कोलकाता : लोरेटो रेनबो होम्स ने मैक्स फैशन के साथ मिलकर कोलकाता के लोरेटो डे स्कूल, बाउबाजार में मिस रेनबो प्रतियोगिता २०१९ का आयोजन किया। मिस रेनबो प्रतियोगिता एक ऐसा मंच है जो लड़कियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने स्वयं के शहर में पहचान दिलाने की सुविधा देता है। इस प्रतियोगिता में प्रतिभाशाली युवा लड़कियों ने मैक्स प्री ऑटम संग्रह को पहनकर अपनी कला, प्रतिभा और दक्षता का प्रदर्शन किया। टॉलीवुड अभिनेता जीत, फैशन डिज़ाइनर अग्निमित्र पॉल, देबलीना दत्ता, ओइन्द्रिला दत्त इस अवसर पर उपस्थित थे। मिस रेनबो प्रतियोगिता लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ाने की एक पहल है, जिससे वे भी दूसरों की तरह कुछ कर सकती है साथ ही वे साबित करती है की इस दुनिया में सबसे अधिक अप्रभावित स्थानों में भी सौंदर्य पाया जा सकता है। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल शारीरिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रतिभागी की आंतरिक सुंदरता, उनकी प्रतिभा और उनके अस्तित्व को मजबूती प्रदान करना था। राजीब मुखर्जी, एवीपी पूर्व और मध्य भारत- मैक्स फैशन ने कहा, “हमें लोरेटो द्वारा आयोजित इस पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है।
‘कुली लाइन्स’ द्वारा प्रवीण कुमार झा ने इतिहास के वृत में छिद्र कर दिया है- यतीन्द्र मिश्र
नयी दिल्ली : गिरमिटियों के इतिहास पर आधारित युवा रचनाकार प्रवीण कुमार झा की पुस्तक ‘कुली लाइन्स’ पर एक संवाद का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, एनेक्स, हॉल नम्बर-1 में किया गया। ज्ञात हो कि अपने प्रकाशन के 75 दिनों के भीतर ही इस शोधपरक पुस्तक का दूसरा संस्करण आ चुका है। कार्यक्रम में पद्मश्री मालिनी अवस्थी जी अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता के तौर पर यतीन्द्र मिश्र जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वाणी प्रकाशन की प्रधान संपादक रश्मि भारद्वाज द्वारा किया गया। स्वागत भाषण से कार्यक्रम का औपचारिक आरम्भ करते हुए वाणी प्रकाशन की निदेशक अदिति माहेश्वरी जी ने वाणी प्रकाशन के समृद्ध इतिहास के बारे में बताते हुए युवा वाणी की परियोजना से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अरुण कमल, अनामिका, उदय प्रकाश, ममता कालिया से लेकर गीता श्री, प्रभात रंजन, वीरू सोनकर, सुशोभित, अभय मिश्र, प्रवीण झा, संजय सिंह और अणुशक्ति सिंह आदि प्रतिभाओं की पहली पुस्तक प्रकाशित कर वाणी प्रकाशन युवाओं, उनकी नई आवाज़ों और नये विचारों को प्रस्तुत करने का सशक्त मंच रहा है। रश्मि भारद्वाज के अनुसार युवा वाणी के अंतर्गत विश्व पुस्तक मेले-2020 में बहुत उल्लेखनीय पुस्तकें प्रकाशित की जाएंगी। रचनाकार प्रवीण कुमार झा के अनुसार वैसे तो कई लोगों ने गिरमिटियों का इतिहास लिखा है, और लिखा जा रहा है, लेकिन हिन्दी में पहली बार सभी द्वीपों के इतिहास को एक साथ रखने का प्रयास किया गया है। आगे बात करते हुए प्रवीण झा ने बताया कि गिरमिटिया अपनी छ: पीढ़ी के बाद भी अपने आपको भारतीय मानते हैं। शुरुआत में जो स्त्रियाँ गिरमिटिया मज़दूरों के रूप में बाहर गईं, उनके लिए उनकी मुक्ति प्रमुख थी, परंतु बाद में उन्होंने भी भारतीय संस्कृति को बचाने का प्रयास किया। यतीन्द्र मिश्र ने किताब के बारे में बोलते हुए कहा कि हर पन्ने में लेखक का मानस खुलता जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष मालिनी अवस्थी के मॉरीशस और फिजी में भारतीयता ज़्यादा दिखाई देती है। अगर आपको जानना है कि आप क्या थे तो आप सूरीनाम और त्रिनिडाड जाइये, जहाँ के गिरमिटिया लोगों के वंशजों ने भारतीयता के मूल रूप को समरक्षित रखा है। अंत में प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी जी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
प्रतिभा सिंह फिर चुनी गयीं वीरांगना की प्रदेश अध्यक्ष
कोलकाता : अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउंडेशन पश्चिम बंगाल की नयी कार्यकारिणी जल्द घोषित की जायेगी। लिलुआ में आयोजित एक बैठक में अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउंडेशन के मुख्य संरक्षक डॉ.एमएस सिंह मानस और अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री भारती सिंह ने विख्यात गायिका प्रतिभा सिंह को फिर वीरांगना की पश्चिम बंगाल इकाई का अध्यक्ष घोषित किया। समाजसेवी प्रतिमा सिंह पुनः संगठन की महासचिव बनायी गयीं। बैठक में ममता सिंह, पूजा सिंह, रीता राजेश सिंह, मीनू सिंह, सुमन सिंह, सुनीता सिंह, आशा सिंह, रीना सिंह, पूनम सिंह, किरण सिंह, रीता सिंह-सोदपुर, मीरा सिंह, सुलेखा सिंह, दीपमाला सिंह, संगीता सिंह, रेखा सिंह, ज्योति सिंह, इंदु सिंह, रीता सिंह-बालीगंज, विद्या सिंह, गिरिजा दारोगा सिंह, गिरिजा दुर्गादत्त सिंह, सुनीता विजय सिंह को संगठन का आजीवन सदस्यता प्रमाणपत्र वितरित किया गया।
मुक्ति की आकांक्षा का लेखन है प्रेमचंद का साहित्य-प्रो.अमरनाथ शर्मा
मिदनापुर : विद्यासागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से ‘प्रेमचंद की प्रासांगिकता’ विषय पर प्रेमचंद जयंती का आयोजन किया गया। इस मौके पर कलकत्ता विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. अमरनाथ शर्मा ने कहा कि प्रेमचंद की सबसे बड़ी देन है कि उन्होंने घीसू और माधव के जरिए समाज के यथार्थ को प्रस्तुत किया है। उनका लेखन मुक्ति की आकांक्षा का लेखन है। विद्यासागर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष (कला व वाणिज्य) प्रो. दामोदर मिश्र ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य व्यापक होने के कारण उनके साहित्य में प्रेम, क्षमा, ममत्व आदि सभी का समावेश है और इसलिए प्रेमचंद का साहित्य क्लासिक है। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मानव-जीवन की समग्रता का आख्यान है। प्रो. प्रमोद प्रसाद ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने लेखन से समाज को एक नई दृष्टि प्रदान की है। विभाग की ओर से प्रेमचंद केंद्रित ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सलोनी शर्मा, रूपेश कुमार यादव और गुलनार बानो दल को मिला। इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा में विनय प्रसाद, राजकुमार मिश्रा, राहुल गौड़, अभिलक्ष्य आनंद, श्रद्धा उपाध्याय और विनीता बेहरा आलेख पाठ किया। वहीं अनु तिवारी, मधु सिंह और रूक्सार परवीन ने स्वरचित कविताओं का पाठ किया। इस अवसर पर स्वागत गीत पंकज सिंह ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन रिया श्रीवास्तव ने किया। प्रो. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रो. श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि प्रेमचंद ने किसानों की समस्या का यथार्थ चित्रण अपने साहित्य में किया है और हाशिए के समाज को अपने लेखन का केंद्रीय विषय़ बनाया है।
राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, तीन तलाक बिल बना कानून
नयी दिल्ली : राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद में पारित तीन तलाक विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे अब यह एक कानून बन गया है। सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। पत्नी को तीन तलाक के जरिए छोड़ने वाले मुस्लिम पुरुष को तीन साल तक की सजा के प्रावधान वाले इस विधेयक को मंगलवार को पारित किया गया था। लोकसभा में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को पिछले सप्ताह पारित किया गया था, जिसके बाद राज्यसभा ने 84 के मुकाबले 99 मतों से इसे पारित कर दिया। राष्ट्रपति के इसे मंजूरी देने के बाद अब पत्नी को तीन तलाक देने वाले मुस्लिम पुरुष को तीन साल तक की सजा हो सकती है। वहीं पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि तीन तलाक विधेयक के विरोध ने ‘छद्म उदारवादियों का पर्दाफाश कर दिया है। साथ ही, उन्होंने महिलाओं के लिए न्याय की तुलना में ‘कट्टरपंथी’ वोट बैंक को ज्यादा प्राथमिकता देने को लेकर कांग्रेस पर भी प्रहार किया। जेटली ने एक ब्लॉग में कहा कि ‘उदारवादियों’ को मौखिक तलाक (तलाक ए बिद्दत) के तहत महिला के साथ हुए भेदभाव और अन्याय का विरोध करना चाहिए था। लेकिन इस मामले में विधेयक के पक्ष में कोई भी नहीं बोला, जबकि यह विधेयक अन्याय को समाप्त करेगा।
36 वर्षीय मैरी कॉम का गोल्डन पंच, प्रेसिडेंट्स कप के फाइनल में जीता स्वर्ण
लाबुआन बाजो : सुपर मॉम एमसी मैरीकॉम ने एक और स्वर्णिम पंच जड़ डाला। तीन बच्चों की मां 36 वर्षीय मैरीकॉम (51 किग्रा) इंडोनेशिया के लाबुआन बाजो में प्रेजिडेंट कप मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए चैंपियन बनीं।
मैरीकॉम के साथ ही फाइनल में पहुंचीं तीन अन्य महिला मुक्केबाजों मोनिका (48 किग्रा), जमुना बोरो (54 किग्रा) और सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) ने भी स्वर्ण पदक जीते। छह बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम ने फाइनल में एकतरफा मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की एप्रिल फ्रैंकस को 5-0 से पराजित किया। राज्यसभा की सदस्य मैरीकॉम का यह दो महीने में दूसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने मई में इंडिया ओपन में भी पीला तमगा जीता था। ओलंपिक क्वालिफिकेशन की अपनी उम्मीदों को गति देने के लिए उन्होंने मई में ही हुई एशियन चैंपियनशिप में भाग नहीं लिया था। सिमरनजीत ने हसनह हुसुतन को 5-0 से, जमुना ने इटली की गुलिया को 5-0 से और मोनिका ने इंडोनेशिया की इंडाग को पराजित किया।
निगाह ओलंपिक टिकट पर: पिछले साल रिकॉर्ड छठा विश्व खिताब जीतने वालीं मैरीकॉम की निगाह टोक्यो ओलंपिक के टिकट पर है। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता की हसरत ओलंपिक चैंपियन बनने की है। इसके लिए उनका अगला लक्ष्य रूस में सात से 21 सितंबर तक होने वाली विश्व चैंपियनशिप है।
दो वर्षों तक चंद्रमा की परिक्रमा लगा सकता है चंद्रयान-2
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए चंद्रयान-2 को लेकर अच्छी खबर है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के लिए 22 जुलाई को रवाना हुए चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के जीवनकाल को एक साल और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इससे पहले इसरो ने अनुमान लगाया था कि इस यान का ऑर्बिटर एक साल तक ही काम करेगा। लेकिन अब इसके दो साल तक काम करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इस मिशन से जुड़े कम से कम पांच अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ऑर्बिटर के जीवनकाल को एक साल और बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले इसरो चेयरमैन के सिवान ने कहा था कि ऑर्बिटर का जीवनकाल एक साल का है।
लॉन्च के वक्त 1697 किग्रा ईंधन
चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि, चंद्रयान-1 को ज्यादा समय तक काम करने के लिए बनाया गया था लेकिन पावर कन्वर्टर में समस्या आ गई। जिसके कारण उसका जीवनकाल कम हो गया। इसे चंद्रयान-2 में सही किया गया है। चंद्रयान-2 के पास एक साल से ज्यादा समय तक काम करने के लिए ईंधन है। बता दें लॉन्च के वक्त ऑर्बिटर में 1697 किग्रा ईंधन था। मिशन से जुड़े एक अन्य अधिकारी का कहना है कि अधिक अच्छे तरीके से लॉन्च होने के कारण 40 किलो ईंधन बच गया है।
कितना ईंधन जरूरी?
टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में एक अन्य वैज्ञानिक का कहना है, “अतिरिक्त ईंधन आपातकालीन स्थितियों के लिए दिया गया था। अब वर्तमान अनुमान के अनुसार हमारे पास आर्बिट में एक साल से ज्यादा समय तक काम करने के लिए ईंधन है।” ऑर्बिटर के पास कक्षा में सारे बदलाव के बाद अंत में 290.2 किग्रा ईंधन होना चाहिए। ताकि वह चंद्रमा के चक्कर लगा सके।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में निधन
हैदराबाद : कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में निधन हो गया। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी के निधन की खबर सुनकर हम दुखी हैं। उन्होंने 5 बार लोकसभा सांसद, 2 बार राज्यसभा सांसद और 4 बार विधायक के रूप में कार्य किया। हमें उम्मीद है कि उनके परिवार और दोस्तों को उनके दुःख के समय में ताकत मिलेगी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से बीमार थे और शनिवार को उनकी तबीयत खराब होने पर एउआईजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
जयपाल रेड्डी 77 वर्ष के थे और यूपीए सरकार के दौरान वे कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का कार्यभार संभाला था। जयपाल रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था। वह वर्ष 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल की सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री रह चुके हैं। जयपाल रेड्डी 1969 से 1984 के बीच आंध्र प्रदेश के कलवाकुर्ती से चार बार विधायक भी रह चुके हैं।
भारतीय वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा में खोजे 28 नए तारे
नैनीताल : आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वैज्ञानिकों ने यहां आकाशगंगा गैलेक्सी में 28 नए परिवर्तनशील तारे खोजे हैं। संस्थान के निदेशक वहाबउद्दीन ने नए परिवर्तनशील तारों के निष्कर्षों को दुर्लभ उपलब्धि बताया। इन तारों की चमक बदलती रहती है।
संस्थान के पूर्व निदेशक और अब यहां वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत अनिल पांडेय ने कहा कि यह पहली बार है कि ‘कोमा बेरेनाइसीस’ तारामंडल के गोल तारागुच्छ ‘एनजीसी 4147’ में इन तारों की पहचान हुई है। पांडेय ने कहा, संस्थान के वैज्ञानिकों की खोज गोल तारागुच्छ की संरचना के बारे में जानकारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि नए परिवर्तनशील तारों की खोज के अलावा, अध्ययन से ‘एनजीसी 4147’ की आंतरिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं। यह तारागुच्छ पृथ्वी से पहले जितना सोचा गया था, उससे ज्यादा पास स्थित है। पांडेय ने कहा कि डॉक्टर स्नेहलता और डॉक्टर एके पांडेय नीत संस्थान की अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने नैनीताल के पास 2016 में स्थापित 3.6 मीटर लंबी देवस्थल ऑप्टीकल दूरबीन की मदद से तारागुच्छ ‘एनजीसी 4147’ का फोटोमेट्रिक अवलोकन किया।
असम में सेना ने बचाई बाढ़ में फंसे 150 लोगों की जान, बिहार अब तक बेहाल
गुवाहाटी/पटना : सेना ने असम के नलबाड़ी जिले के एक गांव में अचानक आई बाढ़ में फंसे बच्चों और महिलाओं समेत करीब 150 लागों को मंगलवार रात सुरक्षित बाहर निकाला।
क्षेत्र में लगातार बारिश होने से पगलादिया नदी में जल का स्तर बढ़ गया जिसके बाद मंगलवार को नलबाड़ी के बलीतारा गांव में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ आने के बाद भारतीय सेना के एक उच्च प्रशिक्षित बाढ़ राहत दल ने गांव पहुंचकर मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान चलाया। सेना ने भारी बारिश के बीच बाढ़ में फंसे 60 महिलाओं और बच्चों समेत 150 लोगों को कड़ी मशक्कत कर क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने सेना के जवानों के इस प्रयास की बहुत सराहना की है। राज्य में बाढ़ से अब तक 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
बिहार में बाढ़ से 123 लोगों की मौत : बिहार के 12 जिलों में आई बाढ़ से अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 81 लाख 57 हजार 700 आबादी प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने बुधवार को बताया कि बिहार के 12 जिलों शिवहर, सीतामढी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया एवं कटिहार में बाढ़ से अब तक 123 लोगों की मौत हुई है जबकि 81 लाख 57 हजार 700 लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार में बाढ़ से मरने वाले 123 लोगों में सीतामढी के 37, मधुबनी के 30, अररिया के 12, शिवहर एवं दरभंगा के 10—10, पूर्णिया के 9, किशनगंज के 5, मुजफ्फरपुर के 4, सुपौल के 3, पूर्वी चंपारण के 2 और सहरसा का एक व्यक्ति शामिल है।




