नयी दिल्ली : कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के मकसद से मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद सरकार ने पहली बार विदेशी कारोबारियों, स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों और इंजीनियरों को भारत आने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए उन्हें नए वीजा प्राप्त करने होंगे।
गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि कई बार प्रवेश के लिए मान्य दीर्घकालिक व्यापार वीजा रखने वाले विदेशी नागरिकों को अपने यात्रा दस्तावेज भारतीय मिशन से पुन: मान्य कराने होगे। मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘भारत सरकार ने विदेशी नागरिकों की कुछ श्रेणियों को भारत में आने की अनुमति देने के लिए वीजा और यात्रा प्रतिबंधों में छूट के मामले पर विचार किया है।’’
मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि विदेशी नागरिकों की कुछ श्रेणियों को भारत आने की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया है। जिन लोगों को भारत आने की अनुमति दी गई है, उनमें वे विदेशी व्यवसायी शामिल हैं जो गैर निर्धारित व्यावसायिक/ चार्टर्ड विमानों में व्यापार वीजा (स्पोर्ट्स के लिए बी-3 वीजा के अलावा) पर भारत आना चाहते हैं।
बयान में बताया गया है कि उन विदेशी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों, स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्र के शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और तकनीशियनों को भारत आने की अनुमति है, जो प्रयोगशालाओं और कारखानों सहित भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं में तकनीकी कार्यों के लिए आने के इच्छुक हैं। बयान में कहा गया है कि यह अनुमति भारत में किसी मान्यता प्राप्त एवं पंजीकृत स्वास्थ्य सेवा केन्द्र, पंजीकृत दवा कंपनी या मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राप्त निमंत्रण पत्र होने की स्थिति में ही दी जाएगी।
इसके अलावा इंजीनियरिंग, प्रबंधन, डिजाइन या अन्य क्षेत्रों के उन विदेशी विशेषज्ञों को भारत आने की अनुमति दी गई है, जो भारत स्थित विदेशी व्यापार संस्थाओं की ओर से भारत की यात्रा करेंगे। इसमें सभी विनिर्माण इकाइयां, डिजाइन इकाइयां, सॉफ्टवेयर और आईटी इकाइयों के साथ-साथ वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां (बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र कम्पनियां) शामिल हैं।
बयान में बताया गया है कि उन विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों को भी भारत आने की अनुमति दी गई है, जो किसी पंजीकृत भारतीय व्यवसायिक कंपनी के निमंत्रण पर भारत में विदेशी मूल की मशीनरी और उपकरण सुविधाओं की स्थापना, उनकी मरम्मत और रख-रखाव के लिए यात्रा करेंगे। बयान में कहा गया है, ‘‘विदेशी नागरिकों की जिन श्रेणियों को भारत आने की अनुमति दी गई है, उन्हें विदेशों में भारतीय दूतावासों या मिशनों से एक नया व्यापार वीजा या रोजगार वीजा प्राप्त करना होगा। विदेशों में भारतीय मिशनों द्वारा जारी वैध दीर्घकालिक बहु-प्रविष्टि व्यापार वीजा (खेल के लिए बी -3 वीजा के अलावा) रखने वाले विदेशी नागरिकों को संबंधित भारतीय मिशन से नई वैधता के साथ व्यापार वीजा प्राप्त करना होगा। ऐसे विदेशी नागरिकों को पहले से प्राप्त किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वीजा के बल पर भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।’’ भारत सरकार ने विदेशों मे फंसे भारतीयों को हवाई एवं समुद्री मार्ग से वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ नाम से सात मई को एक विशेष अभियान आरंभ किया था।
इसके बाद परिवार में किसी आपात स्थिति के कारण भारत आने की इच्छा रखने वाले प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड धारकों को भी देश आने की अनुमति दी गई थी।
लॉकडाउन लागू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब विदेशी नागरिकों को भारत आने की अनुमति दी गयी।
सरकार ने विदेशी कारोबारियों, तकनीशियनों को दी भारत आने की अनुमति
सारेगामा, फेसबुक ने किया वैश्विक लाइसेंसिंग समझौता
नयी दिल्ली : सारेगामा ने बुधवार को कहा कि उसने फेसबुक के साथ एक वैश्विक समझौता किया है, जिसके तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उसके संगीत का इस्तेमाल वीडियो और अन्य अनुभवों के लिए किया जा सकेगा।
कम्पनी ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के तहत उपयोगकर्ताओं को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो, स्टोरीज, स्टीकर और अन्य क्रियेटिव कंटेंट के लिए उसके संगीत का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। बयान में कहा गया कि यूजर अपने फेसबुक प्रोफाइल में भी गाने जोड़ सकते हैं।
सारेगामा इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रम मेहरा ने कहा, ‘‘अब फेसबुक के लाखों उपयोगकर्ता जो स्टोरीज और वीडियो बनाते हैं, उसमें वे हमारे विशाल संग्रह से संगीत जोड़ सकेंगे।’ सारेगामा के पास 25 से अधिक भाषाओं में फिल्मी गाने, भक्ति संगीत, गजल और इंडिपॉप सहित कई विभिन्न शैलियों के एक लाख से अधिक गाने हैं।
वैज्ञानिकों ने भारत में एक अलग तरह के कोरोना का पता लगाया
नयी दिल्ली : हैदराबाद स्थित सेलुलर और आणविक जीव विज्ञान के लिए केंद्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों में एक अलग तरह के कोरोना वायरस का पता लगाया है। यह दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु और तेलंगाना में ज्यादातर पाया गया है।
वैज्ञानिकों ने वायरस के इस अनूठे समूह को ‘क्लेड ए3आई’ नाम दिया है, जो भारत में जीनोम (जीनों के समूह) अनुक्रम के 41 प्रतिशत में पाया गया है। वैज्ञानिकों ने 64 जीनोम का अनुक्रम तैयार किया।
सीसीएमबी ने ट्वीट किया कि भारत में सार्स-सीओवी2 के प्रसार के जीनोम विश्लेषण पर एक नया तथ्य सामने आया है। नतीजों से यह प्रदर्शित हुआ कि विषाणु का एक अनूठा समूह भी है और यह भारत में मौजूद है।
इसमें कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह समूह फरवरी 2020 में विषाणु से उत्पन्न हुआ और देशभर में फैला। इसमें भारत से लिए गए सार्स-सीओवी2 जीनोम के सभी नमूनों के 41 प्रतिशत और सार्वजनिक किए गए वैश्विक जीनोम का साढ़े तीन प्रतिशत है।
सीसीएमबी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआर) के तहत आता है। इस विषाणु पर किए गए शोध से यह पता चला है कि विषाणु के फरवरी में साझा पूर्वज थे। सीसीएमबी के निदेशक एवं शोध पत्र के सहलेखक राकेश मिश्रा ने कहा कि तेलंगाना और तमिलनाडु से लिए गए ज्यादातर नमूने क्लेड ए3आई की तरह हैं।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर नमूने भारत में कोविड-19 के प्रसार के शुरुआती दिनों के हैं। मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में पाए गए नमूनों से इसकी थोड़ी-सी समानता है, लेकिन महाराष्ट्र और गुजरात के नमूनों से कोई समानता नहीं है। कोरोना वायरस का यह प्रकार सिंगापुर और फिलीपीन में पता चले मामलों जैसा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और अधिक नमूनों का जीनोम अनुक्रम तैयार किया जाएगा तथा इससे इस विषय पर और जानकारी मिलने में मदद मिलेगी।
साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत में सार्स-सीओवी2 के अलग और बहुत अधिक मात्रा में उपलब्ध समूह की विशेषता बताने वाला यह पहला व्यापक अध्ययन है।
हाथी से जुड़ी कुछ अद्भुत बातें
हमारी धरती पर हाथी सबसे संवेदनशील प्राणी है। यह मनुष्य से ज्यादा समझदार और बुद्धिमान माना गया है। इससे भी ज्यादा संवेदनशील और बुद्धिमान जलचर प्राणी डॉल्फिन को माना जाता है। आजो जानते हैं हाथी के बारे में 10 रहस्य।
1. हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हाथियों का जन्म ऐरावत नाम के हाथी से माना जाता है। मतलब यह कि जैसे मनुष्यों का पूर्वज बाबा आदम या स्वयंभुव मनु है उसी तरह हाथियों का पूर्वज ऐरावत है। ऐरावत की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुए थी और इसे इंद्र ने अपने पास रख लिया था।
2. हाथी को दुनिया के सभी धर्मों में पवित्र प्राणी माना गया है। इस पशु का संबंध विघ्नहर्ता गणपति जी से है। गणेश जी का मुख हाथी का होने के कारण उनके गजतुंड, गजानन आदि नाम हैं। भारत में अधिकतर मंदिरों के बाहर हाथी की प्रतीमा लगाई जाती है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार भारतीय घरों में भी चांदी, पीतल और लकड़ी का हाथी रखने का प्रचलन है।
3. हिन्दू धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा के दिन गजपूजाविधि व्रत रखा जाता है। सुख-समृद्धि की इच्छा से हाथी की पूजा करते हैं। हाथी को पूजना अर्थात गणेशजी को पूजना माना जाता है। हाथी शुभ शकुन वाला और लक्ष्मी दाता माना गया है।
4. पौराणिक कथा के अनुसार हाथी द्वारा विष्णु स्तुति का वर्णन मिलता है। गजेन्द्र मोक्ष कथा में इसका वर्ण मिलेगा। गजेन्द्र नामक हाथी को एक नदी के किनारे एक मगहर ने उसका पैर अपने जबड़ों में पकड़ लिया था जो उसके जबड़े से छूटने के लिए विष्णु की स्तुति की। श्री हरि विष्णु ने गजेन्द्र को मगर के ग्राह से छुड़ाया था।
5. गीता में श्री कृष्ण कहते हैं कि हे अर्जुन में हाथियों में ऐरावत हूं।
6. हिंदुस्तान में प्राचीनकाल से ही राजा लोग अपनी सेना में हाथियों को शामिल करते आएं हैं। प्राचीन समय में राजाओं के पास हाथियों की भी बड़ी बड़ी सेनाएं रहती थीं जो शत्रु के दल में घुसकर भयंकर संहार करती थीं।
7. भारत में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थाई समिति की 13 अक्टूबर, 2010 को हुई बैठक में हाथियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने 15 अक्टूबर, 2010 को इस सम्बंध में अधिसूचना जारी की थी।
8. हाथी की उम्र 100 वर्ष से अधिक होती है। हथिनियों में गर्भावस्था 18 से 22 महीने तक की होती है। प्रत्येक मिनट हाथी 2 से 3 बार ही सांस लेता और छोड़ता है। हाथी इकलौता ऐसा जानवर है जो कूद नहीं सकता, लेकिन यह लंबे समय तक तैरने की क्षमता रखता है। चींटी हाथी की सूंड में घुंस जाए तो वह मरने की कगार पर पहुंच जाता है इसीलिए हाथी फूंक फूंक कर कदम रखता है।
9. हाथियों की सूंघने की शक्ति बहुत ही तीव्र होती है। कहते हैं कि एक हाथी पानी की गंध को लगभग 4 से 5 किलोमीटर दूर से ही सूंघ लेता है। जानवरों में हाथियों का दिमाग सबसे तेज होता है। हाथी की स्मृति बहुत ही तेज होती है यह अपने हर साथी की पहचान कर उसके साथ बिताए हर दिन को याद रखते हैं। हाथी कभी भी आपस में लड़ते झगड़ते नहीं है यह बहुत ही अपवाद स्वरूप होता होगा। झुंड का कोई हाथी मर जाए तो सभी को बहुत दुख होता है।
10. हाथी संसार का सबसे भारी जीव है। एक इंच मोटी चमड़ी वाले का वजन कम से कम 10 हजार किलो तक का हो सकता है। हाथी खड़े खड़े ही सोते हैं वह भी दिन में करीब 4 घंटे। हाथी के शरीर का सबसे मुलायम हिसा उसके कान के पीछे होता है इसीलिए उसे कान से ही काबू में किया जाता है। 5 करोड़ साल पहले हाथियों की 170 प्रजातियां पाई जाती थी लेकिन अब मात्र दो ही बची है- एलिफ्स (Elephas) तथा लॉक्सोडॉण्टा (Loxodonta).
(साभार – वेबदुनिया)
गरीबों को खाना खिलाकर देश भर में छाया ऑटोरिक्शा ड्राइवर
पुणे : महाराष्ट्र के पुणे में अपनी शादी के वास्ते बचाया गया पैसा प्रवासी श्रमिकों को खाना खिलाने पर खर्च करने पर एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर देशभर में लोगों की आंखों का तारा बन गया है और कई लोगों ने उसकी मदद के लिए अपनी जेब ढीली की है लेकिन, 30 वर्षीय ऑटोरिक्शा ड्राइवर अक्षय कोठवाले उसे मदद के तौर पर मिले पैसे का यहां जरूरतमंद और गरीबों को खाना खिलाने और राशन किट देने पर खर्च कर रहा है। कोठवाले ने कहा कि वह उसे मिले अपार सहयोग के प्रति आभारी है और उसे पुणे की सड़कों पर जरूरतमंदों की मदद जारी रखने के लिए और प्रोत्साहन मिला है। उसने अपनी शादी के वास्ते दो लाख रुपए बचाए थे। उसकी शादी 25 मई को होने वाली थी लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते स्थगित हो गई।
गरीबों खासकर प्रवासी श्रमिकों को ‘न तो काम और न ही आमदनी’ के कारण हो रही कठिनाइयों से उसे बहुत दु:ख हुआ। ऐसे में उसके पास जो पैसे थे, उससे उसने इन मजदूरों के वास्ते खाना पकाने के लिए अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर रसोई स्थापित की और यहां कई स्थानों पर खाना परोसा।
इसी बीच, पिछले महीने उसके पिता की मौत हो गयी लेकिन यह त्रासदी भी उसका निश्चय नहीं डिगा सकी और उसने अपनी यह पहल जारी रखी। कोठवाले की इस नेकनीयती को देखकर देशभर से कई लोगों ने उसकी मौद्रिक सहायता की। उसने कहा, ‘मुझे देशभर के लोगों से 6 लाख रुपए मिले हैं। मैं इस सदाशयता के लिए लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने हमारी पहल की खबर पढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया।’
अक्षय कोठवाले ने कहा कि उसे जो पैसे मिले हैं, उससे वह कई इलाकों मे भोजन वितरण जारी रखेगा। उसने कहा, ‘हमारे हाथ में जो पैसे आए हैं, हमने उससे थोक बाजार से किराना के जरूरी सामान और पके हुए भोजन खरीदे। हम जरूरतमंदों के बीच राशन किट बांटने की योजना बना रहे हैं। कोठवाले भोजन वितरण के अलावा वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर तक मुफ्त में अपने ऑटोरिक्शा से पहुंचाता भी है।
कभी सालाना बनाती थी 40 लाख साइकिल, बंद हुई देश की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी
नयी दिल्ली : विश्व साइकिल दिवस के मौके पर बुधवार को खबर आई कि देश की 69 साल पुरानी साइकिल कंपनी एटलस ने आर्थिक तंगी के कारण फैक्टरी में काम रोक दिया है। इससे कंपनी में काम करने वाले 450 कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पिछले कई सालों से कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही है। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कंपनी ने सालाना 40 लाख साइकिल बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। अब ले-ऑफ नोटिस में कंपनी के प्रबंधक ने कहा कि संचालकों के पास फैक्टरी चलाने के लिए रकम नहीं है। कच्चा माल खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। इसलिए कर्मचारियों को तीन जून से ले-ऑफ करने के लिए कहा गया है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कपंनी की शुरुआत कैसे हुई और कैसे इसने अपनी पहचान बनाई। जानकी दास कपूर ने इस कंपनी की स्थापना की थी। 1951 में पहले ही साल कंपनी ने 12 हजार साइकिल बनाने का रिकॉर्ड बनाया था।
1965 तक यह देश की सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी बन गयी। 1978 में भारत में पहली रेसिंग साइकिल पेश करके कंपनी ने दुनिया में शीर्ष साइकिल उत्पादक कंपनियों में से एक होने का गौरव हासिल किया था।
कंपनी को ब्रिटिश स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूशन से आइएसओ 9001-2015 सर्टिफिकेशन के साथ मान्यता मिली।
कंपनी ने सभी आयु समूहों के लिए साइकिल की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की।
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ये है एटलस की साइकिल यात्रा (कम्पनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार)
1951 में स्थापना के बाद पहले साल में ही 12 हजार साइकिल बनाई।
1958 में पहली खेप निर्यात की गई।
1965 में सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी बनी। निर्यात का भी रिकॉर्ड बनाया।
1978 में पहली रेसिंग साइकिल के साथ सभी उम्र के लोगों की श्रृंखला पेश की।
कंपनी को इटली का गोल्ड मर्करी इंटरनेशनल अवॉर्ड मिला है।
2003 में एटलस ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का पुनर्गठन हुआ, जिसके अध्यक्ष जयदेव कपूर बने।
2005 में विदेशों में कई कंपनियों के साथ रणनीतिक गठजोड़ किया।
क्या होता है ले-ऑफ?
कंपनी के पास जब उत्पादन के लिए पैसे नहीं होते हैं, तो उस परिस्थिति में कंपनी कर्मचारियों की छंटनी न करके और किसी प्रकार का अतिरिक्त काम न कराकर सिर्फ उनकी हाजिरी लगवाती है। कंपनी का कर्मचारी रोजाना गेट पर आकर अपनी हाजिरी नोट कराएगा और उसी हाजिरी के आधार पर कर्मचारी को आधे वेतन का भुगतान किया जाएगा।
(साभार – अमर उजाला)
संगीतकार वाजिद के बाद प्रख्यात निर्देशक बासु चटर्जी और गीतकार अनवर सागर का निधन
मुम्बई : ‘‘छोटी-सी बात’’ और ‘‘रजनीगन्धा’’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले अनुभवी फिल्म निर्माता बासु चटर्जी का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। बासु दा ने सांताक्रूज स्थित अपने आवास में नींद में ही अंतिम सांस ली। इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफडीटीए) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उन्होंने सुबह के समय नींद में ही शांति से अंतिम सांस ली। वह उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रहे थे और उनके आवास पर ही उनका निधन हुआ। यह फिल्म उद्योग के लिए भारी क्षति है।’’बासु चटर्जी को‘‘चितचोर’’, ‘‘पिया का घर’’, ‘‘खट्टा मीठा’’ और ‘‘बातों बातों में’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाना जाता है।
नहीं रहे मशहूर गीतकार अनवर सागर

मशहूर गीतकार अनवर सागर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे। सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनका निधन हो चुका था।अनवर को अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘खिलाड़ी’ के लोकप्रिय गीत ‘वादा रहा सनम’ के लिये याद किया जाता है। गायक और इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईपीआरएस) के बोर्ड के सदस्य सैयद अहमद ने कहा कि अनवर ‘हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।’ अहमद ने कहा कि उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। अनवर ने 80 और 90 के दशक की कई फिल्मों के गीत लिखे, जिनमें डेविड धवन की ‘याराना’, जैकी श्रॉफ की ‘सपने साजन के’, ‘खिलाड़ी’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, अजय देवगन की ‘विजयपथ’ समेत कई फिल्में शामिल हैं।
मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का निधन

मशहूर संगीतकार भाइयों की जोड़ी साजिद-वाजिद में से वाजिद खान का निधन हो गया है। 31 मई देर रात को मुंबई में वाजिद खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मशहूर सिंगर सोनू निगम ने वाजिद खान के निधन की दुखद खबर सोशल मीडिया के जरिए शेयर की। वाजिद खान की उम्र 42 वर्ष की थी। साजिद-वाजिद की जोड़ी ने बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में संगीत दिया है। सलमान खान की ज्यादातर फिल्मों में साजिद – वाजिद ने संगीत दिया है।
स्ट्राइड्स को ट्राएमसिनोलोन एसिटोनाइड के लिए मिली यूएसएफडीए की मंजूरी
कोलकाता : स्ट्राइड्स फार्मा साइंस लिमिटेड (स्ट्राइड्स) ने आज घोषणा की कि इसकी चरणबद्ध स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, स्ट्राइड्स फार्मा ग्लोबल पीटीई। लिमिटेड, सिंगापुर, को यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग ए़मिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) से के लिए ट्राएमसिनोलोन एसिटोनाइड ओएंटमेंट, यूएसपी, 0.05 प्रतिशत के लिए अनुमोदन प्राप्त हुआ है। उत्पाद अमेरिकी बाजार में सीमित प्रतिस्पर्धा के साथ आला और छोटे वॉल्यूम उत्पाद पोर्टफोलियो का हिस्सा है।
आईक्यूवीआईए एम ए टी (IQVIA MAT) के आंकड़ों के अनुसार, इस मलहम के लिए अमेरिकी बाजार, में बड़ा बाजार है। इस उत्पाद का निर्माण बेंगलूरु में किया जाएगा और इसका विपणन स्ट्राइड्स फार्मा इंक द्वारा यूएसमार्केट में किया जाएगा। कंपनी के पास यूएसएफडीए के साथ 124 क्यूमलेटिव ए एन डी ए है, जिसमें से 86 ए एनडी ए को मंजूरी दी गई है और 38 का अनुमोदन लंबित है।
शुभ सृजन सम्पर्क स्टार्टअप स्टोरीज
हम सब जानते हैं कि कोरोना काल के कारण देश और अर्थव्यवस्था किस स्थिति से गुजर रहे हैं। खासकर देश भर में श्रमिकों की जो स्थिति है, वह वाकई दिल दहला देने वाली है लेकिन यह बात ध्यान में रखनी होगी कि श्रमिक सबसे बड़ा संसाधन हैं और वह आधार हैं किसी उद्योग का। आज नौकरियों की समस्या विकराल है और कोरोना के लॉकडाउन ने स्थिति को और बिगाड़कर रख दिया है। इतनी समस्याओं के बावजूद यह भी सच है कि आपदा में भी अवसर होते हैं, जरूरत उसे पहचानने की है। आज जो श्रमिक घर लौटे हैं, वह कोई न कोई हुनर सीखकर लौटे हैं, वर्षों काम करने के बाद लौटे हैं इसलिए उनका अनुभव और उनकी कार्यक्षमता ही सबसे बड़ा संसाधन है जो कि इनसे जुड़े राज्यों में उद्योग को एक नयी दिशा दे सकती है और श्रम संसाधन न मिलने के कारण जो उद्यमी निराश बैठे हैं, उनके लिए भी यह एक अवसर है जो इन श्रमिकों के हुनर का लाभ उठाकर राज्य की क्षमता और संसाधनों तथा माँग के अनुसार उद्यम स्थापित करें। उद्योग के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए उद्यमी को सुविधाएँ, सरकारी संरक्षण, पूँजी, जानकारी और प्रचार की भी जरूरत है। ये अवसर है कि हम साथ आएँ।
शुभ सृजन सम्पर्क स्टार्टअप स्टोरीज
शुभजिता मानती है कि आज रोजगार सृजन की जरूरत है और यह काम उद्योग से ही सम्भव है। उद्यमी स्तम्भ हम पहले ही आऱम्भ कर चुके हैं..अब बाजार में नया…नव उद्यमी स्तम्भ भी ला रहे हैं। अलग -अलग उद्योग, सरकारी योजनाएँ, पर्यावरण अनुकूल उद्योग के अतिरिक्त बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और बंगाल के साथ महिलाएँ हमारे केन्द्र में हैं और स्टार्टअप का वर्गीकरण हमने वर्गों में किया है –
स्थापित उद्यम
1. उद्यमी – तीन साल से अधिक पुराना उद्योग (महिला व पुरुष, दोनों के लिए)
स्टार्टअप
2. नव उद्यमी – अगर आपका स्टार्टअप 1 साल पुराना है…।
3. नव्या (महिलाओं के लिए) – अगर आपका स्टार्टअप 1 साल पुराना है।
शुभ सृजन सम्पर्क एक हिन्दी डायरेक्टरी है
पंजीकरण शुल्क – तीन साल से कम 100 रुपये। तीन साल से अधिक 200
महिलाओं के लिए 100 रुपये
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हिंदी विश्वविद्यालय कोलकाता केंद्र कार्यालय 30 जून तक बंद
कोलकाता : कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र एवं पश्चिम बंगाल सरकार के दिशानिर्देशों के आलोक में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा का क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता कार्यालय 30 जून तक बंद रहेगा। केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ ने बताया कि इस आशय का कार्यालय आदेश कुलपति के अनुमोदन से विश्वविद्यालय कुलसचिव ने केंद्र को जारी किया है। इस बीच औपचारिक रूप से ग्रीष्मावकाश के चलते ऑनलाइन कक्षाएँ अभी स्थगित हैं। फिर भी विद्यार्थियों के अकादमिक संवर्द्धन के लिए केंद्र के अध्यापक ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में नए सत्र में प्रवेश के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी शीघ्र आरंभ होने वाली है।




