Thursday, July 9, 2026
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आरबीसी कॉलेज ने आयोजित की भारतेंदु जयन्ती

नैहाटी। बंगला नवजागरण के अग्रदूत ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी की जन्मस्थली पर अवस्थित ऋषि बंकिम चंद्र सांध्य कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी नवजागरण के पुरोधा भारतेन्दु हरिश्चंद्र की जयंती पर एक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ देवाशीष भौमिक ने कहा कि आर. बी. सी. सांध्य कॉलेज का हिंदी विभाग कॉलेज का सबसे सक्रिय एवं सांस्कृतिक रूप में समृद्ध विभाग है। यह विभाग नियमित रूप से ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्कार से जोड़ता है। बतौर अतिथि वक्ता डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि भारतेंदु आधुनिक भारत के लेखक ही नहीं भविष्य दृष्टा भी हैं। वे ‘अंधेर नगरी’ में लोभ और भोग की प्रवृत्ति से मुक्ति को बात करते हैं। उन्होंने ‘फूट और बैर’ को भारत का मेवा कहा। उनका यह कथन आज भी प्रासंगिक है। भारतेंदु के लगभग 150 वर्ष बाद भी आज भारतीय समाज फूट और बैर से मुक्त नहीं हो पाया है। उस समय अंग्रेज इसको औजार की तरह इस्तेमाल करते थे और आज सत्ता को दीर्घायु बनाने के लिए सरकारें, धर्माचार्य, पूंजीपति और बाजार कर रहे हैं। विभाग की अध्यक्ष डॉ कलावती कुमारी ने ‘अंधेर नगरी’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारतेन्दु जितना औपनिवेशिक शासन का विरोध करते हैं उतना ही सामंती और अराजक व्यवस्था का विरोध करते हैं। अंधेर नगरी में राजा ही सारा सुख एवं सुविधा लेना चाहता है, इसलिए वह अज्ञानतावश बैकुंठ में भी खुद ही जाना चाहता है। भारतेंदु ने अंधेर नगरी के कुशासन को बेपर्दा करने का नैतिक साहस दिखलाया है। प्रो. जयप्रकाश साव ने कहा कि भारतेंदु ने हमें साहित्य की आधुनिक विद्याओं से परिचित करवाया। उनकी रचनाओं में जीवन की असंख्य छवियां हैं। डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने कबीर के गीतों का गान किया और ज्ञान, प्रेम और सृजन के योग को जीवन का आधार बताया। भारतेंदु में कबीर की छाया देखी जा सकती है। इस अवसर पर विभाग के छठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए विदाई एवं सर्वाधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी अनिल दास, हर्ष साव, काजल हरिजन, चंदन भगत और दीपांशु साव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल बनाने में विभाग के विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।

मीठी बतियां

श्वेता गुप्ता

मीठे प्यारे बोल है तेरे,
छोटी-छोटी अखियां।

प्यारी सी मुस्कान है तेरी,
करती, मुझ संग बतियां।

तुझ संग मेरी आस है बड़ी,
तू, मेरे सपनों की लड़ीयां।

थकान मेरी सब दूर हो जाती,
जब तू थामें मेरी उंगलियां।

आज के इस पावन दिन में,
जलाओ मैं तेरे लिए मोमबत्तियां।

तुझ संग जिऊं मैं अपना बचपन,
तुझ संग मेरी जीवन की सारी खुशियां।

तेरे मासूम सवालों से कभी-कभी,
भर जाती है मेरी अखियां।

तेरे आने से मेरे जीवन में,
बढ़ गई है गहराइयां।

भोले भंडारी के आशीर्वाद से,
तुझे मिले जीवन में सारी कामियाबियां।

2 साल बाद आयोजित होने जा रहा है इल्पा का ‘लेदर ऑन द रैम्प’

कोलकाता । इंडियन लेदर प्रोडक्ट्स एसोसिएशन (आईएलपीए) रजत जयंती पर चमड़े के उत्पादों को खास तौर पर रैम्प पर प्रदर्शित करने जा रहा है। 25वें संस्करण के मौके पर कोविड के 2 साल बाद आयोजित इस रैम्प को लेकर इल्पा उत्साहित है। हाल में में इस आयोजन की झलकियाँ प्रदर्शित की गयीं। मुख्य शो 14 सितम्बर को महानगर में आयोजित होने जा रहा है। इस अवसर पर इल्पा के अध्यक्ष अजय तरवे, उपाध्यक्ष अर्जुन मुकुंद कुलकर्णी, उपाध्यक्ष एम डी अजहर, हयात रीजेंसी के महाप्रबन्धक कुमार शोभन और फैशन शो समिति के अध्यक्ष आकाश नैयर ने शो को लेकर जानकारी साझा की। वक्ताओं ने चर्म उद्योग के भविष्य को अच्छा बताया, साथ ही इस उद्योग की चुनौतियों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर आईएलपीए के अध्यक्ष अजय तरवे ने कहा कि इल्पा उच्च क्वालिटी के चमड़े से बने उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पेशेवर निकायों, आयात संघों और विदेशों में चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के साथ पारस्परिक संबंध विकसित करने का प्रयास करता रहता है। चमड़े से बने सामान का उद्योग एक श्रम केंद्रित उद्योग है, जहां 30% से अधिक श्रमिक महिलाएं हैं, क्योंकि उनके कुशल श्रम की काफी मांग है। इल्पा द्वारा बंगाल के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वंचित युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल-विकास प्रदान कर रहा है। इस मौके पर प्रसिद्ध कोरियोग्राफर पिंकी केनवर्थी ने कोलकाता और मुंबई के 20 मॉडलों के साथ इस शो की कोरियोग्राफी की।

देश के समग्र आर्थिक विकास पर चर्चा आयोजित

कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के डायरेक्टर जनरल प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ सुमन मुखर्जी ने मेन्टर के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ सुमन मुखर्जी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए अपने विचार व्यक्त किए। यह कार्यक्रम एक पेशेवर निकाय द्वारा किया गया था जिसमें सीए सीएमए, सीएस वकील शामिल थे। कॉर्पोरेट सलाहकार और अधिकारियों की एसीएई एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम जानकारी भरा रहा। कार्यक्रम में भारत में डिजिटल तकनीक, सांस्थानिक ढांचे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषयों पर सभी गणमान्य वक्ताओं ने अपने वक्तव्य रखे। प्रमुख अतिथि आईसीएआई नयी दिल्ली अध्यक्ष सीए डॉ देबाशीष मित्रा की उपस्थिति में एसीएई के वार्षिक सम्मेलन 22 का आयोजन किया गया।

 

भवानीपुर कॉलेज में विपणन रूपांतरण विषय पर की चर्चा

कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के जुबली सभागार में कॉमर्स लैब के अंतर्गत मार्केटिंग मेटाफारमेसिस विषय पर विद्यार्थियों ने चर्चा की। कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने कॉमर्स लैब के अंतर्गत विपणन कायाकल्प के उद्देश्य को रखते हुए मार्केटिंग के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक उदाहरण स्वरूप है जिसमें वे अलग – अलग उत्पाद की मार्केटिंग का अनुभव प्राप्त करेंगे। मेटाफारमेसिस का अर्थ है किसी भी क्षेत्र में कायाकल्प या रूपांतरण करना। विद्यार्थियों ने स्वयं अपने विभिन्न उत्पादों की मार्केटिंग की। यह कार्यक्रम तीन भागों में विभाजित रहा। प्रथम भाग में प्रोडक्ट पिचिंग बाजार के विभिन्न उत्पादों के स्लोगन पूछे गए और द्वितीय भाग में गैस दि प्रोडक्ट और तृतीय भाग में मीम पिक्चर द्वारा विद्यार्थियों की टीम ने प्रतियोगिता में भाग लिया। इस कार्यक्रम के सहसंयोजन और वक्ता के रूप में प्रो लक्ष्मी झा, प्रो दिव्या उदेशी, प्रो नितीन चतुर्वेदी रहे।कार्यक्रम के आरंभ में प्रो दिव्या उदेशी ने मार्केटिंग पर अपने विचार व्यक्त किए ।विद्यार्थियों की उनतीस टीमों ने अपने प्रोडक्ट डांडिया, नेल पालिश, स्मोक डिटेक्टर, कैलकुलेटर, लैंप, लिप बाम, जेली, मिरर, वायर, प्रेशर कूकर, शर्ट, नाइफ, कैप, रेडियो, सीसी टीवी , सुपर कम्पास, नेलकटर, नेक मसाज, नेल, फेवकोल, डस्टबीन, स्करुड्राइ, बेल्ट, शॉर्ट, कंबल, फोन कवर, स्मार्ट वाच, स्वीच आदि ने अपने उत्पादों की मार्केटिंग की। वहीं दीवारें बोल उठेंगी – जेके वाल पुट्टी, टोटल कंट्रोल – जेके टायर, ऐसी आजादी और कहां – एअर टेल, प्रकृति का आशीर्वाद – पतंजलि, पेंट योर इमैजिनेनेशन – बर्जर पेंट, शुभआरंभ – सेलेब्रेशन आदि विभिन्न स्लोगनों के उत्तर पूछे गए। प्रो नितीन चतुर्वेदी ने मीम पिक्चर के विषय पर वक्तव्य देते हुए स्लाइड पिक्चर्स द्वारा मीम द्वारा बाजार उत्पाद के प्रति लोगों को आकर्षित कैसे किया जाए, बताया। निर्णायक मंडल में साक्षी शॉ, दुष्यंत चतुर्वेदी, पूजा अग्रवाल , और अमृता राय चौधरी ने अपने निर्णय रखे। प्रमुख अतिथि निर्णायक आईआईएम जयशंकर गोपाल ने अंत में सभी प्रतिभागियों को समवेत रूप से प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान दिए।आईआईएम जयशंकर गोपाल ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा अपने उत्पादों में अंग्रेजी, हिंदी और बांग्ला आदि बहुविध भाषा का प्रयोग किया जो हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है जिससे उत्पाद के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित होता है, जो बाजार बढ़ाने में कारगर सिद्ध होता है। डीन्स अॉफिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिलीप शाह ने सभी निर्णायकों और विजेता विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। कॅरियर कनेक्ट प्रो उर्वी शुक्ला ने अपने वक्तव्य में मार्केटिंग के परंपरागत तरीकों में नए रूप में अपने विचार लाने के लिए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में सौ से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही । कार्यक्रम का संचालन किया प्रो लक्ष्मी झा, प्रो दिव्या उदेशी और प्रो नितीन चतुर्वेदी ने। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने अपना धन्यवाद वक्तव्य रखा। शिक्षण और शिक्षिकाओं ने भी इसमें भाग लिया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

 

स्वाधीनता के 75 वर्ष पर “राष्ट्र विजय उत्सव बांग्लार सोनार माँ 2022”

कोलकाता । शर्मिष्ठा आचार्य की एक पहल के साथ अंकित साव और द जंक्शन हाउस द्वारा कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में ‘राष्ट्र विजय उत्सव बांग्लार सोनार माँ 2022’ नामक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में देश भर से उल्लेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन जनजातीय समुदाय की महिलाओं और एसिड पीड़ितों की सहायता और उन्हें एक अलग पहचान दिलाने के लिए यह एक नेक और अनोखी पहल है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के 75 साल पर आयोजित “राष्ट्र विजय उत्सव बांग्लार सोनार माँ” अवार्ड से सम्मानित कर इस योगदान को मंच दिया गया।
इस समारोह में लक्ष्मी अग्रवाल (एसिड अटैक सर्वाइवर और छपाक मूवी की प्रेरणा), सांसद चिराग पासवान (बिहार), सलिल आचार्य ( बॉलीवुड अभिनेता), विशाल सिंह (बॉलीवुड अभिनेता), डॉ. मारिया फर्नांडीस (महिला आयोग और डब्ल्यूबीएफडीसीएल की वीसी, विधायक मदन मित्रा, पार्षद राजेश सिन्हा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
इस आयोजन में जिन महिला हस्तियों को ‘बांग्लार सोनार माँ सम्मान’ से सम्मानित किया गया, उनमें एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल (छपाक फिल्म जिनके जीवन पर आधारित है), राज्य महिला आयोग की सदस्य और डब्ल्यूबीएफडीसीएल की वीसी डॉ. मारिया फर्नांडीस, अभिनेत्री ऋचा शर्मा, टॉलीवुड अभिनेत्री ऐन्द्रिला शर्मा, शिक्षाविद् जेसिका गोम्स सुराणा, टॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका बनर्जी, तनुश्री चक्रवर्ती, मिस यूनिवर्स इंडिया उशोशी सेनगुप्ता, तैराक इला पाल, मिस एशिया वर्ल्ड 2022 उर्वाश जायसवाल, वुडलैंड्स हॉस्पिटल की एमडी और सीईओ डॉ. रूपाली बसु , सीआईडी की एडिशनल स्पेशल सुपरिटेंडेंट शांति दास, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता (मेघ) रंजीता सिन्हा, ट्रांसजेंडर अधिवक्ता सायंतनी घोष, अर्न्तराष्ट्रीय पावर लिफ्टर और कोलकाता पुलिस अधिकारी शंपा गुहा , प्रख्यात टॉलीवुड अभिनेत्री और बाल अधिकार कार्यकर्ता सुदेशना रॉय , अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी, ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता पौलमी घटक , पश्चिम बंगाल महिला आयोग की सदस्य और द बंगाल घराना की सह संस्थापक श्रावंती बंद्योपाध्याय जैसे समाज की विशिष्ट बेटियों को इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शर्मिष्ठा आचार्य ने कहा कि इस आयोजन में सम्मान ग्रहण करनेवाली इन बेटियों में आत्मविश्वास की एक झलक दिखती है, जिसे कोई भी एक मील दूर से देख सकता है। सेलेब्रिटी एंकर और नेशनल रिकॉर्ड धारक अंकित साव ने कहा, देश की इन बेटियों को “राष्ट्र विजय उत्सव बंगलार सोनार मां 2022” के रूप में सम्मानित करके हम 75वें आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए खुद को काफी गर्वित महसूस कर रहे हैं। द जंक्शन हाउस के निदेशक राज रॉय ने कहा कि समाज में उपेक्षित समझी जानेवाली सफल महिलाओं को एक क्रांतिकारी पहल के तहत सभी समुदाय से जुड़ी महिलाओं को इस मंच पर लाये हैं। इनमें आदिवासी महिलाएं, ट्रांसजेंडर, एसिड पीड़ित, सरकारी जिम्मेदार विभाग में सेवा देनेवाली महिलाएं और एथलीट इस कार्यक्रम में योगदान दे रहे हैं।

माँ आश्छेन : बंगाल की सांस्कृतिक परम्परा दर्शाएगा भवानीपुर 75 पल्ली का पंडाल

कोलकाता । भवानीपुर 75 पल्ली के सदस्य इस वर्ष दुर्गा पूजा में ‘ऐतिज्य बेचे ठाकूक’ – ‘लेट द हेरिटेज लाइव’ थीम पर मंडप का निर्माण कर रहे हैं। इस थीम के जरिए पश्चिम बंगाल की समृद्ध संस्कृति और इसकी प्राचीन विरासत को अपने मंडप के जरिए लोगों के सामने लाकर उन्हें आपस में जोड़ने का एक प्रयास किया जायेगा।
भवानीपुर 75 पल्ली की पूजा विशेष रूप से अपने मंडप निर्माण में अपनी अनूठी शैली के लिए और सामाजिक कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध है, समिति के सदस्य इस पूरे वर्ष करते रहते हैं। पूजा आयोजकों के अनुसार वर्ष 2022 में अपने 58वें वर्ष में प्रसिद्ध कलाकार श्री प्रशांत पाल की विचारधारा ‘ऐतिज्य बेचे थाकूक’ – ‘लेट द हेरिटेज लाइव’, को हमारे पूजा थीम के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
भवानीपुर 75 पल्ली के संयोजक शायनदेब चटर्जी ने कहा, यह एक बड़ा सम्मान है कि यूनेस्को ने बंगाल की दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी है। मिदनापुर जिले के पिंगला और नयाग्राम गांवों की पट्ट चित्र कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन्हें उनके गांव से लाने में परिवहन, भोजन और आवास से संबंधित सुविधाओं के साथ अन्य सभी खर्च का वहन हम करेंगे। पिछले साल इस पूजा कमेटी ने छऊ और झुमुर कलाकारों के लिए किया था। इन कलाकारों ने लाइव प्रदर्शन किया था। पुरुलिया जिले के मास्क कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन और बिक्री कर अच्छा लाभ कमाया था। कमेटी कलाकारों के आर्थिक विकास में सहायता कर रही है।

हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शिक्षक दिवस

कोलकाता । हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (एचआईटीके) शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। यह दिन संस्थान का 21वां स्थापना दिवस भी है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्गापुर के निदेशक प्रो. अनुपम बसु उपस्थित थे। शिक्षकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत थे। इस अवसर पर संस्थान में 10 वर्ष पूरे करने वाले संस्थान के शिक्षकों एवं अन्य सदस्यों को सम्मानित किया। संस्थान में आरम्भ से जुड़े शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षकों को हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन पद्मश्री पी.आर. अग्रवाल द्वारा सम्मानित किया गया। संस्थान में उल्लेखनीय योगदान के लिए ज्वाएंट रजिस्ट्रार (अकादमिक्स) प्रो. संदीप चटर्जी, एईआईई विभाग के प्रो. सौभिक चक्रवर्ती को संस्थान के लिए उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने , सीएसई विभाग की लोपामुद्रा दे को उत्कृष्ट शोध, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सौरभ कर समग्र उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में एचआईटीके के प्रिंसिपल प्रो. बासव चौधरी, कल्याण भारती ट्रस्ट के निदेशक प्रबीर रॉय, हेरिटेज अकादमी के प्रिंसिपल प्रो. गौर बनर्जी, हेरिटेज बिजनेस स्कूल के निदेशक प्रो. के.के.चौधुरी ने भी संबोधित किया। हेरिटेज लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल एस.एस.चटर्जी, द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू, और श्री पी.के.अग्रवाल, सीईओ, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। पद्मश्री पीआर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “21वें वर्ष में प्रवेश करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। संपूर्ण विरासत परिवार बढ़ रहा है और एचआईटीके अब भारत के शीर्ष निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक बन गया है। यह सब हमारे शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा दी गई कड़ी मेहनत और प्रयासों के कारण हासिल किया गया है।

 

विद्यासागर विश्वविद्यालय में मनाया गया शिक्षक दिवस

मिदनापुर। विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।उद्घाटन गीत शोधार्थी पंकज सिंह एवं तृतीय सेमेस्टर की छात्रा बिट्टू कौर ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार प्रसाद ने कहा कि शिक्षा ,शिक्षक और छात्र का संबंध एकदिन का नहीं बल्कि एक युग से अधिक साधना का संबंध है।यह संबंध ज्ञान के साथ सामाजिकता का भी है। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक कुम्हार की तरह होता है ।जो सिर्फ आकार ही नहीं देता बल्कि ज्ञान और जीवन की सच्चाई की आंच में विद्यार्थियों को पकाता भी है। शिक्षा के महत्व विषय पर शोधार्थी मधु सिंह ने कहा कि शिक्षक हमें ज्ञान से सिर्फ़ जोड़ते ही नहीं हैं बल्कि हमें मानवीय मूल्यों की पक्षधरता के साथ आगे बढ़ने की ताकत भी देते हैं। इस विषय पर फरहाना परवीन, के.स्वाति रेखा, प्रीति कुमारी, मुस्कान खातून ने भी अपना विचार रखा। इस अवसर पर अंजलि ओझा, कोमल सिंह, पी.बेबी, सोनल सिंह एवं प्रीति ने भावनृत्य प्रस्तुत किया और संजीत महतो,प्रियंका गोप,पूजा मिश्रा, अलीशा कुमारी, मुस्कान परवीन, नेहा चटर्जी, प्रीति सिंह, संजना प्रजापति ने कविताओं का प्रभावी पाठ किया। कार्यक्रम का सफल संचालन मोनू यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि शिक्षक हमारे जीवन में एक माध्यम की तरह होता है जो हमें ज्ञान,जीवन,समाज और मनुष्यता से जोड़ते हैं।

गुरु

-सुशील

ज्ञान देना काम गुरु का,
न करना अपमान गुरु का।

जो गुरु करे न अपना काम,
क्या मिलेगा तुमको ज्ञान।

उस ज्ञान का सम्मान करो तुम,
कभी न अभिमान करो तुम।

गुरु की सलाह को मानो,
उनके अनुभव को जानो।

गुरु बड़ा भगवान से,
आदर होता उनके नाम से।

जब मानोगे तुम गुरु को उच्च,
पद मिलेगा तुमको सर्वोच्च।