Saturday, April 25, 2026
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सब लेफ्टिनेंट शिवांगी बनीं नौसेना की पहली महिला पायलट

कोच्चि : आज भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज नौसेना को उसकी पहली महिला पायलट मिल गई है। सब लेफ्टिनेंट शिवांगी ने भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बन गई हैं। कोच्चि में आज उन्होंने अपनी ऑपरेशन ट्रेनिंग पूरी कर ली है। वह आज से ही कोच्चि में ऑपरेशन ड्यूटी में शामिल हो जाएंगी। वह आज से फिक्स्ड विंग सर्विलांस डोर्नियर विमानों को उड़ाएंगी।

इस मौके पर भारतीय नौसेना की सब लेफ्टिनेंट शिवांगी ने कहा कि मैं बहुत लंबे समय से इसकी कोशिश कर रही थी और आखिरकार यहां तक पहुंचने में सफल रही, इसलिए यह एक शानदार अहसास है। मैं अपने प्रशिक्षण के तीसरे चरण को पूरा करने के लिए उत्सुक हूं।

 

शिवांगी ने रचा इतिहास

शिवांगी का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में हुआ है।शुरुआती प्रशिक्षण के बाद पिछले साल उन्हें भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। उन्हें इंडियन नेवल एकेडमी, एझिमाला में 27 एनओसी कोर्स के हिस्से के रूप में एसएससी (पायलट) के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।पिछले साल जून में वाइस एडमिरल एके चावला द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें नौसेना में कमीशन दिया गया था।

खबरों के मुताबिक, शिवांगी को पिछले साल जून में भारतीय नौसेना में कमीशन दिया गया था। उन्होंने वायु सेना अकादमी (AFA) डंडीगल में छह महीने तक कठोर प्रशिक्षण लिया, जहां उन्हें भारतीय वायु सेना (IAF) के पिलाटस पीसी -7 विमान का प्रशिक्षण दिया गया।

एक सूत्र के मुताबिक, नेवी की एविएशन शाखा में एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों के रूप में महिला अधिकारी और विमान में ‘पर्यवेक्षक’ के तौर पर महिलाएं तैनात हैं, जो संचार और हथियारों के लिए जिम्मेदार हैं।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने उन्हें ट्विटर पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘पंखों वाली महिला … सब लेफ्टिनेंट शिवांगी आज पहली नौसैनिक महिला पायलट बन गई, क्योंकि वह कोच्चि नौसेना बेस में शामिल हो गई। वह भारतीय नौसेना के डोर्नियर निगरानी विमान को उड़ाएगी। शिवांगी को बधाई। हमारे लिए गर्व की बात एक समझ होगी।’

अर्जुन से पहले सूर्य को मिला था गीता उपदेश, फिर ऋषियों द्वारा हम तक पहुँचा ये ज्ञान

भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, लेकिन श्रीकृष्ण और अर्जुन के अलावा भी गीता को कई बार बोला व सुना गया है। आमतौर पर हम सब यही जानते हैं कि कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। कुरुक्षेत्र का मैदान गीता की उत्पत्ति का स्थान है। कहा जाता है कलयुग की शुरुआत के 30 सालों पहले ही गीता का जन्म हुआ। इसलिए मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की एकादशी पर गीता जयंती मनाई जाती है। इस बार ये पर्व 8 दिसंबर रविवार को मनाया गया मगर गीता को लेकर कुछ ऐसी भी जानकारियाँ हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं –
जब श्रीकृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे थे तब उन्होंने ये भी कहा था कि ये उपदेश पहले वे सूर्यदेव को दे चुके हैं। तब अर्जुन ने आश्चर्य से कहा कि सूर्यदेव तो प्राचीन देवता हैं, आप उनको ये उपदेश पहले कैसे दे सकते हैं। तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि तुम्हारे और मेरे पहले बहुत से जन्म हो चुके हैं। तुम उन जन्मों के बारे में नहीं जानते, लेकिन मैं जानता हूं। इस तरह गीता का ज्ञान सर्वप्रथम अर्जुन को नहीं बल्कि सूर्यदेव को प्राप्त हुआ था।
जब भगवान श्रीकृष्ण कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे थे, उस समय संजय (धृतराष्ट्र के सारथी, जिन्हें महर्षि वेदव्यास ने दिव्य दृष्टि दी थी) अपनी दिव्य दृष्टि से वह सब देख रहे थे और उन्होंने गीता का उपदेश धृतराष्ट्र को सुनाया था।
जब महर्षि वेदव्यास ने मन ही मन महाभारत की रचना की तो बाद में उन्होंने सोच की इसे मैं अपने शिष्यों को कैसे पढ़ाऊं? महर्षि वेदव्यास के मन की बात जानकर स्वयं ब्रह्मा उनके पास आए। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें महाभारत ग्रंथ की रचना के बारे में बताया और कहा कि इस पृथ्वी पर इसे लिखने वाले कोई नहीं है। तब ब्रह्मदेव ने कहा कि आप इसके काम के लिए श्रीगणेश का आवाहन कीजिए। महर्षि वेदव्यास के कहने पर श्रीगणेश ने ही महाभारत ग्रंथ का लेखन किया। महर्षि वेदव्यास बोलते जाते थे और श्रीगणेश लिखते जाते थे। इसी समय महर्षि वेदव्यास ने श्रीगणेश को गीता का उपदेश दिया था।
जब भगवान श्रीगणेश ने महाभारत ग्रंथ का लेखन किया। उसके बाद महर्षि वेदव्यास ने अपने शिष्यों वैशम्पायन, जैमिनी, पैल आदि को महाभारत के गूढ़ रहस्य समझाए। इसी के अंतर्गत महर्षि वेदव्यास ने गीता का ज्ञान भी अपने शिष्यों को दिया।
पांडवों के वंशज राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की मृत्यु का बदला लेने के लिए सर्प यज्ञ किया था। इस यज्ञ के पूरे होने पर महर्षि वेदव्यास अपने शिष्यों के साथ राजा जनमेजय की सभा में गए। वहां राजा जनमेजय ने अपने पूर्वजों (पांडव व कौरवों) के बारे में महर्षि वेदव्यास से पूछा। तब महर्षि वेदव्यास के कहने पर उनके शिष्य वैशम्पायन ने राजा जनमेजय की सभा में संपूर्ण महाभारत सुनाई थी। इसी दौरान उन्होंने गीता का उपदेश भी वहां उपस्थित लोगों को दिया था।
लोमहर्षण के पुत्र उग्रश्रवा सूतवंश के श्रेष्ठ पौराणिक थे। एक बार जब वे नैमिषारण्य पहुंचे तो वहां कुलपति शौनक 12 वर्ष का सत्संग कर रहे थे। जब नैमिषारण्य के ऋषियों व शौनकजी ने उन्हें देखा तो उनसे कथाएं सुनाने का आग्रह किया। तब उग्रश्रवा ने कहा कि मैंने राजा जनमेजय के दरबार में ऋषि वैशम्पायन के मुख से महाभारत की विचित्र कथा सुनी है, वही मैं आप लोगों को सुनाता हूं। इस तरह ऋषि उग्रश्रवा ने शौनकजी के साथ-साथ नैमिषारण्य में उपस्थित तपस्वियों को महाभारत की कथा सुनाई। इसी दौरान उन्होंने गीता का उपदेश भी दिया था।

जियो यूजर्स को बड़ी राहत, वापस आए ₹149 और ₹98 वाले प्लान

नयी दिल्ली : रिलायंस जियो ने एक बार फिर प्रतियोगिता बढ़ा दी है। एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया द्वारा दूसरे नेटवर्क्स पर फ्री कॉलिंग किए जाने के जवाब में रिलायंस जियो ने अपने 98 रुपये और 149 रुपये वाले प्लान को फिर से उपलब्ध करा दिया है। कंपनियों द्वारा टैरिफ रिवाइज किए जाने के बाद यूजर्स के लिए डेटा तो महंगा हो ही गया था, लेकिन पहले मिलने वाली अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग पर लगाई गई FUP लिमिट ने यूजर्स को काफी निराश किया था।
यूजर्स की परेशानी को देखते हुए कंपनियां अब अपने प्लान्स में बदलाव करती दिख रही हैं। फिलहाल आइए जानते हैं कि रिलायंस जियो के 98 रुपये और 149 रुपये वाले प्लान में यूजर्स को क्या बेनिफिट्स दिए जा रहे हैं।
149 रुपये वाले प्लान में मिलने वाले फायदे
टैरिफ रिवाइज होने के बाद जियो के पोर्टफोलियो में डेली 1जीबी डेटा वाले प्लान खत्म हो गए थे। कई यूजर्स को इससे काफी परेशानी होने लगी थी। जियो ने यूजर्स की जरूरत को समझते हुए 149 रुपये वाले प्लान को फिर से उपलब्ध करा दिया है।
जियो का 149 रुपये वाला प्लान फिर से उपलब्ध
प्लान में यूजर्स को 24 दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 1जीबी डेटा ऑफर किया जा रहा है। यह प्लान डेली 100 फ्री एसएमएस के साथ आता है। प्लान को सब्सक्राइब कराने वाले यूजर्स को जियो-टू-जियो कॉलिंग फ्री मिलती है। वहीं, दूसरे नेटवर्क्स पर कॉल करने के लिए इसमें 300 FUP मिनट मिलते हैं। यूजर्स को इस प्लान के साथ रिलायंस जियो के ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन भी मिलता है।
98 रुपये वाले प्लान में मिलने वाले लाभ
98 रुपये के इस प्लान में 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है। प्लान में पूरे वैलिडिटी पीरियड के लिए कुल 2जीबी डेटा ऑफर किया जा रहा है। यह प्लान उन यूजर्स के लिए काफी काम का है जिन्हें कॉलिंग ज्यादा पसंद है। प्लान में जियो-टू-जियो कॉलिंग फ्री है।

आईआईटी-कानपुर ने बनायी फोल्डेबल सीढ़ी

ट्रेन की अपर बर्थ तक पहुँचना आसान होगा
कानपुर : आईआईटी-कानपुर की एक टीम ने भारतीय रेलवे की बोगी के लिए फोल्ड होने वाली सीढ़ी बनाई है। ये सीढ़ियां यात्रियों को आसानी से मिडिल और अपर बर्थ तक पहुंचने में मदद करेंगी। आईआईटी कानपुर से प्रोग्राम डिजाइनिंग में पीएचडी करने वाले कनिष्क बिस्वास ने बताया कि सीढ़ी में 3 फोल्डेबल स्टेप हैं जो लॉक और अनलॉक हो सकते हैं। सीढ़ियां कम जगह लें इसके लिए इन्हें आड़ा-तिरछा (जिग्जॉग स्टाइल) लगाया गया है।
सीढ़ी पर पैर रखने के लिए पहली और दूसरी बर्थ के बीच तीन पाए लगाए गए हैं। जबकि अपर बर्थ तक पहुंचने के लिए एक पाया दिया गया है। दावा है, सीढ़ी को रेलवे के अधिकारियों के पास ट्रायल के लिए भेजा है। ताकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी जा सकें। सीढ़ी का डिजाइन पेटेंट कराने के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है।
सीढ़ियां बनाने में इनकी भूमिका प्रमुख
सीढ़ी को तैयार करने वाली टीम में कनिष्क के अलावा पुष्पल डे, अर्थ साइंस विभाग की पीएचडी स्कॉलर ईशा रे, मैक्निकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर बिशाख भट्टाचार्य एवं सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ तरुण गुप्ता थे।

गूगल प्ले स्टोर पर महिला सुरक्षा के 200 से ज्यादा ऐप, उपयोगी महज 20 प्रतिशत

नयी दिल्ली : हैदराबाद में हुए दुष्कर्म के बाद इस बात पर भी खूब बहस हुई कि पीड़िता को पहले पुलिस को फोन लगाना चाहिए था या घर पर। स्मार्टफोन के इस दौर में किसी भी व्यक्ति के लिए तकनीक का इस्तेमाल बेहद आसान हो गया है। अलग-अलग तरह के ऐप्स इसमें महिलाओं की मदद कर सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर वुमन सेफ्टी के 200 से ज्यादा ऐप्लीकेशन्स मौजूद हैं। लेकिन इनमें 20 फीसदी ऐप ही ऐसे हैं जो बेहद उपयोगी हैं।
केन्द्र की इंटेलीजेंस जैसी कई एजेंसियों को सायबर क्राइम की ट्रेनिंग दे चुके और ओपन सिक्योरिटी अलायंस के फाउंडर मुंबई निवासी दिनेश ओबेरजा ने बताया कि वुमन सेफ्टी से संबंधित गूगल प्ले स्टोर पर दो प्रकार के एप हैं। एक में आपातकाल में सूचना सीधे पुलिस को मिलती है। दूसरे प्रकार के ऐप में घरवालों को जानकारी मिलती है।
हमने गूगल प्ले स्टोर के ऐप का विश्लेषण किया था तो करीब 20 फीसदी ऐप ऐसे हैं जिनमें सीधे सूचना पुलिस को जाती है। इन ऐप्स की रेटिंग भी चार या उससे ज्यादा है। करीब इतने ही ऐप के दूसरे फीचर्स में महिलाओं के लिए ज्यादा उपयोगी हैं। गुड़गांव की एक कंपनी में कॉर्पोरेट सायबर का काम देख रहे दीप शंकर बताते हैं कि जितने भी ऐप बनाए जाते हैं वो थर्ड पार्टी यानी किसी अन्य डेवलपर के माध्यम से बनाए जाते हैं। फिर किसी सरकारी विभाग को ये ऐप दिखाकर बेचते हैं।
वेबसाइट का तो सिक्योरिटी ऑडिट हो जाता है, लेकिन ऐप डेवलपर सिक्योरिटी ऑडिट कराना जरूरी नहीं समझते हैं इसलिए हमें रेटिंग आदि देखकर ऐप डाउनलोड करने चाहिए। प्ले स्टोर पर फेक ऐप्स भी होते हैं। ये सिर्फ यूजर का डाटा लेते हैं और दुरुपयोग करते हैं। ऐसे ऐप की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक है। आर्मी, नेवी समेत करीब एक दर्जन से ज्यादा राज्यों की पुलिस को सायबर क्राइम की ट्रेनिंग देने वाले राजस्थान के गौतम कुमावत बताते हैं कि यूजर को रेटिंग, डाउनलोड, रिव्यू, ऑफिस एड्रेस, डेवलपर आदि देखने के बाद ही ऐप को डाउनलोड करना चाहिए।
राजस्थान: एक लाख लोग चला रहे हैं ऐप
यहां महिला सुरक्षा के लिए राजकॉप ऐप है। इसे करीब एक लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। ऐप पर प्रतिमाह करीब 200 शिकायतें आती हैं। इसमें एसओएस बटन हाेता है। बटन को दबाने पर लोकेशन व संबंधित थाने की जानकारी कंट्रोल रूम के पास चली जाती है। कंट्रोल रूम से महज एक मिनट से भी कम समय में रिप्लाई कॉल आता है।
दिल्ली: चल रहे हैं दो ऐप, एक लाख यूजर्स
दिल्ली में महिला सुरक्षा के दो ऐप हैं। हिम्मत प्लस और तत्पर। हिम्मत प्लस ऐप में मोबाइल को ज़ोर से हिलाकर भी सूचना सीधे पुलिस कंट्रोल रूम में जाती है। तत्पर ऐप की शुरुआत उपराज्यपाल अनिल बैजल ने की थी। ऐप के जरिए 50 से ज्यादा सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। दोनों के एक लाख से ज्यादा यूजर्स हैं।
उत्तर प्रदेश : एक दर्जन ऐप शुरू हुए, अब सब बंद
यूपी में महिला अपराध को रोकने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर हेल्पलाइन और ऐप बनाए गए, लेकिन कोई भी ऐप सफल नहीं हो पाया। करीब एक दर्जन से ज्यादा मोबाइल ऐप सिर्फ़ ट्रायल तक शुरू हुए और बंद हो गए। महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1090 सक्रिय है।
इधर 5 गुना तक बढ़ी महिलाओं की सुरक्षा वाले उत्पाद की बिक्री
महिलाओं के पेपर स्प्रे, स्टन गन जैसे कई प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी एक्सबूम यूटिलिटी की बिजनेस डेवलपर स्नेहा जैन ने बताया कि पिछले दस माह तक हम हर माह औसतन दो हजार प्रोडक्ट बेच रहे थे। लेकिन पिछले दो हफ्तों में ही हमारे करीब 15 हजार प्रोडक्ट बिके। काेलकाता की मार्क सेफ्टी प्रोडक्ट्स कंपनी की फाउंडर पारुल राउतेला ने बताया कि औसतन हर माह 300 प्रोडक्ट बिकते हैं, लेकिन अब डेढ़ हफ्ते में ही करीब 450 प्रोडक्ट बिक गए। दिल्ली में बख्शी एरोसोल पेपर स्प्रे मैन्युफैक्चर का काम करते हैं। कंपनी में मैनेजिंग कमेटी के सदस्य गुरदीप सिंह ने बताया कि पहले प्रतिमाह औसतन 15 हजार पेपर स्प्रे बोतल का ऑर्डर आता था लेकिन अब ऑर्डर पाँच गुना बढ़ गए हैं।

पहला द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतने वाले भवानी मुखर्जी का निधन

चंडीगढ़ : टेबल टेनिस में पहला द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतने वाले कोच भवानी मुखर्जी का शुक्रवार को निधन हो गया। वे 68 साल के थे। उन्होंने चंडीगढ़ के पास जीरकपुर में अपने घर पर अंतिम सांस ली। वह लंबे वक्त से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे। वह भारतीय टीम के कोच रह चुके थे।
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के महासचिव एमपी सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा, वह (भवानी मुखर्जी) टेबल टेनिस के लिए जीवन भर समर्पित रहे। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।
भवानी मुखर्जी 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद भारतीय टीम के कोच बने थे। कोचिंग में डिप्लोमा लेने के बाद वह 70 के दशक में पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) से जुड़े थे। यहां वह मुख्य कोच थे। 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के बाद कुछ समय के लिए उन्होंने राष्ट्रीय टीम को भी कोचिंग दी थी। वे लंदन ओलिंपिक में भी भारतीय टेबल टेनिस टीम के साथ गए थे।

जापान और द. कोरिया की महिलाएं चला रही हैं ‘नो मैरिज वुमन’ अभियान

द. कोरिया में महिलाएं इस अभियान के तहत नो डेटिंग, नो सेक्स, नो मैरिज और नो चिल्ड्रन को प्रमुखता दे रही हैं

टोक्यो/सिओल : दक्षिण कोरिया और जापान में महिलाओं के शादी नहीं करने से आर्थिक संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, यहां महिलाओं के ऐसे कई समूह हैं जो शादी और मां बनने से परहेज कर रहे हैं। दोनों देश दुनिया के सबसे कम जन्म दर वाले देशों में शामिल हो गए हैं। इनमें जापान पहले और द. कोरिया आठवें पायदान पर आ गया है। कोरिया में तो महिलाएं बाकायदा ‘हैशटेग नो मैरिज वुमन’ अभियान चला रही हैं। इसके जरिए महिलाओं को 4 चीजों से बचने की सलाह दी जा रही है। इसमें नो डेटिंग, नो सेक्स, नो मैरिज और नो चिल्ड्रन शामिल हैं।
शादी के लिए पैसों का प्रोत्साहन
महिलाओं के शादी न करने की वजह से यहां कई मैरिज हॉल बंद हो गए हैं। यहाँ सरकार इस संकट से इतनी चिंतित है कि युवाओं को शादी के लिए प्रोत्साहित कर रही है और पैसा दे रही है। द. कोरिया में हालत कितने बिगड़ गए हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दशक पहले लगभग 47% महिलाएं मानती थी कि शादी जरूरी है। लेकिन पिछले साल यह आंकड़ा 22.4% तक गिर गया। यहाँ सरकार शादी करने और पिता बनने के लिए प्रोत्साहन योजना चला रही है। यहां के कई प्रांतों में तो सरकार महिलाओं से उनकी लंबाई, वजन, फोटो और बायोडाटा माँग रही है।
दक्षिण कोरिया में जनसंख्या का घटना श्रम शक्ति के लिए खतरा बन रहा है। सियोल में तो 20 फीसदी से ज्यादा मैरिज हॉल बंद हो गए हैं। सिओल के कई स्कूलों में पढ़ने के लिए बच्चों की कमी के कारण स्कूल तक बंद किए जा रहे हैं। सियोल की रहने वाली बोनी ली ने कहा- मैं अपनी खुशी खुद तय करूंगी। मैं एक सीधी-सादी महिला हूं, जिसे अब पुरुषों के साथ सम्बन्ध बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। ऐसा करने वाली मैं अकेली महिला नहीं हूँ। दक्षिण कोरिया में ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जो कठोर पितृसत्तात्मक मानदंडों को खारिज कर रही हैं।
जापान में महिलाओं से बच्चे पैदा करने को कहा जा रहा
जापान की आबादी तेजी से बुढ़ापे की तरफ बढ़ रही है। इसकी वजह से समाज और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर पड़ रहा है। कोरिया की ही तरह जापान के युवा भी शादी से इनकार कर रहे हैं। कम बच्चे और कम युवा आबादी देश के लिए संकट बनी हुई है। ये ही वजह है कि यहाँ महिलाओं को दूसरा बच्चा पैदा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है ताकि युवा जनसंख्या बढ़ा सकें। साथ ही देश की जन्म दर भी बढ़ सके।

बदला पैटर्न, अब शीर्ष एनआईटी के लिए लाने होंगे 150 से अधिक अंक

जेईई-मेन-1 के लिए 9 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने करवाया है रजिस्ट्रेशन 
दो एग्जाम का नॉर्मेलाइजेशन करके निकाली जाएगी रैंक

नयी दिल्ली : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी शुक्रवार को जेईई मेन के एडमिट कार्ड जारी कर देगी। एग्जाम 6 से 11 जनवरी के बीच अलग अलग स्लॉट में होंगे। परीक्षा देश के 224 शहरों के साथ ही विदेश के 9 सेंटर पर भी होगी। जेईई-मेन-1 के लिए 9 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।
दूसरी ओर, जेईई मेन का पैटर्न बदलने के बाद एनआईटी के एडमिशन का टारगेट भी अलग होगा। पिछले साल का परिणाम और इस साल बदले मार्किंग स्कीम पैटर्न की स्टडी से सामने आया है कि स्टूडेंट्स को टॉप 10 एनआईटी की कोर ब्रांचेंज के लिए मार्क्स के नए टारगेट तय करने होगा। कॅरियर काउंसलिग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया टॉप 10 एनआईटी की कोर ब्रांच प्राप्त के लिए सामान्य वर्ग के लिए 300 नंबरों में 150 के करीब, ओबीसी को 145 से अधिक, ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को 140, एससी विद्यार्थियों को 100 से अधिक और एसटी विद्यार्थियों को 70 से अधिक अंक प्राप्त करने का टारगेट लेकर चलना चाहिए।
दो एग्जाम का नॉर्मेलाइजेशन करके निकाली जाएगी रैंक
जेईई मेन 1 जनवरी और मेन 2 का आयोजन अप्रैल में किया जाएगा। जिस एग्जाम में स्टूडेंट्स के अधिक अंक मिलेगा, उन अंकों के स्कोर पर वह आईआईटी एंट्रेंस एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई करेगा। मेन की ऑल इंडिया रैंक दोनों एग्जाम में स्टूडेंट्स की ओर से हासिल किए गए अंकों को नार्मेलाइजेशन करके निकाली जाएगी।
स्टूडेंट्स के पास जनवरी के बाद अप्रेल में होने वाली जेईई-मेन परीक्षा का विकल्प भी उपलब्ध है। दोनों परीक्षाओं के बाद उनके उच्चतम पर्सेन्टाइल स्कोर पर ही आल इंडिया रैंक जारी की जाएगी। विद्यार्थियों की पर्सेन्टाइल उनकी स्वयं की परीक्षा शिफ्ट के अनुरूप ही जारी की जाएगी।
देश के शीर्ष 10 एनआईटी में तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, राउरकेला, जयपुर, कालीकट, नागपुर, कुरूक्षेत्र एवं सूरत शामिल हैं। इन कालेजों में दाखिले के लिए इस बार नंबर के नए टारगेट छात्रों को तय करने होंगे।
पिछले साल जल्द जारी हुए थे एडमिट कार्ड
पिछले साल मेन के एडमिट कार्ड इन्फॉरमेशन ब्रोशर जारी होने के कुछ दिन बाद ही वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए थे। हालांकि, इस साल परीक्षा से मात्र एक महीने ही प्रवेश पत्र पहले अपलोड किए जाएंगे। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र का पता लगने के बाद वहां तक पहुँचने के लिए रिजर्वेशन के लिए मशक्कत करनी होगी। परीक्षा छह जनवरी से शुरू होगी। नया साल होने के कारण ट्रेनों में रिजर्वेशन की भी दिक्कत आ सकती है।
न्यूमरिकल वैल्यू के सवालों से मुश्किल
मेन में न्यूमरिकल वैल्यू के सवाल भी आएंगे। इन संख्या 15 होेगी। अब तक आईआईटी के एंट्रेंस एग्जाम जेईई एडवांस्ड में इस प्रकार के सवाल पूछे जाते। मेन में ही न्यूमरिकल वैल्यू के सवाल से एडवांस्ड के लिए स्टूडेंट्स का कॉंफिडेंस बढ़ेगा। अभी तक एनटीए ने फिजिक्स व केमेस्ट्री के न्यूमरिकल वैल्यू के सवालों के सैंपल सवाल अपलोड किए हैं। मैथ्स के सवाल अपलोड नहीं किए गए हैं। न्यूमरिकल वैल्यू के सवालों को हल करने के लिए वर्चुअल की बोर्ड उपलब्ध रहेगा।

जलवायु परिवर्तन ने बदला चिड़ियों का आकार , शरीर छोटा हो रहा, सिर्फ पंख बढ़ रहे

अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी ने 40 साल में इकट्ठा की गईं 70 हजार से अधिक प्रवासी चिड़ियों की 52 प्रजातियों पर रिसर्च की
चिड़ियों की पैरों की लम्बाई 2.4 फीसदी तक घटी और पंखों की लंबाई 1.3 फीसदी तक बढ़ी
दुनियाभर में चिड़ियों के शरीर का आकार बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण इनका शरीर सिकुड़ रहा है सिर्फ पंख बढ़ रहे हैं। अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह बात सामने आई है। रिसर्च प्रवासी चिड़ियों पर की गई है। उत्तरी अमेरिका प्रवासी घर की 52 प्रजातियों की 70,716 चिड़ियों पर हुई शोध में कई चौकाने वाली बातें सामने आई हैं। पिछले 40 सालों में इकट्ठा की गईं इन चिड़ियों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, रिसर्च से यह भी जानने की कोशिश की गई है जीव कैसे जलवायु परिवर्तन का सामना कर पाएंगे।
पैर की हड्डी, लम्बाई नापने का सबसे बेहतर मानक
1978 से लेकर 2016 तक इकट्ठा की गई चिड़ियों की प्रजाति की लंबाई नापी गई। इनकी लम्बाई का सबसे बड़ा मानक होती है पैर की हड़डी। चिड़ियों की पैरों की लम्बाई 2.4 फीसदी तक घटी है और पंखों की लंबाई 1.3 फीसदी तक बढ़ी है। शोध के मुताबिक, तापमान बढ़ने से शरीर का आकार सिकुड़ रहा है और पंखों का साइज बढ़ रहा है।
मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ब्रिएन वीक्स के मुताबिक, हमने पाया कि शोध में शामिल चिड़ियों की हर प्रजाति सिकुड़ रही है। हर प्रजाति एक-दूसरे से काफी अलग है लेकिन उन पर जलवायु परिवर्तन का असर एक ही तरह से दिख रहा है। परिणाम काफी चौकने वाले हैं।
ब्रिएन कहते हैं कि चिड़ियों को तीन तरह से जलवायु परिवर्तन का सामना करना पड़ रहा है। पहला, जब एक चिड़िया पैदा होती है, दूसरा, जब वह दूसरे देश में जाती है और तीसरा, शरीर में बदलाव जैसा वर्तमान रिसर्च में सामने आया है। यह पता लगाना बेहद कठिन है कैसे तीनों प्रभावों को ये पक्षी किस हद तक झेल पाएंगे। चिड़ियों के लिए माइग्रेशन उनके जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन शरीर का आकार छोटा होने का मतलब है उड़ने के लिए ऊर्जा की कमी होना। लंबी यात्रा करने के लिए इन्हें ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है जो पूरी नहीं मिल पा रही। दुनिया में बढ़ते तापमान का चिड़ियों के सिकुड़ने से क्या सम्बंध है, वैज्ञानिक इसका पता लगाने में जुटे हैं।
शिकागो के फील्ड म्यूजियम में पक्षी विशेषज्ञ ब्रिएन वीक्स कहते हैं, चिड़ियों की बॉडी ज्यादातर ऊंची बिल्डिंग के किनारों में इकट्ठा की गई है। ये ज्यादातर रात में प्रवास यानी माइग्रेशन पर निकलती हैं लेकिन बिल्डिंग से निकलते कृत्रिम प्रकाश को देखकर वह तेजी से इस ओर आकर्षित होती हैं और लड़ने से मौत हो जाती है। हजारों चिड़ियों की मौत सिर्फ बिल्डिंग से टकराने से भी हो रही है। 1978 में ब्रिएन में बिल्डिंग के निकलते इस ओर ध्यान दिया था। धीरे-धीरे इन्हें इकट्ठा किया गया है तो रिसर्च की शुरुआत हुई।
तस्वीर साभार : फील्ड म्यूजियम

गलत बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होने पर न हों परेशान, बैंक वापस दिलाएगा पैसा

कई बार जल्दबाजी में गलत बैंक डिटेल्स भरने के कारण पैसा गलत बैंक अकाउंट में चला जाता है। कई लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती की ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और इस पैसे को वापस कैसे पाया जा सकता है। आज हम आपको बताते हें कि अगर आपके साथ ऐसा हो जाए तो आपको क्या करना चाहिए।
ऐसे मिलेगा पैसा वापस
गलत अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने पर बैंक को जल्द करें सूचित
किसी दूसरे के खाते में या अधिक पैसा ट्रांसफर होने पर अपने बैंक के पास शिकायत जल्द से जल्द दर्ज कराएं। अगर, आपका और लाभार्थी का खाता एक ही बैंक में है तो प्रोसेस जल्दी में पूरा हो जाएगा। एक या दो दिन के अंदर आपके खाते में पैसा वापस आ जाएगा।
आरबीआई का दिशा निर्देश है कि अगर गलती से पैसा किसी दूसरे के खाते में जमा हो जाता है तो बैंक को जल्द से जल्द कदम उठाना होगा। बैंक को गलत खाते से पैसा को सही खाते में लौटाने की व्यवस्था करनी होगी।
ट्रांजैक्‍शन के प्रूफ के लिए आप ट्रांजैक्‍शन के स्क्रीनशॉट को भी पेश कर सकते हैं। इसके बाद बैंक अपनी प्रक्रिया करेगा जिसमें 2 से 3 दिन तक का समय लग सकता है।
रकम ट्रांसफर वाले खाते की बैंक ब्रांच भी पड़ेगा जाना
अगर सेंडर और रिसीवर के अकाउंट एक ही बैंक में हैं तो यह प्रॉसेज जल्दी पूरी हो जाती है लेकिन अगर रिसीवर का अकाउंट दूसरे बैंक में है तो टाइम लगता है।
दूसरा बैंक होने के हालात में जिस बैंक अकाउंट में आपने भूल से पैसे ट्रांसफर किए हैं उस बैंक की ब्रांच जाकर शिकायत दर्ज करवानी होगी। बैंक अपने ग्राहक की अनुमति के बिना किसी को भी पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकता।
साथ ही बैंक आपने ग्राहकों के बारे में जानकारी भी नहीं देते हैं. इसलिए आपको उस बैंक को सारी स्थिति से अवगत कराना होगा। इसके बाद वह बैंक उस खाते के मालिक को ​सूचित करेगा और पैसे आपके अकांउट में वापस ट्रांसफर करने को कहेगा।
अगर दूसरे खाते वाला पैसा लौटाने से कर दे मना
गलती से रकम ट्रांसफर वाले ज्यादातर मामलों में रिसीवर पैसे लौटाने को तैयार हो जाता है, लेकिन अगर वह पैसे लौटाने से मना कर दे तो आप उसके खिलाफ केस दर्ज कर सकते हैं।

(साभार – दैनिक भास्कर)