कोलकाता : आभूषणों का खुदरा कारोबार करने वाली कंपनी सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के चेयरमैन व प्रबन्ध निदेशक शंकर सेन का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि सेन कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित थे। 63 वर्षीय शंकर सेन कथित तौर पर कोविड-19 के संक्रमण से पीड़ित थे। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को उनका निधन हुआ। सेन के परिवार में उनकी मां, पत्नी, बेटा, बेटी और 2 नाती-पोते हैं। सेनको गोल्ड की राष्ट्रीय पहचान सुनिश्चित करने में शंकर सेन का अमूल्य योगदान है। सेन के आकस्मिक निधन पर आरपीएसजी समूह के चेयरमैन डा. संजीव गोयनका ने शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने व्यापार जगत के एक प्रेरणादायक नेतृत्व को खो दिया। सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के शंकर सेन का आकस्मिक निधन एक गहरे आघात की तरह है। डा. संजीव गोयनका ने यह भी कहा कि इस क्षति से ऊबरना आसान नहीं होगा। उन्होंने शंकर सेन के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
कोरोना में फीका न पड़े राखी वाला फैशन लुक
इन दिनों अजियो, ग्लोबल देसी, एंड इडिया डॉट कॉम जैसे कई ई कॉमर्स माध्यमों पर छूट चल रही है और तुरन्त खरीददारी करने का मूड हो तो आप कर सकती हैं।
कोरोना काल में हर त्योहार फीका रहा…और अब आ रहा है रक्षाबन्धन। ये सही है कि समय कठिन है मगर इसका मतलब यह थोड़े न है कि त्योहार ही न मनाया जाए। वैसे भी इस ऑनलाइन युग में कुछ भी छूटता भी कहाँ हैं..तो आप वर्चुअल रक्षाबन्धन मनाएँ या सामने रहकर…मूड तो सही रखने के लिए अच्छा दिखना जरूरी है। हम फ्यूजन पहनें या कुछ भी पहनें…मुद्दा यह है कि आप कायदे से पहनें और उसे पहनकर आपको कठिनाई न हो। वैसे भी साल में यही तो त्योहारों का ही तो मौसम है जो परिधान में थोड़ा सा देसी लुक लाने की ख्वाहिश जगाता है।
अब सवाल यह है कि रोज डेनिम और शॉर्टर्स पहनने के बाद अब एक दिन भारी – भरकम साड़ी तो सम्भलने से रही तो अधिकतर लड़कियों की पसन्द होता है सूट। अब आप इसे जरा सा फ्यूजन लुक दीजिए और धोती पैंट्स या क्रॉप टॉप के साथ पहन लीजिए…आराम का आराम और शान से दिखाइए अपना देसी लुक।

बात जब देसी की हो तो भला चिकन कैसे न याद आए…तो आप चिकनकारी का सूट, कुरता या साड़ी, कुछ भी पहन सकती हैं। अगर हम अपनी बात कहें…तो वार्डरोब में और कुछ हो या न हो…एक चिकन का कुरता या सूट तो रहता ही है…। इसका फायदा यह है कि आप अगर किसी सेमिनार में हों या किसी पार्टी में चिकन आपके फैशन को भीड़ से अलग करता है औऱ आँखें हैं कि हटती ही नहीं…तो आप इस बार यह पहन कर भी देख सकती हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि अब चिकन सिर्फ सफेद ही नहीं रहा बल्कि इसमें इतने सारे रंग हैं कि आपके लिए भी खुद चुनना मुश्किल हो सकता है।


शरारा सूट पहनने की ख्वाहिश हो तो बस आपको सिर्फ इतना करना है कि शरारे के साथ चोली की जगह ब्रॉलेट टॉप पहनें और एक मैचिंग दुपट्टा ले लें। खरीदने का मूड न तो जो अनारकली रखी है…उसे ड्रेस की तरह पहन लीजिए….और अच्छी बात यह है कि इसे किस तरह पहनना है…ये आप तय कर सकती हैं…शादी का मौसम है नहीं कि भारी दुप्पटा लेना ही है…तो इस बार रक्षाबन्धन पर ये प्रयोग आपके लुक में चार चाँद लगा सकता है।
अगर आराम से बैठना पसन्द है तो पटियाला जिन्दाबाद है। एक कुरती, पटियाला…लम्बी चोटी और दुप्पटा…हो गया पंजाबी कुड़ी लुक और इसे राजस्थानी लुक में बदलना हो तो दुप्पटा बन्धेज का लीजिए।
साड़ी पहनने का मूड हो तो बनारसी तो न ही पहनें…क्यों घर में भी धूम मचानी हो तो वह तो बनारसी पहनकर हो ही नहीं सकती मगर बनारसी दुप्पटा आराम से ले सकती हैं। साड़ी पहननी ही हो तो शिफॉन, जॉर्जेट..जैसे हल्के फैब्रिक चुनें जिससे काम करना आसान हो। इन दिनों अजियो, ग्लोबल देसी, एंड इडिया डॉट कॉम जैसे कई ई कॉमर्स माध्यमों पर छूट चल रही है और तुरन्त खरीददारी करने का मूड हो तो आप कर सकती हैं।
मानसून में जब खरीदने हों फुटवेयर
बारिश का मौसम आ गया है। माना कि कोरोना काल है मगर अनलॉक के दौरान यदा – कदा अगर निकलने का मूड हो और अचानक बारिश का आ जाए तो क्या करेंगे। अब लॉकडाउन के मौसम में जब दुकानें आपके स्मार्टफोन पर सज ही गयी हैं तो मन क्या मारना…तो जब आप फुटवेयर खरीदने की तैयारी कर ही रहे हैं…इस मौसम में तो इन बातों का ख्याल जरूर रखें –
क्रॉक्स हैं सही
अगर आप दोस्तों के साथ घूमने या पास में ही कहीं जा रहे हैं तो क्रॉक्स सही विकल्प हैं। बारिश के मौसम में ये सबसे सही ऑप्शन है। आप बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसी भी खूबसूरत रंग के क्रॉक्स खरीद सकते हैं।
फ्लिप-फ्लॉप
डेनिम जींस और टीशर्ट या लेगिंग-कुर्ती के साथ फ्लिप-फ्लॉप बढ़िया रहेंगे मगर यह भी देखने की जरूरत है कि इनको पहनकर आपको चलने में दिक्कत न हो। ऐसे फ्लिप – फ्लॉप खरीदें जो आसानी से धुल जाएँ और सूख भी जाएँ।
स्टाइल मारना है तो गमबूट्स हैं
ये तो युवाओं में बहुत पसन्द किया जा रहा है। इसको पहन कर आप आसानी से चल -फिर सकते हैं।
अगर हील्स पहनना चाहें तो
वैसे तो हम बारिश में हील्स पहनने की सलाह नहीं देंगे मगर किसी पार्टी या समारोह में इसकी जरूरत पड़ ही जाती है। अब हील्स पहनने ही हैं तो वेजेस पहनें, पैरों को आराम मिलेगा और सहारा भी।
पीप-टोज न खरीदें
बारिश के दौरान ऐसे फुटवेअर खरीदें जो आपके पैर को पूरी तरह से कवर करें। और रंगों का भी ध्यान रखें, भूरा, काला, गहरा नीला, नीला मतलब गहरे रंग के जितने विकल्प हैं, आप खरीद सकती हैं…बस यह ध्यान रहे,,कीचड़ आपकी चप्पल पर न चमके और न टिक पाये और उसे साफ करना आसान हो।
शुभजिता युवा प्रतिभा सम्मान प्रतिभागी – सूरज राउत
प्रतियोगिता – चित्रांकन
संस्थान- इन्दिरा गाँधी ओपेन यूनिवर्सिटी
रुचि- चित्रकला
गारूलिया मिल हाई स्कूल ( एच. एस) का बढ़िया प्रदर्शन
कोलकाता :गारूलिया मिल हाई स्कूल ( एच. एस) में माध्यमिक परीक्षा 2020 में कुल 178 विद्यार्थी प्रस्तुत हुए थें जिनमें 123 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, प्रथम स्थान कबीर जावेद अंसारी (593) , द्वितीय अभिषेक तांती (546), तृतीय गौरव कुमार गोंड (526 ) ने प्राप्त किया है, उच्च माध्यमिक 2020 में प्रथम स्थान रोहित गुप्ता (459), द्वितीय निलेश हरिजन (421), तृतीय तुशाल मल्लाह (419)ने प्राप्त किया है
राष्ट्रीय पुस्तकालय में दो दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला
कोलकाता : राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता द्वारा दिनांक 27 एवं 28 जुलाई, 2020 को आयोजित दो-दिवसीय ऑनलाइन हिंदी कार्यशाला का उद्घाटन गूगल मीट के माध्यम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन करते डॉ. के.के. कोच्चुकोशी, विशेष कार्य अधिकारी, राष्ट्रीय पुस्तकालय ने कहा कि हिंदी भारत सरकार की राजभाषा है तथा केंद्रीय कर्मियों का दायित्व है कि वे हिंदी में कामकाज को बढ़ावा दें। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उदय भान दुबे, पूर्व मुख्य प्रबंधक (राजभाषा), यू.बी.आई. ने राजभाषा नीति, नियम एवं अधिनियम से संबंधित विचार विस्तारपूर्वक रखे। उन्होंने सत्र के दौरान मो. उसमान घनी, सहायक पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी के प्रश्नों के जवाब भी दिए। प्रभारी हिंदी अधिकारी श्री सुनील कुमार ने कार्यक्रम में भाग ले रहे मुख्य अतिथि, अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत किया। श्री विनोद कुमार यादव, अनुवादक, राष्ट्रीय पुस्तकालय ने कार्यशाला का संचालन करते हुए कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी ने हिंदी कार्यशाला को ऑनलाइन करने को बाध्य किया। कम संसाधनों की लागत से आयोजित इस तरह के आयोजन आपदा में भी अवसर के समान हैं। ऑनलाइन कार्यशाला के दूसरे दिन दिनांक 28 जुलाई, 2020 को पहले सत्र में प्रो. संजय जायसवाल ने ‘विज्ञान एवं रोज़गार की भाषा हिंदी’ विषय पर चर्चा की। दूसरे सत्र में अर्पिता राय ने ‘टिप्पण, प्रारूप लेखन एवं पत्राचार’ विषय पर व्याख्यान दिया।
सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय में मनायी गयी तुलसी जयंती
कोलकाता : सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय के तत्वावधान में आज गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पुस्तकालय कक्ष में एक छोटे से समारोह में मनायी गयी | गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए पुस्तकालय के अध्यक्ष श्री भरत कुमार जालान ने कहा कि सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय द्वारा प्रतिवर्ष तुलसी जयंती के आयोजन की अपनी विशिष्ट परम्परा रही है लेकिन वैश्विक महामारी के इस दौर में जहाँ लोग अपने आवासों में कैद हैं, ऐसे समय में पुस्तकालय ने छोटे समारोह में ही इस परम्परा का निर्वाह कर इसे अक्षुण्ण बनाए रखा है |
कार्यकारिणी समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय के मंत्री महावीर बजाज भी मंच पर उपस्थित थे | पुस्तकालय के उपाध्यक्ष डॉ प्रेमशंकर त्रिपाठी एवं मंत्री दुर्गा व्यास ने भी गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रति घर से ही वर्च्युवल श्रद्धा निवेदित की | इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ कवि कालीप्रसाद जायसवाल, पुस्तकाध्यक्ष श्रीमोहन तिवारी, पुस्तकालय सहायक विजय कुमार तिवारी भी उपस्थित थे |
कामधेनु ग्रुप ने पीएम -केयर्स फंड में दिये 71 लाख रुपये
कोलकाता : कामधेनु ग्रुप ने प्रधानमंत्री – केयर्स में 71 लाख रुपये का अनुदान दिया है। यह फंड कोविड -19 से निपटने के लिए बनाया गया बै। कामधेनु ने यह पहल अपनी सीएसआर शाखा, कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन के तहत की है। कम्पनी ने अपने कर्मचारियों, डीलरों, वितरकों को भी पीएम केयर फंड में अनुदान देने की गुजारिश की है। आर्थिक सहायता के अतिरिक्त कामधेनु राशन, मास्क औऱ सैनेटाइजर भी वितरित कर रही है। कामधेनु ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक सतीश अग्रवाल ने कहा कि कामधेनु अपने कर्मचारियों, सहयोगियों तथा आम जनता के सहयोग हेतु हमेशा तत्पर रहता है। कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन हमेशा सामाजिक कार्यों में तत्पर रहता है।





