हाल ही में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर सैकड़ों लोगों ने दम तोड़ दिया। आसमान से गिरने वाली यह एक ऐसी आपदा है, जिसे रोका नहीं जा सकता। हालांकि सतर्कता बरतकर इससे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय उद्देश्य मौसम विज्ञान संस्थान ने एक मोबाइल एप बनाया है। इस एप की मदद से बिजली गिरने के 30 से 40 मिनट पहले ही चेतावनी मोबाइल पर मिल जाएगी। इस एप का नाम ‘दामिनी’ है, जो बिजली गिरने से पहले चेतावनी देगा।
मालूम हो कि हर साल 50-100 जगह बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं। हाल के वर्षों में आकाशीय बिजली को अन्य सभी प्राकृतिक आपदाओं की तुलना में सबसे अधिक जानलेवा आपदा में माना गया है। बिजली गिरने से भारत में हर साल लगभग दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।
प्ले स्टोर से कर सकते हैं डाउनलोड
मौसम वैज्ञानिक संजय भेलावे ने बताया कि इस एप को आप अपने मोबाइल के प्ले स्टोर से नि:शुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद मांगी गई आवश्यक जानकारी जैसे अपना नाम, मोबाइल नंबर, पिन कोड, लोकेशन, व्यवसाय फीड कर रजिस्टर्ड करना होता है। जानकारी फीड करने के बाद यह एप स्थान में बिजली गिरने की आशंका होने पर उपयोग करता है। वह तुरंत इसकी सूचना दे देता है। छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरबा सहित रायगढ़, महासमुंद और बस्तर जिले को अत्याधिक वज्रपात वाले जिले की श्रेणी में चिन्हांकित किया है।
आकाशीय बिजली से बचाएगा एप, वज्रपात से 30 मिनट पहले मिलेगी चेतावनी
जियो ने विकसित की ‘स्वदेश निर्मित’ 5जी प्रणाली
देश को ‘2जी-मुक्त’ बनाने का लक्ष्य
नयी दिल्ली : जियो ने स्वदेश में निर्मित 5 जी प्रणाली विकसित की है और कम्पनी गूगल के साथ मिलकर सस्ते स्मार्टफोन बनाने जा रही है। रिलायंस की 43वीं वार्षिक आम सभा में कम्पनी के चेयरमैन और देश के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘जियो का लक्ष्य भारत को ‘2जी-मुक्त’ बनाना है।’’उन्होंने कहा कि भारत अब 5जी के दरवाजे पर खड़ा है। ऐसे में 2रत में निर्मित’ 5जी समाधान विकसित किया है जिसे अगले साल से उपयोग में लाया जा सकता है। कंपनी देश को ‘2जी-मुक्त’ बनाने के लिए कंपनी गूगल के साथ मिलकर सस्ते जी फीचर फोन का इस्तेमाल करने वाले देश के 35 करोड़ से अधिक लोगों का स्थानांतरण सस्ते स्मार्टफोन पर करने की जरूरत है।
अमेरिकी कम्पनी गूगल के जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी के लिए 33,737 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा करते हुए अंबानी ने कहा कि जियो अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर एक एंड्राइड आधारित स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित करेगी।
अंबानी ने कहा, ‘‘देश में लाखों ऐसे लोग हैं जो फीचर फोन से स्मार्टफोन पर आना चाहते हैं, लेकिन वह यह तभी कर सकते हैं जब स्मार्टफोन सस्ता हो। हमने इस समस्या के समाधान को ढूंढने का फैसला किया है। हमें भरोसा है कि हम एक बहुत शुरुआती स्तर का 4जी या 5जी फोन बना सकते हैं, वह भी इसकी मौजूदा लागत से बहुत कम लागत पर।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के स्मार्टफोन को चलाने के लिए हमें एक ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत होगी जो दक्ष हो और भारतीयता को ध्यान में रखकर बनाया गया हो।
अंबानी ने कहा, ‘‘इस साझेदारी (गूगल के साथ) के साथ हमें भरोसा है कि हम हर भारतीय के हाथ में एक स्मार्टफोन पहुँचाने के राष्ट्रीय मिशन को गति दे सकते हैं। भारत 5जी के मुहाने पर खड़ा है, हमें मौजूदा वक्त में 2जी फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले 35 करोड़ लोगों को एक सस्ते स्मार्टफोन से उनके डिजिटल दुनिया में स्थानांतरण को गति देने की जरुरत है। उन्हें डिजिटल जिंदगी और इंटरनेट के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।’’
कम्पनी की 5जी योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि जियो ने शून्य से प्रारंभ कर पूर्णतया अपना 5जी समाधान डिजाइन और विकसित किया है। पहले हम इसका उपयोग भारत के स्तर पर स्थापित करके बाद में इसे दुनियाभर में अन्य दूरसंचार कंपनियों को भी निर्यात कर सकेंगे।
रिलायंस के प्रमुख ने कहा कि अगले तीन साल में जियो के मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 50 करोड़ होगी। साथ ही जियो करीब एक अरब स्मार्ट सेंसर और पांच करोड़ घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को भी अपने नेटवर्क से जोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि जियो का विश्वस्तरीय 4जी और फाइबर नेटवर्क विभिन्न सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकियों और उपकरणों से संचालित होता है। ‘‘ जियो की यह क्षमता उसे एक और अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी 5जी के लिए अग्रणी स्थिति में रखती है।’’
अंबानी ने कहा, ‘‘ मुझे इस बात की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि जियो ने पूर्णतया स्वदेशी प्रौद्योगिकी से 5जी समाधान विकसित किया है। यह हमें देश में 100 प्रतिशत घरेलू प्रौद्योगिकी के माध्यम से विश्वस्तरीय 5जी सेवाएं पेश करने में सक्षम बनाएगी।’’
उन्होंने कहा कि यह परीक्षण के लिए तैयार है। अगले साल जितने जल्दी 5जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा उतनी ही जल्दी हम इसका प्रायोगिक परीक्षण शुरू कर देंगे।
अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने मौलिक बौद्धिक संपदा अधिकार पर आधारित विकास के दृष्टिकोण को अपनाया है।
उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने 20से अधिक स्टार्टअप कंपनियों के साथ मिलकर 4जी, 5जी, क्लाउड कंप्यूटिंग, उपकरण और ऑपरेटिंग सिस्टम्स, बिग डाटा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ब्लॉकचेन, स्वभाविक तरीके से भाषा की समझ और कंप्यूटर दृष्टिकोण इत्यादि प्रौद्योगिकी से जुड़ी विश्वस्तरीय क्षमताओं को विकसित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इन प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर हम मीडिया, वित्तीय सेवा, नये वाणिज्य (ई-वाणिज्य), शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्मार्ट सिटी, स्मार्ट विनिर्माण और स्मार्ट परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए समाधान उपलब्ध करा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि हमने डिजिटल कनेक्टिविटी की वृद्धि के पांच प्रमुख क्षेत्र मोबाइल ब्रॉडबैंड, जियो फाइबर, जियो व्यापारिक प्रतिष्ठान ब्रॉडबैंड, लघु उद्यमों के लिए ब्रॉडबैंड और जियो की नैरोबैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स सेवा को पूरी तरह शुरू कर दिया है।
जियो के साथ साझेदारी पर गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने कहा, ‘‘ जियो प्लेटफॉर्म्स के साथ इस समझौते से हमें लगता है कि कंपनी देश में ज्यादा बेहतर तरीके से प्रभाव छोड़ पाएगी जो शायद वह अकेले नहीं छोड़ सकती थी। यह देश में हमारे अगले निवेश चरण का अहम हिस्सा है। सबसे पहले हम जियो में 4.5 अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं।’’
उल्लेखनीय है कि इस हफ्ते की शुरुआत में ही गूगल ने भारत के लिए अपनी निवेश योजनाओं का जिक्र करते हुए 10 अरब डॉलर या 75,000 करोड़ रुपये के ‘गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीकरण कोष’ के माध्यम से निवेश की घोषणा की थी।
दुनिया में टीके की आपूर्ति की योजना में 150 से अधिक देश शामिल
लंदन : कोरोना वायरस के संभावित टीके की आपूर्ति दुनिया के सारे देशों में समान रूप से सुनिश्चित करने के मकसद से शुरू किए गए एक अभियान में 70 से अधिक धनवान देश जुड़ गए हैं। अभियान के तहत संपन्न देश अपने नागरिकों के लिए भी अधिक टीकों का भंडार जमा कर सकते हैं।
टीका बनाने के लिए बने गठजोड़ ‘गावी’ ने बुधवार को एक बयान में कहा कि 75 देशों ने कहा है कि वे कम आय वाले ऐसे 90 अन्य देशों के साथ उसकी नयी ‘कोवेक्स फेसिलिटी’ से जुडेंगे जिन्हें टीके मिलने की आस है।
एपी ने इस सप्ताह खबर प्रकाशित की थी कि गावी की पहल से अमीर देश अपने खुद के लिए कोरोना वायरस टीकों की आपूर्ति कर सकते हैं वहीं कुछ टीके अधिक संवेदनशील आबादी वाले देशों के लिए रख सकते हैं।
गावी के सीईओ सेथ बर्कले ने एक बयान में कहा, ‘‘अनेक देश, चाहे वे अपने लिए टीके खरीदने की क्षमता रखते हों या उन्हें मदद की दरकार हो, उनके लिए इस मिशन का उद्देश्य है कि जरूरी टीके मिलना सुनिश्चित हो तथा इस मामले में वे पिछड़े नहीं।’’
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए विश्व भर में अनेक टीकों पर अनुसंधान चल रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसे देश टीकों का परीक्षण सफल होने से पहले ही लाखों डोज का ऑर्डर दे चुके हैं।
बर्कले ने माना कि टीकों की खरीद के संबंध में कोई प्रणाली नहीं है लेकिन गावी इस संबंध में संभावित समाधानों की दिशा में काम करने के लिए अमीर देशों से बात करेगा।
भारतीय दवा उद्योग पूरी दुनिया के लिए कोविड-19 वैक्सीन बनाने में सक्षम: बिल गेट्स
नयी दिल्ली : माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में सक्षम है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-प्रमुख और न्यासी ने कहा कि भारत में कई बेहद महत्वपूर्ण चीजें हुई हैं और इसका दवा उद्योग कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहा है।
‘कोविड-19: वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई’ नामक वृत्तचित्र में उन्होंने कहा कि भारत को अपनी विशाल आबादी और शहरी केंद्रों के कारण स्वास्थ्य संकट की एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। भारत के दवा उद्योग की क्षमताओं के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘भारत में बहुत अधिक क्षमता है। यहां की दवा और वैक्सीन कंपनियां पूरी दुनिया के लिए विशाल आपूर्तिकर्ता हैं। आप जानते हैं, भारत में सबसे अधिक टीके बनाए जाते हैं।’’
उन्होंने कहा कि यहाँ बायो ई, भारत बायोटेक, कई अन्य हैं, जो कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उत्साहित हूं कि वहां का दवा उद्योग न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए (वैक्सीन का) उत्पादन कर सकेगा। हमें मौत के आंकड़ों को कम करने, और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इस बीमारी को खत्म करने की प्रतिरक्षा हमारे अंदर है।’’
गेट्स ने कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भी सरकार की एक साझेदार है और विशेष रूप से जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।
ये है देश की पहली रामायण वाटिका
देश की पहली रामायण वाटिका बनकर तैयार हो गयी है। देश-विदेश में पाई जाने वाली वनस्पतियों को अनूठे ढंग से संरक्षित करने वाले हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र ने अब एक और अभिनव प्रयोग करते हुए यह रामायण वाटिका तैयार की है। वाटिका में वाल्मीकि रामायण में वर्णित उत्तराखंड की संजीवनी बूटी से लेकर श्रीलंका में पाई जाने वाली नागकेशर सहित 149 वनस्पतियों को संरक्षित किया गया है। वाल्मीकि रचित रामायण के अरण्य कांड नामक खंड में श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास का विवरण है। रामायण वाटिका में इस कालखंड की वनस्पतियों के साथ ही रामायण की भी विस्तृत जानकारी मिलेगी। इसके लिए पूरी वाटिका में बोर्ड लगाए हैं, जिनमें चित्र के साथ वनस्पतियों और श्रीराम की यात्रा का वर्णन भी किया गया है। किस वन में श्रीराम किस समय रहे और कौन सी वनस्पतियां उक्त वन में पाई जाती हैं।

वाटिका में चित्रकूट की कंटकारी, असन, श्योनक, ब्राह्मी, दंडकारण्य की अर्जुन, टीक, पाडल, गौब, बाकली, पंचवटी की सेमल, सफेद तिल, तुलसी, किष्किंधा की चंदन रक्त, चंदन ढाक, नक्तमलका, मंदारा, मालती, मल्लिका, कमल, अशोक वाटिका की नागकेशर, चंपा, सप्तर्णी, कोविदारा, द्रोणागिरी की संजीवनी, विश्ल्यकरणी, संधानी, सुवर्णकर्णी, रुद्रवंती और जीवंती समेत अन्य कई प्रकार की वनस्पतियों को मिलाकर कुल 149 वनस्पतियों को संरक्षित किया गया है।
किस स्थान पर हैं रामायण काल के वन
– चित्रकूट का अर्थ है अनेक आश्चर्यों वाली पहाड़ी। यह यूपी के चित्रकूट से मध्य प्रदेश तक स्थित है। वनवास के बाद भगवान राम ने पहला निवास यहीं किया था।
– दंडकारण्य वन, यहां दंडकारण्य नामक दानव निवास करता था जिसका श्रीराम ने संहार किया था। यह छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से तेलंगाना तक फैला है।
– पंचवटी महाराष्ट्र के नासिक जिले में गोदावरी नदी के किनारे है। यहां से लंका नरेश रावण ने सीता माता का हरण किया था।
– किष्किंधा, यहां श्रीराम की भेंट हनुमान और सुग्रीव से हुई थी। यह कर्नाटक राज्य के बेल्लारी जिले में स्थित है।
– अशोक वाटिका, यह श्रीलंका के नुवारा एलिया शहर स्थित हकगला वनस्पति उद्यान में है। यहां रावण ने सीता माता को बंदी बनाकर रखा था।
(साभार – अमर उजाला)
कोरोना की वजह से गाँव लौटे विद्यार्थियों को वहीं के स्कूलों में मिलेगा दाखिला: एचआरडी
नयी दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर अपने-अपने राज्य लौटे प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। एचआरडी मंत्रालय का कहना है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना महामारी की वजह से स्थानीय क्षेत्रों को छोड़कर गए विद्यार्थियों का डाटाबेस तैयार करना होगा।राज्य कोरोना वायरस की वजह से गांव लौटे विद्यार्थियों को वहीं के स्कूलों में दाखिले के लिए स्कूलों को निर्देश दे सकते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को बिना कागजात के स्कूलों में दाखिले के लिए कहा जा सकता है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि राज्यों से कहा गया है कि वे ऐसे बच्चों का डाटा बैंक तैयार करें जो दूसरे राज्यों से या उसी राज्य के दूसरे हिस्से से कहीं और चले गए। ऐसे बच्चों को डाटा बैंक में ‘प्रवासी’ या ‘अस्थायी तौर पर अनुपलब्ध’ के रूप में दर्ज किया जायेगा।
ऐसा डाटा बैंक प्रत्येक स्कूल द्वारा तैयार किया जा सकता है और इसमें उनके स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क करके अथवा फोन, व्हाट्सएप, पड़ोसी से सम्पर्क करके जानकारी जुटायी जा सकती है। इस डाटा बैंक में उक्त अवधि के दौरान उनके रूकने के स्थान की जानकारी भी दर्ज की जा सकती है। ऐसे बच्चे जो चले गए हैं, उन्हें नामांकन में प्रवासी या अस्थायी तौर पर अनुपलब्ध के रूप में दर्शाया जा सकता है ।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अपने दिशानिर्देश में कहा है कि पूरी तरह से सतर्कता बरती जाए कि बच्चों का नाम स्कूल से नहीं काटा जाए क्योंकि उनके किसी भी समय लौटने की हमेशा संभावना रहती है। उनकी संख्या कक्षावर रूप से शिक्षा महानिदेशालय को बतायी जा सकती है ताकि उन्हें मध्याह्न भोजन, पुस्तकों एवं पोशाकों के वितरण से जुड़ी लागत की भरपायी की जा सके, अगर यह पहले नहीं की गयी है। मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार प्रत्येक स्कूल को यह निर्देश दे सकती हैं कि हाल ही में गांव में लौटे बच्चों को पहचान के किसी साक्ष्य के सिवाय और कोई दस्तावेज मांगे बिना दाखिला दिया जाए।
बंगाल : माध्यमिक परीक्षा की मेधा सूची
1. अरित्र पाल – मेमारी विद्यासागर मेमोरियल इंस्टिट्यूशन – पूर्व बर्दवान (प्राप्तांक : 694)
2. सायंतन गराई – ओंदा हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 693)
2. अभिक दास – कटवा काशीराम दास इंस्टिट्यूशन, पूर्व बर्दवान (प्राप्तांक : 693)
3. सौम्य पाठक – केंदुआडिह हाई स्कूल, बांकुड़ (प्राप्तांक : 690)
3. देवस्मिता महापात्र – भवानीचक हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 690)
3. अरित्र माईति – रहड़ा रामकृष्ण मिशन ब्वॉयज होम, उ. 24 परगना (प्राप्तांक : 690)
4. अग्निभ साहा – बीरभूम जिला स्कूल, बीरभूम (प्राप्तांक : 689)
5. अनिकेत सरकार – बंशीहरी हाई स्कूल, द. दिनाजपुर (प्राप्तांक : 688)
5. स्वास्तिक सरकार – बर्दवान म्यूनिसिपल हाई स्कूल, बर्दवान (प्राप्तांक : 688)
5. रश्मिता सिंहामहापात्रा – विक्रमपुर आर.डी. हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 688)
5. बीभाबसु मंडल – गोराबाजार ईश्वरचंद्र इंस्टिट्यूशन, मुर्शिदाबाद (प्राप्तांक : 688)
6. रिंकीनी घटक – सिलीगुड़ी गर्ल्स हाई स्कूल, दार्जिलिंग (प्राप्तांक : 687)
6. सुनरित सिंह – रायगंज कोरोनेशन हाई स्कूल, उ. दिनाजपुर (प्राप्तांक : 687)
6. रजिबुल इस्लाम – बीरभूम जिला स्कूल, बीरभूम (प्राप्तांक : 687)
6. सौनक विश्वास – बांकुड़ा क्रिश्चन कॉलेजिएट स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 687)
6. श्रीजन साहा – बर्दवान म्यूनिसिपल हाई स्कूल, बर्दवान (प्राप्तांक : 687)
6. सोहम दास – चंदननगर कनाईलाल विद्यामंदिर, हुगली (प्राप्तांक : 687)
6. प्रिंस कुमार सिंह, पुरुलिया रामकृष्ण मिशन, (गृहजिला सिवान) (प्राप्तांक : 687)
6. अरिजीत प्रहराज – दक्षिणचक हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 687)
6. सप्तर्षि जाना – ज्ञानदिप विद्यापीठ, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 687)
6. अस्मी चौधरी – अशोकनगर वाणीपीठ गर्ल्स हाई स्कूल, उ. 24 परगना (प्राप्तांक : 687)
6. सौहार्द पात्र – खरिया मयनापुर हाई स्कूल, हावड़ा (प्राप्तांक : 687)
7. करन दत्ता – मनींद्रनाथ हाई स्कूल, कूचबिहार (प्राप्तांक : 686)
7. ऋतम बर्मण – गोपालनगर एमएसएस हाई स्कूल, कूचबिहार (प्राप्तांक : 686)
7. सोहन तमांग – मालदह जिला हाई स्कूल, मालदह (प्राप्तांक : 686)
7. शुभदिप चंद्रा – रामपुरहाट जितेंद्रलाल विद्याभवन, बीरभूम (प्राप्तांक : 686)
7. अर्णी चटर्जी – बीरभूम जिला स्कूल, बीरभूम (प्राप्तांक : 686)
7. अरित्र माजी – विवेकानंदा शिक्षानिकेतन हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 686)
7. साग्निक मिश्रा – केंदुआडिह हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 686)
7. सौभिक सरकार – बर्दवान सीएमएस हाई स्कूल, बर्दवान (प्राप्तांक : 686)
7. सुहा घोष – चंदननगर कृष्णा भाविनी नारी शिक्षा मंदिर, हुगली (प्राप्तांक : 686)
7. दिव्यांकांति घोरुई – गौरहाटी हरदास इंस्टिट्यूशन, हुगली (प्राप्तांक : 686)
7. संप्रीति कुंडु – बदनगंज श्री श्री शारदामनी गर्ल्स हाई स्कूल, हुगली (प्राप्तांक : 686)
7. रिचिक सामंत – ब्याबात्राहाट आदर्श हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 686)
7. पियास प्रमाणिक – कोलाघाट थर्मल पावल प्लांट हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 686)
7. अनुष्तुप दास – दक्षिणचक हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 686)
7. देवाक्षा सिद्धांत – कांदी राज हाई स्कूल (प्राप्तांक : 686)
7. साहित्य मंडल – सारदा विद्यापीठ हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 686)
7. सायेद मो. तमीम – बेणुपालचक हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 686)
8. वरुणादित्य साहा – जलपाईगुड़ी जिला स्कूल, जलपाईगुड़ी (प्राप्तांक : 685)
8. नाजनीज आजाद – बामोनग्राम एचएमएएम हाई स्कूल, मालदह (प्राप्तांक : 685)
8. मो. तहेनुज्जामन – सीहोल हाई स्कूल, मालदह (प्राप्तांक : 685)
8. सुप्रतिक पंडित – देउलपाड़ा भुधाड़ी नाथ विद्यानिकेतन, हुगली (प्राप्तांक : 685)
8. अंकिता घोष – गरहराई गर्ल्स हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 685)
8. शुभंकर माईति – दासपुर विवेकानंद हाई स्कूल, पश्चिम मिदनापुर (प्राप्तांक : 685)
8. सौम्यप्रभ दे – कोलाघाट थर्मल पावर प्लांट हाई स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 685)
8. महांजन देवनाथ – बहरमपुर जगन्नाथ अकादमी, मुर्शिदाबाद (प्राप्तांक : 685)
8. मंजूष हल्दार – बनगांव हाई स्कूल, उ. 24 परगना (प्राप्तांक : 685)
8. अयन घोष – दमदम विद्यानाथ इंस्टिट्यूशन, कोलकाता (प्राप्तांक : 685)
8. सौम्यदीप सरदार – दक्षिण बारासात शिवदास आचार्य हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 685)
9. श्रेया सरकार – सुनितिबाला सरदार गर्ल्स हाई स्कूल, जलपाईगुड़ी (प्राप्तांक : 684)
9. अंकिता मंडल – बारलो गर्ल्स हाई स्कूल, मालदह (प्राप्तांक : 684)
9. अयनदीप सान्निग्रही – विवेकानंद शिक्षानिकेतन हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 684)
9. सवर्ण हाति – सोनामुखी बिन्दु बसनी जुबली हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 684)
9. अनुश्री घोष – आसनसोल उमारानी गोराई महिला कल्याण गर्ल्स हाई स्कूल, पश्चिम बर्दवान (प्राप्तांक : 684)
9. उर्जाशि मंडल – कटवा दुर्गादासी चौधरी गर्ल्स हाई स्कूल, पूर्व बर्दवान (प्राप्तांक : 684)
9. शुभदीप बनर्जी – मंगलदा बीएनजे हाई स्कूल, पुरुलिया (प्राप्तांक : 684)
9. तन्मय बार – दुबदा डी बिरेन्द्र विद्यापीठ स्कूल, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 684)
9. शुभदीप बैद्य – शारदा विद्यापीठ हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 684)
9. सायक बाणिक – शारदा विद्यापीठ हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 684)
10. सम्प्रीति रॉय – महारानी इन्दिरा देवी बालिका विद्यालय, कूचबिहार (प्राप्तांक : 683)
10. अयन सेठ – रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यामंदिर, मालदह (प्राप्तांक : 683)
10. देवांजन दे – रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यामंदिर, मालदह (प्राप्तांक : 683)
10. सायन कर्मकार – रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्यामंदिर, मालदह (प्राप्तांक : 683)
10. रुपसा साहा – बालुरघाट गर्ल्स हाई स्कूल, द. दिनाजपुर (प्राप्तांक : 683)
10. जुनैद हसन – बीकेटीपीपी प्रबीर सेनगुप्ता विद्यालय, बीरभूम (प्राप्तांक : 683)
10. देवात्रेय दास – विवेकानंद शिक्षा निकेतन हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. शंख सौरव चटर्जी – रामहरीपुर रामकृष्ण मिशन हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. अंकन पात्र – विष्णुपुर हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. अंकन दास बैराग्य – शासपुर डीएन इंस्टिट्यूशन, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. प्रभात दत्ता – सोनामुखी बिंदु बसनी जुबली हाई स्कूल, बांकुड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. एसके परवेज जीत – बनपस शिक्षा निकेतन, बर्दवान (प्राप्तांक : 683)
10. देवायुद्ध घोष – बर्दवान म्यूनिसिपल हाई स्कूल, बर्दवान (प्राप्तांक : 683)
10. अन्वेशा भट्टाचार्य – भैरवनाला एसकेयूएस हाई स्कूल, पूर्व बर्दवान (प्राप्तांक : 683)
10. श्रीपर्णा खासपूरी – कटवा दुर्गादासी चौधरानी गर्ल्स हाई स्कूल, पूर्व बर्दवान (प्राप्तांक : 683)
10. अद्वितिया पांडेय – महानद हाई स्कूल, हुगली (प्राप्तांक : 683)
10. तृषा सरकार – गोघाट भगवती बालिका विद्यालय, हुगली (प्राप्तांक : 683)
10. सायन विश्वास – पुरुलिया रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ (गृहजिला : कोलकाता) (प्राप्तांक : 683)
10. सोहम माईति – ज्ञानदीप विद्यापीठ, पूर्व मिदनापुर (प्राप्तांक : 683)
10. चयनिका मुरमू – प्राणबंदन विद्यापीठ, मुर्शिदाबाद (प्राप्तांक : 683)
10. प्रियांशु दास, श्रीचंद एमएन मेमोरियल हाई स्कूल, द. 24 परगना (प्राप्तांक : 683)
10. साग्निक मुखर्जी – उत्तरपाड़ा चिल्ड्रेन्स ओन होम, हावड़ा (प्राप्तांक : 683)
10. मेघा मंडल, उत्तरपाड़ा मॉडल हाई स्कूल, हावड़ा (प्राप्तांक : 683)
माध्यमिक परीक्षा के नतीजे 86.34 प्रतिशत, 99.14 प्रतिशत पाकर अरित्र अव्वल
कोलकाता : पश्चिम बंगाल मध्य शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कल्याणमय गंगोपाध्याय ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से माध्यमिक परीक्षा परिणाम की घोषणा की। इस बार रिकॉर्ड 86.34% परीक्षार्थी पास हुए हैं।पूर्व बर्दवान का छात्र अरित्र पाल इस बार टॉपर बना है। अरित्र को 700 में से 694 अंक (99.14%) मिले हैं। अरित्र, पूर्व बर्दवान के मेमारी विद्यासागर मेमोरियल स्कूल का छात्र है। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 49 कैम्प ऑफिस से 22 जुलाई की सुबह 10 बजे परिषद के माध्यम से सभी स्कूलों को छात्र-छात्राओं के मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
एक नजर में आँकड़े (माध्यमिक 2020)
कुल परीक्षार्थी : 10,3,666
सफल परीक्षार्थी : 8,43,305
पास प्रतिशत : 86.34%
कुल छात्र परीक्षार्थी : 4,37,998
छात्र परीक्षार्थियों का पास% : 89.87%
कुल छात्राएँ परीक्षार्थी : 5, 65, 668
छात्राएँ परीक्षार्थियों का पास% : 83.48%
टॉप 3 जिले
पूर्व मिदनापुर : 96.59
पश्चिम मिदनापुर : 92.16%
कोलकाता : 91.07%
सीबीएसई की परीक्षाओं में बिड़ला हाई स्कूल का शानदार प्रदर्शन
दसवीं में स्वस्तिक और अर्कप्रभ आगे
कोलकाता : सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में बिड़ला हाई स्कूल के 168 परीक्षार्थी बैठे थे। इनमें से 166 परीक्षार्थी फर्स्ट डिविजन से उत्तीर्ण हुए। 57 विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक मिले। वहीं 10 परीक्षार्थियों को गणित में शत प्रतिशत अंक मिले। सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में स्वस्तिक मुखर्जी और अर्कप्रभ पात्र 98.40 प्रतिशत प्राप्त कर संयुक्त रूप स्कूल के टॉपर बने। 97.80 प्रतिशत अंक पाकर अरित्रो गांगुली दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर सौरजीत रॉय औऱ भास्कर अग्रवाल (97.60 प्रतिशत), चौथे स्थान पर सोहम लाहिड़ी (97.40 प्रतिशत), पाँचवें स्थान पर शुद्धसत्त साहा और देवांशु चौधरी रहे जिनको 97.2 प्रतिशत अंक मिले।
बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में रायन चक्रवर्ती अव्वल
वहीं इसके पहले घोषित सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में रायन चक्रवर्ती 99 प्रतिशत अंक पाकर अव्वल रहा। वह ह्यूमैनिटीज का छात्र है। दूसरे स्थान पर साइंस टॉपर किन्ज्वल भट्टाचार्य (98 प्रतिशत) रहा और तीसरे स्थान पर कॉमर्स स्ट्रीम के टॉपर ऋषभ अग्रवाल और नमन भूतोरिया रहे जिनको 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।
इस बार कॉमर्स संकाय के नतीजे अच्छे रहे। कॉमर्स टॉपर ऋषभ अग्रवाल और नमन भूतोड़िया 97.8 प्रतिशत अंक पाकर स्कूल में तीसरे स्थान पर रहे। कॉमर्स में दूसरे स्थान पर आर्यन अग्रवाल और जतिन पोद्दार रहे जिनको 97.6 प्रतिशत अंक मिले। तीसरे स्थान पर 97.4 प्रतिशत अंक पाकर अपूर्व कुमार श्रॉफ रहा।
साइंस टॉपर किन्ज्वल भट्टाचार्य 98 प्रतिशत अंक पाकर स्कूल में दूसरे स्थान पर रहा। वहीं 96.8 प्रतिशत अंक के साथ स्कन्द शर्मा दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर 4 विद्यार्थी, ऋषि पोद्दार, हर्षित अग्रवाल, तन्मय पुरवार और सुमन दास रहे। इन सबको 96.4 प्रतिशत अंक मिले।
ह्यूमैनिटीज में जहाँ रायन चक्रवर्ती 99 प्रतिशत अंक के साथ स्कूल और इस संकाय का टॉपर बना तो दूसरे स्थान पर 94.8 प्रतिशत अंक के साथ रोनित बसु तथा शुभायन दे दूसरे स्थान पर रहे जबकि तीसरे स्थान पर 94.6 प्रतिशत अंक के साथ शुभायन बोस रहा।
इस बार की परीक्षा में बैठने वाले सभी 203 परीक्षार्थी सफल रहे और स्कूल का प्रदर्शन शत- प्रतिशत रहा।
सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल की दसवीं की टॉपर बनी मंजरी
सीबीएसई की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शत -प्रतिशत रहे नतीजे
कोलकाता : सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में उम्दा प्रदर्शन किया। 99 प्रतिशत अंक पाकर मंजरी बागड़ी स्कूल की टॉपर बनी। दूसरे स्थान पर 98.80 प्रतिशत अंक पाकर राजवी अग्रवाल रही। तीसरे स्थान पर 97.80 प्रतिशत अंक पाकर साक्षी मोदी और वनीषा खेमका ने जगह बनायी। स्कूल का प्रदर्शन शत – प्रतिशत रहा और सभी 102 छात्राएँ सफल रहीं। 54 ( 52.94 प्रतिशत) छात्राओं को 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक मिले। 87 (85.29) छात्राओं को 80 प्रतिशत और उससे अधिक अंक मिले जबकि 98 (96.08 प्रतिशत) छात्राओं को 75 प्रतिशत और उससे अधिक अंक मिले।




