Friday, October 16, 2026
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देशभर में 17 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, ग्रीन और ऑरेन्ज जोन में शर्तों के साथ छूट

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए लॉकडाउन को फिर से बढ़ाकर 4 मई से 17 तक कर दिया गया है। इस अवधि में सामान्य गतिविधियों को लेकर नई गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। हालांकि, यह सिर्फ सीमित क्षेत्रों में ही लागू किया जाएगा। इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय द्वारा शराब की दुकानों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें यह कहा गया है कि सिर्फ ग्रीन जोन जिलों में ही शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दुकान पर एक बार में 5 से अधिक व्यक्ति मौजूद न हों।
केंद्र सरकार शुक्रवार (1 मई) को तीसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने बताया है कि चार मई से अगले दो हफ्तों तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। मंत्रालय ने कहा है कि कोविड 19 को लेकर देश में हालात की समीक्षा के बाद यह अहम फैसला किया गया है। केंद्र सरकार ने तीसरे चरण के लॉकडाउन की भी घोषणा कर दी है। गृह मंत्रालय ने बताया है कि चार मई से अगले दो हफ्तों तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। मंत्रालय ने कहा है कि कोविड 19 को लेकर देश में हालात की समीक्षा के बाद यह अहम फैसला किया गया है।

लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की गई है। इस नई गाइडलाइंस में रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में बांटे जिलों में होने वाली गतिविधियों को लेकर सूचना दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज जोन वाले जिलों को लॉकडाउन के दौरान कुछ रियायतें दी गई हैं। ग्रीन जोन में वे जिले रखे गए हैं, जहां पिछले 21 दिनों से कोई नया केस नहीं मिलेगा। गृह मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा समय में जिन गतिविधियों के लिए अनुमति मिली है, उसके लिए अलग से कोई अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की गई है।

वाल्मीकि आश्रम: इसी जगह पर लिखी गयी थी रामायण, हुआ था लव-कुश का जन्म

ऋषि वाल्मीकि हिंदू धर्म के खास गुरुओं में से एक है। ऋषि वाल्मीकि ने श्रीराम के पुत्रों लव-कुश को शिक्षा दी और महान ग्रंथ रामायण की भी रचना की। भगवान श्रीराम के त्यागे जाने के बाद देवी सीता ने अपना जीवन ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में ही बिताया था और मान्यता है कि यहीं पर लव-कुश का जन्म भी हुआ था।
कहां है वाल्मीकि आश्रम-
मेरठ से करीब 27 किलोमीटर दूर
बागपत का एक गांव है बलैनी। यह गांव बागपत शहर से भी करीब 23 किलोमीटर दूर है। मेरठ से बागपत की तरफ जाते समय करीब 27 किलोमीटर दूर अंदर की तरफ एक रास्ता जाता है। इस रास्ते पर थोड़ा आगे जाने पर एक आश्रम दिखाई देता है। वही ऋषि वाल्मीकि का आश्रम माना जाता है।


इसी आश्रम में लिखी गई थी रामायण
मान्यता है कि यही वह जगह है, जहां ऋषि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना की थी। माना जाता है कि श्रीराम के त्यागे जाने के बाद माता सीता इसी आश्रम में आकर रही थीं। यहीं पर उन्होंने लव-कुश को जन्म दिया था।
हिंडन नदी के पास स्थित है आश्रम
ऋषि वाल्मीकि और माता सीता से संबंधित होने के कारण यह जगह बहुत ही पवित्र मानी जाती है। यहां पर हिंडन नाम की नदी बहती है, जिसे गंगा का ही एक रूप माना जाता है। इसी नदी के पास यह आश्रम स्थापित है। आश्राम के परिसर भी आज भी माता सीता का मंदिर स्थापित है।
मौजूद है माता सीता की रसोई
हिंडन नदी के किनारे बसे इस स्थान पर एक सीता रसोई भी बनी हुई है। यहीं पर सीता जी भोजन बनाती थी। माना जाता है कि आश्रम में मौजूद बर्तन वही हैं, जिनका उपयोग माता सीता खाना बनाने में करती थीं।

(साभार – दैनिक भास्कर)

7.45 लाख फॉलोअर्स, ट्विटर पर आरबीआई बना केन्द्रीय बैंकों में सबसे लोकप्रिय

नयी दिल्ली : ऐसे समय में जब कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन के बीच लोग अपने घरों में रह रहे हैं, सूचना का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है माइक्रोब्लॉगिंग साइट, कई केन्द्रीय बैंक इस साइट पर सक्रिय हैं। लेकिन, कोरोना संकट के चलते आर्थिक अनिश्चितता के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ट्विटर पर दुनियाभर के केन्द्रीय बैकों में सबसे ज्यादा पॉपुलर हो गया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर 85 वर्षीय शक्तिकांत दास का अपना अलग ट्वीटर अकाउंट है। प्रमुख केन्द्रीय बैंकों के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट का विश्लेषण करने पर यह पता चला है कि आरबीआई के पास सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
गुरुवार की सुबह तक आरबीआई के ट्वीटर हैंडल पर 7.45 लाख फॉलोअर्स थे। सिर्फ 20 अप्रैल को ही आरबीआई के ट्विटर पर 1.31 नए फॉलोअर्स जुड़े। अधिकारी के मुताबिक, मार्च 2019 से अब तक आरबीआई के फॉलोअर्स दोगुने हो गए और यह 3 लाख 42 हजार बढ़कर 7 लाख 50 हजार हो गए हैं। आरबीआई का ट्विटर अकाउंट जनवरी 2012 में बनाया गया था।
आरबीआई से जो पीछे हैं वो है बैंक ऑफ इंडोनेशिया, जो ईस्ट एशियन नेशन का केन्द्रीय बैंक और इसके फॉलोर्स 7.15 लाख है। तीसरे नंबर पर बांको डे मैक्सिको (मैक्सिको का सबसे बड़ा बैंक) है जिसके ट्विटर पर फॉलोअर्स हैं 7.11लाख।
आरबीआई ने एक और ट्विटर अकाउंट- ‘RBI Says’ बनाया है और इसी नाम से अप्रैल में फेसबुक पेज शुरू किया है। इसके साथ ही, इसने सेफ्टी कैंपेन लाउंच करते हुए लोगों को ये सलाह दी है कि वे कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए देश को किए गए लॉकडाउन के चलते बैंक के ब्रांचों में न जाकर अपने घरों में ही सुरक्षित और स्वस्थ रहें।
अधिकारी ने बताया कि 25 मार्च से शुरु हुए लॉकडाउन के दौरान इन 7 हफ्तों में आरबीआई के फॉलोअर्स में 1.5 लाख से ज्यादा का इजाफा हुआ है। अधिकारी ने आगे बताया कि मार्च 2019 में आरबीआ केन्द्रीय बैंकों में ट्विटर पर फॉलोअर्स के मामले में 6ठे स्थान पर था जो लॉकडाउन शुरु होने से पहले चौथे स्थान पर।

एमफिल, पीएचडी की थीसिस के लिए 6 माह अतिरिक्त मिलेंगे : यूजीसी

नयी दिल्ली : यूजीसी की एक विशेष समिति ने एमफिल और पीएचडी के छात्रों को विशेष राहत प्रदान की है। समिति ने यूजीसी को भेजी अपनी सिफारिश में कहा है कि एमफिल और पीएचडी करने वालों को थीसिस जमा करने के लिए तय आखिरी तारीख से छह माह और दिए जाएं। समिति इसके साथ ही परीक्षा ऑनलाइन कराने और विश्वविद्यालय की परिस्थिति के हिसाब से ऑनलाइन या ऑफलाइन, ओपन बुक एग्जाम करवाने की सिफारिश की है।
कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस लॉकडाउन का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा है। पीएचडी और एमफिल के छात्र लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन छात्रों की सभी प्रयोगशालाएं बंद पड़ी हैं। इसके साथ ही कई एमफिल और पीएचडी छात्रों को इसी महीने अपनी थीसिस भी जमा करवानी है।
पीएचडी की एक छात्रा नूपुर ने कहा कि पीएचडी और एमफिल के रिसर्चर को अपनी थीसिस जमा करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यूजीसी के नियमानुसार और दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यादेशों के मुताबिक शोध की डिग्री प्राप्त करने के लिए कई शोधार्थियों को सेमिनार, थीसिस जमा करवाना होता है। विश्वविद्यालय के अध्यादेश के अनुसार निर्धारित समय सीमा के अंदर इनमें से कई शोधार्थियों को अपना प्री-पीएचडी सेमिनार करना था अथवा पीएचडी, एमफिल थीसिस जमा करनी थी।
यूजीसी की इस समिति के अध्यक्ष हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आर.सी. कुहाड़ हैं। सदस्यों में इंटर-यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर के निदेशक ए.सी. पांडेय, वनस्थली विद्यापीठ के कुलपति आदित्य शास्त्री और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति राज कुमार शामिल हैं।
समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है, “पीएचडी, एमफिल स्कॉलर्स को डिग्री पूरी करने और थीसिस जमा करने के लिए छह महीने का एक्सटेंशन पीरियड जोड़ा जाए।”
आपको बता दें कि इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य वी. एस. नेगी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रो. डी. पी. सिंह को पीएचडी एवं एमफिल शोधार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में कोविड-19 (कोरोना वायरस) के प्रकोप के कारण उत्पन्न हुई आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर एमफिल और पीएचडी छात्रों के लिए थीसिस जमा करवाने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी।

देश की सभी आईआईटी, एनआईटी और केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में भी खोले जाएंगे केंद्रीय विद्यालय

23 में से 7 आईआईटीज में संचालित हो रहे केंद्रीय विद्यालय

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई के बीच शिक्षा जगत से अच्छी खबर है। अब देश के सभी आईआईटीज, एनआईटीज और केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में सरकार की ओर से केंद्रीय विद्यालय संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटीज से इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव मांगा है। इससे पहले कई आईआईटीज में निजी स्कूलों का संचालन हो रहा था। नवंबर में दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के बाद कोर्ट ने आईआईटीज में चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे।
अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केंद्रीय स्कूल संचालित करने के साथ इन स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर संबंधित संस्थान के कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला देने के आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में 23 में से सात आईआईटीज, 31 एनआईटी में से मात्र दो व केंद्र व राज्यों को मिलाकर 50 में से मात्र आठ सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में ही केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
आईआईटी मंडी के पूर्व कर्मचारी सुजीत स्वामी की याचिका पर पूर्व में दिल्ली हाईकाेर्ट ने आईआईटी में चल रहे निजी स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की पालना के संबंध में स्वामी ने एमएचआरडी में नोटशीट के लिए आरटीआई दाखिल की। इसके बाद यह तथ्य सामने आया। एक्सपर्ट के अनुसार सरकारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह एक बड़ा कदम है।
देश भर में कई आईआईटीज, एनआईटीज और विश्वविद्यालयों में ये स्कूल संचालित हो रहे हैं। आईआईटी गुवाहटी, दिल्ली, बॉम्बे, जोधपुर, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, एनआईटी सिलिचर, अगरतला, सेंट्रल यूनिवर्सिटी तेजपुर, सिलिचर, जम्मू, सागर, वर्धा, शिलांग, मिजोरम और नागालैंड में केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
आईआईटीज और एनआईटीज में कर्मचारियों के एक संस्थान छोड़कर दूसरे संस्थान में जाने की स्थिति में छात्र एक केंद्रीय विद्यालय से दूसरे केंद्रीय विद्यालय में दाखिला ले सकेगा। इसके साथ ही सीटें खाली रहने पर अन्य छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। इससे पहले कैंपस में संचालित होने वाले निजी स्कूल में सालाना 40 से 50 हजार रुपए बतौर फीस के लिए जा रहे थे। अब इससे कर्मचारियों पर भी भार कम होगा।

दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बना रामायण, बना 7.7 करोड़ दर्शकों का विश्व रिकॉर्ड

मुम्बई : रामानंद सागर के शो रामायण का फिर से प्रसारण कई मायनों में यादगार बन गया है। 33 साल बाद दोबारा डीडी नेशनल पर प्रसारित इस शो ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस बात की जानकारी दूरदर्शन ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी। यह कारनामा 16 अप्रैल को हुआ, जहां इस शो को 7.7 करोड़ रिकॉर्ड दर्शक मिले।
ट्वीट में लिखा है – विश्व रिकॉर्ड, दूरदर्शन पर रामायण के पुन: प्रसारण ने दुनियाभर में व्यूअरशिप के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह शो सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बन गया है। जिसे 16 अप्रैल को 7.7 करोड़ दर्शकों ने देखा। गौरतलब है कि रामायण का पुन: प्रसारण 28 मार्च से जनता की विशेष मांग पर किया जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब रामायण ने कोई नया रिकॉर्ड बनाया है। जब पहली बार टीवी पर यह प्रसारित हुआ था, उस वक्त भी शो ने प्रसिद्धि के कई रिकॉर्ड्स बनाए थे और 33 साल बाद एक बार फिर इतिहास दोहराया जा चुका है। 78 एपिसोड का शो रामायण वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रचित रामचरितमानस के आधार पर बना है। 1987 से 1988 तक रामायण दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो रहा। 2003 तक इस शो का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में द मोस्ट वॉच्ड माइथोलॉजिकल सीरियल इन द वर्ल्ड में नाम शामिल रहा।

ज्यूक्स ने डिस्कवरी इंडिया के साथ बनाया पहला रियल लाइफ इन्टरटेन्मेंट ऐप

कोलकाता : यूएक्स डिजाइन फर्म ज्यूक्स इनोवेशन ने डिस्कवरी इंडिया के साथ मिलकर डिस्कवरी प्लस ऐप बनाया है। यह ऐप मार्च 2020 में लॉन्च किया गया था। ज्यूक्स और डिस्कवरी की साझेदारी को लेकर डिस्कवरी इंडिया के बिजनेस हेड आईजैक जॉन उनकी टीम इस बात को लेकर काफी सजग थी कि भारत जैसे ओटीटी मार्केट में यूजर्स इस ऐप को स्वीकार करें। कई शोध और डिजाइन कार्यशालाएँ ज्यूक्स ने हमारे लिए कीं, प्रेरित किया जिससे हम अड़चनों को दूर कर सकें। ज्यूक्स ने डिस्कवरी प्लस ऐप एक बेहतर ओटीटी अनुभव देने के लिए किया। ज्यूक्स इनोवेशन के सह संस्थापक सौरभ गुप्ता ने कहा कि हमने ओटीटी अनुभव को तैयार करने के लिए मानव प्रदर्शन और अनुनय डिजाइन के विज्ञान का लाभ उठाया है जो विशिष्ट व्यावसायिक परिणामों को वितरित करने, विभिन्न उपयोगकर्ता आवश्यकताओं को संबोधित करने और प्रभावी ढंग से प्रौद्योगिकी विचारों का प्रबंधन करने के बीच एक आदर्श संतुलन है ”। ज्यूक्स इनोवेशन के सह-संस्थापक, हेमल गथानी ने कहा, “ग्राहक समर्थन हमारे विचारों को वास्तविकता में बदलने में महत्वपूर्ण कारक था। डिस्कवरी टीम ने हमारे विचार प्रक्रिया का समर्थन किया और बाद में सोचने के लिए हमें सशक्त बनाया, जिससे हमारे अंत से निर्बाध वितरण हुआ।

स्ट्राइड्स ने शुरू किया फेविपिरावीर टैबलेट्स का उत्पादन

कोलकाता : स्ट्राइड्स एंड कम्पनी ने फेविपिरावीर एन्टीवायरल टैबलेट्स विकसित कर उसका उत्पादन शुरू कर दिया है। यह उत्पाद जापान की कम्पनी टोएमा केमिकल एविजेन का जेनेरिक संस्करण है। इस एंटीवायरल दवा का आविष्कार आरम्भ में इन्फ्लूएन्जा के उपचार के लिए हुआ था। नोवल कोरोना वायरस यानी कोविड -19 के फैलने के बाद चीन समेत कई अन्य देशों में इस पर अध्ययन हुआ और इसके सकारात्मक परिणाम निकले। इसको लेने के बाद कोविड -19 की अवधि घटी और मरीजों के फेफड़ों की स्थिति सुधरी। स्ट्राइड्स ने 400 एम जी और 200 एम जी की क्षमता वाले फेविपिरावीर एन्टीवायरल टैबलेट्स का उत्पादन किया है। स्ट्राइड्स के सीईओ तथा प्रबन्ध निदेशक डॉ. आर. अनन्तनारायणन के मुताबिक स्ट्राइड्स दवा को विकसित और व्यावसायिक तौर पर बाजार में उतारने वाली पहली भारतीय कम्पनी है। इन टैबलेट्स का उत्पादन बंगलुरू स्थित फ्लैगशिप फेसिलिटी में हो रहा है। इस इकाई में 6 बिलियन यूनिट्स सॉलिड ओरल का उत्पादन हो रहा है। स्ट्राइड्स ने इसकी आपूर्ति के लिए भारतीय एपीआई निर्माता से हाथ मिलाया है।

सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा राहत सामग्री वितरित

कोलकाता : कोलकाता की सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से राहत सामग्री वितरण के दूसरे चरण में राजाबाजार साइंस कॉलेज क्षेत्र के फेडरेशन हॉल सोसाइटी में 45 जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित किया गया ।कोरोना महामारी के कारण उपस्थित स्थिति से निपटने के लिए संस्था के सदस्यों ने लोगों से आग्रह किया कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग रखें ।यह समय डरने का नहीं बल्कि समझदारी के साथ लड़ने का है । राहत सामग्री बांटने का काम संस्था के महासचिव डॉ राजेश मिश्र, फेडरेशन हॉल सोसाइटी के सचिव श्री विमलचंद्र,नारायण चौधरी,मुकेश चौधरी एवं त्रिविक्रम मिश्र ने किया।

महामारी ने वह करा दिया, जो पहले कभी न हुआ

नयी दिल्ली : महामारी के संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय भले ही सबसे पहले छह जनवरी में सतर्क हुआ हो लेकिन, असल में मार्च में मरीजों की संख्या बढ़ने पर ही सरकार सक्रिय हुई। नतीजे में 40 दिन के सख्त लॉकडाउन में भारत ने वह सब कर दिया, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इस दौरान हमने कई ऐसे शब्द और उनके अर्थ को भी समझा, जिनमें से ज्यादातर न पहले हमने सुने थे, न ही इनका मतलब पता था।
अब तक ये हुआ हासिल
लंबे समय से ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं खरीदे गए, न ही अस्पतालों में औद्योगिक सिलिंडरों का इस्तेमाल हुआ। अब 1.02 लाख नए सिलिंडर पहली बार खरीदे जा रहे

एन-95/एन-90 मास्क के अलावा हर साल करीब 50 से 70 हजार तक पीपीई आयात होती थीं। अब हर दिन डेढ़ लाख पीपीई और 2.30 लाख मास्क बन रहे

कोरोना से पहले देश में हर माह 5 हजार वेंटिलेटर बनते थे, लेकिन एक माह में 9 हजार वेंटिलेटर का निर्माण हुआ

23 मार्च से आईसीयू बेड की संख्या 41,974 से बढ़कर 1,94,026 हुई

40 दिन में 1741 केयर सेंटर, 1297 कोविड स्वास्थ्य केंद्र और 738 अस्पताल तैयार

एक महीने में ही एचसीक्यू उत्पादन प्रति माह 12.23 करोड़ से 30 करोड़ हुआ

ये नए शब्द मिले
हॉटस्पॉट                        कंटेनमेंट जोन

बफर जोन                      आरटी पीसीआर
रैपिड                             एंटीबॉडीज किट्स
प्लाज्मा थैरेपी                  बैट कोरोना वायरस
रेड, ऑरेंज, ग्रीन जोन

साभार – अमर उजाला