सौरभ गांगुली बने राफ्ट कॉस्मिक ईवी के ब्रांड एंबेस्डर
गणेश चतुर्थी पर बागुईआटी में दिखी13 फीट की भव्य आदियोगी की प्रतिकृति
“एग्जीक्यूटिव पैलेस कॉम्प्लेक्स” ने किया आयोजन
कोलकाता । वीआईपी रोड में स्थित बागुईआटी के “एग्जीक्यूटिव पैलेस कॉम्प्लेक्स” में इस साल गणेश चतुर्थी समारोह के मौके पर आदियोगी की 13 फीट की एक शानदार प्रतिकृति प्रदर्शित की गई। यह भव्य प्रतिमा भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और आदियोगी की दार्शनिक शिक्षाओं दोनों पर जोर देती है। यह पहल हमारी संस्कृति और परंपरा के साथ आध्यात्मिकता के एक विचारशील एकीकरण को दर्शाती है, जिसमें आदियोगी प्रतिकृति दोनों के बीच एक प्रतीकात्मक सेतु के रूप में कार्य करती है। भगवान शिव और भगवान गणेश के बीच पिता-पुत्र का बंधन एक गहन आध्यात्मिक और भावनात्मक संबंध का उदाहरण है, जो हिंदू दर्शन में प्रतीकात्मकता और गहरी शिक्षाओं से समृद्ध है। भगवान शिव, जिन्हें अक्सर आदियोगी के रूप में संदर्भित किया जाता है, वह परम चेतना और ज्ञान का प्रतीक हैं, जबकि उनके पुत्र गणेश, किसी काम की नई शुरुआत में बाधाओं को दूर करने के साथ दिव्य बुद्धि का प्रतीक हैं। यह संबंध ब्रह्मांडीय ज्ञान को व्यावहारिक मार्गदर्शन के साथ एकीकृत करने पर जोर देता है, जो हमारे उत्सव को उनके आध्यात्मिक महत्व की गहरी समझ के साथ समृद्ध करता है।
इस अवसर पर, एग्जीक्यूटिव पैलेस कॉम्प्लेक्स के सचिव अंकित अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष हमारा उत्सव आदियोगी की गहन शिक्षाओं को समर्पित किया गया है, जो भगवान शिव और गणेश के बीच के दिव्य बंधन का सम्मान करता है। हम छह दिनों तक गणेश चतुर्थी का आयोजन कर रहे हैं, जिसका समापन, प्रतिमा विसर्जन से पहले एक भव्य हवन के बाद होगा। जिसमें इस कॉम्प्लेक्स में रहनेवाले सभी निवासी भाग लेंगे। इस योजन के दौरान कॉम्प्लेक्स के बाहर रहनेवाले 3,000 से अधिक लोगों में भगवान गणेश का महाप्रसाद भोग वितरित किया जाएगा। कॉम्प्लेक्स में रहनेवालों के साथ अन्य लोगों को इस अनूठे और भव्य उत्सव का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, यह उत्सव 7 सितंबर से 12 सितंबर तक चलेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में एम पी अग्रवाल (कोषाध्यक्ष), संजीव दुदानी (अध्यक्ष), अंकित अग्रवाल (सचिव), राम अवतार अग्रवाल, मनोज बिनानी, कृष्ण अवतार अग्रवाल, आशीष टेकरीवाल, अरुण कुमार अग्रवाल, अभिषेक जैन, अभिनव बसु, अमित अग्रवाल, ललित डागा, अमन अग्रवाल, शैंकी जैन, मिठू चंदा, गौतम बसाक के साथ अन्य कई अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका अदा की। कोलकाता के बागुईआटी के वीआईपी रोड पर स्थित एग्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन अपने अभिनव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है, जो हर उत्सव को एक जीवंत सामुदायिक माहौल के साथ परंपरा और आधुनिकता दोनों का जश्न मनाता है।
टाटा मोटर्स ओएसएल फ्यूचर के साथ कोलकाता में
कोलकाता । टाटा मोटर्स ने कोलकाता में अपनी नई एक्सक्लूसिव डीलरशिप ओएसएल फ्यूचर के साथ भव्य शोरूम का उद्घाटन किया। 18,000 वर्ग फीट के इस शोरूम के साथ 54,000 वर्ग फीट एरिया में बना विशाल वर्कशॉप भी इसमें शामिल है। प्रीमियर सुविधा के साथ टाटा मोटर्स का यह शोरूम रणनीतिक विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोलकाता के बेलियाघाटा क्रॉसिंग के पास स्थित रायकवा में स्थित नई टाटा पैसेंजर व्हीकल्स डीलरशिप के उद्घाटन समारोह में अमित सिन्हा (जोनल मैनेजर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड), गुमीत पाल सिंह (जोनल कस्टमर केयर मैनेजर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड), चर्चित मिश्रा (डीलर प्रिंसिपल, ओएसएल फ्यूचर प्राइवेट लिमिटेड) के साथ समाज की अन्य कई प्रतिष्ठित हस्तियां इस मौके पर मौजूद थे।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के जोनल मैनेजर अमित सिन्हा ने कहा कि कोलकाता में ओएसएल फ्यूचर डीलरशिप खोलकर हम काफी रोमांचित हैं, यह हमारी विस्तार यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह अत्याधुनिक सुविधा न केवल असाधारण सेवा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, बल्कि ऑटोमोटिव उद्योग में नई दिशा के प्रति हमारे समर्पण को भी उजागर करती है। कर्व.ईवी की शुरुआत एवं इसके जरिये बेजोड़ ग्राहकों के प्रति अनुभव प्रदान करने पर हमारे ध्यान के साथ हम इस जीवंत बाजार में उत्कृष्टता और ग्राहक संतुष्टि में नए मानक स्थापित करने के लिए काफी उत्साहित हैं।
शुभजिता दुर्गोत्सव 2024 : हाजरा पार्क दुर्गोत्सव इस बार समाज में देगा शुद्धिकरण का संदेश
हिन्दी दिवस पर काव्य-पाठ और ‘टिप टिप बरसा पानी’ पर चर्चा
कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसायटी कॉलेज के बुक रीडिंग सेशन में डॉ.अभिज्ञात के उपन्यास ‘टिप टिप बरसा पानी’ पर चर्चा हुई, जिसमें बतौर लेखक डॉ.अभिज्ञात भी शामिल हुए। अपने इस नए उपन्यास के तत्वों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इश्क़ पर आधारित इस कृति में आधुनिक युवा वर्ग की मानसिक उथल-पुथल और असमंजसपूर्ण स्थित पर प्रकाश डाला है। इसकी केन्द्रीय पात्र एक महिला प्रोफ़ेसर रम्या है, जो अपने अधिकारों के प्रति सजग है और निर्णय लेने में स्वतंत्र। युवा वर्ग की महत्वाकांक्षाओं और संघर्षों को उपन्यास की केन्द्रीय विषय वस्तु बनाया है। प्रेम के कई कोण इस उपन्यास में उजागर हैं, जिससे प्रेम से रिश्ते की गहरी पड़ताल होती है। डॉ.वसुंधरा मिश्र ने कहा कि उपन्यास में प्रेम को प्राप्त करने के लिए कोई पात्र संस्कारों को छोड़ देता है तो फिर कोई पात्र त्याग और बलिदान की उच्चता तक पहुंचता है। कई प्रकार के प्रेमी पात्र हैं, जिनमें ऐसा भी पात्र है जो प्रेम सम्बंधों का फायदा उठाने से नहीं चूकता। विभिन्न तनाव और द्वन्द्वों से गुजरता हुआ यह उपन्यास भारत से लेकर पूरे विश्व में साहित्य विषयक कोर्पोरेट की समस्याओं का पारदर्शी आईना है और विश्व में साहित्य किस प्रकार बाजारवाद का हिस्सा बना है और किस प्रकार उसका प्रचार-प्रसार तंत्र काम करता है ,यह दिखाया गया है। मानवीय संवेदनाओं और भावनाओं को हथियार बनाने में लिप्त लेखक अपनी पुस्तकों को बेस्टसेलर की कोटि में कैसे लाता है, विश्व में उपन्यासकार और प्रकाशक सर्वोच्च स्थान पाने के लिए क्या उपक्रम चला रहे हैं, इसको दर्शाता है। उपन्यास का घटनाक्रम भारत से लेकर अमेरिका तक फैला हुआ है। चौदह अध्यायों में बंटे इस उपन्यास से प्रोफेसर मीनाक्षी चतुर्वेदी ने ‘लहंगा पड़ेगा बड़ा महंगा’ अध्याय के एक अंश का वाचन किया, वहीं हेमस्मिता राय और अभिषेक सिंह ने ‘कोयल तोरी बोलिया’ अध्याय का वाचन किया।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र 14 सितम्बर हिन्दी दिवस पर केन्द्रित था जिसमें हिंदी पर केन्द्रित कविताओं के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी काव्य-पाठ हुआ। सविता पोद्दार ने अपनी कविता राजभाषा सुनायी ‘जो हिंदी दाल भात सी घुली मिली है..वह क्रांति स्वरों में भी गरजती है सुनायी। रेखा ड्रोलिया ने हिंदी को दिलों से जोड़ने वाला सेतु बताने वाली कविता का पाठ किया। डॉ.वसुंधरा मिश्र ने ‘हिंदी की रेल चली’ लंबी कविता सुनाई, जिसमें हिंदी के सभी पक्षों पर प्रकाश डाला। खुशी गुप्ता राय, हेमष्मिता राय, जिनिशा जैन और कृष्णा कपूर ने अपनी कविताएं सुनाईं। डॉ.अभिज्ञात ने अंत में लोगों की फरमाइश पर अपनी ग़ज़ल सुनायी-‘तेरे ख़त फाड़ दिये और भला क्या करता।’ काव्य-सत्र का लतिका और हिमेशमिता ने संचालन किया। रैक्टर और डीन प्रोफेसर डॉ.दिलीप शाह ने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्नि देकर किया और अपनी मातृभाषा के साथ-साथ हिंदी को अपना प्यार और सम्मान देने का आह्वान किया। डॉ. रेखा नारिवाल ने एक गीत के द्वारा सभी को एकजुट होने का संदेश दिया और उन्होंने ही धन्यवाद ज्ञापन किया।
भवानीपुर कॉलेज की छात्रा एशियन डार्ट्स चैंपियनशिप 2024 में करेंगी प्रतिनिधित्व
कोलकाता । डार्ट्स खेल में पहली बार किसी महिला ने पुरुषों को हराकर जीत हासिल की। भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज की छात्रा माही बोस्मिया ने डार्ट्स में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। पश्चिम बंगाल की माही बोस्मिया फिलीपींस के मनीला में होने वाली एशियन डार्ट्स चैंपियनशिप-2024 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह पहली बार है जब किसी महिला खिलाड़ी ने क्वालीफायर टूर्नामेंट में सभी शीर्ष रैंक वाले पुरुष खिलाड़ियों को हराकर यह उपलब्धि हासिल की है। देश भर से पुरुषों और महिलाओं सहित कुल 26 खिलाड़ियों ने दो दिवसीय क्वालीफायर टूर्नामेंट में भाग लिया। सूरत टेनिस क्लब, सूरत, गुजरात। 16 में से 16 ने फाइनल राउंड में प्रवेश किया। फाइनल में माही ने जीत हासिल की है ।एशियाई चैम्पियनशिप 17 से 20 अक्टूबर तक मनीला में आयोजित की जाएगी। यहां उल्लेखनीय है कि इस टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं के लिए कोई अलग-अलग श्रेणी नहीं है। डॉ वसुंधरा मिश्र ने बताया कि इस साल फरवरी में आयोजित डच ओपन डार्ट्स टूर्नामेंट में शीर्ष 16 में पहुंचकर माही बोस्मिया ने सर्वोच्च रैंक वाले आमंत्रण डार्ट्स टूर्नामेंट वर्ल्ड मास्टर्स के लिए खेलने के लिए भी अर्हता प्राप्त कर ली है, जो 9 से 13 अक्टूबर 2024 तक बुडापेस्ट, हंगरी में खेला जाना है। वह इस टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र महिला हैं।
महिला इकाई वाजा इंडिया ने महिलाओं की सुरक्षा विषय पर की चर्चा
कोलकाता । राइटर्स एंड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन महिला इकाई कोलकाता की ओर से क्या महिलाएं सुरक्षित हैं? विषय पर चर्चा की गई ।नयी पीढ़ी पत्रिका और वाजा इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव और संस्थापक प्रधान संपादक शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी के सानिध्य में कोलकाता महिला इकाई की सदस्याओं ने आर जी कर की ट्रेनी महिला डाक्टर का निर्ममता से बलात्कार और फिर जघन्य हत्या पर अपने अपने विचारों और अनुभूतियों के द्वारा व्यक्त किया गया।कोलकाता वाजा इकाई के अध्यक्ष छपते छपते हिंदी दैनिक और ताजा टीवी के डायरेक्टर वरिष्ठ संपादक विश्वंभर नेवर ने कहा कि आरजी कर अस्पताल में हुई ट्रेनी महिला डाक्टर का कार्य स्थल पर सामूहिक बलात्कार और उसकी जघन्य तरीके से की गई हत्या बंगाल ही नहीं पूरे देश के लिए शर्मनाक घटना है। स्त्री पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं यदि समाज में ऐसी मानसिक विकृतियां पनप रही हैं तो वह समाज पतन की ओर है। नेवर जी ने कहा कि महिलाएं अभी भी सुरक्षित नहीं है और देश के परिपेक्ष में उन्होंने बताया कि जमींदारी मानसिकता और महिला को वस्तु के रूप में समझा जा रहा है और उसे राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है पार्टी कोई भी हो, अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है और सत्ता का विकेंद्रीकरण होना आवश्यक है चाहे वह आर्थिक , सामाजिक हो या फिर राजनीतिक हो।
लिटिल थेस्पियन और पश्चिम बंगाल हिंदी अकादमी की प्रमुख नाट्यकार उमा झुनझुनवाला ने स्त्रियों की वर्तमान दशा और दिशा पर महत्वपूर्ण विचार रखे ।एक महिला के संघर्षों की कथा उसकी देह से शुरु होती है, उसकी शिक्षा उसके सपने अस्तित्व वहां कमजोर पड़ जाते हैं। रोज बलात्कार की घटनाएं सुनने को मिलती हैं मोमबत्ती जलाई जाती है और वहां उम्र का कोई प्रश्न नहीं उठता है । 6 महीने के बच्चे से लेकर सत्तर साल में क्या खोज रहे हैं।छह महीने के बच्चे को हम क्या नसीहत देंगें ।स्त्रियों को घर से सीखना होगा। लड़की को बोलना सीखना होगा और मां पिता को उनको समझना होगा। लड़के को घर से शिक्षित करना होगा।
शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी ने सभी वक्ताओं का स्वागत किया। वाजा की सभी महिला पदाधिकारियों, सदस्याओं, सदस्यों, छात्र-छात्राओं ने इस जघन्य अपराध की भर्त्सना करते हुए अपने विचारों को व्यक्त कर विरोध व्यक्त किया। वाजा की उपाध्यक्ष डॉ मंजूरानी गुप्ता ने अपनी रचना अपनी बेटी बचाओ सुनाकर डॉ महिला को भावांजलि दी।
महासचिव डॉ सुषमा हंस ने कविता ने वर्तमान घटना पर अपनी बात कहते हुए लेडी डॉक्टर बेटी के घर्षण पर अफसोस व्यक्त करते हुए अनेक प्रश्न कविता सुनाई। बंगाल के हिंदी अखबार की प्रथम महिला संपादक और वाजा की उपाध्यक्ष सुषमा त्रिपाठी कनुप्रिया ने कविता बदलना है अगर और तुम्हारी संपत्ति नहीं कविता सुना कर अपनी बात व्यक्त कर अपना क्षोभ प्रकट किया।
उषा श्राफ ने अपने अपने आलेख में ज्वलंत मुद्दा और घिनौने वारदात पर प्रश्न उठाया और उन्होंने यह कहा की स्त्री कैसे जाने की कौन रक्षक है और कौन भक्षक। उसे सबल बनाना और लड़ना सीखाना होगा। कविता कोठारी ने लैंगिक समानता और नैतिकता पर जोर डालते हुए कविता पुनर्निर्माण सुनाई।
सदस्याओं में रेखा ड्रोलिया ने कहा कि अभी भी आधी आबादी असुरक्षित महसूस कर रही है।वह तो कोख में ही मार दी जाती रही है तो बाहर कहां सुरक्षित है नारी। कविता क्या अब भी तुम न बोलोगी और अपने लिए खड़े होओ सुनाई। दिशेरा टाइम्स की संपादक रीमा पांडेय ने गजल सुना कर स्त्री की सुरक्षा के प्रश्न उठाए।आकाशवाणी की आर जे सबिता पोद्दार ने विश्व के अनेक देशों में महिलाओं पर हो रहे व्यभिचार पर प्रश्न चिन्ह उठाते हुए वेशभूषा चाल चलन और लड़कियों के जुर्म पर आतंकवाद को समाप्त करने पर जोर दिया। रिमझिम झा, सुनीता सिंह, संगीता श्राफ ने अपने विचार रखे।इस अवसर पर अतिथियों में दुर्गा व्यास, वंदना सिंह आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। वाजा लेडिज विंग कोलकाता की अध्यक्ष डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम का संयोजन और संचालन किया।धन्यवाद ज्ञापन दिया शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी ने।
टर्निटिन साहित्यिक साफ्टवेयर द्वारा भवानीपुर कॉलेज के संकाय सदस्यों को मिला ऑन-साइट प्रशिक्षण
पूर्वजों को दिया शब्दों का तर्पण
कोलकाता । अर्चना संस्था की ओर से आयोजित गोष्ठी में अर्चना के सदस्यों ने संस्था के संस्थापक पूर्वज सदस्यों साहित्य महोपाध्याय नथमल केडिया, महाकवि गुलाब खंडेलवाल, साहित्यकार डॉ वासुदेव पोद्दार, कवि श्यामसुंदर बगड़िया और दिवंगत रचनाकारों को शब्दों के द्वारा तर्पण अर्चना दी जो संभवतः पहला प्रयास किया गया। निशा कोठारी ने ये जीवन क्षण भंगुर है क्यूँ इसमे खोये हो *सासों की ये माला कब टूटे, क्यूँ सोये हो और उषा श्राफ ने आनंद लोके मंगला लोके विराजे सत्य सुंदरम सुना कर जीवन के दर्शन को रेखांकित किया।
संजु कोठारी ने राजस्थानी लोक गीत बिणजारी ए हँस हंँस बोल मीठी मीठी बोल बात्यां थारी रह ज्यासी।सुना कर सबका मन मोह लिया। सुशीला चनानी ने स्वरचित भजन जीवन तेरा बीता जाये रे! सांसों का घट हर पल हर छिन, रीता जाये रे !,सुनाया। और इंदू चांडक ने मुझसे रीझे न वो भक्त वत्सल प्रभो तो मेरी साधना में कमी रह गई कैसे कह दूँ है उनकी कृपा में कमी खुद मेरी अर्चना में कमी रह गई ईश्वर को समर्पित भावपूर्ण गीत सुनाया, शशि कंकानी ने ज़िन्दगी, कुछ पल रुको संग मेरे गायें कोई प्रीत का गाना जिसे याद रखें जमाना फिर चाहो तो चली जाना सुना कर जिंदगी को रोकने का आग्रह किया और चंद्रकांता सुराणा ने लोकप्रिय गीत इतनी शक्ति हमें देना दाता सुनाया। वहीं उनकी नानी सा कवयित्री मृदुला कोठारी ने हमें प्रेम का सुधा रस गुरूवर जरा पिला दो जीवन पड़ा है मूर्छित हमें चाक पर चढ़ा दो सुनाकर गुरु की वंदना की और कार्यक्रम का संचालन भी किया ।बहे गुरु ज्ञान रसधार मनवा गट गट पी चल जनम मरण तू सुधार मनवा गट गट पी संगीता चौधरी ने गीत की प्रस्तुति दी। डॉ वसुंधरा मिश्र ने बताया कि शब्दों का तर्पण करना सृजनात्मकता का आह्वान है और अपना गीत वसंत आया सबने देखा पतझड़ रोया किसने देखा सुनाया। भारत में मृत्यु को भी उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पितर पक्ष में सभी पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
इनड्राइव ने कोलकाता में शुरू किया ड्राइविंग नारी प्रोग्राम
कोलकाता । इनड्राइव ईवी वाहनों के साथ ड्राइविंग करियर में पहुंच की सुविधा देकर महिलाओं को बनाएगा सशक्त रक्षक फाउंडेशन कोलकाता के सहयोग से ग्लोबल मोबिलिटी और अर्बन सर्विसेज प्लेटफ़ॉर्म इनड्राइव ने चंडीगढ़ में ड्राइविंगनारी कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, ताकि महिलाओं को करियर के रूप में ड्राइविंग के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया जा सके। यह कार्यक्रम वंचित महिलाओं को प्रोफेशनल ड्राइवर बनने के लिए सशक्त बनाएगा और उन्हें ‘लाइवलीहूड्स विथ डिग्निटी’ तक पहुँच प्रदान करेगा।
इनड्राइव के एपीएसी कम्युनिकेशन लीड, पवित नंदा आनंद ने कहा, “इनड्राइव का ड्राइविंग नारी कार्यक्रम जीवन बदल रहा है। हम महिलाओं को प्रोफेशनल ड्राइवर बनने के लिए सशक्त बना रहे हैं। यह पहल उन्हें स्वतंत्र और आत्मविश्वासी व्यक्तियों बनने और अपने जीवन का भार लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी। हम कोलकाता में अपने ड्राइविंग नारी पहल के तहत सभी ड्राइवरों को जीपीएस सक्षम ईवी स्कूटी प्रदान कर रहे हैं। हम इस कैम्पेन को भारत के विभिन्न शहरों में दोहराएंगे। यह कई बॉक्स को टिक करेगा, महिलाओं का सशक्तीकरण, महिलाओं को श्रम शक्ति में शामिल करना, महिलाओं के लिए एक सुरक्षित गतिशीलता विकल्प प्रदान करना, एक स्वच्छ वातावरण में योगदान देना और महिला क्या काम कर सकती है या नहीं कर सकती है के बारे में लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ना।”
इनड्राइव के साउथ एशिया के जीटीएम मैनेजर अविक करमाकर ने कहा, “ड्राइविंग नारी एक इनड्राइव की ऐसी पहल है जो महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम करती है, उन्हें पहियों के पीछे अपनी वास्तविक क्षमता को खोजने के लिए सीमाओं को तोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह बदलाव लाने के बारे में है। महिलाओं को ड्राइविंग को एक कैरियर के रूप में अपनाने के लिए सशक्त बनाकर, इनड्राइव न केवल राइड हैलिंग लैंडस्कैप को फिर से परिभाषित कर रहा है, बल्कि भविष्य के लिए भी मार्ग प्रशस्त कर रहा है जहां सड़क पर लैंगिक समानता सबसे अधिक है, साथ ही यह सुनिश्चित करना कि उनके जीवन को ऊपर उठाया जाए और वे अपनी आजीविका कमाने में सक्षम हो जाएं। इनड्राइव के कंट्री मैनेजर, भारत, प्रतीप मजुमदार ने कहा, “महिलाएं अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। इसमें ड्राइविंग भी शामिल है, जहां पहले से कहीं अधिक महिलाएं अपने स्वयं के वाहन चलाने या ड्राइविंग में करियर बनाने का विकल्प चुन रही हैं। इनड्राइव का “ड्राइविंग नारी” भारत में लिंग-उत्तरदायी दोपहिया बेड़े के इलेक्टरिफिकेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोलकाता में 15 महिलाएं हमारे “ड्राइविंग नारी” कैम्पेन का हिस्सा हैं। हमारा समाज अधिक प्रगतिशील होता जा रहा है और महिलाओं को पारंपरिक रूप से लिंग-विशिष्ट भूमिकाओं, जैसे ड्राइविंग में स्वीकार कर रहा है। इससे पुराने रूढ़ियों को दूर करने और महिला ड्राइवरों के लिए अधिक सहायक वातावरण बनाने में मदद मिली है। “देश में महिलाओं का विकास प्रगति का प्रतीक है और एक समावेशी और उज्जवल भविष्य की ओर एक कदम है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएं वाहन चलाती हैं, वे केवल सड़कों पर नेविगेट नहीं कर रही हैं; वे एक उज्जवल, अधिक समान भारत की ओर बढ़ रही हैं।”
रक्षक फाउंडेशन की ट्रस्टी चैताली दास ने कहा, “हम इनड्राइव के साथ ‘ड्राइविंग नारी’ पहल के लिए साझेदारी कर बेहद खुश हैं। inDrive द्वारा हमारे उम्मीदवारों को ईवी स्कूटी उपलब्ध कराना न केवल रक्षक फाउंडेशन द्वारा समर्थित महिलाओं को सशक्त बनाता है, बल्कि एक स्वच्छ और हरित परिवहन को भी बढ़ावा देता है। यह सहयोग हमारे मिशन की दिशा में एक कदम है, जो वंचित महिलाओं को ऊपर उठाने और उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करने में सहायक है। अभिनेता और इनड्राइव ब्रांड एंबेसडर विक्रांत मैसी ने कहा, “इनड्राइव द्वारा चलाया जा रहा ‘ड्राइविंग नारी’ कैम्पेन, कंपनी की अन्याय को चुनौती देने और समाज के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रति समर्पण का प्रमाण है। मैं इस पहल का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं और ऐसे पीपल ड्रिवन ऑर्गेनाईजेशन के साथ जुड़े होने पर गर्व महसूस करता हूं।” इनड्राइव लोगों को सशक्त बनाकर समाज में बदलाव ला रहा है। 2030 तक दुनिया को एक अरब लोगों के लिए एक बेहतर जगह बनाने के लिए अन्याय को चुनौती देने के मिशन के साथ, इनड्राइव द्वारा ड्राइविंग नारी भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने की एक पहल है। इस पहल के लिए इनड्राइव सभी ड्राइविंग नारी उम्मीदवारों को नीचे दी गई सभी सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान करेगा: ड्राइविंग ट्रेनिंग, ड्राइवर लाइसेंस, वाहन के लिए वार्षिक रखरखाव शुल्क, इनड्राइव के साथ ड्राइवर के रूप में पंजीकरण करें, इनड्राइव से कोई सेवा शुल्क नहीं ताकि उम्मीदवार अधिक पैसा कमा सकें, ईवी स्कूटी, स्मार्टफ़ोन, सवारी लेने और पैसे कमाने के लिए इनड्राइव का उपयोग करने के तरीके पर विशेष प्रशिक्षण ।
हालाँकि, जब ड्राइविंग को करियर के रूप में अपनाने की बात आती है, तो महिलाओं को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा संबंधी चिंताएँ विशेष रूप से कुछ महिलाओं को गिग इकॉनमी में प्रवेश करने से हतोत्साहित करती हैं। इससे निपटने के लिए, इनड्राइव उम्मीदवारों को इनड्राइव के साथ सुरक्षित ड्राइव के लिए मदद करेगा, ड्राइविंग नारी उम्मीदवारों को नीचे दिए गए सभी लाभ प्रदान करके: 24*7 विशेष हेल्पलाइन नंबर, जीपीएस इनेबल्ड ईवी स्कूटी, मेडिकल बीमा, एडवान्स्ड सेल्फ डिफेन्स ट्रेनिंग, यातायात पुलिस द्वारा विशेष सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, मेडिकल किट, सवार और पीछे बैठने वाले के लिए हेलमेट
इनड्राइव की यह पहल महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता, लचीलापन और अपने काम में सम्मान हासिल करने में मदद करेगी, जिससे एक सुरक्षित और अधिक समावेशी शहर का निर्माण होगा।




