Tuesday, July 7, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

डिजिटल दौर में आंखों का रखें ख्याल

आज के समय में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। लगातार स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन और रोशनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में आंखों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो गया है। आयुर्वेद में आंखों को शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग माना गया है और इन्हें स्वस्थ रखने के लिए कई आसान उपाय बताए गए हैं। आयुर्वेद के अनुसार, आंखों की समस्याओं के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हो सकते हैं। पहला, आंखों का जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल करना। दूसरा, अपनी जीवनशैली और आदतों में लापरवाही करना। तीसरा, मौसम में होने वाले असामान्य बदलाव। इनसे बचने के लिए सही खानपान, अच्छी दिनचर्या और कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है। आंखों की देखभाल के लिए पादाभ्यंग (पैरों की तेल से मालिश) को भी लाभकारी बताया गया है। रोजाना गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से शरीर को आराम मिलता है और आंखों की थकान कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ठंडे पानी से आंखों को धोना भी एक आसान उपाय है। दिन में कुछ बार आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से ताजगी महसूस होती है।
आयुर्वेद और योग में आंखों के लिए कई तरह के अभ्यास बताए गए हैं। इनमें पामिंग एक सरल तरीका है। इसमें आंखें बंद करके हथेलियों से उन्हें ढककर कुछ देर आराम किया जाता है। इससे आंखों को आराम मिलता है और तनाव कम महसूस होता है। इसी तरह आंखों को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाने जैसे अभ्यास भी आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
सूर्य की हल्की रोशनी में बैठना, मोमबत्ती की लौ पर ध्यान केंद्रित करना और त्राटक जैसे योग अभ्यास भी पारंपरिक रूप से आंखों के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बुरी आदतों से बचना भी जरूरी है। ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से बचें, पर्याप्त नींद लें और आंखों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
इसके अलावा, पढ़ते समय पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखें और किताब या स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें। समय-समय पर आंखों को आराम देना भी जरूरी है। लंबे समय तक आंखों में परेशानी, धुंधला दिखाई देना या दर्द जैसी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news