगदान दे रहे हैं। रिसाइकिल किए हुए उत्पादों को खरीदकर या खरीदने के लिए कहकर आप भी इस बदलाव का हिस्सा बन सकते हैं।
(साभार – दैनिक जागरण)

नहीं रहे अभिनेता शॉन कॉनरी, चाहते थे, कोई और जेम्स बॉण्ड बने

1965 में जेम्स बॉण्ड की लोकप्रियता आसमान की ऊंचाइयों पर थी। उस समय जासूस के किरदार को अमर करने वाले शॉन कॉनरी ने प्लेबॉय मैग्जीन से कहा कि ‘यदि कोई अन्य कलाकार उनका किरदार निभाता है तो उन्हें आपत्ति नहीं होगी। दरअसल, मैं देखना चाहता हूं कि दूसरा इस रोल को किस तरह करेगा। बहुत लोग जेम्स बॉण्ड बन सकते हैं’। कॉनरी सही हो सकते हैं। लेकिन, दर्शकों की नजर में वे हमेशा पहले और सबसे अच्छे बॉण्ड रहेंगे।
गत शनिवार को 90 साल की आयु में अंतिम सांस लेने वाले कॉनरी की तुलना हमेशा उनके बाद जेम्स बॉण्ड बनने वाले अभिनेताओं से होती रही। रोजर मूर, टिमोथी डाल्टन, पीयर्स ब्रॉसनन, डेनियल क्रेग और जार्ज लेजनबी की अपनी-अपनी खासियत थी। फिर भी, उन्हें कॉनरी के हाव-भाव अपनाने पड़े थे। सीक्रेट एजेंट बॉण्ड के सर्जक इयॉन फ्लेमिंग 007 के रूप में रिचर्ड बर्टन या डेविड निवेन को पसंद करते थे। जॉन कॉर्क और ब्रूस सिवेली-जेम्स बॉण्ड: द लीगेसी किताब में लिखते हैं, कॉनेरी का प्रभाव केवल उनके खूबसूरत व्यक्तित्व के कारण ही नहीं बल्कि उनके अंदर मौजूद आत्मविश्वास से फूटता था। उनमें एक कुदरती आकर्षण था। वे लुभावने होने के साथ आक्रामक दिखते थे। बॉण्ड फिल्मों के निर्माता अलबर्ट ब्रोकोली उन्हें साहसी और दृढ़निश्चयी बताते थे। हैरी साल्ट्जमैन ने कहा, कॉनेरी जंगल के एक बड़े शेर के समान चलते हैं। बॉण्ड को संवारने का श्रेय कॉनेरी की शुरुआती फिल्मों के डायरेक्टर टेरेंस यंग को है। उन्होंने कॉनरी को जेम्स बॉण्ड के किरदार में ढाला। कैम्ब्रिज में पढ़े यंग आलीशान जिंदगी जीने के शौकीन थे। वे स्पष्टवादी थे। स्टंट डायरेक्टर जार्ज लीच कहते हैं, यंग निर्मम थे। सभ्य तरीके से सख्ती दिखाते थे।
1962 में जेम्स बॉण्ड सीरीज की पहली फिल्म डॉ.नो में कॉनरी थोड़े अनिश्चय से घिरे लगते थे। 1963 में फ्राम रशिया विद लव में उन्होंने सुधार किया। 1964 में गोल्डफिंगर के साथ कॉनेरी और बॉण्ड का व्यक्तित्व एकाकार हो गया। कॉनेरी कहते थे, बॉण्ड फिल्में एक्टर के रूप में परीक्षा नहीं लेती हैं। उनमें रग्बी खिलाड़ी के समान कड़ी मेहनत होती है। आपको 18 सप्ताह तक तैरना और जोर आजमाइश करनी पड़ती है। थंडरबॉल रिलीज होने के बाद कॉनरी ने कहा अब वे रास्ता बदलना चाहते हैं। वे किरदार और संवादों पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं। 1970 में बॉण्ड सीरीज से बाहर निकलने के बाद वे फिर डायमंड्स आर फॉर एवर फिल्म के साथ वापस आए। कॉनरी ने एक बार उन्हें अमर बनने वाले पात्र को एक संकट, एक विशेषाधिकार, एक मजाक और एक चुनौती बताया था।