कोलकाता । बिड़ला हाई स्कूल में इंटर हाउस क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी। वर्ष 2003 से चली आ रही इस प्रतियोगिता में 6 हाउस प्रतिभागी बने। पिछले 2 वर्षों से प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित हो रही थी। प्रतियोगिता में 11वीं कक्षा के वरिष्ठ विद्यार्थियों को क्विज मास्टर के रूप में देखना एक दिलचस्प अनुभव था। कन्नव धनानिया, राम दफ्तरी, सिद्धार्थ गुप्ता ने अपनी यह जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाई। अशोक हाउस, गाँधी हाउस, नेताजी हाउस, प्रताप हाउस, शिवाजी हाउस हाउस प्रतियोगिता में शामिल हुए। प्रिंसिपल लवलीन सैगल, प्रबन्धन, काबेरी मुखर्जी. सुदेशना सेनगुप्ता, क्षमा दीक्षित, रोचिता सिन्हा चक्रवर्ती समेत अन्य शिक्षकों ने इस प्रतियोगिता के आयोजन पर जोर दिया।
मिडिल स्कूल में 120 अंक प्राप्त कर अशोक हाउस विजेता बना और सर्वश्रेष्ठ क्विजर श्यामन्तक बनर्जी को चुना गया। सीनियर स्कूल में 285 अंक प्राप्त कर प्रताप हाउस विजेता रहा और आरव कुमार सर्वश्रेष्ठ क्विजर।
रिपोर्ट – सुदेशना सेनगुप्ता एवं क्षमा दीक्षित
बिड़ला हाई स्कूल में इंटर हाउस क्विज प्रतियोगिता
द्वितीय राष्ट्रीय हिंदी नाटक उत्सव का आयोजन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुप्रेरणा से पश्चिम बंग हिंदी अकादमी के सूचना और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय हिंदी नाटक उत्सव का आयोजन किया गया। नाट्योत्सव के उद्घाटन समारोह में डायमंड हार्बर विश्विद्यालय और शिक्षण प्रशिक्षण से संबद्ध कुलपति प्रो सोमा बंदोपाध्याय ने कहा कि बंगाल ही वह सांस्कृतिक भूमि है जहाँ नाटकों के विकास की लंबी परंपरा रही है। नाटकों के इतिहास को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में वृन्दावन लाल वर्मा, भगवती चरण वर्मा आदि से लेकर श्यामानंद जालान, प्रतिभा अग्रवाल ,उषा गांगुली,अजहर आलम, प्रताप जयसवाल आदि नाटककारों और उनकी नाट्य संस्थाओं के महत्वपूर्ण योगदान से हिंदी नाटकों को पहचान मिली। बंगाल की धरती पर ही पहली बार बंगाली स्त्रियों ने नाटकों में अभिनय किया। हिंदी नाटकों में बंगाली महिलाओं ने अभिनय किया। रंगकर्मी, पदातिक, लिटिल थेस्पियन, अभिनव आदि विभिन्न हिंदी नाट्य संस्थाओं में बांग्लाभाषी भी अभिनय कर रहे हैं। बंगाल में सभी भाषाओं का सम्मान रहा है। वर्तमान सरकार द्वारा इस प्रकार के नाट्य उत्सव आयोजित करना महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के प्रथम दिन लिटिल थेस्पियन द्वारा ‘रेत और इंद्रधनुष’ कोलाज नाटक की प्रस्तुति दी गई जिसका निर्देशन उमा झुनझुनवाला ने किया। द्वितीय दिन पदातिक नाट्य संस्था के निर्देशन में ताजमहल और तृतीय दिन मुश्ताक काक के नाटक आधी रात के बाद का मंचन किया जाएगा।
तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव के प्रथम दिवस में उद्घाटन समारोह में डॉ सोमा बंदोपाध्याय कुलपति डायमंड हार्बर विश्विद्यालय और शिक्षण प्रशिक्षण ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पश्चिम हिंदी अकादमी के सदस्य सचिव गौतम गांगुली, हावड़ा जिला परिषद के उप सभापति अजय भट्टाचार्य, हावड़ा डेवलपमेंट के एडीएम अज़हर जिया, हावड़ा जिला परिषद के कर्माध्यक्ष श्रीधर मंडल और पश्चिम बंग हिंदी अकादमी के अधिकारीगण ने अपने वक्तव्य रखे। जिला सूचना व संस्कृति कार्यालय, हावड़ा की व्यवस्था में शरत सदन हावड़ा के सभागार में आयोजित यह नाट्य उत्सव तीन दिनों तक सात आठ नौ सितंबर तक चलेगा। समारोह सत्र के पश्चात शशि सहगल की कविताओं के कोलाज रेत और इंद्रधनुष कविता कोलाज की नाट्य अभिनयात्मक प्रस्तुति दी गई जिसमें लिटिल थेस्पियन के कलाकारों हीना परवेज़, पार्वती कुमारी शॉ, प्रियंका सिंह, पूर्णिमा मेहरा, नेहा यादव, मनोहर कुमार झा, इंतेख़ाब वारसी, रितेश कुमार राव, राकेश, राहुल शर्मा ने मंचीय प्रस्तुति दी। प्रकाश परिकल्पना जॉयदीप रॉय, ध्वनि संचालक सब्यसाची पाल और निर्देशन उमा झुनझुनवाला का रहा।
लिटिल थेस्पियन एस एम अज़हर आलम और उमा झुनझुनवाला द्वारा 1994 में स्थापित अखिल भारतीय स्तर की भारतीय नाट्य संस्था है जिसका उद्देश्य समाज में कला और संस्कृति का विकास है। इस संस्था की सह संस्थापक और निर्देशिका उमा झुनझुनवाला पचास से अधिक नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं और बंगाल में युवा पीढ़ी को नाट्य कला की शिक्षा प्रदान कर हिंदी नाट्यकला को समृद्ध कर रही हैं। उमा झुनझुनवाला द्वारा निर्देशित रेत और इंद्रधनुष नाट्य प्रस्तुति प्रसिद्ध कवयित्री डॉ शशि सहगल की बीस कविताओं का एक खूबसूरत कोलाज है जिसमें कलमकार के आंतरिक और बाहरी संघर्ष के ब्यौरे को भावों को अभिनयात्मक रूप में दर्शाया गया है। साथ ही इंद्रधनुषी रंगों से रेत होते ख्वाबों के मध्य एक नई राह की तलाश कर सकारात्मक दृष्टि से भरपूर ऊर्जा से भरा संदेश दिया गया है।इस अवसर पर कोलकाता और हावड़ा के हिंदी शिक्षक शिक्षिकाएं, विद्यार्थियों और नाटक प्रेमियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज में शिक्षकों को किया गया प्रणाम
कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा जुबली सभागार में शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन शिक्षकों को प्रणाम कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का आरंभ गणेश नृत्य से हुआ। कॉलेज के डायरेक्टर जनरल डॉ सुमन मुखर्जी ने शिक्षक दिवस पर अपना प्रेरक वक्तव्य दिया। टीआईसी डॉ पिंकी साहा सरदार ने बांग्ला कविता का पाठ किया। क्रिसेंडो इन एक्ट, फैशनिस्टा, फ्लेम क्लासिकल और वेस्टर्न ने अपने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत संगीत, फैशन, लघु नाटक, शास्त्रीय और बॉलीवुड नृत्य किए गए। इस अवसर पर वॉलंटियर्स आर्ट एंड मी के विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस पर सभागार की सजावट की। डीन प्रो दिलीप शाह , प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिव्या उदेशी ने कार्यक्रम संयोजन में सहभागिता की।सभी शिक्षकों को उपहार और नाश्ता दिया गया। अतिका खान और तुषिता चुगानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
सेरेना विलियम्स ने टेनिस को कहा अलविदा
न्यूयॉर्क. पिछले दो दशक से अधिक समय से टेनिस कोर्ट पर कई कीर्तिमान स्थापित करने वाली सेरेना विलियम्स का यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में सफर तीसरे दौर में थम गया। वहीं एक दिग्गज एंडी मर्रे भी हारकर बाहर हो गए। सेरेना पहले ही संकेत दे चुकी थी कि यह यूएस ओपन में उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। इस तरह से 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने फ्लशिंग मीडोज को अलविदा कहा। यह दिग्गज खिलाड़ी तीन घंटे से भी अधिक समय तक चले मैच में अजला टॉमलजानोविच से 7-5, 6-7 (4), 6-1 से हार गई। सेरेना ने 5 मैच प्वाइंट बचाए लेकिन आखिर में जब उनका शॉट नेट पर लगा तो उनकी आंखें भी छलक उठी। उन्होंने मैच के बाद कहा,‘‘ यह मेरे लिए अब तक का सबसे अविश्वसनीय सफल रहा है. मैं उस हर व्यक्ति की आभारी हूं जिसने सेरेना आगे बढ़ो, कह कर मेरा हौसला बढ़ाया।’’ सेरेना यूएस ओपन में पहली बार 1999 में खेली थी। तब वह केवल 17 साल की थी लेकिन अब वह शादीशुदा है और उनकी पांच साल की बिटिया भी है।
सड़क हादसे में टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का निधन
मुम्बई । टाटा सन्स के पूर्व चेयरमैन साइरस पालोनजी मिस्त्री का महाराष्ट्र के पालघर में रविवार को हुए एक सड़क हादसे में निधन हो गया है। वे 54 वर्ष के थे। साइरस मिस्री टाटा सन्स के छठे चेयरमैन थे। उन्हें अक्टूबर 2016 में हटा दिया गया था। साइरस मिस्त्री को 2012 में रतन टाटा के रिटायरमेंट के बाद टाटा ग्रुप की कमान मिली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब मिस्त्री की कार मुंबई से सटे पालघर जिले में एक डिवाइडर से टकरा गयी। उस समय मिस्त्री मर्सिडीज कार में अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे। दुर्घटना दोपहर लगभग 3.15 बजे हुई. यह हादसा सूर्या नदी पर बने पुल पर हुआ। दुर्घटना के बाद मिस्त्री को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
लिज ट्रस बनीं ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री
भारतवंशी ऋषि सुनक को कड़े मुकाबले में हराया
लंदन । लिज ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। उन्होंने कड़े मुकाबले में भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक को मात दी है। लिज ट्रस को 81326 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी ऋषि सुनक को 60399 वोट प्राप्त हुए। पहले पांच राउंड के मुकाबले में ऋषि सुनक को भारी बढ़त हासिल थी, लेकिन कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों की अंतिम वोटिंग के दौरान लिज ट्रस ने जीत हासिल की है। इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुलकर लिज ट्रस का समर्थन किया था। उन्होंने पार्टी के सदस्यों और सांसदों से लिज ट्रस के लिए वोट भी मांगे थे। बोरिस जॉनसन आरोप लगाते रहे हैं कि ऋषि सुनक के इस्तीफे के कारण ही उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी।
हार न मानने की जिद ने दिविता को बनाया मिस दीवा यूनिवर्स
मुम्बई । मुम्बई की रहने वाली 23 वर्षीया दिविता राय ने बीते दिनों मिस दीवा यूनिवर्स 2022 का खिताब अपने नाम किया है जबकि तेलंगाना की प्रज्ञन्या अय्यागरी लिवा मिस दीवा सुपरनेशनल 2022 और ओजस्वी शर्मा मिस पॉपुलर चॉइस 2022 चुनी गयी हैं। मिस यूनिवर्स 2021 हरनाज संधु ने अपनी उत्तराधिकारी दिविता को ताज पहनाया। दिविता आज जिस मुकाम पर पहुंची हैं, वहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं है. यह उनकी कई सालों की मेहनत, लगन और अथक प्रयास का नतीजा है। 71वें मिस यूनिवर्स 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
प्रतियोगिता में 19 प्रतिभागियों ने अंतिम राउंड में जगह बनायी थी। लेकिन अपनी सूझबूझ और प्रतिभा की बदौलत दिविता ने कड़ी टक्कर देते हुए इस साल मिस दीवा यूनिवर्स का खिताब हासिल करने में सफल रही हैं।
कर्नाटक के मंगलुरु में 11 मई, 1999 को जन्मीं पेशे से आर्किटेक्चर, सुपर मॉडल और अब मिस दीवा यूनिवर्स दिविता राय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बेंगलुरु के नेशनल पब्लिक स्कूल से की हैं। उनके पिता दिलीप राय इंडियन ऑयल में काम करते थे। लिहाजा, बार-बार ट्रांसफर होने की वजह से देश के अलग-अलग शहरों में उनका बचपन समय बीता। उन्हें बेंगलुरु, कोलकाता, भोपाल, मुंबई समेत देश के कई शहरों को करीब से देखने का मौका मिला।
हर माता-पिता की तरह दिविता के परिजन भी चाहते थे कि उनकी बेटी भी पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करे। अपनी मम्मी-पापा के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने सर जेजे कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, मुंबई से बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कुछ समय तक के लिए नौकरी की। बावजूद इसके उन्होंने सपना देखना कभी नहीं छोड़ा और ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने के लिए अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी. पहली बार उन्होंने वर्ष 2018 में आयोजित फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन वह सेकेंड रनरअप रहीं.। अगले साल 2019 में बेंगलुरु में आयोजित फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में भी लिया हिस्सा, पर कामयाबी नहीं मिली। तमाम रिजेक्शन और असफलताओं के बावजूद दिविता ने अपना प्रयास जारी रखा. फिर उन्होंने वर्ष 2021 में आयोजित मिस दीवा यूनिवर्स में भी हिस्सा लिया, मगर भाग्य ने इस बार भी उनका साथ नहीं दिया। इस प्रतियोगिता में हरनाज संधू विजेता बनीं थीं, जबकि वह मिस दीवा सेकेंड रनर अप रहीं। इस मुकाम तक पहुंचने के बाद भी बार-बार की रिजेक्शन की वजह से वह एक पल के लिए निराश और हताश हो गयीं फिर उन्होंने खुद को प्रेरित किया। आखिरकार, 18 साल के अथक प्रयास के बाद इस बार मिस दीवा यूनिवर्स 2022 का खिताब जीतने में सफल हुई हैं। पेशे से आर्किटेक्ट और मिस दीवा यूनिवर्स दिविता को मॉडलिंग के साथ स्पोर्ट्स में काफी दिलचस्पी है। उन्हें बैडमिंटन व बास्केटबॉल खेलना काफी पसंद है। साथ ही उन्हें पेंटिंग, संगीत सुनने और किताबें पढ़ने का भी शौक है।
खूंखार बाघ के जबड़े से 15 महीने के मासूम को माँ ने बचाया
उमरिया । अपने बच्चे की हिफाजत के लिए मां दुनिया का बड़े से बड़ा खतरा भी मोल ले सकती है। मध्य प्रदेश में एक महिला ने भी ऐसी ही मिसाल पेश की है और अब उसकी बहादुरी के चर्चे पूरे इलाके में हैं। उमरिया जिले में रहनी वाली महिला अपने 15 महीने के बच्चे को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गई और हिम्मत दिखाते हुए खूंखार जानवर के चंगुल से बच्चे को बचाकर ले आई। इस दौरान बच्चे और उसकी मां को कुछ चोटें भी आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बाघ के जबड़े में था मासूम बच्चा
घटना उमरिया जिले के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य के रोहनिया गांव की है। यहां एक 25 वर्षीय महिला ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए वो कर दिया जिसे पूरा प्रशासन भी मिलकर नहीं कर सका। घटना के मुताबिक अर्चना चौधरी नाम की महिला अपने बेटे रविराज को शौच कराने के लिए खेत में ले गई थी, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया और बच्चे को जबड़े से पकड़ लिया, इस पर महिला ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की तो बाघ ने उस पर भी हमला कर दिया।
महिला ने बताया कि वह अपने बच्चे को बचाने के लिए लगातार कोशिश करती रही। इस दौरान उसने शोर मचाया तो कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने जब बाघ का पीछा किया तो वह बच्चे को छोड़कर जंगल में भाग गया. महिला के पति भोला प्रसाद ने कहा कि उनकी पत्नी को कमर, हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं वहीं बेटे के सिर और पीठ में चोट लगी है। वनरक्षक राम सिंह मार्को ने कहा कि महिला और उसके बेटे को तुरंत मानपुर के स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज दिया गया फिर उमरिया के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
भारतीय मूल की प्रोफेसर बनी ‘इमर्जिंग लीडर इन हेल्थ एंड मेडिसिन स्कॉलर’
ह्यूस्टन । भारतीय मूल की प्रोफेसर स्वाति अरूर को ‘नेशनल अकैडमी ऑफ मेडिसिन’ (एनएएम) ने वर्ष 2022 के लिए ‘इमर्जिंग लीडर इन हेल्थ एंड मेडिसिन स्कॉलर’ चुना है। अरूर टेक्सास विश्वविद्यालय में ‘एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर’ में जेनेटिक्स की प्रोफेसर और उपाध्यक्ष हैं।
एमडी एंडरसन की स्थापना 2016 में हुई थी और अरूर इस प्रतिष्ठित समूह में शामिल की जाने वाली फैकल्टी की पहली सदस्य हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर उनका जुनून तब से जगजाहिर है जब वह 1991-1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कर रही थीं और उन्होंने एचआईवी पीड़ित बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए एक गैर सरकारी संगठन की शुरुआत की थी।
अरूर ने 2001 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से माइक्रोबायलॉजी में पीएचडी किया और इसके बाद कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। एमडी एंडरसन के अध्यक्ष पीटर पिस्टर्स ने कहा, ‘‘हमें प्रसन्नता है कि नेशनल एकैडमी ऑफ मेडिसिन ने लाइफ साइंस के क्षेत्र में डॉ अरूर के योगदान और बेहतरीन नेतृत्व को मान्यता दी।’’
पिस्टर्स ने कहा, ‘‘कैंसर मेटास्टेसिस अनुसंधान को आगे बढ़ाने की उनकी लगन, विशेषज्ञता और कार्य हमारे प्रतिष्ठान के लिए अनमोल हैं और हम उन्हें चुने जाने का स्वागत करते हैं।’’‘एनएएम इमर्जिंग लीडर फोरम’ वाशिंगटन में 18-19 अप्रैल 2023 को आयोजित किया जाएगा।
अरूर ने अपने चयन पर कहा, ‘‘हमारे पास सर्वश्रेष्ठ दुनिया नहीं है। बल्कि विश्व हमारे कार्यों का प्रतिबिंब है कि हम पीछे क्या छोड़ कर जाएंगे और आगे क्या कीमत चुकाएंगे।’उन्होंने कहा, ‘‘उभरती हुई शख्सियत के तौर पर नामित होना न केवल एक सम्मान है बल्कि यह मुझे वैश्विक शख्सियतों के साथ काम करने और उनसे सीखने का एक मौका भी देगा…।’’
कल्याण चौबे बने एआईएफएफ के पहले खिलाड़ी अध्यक्ष
नयी दिल्ली । अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को अपने 85 साल के इतिहास में पहली बार कल्याण चौबे के रूप में पहला ऐसा अध्यक्ष मिला जो पूर्व में खिलाड़ी रह चुके हैं। चौबे ने अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व दिग्गज फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया को हराया।
मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के पूर्व गोलकीपर 45 वर्षीय चौबे ने 33-1 से जीत दर्ज की। उनकी जीत पहले ही तय लग रही थी क्योंकि पूर्व कप्तान भूटिया को राज्य संघों के प्रतिनिधियों के 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में बहुत अधिक समर्थन हासिल नहीं था।
सिक्किम के रहने वाले 45 वर्षीय भूटिया का नामांकन पत्र भरते समय उनके राज्य संघ का प्रतिनिधि भी प्रस्तावक या अनुमोदक नहीं बना था।
पिछले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर सीट से हारने वाले भाजपा के राजनीतिज्ञ चौबे कभी भारतीय सीनियर टीम से नहीं खेले हालांकि वह कुछ अवसरों पर टीम का हिस्सा रहे थे।
उन्होंने हालांकि आयु वर्ग के टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के लिए गोलकीपर के रूप में खेले हैं। भूटिया और चौबे एक समय ईस्ट बंगाल में साथी खिलाड़ी थे।
कर्नाटक फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और कांग्रेस के विधायक एनए हारिस ने उपाध्यक्ष के एकमात्र पद पर जीत दर्ज की। उन्होंने राजस्थान फुटबॉल संघ के मानवेंद्र सिंह को हराया। अरुणाचल प्रदेश के किपा अजय ने आंध्र प्रदेश के गोपालकृष्णा कोसाराजू को हराकर कोषाध्यक्ष पद हासिल किया।
कोसाराजू ने अध्यक्ष पद के लिए भूटिया के नाम का प्रस्ताव रखा था जबकि मानवेंद्र ने उसका समर्थन किया था। कार्यकारिणी के 14 सदस्यों के लिए इतने ही उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था और उन्हें निर्विरोध चुना गया।




