Tuesday, July 7, 2026
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चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति की ‘खूंटी पूजा’

कोलकाता । उत्तर कोलकाता की सबसे मशहूर और ऐतिहासिक दुर्गा पूजा कमेटियों में से एक चोरबागन सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति ने गत रविवार को विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ ‘खूंटी पूजा’ संपन्न कर इस वर्ष 2026 में अपनी आकर्षक थीम “अकाल बोधन” के अनावरण के साथ दुर्गोत्सव के 91वें साल की औपचारिक शुरुआत की।

समिति की तरफ से दुर्गा पूजा के पहले पारंपरिक ‘खूंटी पूजा’ के आयोजन में समाज की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इनमें पश्चिम बंगाल भाजपा की महासचिव लॉकेट चटर्जी, विधायक कौस्तव बागची, चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार दे (बापी दा), समिति की सचिव प्रत्युषा बनर्जी के साथ कई अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुए। इस साल की थीम “अकाल बोधन” रामायण की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक से प्रेरित है। यह थीम रावण के खिलाफ युद्ध से पहले भगवान राम द्वारा देवी दुर्गा के असमय आह्वान (पूजा) का प्रतीक है। समिति को परम पूजनीय गिरिजी महाराज (जूना अखाड़ा) का आशीर्वाद भी मिला है, जिनके मार्गदर्शन ने इस साल के जश्न को और भी गहरा आध्यात्मिक महत्व दिया है। इस साल की कलात्मक प्रस्तुति को लेकर चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खास कलात्मक श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस मौके पर चोरबागन सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार दे (बापी दा) ने कहा, नौ दशकों से ज्यादा समय से चोरबागन सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति दुर्गा पूजा की सांस्कृतिक भावना को बनाए रखने और साथ ही सार्थक कलात्मक अभिव्यक्ति को अपनाने के लिए समर्पित रही है। इस साल हमारी थीम ‘अकाल बोधन’ है। इस थीम के जरिए हमारा मकसद एक ऐसा उत्सव पेश करना है, जो भक्ति, विरासत और हमारे समाज को एकजुट करने वाले स्थायी मूल्यों को दर्शाता हो।

चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति की सचिव प्रत्युषा बनर्जी ने कहा, हमारी थीम ‘अकाल बोधन,’ भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं पर आधारित है। यह आस्था, साहस और सांस्कृतिक विरासत के मूल्यों का जश्न मनाती है। इस साल की कलात्मक प्रस्तुति के हिस्से के तौर पर हमने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को समर्पित करने के लिए भी काफी कुछ तैयार किया है। यह उनके सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए गए भक्ति भाव और बंगाल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से उनके जुड़ाव से प्रेरित है।

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