Monday, June 29, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 403

शुभजिता प्रतिभा सम्मान-रीतिका गुप्ता

नाम-रीतिका गुप्ता

शिक्षण संस्थान -सावित्री गर्ल्स कॉलेज

शौक-मुझे चित्रकला में रुचि हैं,कहानी पढ़ना,सूरदास जी की कविता पढ़ना और पढ़ाना।

 

 

श्रीमोहन तिवारी को मातृ शोक

कोलकाता  : सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय के पुस्तकाध्यक्ष श्रीमोहन तिवारी की माता जी इंगुरवास देवी का आकस्मिक निधन गुरुवार दिनांक 14/01/2021 को अपने पैतृक निवास ग्राम-बघरी, जमानिया, गाजीपुर में हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज 15/01/2021 जमानिया घाट पर किया जाएगा। वे अपने पीछे श्रीधर-अंजनी, श्रीमोहन-रानी, संजय-रिंकी, विजय-सुनीता (पुत्र-पुत्रवधू) के अलावा पौत्र-पौत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गयी हैं। इस दुखद घटना से पूरा परिवार मर्माहत है।

भवानीपुर कॉलेज में वित्तीय विवरण की व्याख्या पर दो दिवसीय कार्यशाला

कोलकाता :  दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट अॉफ इंडिया और ईआईआरसी के साथ भवानीपुर कॉलेज के तत्वावधान में वित्तीय विवरण की व्याख्या पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें टीसीएस जैसी कंपनी के उदाहरण देकर वित्तीय विवरण की व्याख्या की गयी। ऑन-लाइन हुए इस कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों में सीए अंकित पटवारी, सीए प्रीति मोदी, सीए के हर्षवर्धन सांघी के महत्वपूर्ण वक्तव्य रहे। इआईसीएआई के मंच पर प्रथम बार इन वक्ताओं ने अपने वित्तीय विवरण की व्याख्या द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जिनमें कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की स्थिति, कंपनी की बैलेंस शीट, नकदी प्रवाह का विवरण, लाभ हानि का विवरण आदि विषय शामिल हैं। प्रथम दिन सीए नितेश कुमार मोर अध्यक्ष आईसीएआई, ईआईआरसी और कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह की गरिमामय उपस्थिति रही। सीए हरिराम अग्रवाल आईसीएआई और ईआईआरसी के क्षेत्रीय परिषद सदस्य ने वित्तीय विवरण आडिटर रिपोर्ट और निवेशकों के लिए डायरेक्टर की रिपोर्ट, डिस्क्लोजर, आडिटर्स की रिपोर्ट से संबंधित आडिट राय के आधार पर अन्य कंपनियों की कानूनी और विनियामक आवश्यक तत्वों पर रिपोर्ट आडिटर्स रिपोर्ट आर्डर 2016 आदि पर विशद चर्चा की।
कार्यशाला के द्वितीय दिन कॉलेज के शिक्षकों सीए अंकित पटवारी, सीए प्रीति मोदी और  सीए हर्षवर्धन संघी ने वित्तीय विवरण के तत्वों पर मूल्यवान इनपुट साझा किया जिनमें बैलेंस शीट के विभिन्न मापदंडों, लाभ हानि का ब्यौरा और संबंधित विभिन्न घटकों की चर्चा, स्टॉक मार्केट के लाभ और हानि, बिक्री खरीद, अन्य खरीद के मौलिक विश्लेषण और निवेशकों की धारणा बनाने के लिए समझ, पीबीटी और ईपीएस की चर्चा की गई। फ्लिपकार्ट और भुगतान पेटीएम पर केस स्टडीज के उपयोग के विषय में जानकारी दी गई , भले ही कंपनियां मौजूदा नुकसान में चल रही हों लेकिन उसका भी अधिक मूल्यांकन , आईपीओ शेयरों के मामले में ओवर सब्सक्राइब्ड करना  जो कंपनी की दृष्टि और बाजार में उनकी पहुँच पर निर्भर होती है आदि विषयों पर चर्चा की गई। कैश फ्लो स्टेटमेंट, क्रय विक्रय लाभ हानि संपत्तियों का, लेनदार देनदार आदि पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के दो दिनों में भाग लेने वाले सभी वक्ताओं प्रतिभागियों और आयोजकों को धन्यवाद दिया गया। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ. वसुंधरा मिश्र ने।

मकर संक्रांति पर खाइए लजीज खिचड़ी

दही खि‍चड़ी
तस्वीर – जी के फूड डायरी से
सामग्री : 1 कप पके हुए चावल, 2 कप दही, 2 चम्‍मच तेल, एक चौथाई कप दूध, कटा हुआ हरा धनि‍या, 1 से 2 हरी मि‍र्च, 1 चम्‍मच चने की दाल, 1 चम्‍मच उड़द की दाल, 1 चम्‍मच राई, डेढ़ चम्‍मच कि‍सा हुआ अदरक, 2 चम्‍मच सूखा नारि‍यल, आधा चम्‍मच नमक।
वि‍धि ‍: तेल गरम करें और उसमें राई डालें। जब राई तड़कने लगे तो उसमें चने और उड़द की दाल डाल दें। एक मि‍नट बाद उसमें अदरक, धनि‍या और हरी मि‍र्च डालें और एक मि‍नट तक हि‍लाते रहें। अब इसे गैस से उतार लें और इसमें चावल, नमक और नारि‍यल मि‍लाएं। इस मि‍श्रण को दही और दूध में मि‍लाकर परोसें।
मसालेदार बांग्ला स्पेशल खिचड़ी
तस्वीर पकवान गली से
सामग्री : 100 ग्राम मूंग की दाल, 250 ग्राम बासमती चावल, एक फूल गोभी (छोटे साइज में), 100 ग्राम मटर दाना,

2 मध्यम आकार के आलू
मसाला सामग्री : 1 टुकड़ा अदरक, 2 हरी मिर्च, आधा चम्मच हल्दी, थोड़ी-सी शक्कर, 2 खड़ी लाल मिर्च, आधा चम्मच जीरा, चुटकीभर हींग, 1 टुकड़ा दालचीनी, तेजपान के पत्ते 2, 3 लौंग, 2 छोटी इलायची, एक बड़ा चम्मच देशी घी, स्वादानुसार नमक, घी में तले हुए कुछेक काजू के टुकड़ें, हरा धनिया।
विधि : पहले चावल दो-तीन बार पानी बदल कर हाथ से मसलकर धो लें। अब आलू को छीलकर लंबे टुकड़ों में काट लें। फूल गोभी को भी बड़े-बड़े टुकड़ों में काट कर रख लें। अदरक कद्दूकस कर लें और हरी मिर्च काटकर रख लें। अब एक कड़ाही में मूंग की दाल को धीमी आंच पर गुलाबी होने तक भून लें। भूनते समय घी न डालें। अब इसमें घी, खड़ी लाल मिर्च, जीरा एवं हींग को छोड़कर बाकी सारी सामग्री और धुले हुए चावल मिलाकर आधा लीटर गरम पानी में धीमी आंच पर पका लें। (पानी अपनी जरूरत के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं) ध्यान रहें कि इसे ढंककर पकाएं। इस दौरान बीच-बीच में चलाती रहे। पूरी तरह पक जाए तो समझ लीजिए की आपकी खिचड़ी तैयार हैं। इसे परोसने से पहले एक अलग बर्तन में घी गर्म करके खड़ी लाल मिर्च, जीरा और हींग का छौंक लगाकर खिचड़ी में ऊपर से डाल दें। अच्छी तरह मिलाएं और हरा धनिया और काजू के टुकड़ें बुरकाकर तैयार गरमा-गरम चटपटी बंगाली खिचड़ी कढ़ी के साथ सर्व करें।
(साभार – वेबदुनिया)
ऐसे आई खिचड़ी 
कहा जाता है कि खिलजी के आक्रमण के समय नाथ योगियों को खिलजी से संघर्ष के कारण भोजन बनाने का समय नहीं मिल पाता था। इससे योगी अक्सर भूखे रह जाते थे और कमजोर हो रहे थे। इस समस्या का हल निकालने के लिए बाबा गोरखनाथ ने दाल, चावल और सब्जी को एक साथ पकाने की सलाह दी। यह व्यंजन काफी पौष्टिक और स्वादिष्ट था. इससे शरीर को तुरंत उर्जा मिलती थी. नाथ योगियों को यह व्यंजन काफी पसंद आया। बाबा गोरखनाथ ने इस व्यंजन का नाम खिचड़ी रखा। गोरखपुर स्थिति बाबा गोरखनाथ के मंदिर के पास मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी मेला आरंभ होता है। कई दिनों तक चलने वाले इस मेले में बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और इसे भी प्रसाद रूप में वितरित किया जाता है।
(स्त्रोत – इंडिया डॉट कॉम)

प्रकृति का त्योहार है मकर संक्रांति

सुनीता सुराना, युग्म ऐस्ट्रो कन्सल्टेंसी

मकर संक्रांति !!!
प्रकृति का त्यौहार !!!
भारतीय संस्कति एक शानदार संस्कृति है।

कितने लोग जानते हैं उस ‘अच्छाई’ के बारे में जो यह परंपरा अपने साथ लाती है।

विटामिन डी सूरज की रोशनी से शरीर द्वारा बनाया जाता है।

तिल के बीज में सबसे अधिक कैल्शियम (975mg प्रति 100 ग्राम) होता है। दूध में केवल 125mg है।

शरीर एक वर्ष तक विटामिन डी का भंडारण करने में सक्षम है, और भंडार का उपयोग करता है।
अंत में, शरीर सूर्य के प्रकाश के 3 पूर्ण दिनों के साथ अपने विटामिन डी भंडार को प्राप्त करने में सक्षम है।

धूप की सबसे अच्छी गुणवत्ता सर्दियों का अंत और गर्मियों की शुरुआत है।
अब देखें कि हमारे ऋषि प्राचीन भारत के कितने बुद्धिमान थे। उन्होंने पतंग उड़ाने का त्यौहार बनाया जहाँ हमारे बच्चे सुबह की सीधी धूप से, खुले धूप में, सुबह जल्दी उठने से शुरू होने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। और उनकी माताएँ उन्हें घर का बना तिल लड्डू खिलाती हैं।
यह तो हुई संस्कृति और सेहत कि बात अब जानते हैं
मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व ….

हमारे पवित्र पुराणों के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश, आद्यशक्ति और सूर्य की आराधना एवं उपासना का पावन व्रत है, जो तन-मन-आत्मा को शक्ति प्रदान करता है।
संत-महर्षियों के अनुसार इसके प्रभाव से प्राणी की आत्मा शुद्ध होती है। संकल्प शक्ति बढ़ती है। ज्ञान तंतु विकसित होते हैं। मकर संक्रांति इसी चेतना को विकसित करने वाला पर्व है। यह संपूर्ण भारत वर्ष में किसी न किसी रूप में आयोजित होता है।
पुराणों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर एक महीने के लिए जाते हैं, क्योंकि मकर राशि का स्वामी शनि है। हालांकि ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और शनि का तालमेल संभव नहीं, लेकिन इस दिन सूर्य खुद अपने पुत्र के घर जाते हैं। इसलिए पुराणों में यह दिन पिता-पुत्र के संबंधों में निकटता की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत करके युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी। उन्होंने सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इसलिए यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता को खत्म करने का दिन भी माना जाता है।

 

स्वामी विवेकानंद जयन्ती पर राजन – साजन मिश्र की सुमधुर प्रस्तुति

नयी दिल्ली : रामकृष्ण मिशन, नयी दिल्ली द्वारा स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयन्ती पर संगीत सन्ध्या आयोजित की गयी। इस अवसर पर प्रख्यात गायक भाई पद्म भूषण पं. द्वारा हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन पाठ राजन मिश्रा और पद्म भूषण पं. साजन मिश्रा बनारस घराना के डोयेन मंगलवार 12 जनवरी 2021 को विवेकानंद सभागार में प्रस्तुत किया। तबला और हारमोनियम पर उनके साथ श्री दुर्जय भौमिक और डॉ. विनय मिश्रा थे। आप भी इस संगीत का आनन्द लें –

वर्क फ्रॉम होम : फ्रीलांस लेवल पर कर्मचारियों की होगी भर्ती, नेतृत्व में बढ़ सकती है महिलाओं की भूमिका

साल-2020 में कोरोना महामारी के चलते दुनिया भर में लॉकडाउन लगा रहा। ऐसे में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दी। मजबूरी में शुरू किया गया वर्क फ्रॉम होम कल्चर बाद में कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ।cपिछले साल वर्क फ्रॉम होम कल्चर इतना सफल रहा कि कई कंपनियों ने कोरोना के बाद भी इसे अपनाने का फैसला किया। घर से काम करने की व्यवस्था की सफलता इस साल हाइब्रिड वर्कफोर्स को बढ़ावा देगी। एक स्टडी में खुलासा किया गया है कि वर्क फ्रॉम होम की सफलता से गिग इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
लीडरशिप में बढ़ेगी महिलाओं की संख्या
जॉब साइट साइकी (Scikey) की रिपोर्ट 2021 टैलेंट टेक्नोलॉजी आउटलुक के मुताबिक, इस साल हाइब्रिड वर्कफोर्स देखने को मिलेगा। गिग इकोनॉमी के विस्तार से महिलाओं की लीडरशिप में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। स्टडी में कहा गया कि काम करने की अवधि खुद से तय करने से रोजगार में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी। इससे भविष्य में नेतृत्व की भूमिका में भी महिलाओं की संख्या बढ़ेगी।
गिग इकोनॉमी का मतलब यह है जहां पोजिशन अस्थाई है और संस्थान कम समय के लिए कमिटमेंट वाले फ्रीलांस या टेंपरेरी कर्मचारियों की भर्ती करते हैं। यानी ये कंपनी के पेरोल पर होंगे भी और नहीं होंगे। यानी आप एक कंपनी के साथ काम करते हुए दूसरी कंपनी के साथ भी काम कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में एक्सटर्नल हायरिंग अधिक नहीं होगी, इसके बावजूद गिग इकोनॉमी का विस्तार होगा।
यह स्टडी 100 प्लस सी-सुईट और सर्वे, सोशल मीडिया इनपुट्स इंटरव्यूज व पैनल डिस्कशन के जरिए चुने गए 100 से अधिक ऑर्गेनाइजेशंस के ह्यूमन कैपिटल लीडर्स से प्राप्त इनपुट्स के एनालिसिस के आधार पर किया गया है। सर्वे के मुताबिक 20 फीसदी लीडर्स ने कहा कि एक्सटर्नल वेंडर्स और एचआर कंसल्टेंट्स के जरिए रिक्रूटमेंट किया जाएगा। हालांकि, शेष 80 फीसदी लोगों का कहना है कि वे इंटर्नल हायरिंग को प्रमुखता देंगे। इस प्रकार 87 फीसदी लीडर्स का मानना है कि भविष्य में सीखने, बुनियादी कौशल विकास, व्यवहारिक और नेतृत्व जैसे गुणों की महत्ता बढ़ जाएगी।

स्वर्ण ईटीएफ में पिछले साल 6,657 करोड़ रुपये का निवेश

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के कारण छाई आर्थिक मंदी तथा अमेरिकी डॉलर में सुस्ती के चलते 2020 में सुरक्षित निवेश के तौर पर स्वर्ण आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों का आकर्षण बढ़ने से गोल्ड- ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का भारी-भरकम शुद्ध निवेश किया गया।इससे पहले साल 2019 में स्वर्ण ईटीएफ में महज 16 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला था। हालांकि, 2019 में लगातार छह साल की शुद्ध निकासी के बाद इसमें शुद्ध खरीदारी हुई। इससे पहले वे वैश्विक सुस्ती तथा इक्विटी व डेट बाजारों में उथल-पुथल के चलते लगातार निकासी कर रहे थे।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2020 के अंत तक स्वर्ण कोषों के प्रबंधनाधीन कुल संपत्ति साल भर पहले के 5,768 करोड़ रुपये की तुलना में दो गुना से अधिक बढ़कर 14,174 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। पिछले साल यानी 2020 के दौरान सोना निवेशकों के लिये सुरक्षित निवेश तथा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले साधनों में से एक बनकर उभरा। इसी कारण निवेशकों ने 2020 में 14 स्वर्ण ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

पूरे 2020 के दौरान देखें तो मार्च और नवंबर महीने को छोड़ शेष सभी महीने के दौरान स्वर्ण ईटीएफ में शुद्ध निवेश देखा गया। शुद्ध निवेश से तात्पर्य ईटीएफ की बिक्री करने वालों के मुकाबले खरीदार अधिक रहे।

मॉर्निंगस्टार इंडिया के शोध प्रबंधक व सहायक निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते आयी आर्थिक मंदी, अमेरिका डॉलर में नरमी तथा अमेरिका-चीन के बीच तनाव जैसे कई कारकों के कारण निवेशक स्वर्ण इटीएफ की ओर आकर्षित हुए।

स्टार सीमेंट का 450 करोड़ रुपये की लागत से बना कारखाना तैयार

कोलकाता : स्टार सीमेंट के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा है कि कंपनी का पश्चिम बंगाल में 20 लाख टन क्षमता वाला सीमेंट कारखाना बनकर तैयार है और वाणिज्यिक उत्पादन जल्द शुरू होगा। सेंचुरी प्लाईबोर्ड इंडिया प्रवर्तित कंपनी ने कुल 450 करोड़ रुपये की लागत वाली ग्रांइडिंग इकाई को राज्य के जलपाईगुड़ी जिले में लगाया है।
अग्रवाल ने से कहा, ‘‘परियोजना का फिलहाल परीक्षण किया जा रहा है और उत्पादन जल्दी ही किसी भी समय शुरू हो सकता है। यह पश्चिम बंगाल में हमारी पहली नई सीमेंट परियोजना है। हालांकि सेंचुरी प्लाईबोर्ड का यहां प्लाईबोर्ड विनिर्माण कारखाना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को परियोजना के उद्घाटन के लिये बुलाएंगे। हमें राज्य सरकार से पूरा समर्थन मिला है और परियोजना को सुगमतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया।’’ कारखाना 45 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें से नौ एकड़ भूमि राज्य सरकार ने उपलब्ध करायी है।
स्टार सीमेंट की विनिर्माण क्षमता फिलाल 43 लाख टन है। नये कारखाने में उत्पादन शुरू होने के साथ इसकी क्षमता बढ़कर 63 लाख टन तक हो जाएगी। कंपनी की ‘क्लिंकर’ (गिट्टी या ढेला) उत्पादन क्षमता 28 लाख टन है और 51 मेगावाट क्षमता का निजी उपयोग का बिजली संयंत्र है।
कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न संकट के बीच अग्रवाल ने कहा कि वह पूर्वी भारत में दीर्घकाल में सीमेंट बाजार की संभावना को लेकर आशावान हैं। फिलहाल यह बाजार 2 से 2.5 करोड़ टन का है जिसमें 8 से 9 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।

फैशन डिजाइनर सत्य पॉल का निधन

कोयंबटूर : भारतीय साड़ी को नई पहचान देने वाले प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर सत्य पाल का निधन हो गया है। उनके पुत्र पुनीत नंदा ने यह जानकारी दी। वह 79 वर्ष के थे। पॉल को दिसंबर में मस्तिष्काघात हुआ था। उन्होंने गत बुधवार को सद्गगुरु के ईशा योग सेंटर में अंतिम सांस ली।
नंदा ने फेसबुक पर लिखा, “उन्हें दो दिसंबर को मस्तिष्काघात हुआ था और अस्पताल में उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था, उनकी अंतिम इच्छा थी कि जो चीजें उनके शरीर में चुभाई गई हैं या उनके शरीर की निगरानी के लिये लगाई गई हैं उन्हें हटा दिया जाए जिससे वह उड़ सकें।” उन्होंने आगे लिखा, “अंतत: हमें चिकित्सकों से उन्हें वापस ईशा योग सेंटर ले जाने की इजाजत मिली जहां वह 2015 से रह रहे थे। उनकी इच्छा के मुताबिक, वह गुरु के आशीर्वाद से शांतचित्त से परलोक सिधार गए।”
नंदा ने कहा कि परिवार में यद्यपि पिता को खोने का दुख है लेकिन इस बात को लेकर शांति है कि वह अपनी जिंदगी अच्छे से जीकर पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़कर गए हैं। पॉल ने 60 के दशक में खुदरा क्षेत्र में अपने सफर की शुरुआत की और बाद में यूरोप और अमेरिका में भारतीय हथकरघा उत्पादों के निर्यात का काम बढ़ाया। उन्होंने 1980 में भारत में पहला ‘साड़ी बुटीक’, लाअफेयर शुरू किया और फिर अपने बेटे के साथ मिलकर 1986 में अपना फैशन ब्रांड शुरू किया।