Monday, June 22, 2026
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खिताब जीतकर दुनिया के नंबर एक गोल्फर बने थॉमस

मेम्फिस : स्टार गोल्फर जस्टिन थॉमस रविवार को फेडएक्स सेंट ज्यूड आमंत्रण गोल्फ टूर्नामेंट का खिताब जीतकर जून 2018 के बाद पहली बार दुनिया के नंबर एक गोल्फर बन गए। थॉमस ने गत चैंपियन ब्रूक्स कोपका को पछाड़कर विश्व गोल्फ चैंपियनशिप में जीत दर्ज की। थॉमस ने अंतिम दौर में पांच अंडर 66 के स्कोर से कुल 13 अंडर 267 के स्कोर से खिताब जीता। उन्हें करियर का 13वां पीजीए टूर खिताब जीतने के लिए एक करोड़ पांच लाख डॉलर की इनामी राशि मिली। थॉमस इससे पहले 2018 में चार हफ्ते के लिए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने थे।

1528 से 2020 तक…राम मंदिर का पूरा इतिहास

अयोध्या : राम मंदिर के इतिहास में 5 अगस्त 2020 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। 1528 से लेकर 2020 तक यानी 492 साल के इतिहास में कई मोड़ आए। कुछ मील के पत्थर भी पार किए गए। खास तौर से 9 नवंबर 2019 का दिन जब 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने ऐतिहासिक फैसले को सुनाया। अयोध्या जमीन विवाद मामला देश के सबसे लंबे चलने वाले केस में से एक रहा। आइए आपको बताते हैं कि इस विवाद की नींव कब पड़ी
साल 1528: मुगल बादशाह बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने (विवादित जगह पर) एक मस्जिद का निर्माण कराया। इसे लेकर हिंदू समुदाय ने दावा किया कि यह जगह भगवान राम की जन्मभूमि है और यहां एक प्राचीन मंदिर था। हिंदू पक्ष के मुताबिक मुख्य गुंबद के नीचे ही भगवान राम का जन्मस्थान था। बाबरी मस्जिद में तीन गुंबदें थीं।
साल 1853-1949 तक: 1853 में इस जगह के आसपास पहली बार दंगे हुए। 1859 में अंग्रेजी प्रशासन ने विवादित जगह के आसपास बाड़ लगा दी। मुसलमानों को ढांचे के अंदर और हिंदुओं को बाहर चबूतरे पर पूजा करने की इजाजत दी गई।
साल 1949: असली विवाद शुरू हुआ 23 दिसंबर 1949 को, जब भगवान राम की मूर्तियां मस्जिद में पाई गईं। हिंदुओं का कहना था कि भगवान राम प्रकट हुए हैं, जबकि मुसलमानों ने आरोप लगाया कि किसी ने रात में चुपचाप मूर्तियां वहां रख दीं। यूपी सरकार ने मूर्तियां हटाने का आदेश दिया, लेकिन जिला मैजिस्ट्रेट (डीएम) केके नायर ने दंगों और हिंदुओं की भावनाओं के भड़कने के डर से इस आदेश को पूरा करने में असमर्थता जताई। सरकार ने इसे विवादित ढांचा मानकर ताला लगवा दिया।

साल 1950: फैजाबाद सिविल कोर्ट में दो अर्जी दाखिल की गई। इसमें एक में रामलला की पूजा की इजाजत और दूसरे में विवादित ढांचे में भगवान राम की मूर्ति रखे रहने की इजाजत मांगी गई। 1959 में निर्मोही अखाड़ा ने तीसरी अर्जी दाखिल की।
साल 1961: यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अर्जी दाखिल कर विवादित जगह के पजेशन और मूर्तियां हटाने की मांग की।
साल 1984: विवादित ढांचे की जगह मंदिर बनाने के लिए 1984 में विश्व हिंदू परिषद ने एक कमिटी गठित की।
साल 1986: यूसी पांडे की याचिका पर फैजाबाद के जिला जज केएम पांडे ने 1 फरवरी 1986 को हिंदुओं को पूजा करने की इजाजत देते हुए ढांचे पर से ताला हटाने का आदेश दिया।
6 दिसंबर 1992: वीएचपी और शिवसेना समेत दूसरे हिंदू संगठनों के लाखों कार्यकर्ताओं ने विवादित ढांचे को गिरा दिया। देश भर में सांप्रदायिक दंगे भड़के गए, जिनमें 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए।
साल 2002: हिंदू कार्यकर्ताओं को लेकर जा रही ट्रेन में गोधरा में आग लगा दी गई, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई। इसकी वजह से गुजरात में हुए दंगे में 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए।
साल 2010: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित स्थल को सुन्नी वक्फ बोर्ड, रामलला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा के बीच 3 बराबर-बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया।
साल 2011: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई।

साल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट का आह्वान किया। बीजेपी के शीर्ष नेताओं पर आपराधिक साजिश के आरोप फिर से बहाल किए।
8 मार्च 2019: सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा। पैनल को 8 सप्ताह के अंदर कार्यवाही खत्म करने को कहा।
1 अगस्त 2019: मध्यस्थता पैनल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
2 अगस्त 2019: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता पैनल मामले का समाधान निकालने में विफल रहा।
6 अगस्त 2019: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई शुरू हुई।
16 अक्टूबर 2019: अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।
9 नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया। 2.77 एकड़ विवादित जमीन हिंदू पक्ष को मिली। मस्जिद के लिए अलग से 5 एकड़ जमीन मुहैया कराने का आदेश।
25 मार्च 2020: तकरीबन 28 साल बाद रामलला टेंट से निकलर फाइबर के मंदिर में शिफ्ट हुए।
5 अगस्त 2020: राम मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम। पीएम नरेंद्र मोदी, आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और साधु-संतों समेत 175 लोगों को न्योता। अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी में सबसे पहले पीएम मोदी ने किया दर्शन। राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल।
(साभार – नवभारत टाइम्स)

कोरोना: सन फार्मा ने उतारी सस्ती दवा

मुम्बई : देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और रोज करीब 50 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना के मरीजों के लिए एक राहत की खबर है। सन फार्मास्‍यूटिकल इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड ने आज घोषणा की कि इसने भारत में 35 रुपये प्रति गोली की रियायती दर पर फ्लुगार्ड® (फैविपिराविर) लॉन्‍च किया है। यह गोली कोविड-19 के हल्‍के से मध्‍यम स्‍तर तक के मामलों में उपचार के लिए है। फ्लुगार्ड® इस हफ्ते से बाजार में उपलब्‍ध होगी।

लॉन्‍च के बारे में टिप्‍पणी करते हुए सन फार्मा के इंडिया बिजनेस के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, कीर्ति गानोरकर ने बताया, ‘भारत में रोज़ाना कोविड-19 के 50,000 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में, स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पेशेवरों के लिए और अधिक उपचार विकल्‍प उपलब्‍ध कराना सख्‍त आवश्‍यक है। हम फ्लुगार्ड® को रियायती दर पर लॉन्‍च कर रहे हैं, ताकि इसे अधिक से अधिक मरीजों के लिए उपलब्‍ध कराया जा सके और उनके आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। यह भारत में महामारी के प्रकोप को रोकने हेतु हमारे द्वारा हमेशा से किये जाने वाले प्रयासों के अनुरूप है।’ उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार और चिकित्‍सा बिरादरी के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देश भर में फ्लुगार्ड® की उपलब्‍धता सुनिश्चित हो सके। फ्लुगार्ड® इस हफ्ते से बाजार में उपलब्‍ध होगी। फ्लुगार्ड® सन फार्मा का पंजीकृत ट्रेडमार्क है।

कोरोना के प्रसार को समझने के लिए ड्रॉपलेट्स करेगा मदद!

लंदन : कोरोना वायरस (Corona Virus) से पूरा विश्‍व परेशान है। सबसे ज्यादा जरूरी है इस बिमारी को समझना। सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो विज्ञानियों ने ड्रॉपलेट्स के फैलाव को समझने के लिए एक नया ढांचा विकसित किया है। इसके तहत खांसते व छींकते वक्त जो विभिन्न आकार के ड्रापलेट्स निकलते हैं, उसे समझने की कोशिश की जायेगी।

बताया गया है कि जर्नल ऑफ फ्लूइड्स में प्रकाशित अध्ययन में गणितीय सूत्रों का उपयोग करके छोटे, मध्यम एवं बड़े आकार के ड्रॉपलेट्स की अधिकतम सीमा तय की गयी है। ऐसा बताया जा रहा है कि कोविड-19 के प्रसार को समझने के लिए उक्त उपयोग बेहद मददगार साबित हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक अध्ययन के सह लेखक ब्रिटेन के हेरियट-वॉट विश्वविद्यालय के कैथल कमिंस का कहना है कि जब भी कोई छींकता या खांसता है तो नाक व मुँह से उस वक्त विभिन्न प्रकार के ड्रॉपलेट्स निकलते हैं। यह ड्रापलेट्स हवा के साथ आगे बढ़ते हैं। उनका कहना है कि उक्त उपयोग की मदद से ड्रॉपलेट्स के फैलाव को समझने में काफी मदद मिलेगी। वहीं शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि अध्ययन से पता चला है कि मध्यम आकार के ड्रॉपलेट्स की तुलना में छोटे और बड़े आकार के ड्रॉपलेट्स ज्यादा दूर तक फैलते हैं। इसीलिए छोटे ड्रॉपलेट्स को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। यहाँ तक की डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी जो पीपीई इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बड़े ड्रॉपलेट्स की तुलना में छोटे ड्रॉपलेट्स के लिए कम प्रभावी हो सकते हैं।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

आज के ऑफर – अमेजन प्राइम सेल का टीवी, मोबाइल, घरेलू उपकरणों पर मिल रही है भारी छूट

अमेजन पर चल रहा है प्राइम सेल। ऑफर अवधि 7 अगस्त

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स्क्रीन प्रोटेक्टर  99 रुपये से  शुरू

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Offer : Cables & chargers starting Rs. 99

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महिला एंकरों पर खूबसूरत दिखने का दबाव है पर ये बंद होना चाहिए

मीडिया में महिलाओं के लिए जगह बनाना आसान नहीं है और आज की तकनीक के साथ कदम ताल मिलाना, ये भी सबसे नहीं होता। वहीं पत्रकारिता की दुनिया में कुछ युवा पत्रकार अपना लोहा मनवा रही हैं। महिला एंकर होने के नाते कैमरे के दबाव को आसानी से सम्भालना और सोशल मीडिया का उपयोग बड़ी खूबसूरती से कर रही हैं। ऐसी ही एक पत्रकार व एंकर हैं भाग्यश्री गुप्ता। भाग्यश्री एक डबिंग आर्टिस्ट भी हैं और इन दिनों सोशल मीडिया से अनजान लोगों को सोशल मीडिया पर लाने की मुहिम में लगी हैं। भाग्यश्री शुभजिता टीम की मेंटर भी हैं तो उनसे कई पहलुओं पर बात हुई, आपके लिए पेश हैं खास अंश – 

प्र. मीडिया में आना कैसे हुआ? अपने बारे में बताइये?

सबसे पहले तो शुभजिता का धन्यवाद करना चाहूंगी , मुझे इसका हिस्सा बनने का मौका दिया और मैं अपने बारे में बोल सकूँ इसके काबिल बनाया।  दसवीं पास करते ही मीडिया जर्नलिज़्म ने अपनी तरफ खींच लिया था तभी यह तय कर लिया था कि मीडिया की पढ़ाई ही आगे करनी है और इसी में बढ़ना है लेकिन ये भी जानती थी की घर में या रिश्तेदार में किसी का मीडिया से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं था इस वजह से इस फील्ड में आने में थोड़ी कठिनाई ज़रूर होगी। परिवारवाले शायद बहुत साथ न दे लेकिन तय तो कर लिया था। स्नातक की पढ़ाई करते ही सहारा समय के कोलकाता ऑफिस से एक महीने की इंटर्नशिप की। वहाँ से ताज़ा टीवी जो की एकमात्र लोकल हिंदी चैनल था कोलकाता का में काम करने का मौका मिला।

प्र. कोरोना काल में मीडिया पर क्या असर पड़ा है ?

कोरोना काल में मीडिया क्या सभी क्षेत्रो में काफी असर हुआ है। डिजिटल, ट्रेडिशनल सभी में लोगों  को बहुत नुक्सान हुआ है . लोगों की नौकरी चली गयी।  मीडिया हाउसों में कर्मचारी काम छोड़ जाने लगे। कई छोटे मीडिया हाउस बंद होने की कगार पर आ गए।  कई कंपनियों में छटनी के साथ साथ तनख्वाह भी काट के दी गयी और शायद अभी भी दी जा रही है।  लेकिन कोरोना ने लोगों को ज़िन्दगी के बहुत छोटे छोटे मायने समझा दिए। यही एकमात्र पॉजिटिव बात रही।  लोगों को परिवार के साथ समय मिल गया।
प्र. वर्क फ्रॉम होम पर आपके क्या विचार हैं?
देखिये वर्क फ्रॉम होम कई लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक रही क्यूंकि लोग पैसे भी बचा पाए और समय भी।  लेकिन कुछ लोगों के लिए ख़ास तौर पर महिलाओं के लिए वर्क फ्रॉम होम उतना बेहतर ऑप्शन नहीं है क्यूंकि उन्हें ऑफिस के साथ साथ घर का काम भी मैनेज करना पड़ता है जिससे उनकी प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ता है। हालाँकि ये सभी महिलाओं के लिए लागु नहीं होता।  लेकिन देखा जाये तो घर से काम करने के भी अपने प्रो और कोन है।  लेकिन इससे आपको आराम करने का समय मिल जाता है। समय पर खाने का वक़्त मिलता है।  और आपने कम्फर्ट ज़ोन के मुताबिक़ काम कर सकते हैं।
प्र. डिजिटल मीडिया का उपयोग कमाई के लिये कैसे किया जा सकता है?
डिजिटल मीडिया ने लोगों की लाइफ बहुत आसान कर दी है।  लोग घर बैठे , अपने सुविधा अनुसार काम काम कर पा रहे हैं।  ये जरिया आजकल हर एक फील्ड में है।  डिजिटल ज़माने में आपके पास बहुत सारे ऑप्शन तैयार होते है।  जिनका सही इस्तेमाल कर आप अपने कमाई का जरिया तैयार कर सकते हैं।  सही ज्ञान और अनुभव से आप इसे सही तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्र. ऐसे लोग, जो डिजिटल तौर पर सक्रिय नहीं हैं, उनको किस तरह से आगे लाया जाय?
इस वक़्त कई लोग अब भी डिजिटल मीडिया से बहुत ज्यादा परिचित  नहीं है जिसका कारण  है ज्ञान का अभाव और सही जानकारी।  लेकिन कोशिश यही होनी चाहिए की जो लोग डिजिटल मीडिया पर सक्रीय नहीं है उन्हें इस प्लेटफार्म पर लाया जाये।  सही इनफार्मेशन और हैंड्स ऑन प्रैक्टिस के साथ ऐसे लोगों को डिजिटल वर्ल्ड में शामिल किया जा सकता है।  अक्सर कुछ लोग ट्रेडिशनल मीडिया में रमे होने के कारण नए प्रयोगों से डरते हैं।  लेकिन उनके इसी डर को ख़त्म करने की ज़रूरत है।
प्र. महिला एंकर पर खूबसूरत दिखने का दबाव इतना अधिक क्यों रहता है ?
महिला एंकर पर खूबसूरत होने का दबाव मीडिया के हर सेक्टर में है।  लोग पुरुष एंकर में शायद इतने प्रतिबन्ध नहीं चाहते लेकिन अगर आप चैनल का चेहरा है और महिला है तो आपको बेहद खूबसूरत और प्रेजेंटेबल दिखने की उम्मीद की जाती है  . लोगों की यह धारणा रहती है की महिला है एंकरिंग करती है तो आपको खूबसूरत दिखना होगा ताकि लोग उस चैनल को ज्यादा देखें।  लेकिन कई बार इससे कई लड़कियों का मनोबल टूटा है जो बेहद काबिल होकर भी लोगों के सामने प्रस्तुत नहीं हो पाती है।  इसलिए ज़रूरी है इस नए आधुनिक समय में इस धारणा को खत्म किया जाए।
प्र. आप क्या सन्देश देना चाहेंगी?
 आखिर में मैं बस इतना ही कहना चाहूंगी की हर परिवार को अपनी घर की बेटी के फैसले में साथ देना चाहिए।  मीडिया में आने के लिए उसे प्रोत्साहित करें।  उसका हौसला बढाएँ।  उसकी काबिलियत पर सवाल ना खड़े कर उसका सहारा बनें। उसकी तरक्की की दुआ ना करें न कि घर बसाने की, और मीडिया में हर किसी को मौका मिलना चाहिए।  सिर्फ जो सालों से बने हुए है उन्हें नयी पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।

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जब बात हो खूबसूरती की

खूबसूरत दिखना सबको पसन्द है पर सुन्दरता केवल मेकअप से नहीं होती। इसके लिए जरूरी है कि आप ऐसे सौन्दर्य उत्पाद चुनें जो आपके लिए सही हों। आजकल तो कई ऐसे गिफ्ट हैम्पर भी हैं जो आप तोहफे में भी दे सकती हैं। अमेजन पर हमने ऐसी ही कुछ ही चीजें देखीं…हमने तो बता दिया। अब आप तस्वीर पर क्लिक कीजिए और अपनी मनचाही शॉपिंग कर डालिए…
1.
सोलफ्लावर (Soulflower)


यह गिफ्ट सेट आप किसी को भी उपहार में दे सकती हैं। मल्टीकलर, 670 ग्राम के पैक में उपलब्ध है। 100% शुद्ध और प्राकृतिक उत्पाद है औऱ हानिकारक रसायनिक पदार्थ से मुक्त है।
2.
फुट फाइल सेट


टोनी स्टार्क (Tony Stark) का फ़ुट फाइल सेट आपकी मृत औऱ कठोर त्वचा को कटा देता है। यह डेड हार्ड स्किन कैलस रिमूवर, पोर्टेबल स्क्रैपर पेडीक्योर रास्प टूल, फ़ुट केयर टूल है। प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील से बना, जो टिकाऊ है और आसानी से डीफॉर्म नहीं होती है। भिन्न फुट फ़ाइल शामिल है, जो अधिक सुविधाज़नक और व्यवहारिक है.
मोटी और कठोर त्वचा को सेकंडों में कोमलता और सुरक्षित तरीके से निकाल देता है. न हटने वाली कठोर और मोटी त्वचा को हटाता है और कैलसेज़ को स्क्रैप करता है। क्लैवस और मोटे अंगूठे के नाखून, मृत त्वचा और नाखूनों के बीच गंदगी को हटाता है। होम या प्रोफ़ेशनल प्रयोग के लिए पोर्टेबल साइज़ सुविधाज़नक है। सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे आराम से अपने पर्स में भी सफर के दौरान रख सकती हैं।
3
हेल्थसेंस नैनो-क्योर FS550 फ़ेशियल स्टीमर और मेडिकल स्टीम इन्हेलर वेपोराइज़र

नैनो-आयनिक तकनीक के साथ (सफ़ेद/गुलाबी) बच्चों के लिए सुरक्षित है। नैनो-क्योर आउटलेट से पानी का छिड़काव नहीं करता है और इसलिए बच्चों और वयस्क द्वारा उपयोग किया जाने वाला सुरक्षित श्वसन रोगों के लिए कुशल चिकित्सा प्रदान करता है और बच्चों में संवेदी क्षमताओं में सुधार करता है।
सर्दी, एलर्जी, रीनिट्स और सांस लेने संबंधी अन्य कमियों को दूर करता है, जकड़न को कम करने के लिए नाक के मार्ग को साफ़ करता है और प्रभावी रूप से खांसी, सर्दी, फ़्लू और ब्रोंकाइटिस से राहत देता है।
शक्तिशाली नैनो स्टीम: नकारात्मक रूप से आवेशित आयनों के साथ महीन नैनोमीटर साइज़ की स्टीम उत्पन्न करता है जिसके परिणामस्वरूप 10 गुना अधिक प्रभावी और तेज़ी से अब्ज़ॉर्प्शन होता है, सुसंगत और व्यापक भाप प्रवाह पूरे चेहरे को ढकता है।
UV स्टेरेलाइज़र हॉट स्टीम: स्टीम एक UV लैम्प से होकर गुजरती है ताकि स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके जबकि त्वचा और नाक के मार्ग का उपचार किया जा रहा है, सिरेमिक PTC हीटिंग एलिमेंट 40 सेकंड के भीतर तेज़ी से हीटिंग सुनिश्चित करता है
साइलेंट ऑपरेशन और ऑटो-ऑफ: नैनो-इलाज वस्तुतः ऑपरेशन करते समय शांत होता है, इसलिए आप बिना विचलित हुए अपने स्टीमिंग सेशन थैरेपी का आनंद ले सकते हैं, टैंक खाली होने पर डिवाइस स्वचालित रूप से बंद हो जाता है
हल्के वज़न का और पोर्टेबल: एलिगेंट तरीके से डिज़ाइन की गयी हैंडल इसे किसी भी ज़रूरी स्टोरेज के लिए पोर्टेबल बनाता है, यह हल्का भी होता है ताकि आप इसे आसानी से कहीं भी और हर जगह ले जा सकें।

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वीएलसीसी पेडीक्योर और मैनीक्योर किट

घर पर बैठे ही कीजिए आराम से पेडीक्योर और मैनिक्योर।
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Zency रबर इंडस्ट्री वाटर प्रूफ फुट हील केयर सॉक्स

हाथों के लिए तो दस्ताने हैं पर पैरों के लिए भी अब मोजे हैं। इन जुराबों को पानी का डर नहीं है। आपके पैरों की सुरक्षा के लिए आपके पास होने ही चाहिए। सुपर स्ट्रॉन्ग प्योर नेचुरल रबर विंटर सॉक्स ZRI वाटरप्रूफ सॉक्स जो कि प्रोप्राइटी लेटेक्स कम्पाउंड से बने हैं, वॉशिंग पाउडर डिटर्जेंट, लैग हील क्रैक, स्विमिंग पूल, रसायनिक पदार्थ, कंस्ट्रक्शन इस्तेमाल, हाइकिंग और किसी भी त्वचा एलर्जी लेग मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं किसी भी एलर्जी और त्वचा एलर्जी को पहले लागू किया गया है त्वचा को पीछे छोड़ता है। लेग फुट केयर वाटरप्रूफ सॉक्स फटी ऐड़ियों से राहत देता है और पैर नर्म बनाता है।
6
खादी नेचरल गिफ्ट बॉक्स


खादी की गुणवत्ता के बारे में सबको पता है। खादी नेचरल गिफ्ट बॉक्स में 6 उत्पाद हैं जो आपकी त्वचा औऱ बालों का ख्याल रखेंगे। पैक 550 ग्राम का है।

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ब्यूटी मसाजर और फुट पेडीक्योर, कैलस रिमूवर


JSB HF134 पर्सनल केयर किट ब्यूटी मसाजर स्लिमिंग फुट पेडीक्योर कैलस रिमूवर अटैचमेंट के साथ (4 इन 1) 4 इन 1 पर्सनल केयर किट ब्यूटी मसाजर स्लिमिंग फुट पेडीक्योर कैलस रिमूवर अटैचमेंट: रिचार्जेबल
बॉडी स्लिमिंग रोलर अटैचमेंट, बॉडी मसाजिंग बॉल अटैचमेंट, पेडीक्योर अटैचमेंट और कैलस रिमूवर अटैचमेंट। रिचार्जेबल बैटरी द्वारा संचालित शक्तिशाली मोटर, बैटरी सेविंग तकनीक, बेहतर पकड़ के लिए लंबे हैंडल और पूरे शरीर की सफाई में बेहतर पहुंच रखते हैं। उपयोग करने में आसान, साफ करने में आसान, आसान स्टोरेज है। यह 1 साल की वांरटी के साथ आता है जो देश में कहीं भी उपलब्ध है।

जब रखना हो शिशु का ख्याल, देना हो आराम

बच्चों को आराम देने के लिए आप हमेशा तत्पर रहती हैं1ऐसी स्थिति में सही उत्पादों को चुनना एक मुश्किल काम है। आजकल शिशु को आराम देने के लिए बहुत से उत्पाद बाजार में हैं। ऐसे ही कुछ उत्पाद हम आपके लिए अमेजन से लेकर आए हैं, आप तस्वीर पर क्लिक करके कोई भी उत्पाद और अन्य कई विकल्प देख सकती हैं-

मच्छरदानी वाला टोडलर गद्दा

अमरदीप एंड कम्पनी द्वारा यह निर्मित गद्दा आपके शिशु के लिए काफी आरामदायक है। यह जहाँ एक तरफ शिशु के श्वांस लेने के लिए ताजा हवा को आने देता है, वहीं दूसरी तरफ कीड़े और मच्छरों को बाहर रोक देता है। मजबूत प्लास्टिक के तार के फ्रेम का सहारा मिला है। 3 महीने तक के नवजात के लिए यह सबसे बेहतर है। इसका गुलाबी रंग वैसे ही दिखने में आकर्षक है।
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बेबी कैरियर


सफर पर जाना हो तो शिशु को सम्भालना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। हर माँ चाहती है कि उसका शिशु उसके पास रहे। ऐसे में चिमनी किड्स (Chinmay Kids ) लाया है बेबी कैरियर जो 30 माह यानी ढाई साल के बच्चे के लिए सही है। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी और उसका चेहरा सामने रहेगा…। यह फ्रंट फेसिंग बेबी कैरियर फोर इन वन है और इसका नेवी ब्लू रंग इसे जल्दी गन्दा नहीं होने देगा।
ले जाने की 4 स्थिति मोड: छाती पर, कंगारू स्टाइल में, पीठ पर, क्रॉस आर्म
उच्च गुणवत्ता टिकाऊ मटेरियल, सुरक्षित और उत्कृष्ट डिजाइन
समायोजित होने वाला शोल्डर बेल्ट, दोहरी सुरक्षा वाला बकल यानी डबल-प्रोटेक्शन सेफ्टी बकल, 3D वेंटिलेटिंग बैक पैड
चलाना और एडजस्ट करना आसान, अलग-अलग तरीके से ले जा सकने वाला
सुरक्षित ले जाने के लिए एडजस्ट होने वाले टिकाऊ वेस्टबेल्ट। महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प है।

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बेबी स्लिपिंग बेड


बेबी (Baybee) 3-इन-1 कॉटन बेड कम बेबी स्लीपिंग बैग – नवजात पोर्टेबल बेसिनेट, 0-6 महीने के लिए कोस्लीपिंग के लिए नेस्ट है। कम्पनी के मुताबिक यह उत्पाद EN71 प्रमाणित हैं जो कि बच्चों और शिशुओं की सुरक्षा के लिए यूरोपियन स्टैंडर्ड द्वारा परिभाषित सबसे कड़े मापदंड हैं। बच्चे को गले लगाने के लिए स्मार्ट तरीके से डिज़ाइन किया गया है। यह दुलारने की प्रक्रिया बच्चे को शांत करती है और अपने टाइट फिट के साथ, उन्हें जगह पर लगाने में मदद करती है। हल्के वज़न के डिज़ाइन के कारण, Snuggle Me ऑर्गेनिक परफेक्ट लॉन्जर, रेस्ट स्पॉट, टमी टाइम एड और ट्रेवल मैट बनाता है। छोटे बच्चे के लिए सबसे अच्छा फंक्शनिंग लाउंजर है। को-स्लीपिंग / बेड शेयरिंग के लिए आदर्श है। गोल साइड के साथ, बेबी आपके बच्चे को अपनी आरामदायक जगह देने के लिए बच्चे और माता-पिता के बीच बाधा बनाने में मदद करता है. जब एक व्यस्क बेड में ठीक से उपयोग किया जाता है, तो बेबी को-सोने का एक बेहतर तरीका प्रदान करता है।
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शिशु के लिए आकर्षक रैटल

बच्चों के लिए आकर्षक रैटल

केबल वर्ल्ड (Cable World®) नवजात शिशुओं के लिए रंगीन प्लास्टिक नॉन टॉक्सिक 8 आकर्षक रैटल का सेट लेकर आया है। यह रैटल BPA फ़्री ABS प्लास्टिक नॉन-टॉक्सिक इको-फ्रेंडली मटेरियल से बना है, बच्चों के लिए मुंह पर ले जाने या चबाने के लिए सुरक्षित है। नवजात शिशु के लिए एक आदर्श तोहफा।
बच्चे की संवेदनशीलता, मोटर और हाथ और आंखों के कॉर्डीनेशन कौशल को विभिन्न रंगों को मजबूत करने में मदद करता है, विभिन्न आकार, अद्वितीय डिज़ाइन बेबी पहचान क्षमता विकसित कर सकता है।
आकर्षक साउंड टॉय बच्चे को शांत करने में मदद करता है। जब माँ रैटल को हिलाती है तो आकर्षक और मीठी आवाज दिखाई देगी, माता-पिता के लिए छोटे बच्चे को शांत करने के लिए एक उपयोगी और आवश्यक खिलौने। हल्के वजन और छोटी मात्रा, कार में भी आउटडोर, इनडोर, जैसे कहीं भी खेला जा सकता है।
छोटे हाथों के लिए बिल्कुल सही साइज़: रंगीन बेबी रैटल काफी बड़े हैं जो गलती से निगलने से बचाते हैं, इसे लेने के लिए छोटे हाथों के लिए सही साइज़. उन मज़ेदार रैटल और टी के साथ घंटों का मज़ा। यह 8 पीस रैटल मल्टीकलर में आता है।