Thursday, April 9, 2026
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भारतीय भाषाओं के बीच पुल है हिन्दी

खुदीराम बोस सेन्ट्रल कॉलेज में हिन्दी दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम

कोलकाता :  कोलकाता के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगोष्ठी, लोकगीत, काव्यसंगीत एवं स्वरचित कविता प्रतियोगिता सम्पन्न हुई।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। स्वागत भाषण में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुबीर कुमार दत्त ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंदी भारत की सर्वप्रिय भाषा है जो सभी को जोड़ने का काम करती है।
हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डॉ. शुभ्रा उपाध्याय ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए इस समारोह के इतिहास पर प्रकाश डाला तथा  वक्ताओं का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा ‘शुद्ध हिन्दी भाषा लेखन के आधारबिंदु’ विषय पर अपना विचार रखते हुए यूको बैंक, प्रधान कार्यालय के पूर्व मुख्य अधिकारी एवं प्रतिष्ठित भाषा-चिंतक अवधेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हम सावधानी और व्याकरणसम्मत प्रयोग से अच्छी हिन्दी लिख सकते हैं।हमें नियमित लेखन का अभ्यास करना चाहिए।

श्री शिक्षायतन कॉलेज की शिक्षिका प्रो. अल्पना नायक ने ‘हिन्दी भाषा के विविध रूप’ विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिन्दी अपने उत्पत्ति काल से लेकर अबतक दर्जनों रूपों में प्रयुक्त हुई है।आज हिन्दी का प्रयोग क्षेत्र बढ़ गया है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति, साहित्य,विज्ञान ,वाणिज्य, तकनीकी आदि क्षेत्रों में हिन्दी का प्रयोग हो रहा है। इस अवसर पर हिन्दी विभाग के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की। अंजली पाठक ने सरस्वती वंदना, ज्योति मिश्रा ने काव्य संगीत एवं नंदिनी साव लोकगीत की प्रस्तुति की तथा लाला कुमार ने हिन्दी दिवस से संबंधित एक आलेख पाठ किया।

इस अवसर पर ‘स्वरचित हिन्दी कविता लेखन’ पर एक अन्तर-महाविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें तीस महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रविष्टियां भेजी थी। कार्यक्रम के दौरान उनमें से 6 श्रेष्ठ प्रतिभागियों के नाम की घोषणा हुई, जो इस प्रकार है- साक्षी झा (खुलदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज), जितेश चौबे (सेठ आनंदराम जयपुरिया कॉलेज), टीना लामा (विद्यासागर कॉलेज फॉर वीमेन), अर्चना विश्वकर्मा (बनारहाट कार्तिक ओराओन हिंदी कॉलेज), बिट्टू कौर (राजा नरेंद्र लाल खान महिला महाविद्यालय) और निखिता पांडेय (आर. बी. सी. कॉलेज फॉर वीमेन)।
विजयी प्रतिभागियों का चयन करते हुए विद्यासागर विश्वविद्यालय के डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि हिन्दी दिवस का यह आयोजन सृजन और संवाद की जमीन तैयार कर रहा है।विद्यार्थियों में असीम सृजनात्मक संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम का संचालन मधु सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन राहुल गौड़ ने किया।

अखिल भारतीय रामधारी सिंह दिनकर काव्य प्रतियोगिता में बंगाल के 2 विद्यार्थी

कोलकाता : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के उपलक्ष्य में पिछले एक महीने से चल रही राष्ट्रीय स्तर पर “राष्ट्रीय कवि संगम” की अखिल भारतीय दिनकर काव्य पाठ प्रतियोगिता का फाइनल गत रविवार को संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, असम से लेकर गुजरात तक के बच्चों ने ही नहीं बल्कि विदेश के भी बच्चों ने भी बड़ी ही रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया । यह प्रतियोगिता दो वर्गों में हुई थी , कनिष्ठ और वरिष्ठ, जिसमे लगभग पांच हज़ार बच्चों ने दिनकर जी की कविताओं को याद कर अपनी काव्यपाठ की प्रतिभा को प्रदर्शित किया। इसमें पश्चिम बंगाल से कनिष्ठ वर्ग से 62 और वरिष्ठ वर्ग से 131 इस प्रकार बंगाल से कुल 193 ने बच्चों ने भाग लिया था।

पूरे देश से सेमीफाइनल में 100 बच्चे चुने गए थे जिनमें बंगाल के 5 बच्चों को स्थान मिला था। फाइनल में पश्चिम बंगाल के दो बच्चों को सुपर 20 मेँ स्थान मिला । इसमें ला मार्टिनियर फॉर बॉयज के शशांक सिंह ने 16वाँ और बी.डी.एम इंटरनेशनल विद्यालय की तृप्ति सिंह ने 18वाँ स्थान प्राप्त किया। साथ ही इन्हें नगद पुरस्कार 1100 रूपये से सम्मानित भी किया गया । यह उनके माता पिता तथा शिक्षकों के लिए बहुत गर्व का विषय है । पश्चिम बंगाल के संरक्षक सुरेश चौधरी ने बंगाल के दोनों विजयी प्रतिभागियों को प्रांतस्तर पर भी सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल जी ने बच्चों को शुभकामनाएँ और बधाई दी। परिणामों की घोषणा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.अशोक बत्रा ने की तथा संचालन राष्ट्रीय मंत्री,बंगाल के प्रभारी दिनेश देवरिया जी ने किया। कार्यक्रम की सफलता का सारा श्रेय राष्ट्रीय कवि संगम पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष डॉ.गिरिधर राय ने बच्चों के शिक्षकों एवं उनके माता-पिता तथा राष्ट्रीय कवि संगम पश्चिम बंगाल की पूरी टीम को दिया। गिरिधर राय ने लॉ मार्टिनियर फॉर बॉयज के एवं बीडीएम इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की सराहना की।
दिनकर काव्य पाठ प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग के परिणामों की घोषणा 27 सितंबर दिन रविवार को राष्ट्रीय कवि संगम के काव्य नाद के कार्यक्रम में किया जाएगा।

 

नहीं रहीं मशहूर फैशन डिजाइनर शरबरी दत्ता

कोलकाता : फैशन डिजाइनर शरबरी दत्ता अपने कोलकाता स्थित अपने निवास पर मृत पायी गयीं। गत गुरुवार देर रात उनके घर के बाथरूम से उनका शव बरामद किया गया। हालांकि अब तक खुलासा नहीं हो पाया है कि शरबरी की मौत किस वजह से हुई है। अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि 63 वर्षीय फैशन डिजाइनर को आखिरी बार मंगलवार की रात डिनर करते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही उन्होंने किसी से बात नहीं की। वहीं दत्ता परिवार वालों द्वारा बुलाये गये एक डॉक्टर ने बताया था कि शरबरी का निधन कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ है। लेकिन उनके परिवार वालों का कहना है कि वो बिल्कुल ठीक थीं और ऐसी कोई भी बात नहीं थी। हालांकि मामले की कोलकाता पुलिस जांच कर रही है और शरबरी की अचानक हुई मृत्यु की वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बता दें कि शरबरी दत्ता सुप्रसिद्ध बंगाली कवि अजित दत्ता की बेटी थीं। शरबरी सालों से एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर थीं। वो सबसे ज्यादा पुरुषों के एथनिक वियर की डिजाइंस के लिए पहचानी जाती थीं। उनकी मौत पर फैशन उद्योग के लोगों ने शोक जताया है।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

ऑनलाइन रिचार्ज होगा डब्ल्यूबीटीसी का स्मार्ट कार्ड

कोलकाता : वेस्ट बंगाल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डब्ल्यूबीटीसी) ने बस, ट्राम व फेरी सेवाओं में इस्तेमाल किये जाने वाले अपने ऑल इन वन स्मार्ट कार्ड के रिचार्ज की सुविधा ऑनलाइन करने की घोषणा की है। जी हाँ, अब घर बैठे ही चंद क्लिक के माध्यम से आप डब्ल्यूबीटीसी का स्मार्ट कार्ड रिचार्ज कर सकेंगे।

14 सेल्स काउंटर से ले सकते हैं स्मार्ट कार्ड

डब्ल्यूबीटीसी के एक स्मार्ट कार्ड से आप डब्ल्यूबीटीसी द्वारा परिचालित बसों, ट्राम व फेरी सेवा का लाभ ले सकते हैं। स्मार्ट कार्ड की बिक्री के लिए डब्ल्यूबीटीसी ने कोलकाता में 14 सेल्स काउंटर बनाये हुए हैं। वर्तमान समय में डब्ल्यूबीटीसी के स्मार्ट कार्ड का लाभ 30,000 से अधिक लोग उठा रहे हैं।

ऐसे कर सकेंगे रिचार्ज

अभी तक स्मार्ट कार्ड धारक को चिन्हित किये गए डब्ल्यूबीटीसी पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) काउंटर में रिचार्ज के लिए जाना पड़ता था। कोरोना काल में लोगों को इस प्रक्रिया में काफी परेशानी हो रही थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब रिचार्ज की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब स्मार्ट कार्ड धारकों को केवल www.onlinerecharge.wbtc.co.in पर जाना है। इस साइट पर जाने के बाद आपको अपना स्मार्ट कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर देना है।

इसके बाद 100 से लेकर 1500 तक के रिचार्ज विकल्पों में से किसी एक के चुनाव करना है। इसके बाद क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/नेट बैंकिंग अथवा किसी अन्य माध्यम से रुपये का भुगतान करते ही स्मार्ट कार्ड रिचार्ज हो जाएगा। आप जितने भी रुपये का ऑनलाइन रिचार्ज करेंगे उस राशि का 10 फीसदी राशि आपके कार्ड में इंसेंटिव के रूप में दिए जाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि रिचार्ज की भागदौड़ भी नहीं और 10 फीसदी का फायदा भी। स्मार्ट कार्ड रिचार्ज होने के बाद उसे सेल्स काउंटर अथवा सफर के दौरान कंडक्टर के पास मौजूद टिकिटिंग मशीन से अपडेट करवाना होगा।

कैसे काम करता है स्मार्ट कार्ड

डब्ल्यूबीटीसी परिचालित बस, ट्राम व फेरी सेवा में यात्रा के दौरान भाड़े के भुगतान के लिए स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। कंडक्टर अपने पास मौजूद स्मार्ट कार्ड स्वैपिंग मशीन से आपके गंतव्य के किराए का भुगतान कर लेते हैं। एक कार्ड से आपकी यात्रा कैशलेस और आरामदायक रहती है।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

जेयू में 1 अक्टूबर से होगी अंतिम सेमेस्टर परीक्षा

कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय ने स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के अंतिम सेमेस्टर परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। 1 अक्टूबर से जेयू में परीक्षा शुरू होगी जो 11 अक्टूबर तक चलेगी। परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों को 2 घंटों का समय दिया जाएगा। परीक्षार्थी घर में बैठकर ही ओपन बुक पद्धति से परीक्षा दे सकेंगे। परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद ई मेल के माध्यम से परीक्षार्थी अपने-अपने विभाग में उत्तरपुस्तिका को भेज देंगे। केवल बायोटेक्नोलॉजी और इंस्ट्रूमेंटेशन साइंस के अलावा बाकि सभी विषयों की परीक्षा 2 घंटे तक चलेगी।

परीक्षा की समय सारिणी भी जेयू के आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गयी है। यदि ई मेल के माध्यम से उत्तरपुस्तिका भेजने में किसी परीक्षार्थी को समस्या होती है तो वह विश्वविद्यालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता हैं। इस बारे में जेयू के सह-उपाचार्य चिरंजीव भट्टाचार्य का कहना है कि यदि परीक्षार्थी हमारी हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल करके अपनी समस्या के बारे में जानकारी देते हैं तो संभव है, हम उन्हें अतिरिक्त समय दें। यदि परीक्षार्थी इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के कारण उत्तरपुस्तिका नहीं भेज पा रहे हैं तो उस मामले में वैकल्पिक किसी पद्धति, ह्वाट्स ऐप के बारे में हम बता सकते हैं। हालांकि मुख्य रूप से उत्तरपुस्तिकाओं को ई-मेल करने के लिए कहा गया है।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

पहले चरण के दाखिले के बाद प्रेसिंडसी में भरीं केवल 179 सीटें

कोलकाता : कोविड -19 के कारण प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में इस वर्ष दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की गयी। मेधा सूची के आधार पर ही इस वर्ष प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिला लिया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 50 हजार विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। किन्तु पहले चरण की मेधा सूची जारी होने के बाद प्रेसिडेंसी के कुल 665 सीटों में से केवल 179 सीटों पर ही विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। कुछ विभाग तो ऐसे हैं, जिनके 38 सीटों में से केवल 4 सीटों पर ही विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।

पहले चरण की दाखिले की प्रक्रिया के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की चिंताएं बढ़ गयी है। एडमिशन कमेटी के नोडल अधिकारी अरविन्द नायक का कहना है कि पहली मेधा सूची में कई विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिन्होंने दाखिले के लिए आवश्यक कागजात अपलोड ही नहीं किया है। उनका कहना है कि अभी तक तो दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उम्मीद की जा रही है कि सीटें जल्द ही पूरी भर जाएगी।

वहीं कई शिक्षाविदों का मानना है कि पहले चरण के दाखिले के बाद इतने अधिक सीटों का खाली रहना दो बातों की तरफ संकेत कर रहा है – या तो विद्यार्थियों का झुकाव इस वर्ष प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय की तरफ नहीं है या फिर ज्वाएंट एंट्रांस (मेन), नीट आदि परीक्षाओं के लिए विद्यार्थी चले जा रहे हैं। इसलिए सीटें खाली रह जा रही है।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

24 घंटे नहीं, परीक्षार्थियों को महज ढाई घंटे का समय देगा सीयू

 कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रो वीसी (अकादमिक)  के आशीष कुमार चटर्जी ने राजा बाजार साइंस कॉलेज परिसर में अधिनस्थ सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में 24 घंटों का नहीं बल्कि 2 घंटों का समय ही दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रश्नपत्र  डाउनलोड करने व उत्तरपुस्तिका को करने के लिए परीक्षार्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय यानी कुल ढ़ाई घंटों का समय दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के संशोधित निर्देश पर मुहर लगा देने के बाद राज्य के लगभग सभी विश्वविद्यालयों ने परीक्षा लेने की तैयारियां शुरू कर दी थी। सीयू ने घोषणा की थी कि ओपन बुक पद्धति के आधार पर घर में बैठकर ऑनलाइन ही परीक्षार्थी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा देंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिका को ओपन बुक या कॉलेज में जाकर जमा करने के लिए परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र मिलने से लेकर अगले 24 घंटों का समय दिया जाएगा।

हाल ही में परीक्षा को सितंबर में लेकर अक्टूबर में लेने की अनुमति मांगते हुए राज्य के शिक्षा विभाग ने यूजीसी को पत्र लिखा था। जिसकी अनुमति यूजीसी ने दे दी किन्तु सीयू को पत्र लिखकर 24 घंटों का समय परीक्षार्थियों को देने के विषय में अपनी आपत्ति भी जतायी थी। यूजीसी ने अधिक से अधिक 3 घंटों का समय देने की बात कही। साथ ही यदि विश्वविद्यालय उचित समझता है तो अतिरिक्त 30 मिनट दे सकता है। इस निर्देश के बाद गत शनिवार को सीयू के फैकल्टी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि परीक्षार्थियों को प्रश्नों का उत्तर लिखने के लिए 2 से 3 घंटों का समय दिया जाएगा और उत्तरपुस्तिका को अपलोड करने के लिए अतिरिक्त 30 मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।

(साभार – नयी आवाज डॉट कॉम)

धनबाद में राष्ट्रीय युवा संवाद का आयोजन

धनबाद : नवजीवन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी धनबाद, ह्यूमन एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, वाराणसी एवं माय ड्रीम लाइफ फाउंडेशन, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा संवाद (नेशनल यूथ डायलॉग) के प्रथम सत्र का आयोजन गत रविवार को हुआ। कार्यक्रम के मार्गदर्शक व संरक्षक देश के प्रसिद्ध राजनीतीक चिंतक दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि खुदीराम बोस, भगत सिंह, राजगुरु, राजेंद्र लाहड़ी, रोशन सिंह, अशफाकउल्ला खां जैसे युवा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को समझें आज के युवा और देश के निर्माण मे अपनी भूमिका को समझें। कार्यक्रम के मॉडरेटर एवं नवजीवन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी, धनबाद के संयुक्त सचिव मिथलेश दास ने बताया कि आमंत्रित युवाओं में लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं दिल्ली विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर, नितिशा खलखो नई शिक्षा नीति 2020 के सन्दर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कृषि शिक्षा एवं निजीकरण पर विमर्श आवश्यक है। राइटर एवं डिबेटर व दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र दिग्विजय विश्वकर्मा भारतीय लोकतंत्र एवं युवा : वर्तमान परिप्रेक्ष्य अपने बात रखे और चिंता जताई की राजनीति में केवल कुछ घरों के युवाओं का प्रतिनिधित्व के बजाय आम जनता से युवाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं आर.एस.पी. कॉलेज झरिया के छात्र अजय कुमार रवानी भारतीय लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का प्रश्न एवं वैचारिकी की द्वन्द पर बात रखते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे सहिष्णु देश है।
यह विचार गोष्ठी ज़ूम प्लेटफार्म पर ऑनलाइन आयोजित हुई। प्रथम सत्र के कार्यक्रम का संचालन रजनीश कुमार अम्बेडकर ने स्वागत भाषण कोलकाता की शिक्षिका पूजा गौतम ने एवं परिचय भाषण धनबाद की शिक्षिका काकोली दत्ता ने दिया, कार्यक्रम की समीक्षा आर.एस.पी. कॉलेज झरिया के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भावना कुमारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन जमशेदपुर की समाज सेविका प्रियंका सिरका ने किया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ. अमरनाथ पासवान, डॉ. सुनील कुमार सुमन, डॉ. मुनेश कुमार, डॉ. तनवीर यूनुस, आर एस पी कॉलेज के प्रो. रितेश रंजन, डॉ. श्याम किशोर प्रसाद, प्रो. रामचंद्र कुमार, प्रो. एतवा टूटी, डॉ. निलेश सिंह, प्रो. डी. के. चौबे, डॉ. मुकुंद रविदास, डॉ. श्याम किशोर प्रसाद, प्रो. अशोक कुमार चौबे, डॉ. भावना कुमारी, प्रो. अंजलि पूनम बेक, प्रो. विजय विश्वकर्मा, भगवत राम, बिनोय मिंज आदि कई शिक्षाविद ने किया।

कलाविद् डॉ. कपिला वात्स्यायन का निधन

नयी दिल्ली : विदुषी, लेखिका और कलाविद डॉ. कपिला वात्स्यायन का दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। वात्स्यायन, आईआईसी की आजीवन न्यासी थीं। उन्हें 2011 में पदम् विभूषण से सम्मानित किया गया था। वात्स्यायन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की संस्थापक निदेशक थीं। वह राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी रह चुकी थीं और आईआईसी में एशिया परियोजना की अध्यक्ष भी थीं। भारतीय शास्त्रीय नृत्य, वास्तुकला, इतिहास और कला की प्रख्यात विदुषी कपिला वात्स्यायन का जन्म 1928 में दिल्ली में हुआ था और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक की डिग्री ली थी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा के विषय में अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की थी।
वात्स्यायन, कवि और आलोचक केशव मलिक की छोटी बहन थीं। उनका विवाह प्रख्यात साहित्यकार सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के साथ 1956 में हुआ था, हालांकि वे दोनों 1969 में अलग हो गए। उन्होंने अपने लंबे करियर में कला और इतिहास पर लगभग 20 पुस्तकें लिखी थीं।

100 महिलाओं ने 18 महीनों में काट दिया 107 मीटर लंबा पहाड़, पानी के साथ आई खुशहाली

छतरपुर : एमपी में छतरपुर जिले के बड़ामलहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भेल्दा के एक छोटे से गांव अंगरोठा में महिलाओं ने ऐसा काम किया है जो एक मिसाल बन गया है। पानी के लिए पंचायत की 100 से ज्यादा महिलाओं ने मिलकर 107 मीटर लंबे पहाड़ को ही काट दिया। अब पूरे गांव को भरपूर पानी तो मिल ही रहा है, लोगों की खुशहाली भी बढ़ रही है।
महिलाओं ने परमार्थ समाज सेवी संस्थान के सहयोग से लगभग 107 मीटर लंबे पहाड़ को काटकर एक ऐसा रास्ता बनाया है जिससे उनके गांव के तालाब में अब पानी भरने लगा है। सूखे हुए कुएं में पानी आ गया है। हैंडपंप जो सूख गए थे, अब पानी देने लगे हैं। इसके अलावा 11 तालाबों का पुनरुद्धार हो चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तालाब के भरने से सूखी हुई बछेड़ी नदी में एक बार फिर से पानी बहने की उम्मीद बंध गई है। बछेड़ी नदी का उद्गम स्थल अंगरोठा है। बछेड़ी में केवल बरसात में ही पानी आता था, जल्द ही वह पूरे साल बहने लगेगी।
बुंदेलखंड पैकेज से इस तालाब का निर्माण कार्य हुआ था, लेकिन इसमें पर्याप्त पानी नहीं भर रहा था। वन विभाग के सहयोग से 107 मीटर के पहाड़ को काटा गया और अब इस 40 एकड़ के तालाब में लगभग 70 एकड़ पानी भर रहा है। 100 से ज्यादा महिलाओं ने श्रमदान कर करीब 18 महीने में जल संवर्धन के रास्ते में आ रहे पहाड़ के बीच से पानी आने का रास्ता तैयार कर दिया।
पहले पहाड़ों के जरिए बरसात का पानी बहकर निकल जाता था। इस पानी को सहेज कर महिलाओं ने गांव की दशा और दिशा बदल कर रख दी है। जल सहेली बबीता राजपूत बताती हैं कि दूर-दूर से 3 किलोमीटर पैदल चलकर महिलाएं यहां पर आती थीं और श्रमदान करती थीं। महिलाओं ने इस पहाड़ को बचाने और इस पर पौधे लगाने का संकल्प भी लिया है।

(साभार – नवभारत टाइम्स)