Saturday, April 11, 2026
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चारा घोटाले का भंडाफोड़ करने वाले अमित खरे नए सूचना प्रसारण सचिव

नयी दिल्ली : बिहार के चर्चित चारा घोटाले का पर्दाफाश करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अमित खरे को नया सूचना प्रसारण सचिव बनाया गया है। केंद्र सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों के विभागों में बड़े स्तर का फेरबदल करते हुए अनूप वधावन को भी वाणिज्य सचिव की जिम्मेदारी दी है। वहीं दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्य सचिव एम. एम. कुट्टी को पेट्रोलियम सचिव बनाया गया है।कार्मिक मंत्रालय के आज जारी आदेश के अनुसार कुल 24 शीर्ष आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। रीना रे को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव बनाया गया है। रीना, अनिल स्वरुप का स्थान लेंगी। वह अभी इसी विभाग में विशेष सचिव हैं। स्वरुप 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्ष 1985 बैच के आईएएस खरे अभी अपने कैडर राज्य झारखंड में कार्यरत हैं। वह 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे सूचना प्रसारण सचिव एन. के. सिन्हा का स्थान लेंगे। उन्होंने जून 1996 में चारा घोटाले का भंडाफोड़ किया था जिसकी आंच तब के बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तक भी पहुंची थी। उस समय वह चायबासा (अब झारखंड) के उपायुक्त थे। वधावन अभी वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव हैं और उन्हें इसी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी बनाया गया था। वह वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया का स्थान लेंगे जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रही हैं। कुट्टी अभी आर्थिक मामलों के विभाग में विशेष सचिव हैं और वह 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे के. डी. त्रिपाठी से पेट्रोलियम सचिव का पदभार लेंगे। कुट्टी दिल्ली के मुख्य सचिव बनने से पहले तब की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के प्रधान सचिव थे। गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी अतनु चक्रवर्ती निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव होंगे। वह इस समय हाइड्रोकार्बन महानिदेशक हैं। विनय कुमार को इस्पात सचिव बनाया गया है। वह 31 अगस्त को अरुणा शर्मा का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह पद संभालेंगे। कुमार को मंत्रालय में ही विशेष कार्य अधिकारी बनाया गया था। उनके पास 31 जुलाई तक वाणिज्य विभाग और लॉजिस्टिक के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। केंद्रीय सतर्कता आयोग की सचिव नीलम साहनी अब सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग की सचिव होंगी। पुष्पा सुब्रहमण्यम, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में नयी सचिव होंगी।
मध्यप्रदेश कैडर में कार्यरत दीपक खांडेकर को आदिवासी मामलों के मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। भारत के महापंजीयक शैलेष को राजभाषा विभाग का सचिव बनाया गया है। हालांकि उनके पास महापंजीयक का अतिरिक्त पदभार बना रहेगा। हीरा लाल समारिया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव होंगे। इसके अलावा इस हालिया फेर बदल में केंद्र सरकार ने 14 आईएएस अधिकारियों के पद को अस्थायी तौर पर पदोन्नत कर दिया है। जी.सी. मुर्मू राजस्व विभाग में विशेष सचिव, रविंद्र पंवर गृह मंत्रालय में विशेष सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, सरस्वती प्रसाद इस्पात मंत्रालय में विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार, सुमित जेरथ विदेश मंत्रालय में विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार होंगे। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन. बृजेंद्र कुमार को सचिव का रैंक और पारिश्रमिक दिया गया है।

कस्टम ब्रोकर लाइसेंस के लिये आधार, पैन अनिवार्य: कर विभाग

नयी दिल्ली : राजस्व विभाग ने ‘कस्टम ब्रोकर’ लाइसेंस के लिये विशिष्ट पहचान संख्या आधार और पैन अनिवार्य कर दिया है। ‘कस्टम ब्रोकर’ वह व्यक्ति है जिसके पास आयातक/निर्यातक की तरफ से किसी भी सीमा शुल्क स्टेशन पर माल या वस्तुओं के प्रवेश या उसे भेजने के संदर्भ में व्यापार संबंधित लेन-देन के लिये बतौर एजेंट के रूप में काम करने का लाइसेंस होता है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) द्वारा हाल में अधिसूचित कस्टम ब्रोकर्स लाइसेंसिंग नियमन 2018 के अनुसार जो आवेदनकर्ता ‘कस्टम ब्रोकर’ के लिये लाइसेंस चाहता है, उसके पास आधार के साथ पैन कार्ड होना चाहिए। नियमन के तहत निष्पादन प्रबंधन महानिदेशालय ‘कस्टम ब्रोकर’ के रूप में काम करने के लिये हर साल अप्रैल महीने में परीक्षा आयोजित करने तथा उसके बाद लाइसेंस देने को लेकर आवेदन मंगाता है। ‘कस्टम ब्रोकर’ के लिये जारी लाइसेंस 10 साल के लिये वैध होता है। नियमन में यह भी कहा गया है कि ‘कस्टम ब्रोकर’ उन्हीं लोगों को नियुक्त किया जाना चाहिए जो कम-से-कम 12वीं पास हो।

ब्रिटेन के शाही विवाह समारोह को 190 करोड़ लोगों ने देखा: रिपोर्ट

लंदन : विंडसर कैसल के ऐतिहासिक सेंट जॉर्ज चैपल में प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल के शाही शादी समारोह को दुनिया भर के लगभग 190 करोड़ लोगों ने टेलीविजन पर देखा। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। चैपल में ब्रिटेन की महारानी समेत 600 अतिथियों की उपस्थिति में 33 वर्षीय प्रिंस हैरी और 36 वर्षीय मेगन विवाह बंधन में बंध गए। ‘ डेली एक्सप्रेस ’ के मुताबिक , ‘‘ मेगन और प्रिंस हैरी कैंटबरी के आर्चबिशप जस्टिन वेल्बी के सामने परिणय सूत्र में बंध गए और साथ निभाने का वचन लिया।

शादी में प्रियंका चोपड़ा भी पहुँचीं

दुनिया भर के करीब 190 करोड़ लोगों ने टेलीविजन पर इस शादी समारोह को देखा। ’’ जब ससेक्स के नये ड्यूक और डचेस खुली बग्घी एस्कॉट लैंडो में सवार होकर बाहर निकले , तो लगभग एक लाख लोग उन्हें देखने के लिए घर से बाहर निकले । शादी समारोह के समापन के बाद राजघराने ने ट्वीट किया , ‘‘ विंडसर में आने वाले हरेक व्यक्ति और पूरे ब्रिटेन , राष्ट्रमंडल और दुनिया भर के लोगों को आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। एक बार फिर नव – विवाहित दंपति व ससेक्स के ड्यूक और डचेस को बधाई।

भारत दुनिया का छठा सबसे धनी देश, कुल संपत्ति 8,230 अरब डॉलर: रिपोर्ट

नयी दिल्ली : एक रपट के अनुसार भारत 8,230 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ विश्व का छठा सबसे धनी देश है। अमेरिका इस मामले में शीर्ष पर है। इस रपट, ‘अफ्रएशिया बैंक वैश्विक संपत्ति पलायन समीक्षा’ के अनुसार इस सूची में अमेरिका 62,584 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद 24,803 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ चीन दूसरे और 19,522 अरब डॉलर के साथ जापान तीसरे स्थान पर है। बैंक की समीक्षा में किसी देश के हर व्यक्ति की कुल निजी संपत्ति को आधार माना गया है। शीर्ष 10 में शामिल अन्य देशों में ब्रिटेन की कुल संपत्ति 9,919 अरब डॉलर, जर्मनी की कुल संपत्ति 9,660 अरब डॉलर, ऑस्ट्रेलिया की कुल 6,142 अरब डॉलर, कनाडा की कुल संपत्ति 6,393 अरब डॉलर, फ्रांस की कुल संपत्ति 6,649 अरब डॉलर और इटली की कुल संपत्ति 4,276 अरब डॉलर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में संपत्ति सृजन के कारणों में उद्यमियों की काफी संख्या, अच्छी शिक्षा प्रणाली, सूचना प्रौद्योगिकी का शानदार परिदृश्य, कारोबारी प्रक्रिया कि आउटसोर्सिंग, रियल एस्टेट, हेलथकेयर और मीडिया क्षेत्र शामिल है। पिछले 10 वर्ष में इनकी संपत्ति में 200 गुना तेजी दर्ज की गयी है।
बैंक ने कहा कि आने वाले दशक में चीन की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होने वाली है। वर्ष 2027 तक चीन की संपत्ति बढ़कर 69,449 अरब डॉलर और अमेरिका की संपत्ति बढ़कर 75,101 अरब डॉलर हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार विश्व में अभी 1.52 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनकी संपत्ति 10 लाख डॉलर से अधिक है। एक करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति वाले लोगों की संख्या 5.84 लाख और एक अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति वाले लोगों की संख्या 2,252 है। रिपोर्ट के अनुसार 2027 तक भारत, ब्रिटेन और जर्मनी को पछाड़ विश्व का चौथा सबसे धनी देश बन जाएगा।

नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देंगी बस्तरिया बटालियन की मर्दानी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गुरिल्ला वार का जवाब अब उनकी मांद में घुसकर बस्तरिया बटालियन की मर्दानी देंगी। सीआरपीएफ की बस्तरिया बटालियन की पहली खेप में 189 महिला जवान फुलप्रूफ ट्रेनिंग के बाद नक्सल मोर्चे पर उतरने को तैयार हैं। पहले बैच के 543 जवानों की पासिंग आउट परेड 21 मई को अंबिकापुर में सीआरपीएफ कैंप में होगी।
सीआरपीएफ के आला अधिकारियों ने बताया कि ये जवान सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों के हैं। स्थानीय होने के कारण इन जवानों को नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले अबूझमाड़ की भौगोलिक स्थिति का पूरा ज्ञान है। ऐसे में स्थानीय लड़ाकों की जानकारी और सीआरपीएफ जवानों के जज्बे के सामंजस्य से नक्सलियों की कमर तोड़ने में सफलता मिलेगी। केंद्रीय गृहमंत्रालय की रिपोर्ट में बस्तर में सबसे ज्यादा नक्सली हमले सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में हो रहे हैं। बस्तरिया बटालियन के जवानों को भी इन्हीं तीनों जिलों में तैनात किया जाएगा। वर्ष 2017 में फोर्स और नक्सलियों के बीच 171 मुठभेड़ हुई, जिसमें 90 माओवादी मारे गए और 926 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नागा बटालियन की तर्ज पर बस्तरिया बटालियन बनाने का सुझाव दिया था, जिसे केंद्रीय गृहमंत्रालय ने मार्च 2016 में स्वीकार करते हुए भर्ती प्रकिया शुरू की थी। छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि स्थानीय युवाओं के फोर्स में आने से आदिवासियों के बीच एक बेहतर संदेश जाएगा और नक्सलवाद की ओर से उनका रुझान कम होगा। आदिवासियों को सरकार के साथ लाने में भी ये लड़ाके काम करेंगे, जिससे बस्तर में शांति आएगी। बस्तरिया बटालियन में 33 फीसदी युवतियों की भर्ती होगी। ये भर्ती केवल अनुसूचित जनजाति के लिए है। इनका वेतन सीआरपीएफ के जवानों के बराबर 30 से 35 हजार रुपये के बीच होगा। पहले पांच साल तक ये जवान बस्तर में ही सेवा देंगे। बाद में इनकी पोस्टिंग देश के अन्य हिस्सों में की जा सकती है। बस्तरिया बटालियन का नंबर 241 होगा।

सुशीला बनी ओरेगॉन में निर्वाचित होने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला

वाशिंगटन : भारतीय मूल की अमेरिकी कांग्रेस सांसद प्रमिला जयपाल की बहन को ओरेगॉन में मल्टनोमा काउंटी के बोर्ड ऑफ कमिश्नर्स का सदस्य चुना गया है। अमेरिकी राज्य में इस पद के लिये चयनित होने वाली वह पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गयी हैं। सुशीला जयपाल (55) ने 57 प्रतिशत मतों से मल्टनोमा काउंटी बोर्ड ऑफ कमिश्नर्स के डिस्ट्रिक्ट 2 सीट पर जीत दर्ज की। नतीजे घोषित होने के बाद प्रतिनिधि सभा की सदस्य प्रमिला जयपाल ने ट्वीट किया , ‘‘ मेरी बहन सुशीला जयपाल ओरेगॉन में निर्वाचित होने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गयी है !!! विविधता मायने रखती है। ’’ पूर्व कॉरपोरेट वकील और लंबे समय से समुदाय की कार्यकर्ता रहीं सुशीला ने कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर शैरोन मैक्सवेल और दो अन्य को शिकस्त दी। सुशीला ने मल्टनोमा काउंटी कमिश्नर लॉरेटा स्मिथ का स्थान लिया है। राजनीति में नयी आयीं सुशीला उत्तर और पूर्वोत्तर पोर्टलैंड कमिश्नर्स सीट का प्रतिनिधित्व करेंगी। अपनी बहन प्रमिला की तरह ही भारत में जन्मीं सुशीला 16 साल की उम्र में अमेरिका आयी थीं। वर्ष 1983 में 20 साल की उम्र में उन्होंने स्वार्थमोर कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री ली। अपने माता पिता से मिलने के लिये वह बराबर भारत आती – जाती रहती हैं।

रित्विक घटक की पत्नी सुरमा घटक नहीं रहीं

कोलकाता ;महान फिल्मकार रित्विक घटक की पत्नी सुरमा घटक का लंबी बीमारी के बाद यहां के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। वह 91 साल की थीं और पिछले कुछ सालों से वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियां से जूझ रही थीं।

उन्हें दस दिन पहले सरकारी एम आर बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह कुछ दिनों से सघन चिकित्सा कक्ष में थीं।

परिवार के अनुसार उन्होंने अस्पताल में रात करीब साढ़े बारह बजे अंतिम सांस ली। उनके परिवार में बेटा रितबान है। उनकी दो बेटियां पहले ही गुजर चुकी हैं। सुरमा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया , ‘‘ महान फिल्मकार रित्विक घटक की पत्नी सुरमा घटक के निधन पर गहरा दुख हुआ। शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ’’

मौटे तौर पर रित्विक घटक के जीवन पर आधारित फिल्म बनाने वाले निर्देशक कमलेश्वर मुखोपाध्याय ने कहा , ‘‘ सुरमा घटक का जीवन संघर्षों वाला जीवन था। उनके बंगाली संस्मरण , जो पहले प्रकाशित हुए थे , फिल्मी छात्रों को 60 और 70 के दशक के दौर ( जब घटक ने फिल्में बनायीं ) को जानने में काफी मददगार साबित होंगे। ’’

सुरमा अपने फिल्मकार पति रित्विक घटक के लिए समर्थन की मजबूत स्तंभ थी। ‘ मेघे ढाका तारा ’, ‘ सुबर्णरेखा ’ और ‘ अजांत्रिक ’ रित्विक की कुछ क्लासिकल फिल्में हैं। सुरमा के अंतिम संस्कार में उनके परिवार के सदस्य तथा कमलेश्वर मुखोपाध्याय समेत कुछ दोस्त मौजूद थे।

ट्रेन में अब महिलाओं की सुरक्षा के लिये लगेगा ‘पैनिक बटन’

लखनऊ : ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य परेशानियों के तुरंत समाधान के लिए रेल मंत्रालय नया कदम उठाने जा रहा है । अब ट्रेन के हर डिब्बे में एक ‘पैनिक बटन’ लगाया जायेगा जिसे संकट के समय में दबाने पर डिब्बे में ही उन्हें तत्काल मदद मुहैया कराई जायेगी ।

इसके अलावा, जिन ट्रेनों में महिलाओं के लिये विशेष कोच होते हैं उन्हें ट्रेन के अन्य डिब्बों के रंग से अलग रंग में पेंट करवाया जाएगा तथा उन्हें ट्रेन के बीच में लगाया जायेगा ।

गौरतलब है कि रेल मंत्रालय वर्ष 2018 को ‘वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष’ के रूप में मना रहा है । पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने ‘भाषा’ को बताया कि ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी तथा अन्य तरह की परेशानियां अक्सर होती हैं । इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन उनकी सुरक्षा के कदम उठा रहा है ताकि ट्रेनों में वे सुरक्षित सफर कर सकें। इसी कड़ी में पूर्वोत्तर रेलवे ट्रेनों में पैनिक बटन लगाने की योजना पर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पैनिक बटन दबाते ही ट्रेन के गार्ड को तुरंत पता चल जायेगा कि ट्रेन के किस डिब्बे में महिला परेशानी में है। गार्ड ट्रेन में मौजूद, एस्कॉर्ट करने वाले जवान और टीटीई को वाकी टाकी के जरिये सूचित करेगा। जवान तुरंत सभी डिब्बों में जाकर पता करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे ।

सीपीआरओ यादव ने बताया कि चूंकि वर्ष 2018 को भारतीय रेल ‘वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष’ के रूप में मना रही है इसलिये इस वर्ष महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिये रेलवे की कई नयी योजनाओं पर काम हो रहा है । महिला यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से आपात स्थिति में रनिंग स्टॉफ को चौकस करने के लिए पैनिक बटन प्रणाली शुरू करने की कवायद चल रही है ।

यादव ने बताया कि आपात स्थिति में महिला यात्री अलार्म चेन के पास लगे बटन को दबा सकती है। इसमें गार्ड के अलावा कोच के बाहर उपलब्ध फ्लैशर इकाइयों पर ऑडियो विजुअल संकेत भी मिलेगा। ट्रेन को एस्कॉर्ट करने वाली टीम भी तत्काल सतर्क हो जायेगी। संकेत के आधार पर टीम पीड़ित यात्री के पास तुरंत पहुंच जायेगी ।

उन्होंने बताया कि अभी तक ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं को आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर या एसएमएस का सहारा लेना पड़ता है या फिर चेन खींचनी पड़ती है। फिर पीड़ित तक पहुंचने में रनिंग स्टाफ को बहुत समय लग जाता है। ऐसे में अपराधी भागने में कामयाब हो जाते हैं लेकिन अब नई सुरक्षा प्रणाली से ऐसा नहीं होगा।

यादव कहते है कि रेल मंत्रालय की योजना महिलाओ के अलग कोच का रंग ट्रेन के अन्य डिब्बों से अलग रंग में पेंट करवाने की है । इससे अलग से पता चल जाएगा कि यह डिब्बे महिलाओं के हैं और इन डिब्बों को ट्रेन के बीचों बीच रखा जायेगा। ऐसे में किसी प्लेटफार्म पर ट्रेन रूकने पर आपात स्थिति में जरूरतमंद महिला तक तत्काल पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पैनिक बटन वाली योजना इसी साल चालू हो जाएगी।

बालिग महिला पति के साथ रह सकती है : अदालत

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने बालिग होने के मात्र चार दिन बाद विवाह करने वाली एक महिला को अपने पति के साथ रहने की इजाजत दे दी है और उसके अभिभावकों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि वह नाबालिग है और उसे जबर्दस्ती उनसे दूर ले जाया गया।

अदालत ने कहा कि चूंकि उसने अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह किया है और उसके साथ खुशी से रह रही है इसलिए उसके लिए निर्देश जारी करने की कोई जरूरत नहीं है। अदालत ने कहा कि अपने परिवार की इच्छा के विपरीत विवाह करने वाली महिला चूंकि 18 वर्ष की है इसलिए वह यह निर्णय करने के लिए स्वतंत्र है कि वह किससे विवाह करना चाहती है।

उसके अभिभावकों ने जहां दावा किया कि वह नाबालिग है और व्यक्ति उसे जबर्दस्ती ले गया , युवती ने कहा कि उसने बालिग होने के चार दिन बाद अपनी मर्जी से विवाह किया और वह अपने अभिभावकों के पास वापस नहीं लौटना चाहती।

युवती ने यह भी कहा कि उसे , उसके पति और उसके ससुराल वालों को सुरक्षा मुहैया करायी जाए क्योंकि उसे अपने अभिभावकों से खतरा है। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आई एस मेहता की एक पीठ ने दिल्ली पुलिस से कहा कि वह आकलन करे और उन्हें जैसी और जब सुरक्षा की जरूरत हो मुहैया कराये।

युवती की मां ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी और मांग की थी कि उसकी पुत्री को अदालत के समक्ष पेश किया जाए। युवती की मां ने आरोप लगाया था कि व्यक्ति उसे जबर्दस्ती ले गया है। यद्यपि पुलिस ने सूचित किया कि 2000 में जन्मी युवती 10 मार्च को बालिग हो गई और उसने 14 मार्च को विवाह कर लिया। उसने अपने अभिभावकों को 26 मार्च को जानकारी दी। स्कूल रिकार्ड के अनुसार वह 10 मार्च को 18 वर्ष की हो गई।

बिहार की मधुमिता शर्मा को गूगल ने दिया एक करोड़ आठ लाख का पैकेज

कभी-कभी माता-पिता की बात न मानना भी बड़े काम का रहता है। इसके पीछे माता-पिता की मंशा खराब नहीं होती बल्कि जमाने के रंग-ढंग देखते हुए अभिभावक अपनी संतान की भलाई के लिए कुछ ऐसी हिदायतें दे देते हैं, जिसकी अनसुनी कर जीवन में कोई ऐसी सफलता हाथ लग जाती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। जब बच्चे कोई ऐसी सफलता हासिल कर लेते हैं, तो फिर माता-पिता भी उनकी खुशी के जश्न में शामिल हो जाते हैं। ऐसा ही हुआ है पटना (बिहार) के खगौल क्षेत्र की रहने वाली गूगल गर्ल मधुमिता शर्मा के साथ। पच्चीस वर्षीय मधुमिता को गूगल ने एक करोड़ रुपए से अधिक के सालाना पैकेज पर नौकरी दी है।

मधुमिता ने गूगल के स्विट्ज़रलैंड स्थित ऑफिस में टेक्निकल सोल्युशन इंजीनियर की नौकरी ज्वॉइन भी कर ली है। इसके लिए उनको सात बार इंटरव्यू फेस करना पड़ा। ये इंटरव्यू अलग-अलग देशों से ऑनलाइन लिए गए। स्विट्जरलैंड से तीन इंटरव्यू हुए तो सिंगापुर से एक और सिडनी से दो। इसके अलावा एक इंटरव्यू बेंगलुरु में लिया गया। इसके लिए लगभग सात महीने तक उन्हें कठिन तैयारी करनी पड़ी। गूगल ज्वॉइन करने से पहले मधुमिता को अमेज़ॉन, माइक्रोसॉफ़्ट, मर्सिडीज़ जैसी कंपनियों से भी ऑफ़र मिले थे। अभी वह बेंगलुरु की एपीजी कंपनी में काम कर रही थीं।

इससे पहले बिहार के ही वात्सल्य सिंह को माइक्रोसॉफ़्ट में एक करोड़ 20 लाख रुपए सालाना का जॉब मिला था। उस समय वात्सल्य आईआईटी खड़गपुर में पढ़ रहे थे। मधुमिता कहती हैं कि गूगल में दुनिया भर के बड़े-बड़े इंजीनिरिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी से निकले छात्र ही सेलेक्ट होते हैं। उनका चुना जाना सुखद है। गौरतलब है कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्‍पल आदि कुछ ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जिनमें काम करने का हर इंजीनियर का सपना रहता है। मौका मिल जाए तो शायद कोई इन्‍हें छोड़ने का सपने में भी नहीं सोच सकता है।

एक वक्त में मधुमिता के पिता सुरेंद्र शर्मा उन्हें इंजीनियरिंग की शिक्षा नहीं दिलाना चाहते थे। उनका कहना था कि इंजीनियरिंग सेक्टर अब लड़कियों के लिए ठीक नहीं रह गया है। फिर उन्होंने देखा कि लड़कियां भी बड़ी संख्या में इस फील्ड में आ रही हैं। इसके बाद उन्होंने बेटी से कहा कि जाओ, तुम्हारी इच्छा है तो इंजीनियरिंग में ही एडमिशन ले लो। उसके बाद मधुमिता शर्मा ने जयपुर के आर्या कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी के 2010-2014 के बैच में कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन ले लिया।

मधुमिता बताती हैं कि जयपुर का आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनिरिंग को प्रसिद्ध कॉलेज संस्थान नहीं है, इसके बावजूद उन्हें गूगल में काम करने का अवसर मिला है। इससे पहले बारहवीं तक उन्होंने अपने गृह नगर पटना के वाल्मी स्थित डीएवी कॉलेज से पढ़ाई-लिखाई की थी। मैथ और फ़िजिक्स उनके सबसे पसंदीदा सब्जेक्ट रहे हैं। उनको बारहवीं में करीब 86 फीसदी अंक मिले थे। छात्र जीवन में वह डिबेट कंपीटीशंस में भी बढ़-चढ़ कर भाग लेती रही हैं। सुरेंद्र शर्मा सोनपुर (बिहार) में रेलवे सुरक्षा बल में सहायक सुरक्षा आयुक्त हैं। मधुमिता अपने तीन भाई-बहनों में मंझली हैं। बहन रश्मि इंदौर (म.प्र.) के अरविंदो मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। छोटे भाई हिमांशु शेखर बेंगलुरु के आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से मैकनिकल इंजीनियरिंग कर रहे हैं।

मधुमिता गूगल में इतने बड़े पैकेज पर नौकरी पाने के पीछे अपने माता-पिता और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। वैसे यह कामयाबी हासिल करने में मधुमिता की महेनत और लगन मुख्य बात रही है। मधुमिता बताती हैं कि बचपन से ही गूगल से जुड़ना उनका एक बड़ा सपना रहा है। वह जब कभी अपने इस तरह के भविष्य पर दोस्तों, सहेलियों के बीच कोई बात कहतीं तो उन्हें हल्के में लिया जाता था। उनकी सोच हमेशा सकारात्मक रही है, जिसका फल अब उन्हें मिल चुका है। अपने परिवार की वह पहली ऐसी शख्स हैं, जिन्हें विदेश में जॉब करने का अवसर मिला है।

वह इसी साल फरवरी में पहली बार अमरीका गई थीं। उनके पिता सुरेंद्र शर्मा भी कहते हैं कि बेटी का विदेश में इतना अच्छा जॉब करने जाना उनके घर-परिवार के लिए फक्र की बात है। पूर्व राष्ट्रपति ऐपीजे अब्दुल कलाम उसके सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत रहे हैं। वह हमेशा उनकी किताबें और बायोग्राफी पढ़ती रहती है। जब वह दिल्ली से फ्लाइट पकड़ने के लिए स्विट्जरलैंड को रवाना हुईं, इससे पहले पटना एयरपोर्ट पर उस वक्त उनके घर-परिवार के लोग भी मौजूद रहे।