Saturday, April 25, 2026
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श्रम मंत्रालय शिकायतों के तीव्र समाधान के लिये आया संतुष्ट’ पोर्टल

नयी दिल्ली : श्रम मंत्रालय ने कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के साथ ही जमीनी स्तर पर श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये अगले महीने नया पोर्टल ‘संतुष्ट’ शुरू करने की योजना बनायी है। एक सूत्र ने यह कहा। शुरू में संतुष्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) तथा स्वास्थ्य और बीमा सेवा प्रदाता ईएसआईसी द्वारा संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को दी जाने वाली सेवाओं की निगरानी करेगा।
बाद में पोर्टल मंत्रालय की अन्य इकाइयों के कार्यों को शामिल करेगा। इसमें प्रत्येक अधिकारियों के कामकाज का आकलन का वास्तविक समय आधारित आंकड़ा भी होगा। सूत्र के अनुसार कर्मचारी और नियोक्ता अपनी शिकायतें पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। इसकी निगरानी आंतरिक प्रकोष्ठ करेगा। इसमें पांच से छह अधिकारी होंगे।
फिलहाल मंत्रालय 44 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार संहिताओं… वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्य स्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाज की स्थिति…में श्रेणीबद्ध करने की प्रक्रिया में है। मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को उम्मीद है कि चारों संहिताएं 2020 में अमल में आ जाएंगी। सूत्र ने कहा, ‘‘मंत्रालय चारों श्रम संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहता है जो 2020 में वास्तविक रूप ले सकते हैं।’’
उसने कहा, ‘‘रोजगार सृजित करने और मजबूत आर्थिक वृद्धि के लिये अनुकूल माहौल को लेकर कर्मचारियों की सुरक्षा, अधिकारों और सुविधाओं के लिये सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। बल्कि इसका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है।’’ पोर्टल पर ईपीएफओ और ईएसआईसी के कामकाज से जुड़े सभी आंकड़े होंगे।

हेमंत सोरेन बने झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री बने

राँची : झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सोरेन 2013 के बाद दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। यहां मोरहाबादी मैदान में दोपहर सवा दो बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम एवं राष्ट्रीय जनता दल के एक मात्र विधायक सत्यानंद भोक्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
इस प्रकार चुनाव-पूर्व गठबंधन में शामिल तीनों दलों के प्रतिनिधियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज शाम ही मंत्रिपरिषद की पहली बैठक बैठक बुलायी है। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सभी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी।

साइबर अपराध पर लगाम के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पारित किया नयी अंतरराष्ट्रीय संधि का प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साइबर अपराध से लड़ने के लिए एक नयी अंतरराष्ट्रीय संधि का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने हेतु एक प्रस्ताव को मंजूरी दी। यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
रूस द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को 193 सदस्यीय महासभा ने पारित किया। प्रस्ताव के पक्ष में 79 और विपक्ष में 60 मत पड़े जबकि 33 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। पारित किए गए प्रस्ताव के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी, जिसमें विश्व के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
समिति का लक्ष्य सूचना एवं प्रौद्योगिकी तकनीकों का प्रयोग आपराधिक उद्देश्य के लिए न होने देने के लिए एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति का निर्माण करना है। प्रस्ताव में कहा गया है कि समिति अगस्त 2020 में बैठक कर आगे की कार्यवाही के प्रारूप के लिए सहमति बनाने पर चर्चा करेगी।

भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी  बनीं महिला विश्व रैपिड चैम्पियन

नयी दिल्ली : भारत की कोनेरू हम्पी ने रूस के मास्को में आयोजित महिला विश्व रैपिड शतरंज चैम्पियनशिप में चीन की लेई टिंगजी को टाईब्रेकर की सीरीज (आर्मेगेडोन मुकाबले) में हराकर खिताब अपने नाम किया। हम्पी विश्व महिला रैपिड चैम्पियन बनीं तो नार्वे के मैग्नस कार्लसन ने शनिवार को कुछ ही मिनट में पुरूष खिताब अपने नाम कर लिया। हम्पी ने फिडे को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘जब मैंने तीसरे दिन अपना पहला गेम शुरू किया तो मैंने नहीं सोचा था कि मैं शीर्ष पर रहूंगी। मैं शीर्ष तीन में रहने की उम्मीद कर रही थी। मैंने टाई-ब्रेक गेम खेलने की उम्मीद नहीं की थी। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहला गेम गंवा दिया लेकिन दूसरे गेम में वापसी की। यह गेम बहुत जोखिम भरा रहा लेकिन मैंने इसमें जीत हासिल की। अंतिम गेम में मैं बेहतर स्थिति में थी और फिर मैंने आसान जीत हासिल की। ’’
हम्पी ने 12 दौर में प्रत्येक में नौ अंक जुटाये जिससे वह टिंगजी के साथ बराबरी पर थीं। दोनों के बीच फिर आर्मेगेडोन गेम से विजेता का फैसला हुआ। हम्पी ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में वापसी की और फिर निर्णायक गेम में खिताब जीता।

ट्राई ने पेश किया नया सस्ता शुल्क ढांचा

कीमत कम और चैनल मिलेंगे ज्यादा

नयी दिल्ली : उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को केबल और प्रसारण सेवाओं के लिए नयी नियामकीय रूपरेखा पेश की। इसके तहत केबल टीवी के ग्राहक कम कीमत पर अधिक चैनल देख सकेंगे।खास बात यह है कि नियामक ने उपभोक्ताओं द्वारा सभी ‘फ्री टू एयर’ चैनलों के लिए दिए जाने वाले मासिक शुल्क की सीमा 160 रुपये तय कर दी है।
ट्राई ने बयान में कहा कि कई टीवी वाले घर यानी जहां एक से अधिक टीवी कनेक्शन एक व्यक्ति के नाम पर हैं, वहां दूसरे और अतिरिक्त टीवी कनेक्शनों के लिए घोषित नेटवर्क क्षमता शुल्क (एनसीएफ) का अधिक 40 प्रतिशत तक लिया जाएगा।विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा के बाद ट्राई ने 200 चैनलों के लिए अधिकतम एनसीएफ शुल्क (कर रहित) को घटाकर 130 रुपये कर दिया है। इसके अलावा नियामक ने फैसला किया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को अनिवार्य घोषित किया है, उन्हें एनसीएफ चैनलों की संख्या में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा ट्राई ने वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (डीपीओ) को लंबी अवधि यानी छह महीने अथवा अधिक के सब्सक्रिप्शन पर रियायत देने की भी अनुमति दे दी है।

यूआईडीएआई ने देश भर में खोले 28 आधार सेवा केंद्र

नयी दिल्ली :  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देशभर में 28 आधार सेवा केंद्र (एएसके) खोले हैं। प्राधिकरण की योजना देशभर में 114 एकल नामांकन और अद्यतन केंद्र शुरू करने की है।
यूआईडीएआई ने कहा कि ये आधार सेवा केंद्र बैंकों, डाकघरों और राज्य सरकारों द्वारा संचालित 38,000 आधार नामांकन केंद्रों के अतिरिक्त हैं। बयान में कहा गया है कि आधार सेवा केंद्र सप्ताह के सातों दिन खुलते हैं। अभी तक इन केंद्रों ने तीन लाख से अधिक निवासियों को सेवाएं दी है। इनमें अच्छी खासी संख्या दिव्यांगों की है।
इसमें कहा गया है कि ये केंद्र एक दिन 1,000 नामांकन और अद्यतन आग्रह को पूरा कर सकते हैं। ये सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पाँच बजे तक खुलते हैं। सिर्फ सार्वजनिक अवकाश के दिन ही ये केंद्र बंद रहते हैं। यूआईडीएआई की योजना देश के 53 शहरों में 114 आधार सेवा केंद्र खोलने की है। आधार के लिए नामांकन जहां नि:शुल्क होता है, वहीं किसी जानकारी मसलन मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने या पता आदि ठीक कराने के लिए 50 रुपये का शुल्क लिया जाता है।

जापानी कलाकार ने अखबारों से युद़्धपोत की सीरीज बनाई, पहले स्पेस सूट बना चुके हैं

टोक्यो : जापानी कलाकार अत्सुशी अडाची ने पुराने अखबारों से युद्धपोत की सीरीज बनाई है। यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। अडाची ने युद्धपोत के यह मॉडल न्यूयॉर्क में 3 से 7 दिसंबर तक लगने वाली प्रदर्शनी के लिए बनाए थे। इस सीरीज में छोटे जहाज से लेकर विशाल युद्धपोत को भी शामिल किया गया था। अडाची इससे पहले कागज से मशीनें, आयुध सामग्री और स्पेस उपकरण बना चुके हैं। उनके द्वारा तैयार किया गया अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग का स्पेस सूट भी काफी चर्चा में रहा था। अडाची ने बताया, “हमने देखा कि किसी भी मॉडल की प्रतिकृति बनाने के लिए लोग कार्डबोर्ड और मैचिस्टिक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन सबसे अच्छा माध्यम न्यूजपेपर है। अडाची अखबार को एक तरह की छोटी टाइम मशीन मानते हैं, क्योंकि यह अपने समय की सामाजिक मूल्यों की जानकारी देते हैं। इसलिए मॉडल को बनाने के लिए अडाची अखबार का इस्तेमाल करते हैं। अडाची अपने मॉडल दुनिया भर की प्रदर्शनियों में दिखा चुके हैं।”

11 साल के बच्चे ने 100 किलो वजन के साथ डेडलिफ्ट की

6 साल की उम्र से कर रहा हैअभ्यास 
मॉस्को : रूस के सबसे स्ट्रॉन्ग कहे जाने वाले 11 साल के टिमोफे क्लेवेकिन ने 100 किलो वजन के साथ डेडलिफ्ट की है। वह 6 साल की उम्र से वेटलिफ्टिंग का अभ्यास ट्रेनर पिता की निगरानी में कर रहा है। टिमोफे 105 किलोग्राम में राष्ट्रीय रिकॉर्ड की तैयारी में है।
दरअसल, उसके पिता आर्सेने शाल्या गांव की एक जिम में बॉडी बनाने के शौकीनों के ट्रेंड करते हैं। उन्हें देखकर ही टिमोफे के मन में बॉडी बनाने की इच्छा जगी और पिता ने भी बेटे की यह इच्छा पूरी करने में मदद की। हालांकि, टिमोफे की मां ने इसका काफी विरोध किया।
टिमोफे ने कई बार बेल्ट के साथ ट्रैक्टर और कारें भी खींची
छह साल की उम्र में पहली बार टिमोफे ने एक स्थानीय कंपीटिशन में हिस्सा लिया, जहाँ उसने 55 किलो वजन के साथ डेडलिफ्ट की। 11 साल उम्र और महज 38 किलो वजन के साथ टिमोफे डेडलिफ्ट करते हुए अपने-आप लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। वेटलिफ्टिंग के साथ टिमोफे कई बार बेल्ट के साथ ट्रैक्टर और कारें खींचने का कारनामा दिखा चुका है। वह कई वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा ले चुका है। यहां उसके प्रतिद्वंदी उम्र में उससे चार गुना तक बड़े रहे हैं।
मैं उसका प्रशिक्षक ही नहीं पिता भी हूँ
टिमोफी के पिता के मुताबिक, उनके बेटे की खासियत यही है कि वह जानता है कि चैम्पियन बनने के लिए उसे कड़ी मेहनत करनी ही होगी। उसके दोस्त जब खेलकूद में मशगूल रहते हैं, वहीं टिमोफ हफ्ते में तीन से चार दिन तक जिम करने की सोचता है। उसकी मां और चाइल्ड डवेल्पमेंट के एक्सपर्ट्स् हमें कह चुके हैं कि इतनी ट्रेनिंग उसकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है और इसका उसके घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर असर हो सकता है मगर मैं उसका ख्याल रखता हूं क्योंकि मैं उसका ट्रेनर होने के साथ उसका पिता भी हूँ। मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूंगा जिससे उसकी सेहत पर मुसीबत आ जाए।

अमिताभ को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड

नयी दिल्ली : महानायक अमिताभ बच्चन (77) को गत रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस दौरान अमिताभ की पत्नी जया बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन मौजूद थे। अवॉर्ड लेने के बाद अमिताभ ने मजाक में एक सवाल किया कि कहीं यह पुरस्कार मिलना इस बात का संकेत तो नहीं कि मैं अब घर बैठकर आराम करूं? इस बात पर राष्ट्रपति भवन में मौजूद सभी लोग हंसने लगे। 23 दिसंबर को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण हुआ था। उस दौरान अमिताभ खराब सेहत के चलते यह सम्मान नहीं ले पाए थे। तब उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने फिल्म अवॉर्ड्स का वितरण किया था।

पिता-पुत्र ने 3डी प्रिंटेड लैम्बॉर्गिनी की कॉपी बनाई, कम्पनी ने भेजी असली कार

कोलोराडो : अमेरिका के कोलोराडो में रहने वाले 54 साल के पिता और उनके 12 साल के बेटे ने मिलकर 3.3 करोड़ रुपए की लैम्बॉर्गिनी कार की कॉपी 3डी प्रिंटिंग के जरिए बना दी। लैम्बॉर्गिनी अवेंटाडोर की कॉपी बनाने में दोनों को 2 साल का समय लगा। दोनों को वीडियो रेसिंग गेम फोर्जा होराइजन-3 खेलते हुए कार की कॉपी बनाने का आइडिया आया था। इसके बाद दोनों ने तय किया वे अपने के लिए खुद की रेसिंग कार बनाएंगे।
54 साल के फिजिसिस्ट स्टर्लिंग बक्स और उनका 12 साल बेटा जेंडर ने मॉडल बना लिया। दोनों इस क्रिसमस पर दो हफ्ते के लिए लैम्बॉर्गिनी अवेंटाडोर मॉडल किराये पर लेकर छुटि्टयां मनाना चाहते थे। इसकी जानकारी जब कार कंपनी को मिली तो उन्होंने पिता से संपर्क किया। इसके बाद लैम्बॉर्गिनी ने दो हफ्ते के लिए पिता-पुत्र के पास लग्जरी कार अवेंटाडोर एस भेजी दी। स्टर्लिंग ने बताया, दो महीने पर उनके पास कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर काटिया बस्सी का फोन आया। कंपनी ने उनके साथ व्यवसायिक छुटि्टयां मनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने क्रिसमस से पहले हमसे दो सप्ताह के लिए लैम्बॉर्गिनी के इंतजाम की बात भी कही। यह सुनकर स्टर्लिंग को सरप्राइज लगा, जैसे उन्हें पोप ने फोन कर साथ डिनर करने के लिए कहा हो।
स्टर्लिंग बक्स के परिवार के लिए दो सप्ताह के लिए भेजी गयी कार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्टर्लिंग के परिवार ने 26 दिसंबर को कम्पनी की कार लौटा दी। लैम्बॉर्गिनी ने परिवार के लिए दो सप्ताह के लिए कार किराए पर दी थी। क्रिसमस सीजन के दौरान लैम्बॉर्गिनी अवेंटाडोर मॉडल की कीमत तकरीबन 460,247 अमेरिकी डॉलर (3.3 करोड़ रुपए से अधिक) होती है। स्टर्लिंग ने बताया, उन्होंने रोज कार की सवारी की। यह कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा, सवारी के दौरान बेटे जेंडर ने कार के बारे में बहुत सी बातें बताई। उसको कार के इंजन के बारे में काफी जानकारी थी, जैसे वह पूरा मैक्निकल माइंड हो गया हो। स्टर्लिंग बक्स, उनका बेटा जेंडर, पत्नी जेनीफर और बेटी आलिया ने कार को लेकर एक कैप्शन दिया, जिसमें अपने को ‘लैम्बॉर्गिनी के दीवाने’ बताया।