Saturday, June 20, 2026
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कोविड -19 को लेकर हेरिटेज लॉ कॉलेज में वेबिनार

हेरिटेज लॉ कॉलेज में हाल ही में कोविड – 19 और ऑर्बिट्रेशन कानून पर उसके प्रभाव को लेकर एक वेबिनार आयोजित किया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा बंगाल के पूर्व एडवोकेट जनरल जयन्त मित्रा ने् यहाँ विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। वेबिनार की रिकॉर्डिंग ृ-

मुख्यता बनाने के लिए अपने वेबसाइट को उसके अनुकूल कैसे बनाएं?

संध्या सुतोदिया

रास्ते आसान हो जाते हैं. जब कोई राह बताने वाला हो…और यह तभी होगा जब कोई ऐसा मंच अथवा माध्यम हो…जब परामर्श सही जगह पर और सही समय पर पहुँचे। शुभजिता का प्रयास हमेशा से ही ऐसी सकारात्मकता को आगे ले जाना रहा है तो हम कर रहे हैं एक नये स्तम्भ की शुरुआत विशेषज्ञ परामर्श..। इसके तहत अलग – अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के परामर्श आपके लिए लाने का प्रयास रहेगा। शुभ सृजन सम्पर्क में पंजीकरण करवाने वाले विशेषज्ञों को आप तक पहुँचाया जायेगा और हमारा प्रयास इससे भी आगे होगा।  व्यवसाय के प्रसार के लिए एक ठोस रणनीति जरूरी है औऱ जरूरी है सही तरीके से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से व्यवसाय का प्रचार। यह हर तरीके के पेशेवर क्षेत्र में कारगर है, किसी भी स्टार्टअप, व्यवसाय या संस्थान के सिए जरूरी है। तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी की सह संस्थापक, संध्या सुतोदिया  बता रही हैं ऐसे ही अवसर के बारे  में।अगर आपके पास कोई प्रश्न हों, अपने प्रश्न आप हमारे सोशल मीडिया पेज पर भी भेज सकते हैं या शुभजिता को टैग करके अपनी बात कह सकते हैं –

आज के इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण मार्केट में, अपने व्यापार के विस्तार के लिए वेबसाइट एक आवश्यक उपकरण है। हालांकि, बहुत सारे मुख्य लक्ष्य पूरा करने में वेबसाइट विफल हो जाते हैं जैसे कि मुख्यता हासिल करना। मार्केटिंग की दुनिया में, अक्सर कहा जाता है कि आपकी मुख्यता उतनी ही अच्छी होगी जितनी उनको उत्पन्न करने वाली वेबसाइट अच्छी होगी। इसलिए, अभी के इस घड़ी में मुख्यता बनाने के लिए अच्छी वेबसाइट का होना अति-आवश्यक है।इससे पहले कि हम मुख्यता बनाने के लिए  वेबसाइट को अनुकूल बनाने की बात पर आएं, उससे पहले मुख्यता बनाने के तरीके की बात करते हैं।

* मुख्यता बनाना क्या है?
मुख्यता बनाना अपने लक्षित दर्शकों में जागरूकता बढ़ाने का एक तरीका है; विषय वस्तु की सहायता से ही लक्षित दर्शक किसी प्रस्ताव का लाभ उठाएंगे। जब उपयोगकर्ता आपके वेबसाइट पर ब्लॉग पढ़ने आएंगे, और फिर ‘कॉल टू एक्शन’ बटन दबाएंगे, फिर अपनी जानकारी लैंडिंग पेज के फॉर्म पर डालते हैं तो वे आपके लक्ष्य बन जाते हैं।हालांकि अपने वेबसाइट को मुख्यता बनाने के अनुकूल बनाना इतना आसान नहीं है; जितना आसान है ‘क्लिक हेयर’ के बटन को अपने होमपेज पर लगाना और मुख्यता हासिल करना है। यहां तक कि यह एक रणनीतिक तरीका है जिसका उपयोग मार्केटर्स और डिजाइनर करते हैं। यह है कुछ कदम जिन्हें उठाने से आप अपने साइट को मुख्यता हासिल करने के अनुकूल बना सकते हैं। :-

1. अपने विषय वस्तु को अनुकूल बनाएं:– पहला कदम है विषय वस्तु को अनुकूल बनाना जिससे आप अपने लक्षित दर्शकों से जुड़ सकेंगे। विषय वस्तु किसी भी रूप में हो सकती है जैसे कि ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, एक ईमेल, जी आई एफ, यूट्यूब, वीडियो या अन्य तरीके- लेकिन यह समान होना चाहिए, इससे आपका लक्ष्य दर्शकों में मूल्य बढ़ेगा और आपकी वेबसाइट सर्च इंजन से भी जुड़ा होना चाहिए।

2. अपने कॉल को कार्य अनुकूल बनाएं:– कॉल को कार्य अनुकूल बनाना आवश्यक है, ताकि आप अपने वेबसाइट अंगतूको को उनके कांटेक्ट की जानकारी प्रदान करने के लिए राजी कर सके। अंगतूको को आकर्षित करने के लिए आपकी वेबसाइट पर समान और कुछ लोकप्रिय शब्दों एवं वाक्यांशों जैसे कि ‘ मुफ्त’, ‘परीक्षण’, ‘उपयोग’, ‘अनन्य’, ‘डाउनलोड’ और ‘सीमित समय प्रस्ताव’ का उपयोग कर सकते हैं। आपको अपने कल्पना में रंग भरने होंगे।

3. अपने व्यापार को प्रस्तावों के अनुकूल बनाएं:- अगर आपकी वेबसाइट आगंतुकों के किसी प्रस्ताव से जुड़ जाए, तू भी वह आपके वेबसाइट से नहीं जुड़ेंगे। इसके अलावा अगर आप यह भी सोचते हैं कि उनको उनके यात्रा के हर कदम पर क्या मिलता है, इस सोच पर अमल होने पर ही आपको मुख्यता हासिल होगी।

4. अपने लैंडिंग पेज को अनुकूल बनाएं:– इस बात का निश्चय पहले ही करना आवश्यक है कि आपके वेबसाइट की लैंडिंग पेज होगी या नहीं। अगर आप अपने आगंतुकों कि सिर्फ नाम और ईमेल एड्रेस से अधिक जानकारी लेना चाहते हैं तो लैंडिंग पेज बनाना लाभदायक होगा। हालांकि, आपको अंगतुको को पाने के लिए इन तरीकों को अपनाना चाहिए- ‘कॉल टू एक्शन’ बटन दबाएं, जिससे एक फॉर्म सामने नजर आएगी और वह अपनी जानकारी एक ही पेज के प्रस्ताव देखकर दे सकेंगे। आपके लैंडिंग पेज में आपके अंगतुको के लिए आपके प्रस्ताव के सारांश होने चाहिए और उस कॉपी के अच्छे परिणाम के लिए उस अनुकूल हो, यह सुनिश्चित करना चाहिए।

* अंतिम विचार:-
अगर आप अब भी समझ नहीं पाए कि मुख्यता बनाने के लिए अपनी वेबसाइट को उसके अनुकूल कैसे बनाएं तो आज ही हमसे संपर्क करें। तुरिया कम्युनिकेशंस एलएलपी कि हमारी दल और अधिक रणनीतिक चीजें सीखने में आपकी मदद करेगा की कैसे वेबसाइट ट्रेफिक बढ़ाएं और मुख्यता बढ़ाने के लिए नए संचार के रास्ता खोलने में आपकी मदद करेगा।

लेखिका तुरिया कम्युनिकेशन एलएलपी की सह संस्थापक हैं

सम्पर्क-  फोन: +91 89815-92855 /  9748964480

ई मेल : sandhya@ turiyacommunications.com [email protected]

शेयर चैट पर ट्रेंड कर रहा है #Localkovocalkaro

कोलकाता : शेयर चैट पर इन दिनों #Localkovocalkaro ट्रेंड कर रहा है। पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी तथा मेक इन इंडिया के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के आह्वान पर जनता ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है। पीएम ने ‘वोकल फॉर लोकल’ की बात कही थी। सोशल मीडिया पर हैशटैग आत्मनिर्भर भारत, हैशटैग यूज लोकल प्रोडक्टस, हैशटैग लोकल इज बेस्ट और हैशटैग लोकल से ग्लोबल भी ट्रेंड कर रहे हैं। शेयर चैट का दावा है कि पीएम की इस अपील को लेकर आगे आने वाला शेयर चैट एकमात्र सोशल मीडिया माध्यम है। शेयर चैट के बहुत से उपयोगकर्ताओं ने स्वदेशी इस्तेमाल करने की शपथ ली है और 20 लाख करोड़ के पैकेज दिये जाने की सराहना भी की है। इसके साथ ही लोगों ने गुणवत्ता को महत्व दिये जाने पर जोर दिया है

शेयर चैट के #MAA4ME को बांग्ला में मिली जबरदस्त सफलता
कोलकाता : शेयर चैट के #MAA4ME अभियान को भारतीय भाषाओं में भी जबरदस्त सफलता मिल रही है। गत 9 मई को 5 दिन के लिए यह अभियान शेयर चैट ने 9 से 13 मई तक के लिए मातृ दिवस पर विशेष रूप से मातृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन हेतु 15 भाषाओं में शुरू किया था। बांग्ला में ही #MAA4ME को 5 हजार यूजीसी पोस्ट मिल चुके हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन की स्थिति में माँओं का दायित्व और संघर्ष बड़ा हो गया है। खासकर कामकाजी महिलाएँ तो घर में ही दफ्तर की जिम्मेदारियाँ भी सम्भाल रही हैं। बांग्लाभाषियों ने शेयर चैट के इस अभियान में भागीदारी करते हुए अपनी माँओं के प्रति आभार व्यक्त किया। बांग्ला में 5 हजार से अधिक यूजीसी पोस्ट लिखे गये जिसे 10 लाख व्यूज मिले और व्हाट्स ऐप पर 10 हजार से अधिक लोगों से इसे शेयर किया। माँओं के लिए खास तौर पर 8 हजार से अधिक वेब कार्ड्स बने। #NolockdownforMAA में लोगों ने माँओं की मेहनत को दिखाया तो . #MAAkafavorite में माँ की सबसे अधिक बोले जाने वाली बात साझा की गयी। #Noworkday4MAA के तहत कई लोगों ने जिम्मेदारी उठायी।

स्वदेशी के प्रचार के लिए कामधेनु पेंट्स ने बनाया सोशल मीडिया को माध्यम

कोलकाता : कोविड -19 के कारण किये गये लॉकडाउन के कारण दुकानें तथा कारखाने बंद रहने के कारण अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। अर्थव्यवस्था को मजबूती देने तथा आत्मनिर्भर भारत के अभियान को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी को प्रोत्साहित करने की बात की। पीएम के ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भरता के सन्देश को आगे ले जाते हुए कामधेनु पेंट्स ने ‘बी इंडियन, बई इंडियन’ यानी ‘स्वदेशी बनें, स्वदेशी खरीदें’ अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान हर भारतीय को भारत में निर्मित उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह लोगों को उनकी खरीददारी के पहले ‘मेड इन इंडिया’ टैग देखने के लिए भी प्रेरित करेगा। कम्पनी का मानना है कि यह सीधा सिद्धांत मानने और अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया जा सकेगा और भारत आत्मनिर्भर बन सकेगा। कामधेनु इसके पहले सोशल मीडिया पर गत 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के समर्थन में अभियान चला चुका है। कोरोना से लड़ने के लिए – ‘इंडिया मिल कर फाइट करो ना : टूगेदर वी कैन डिफिट कोरोना ‘ के नाम से कोरोना को लेकर जागरुकतामूलक अभियान शुरू कर चुका है। कामधेनु पेंट्स के निदेशक सौरभ अग्रवाल ने कहा, ‘कोरोना महामारी के खिलाफ जंग सरकार और नागरिकों का साझा युद्ध है। हमें सरकार का सहयोग करना चाहिए और एक दूसरे का ख्याल भी रखना चाहिए। अतएव नागरिकों से हमारी अपील है कि वे स्थानीय सेवाओं और वस्तुओं का इस्तेमाल करें।’

केन्द्र सरकार के कृषि सुधारों का उद्योगपतियों ने किया स्वागत

कोलकाता : कोविड -19 के कारण कृषि व उससे अन्य सम्बन्धित क्षेत्र को उबारने के लिए केन्द्र सरकार ने कई सुधारमूलक कदम उठाए हैं। उद्योग जगत ने इनका स्वागत किया है। ई वाई इंडिया में सरकार व निजी क्षेत्र के साझेदार अमित वात्स्यायन ने कहा कि एशेंसल कमोडिटीज एक्ट तथा में सुधार तथा एपीएमसी से निवेश बढ़ेगा। राज्य़ों के बीच अनाज, खाद्य तेल, तेल के बीज, प्याज और आलू की अर्न्तराज्यीय गतिविधि तेज होगी। ये फसलें किसानों की आय खासकर कृषिउद्योग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। कृषि के विपणन यानी मार्केटिंग के लिहाज से किसानों को उनकी फसल देश में कहीं भी बेचने की छूट देना एक बड़ा कदम है। पशुपालन और मत्स्य उद्योग की संरचना मजबूत करने के लिए जो कदम उठाये गये हैं, उससे उत्पादों में विविधता बढ़ेगी जिससे कृषकों की आय 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। ऑपरेशन ग्रीन के विस्तार से सभी फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को और उस शहरी वर्ग को लाभ होगा जिसके यहाँ इन उत्पादों के 60 प्रतिशत हिस्से की खपत होती है। हर्बल पौधों, मधुमक्खी पालन भी किसानों की आय बढ़ायेंगे।
वहीं ई वाई इंडिया, सरकारी व निजी क्षेत्र में साझेदार सत्यम शिवम सुन्दरम ने कहा कि किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड तथा नाबार्ड के जरिए इमरजेंसी वर्किंग कैपल फंड मुहैया करवाना संस्थानगत क्रेडिट की ओर छोटे किसानों के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। छोटे और मझोले किसानों को अब तक बेहद ऊँची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था। इसके साथ ही ई नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट से भी किसानों को लाभ होगा। बाजार में लेनदेन के तरीकों को अपनाने से एक प्रणाली बनेगी। एनबीएफसी और एमएफआई का कृषि क्षेत्र में अंश 36 प्रतिशत से अधिक होगा। इससे 3 करोड़ किसानों को लाभ होगा। प्रवासी मजदूरों के लिए मनरेगा योजना के तहत काम मिलने से उनके साथ संरचनागत विकास को भी जगह मिलेगी।

मेडीबडी ने ऑनलाइन परामर्श हेतु पेश किया मेडीबडी गोल्ड

कोलकाता : कैशलेस डिजिटल हेल्थकेयर परिसेवा मेडीबडी ने 24 घंटे काम करने वाला तथा ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श देने वाली सुविधा मेडीबडी गोल्ड जारी की है। सालाना सबस्क्रिप्शन राशि 1999 रुपये रखी गयी है और यह पूरे परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा को कवर करता है। मेडीबडी गोल्ड के जरिये अनुभवी स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों से चैट, कॉल या वीडियो के जरिए 18 विभागों मसलन, त्वचा, वजन प्रबन्धन जैसे कई अन्य समस्याओं को लेकर साल भर तक 15 भाषाओं में ऑनलाइन परामर्श लिया जा सकेगा। लोगों के लिए लैब टेस्ट नमूनों के निःशुल्क संग्रहण की सुविधा भी उपलब्ध है। देश भर में 20000 पिन कोड पर फ्री डिलिवरी की सुविधा के साथ दवाएँ खरीदी जा सकेंगी। मेडीबडी के प्रशांत झवेरी ने उम्मीद जाहिर की कि यह सुविधा गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधा दे सकेगी।

कोटाक महेन्द्रा ने जारी किया भारत का पहला जीरो कॉन्टैक्ट, वीडियो सेविंग्स खाता

कोलकाता : कोविड -19 के खिलाफ संगरोध यानी सोशल डिस्टेंसिंग एक बड़ा हथियार है। अब कोटाक महेन्द्रा ने बैंकिंग की दुनिया में नया प्रयोग करते हुए कोटाक 811 बचत खाता खोलने के लिए वीडियो केवाईसी जारी जारी की है। फिलहाल यह पेशकश आरम्भिक चरण पर है और पायलट आधार पर है। यह कोटाक की डिजिटल प्रथम रणनीति के तहत पेश किया गया है जो पूरी तरह समग्रता पर आधारित है मगर सम्पर्क शून्य यानी जीरो कॉन्टैक्ट, डिजिटल और पेपरलेस है। ग्राहकों के साथ इसके तहत चरणबद्ध तरीके से काम किया जायेगा। 2017 में उतारा गया कोटाक 811 भारत का पहली पूर्ण बैंकिंग इको सिस्टम पद्धति है जिसमें 180 से अधिक फीचर वाले कोटाक मोबाइल बैंकिंग ऐप की सहायता से डिजिटल तरीके से बचत खाता खोला जा सकेगा।
प्रक्रिया – www.kotak.com पर जाकर कोटाक 811 बचत खाता खोलने के लिए पहले इस वेबसाइट पर जाकर नाम, मोबाइल नम्बर, ई मेल आई डी दें। आधार नम्बर के उपयोग की अनुमति दें। पैन, आधार संख्या, और पता दें। वीडियो केवाईसी संचालिक करने के लिए फोन को लोकेशन पर जाने की अनुमति दें। वीडियो केवाईसी सुविधा बैंक एक्जिक्यूटिव के साथ आऱम्भ होगी और थोड़ी देर बाद ही फुल केवाईसी 811 बचत खाता खोला जा सकेगा।
कोटाक महेन्द्रा बैंक की ग्रुप प्रेसिडेंट (कन्ज्यूमर बैंकिंग) शांति एकमब्रम ने इस सुविधा को गेम चेंजर बताया क्योंकि यह खाता भारत के किसी भी कोने से खोला जा सकेगा।

शुभजिता क्लासरूम – पाठ – माता का आँचल

कृतिका – भाग 2

कक्षा – 10

शिक्षिका – सीमा साव

शिक्षण संस्थान – एशियन इंटरनेशनल स्कूल

 

कोरोना योद्धाओं के साथ आया वाघ बकरी चाय ब्रांड

नयी दिल्ली : कोविड -19 महामारी के सामने चट्टान की तरह कोरोना योद्धाओं के साथ वाघ बकरी चाय आ गया है। इस महामारी से लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की सहायता के लिए 3.50 करोड़ रुपये दान किये हैं। यह अनुदान प्रधान मंत्री तथा मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया है। वाघ बकरी ने विभिन्न संस्थानों, शेल्टर होम्स, दिहाड़ी श्रमिकों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों को उनके कार्यस्थलों पर चाय प्रदान की। पी एम केयर फंड में समूह ने 2 करोड़ रुपये दिये। 13 लाख रुपये वॉल्यून्ट्रेली के कर्मचारियों ने दिये और इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का एक दिन का वेतन शामिल था। समूह ने 1 करोड़ रुपये गुजरात मुख्यमंत्री कोष में गुजरात के अत्याधिक कोरोना प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य आपदा को देखते हुए दिये। वाघ बकरी के प्रबन्ध निदेशक रशेष देसाई ने सहयोग के लिए कर्मचारियों की प्रशंसा भी की। वाघ बकरी समूह ने अहमदाबाद, जामनगर, भुज में भारतीय सेना द्वारा कैन्टन्मेंट इलाकों में स्थापित 550 बिस्तरों वाले अस्पताल में भी 30 लाख रुपये के पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, डिस्पोजेबल फेस मास्क, फुल बॉडी प्रोटेक्शन किट प्रदान किये। समूह इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उपयोगी ग्रीन टी औऱ आईस टी का वितरण गुजरात में 200 ट्रैफिक चेक प्वाइंट्स पर 2 हजार पुलिसकर्मियों को वितरित कर चुका है। अब तक गुजरात में 50 हजार चाय के पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। समूह ने अन्य संस्थानों द्वारा दी जा रही मदद में भी चाय प्रदान की है।

मजदूर

-सिम्पी मिश्रा

मजदूरों के देश में देखो

कैसे मजदूर ही बेबस हुए जाते हैं

दो रोटी की आस में देखो कैसे

बीच सड़क मर जाते हैं।

इनकी पीड़ाओं को क्यों कोई ताके…?

इनकी त्रासदी की झांकियों को भी

भला क्यों कोई झांके..

क्यों इनका कोई सोचे कुछ भी

इनकी समस्याएं भी कब रही नई..!

इनकी तो नियति यही है!

ठोकर- दुश्चिन्ता तो इनकी चिर संगिनी है।

खटना, थकना, हारना , गिरना..

निरंतर करते रहना मजदूरी बेहिसाब

तो आज फिर भला इनकी पीड़ा

इनकी मार्मिक करुण पुकार

क्यों बने देश के लिए कुछ खास..?

इनको भला कब, किसने

दिया यह सच्चा विश्वास कि

हां, करेंगे इस दफा इनके लिये भी कुछ खास!

मजदूर हैं ये

हां कि मजदूर हैं ये

इसलिए आज भी मजबूर हैं ये..!

ये गर पटरी पर सोते- सोते मर भी जाये

तो प्रश्न यही बस उठता है

भला मजदूरों के देश में भी  कोई मजदूर

कभी थक कर सो सकता है???

ये तो मजदूर हैं भाई!

भला कोई मजदूर कभी रो सकता है??

मजदूरों के देश में भी

कोई मजदूर भला कब रो सकता है!