Thursday, April 9, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 432

महज 39 रुपये में उठाइए रिवर क्रूज का लुत्फ

कोलकाता : रिवर क्रूज वो भी महज 39 रुपये में, सुनने में ये अविश्वसनीय लग सकता है लेकिन पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी) ने इसी कीमत में रिवर क्रूज की शुरुआत करने का फैसला किया है। डब्ल्यूबीटीसी का यह कदम पर्यटकों को गंगा नदी से शहर की विरासत देखने का यादगार अनुभव देने के लिए लिया है। डब्ल्यूबीटीसी के प्रबंध निदेशक राजनवीर सिंह कपूर के अनुसार गंगा नदी में 90 मिनट की क्रूज यात्रा के लिए यह अनोखी कीमत तय की गई है। यह बिल्कुल लंदन रिवर क्रूज या सिंगापुर बोट राइड या गोवा में मंडोवी नदी में क्रूज जैसा ही होगा। इसका लक्ष्य दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करना है।
कपूर ने बताया कि इस क्रूज की शुरुआत एक अक्तूबर को होगी। उन्होंने कहा, ‘यह हेरिटेज रिवर क्रूज को सभी वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय और सस्ता बनाने के लिए है। क्रूज के दौरान पर्यटक सूर्यास्त के बाद गंगा आरती के साथ मायर घाट देखेंगे, जहां रामकृष्ण परमहंस की पत्नी मा शारदा दैनिक रूप से आया करती थीं।’
उन्होंने कहा कि क्रूज नदी के किनारे स्थित शहर के कई ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराएगा। इसमें अर्मेनियन घाट, नीमताल घाट, चांदपाल घाट, पूर्वी रेलवे मुख्यालय, विनय बादल दिनेश बाग आदि स्थान शामिल हैं। ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ पर्यटकों को इस दौरान संगीत का आनंद भी मिलेगा। कपूर ने कहा, ’39 रुपये में पर्यटक को टूर गाइड की सुविधा मिलेगी और उन्हें एक नेविगेशन ब्रोशर दिया जाएगा, जिसे वह अपने साथ ले जा सकेंगे। इसके अलावा क्रूज पर एक कैफे भी होगा, जहां से पर्यटक चाय-कॉफी या स्नैक्स खरीद सकेंगे। इसके साथ ही सेल्फी बूथ, पीने के पानी और वॉशरूम की व्यवस्था भी होगी।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के इस संकट भरे समय को देखते हुए यात्रा के दौरान सुरक्षा और सैनिटाइजेशन के सभी मानकों का पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) के नियम का पालन करने के लिए एक बार में यात्रा में अधिकतम 150 लोग ही क्रूज की सवारी कर सकेंगे।  कपूर ने कहा कि क्रूज को बिना मुनाफे के पश्चिम बंगाल सरकार के तहत आने वाला परिवहन निगम संचालित करेगा। क्रूज का संचालन सप्ताह के दिनों में मिलेनियम पार्क से दोपहर बाद चार बजे और छह बजे किया जाएगा। छुट्टी वाले दिनों में और शनिवार व रविवार को दोपहर दो बजे, चार बजे और छह बजे संचालन होगा।

बंगाल के कॉलेजों में स्नातक कक्षाएं दो नवम्बर से शुरू होंगी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में रविवार को राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और  शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के बीच हुई एक बैठक में कॉलेजों में दो नवंबर से स्नातक (यूजी) की कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया। कॉलेजों में अक्टूबर में नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो नवंबर से कक्षाएं शुरू होंगी। डिजिटल बैठक में शामिल हुए एक प्रमुख विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि यह फैसला किया गया है कि नवंबर के आखिरी सप्ताह में संभव नहीं होने की स्थिति में स्नातकोत्तर (पीजी) की कक्षाएं एक दिसंबर से होंगी। उन्होंने बताया कि स्नातक और पीजी, दोनों कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से होंगी और संबद्ध शैक्षणिक संस्थान इसके तौर-तरीकों का खाका तैयार करेंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक अन्य अहम फैसले के तहत विश्वविद्यालयों ने विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों के तहत 80 फीसदी सीटें उन छात्रों के लिये सुरक्षित रखने का निर्णय किया है, जिन्होंने विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक की पढ़ाई की है या स्नातक की पढ़ाई उसी विश्वविद्यालय (जैसे कि यादवपुर विश्वविद्यालय) से की है।

दुर्गा पूजा के लिए दिशा-निर्देश जारी, इस साल नहीं होगा उत्सव का आयोजन

कोलकाता :   मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इस साल राज्य में दुर्गा पूजा उत्सव आयोजित नहीं होगा। बनर्जी ने गुरुवार को इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल चारों ओर खुले होने चाहिए। पंडालों में प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर होना चाहिए और मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि हर दुर्गा पूजा समिति को राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। दुर्गा पूजा को देखते हुए 80 हजार हॉकरों को एक बार मिलने वाला दो हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बनर्जी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) 87 फीसदी है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति नहीं होगी।  बता दें कि राज्य में अभी तक कोरोना संक्रमण के दो लाख 34 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, वायरस की चपेट में आकर अब तक चार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोविड-19 महमारी के मद्देनजर सादगी से उत्सव मनाने की तैयारियां पूरे शहर में शुरू हो गई हैं और आयोजक संक्रमण को फैलने से रोकने के उपायों पर काम कर रहे हैं। ज्वलंत विषयों की थीम पर पूजा पंडाल बनाने के लिए ख्याति प्राप्त दक्षिण कोलकाता के आयोजक समाजसेवी संघ ने इस बार अपने खुले पंडाल की दिशा बदलकर दक्षिणी एवेन्यू की ओर करने का फैसला किया है। ताकि, श्रद्धालु अपने वाहन में बैठक कर दूर से ही देवी दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन कर सकें।

जून में सब्सक्राइबर एयरटेल ने जियो को छोड़ा पीछे : ट्राई

नयी दिल्ली : भारती एयरटेल ने जून महीने में 3.7 मिलियन ऐक्टिव मोबाइल यूजर्स रहे। कंपनी ने ऐक्टिव मोबाइल यूजर्स के मामले में जियो को पीछे छोड़ दिया। रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने जून में 2.1 मिलियन सक्रिय सब्सक्राइबर्स खो दिए। वहीं वोडाफोन आइडिया को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और कंपनी ने 3.7 मिलियन ऐक्टिव यूजर्स गंवाए। रेगुलेटरी टेलिकॉम डेटा का विश्लेषण करते हुए अथॉरिटी के मोतीलाल ओसवाल ने यह जानकारी दी। एयरटेल का सक्रिय मोबाइल यूजर बेस बढ़कर 311 मिलियन हो गया है। जबकि जियो और वोडाफोन क्रमशः 310 मिलियन और 273 मिलियन पर सिमट गए। ट्राई ने एक नोट में कहा, ‘मई में जियो से मात खाने के बाद एयरटेल ने एक बार फिर ऐक्टिव मोबाइल सब्सक्राइबर मार्केट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।’विजिटर लोकेशन रजिस्टर या वीएलआर के जरिए किसी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहे ऐक्टिव सब्सक्राइबर्स की असल संख्या का पता लगता है। ताजा ट्राई डेटा से पता चला है कि एयरटेल के 98.14 फीसदी यूजर्स ऐक्टिव रहे जबकि वी आई के 89.49 और जियो के 78.15 फीसदी यूजर्स सक्रिय रहे।

वी आई और जियो के ऐक्टिव मोबाइल यूजर्स की संख्या में कमी हुई है। इसके चलते ही जून में भारत के ऐक्टिव मोबाइल सब्सक्राइबर्स बेस 958 मिलियन रहा। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि इंडस्ट्री ने जून में 2.8 मिलियन ऐक्टिव सब्सक्राइबर्स की कमी हुई जिससे सक्रिय मोबाइल यूजर्स का आंकड़ 958 मिलियन रहा। मई में ऐक्टिव सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.9 मिलियन रही थी।
हालांकि, कुल मिलाकर देखें तो जून में जियो ने करीब 4.5 मिलियन मोबाइल यूजर्स जोड़े। इसी के साथ जियो का कुल यूजर बेस 397 मिलियन पहुँच गया। जियो ग्रामीण भारत में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन गयी है और इसने इस सेगमेंट में वोडाफोन आइडिया के वर्चस्व को तोड़ा है। जून में जियो रूरल मोबाइल यूजर बेस 166.34 मिलियन बढ़ा। वहीं वी आई का यूजर बेस 166.02 मिलियन रहा।बात करें एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के ग्रॉस सब्सक्राइबर बेस का, तो जून में यह क्रमशः 1.12 मिलियन और 4.82 मिलियन कम हुआ।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन

नयी दिल्‍ली : पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक जसवंत सिंह का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे और पिछले छह साल से कोमा में थे। उन्‍हें जून को भर्ती कराया गया था और सेप्सिस के साथ मल्‍टीऑर्गन डिसफंक्‍शन सिंड्रोम का इलाज चल रहा था। भारतीय सेना में मेजर रहे जसवंत सिंह ने बाद में राजनीति का दामन थाम लिया था। भाजपा की स्‍थापना करने वाले नेताओं में शामिल जसवंत ने राज्‍यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में भाजपा का प्रतिनिधित्‍व किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व वाली सरकार में उन्‍होंने 1996 से 2004 के बीच रक्षा, विदेश और वित्‍त जैसे मंत्रालयों का जिम्‍मा संभाला। बतौर वित्‍त मंत्री जसवंत सिंह ने स्‍टेट वैल्‍यू ऐडेड टैक्‍स (वीएटी) की शुरुआत की जिससे राज्‍यों को ज्‍यादा राजस्‍व मिलना शुरू हुआ। उन्‍होंने कस्‍टम ड्यूटी भी घटा दी थी। 2014 में भाजपा ने सिंह को बाड़मेर से लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। नाराज जसवंत ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा मगर हार गए थे। उसी साल उन्‍हें सिर में गंभीर चोटें आईं, तब से वह कोमा में थे।

दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का निधन

बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में 5 अगस्त को भर्ती कराया गया था, जहां पर उनका 2 महीने से इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एसपी बालासुब्रमण्यम अपने पीछे पत्नी सावित्री और दो बच्चे- बेटी पल्लवी और बेटे एसपी चरण को छोड़ गए हैं। मालूम हो कि गायक एसपी बालासुब्रमण्यम ने बतौर गायक के अलावा अभिनेता, संगीत निर्देशक, डबिंग कलाकार और फिल्म निर्माता भी अपना योगदान दिया है। उन्होंने अपने करियर में कई भाषाओं में लगभग 40 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। एसपी बालासुब्रमण्यम को कई अवॉर्ड से नवाजा गया था। सबसे ज्यादा गाने गाए जाने के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल हैं। उन्होंने  सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के रूप में 6 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। एसपी बालासुब्रमण्यम को 2001 में उन्हें पद्मश्री और 2011 में पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।

भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है हिंदी

नैहाटी : हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर दीनानाथ मेमोरियल सोसायटी की ओर से गौरीपुर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मेला का 2020 का आयोजन, गौरीपुर मीराबागान मैदान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. हिरण्मय भट्टाचार्य स्मृति मंच के उद्घाटन के साथ किया गया।बेटी दिवस के अवसर पर डॉ इंदु सिंह,डॉ कलावती कुमारी, डॉ सुनीता साव एवं डॉ. कम्मो खटिक ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर ‘भारत की एकता और हिंदी विषय पर आयोजित परिचर्चा में मारीशस से हिस्सा लेते हुए डॉ सुरीत रघुनंदन ने कहा कि हिंदी पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोती है। डॉ कलावती कुमारी ने कहा कि हिंदी की समृद्ध परंपरा में भारत की एकता का बीज अंतर्निहित है। प्रो. एन चंद्र राव ने कहा कि हिंदी पूरे देश के बीच एक पुल की तरह है। प्रो.अजय चौधरी ने हिंदी के व्यावहारिक रूप पर चर्चा की। डॉ सुनीता साव ने कहा कि हिंदी को अधिकाधिक भारतीयों भाषाओं के बीच जोड़ने की जरूरत है। इस अवसर पर हिंदी के वरिष्ठ आलोचक शंभुनाथ, पश्चिम बंगाल हिंदी अकादमी की सदस्य प्रो.राजश्री शुक्ला, प्रियंकर पालीवाल, प्रो.रामप्रवेश रजक, प्रो.रीता चौधरी ने अपने शुभकामना संदेश भेजे । इस अवसर पर आयोजित लोकगीत में लोकगायक पंकज सिंह, दीपक ठाकुर, नैना प्रसाद, राजेश सिंह, अमरजीत पंडित तथा नाट्यकर्मी सुशील कांति ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। काव्यपाठ के अंतर्गत डॉ. इंदु सिंह, राहुल शर्मा, मनीषा गुप्ता, नागेंद्र पंडित, सिपाली गुप्ता, गोविंदा चौधरी, ओम प्रकाश प्रसाद, पंकज सिंह, सूर्य देव रॉय, रूपेश कुमार यादव, रवि पंडित, कोमल साव, निखिता पांडेय, कोमल साव और निशा राजभर ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। विशिष्ट अतिथि नैहाटी के विधायक और नाटककार पार्थ भौमिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। । संस्था के सचिव रंजीत साव ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।कार्यक्रम का सफल संचालन रामनाथ साव, पंकज सिंह, राहुल गौड़ ने किया। विषय प्रवर्तन करते हुए संयोजक संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषा के बीच एक पुल है । हिंदी की विशाल ज्ञान परंपरा और भाषा के विकास में तमाम भारतीय भाषाओं,कवियों, कलाकारों और संस्कृति का रस मिला है। इस अवसर पर साहित्य,समाज और शिक्षा में विशेष योगदान के लिए सैकड़ों लोगों को प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन राजेंद्र गुप्ता ने दिया।

हिन्दी पखवाड़ा का समापन समारोह सम्पन्न

कोलकाता : भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबंद्द संस्था अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के साल्ट लेक स्थित पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय, कोलकाता में हाल ही में ‘हिंदी पखवाड़ा’ का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता के प्रभारी और सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थे। ‘राजभाषा हिंदी के विविध आयाम’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से हिंदी भले ही राजभाषा है लेकिन व्यावहारिक स्तर पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। ऐसा सरकारी इच्छाशक्ति की कमी के चलते हो रहा है। राजभाषा हिंदी का संस्कृतनिष्ठ होना इसकी एक बड़ी कमी है। इसकी जगह सभी भारतीय भाषाओं से उपयुक्त व जरूरी शब्दों को सम्मिलित करके एक नई हिंदी विकसित करना जरूरी है, तभी पूरे भारत के सरकारी कार्यालयों में सहजता से कामकाज की भाषा के रूप में हिंदी की सर्व-स्वीकार्यता संभव हो पाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अभातशिप के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ भूपेन्द्र गोस्वामी ने कहा कि हिंदी देश भर में बोली-समझी जाने वाली भाषा है, इसलिए राजभाषा के रूप में यही स्वीकार्य हो सकती है। हमारा कार्यालय इसके लिए अपना पूरा प्रयास करेगा। इस समारोह में डॉ. सुनील कुमार ‘सुमन’ की देख-रेख में हिंदी कविता पाठ, पारिभाषिक शब्दावली, भाषण एवं निबंध लेखन की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के तमाम कर्मियों ने उत्साह एवं दिलचस्पी के साथ हिस्सा लिया। अंत में डॉ. सुनील ने प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में विजेताओं के नामों की घोषणा की।

स्त्री या देवी होने से बड़ा कर्तव्य मनुष्य होना है

नये नाम और नये शहर के साथ बलात्कार की वीभत्सता अपने घिनौने रूप में हाजिर है और सोशल मीडिया अपने कर्तव्य की पूर्ति में लग गया है। जैसा कि रिवाज है…एक से बढ़कर एक मार्मिक पोस्ट, कविताएं चिपकायी जाने लगी है..प्रोफाइल और डीपी काली होने लगी है…मगर कचरा आँख में हो तो चश्मा साफ करके क्या होना है..समस्या अपराध और अपराधी से अधिक हमारी है…उस सोच की है जो उसे नियन्त्रण में नहीं लाती और इसका सीधा सम्बन्ध स्त्रियों से है जो पितृसत्तात्मक साँचे में ढली हैं और उसी के अनुरूप आचरण भी करना जानती हैं…। ऐसा क्यों है कि लड़कियों को आत्मरक्षा करना नहीं सिखाया जा रहा है या लड़कों को मनुष्य की तरह बड़ा नहीं किया जा रहा है। असमानता का यह भाव इसलिए है क्योंकि अपराधियों को संरक्षण कोई और नहीं बल्कि खुद स्त्रियाँ दे रही हैं…बाकायदा उसे अपनी दुआओं की खाद देकर सींच रही है। ऐसा क्यों नहीं होता कि लड़की दहेज देकर शादी से इन्कार कर दे…या फिर अपनी ससुराल में कोई दहेज न ले जाए..। आप उसके अधिकार की बात करेंगे तो क्या यह बेहतर नहीं होगा कि यह अधिकार आप उसको सम्पत्ति में दें..? मध्य प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी द्वारा की गयी घरेलू हिंसा में बेटे ने वीडियो भेजी शिकायत कर के और बेटी है कि माँ को पागल बता रही है। अगर किसी औरत को यह बताया जाए कि उसके पति का सम्बन्ध किसी औरत से है तो वह औरत बगैर पड़ताल किये यह प्रमाणपत्र जारी करती है कि शिकायत करने वाला उसका घर तोड़ना चाहता है। अगर बेटे के बारे में कहा जाए तो माँ सच – झूठ नहीं देखना चाहती, उसे लगता है कि उसके राजा बेटे को कोई लड़की ब्लैकमेल कर रही है या पैसों की लालची है.। दहेज हत्याएँ होती हैं तो किरासन का डिब्बा किसी सास या ननद के हाथ में ही रहता है…। किसी महिला कर्मचारी को बॉस की गर्लफ्रेंड बताने वाली भी कोई महिला ही है औऱ वह तो एक हाथ आगे बढ़कर बॉस के लिए उसे पटाने की कोशिश कर वफादारी का प्रमाण तक देती है। प्रतिरोध नहीं करने वालों में अच्छी पहचान वाली महिलाओं का नाम शामिल है क्योंकि वे किसी झमेले में नहीं पड़ना चाहतीं। क्यों नहीं आप उस कलाई में राखी बांधने से इन्कार करतीं जिसने किसी स्त्री को गलत इरादे से छुआ, क्यों आप ऐसे पति या बेटे के लिए व्रत करती हैं जिसने किसी लड़की को छेड़ा है? क्यों नहीं आप अपनी बहू के लिए भी खड़ी होती हैं और क्यों बेटी को ससुराल में मरने के लिए छोड़ देती हैं….ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब स्त्रियों के पास ही हैं….अगर आप अपने लिए नहीं बोलेंगी तो समाज, सरकार और सत्ता से क्या उम्मीद कर रही हैं…जहाँ इसी पितृसत्तात्मक समाज और सोच के लोग बैठे हैं।
अभी देवी पक्ष चल रहा है…तो इतना याद रखिए कि माँ की आराधना आप इसलिए करती हैं क्योंकि वह बगैर पक्षपात के पूरी सृष्टि में हो रहे अन्याय के विरुद्ध खड़ी होती हैं…फिर भले ही उनके सामने शिव ही क्यों न हों…इसलिए वह माँ हैं…अगर आप देवी हैं या उनकी संतान हैं तो यही प्रखरता अपने भीतर लाइए क्योंकि स्त्री या देवी होने से बड़ा कर्तव्य मनुष्य होना है।

शुभजिता पूजो शूट 2020 – रेनेसां

दुर्गा पूजा आ रही है…और शॉपिंग न हो…खरीददारी न हो…ऐसा तो हो ही नहीं सकता…ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता तो अगर आप शॉपिंग का मन बना रहे हैं तो शुभजिता शॉपिंग बैग के खजाने से निकल रहे हैं…अगल – अलग जगहें और ऐसा बहुत कुछ जो आपकी खरीददारी का आनन्द दुगना कर देगा। शुभजिता और शी आपके लिए ला रहे हैं…शुभजिता पूजो शूट 2020…शूट के दौरान न सिर्फ हम आपको न सिर्फ देंगे…मॉडल बनने का मौका बल्कि करवाएंगे खरीददारी भी।

मॉडल सुजल और सिद्धार्थ रेनेसां कलेक्शन में

तो दुर्गा पूजा जब अवसर है….भीड़ में अलग दिखने का तो फैशन का जिक्र तो चलना ही है तो हम लिए चलते हैं आपको दक्षिण कोलकाता के बेहला पर्णश्री में स्थित फैशन बुटिक रेनेसां में। रेनेसां यानी पुर्नजन्म….फैशन भी चीज ही ऐसी है जो आपके छुपे हुए व्यक्तित्व को सामने लाती है।

रेनेसां के कलेक्शन में एक क्लाइंट

रेनेसां दक्षिण कोलकाता में स्थित ऐसा बुटिक है जहाँ आपको हर तरह के परिधान मिलेंगे। इस बुटिक की खासियत यह है कि यह मोटे हो या पतले, किसी भी व्यक्ति को खूबसूरत बना सकती है यानी ओवरसाइज्ड लोग अगर यह सोचकर परेशान हैं कि उनको अपने लिए फैशनेबल परिधान नहीं मिलते तो रेनेसां आपके लिए ही है।

यहाँ खास तौर पर ऐसे कपड़े हैं जो सिर्फ आपके लिए होंगे। हर उम्र के व्यक्ति के लिए उसकी सुविधा के अनुसार डिजाइनर परिधान बनाना रेनेंसा की खासियत है। रेनेंसा में पुरुषों के भी परिधान उपलब्ध हैं।

रेनेसां की प्रोपराइटर डिजाइनर अत्रेयी सेन

महिलाओं के लिए तो रेनेसां की प्रमुख डिजाइनर अत्रेयी सेन शानदार कपड़े बनाती ही हैं। इस बुटिक में बैग, गहने, और कपड़े के मटेरियल भी किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं। डिजाइनर अत्रेयी सेन के मुताबिक पूजा के लिए हल्के वजन वाले सिल्क फैब्रिक के मिक्स एंड मैच कलेक्शन वह बना रही हैं जिसमें शानदार कढ़ाई होगी।

सभी परिधान व एक्सेसरीज – रेनेसां कलेक्शन से

कार्यक्रम सौजन्य – शी – शगुफ्ता हनाफी इवेन्ट्स