Thursday, June 25, 2026
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भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है हिंदी

नैहाटी : हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर दीनानाथ मेमोरियल सोसायटी की ओर से गौरीपुर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मेला का 2020 का आयोजन, गौरीपुर मीराबागान मैदान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. हिरण्मय भट्टाचार्य स्मृति मंच के उद्घाटन के साथ किया गया।बेटी दिवस के अवसर पर डॉ इंदु सिंह,डॉ कलावती कुमारी, डॉ सुनीता साव एवं डॉ. कम्मो खटिक ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर ‘भारत की एकता और हिंदी विषय पर आयोजित परिचर्चा में मारीशस से हिस्सा लेते हुए डॉ सुरीत रघुनंदन ने कहा कि हिंदी पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोती है। डॉ कलावती कुमारी ने कहा कि हिंदी की समृद्ध परंपरा में भारत की एकता का बीज अंतर्निहित है। प्रो. एन चंद्र राव ने कहा कि हिंदी पूरे देश के बीच एक पुल की तरह है। प्रो.अजय चौधरी ने हिंदी के व्यावहारिक रूप पर चर्चा की। डॉ सुनीता साव ने कहा कि हिंदी को अधिकाधिक भारतीयों भाषाओं के बीच जोड़ने की जरूरत है। इस अवसर पर हिंदी के वरिष्ठ आलोचक शंभुनाथ, पश्चिम बंगाल हिंदी अकादमी की सदस्य प्रो.राजश्री शुक्ला, प्रियंकर पालीवाल, प्रो.रामप्रवेश रजक, प्रो.रीता चौधरी ने अपने शुभकामना संदेश भेजे । इस अवसर पर आयोजित लोकगीत में लोकगायक पंकज सिंह, दीपक ठाकुर, नैना प्रसाद, राजेश सिंह, अमरजीत पंडित तथा नाट्यकर्मी सुशील कांति ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। काव्यपाठ के अंतर्गत डॉ. इंदु सिंह, राहुल शर्मा, मनीषा गुप्ता, नागेंद्र पंडित, सिपाली गुप्ता, गोविंदा चौधरी, ओम प्रकाश प्रसाद, पंकज सिंह, सूर्य देव रॉय, रूपेश कुमार यादव, रवि पंडित, कोमल साव, निखिता पांडेय, कोमल साव और निशा राजभर ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। विशिष्ट अतिथि नैहाटी के विधायक और नाटककार पार्थ भौमिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। । संस्था के सचिव रंजीत साव ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।कार्यक्रम का सफल संचालन रामनाथ साव, पंकज सिंह, राहुल गौड़ ने किया। विषय प्रवर्तन करते हुए संयोजक संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषा के बीच एक पुल है । हिंदी की विशाल ज्ञान परंपरा और भाषा के विकास में तमाम भारतीय भाषाओं,कवियों, कलाकारों और संस्कृति का रस मिला है। इस अवसर पर साहित्य,समाज और शिक्षा में विशेष योगदान के लिए सैकड़ों लोगों को प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन राजेंद्र गुप्ता ने दिया।

हिन्दी पखवाड़ा का समापन समारोह सम्पन्न

कोलकाता : भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबंद्द संस्था अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के साल्ट लेक स्थित पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय, कोलकाता में हाल ही में ‘हिंदी पखवाड़ा’ का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता के प्रभारी और सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थे। ‘राजभाषा हिंदी के विविध आयाम’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से हिंदी भले ही राजभाषा है लेकिन व्यावहारिक स्तर पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। ऐसा सरकारी इच्छाशक्ति की कमी के चलते हो रहा है। राजभाषा हिंदी का संस्कृतनिष्ठ होना इसकी एक बड़ी कमी है। इसकी जगह सभी भारतीय भाषाओं से उपयुक्त व जरूरी शब्दों को सम्मिलित करके एक नई हिंदी विकसित करना जरूरी है, तभी पूरे भारत के सरकारी कार्यालयों में सहजता से कामकाज की भाषा के रूप में हिंदी की सर्व-स्वीकार्यता संभव हो पाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अभातशिप के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ भूपेन्द्र गोस्वामी ने कहा कि हिंदी देश भर में बोली-समझी जाने वाली भाषा है, इसलिए राजभाषा के रूप में यही स्वीकार्य हो सकती है। हमारा कार्यालय इसके लिए अपना पूरा प्रयास करेगा। इस समारोह में डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ की देख-रेख में हिंदी कविता पाठ, पारिभाषिक शब्दावली, भाषण एवं निबंध लेखन की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के तमाम कर्मियों ने उत्साह एवं दिलचस्पी के साथ हिस्सा लिया। अंत में डॉ. सुनील ने प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में विजेताओं के नामों की घोषणा की।

स्त्री या देवी होने से बड़ा कर्तव्य मनुष्य होना है

नये नाम और नये शहर के साथ बलात्कार की वीभत्सता अपने घिनौने रूप में हाजिर है और सोशल मीडिया अपने कर्तव्य की पूर्ति में लग गया है। जैसा कि रिवाज है…एक से बढ़कर एक मार्मिक पोस्ट, कविताएं चिपकायी जाने लगी है..प्रोफाइल और डीपी काली होने लगी है…मगर कचरा आँख में हो तो चश्मा साफ करके क्या होना है..समस्या अपराध और अपराधी से अधिक हमारी है…उस सोच की है जो उसे नियन्त्रण में नहीं लाती और इसका सीधा सम्बन्ध स्त्रियों से है जो पितृसत्तात्मक साँचे में ढली हैं और उसी के अनुरूप आचरण भी करना जानती हैं…। ऐसा क्यों है कि लड़कियों को आत्मरक्षा करना नहीं सिखाया जा रहा है या लड़कों को मनुष्य की तरह बड़ा नहीं किया जा रहा है। असमानता का यह भाव इसलिए है क्योंकि अपराधियों को संरक्षण कोई और नहीं बल्कि खुद स्त्रियाँ दे रही हैं…बाकायदा उसे अपनी दुआओं की खाद देकर सींच रही है। ऐसा क्यों नहीं होता कि लड़की दहेज देकर शादी से इन्कार कर दे…या फिर अपनी ससुराल में कोई दहेज न ले जाए..। आप उसके अधिकार की बात करेंगे तो क्या यह बेहतर नहीं होगा कि यह अधिकार आप उसको सम्पत्ति में दें..? मध्य प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी द्वारा की गयी घरेलू हिंसा में बेटे ने वीडियो भेजी शिकायत कर के और बेटी है कि माँ को पागल बता रही है। अगर किसी औरत को यह बताया जाए कि उसके पति का सम्बन्ध किसी औरत से है तो वह औरत बगैर पड़ताल किये यह प्रमाणपत्र जारी करती है कि शिकायत करने वाला उसका घर तोड़ना चाहता है। अगर बेटे के बारे में कहा जाए तो माँ सच – झूठ नहीं देखना चाहती, उसे लगता है कि उसके राजा बेटे को कोई लड़की ब्लैकमेल कर रही है या पैसों की लालची है.। दहेज हत्याएँ होती हैं तो किरासन का डिब्बा किसी सास या ननद के हाथ में ही रहता है…। किसी महिला कर्मचारी को बॉस की गर्लफ्रेंड बताने वाली भी कोई महिला ही है औऱ वह तो एक हाथ आगे बढ़कर बॉस के लिए उसे पटाने की कोशिश कर वफादारी का प्रमाण तक देती है। प्रतिरोध नहीं करने वालों में अच्छी पहचान वाली महिलाओं का नाम शामिल है क्योंकि वे किसी झमेले में नहीं पड़ना चाहतीं। क्यों नहीं आप उस कलाई में राखी बांधने से इन्कार करतीं जिसने किसी स्त्री को गलत इरादे से छुआ, क्यों आप ऐसे पति या बेटे के लिए व्रत करती हैं जिसने किसी लड़की को छेड़ा है? क्यों नहीं आप अपनी बहू के लिए भी खड़ी होती हैं और क्यों बेटी को ससुराल में मरने के लिए छोड़ देती हैं….ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब स्त्रियों के पास ही हैं….अगर आप अपने लिए नहीं बोलेंगी तो समाज, सरकार और सत्ता से क्या उम्मीद कर रही हैं…जहाँ इसी पितृसत्तात्मक समाज और सोच के लोग बैठे हैं।
अभी देवी पक्ष चल रहा है…तो इतना याद रखिए कि माँ की आराधना आप इसलिए करती हैं क्योंकि वह बगैर पक्षपात के पूरी सृष्टि में हो रहे अन्याय के विरुद्ध खड़ी होती हैं…फिर भले ही उनके सामने शिव ही क्यों न हों…इसलिए वह माँ हैं…अगर आप देवी हैं या उनकी संतान हैं तो यही प्रखरता अपने भीतर लाइए क्योंकि स्त्री या देवी होने से बड़ा कर्तव्य मनुष्य होना है।

शुभजिता पूजो शूट 2020 – रेनेसां

दुर्गा पूजा आ रही है…और शॉपिंग न हो…खरीददारी न हो…ऐसा तो हो ही नहीं सकता…ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता तो अगर आप शॉपिंग का मन बना रहे हैं तो शुभजिता शॉपिंग बैग के खजाने से निकल रहे हैं…अगल – अलग जगहें और ऐसा बहुत कुछ जो आपकी खरीददारी का आनन्द दुगना कर देगा। शुभजिता और शी आपके लिए ला रहे हैं…शुभजिता पूजो शूट 2020…शूट के दौरान न सिर्फ हम आपको न सिर्फ देंगे…मॉडल बनने का मौका बल्कि करवाएंगे खरीददारी भी।

मॉडल सुजल और सिद्धार्थ रेनेसां कलेक्शन में

तो दुर्गा पूजा जब अवसर है….भीड़ में अलग दिखने का तो फैशन का जिक्र तो चलना ही है तो हम लिए चलते हैं आपको दक्षिण कोलकाता के बेहला पर्णश्री में स्थित फैशन बुटिक रेनेसां में। रेनेसां यानी पुर्नजन्म….फैशन भी चीज ही ऐसी है जो आपके छुपे हुए व्यक्तित्व को सामने लाती है।

रेनेसां के कलेक्शन में एक क्लाइंट

रेनेसां दक्षिण कोलकाता में स्थित ऐसा बुटिक है जहाँ आपको हर तरह के परिधान मिलेंगे। इस बुटिक की खासियत यह है कि यह मोटे हो या पतले, किसी भी व्यक्ति को खूबसूरत बना सकती है यानी ओवरसाइज्ड लोग अगर यह सोचकर परेशान हैं कि उनको अपने लिए फैशनेबल परिधान नहीं मिलते तो रेनेसां आपके लिए ही है।

यहाँ खास तौर पर ऐसे कपड़े हैं जो सिर्फ आपके लिए होंगे। हर उम्र के व्यक्ति के लिए उसकी सुविधा के अनुसार डिजाइनर परिधान बनाना रेनेंसा की खासियत है। रेनेंसा में पुरुषों के भी परिधान उपलब्ध हैं।

रेनेसां की प्रोपराइटर डिजाइनर अत्रेयी सेन

महिलाओं के लिए तो रेनेसां की प्रमुख डिजाइनर अत्रेयी सेन शानदार कपड़े बनाती ही हैं। इस बुटिक में बैग, गहने, और कपड़े के मटेरियल भी किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं। डिजाइनर अत्रेयी सेन के मुताबिक पूजा के लिए हल्के वजन वाले सिल्क फैब्रिक के मिक्स एंड मैच कलेक्शन वह बना रही हैं जिसमें शानदार कढ़ाई होगी।

सभी परिधान व एक्सेसरीज – रेनेसां कलेक्शन से

कार्यक्रम सौजन्य – शी – शगुफ्ता हनाफी इवेन्ट्स

सपनों को जीने चली हैं एलोना

कहते हैं कि मॉडलिंग की दुनिया में सुन्दर दिखना बहुत जरूरी है और बात एक हद तक सही भी है मगर क्या इसका मतलब यह है कि आम लोग मॉडल नहीं बन सकते? हम कहते हैं कि खूबसूरती आपकी सूरत के साथ सीरत में होती है…एक स्वतन्त्र व्यक्तित्व में होती है और एक आजाद सोच में होती है इसलिए शुभजिता और शी की पहल शुभजिता पूजो शूट में में हमने खूबसूरते स्थापित मापदंडों को जरा सा अलग रखा और मॉडलिंग के लिए चेहरे से अधिक उस उत्साह, जुनून और जोश को महत्व दिया जो सपने पूरा करने की जिद पर है….फैशन की दुनिया में यह स्तम्भ इसी के लिए हैं…मॉडलिंग की चाह रखने वालों के लिए –

लहरिया प्रिंट की खूबसूरती अलग है मगर काले रंग के साथ इसे बेहद खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया है। साड़ी में लेस और पाटलीपल्लू स्टाइल है जो कि मिक्स एंड मैच अन्दाज है। साड़ी का फैब्रिक कॉटन सिल्क है।

एलोना पोद्दार गृहिणी हैं मगर पिछले 6 महीने से मॉडलिंग कर रही हैं। इन्होंने एसबीआई, टी बी जेड के लिए मॉडलिंग की है। एलोना पहले एक निजी फर्म में बतौर सेल्स कोऑर्डिनेर काम कर चुकी हैं और बिक्री और बाजार इन दोनों का अनुभव इनके पास है।

फैशन सौजन्य – रेनेसां बुटिक

कार्यक्रम सौजन्य – शी – शगुफ्ता हनाफी इवेन्ट्स

मॉडल बनने का अजब उत्साह है सुजल में

कहते हैं कि मॉडलिंग की दुनिया में सुन्दर दिखना बहुत जरूरी है और बात एक हद तक सही भी है मगर क्या इसका मतलब यह है कि आम लोग मॉडल नहीं बन सकते? हम कहते हैं कि खूबसूरती आपकी सूरत के साथ सीरत में होती है…एक स्वतन्त्र व्यक्तित्व में होती है और एक आजाद सोच में होती है इसलिए शुभजिता और शी की पहल शुभजिता पूजो शूट में में हमने खूबसूरते स्थापित मापदंडों को जरा सा अलग रखा और मॉडलिंग के लिए चेहरे से अधिक उस उत्साह, जुनून और जोश को महत्व दिया जो सपने पूरा करने की जिद पर है….फैशन की दुनिया में यह स्तम्भ इसी के लिए हैं…मॉडलिंग की चाह रखने वालों के लिए –

भीड़ में अलग दिखना सबको पसन्द है मगर जब ये जुनून बन जाए तो समझ लीजिए कि यही आपका लक्ष्य है। नदिया जिले के शांतिपुर में रहने वाले सुजल कारीकर एक छात्र हैं और उनका सपना ही यही है कि वह मॉडल बनें। शुभजिता…नक्षत्र में आज बात इस उभरते हुए मॉडल पर ।

खादी का यह कुरता पैरोट ग्रीन यानी तोतापंखी रंग का है। चटकीले लाल और काले रंग की भारी कढ़ाई इसे बेहद खूबसूरत बना रही है। किसी भी पारम्परिक उत्सव के लिए बिल्कुल परफेक्ट।

फैशन की दुनिया से सुजल को लगाव है और नये अन्दाज में दिखना पसन्द है। वेस्टर्न वेयर यानी पश्चिमी परिधान सुजल को अधिक भाते हैं औऱ वह फैशनेबल दिखना पसन्द भी करते हैं। इनको आसमानी नीला रंग बहुत पसन्द है, बिरयानी खाना पसन्द है और पबजी खेलना भी अच्छा लगता है।
ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण इनके प्रिय कलाकार हैं और थ्री इडिय़ट्स इनकी पसन्दीदा फिल्म है। प्रियांक शर्मा इनके प्रिय मॉडल हैं औऱ सुजल खुद फैशन शो में भाग लेना चाहते हैं. मॉडल बनना चाहते हैं।
मॉडलिंग में आने के लिए सुजल बहुत उत्साहित हैं और तस्वीरों को देखकर आपको अन्दाजा लग गया होगा…कि अगर यही जुनून इनमें बना रहा तो ये अपना सपना पूरा भी कर लेंगे। लैम्बोरगिनी कार खरीदना भी सुजल का सपना है।

फैशन सौजन्य – रेनेसां बुटिक

कार्यक्रम सौजन्य – शी – शगुफ्ता हनाफी इवेन्ट्स

12 नये शहरों में कारोबार फैलाएगा फ्लिपकार्ट

कोलकाता :  फ्लिपकार्ट ग्रुप के डिजिटल बी2बी मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट व्होलसेल ने 12 नए शहरों में अपने परिचालन विस्तार की घोषणा की है। फ्लिपकार्ट व्होलसेल रिटेल ईकोसिस्टम के लिए वन-स्टॉप डिजिटल मार्केटप्लेस सॉल्यूशन है जो छोटे कारोबारों को चुनने के लिए उत्पादों का विस्तृत संग्रह पेश करता है और वह भी बहुत खास कीमत पर। फ्लिपकार्ट व्होलसेल फैशन श्रेणी के साथ इन शहरों में विस्तार आरंभ करेगा तथा डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए किराना व सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों (एमएसएमई ) को तेजी से बढ़ने, ग्राहकों को जोड़े रखने व लाभदेयता सुधारने में मदद करेगा।

आगामी त्योहारी मौसम से पहले फ्लिपकार्ट व्होलसेल गाज़ियाबाद, फरीदाबाद, मैसूर, चंडीगढ़ ट्राइसिटी, मेरठ, आगरा, जयपुर, ठाणे-भिवंडी-उल्हासनगर, ग्रेटर मुंबई, वसई-विरार-मिरा-भाईंदर, ठाणे (कल्याण-डॉम्बिवली) और ठाणे (नवी मुंबई) में परिचालन शुरु कर देगा।

फ्लिपकार्ट व्होलसेल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं हैड आदर्श मेनन ने कहा, ’’त्योहारी मौसम के आने से पहले 12 शहरों में अपनी उपस्थिति कायम करते हुए हम बहुत उत्साहित हैं। हमारा लक्ष्य एमएसएमई और किराना के लिए अधिक अवसर निर्मित करने का है। ट्रैंडी जयपुरी कुर्तियों से लेकर सदाबहार मैसूर सिल्क साड़ियों तक हमारा लक्ष्य छोटे कारोबारों की मदद करना है कि वे डिजिटल बदलाव को अपनाएं तथा ज्यादा मजबूत व्यापार के तौर पर उभरें। फ्लिपकार्ट व्होलसेल लांच होने के बाद से हमने बहुत से अग्रणी ब्रांडों के साथ हाथ मिलाया है तथा डिजिटल तकनीक से एमएसएमई और किराना के लिए कारोबार करना आसान बनाया है। फ्लिपकार्ट ईकोसिस्टम से हासिल बी2बी और बी2सी जानकारी के आधार पर हम उन्हें ग्राहकों की बेहतर समझ देते हैं व उनके इलाके की खास मांगों के बारे में बताते हैं ताकि वे उसी के मुताबिक उत्पाद खरीदें व आगे बेचें। हमें यह देख कर खुशी हो रही है कि हमारी पहलकदमी से और एमएसएमई किराना की समृद्धि बढ़ी है तथा भारत में आजीविका के लाखों नए अवसर बने हैं।’’

इस साल के अंत तक फ्लिपकार्ट व्होलसेल की योजना होम एंड किचन और ग्रौसरी की श्रेणियों में विस्तार करने की भी है।

फ्लिपकार्ट व्होलसेल को ग्राहकों अग्रणी बैंकों व एनबीएफसी से ऋण सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी ताकि वे अपने नकदी प्रवाह का प्रबंधन कर सकें। इसके अलावा ग्राहकों को फ्लिपकार्ट के आश्वासन के साथ बेहतरीन उत्पाद मिलेंगे, सरल व सुविधाजनक आर्डर रिटर्न व तीव्र प्रोडक्ट डिलिवरी भी होगी, आसान आर्डर ट्रैकिंग सुविधा के साथ उत्पाद सीधे उनकी दुकान तक पहुंचेंगे।

किराना और एमएसएमई को फ्लिपकार्ट व्होलसेल टीम के गहन मर्चेंडाइज़िंग अनुभव का फायदा मिलेगा। ब्रांडों के संग अपने मजबूत संबंधों के बल पर कंपनी ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसमें किराना और एमएसएमई की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती है।

भारत एक बढ़ता बाजार है, ऐसे में 12 शहरों में विस्तार करना राष्ट्रीय डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है जिससे किराना और एमएसएमई के लिए कारोबार आसान हो जाएगा जो कि भारतीय रिटेल ईकोसिस्टम का अभिन्न अंग हैं। किराना और एमएसएमई को कंज्यूमर ई- कॉमर्स सैगमेंट में, फ्लिपकार्ट की देश में ही विकसित तकनीकी क्षमताओं, व्यापक नेतृत्व का लाभ मिलेगा जिसे भारतीय उद्योग की विशिष्ट समझ है।

बिड़ला हाई स्कूल का ऑनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह

कोलकाता : बिड़ला हाई स्कूल का पुरस्कार वितरण समारोह ऑनलाइन तरीके से हाल ही में सम्पन्न हुआ। समारोह फेसबुक लाइव पर प्रसारित हुआ। विभिन्न श्रेणियों के लिए पुरस्कारों की घोषणा हुई और ट्रॉफियाँ प्रदान की गयीं। विशेष श्रेणियों के नाम हैं – अकादमिक उत्कृष्टता के लिए वी. शर्मा मेमोरियल अवार्ड्स, एस. पी. बनर्जी अवॉर्ड ऑफ एक्सिलेंस, भावेश जाजू मेमोरियल अवार्ड्स, अभिरव जटिया मेमोरियल अवार्ड्स, असिताव चटर्जी अवार्ड और मनीष बैद अवार्ड्स। विजेता विद्यार्थियों को उनके स्कूल वापस लौटने पर प्रमाणपत्र और ट्रॉफी दी जायेगी।

कोटाक ने केकेआर से मिलाया हाथ. लाया माई टीम कार्ड्स

कोलकाता : आईपीएल की गहमागहमी के बीच कोटाक महिन्द्रा ने केकेआर से हाथ मिलाया है। बैंक ने आईपीएल को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से माई टीम कार्ड्स जारी किया है। इसका मतलब यह है कि दर्शक अब खास तौर पर क्रिकेट की थीम को ध्यान में रखकर बनाए गये केकेआर डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड अपने पास रख सकते हैं। इन कार्ड्स पर केकेआर के खिलाड़ियों की तस्वीरें, लोग और वाटरमार्क टीम की जर्सी के रंग में हैं। कोटाक महिन्द्रा बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष (प्रोडक्ट्स, अल्टरनेट चैनल्स एंड कस्टमर एक्सपेरिएंस डिलिवरी) पुनीत कपूर ने कहा कि कोटाक की यह नयी पेशकश आईपीएल का आनन्द और बढ़ा देगी। केकेआर के मार्केटिंग हेड कौस्तभ झा ने इस साझीदारी पर खुशी जतायी।

कोविड -19 के बाद मेडीबडी के ऑर्डर में 86 प्रतिशत की वृद्धि

95 प्रतिशत ऑर्डर भारत में ही
कोलकाता : कोविड -19 के बाद मेडीबडी को रिकॉर्ड ऑर्डर मिले हैं औऱ इसमें 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अप्रैल से अगस्त के दौरान माँग में वृद्धि हुई। मेडीबडी को सबसे अधिक ऑर्डर कोलकाता, बेंगलुरू, मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, नयी दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, गुड़गाँव, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम, नोएडा, पटना और कोयटम्बूर से मिले हैं। मेडीबडी डॉक्स ऐप के सह संस्थापक तथा सीईओ सतीश कानन ने बताया कि 23 प्रतिशत ऑर्डर संक्रमण और 22 प्रतिशत ऑर्डर हृदय सम्बन्धी रोगों की दवाओं के मिले। 17 प्रतिशत ऑर्डर विटामिन और न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट के थे जबकि 15 प्रतिशत ऑर्डर मधुमेह प्रबन्धन से जुड़े थे। इसके अतिरिक्त त्वचा, गैस, रक्त और हारमोन की समस्याओं से सम्बन्धित दवाओं के ऑर्डर भी मिले।