Thursday, October 1, 2026
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ये है बालों में कंघी करने का सही तरीका

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हम सभी अपने बालों से बेहद प्‍यार करते हैं और इनकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए कई अलग-अलग तरीकों का इस्‍तेमाल भी करते हैं। लेकिन प्रदूषण और रसायनों की वजह से बाल अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगते हैं और उनका टेक्‍सचर भी बिगड़ जाता है। इस समस्‍या से छुटकारा पाने के लिए हम ना जाने कितने प्राकृतिक नुस्‍खे और दवाएं लेते हैं ताकि किसी ना किसी तरह हमारे बाल स्‍वस्‍थ बने रहें। बहुत प्रयास करने के बाद भी कई बार हम अपने बालों को झड़ने और खराब होने से बचाने में विफल हो जाते हैं और हमारे बाल लगातार गिरते रहते हैं और कभी-कभी बालों का झड़ना बहुत ज्‍यादा हो जाता है।

रसायनों और पर्यावरण के अलावा किसी बीमारी या हार्मोंस में बदलाव के कारण भी बालों पर बुरा असर पड़ता है। इसे नज़रअंदाज़ तो नहीं किया जा सकता लेकिन आप अपने बालों को अत्‍यधिक झड़ने से बचा जरूर सकते हैं।

आप ऐसी कई तकनीकों और नुस्‍खों के बारे में जानती होंगी तो बालों को खराब होने से बचाते हैं लेकिन तब भी आप अपने बालों को लेकर एक गलती कर जाते हैं। आपको शायद पता नहीं होगा लेकिन बालों को गलत तरीके से कंघी करने से भी उन्‍हें नुकसान पहुंचता है और वो झड़ने लगते हैं।

बालों को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए कंघी करना सबसे सामान्‍य चीज़ है लेकिन गलत तरीके से कंघी करने से बालों को नुकसान पहुंचता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह आप अपने बालों को गलत तरीके से कंघी करते हैं और आपको किस तरह से अपने बालों को कंघी करनी चाहिए ताकि आपके बाल और स्‍कैल्‍प दोनों ही सुरक्षित रहें।

कंघी करने की दिशा – सभी लोगों को कंघी करने की सही दिशा के बारे में पता नहीं होता है। सामान्‍य तौर पर हम सभी जड़ों से लेकर नीचे तक कंघी करते हैं लेकिन से गलत तरीका है। इससे बालों की जड़ें कमजोर होती हैं। कंघी हमेशा नीचे से शुरु कर जड़ों तक करें। धीरे-धीरे उलझे बालों को सुलझाते हुए नीचे से ऊपर जाएं।

हेयर प्रॉडक्‍ट्स लगाने के बाद ना करें कंघी –  अगर आपने कोई हेयर मास्‍क, पेस्‍ट, क्रीम या अन्‍य कोई हेयर प्रॉडक्‍ट लगाया है तो बालों को धोने से पहले और बाद में कंघी ना करें। इन प्रॉडक्‍्टस को लगाने के बाद कई लोग उलझे हुए बालों को सुलझाने लगते हैं लेकिन ये तरीका आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकता है।

बालों को धोने के बाद कंघी ना करें –  बालों को धोने के बाद सारे बाल उलझ जाते हैं और आमतौर पर ऐसा सभी के साथ होता है। गीले बालों में कंघी कर उन्‍हें सुलझाना गलत है। ऐसा करने से बालों की जड़ें कमज़ोर होती हैं और जब बाल गीले होते हैं तो उनके आसानी से टूटने की संभावना भी बहुत ज्‍यादा होती है। बालों को सूखने दें और उसके बाद ही नीचे से लेकर ऊपर जड़ों तक कंघी करें। गीले बालों में कंघी करने की भूल कभी ना करें।

पीछे की तरफ से ना करें कंघी – बचपन से ही हमने अपनी माओं को पीछे की तरफ से कंघी करते हुए देखा होता है और हमें बताया जाता है कि पीछे की ओर से कंघी करने से बाल घने, मजबूत और स्‍वस्‍थ बनते हैं  लेकिन ये सिर्फ एक झूठ है और कुछ नहीं। पीछे की तरफ से कंघी करना आपके बालों को नुकसान पहुंचाती है और इससे बालों का झड़ना और गिरना बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। सीमित समय तक ही बालों में कंघी करें और बार-बार बालों में कंघी के इस्‍तेमाल को अपनी आदत ना बनाएं। इससे बाल तो खराब होंगें ही साथ ही स्‍कैल्‍प पर भी बुरा असर पड़ता है।

नवरात्रि में उपवास के दौरान खाएं काजू

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नवरात्रि आते ही आपके पास सबसे बड़ी समस्या खाने की होती है। आप ये सोचते हैं कि व्रत रखते हुए किन चीजों का सेवन करने से शरीर में उर्जा बनी रहेगी । आप उपवास रहने के साथ-साथ घर का और दफ्तर का काम भी करते हैं।

नवरात्रि में उपवास के दौरान आप काजू खाइए क्यूंकि इसमें मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन, पोटैशियम, ज़ांज़ आदि भरपूर होते है। इससे आपके शरीर और मांसपेशियों में कोई दिक्कत नहीं होती है।

उपवास के दौरान काजू खाने से आपके शरीर को कई तरह के विटामिन मिलते हैं इसलिए आपको शरीर में कोई कमजोरी नजर महसूस होगी। अगर आपके शरीर में में खून की कमी है और आप उपवास रखती हैं तो ऐसे समय में काजू का सेवन आपके लिए सही है क्यूंकि काजू खून की कमी को पूरा करता है और शरीर में आयरन की कमी भी नहीं होने देता। तो इस नवरात्रि उपवास के साथ-साथ अपने सेहत का भी ख्याल रखें।

नवरात्रि पर जमकर खाएँ और खिलाएँ

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कुट्टू के आटे का मसाला डोसा
 भरावन के लिये सामग्री : उबले हुए आलू, तलने के लिये घी, नमक स्‍वादानुसार, 1/2 टी स्‍पून  लाल मिर्च पाउडर,1/2 टी स्‍पून कटी अदरक

डोसे के लिये सामग्री : 5 चम्‍मच  कुट्टू का आटा, 2 चम्‍मच  उबली अरबी, नमक- स्‍वादानुसार, 1/2 चम्‍मच  अजवाइन, 1/2 चम्‍मच  लाल मिर्च पाउडर, 1 चम्‍मच  कटी अदरक,1 चम्‍मच  कटी हरी मिर्च, 1 चम्‍मच  घी, 1/2 चम्‍मच हरी मिर्च

 विधि : एक पैन में घी गरम करें, उसमें आलू डाल कर बाकी की सामग्रियां मिलाएं।  आलू को भूरा होने तक फ्राई करें और इसे किसी प्‍लेट पर निकाल लें।  अब एक कटोरे में अरबी और कुट्टू का आटा तथा नमक मिलाएं।  इसमें पानी मिलाएं और ऊपर से अजवाइन, लाल मिर्च पावडर, अदरक और हरी मिर्च डालें।  इसमें पानी उतना मिलाएं जब तक कि यह पतला घोल ना बन जाए।  एक पैन या डोसे बनाने वाला तवा लें। उस पर अच्‍छी तरह से घी लगाएं।  फिर उस पर एक कल्‍छुल भर कर डोसे का घोल डालें।  इसे फैलाएं और क्रिस्‍पी होने तक पकाएं।  अब डोसा पलटें और उस पर आलू का मिश्रण रखें।  अब इसे फोल्‍ड करें और नारियल चटनी के साथ सर्व करें।

टेस्‍टी दलिया खीर

सामग्री : 500 मिली दूध, 200 ग्राम दलिया, 2 टीस्पून घी, 1 कप  शक्कर,  8 से 10 काजू, 8 से 10 किशमिश,  ¼ टीस्पून इलायची पाउडर

विधि: दूध को तब तक उबालें जब तक यह आधा न रह जाएँ।  एक पैन (कड़ाही) में घी और काजू डालें तथा इसे सुनहरा भूरा होने तक भूनें। इसके बाद इसमें किशमिश मिलाएं तथा तब तक भूनें जब तक ये फूल न जाएँ। उसी पैन में साम्बा रवा (दलिया) मिलाएं तथा धीमी आंच पर 5 मिनट तक भूनें जब तक सुगंध न आने लगे। अब इसमें गाढ़ा किया हुआ दूध मिलाएं और साम्बा रवा (दलिये) को पकाएं। इसे लगातार हिलाते रहे ताकि इसमें गांठे न पड़ें। इसमें इलायची पाउडर, शक्कर, तले हुए काजू, किशमिश मिलाएं और 2 मिनिट तक पकाएं। साम्बा रवा (दलिया) पायसम को गरमागरम या ठंडा करके परोसें।

 

पुरुषों को इस तरह रखना चाहिए त्वचा का ख्याल

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महिलाओं की तुलना में पुरुषों की त्‍वचा में अधिक कोलाजन और इलास्टिन होता है जो उनकी त्‍वचा को मोटी और कठोर बना देता है इसी कारण महिलाओं की तुलना में पुरुषों की त्‍वचा पर बढ़ती उम्र के निशान देरी से नज़र आते हैं। इसलिए पुरुषों के लिए भी बहुत जरूरी है कि वो अपनी त्‍वचा की खास देखभाल करें और उसे रोज़ान साफ करें।

महिलाओं और पुरुषों की त्‍वचा में काफी अंतर होता है और त्‍वचा के कई कारकों को ध्‍यान में रखकर सौंदर्य उत्‍पाद बनाए जाते हैं। इसलिए अपने लिए कोई भी प्रॉडक्‍ट चुनते समय अपनी त्‍वचा की जरूरतों को ध्‍यान में रखें।

क्‍लींजिंग रूटीन– पुरुषों को कम से कम दिन में दो बार चेहरा पानी से धोना चाहिए। जो आपकी फेसवॉश आपकी त्‍वचा को सूट करे उसका इस्‍तेमाल आप दिन में दो बार कर सकते हैं। पूरे दिन में धूल और प्रदूषण के कारण त्‍वचा पर तेल निकल आता है और रोमछिद्र भी बंद हो जाते हैं इसलिए बहुत जरूरी है कि आप रोज़ अपनी त्‍वचा को क्‍लींज़ करें। अगर इससे आपकी त्‍वचा शुष्‍क हो जाती है तो प्रॉडक्‍ट बदल दें।

एक्‍सफोलिएशन –  चेहरे पर पड़ने वाली धूल-मिट्टी ब्‍लैकहैड्स और व्‍हाइटहैड्स का रूप ले लेती है और इससे चेहरे पर मृत त्‍वचा की एक परत सी बन जाती है। एक्‍सफोलिएशन के ज़रिए आप इस परत को हटा सकते हैं। ये आपकी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ और मुलायम बनाएगी। अगर आपकी तैलीय त्‍वचा है तो आपको सैलिसिलिक एसिड युक्‍त स्‍क्रब का प्रयोग करना चाहिए। ग्‍लाइकोलिक फेस वॉश  भी त्‍वचा को क्‍लींज़ करने के साथ-साथ उसे एक्‍सफोलिएट भी करता है।

एसपीएफ – यह महत्‍वूपर्ण भूमिका निभाता है। ये सूर्य की यूवी किरणो से त्‍वचा की रक्षा करता है जिससे सनबर्न, टैंनिंग और बढ़ती उम्र के निशान बनने लगते हैं। मर्दों को एसपीएफ 30 वाले सनस्‍क्रीन का प्रयोग करना चाहिए। रोज़ान सनस्‍क्रीन लगाकर ही बाहर निकलें। कुछ समय बाद आप इसे दोबारा भी लगा सकते हैं।

मॉइश्‍वराइज़ – क्‍लीनिंग और एक्‍सफोलिएशन के बाद त्‍वचा को मॉइचराइज़ करने की भी जरूरत होती है। इससे त्‍वचा मुलायम बनी रहती है। मॉइश्‍चराइजिंग क्रीम आपकी त्‍वचा को पर्याप्‍त नमी प्रदान करती है और उसे स्‍वस्‍थ बनाए रखती है। बॉडी लोशन का भी इस्‍तेमाल करें।

सिंधू ने ओकुहारा को हराकर कोरिया ओपन का खिताब जीता

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सोल : ओलंपिक रजत पदक विजेता भारतीय शटलर पी वी सिंधू ने विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा को रोमांचक फाइनल मुकाबले में हराकर कोरिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट का महिला एकल का खिताब जीतने के साथ ही विश्व चैंपियनशिप की हार का बदला भी चुकता किया।
बाईस वर्षीय सिंधू ने इस 600,000 डालर इनामी टूर्नामेंट के फाइनल में आठवीं वरीय जापानी खिलाड़ी ओकुहारा को एक घंटे 23 मिनट तक चले रोमांचक मैच में 22-20, 11-21, 20-18 से शिकस्त दी।

सिंधू पिछले महीने ग्लास्गो में विश्व चैंपियनशिप के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में ओकुहारा से हार गयी थी। इस मैच को विशेषज्ञों ने सर्वश्रेष्ठ मैच में से एक करार दिया था। इस बार उन्होंने जापानी खिलाड़ी से बदला चुकता किया और कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी।

एक महीने के अंदर दूसरी बार फाइनल में आमने सामने होने के कारण फिर से रोमांचक मैच की उम्मीद की जा रही थी और आज के फाइनल में भी विश्व चैंपियनशिप की तरह कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सिंधू ने फिर से जज्बे का शानदार नमूना पेश किया तथा अपने करियर का तीसरा सुपर सीरीज खिताब जीता।

विश्व में चौथे नंबर की सिधू ने 2016 में चाइना सुपर सीरीज प्रीमियर और इंडियन ओपन सुपर सीरीज जीती थी। उन्होंने ओकुहारा का आस्ट्रेलियाई ओपन और विश्व चैंपियनशिप के बाद लगातार तीसरा खिताब जीतने का सपना भी पूरा नहीं होने दिया।

इस जीत से सिंधू ने ओकुहारा के खिलाफ अपने रिकार्ड को भी बराबरी पर ला दिया। इन दोनों के खिलाड़ियों ने अब एक दूसरे के खिलाफ आठ मैच खेले हैं जिनमें से चार . चार में उन्होंने जीत दर्ज की है।

सिंधू ने पहले गेम में शुरू में 2-0 से बढ़त बनायी लेकिन ओकुहारा ने जल्द ही बराबरी कर ली। भारतीय खिलाड़ी फिर से 5-4 से आगे हो गयी। इन दोनों के बीच विश्व चैंपियनशिप मैच की झलक 6-5 के स्कोर पर देखने को मिली जब उनके बीच लंबी रैलियां चली। सिंधू ने करारा स्मैश जमाकर यह अंक अपने नाम किया।

ओकुहारा ने हालांकि इसके बाद लगातार चार अंक बनाये। सिंधू ने स्कोर फिर से स्कोर 9-9 से बराबर किया लेकिन जापानी खिलाड़ी ब्रेक तक 11-9 से बढ़त बनाने में सफल रही।

 

नहीं रहे वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह

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पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की जंग के नायक मार्शल ऑफ एयर चीफ अर्जन सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। दिल का दौरा पड़ने से शनिवार की सुबह भारतीय वायुसेना के इस जांबाज सेनानायक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम साढ़े सात बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के एक मात्र अफसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल के बराबर ओहदा दिया गया था। उन्हें फाइव स्टार रैंक दिया गया था।
2016 में पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरबेस का नाम अर्जन सिंह एयरबेस कर दिया गया था। उनके 97वें जन्मदिन पर पानागढ़ को उनका नाम दिया गया। वह पहले जीवित सेनानायक थे, जिनके नाम पर किसी एयरबेस का नाम रखा गया है।
भारतीय सेना के लिए मिसाल माने जाने वाले सिंह ने 1965 में सबसे युवा वायुसेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय उनकी आयु महज 44 वर्ष थी।
अर्जन सिंह के अंदर फाइटर पायलट का जज्बा आखिरी तक बरकरार रहा। 1969 में रिटायरमेंट तक वह सेना के 60 तरह के विमान उड़ा चुके थे।
इससे पहले सुबह आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में अर्जन सिंह के भर्ती होने की खबर सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने अस्पताल पहुंच कर उनका हालचाल जाना था।

पीएम मोदी ने मार्शल अर्जन सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि मार्शल ऑफ एयरफोर्स अर्जन सिंह के दुखद निधन से पूरा भारत दुखी है। हम उनके सर्वश्रेष्ठ कार्यों को हमेशा याद रखेंगे।

अर्जन सिंह ने वायुसेना की क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान रखा, इससे हमारी रक्षा तैयारियों को बड़ी ताकत मिली। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रतिष्ठित हवाई योद्धा एवं शानदार शख्स के निधन से दुखी लोगों के साथ हैं। अर्जन सिंह… आपकी आत्मा को शांति मिले…। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी वायुसेना के महान योद्धा अर्जन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हवाई योद्धा मार्शल अर्जन सिंह के निधन  का बेहद दुख है। राष्ट्रपति कोविंद ने उनके परिवार और वायुसेना के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामण ने वायुसेना के एयर मार्शल अर्जन सिंह के निधन को बड़ी क्षति बताया। सीतारमण ने कहा अर्जन सिंह ने अनुकरणीय जीवन का नेतृत्व किया। उन्होंने कई युद्ध लड़े।

 

टि्वटर को देसी ‘मूषक’ से मिलेगी चुनौती

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भोपाल : अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया नेटवर्किग साइट टि्वटर के भारतीय विकल्प के तौर पर हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में काम करने वाली सोशल मीडिया नेटवर्किग साइट ‘मूषक’ पेश की गयी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल इसका औपचारिक तौर पर लोकर्पण करेंगे।
मूषक के संस्थापक अनुराग गौड़ ने आज यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘मूषक स्वभाषा में तैयार किया गया देश का पहला स्वदेशी सोशल नेटवर्क है। मूषक एंड्राइड एप और वेब साइट दोनों ही रूपों में इंटरनेट पर मौजूद है। यह सम्पूर्ण रूप से भारतीय और भारतीय युवाओं द्वारा तैयार किया गया यह पहला स्वदेशी नेटवर्क है।’’ उन्होंने बताया कि फिलहाल मूषक हिन्दी के अलावा मराठी और गुजराती में उपलब्ध है और क्रमश: भारत की सभी भाषाओं में लाया जायेगा। अंग्रेजी में यह उपलब्ध नहीं है।

गौड़ ने कहा कि देश में अभी 2.5 लाख लोग मूषक का उपयोग कर रहे हैं तथा रोज हजारों लोग इससे जुड़ रहे हैं। इनमें प्रसिद्ध योगगुरू बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, गायक अभिजीत भट्टाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार प्रताप सोमवंशी इसका नियमित तौर पर उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने टि्वटर की तूलना में मूषक को अधिक सक्षम होने के दावा करते हुए कहा कि मूषक में अक्षर सीमा 500 है, जो संक्षिप्त में अपनी बात रखने के लिये पर्याप्त है। इसके साथ ही इसमें आप छाया चित्र, चलचित्र, ध्वनि फाइल तो डाल ही सकते हैं। साथ ही डूडल बनाने, छायाचित्र के ऊपर लिखने और मेम बनाने की सुविधा भी इसमें है।

गुजरात का एक अनूठा ‘कैशलेस’ मंदिर

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माधव चतुर्वेदी (पीटीआई)

भरूच : भगवान के पास सब चिंताओं से खाली होकर जाने की बात तो आपने शास्त्रों में पढ़ी होगी किन्तु अब आप भगवान के मंदिर में खाली जेब भी जा सकते हैं। वास्तविकता में एक ऐसा मंदिर है जहां कोई नकद भेंट नहीं चढ़ाई जाती और यह पूरी तरह से कैशलेस है।

यह अनूठा मंदिर है भरूच शहर स्थित गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेट :जीएनएफसी: की टाउनशिप में। मंदिर का नाम है जन विकास मंदिर और इसका प्रबंधन कम्युनिटी डेवलपमेंट चैरिटी टस्ट करता है।

जीएनएफसी के अतिरिक्त महाप्रबंधक आर सी जोशी ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले यह मंदिर कैशलेस हुआ। यह काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के अभियान के तहत हुआ। जीएनएफसी की पूरी टाउनशिप ही कैशलेस है।

उन्होंने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी यदि भेंट चढ़ाना चाहते हैं तो वे पुजारी के पास मौजूद पीएसओ मशीन की मदद से क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिये भेंट की राशि को मंदिर के बैंक खातें में डलवा देते हैं।


मंदिर के पुजारी महेशभाई जोशी ने बताया कि मंदिर में पेटीएम, भीम एप के जरिये भी भेंट चढ़ाई जाती है। इस मंदिर प्रांगढ़ में शिवजी, राधा—कृष्ण, दुर्गा माता और राम—जानकी दरबार के चार अलग अलग मंदिर हैं। चारों मंदिरों के लिए अलग अलग पेटीएम नंबर हैं। इनमें भक्त अपने इष्ट को भेंट चढ़ा सकता है।

जोशी ने बताया कि मंदिर में टाउनशिप के अलावा बाहर के लोग भी दर्शन के लिए आते हैं। विशेषकर नवरात्र एवं अन्य पर्व—त्योहारों पर। वे सब भी यहां कैशलेस भेंट ही चढ़ाते हैं। मंदिर के एक हिस्से में लगायी गयी दान पेटी को अब बंद कर दिया गया है। किन्तु उसे हटाया नहीं गया। उस पर लिखित सूचना टांग दी गयी है कि नकद भेंट के बजाय मंदिर में कैशलेस भेंट चढ़ाई जाये। इसमें मंदिर के बैंक खाता संख्या एवं अन्य आवश्यक विवरण का उल्लेख किया गया है।

जीएनएफसी के अतिरिक्त महाप्रबंधक आर सी जोशी ने बताया कि इस टाउनशिप के मार्केट परिसर में दूध, पान, बेकरी, हज्जाम, ज्वेलरी सहित विभिन्न दुकानें हैं। पर किसी भी दुकान में नकद लेनदेन का चलन नहीं है। सभी दुकानों में कैशलेस आदान प्रदान होता है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इसे पूरी तरह से कैशलेस टाउनशिप घोषित किया था।

 

क्रोम नेल पॉलिश का है ट्रेंड

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आपने अपने दोस्‍तों से क्रोम नेल्‍’ यानि नाखूनों के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन क्‍या आपने कभी इस नेल आर्ट पर ध्‍यान दिया है। ब्‍यूटी इंडस्‍ट्री के इस हॉट ट्रेंड के बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए। तो चलिए जानते हैं क्रोम नेल्‍स के बारे में। अगर आपको हमेशा फैशन के साथ चलना और अपडेट रहना पसंद है तो आपको इस क्रोम ट्रेंड के बारे में जरूर पता होना चाहिए। इन्‍हें चमकदार, मटैलिक नेल पेंट और इसे बाहरी प्रकृति से सुरक्षित रखने का इंतजाम भी किया गया है।

त्वचा की रंगत के हिसाब से लगाऐं नेल पॉलिश – अब क्रोम सिर्फ मटैलिक सिल्‍वर तक ही सीमित नहीं रहा है। कॉपर, बीज, गोल्‍ड और शैंपेन लुक मटैलिक शेड आते हैं। सिल्‍वर और ब्‍लैक सबसे ज्‍यादा क्‍लासिक क्रोम कलर हैं।

होलोग्राफिक रंग – चमक, रंग और स्‍टाइलिश होने कारण होलोग्राफिक क्रोम को सबसे ज्‍यादा पसंद किया जाता है। होलोग्राफिक नेल्‍स पाने के लिए बाजार में कई सारे उपकरण मौजूद हैं जैसे कि होलोग्राफिक सैलोफेन और फॉइल।

पिंक क्रोम नेल्‍स – ये रंग तो लड़कियों का पसंदीदा रंग है साथ ही ये रंग किसी भी तरह के आटफिट के साथ जंच जाता है। अपने रेग्‍युलर पिंक नेल पेंट को क्रोम ग्लिटी के साथ अपडेट जरूर करें।

 रोज़ गोल्‍ड रोज़-  गोल्‍ड क्रोम नेल्‍स काफी क्‍लासी लुक देते हैं और इन्‍हें आप किसी भी मौके पर करवा सकती हैं। इसमें कुठ स्‍टोंस का 3डी इफेक्‍ट भी बहुत बढिया लुक देगा।

ऑम्‍ब्रे क्रोम – अगर आप गोल्‍ड और सिल्‍वर में से किसी एक को नहीं चुन पा रहीं हैं तो आपको ऑम्‍ब्रे ट्राई करना चाहिए। गोल्‍ड के साथ शुरु होकर नाखूनों के टॉप पर सिल्‍वर रंग किया जाता है। किसी भी मौके पर आप ये स्‍टाइल करवा सकती हैं। कॉपर क्रोम – सभी क्रोम कलर्स में ये रंग सबसे ज्‍यादा पसंद किया जाता है। कॉपर क्रोम पर बहुत ज्‍यादा मेहनत लगती है लेकिन से बनने के बाद बहुत खूबसूरत लगता है। शीशे की तरह चमकता हुआ ये रंग आपके आसपास की हर चीज़ को फीका कर देगा। साथ ही आप इसे हर आउटफिट के साथ ले सकती हैं।

 मटैलिक रैड विद राइनस्‍टोंस – अगर आप ग्‍लैमरस दिखना चाहती हैं तो आपको मटैलिक रैड विद राइनस्‍टोंस अपनाना चाहिए। इसमें रैड क्रोम में सिल्‍वर और सजावट के लिए कुछ राइनस्‍टोंस का प्रयोग किया जाता है। लाल रंग तो वैसे ही आकर्षित करता है। उस पर राइनस्‍टोंस का होना उनकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है।

मटैलिक ब्‍लू –  ब्‍लू नेल पेंट के बेसर पर छोटे समुद्री जीवों के स्टिकर्स चिकपाएं जाते हैं। ये वाकई काफी खूबसूरत और आकर्षित लगता है। इसे आप किसी भी पार्टी या थीम के साथ मैच कर सकती हैं और जब आप नीले रंग की ड्रेस पहनें तो इसे जरूर ट्राई करें।

 होलोग्राफिक टिप –  अगर आप बिना कोई ज्‍यादा मेहनत किए क्रोम नेल्‍स लुक पाना चाहती हैं तो आपको होलोग्राफिक टिप करवाना चाहिए। इस प्रक्रिया में आपके नाखूनों को ट्रांसपेरेंट बेस से ढका जाता है और नाखूनों के टिप पर V आकार में 3डी ग्लिटर लगाई जाती है। कम मेहनत में परफैक्‍ट लुक पाने का ये सबसे आसान और बढिया तरीका है। इसे बनवाते समय अपने हाथों को बिलकुल सीधा रखें तभी ये परफैक्‍ट बन पाएगा।

संवेदनशील पुलिस ने रुपये जमा करवाया अंतिम संस्कार

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आमतौर पर पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने और अपराधियों से सांठगांठ की खबरें खाकी वर्दी की छवि और आमजन में विश्वास—अपराधियों में भय के स्लोगन को ज्यादातर कटघरे में खड़े करती रहती है। लेकिन इसी पुलिस की मानवीय संवेदनाओं की कहानी भी कई बार सामने आती है, जो कि सेवार्थ कटिबद्धता के राजस्थान पुलिस के स्लोगन को चरितार्थ करती है।

यह खबर है कि एक निर्धन परिवार से जुड़ी महिला पांचू देवी की। जिसकी जिंदगी को आधी रात को कोई रईसजादा अपनी तेज रफ्तार लक्जरी कार के कहर में छीनकर ले गया। राजधानी जयपुर में अजमेर रोड पर सुशीलपुरा पुलिया के पास करीब आठ सौ मीटर तक कार की चपेट में आकर घिसटती महिला 28 साल की पांचू देवी की लाश क्षत—विक्षत हो गई। काफी देर तक शव सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा रहा। आंख खुलने पर पांचू देवी का पति हरिचंद और बच्चे रोते बिलखते पहुंचे। लेकिन आर्थिक तंगी ऐसी की……

मदद के लिए पुलिस को भी नहीं ​बुला सके। तब आसपास के लोगों ने फोन कर पुलिस को बुलाया। आज सुबह दुर्घटना अनुसंधान ईकाई साउथ पुलिस ने शव का एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाया। पांचू देवी के पति हरिचंद और परिजनों के पास इतने रुपए भी नहीं थे कि वे लाश को अपने जालौर जिले में स्थित पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर सकें।

हेडकांस्टेबल नेकीराम और कांस्टेबल प्रीतम के मुताबिक यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का मन पसीज गया। संवेदनाएं जागी और पुलिसकर्मियों ने अपनी जेब से रुपयों का इंतजाम करने का फैसला किया। चंद सैंकड में ही दुर्घटना थाने के स्टॉफ ने मिलकर 7200 रुपए इकट्ठा कर लिए।

तब भी रुपए पूरे नहीं हुए तो जनसहयोग लिया और स्थानीय पार्षद धर्मसिंह सिंघानिया, कुछ सामाजिक संस्थाओं और मोर्चरी पर मौजूद लोगों ने भी आर्थिक मदद कर करीब 25 हजार रुपए इकट्ठा कर लिए और फिर मृतका पांचू देवी के पति को देकर एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई।