Friday, April 10, 2026
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शुभजिता युवा प्रतिभा सम्मान – प्रतियोगिता – टिप्पणी लेखन

 

नाम:- निक्की कुमारी साव ,

शिक्षण संस्थान:- रुचि:- कविताएँ पढ़ना और लिखना

हावड़ा शिवपुर आम्बिका हिन्दी हाई स्कूल ,

 

शरत चन्द्र बोस

शरत चन्द बोस का जन्म 6 सितम्बर 1889 में कलकत्ता में हुआ था! उनके पिता का नाम जानकी नाथ बोस तथा माता के नाम प्रभावती था ! शरत चन्द बोस सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई थे! शरत चन्द बोस की पढ़ाई कटक तथा कलकत्ता में हुई थी। उन्होंने इंग्लैंड से कानून की शिक्षा प्राप्त की और घर लौटे !

कलकत्ता के हाईकोर्ट से उन्होंने ने अपनी वकालत शुरू कर दिए! शरत की वकालत दिन पर दिन तरक्की होने लगी एवं वो आगे बढ़ने लगे! !
शरत चन्द ने सी . आर. दास के निर्देश में अपने कॅरियर की शुरुआत की!
यह एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे अहिंसा में विश्वास रखने के बावजूद शरत चन्द की कांतिकारियों के प्रति सहानुभूति थी। वे बंगाल विधानसभा में संसदीय पार्टी के नेता थे। शरत चन्द बोस वे बंगाल विभाजन के विरोध में थे, वे बंगाल भारत और पाकिस्तान दौनो से अलग राज्य बनाना चाहते थे, किन्तु वे असफल रहे!

मृत्यु:– शरत चन्द बोस की मृत्यु 12 फरबरी 1950 को कोलकाता मे पश्चिम बंगाल में हुई !!!

जानिए इम्यूनिटी को मजबूत करने का तरीका

हमारे शरीर को बीमारियों से बचाने में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप को स्वस्थ रहना है और कोरोना या अन्य घातक बीमारियों से स्वयं को बचाना है तो आप की इम्यूनिटी मजबूत होनी चाहिए। यदि आप की इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर है तो इसका कारण आपका लाइफ स्टाइल है। जिसको बदल कर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बना, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। असल में आपका लाइफ स्टाइल आपके इम्यून सिस्टम की चाबी है। यदि आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल में रहते हैं तो अधिकांश शारीरिक समस्याएं भी दूर रहती हैं।शायद आप को मालूम न हो कि आप की इम्यूनिटी आप के शरीर में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए हर आयु वर्ग के लिए इसको स्वस्थ व मजबूत रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा इम्यून सिस्टम सेल्स, आर्गंस व टिश्यूज़ का एक जाल होता है जो हमें इंफेक्शन आदि से बचाता है। माना कि हर बीमारी से बचना थोड़ा असम्भव है परन्तु  कुछ  सावधानियां बरतीं जाएं और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो हम सब अपनी इम्यूनिटी को मजबूत कर हर बीमारी से लड़ सकते हैं।  एक रिसर्च के मुताबिक भारत में 21 प्रतिशत लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है। ऐसे लोगों को हृदय रोग या ब्लड शुगर की संभावना अधिक रहती है। प्रदूषण व आस पास का महौल देखते हुए यह बहुत जरूरी है कि हम अपनी सेहत का ख्याल रखे और पर्याप्त पोषण का सेवन करें।

 पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करें 

अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने का सबसे बेहतर उपाय है पर्याप्त प्रोटीन वाली डाइट लेना। यह आप के हेल्दी शरीर की नींव है। हमारी साधारण भारतीय मील जिस में दाल, चावल, चपाती व सब्जी होती है वह हमें पर्याप्त पोषण देती है। यह सुनिश्चित करने के लिए की आप पर्याप्त पोषण ले रहे हैं, आप प्रोटीन का कोई सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। हमेशा स्मार्ट और एक्टिव रहने के लिए व डैमेज्ड टिशू को रिपेयर करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करने के लिए प्रोटीन युक्त आहार बहुत जरूरी है।

फल व हरी सब्जियां खाएं 

हम ऐसे समाज में रहते हैं जिसमें जंक फूड आदि फल व सब्जियों से अधिक पसंद किया जाता है। हरी सब्जियां प्लांट बेस प्रोटीन का स्रोत होती हैं, जोकि मिनरल्स व विटामिन्स से भरपूर होती हैं। हरी व पत्तेदार सब्जियां आप के पेट के लिए भी बहुत सेहतमंद हैं और आप की इम्यूनिटी को मजबूत करतीं हैं। जैसे पालक पत्ता गोभी गाजर ब्रोकली बींस आदि। इसके अलावा वह फल जिनमें विटामिन सी होता है वह भी आप की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं, जैसे संतरा, नींबू, नारंगी आदि। इसलिए खाने या नाश्ते में मिश्रित फल या सब्जी का सेवन करें वरना इम्यूनिटी बूस्टर रेसिपीज ट्राई करें।

प्रोबायोटिक सप्लीमेंट खाएं 

यह प्राकृतिक रूप से डेयरी पदार्थों जैसे दूध, दही व योगर्ट आदि में पाया जाता है। यह प्रोबायोटिक नाम का एक बैक्टीरिया होता है जो आपके पाचन तंत्र के लिए उपयोगी होता है। अतः अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने का यह एक बेहतरीन तरीका  है। आप के पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं ये प्रोबायोटिक्स फूड।

योग करें 

अध्ययन कहते हैं की योगा करने से भी हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इससे आप की स्ट्रेस भी कम होता है। योग एक प्राकृतिक इम्यून बूस्टर है। योग को अपने डेली रूटीन में शामिल करने से आप किसी भी प्रकार के तनाव, नींद ना आना या किसी भी शारीरिक समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं। योगा पाचन तंत्र व रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

 तनाव कम करें 

इतना आप तनाव कम रखेंगे उतना ही आपका शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूत होगा। शोध बताते हैं कि भारत में हर 10 लोगों में से 9 लोग तनावग्रस्त रहते है। तनाव आप के लिए कई सारी समस्याएं जैसे हृदय रोग, बीपी व डायबिटीज आदि लाता हैं। इसलिए मेडिटेशन करें। आप अपनी परिवार के साथ समय बिताएं, किताबें पढ़ें व हर रोज 30 मिनट तक प्राणायाम, शवासन, शलभासन आदि करें, ये सुस्‍ती, थकान और तनाव को दूर करते हैं।

कुछ हर्बल उत्पाद और काढ़ा का प्रयोग  

यदि आप हर्बल उत्पादों का प्रयोग करेंगे तो वह आप के लिए एक इम्यूनिटी बूस्टर का काम करेंगी। इन सभी प्राकृतिक उत्पादों का प्रयोग आयुर्वेद में भी किया जाता है क्योंकि यह सभी एंटिऑक्सीडेंट्स और एंटिइंफ्लेमेट्री गुणों से भरपूर है़। जैसे हर्बल चाय’ पीने से न केवल आपका शरीर रिलैक्स होगा बल्कि आप को स्ट्रेस व परेशानी से भी राहत मिलेगी। यही नहीं पेट दर्द से लेकर इम्‍युनिटी बढ़ाने तक कई मर्ज की दवा है तुलसी का काढ़ा। या फिर गिलोय का काढ़ा पीयें।  इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय का काढ़ा बहुत फायदेमंद है।

पर्याप्त नींद लें 

बच्चा हो बूढ़ा हो या युवा, सब के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत महत्त्वपूर्ण है। यदि नींद अच्छी नहीं लेते हैं तो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है। यदि आप अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाना चाहते हैं तो आप के लिए रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है। यदि आप सोएंगे नहीं तो आप पूरा दिन थके रहेंगे और आप बहुत सी बीमारियों का शिकार भी ही सकते हैं।

जानिए मां अंबे के 9 रुपों के 9 शुभ वरदान

मां अंबे, मां दुर्गा, मां भगवती…चाहे नाम कोई भी हो इन 9 दिनों में वह भरपूर आशीष देती है। 9 दिनों की 9 देवियां अपने विशेष आशीर्वाद के लिए जानी जाती हैं। आइए जानें किस देवी से मिलता है कौन सा शुभ वरदान…..
1. शैल पुत्री– मां दुर्गा का प्रथम रूप है शैल पुत्री। पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म होने से इन्हें शैल पुत्री कहा जाता है। नवरात्रि की प्रथम तिथि को शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इनके पूजन से भक्त सदा धन-धान्य से परिपूर्ण पूर्ण रहते हैं।
2. ब्रह्मचारिणी– मां दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी है। मां दुर्गा का यह रूप भक्तों और साधकों को अनंत कोटि फल प्रदान करने वाली है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की भावना जागृत होती है।
3. चंद्रघंटा– मां दुर्गा का तीसरा स्वरूप चंद्रघंटा है। इनकी आराधना तृतीया को की जाती है। इनकी उपासना से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। वीरता के गुणों में वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य अलौकिक माधुर्य का समावेश होता है व आकर्षण बढ़ता है।
4. कुष्मांडा– चतुर्थी के दिन मांं कुष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों, निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु व यश में वृद्धि होती है।
5. स्कंदमाता– नवरात्रि का पांचवां दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी है। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती है।
6. कात्यायनी– मां का छठवां रूप कात्यायनी है। छठे दिन इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इनके पूजन से अद्भुत शक्ति का संचार होता है। कात्यायनी साधक को दुश्मनों का संहार करने में सक्षम बनाती है। इनका ध्यान गोधूली बेला में करना होता है।
7. कालरात्रि– नवरात्रि की सप्तमी के दिन मांं काली रात्रि की आराधना का विधान है। इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है व दुश्मनों का नाश होता है। तेज बढ़ता है।

8. महागौरी– देवी का आठवांं रूप मांं गौरी है। इनका अष्टमी के दिन पूजन का विधान है। इनकी पूजा सारा संसार करता है। महागौरी की पूजन करने से समस्त पापों का क्षय होकर चेहरे की कांति बढ़ती है। सुख में वृद्धि होती है। शत्रु-शमन होता है।
9. सिद्धिदात्री– मां सिद्धिदात्री की आराधना नवरात्रि की नवमी के दिन किया जाता है। इनकी आराधना से जातक अणिमा, लघिमा, प्राप्ति,प्राकाम्य, महिमा, ईशित्व, सर्वकामावसांयिता, दूर श्रवण, परकाया प्रवेश, वाक् सिद्धि, अमरत्व, भावना सिद्धि आदि समस्त नव-निधियों की प्राप्ति होती है।
(साभार -वेब दुनिया)

शुभजिता शॉपिंग बैग – नये ऑफर

अमेजन इंडिया, ऑफर अवधि – 31 अक्टूबर 2020

मोबाइल एक्सेसरीज पर सेल

Offer : Sale on Mobile Accessories

डेटा स्टोरेज उपकरणों पर छूट

Offer : Sale on Data Storage Devices

जिम के उपकरणों पर छूट

Offer : Sale on Heavy Gym Equipment

कार्यालय और स्टेशनरी उत्पादों पर छूट

Offer : Sale on Office & Stationery

 

फ्लिपकार्ट, ऑफर अवधि – स्टॉक रहने तक

निजी देखभाल के उत्पादों पर छूट

Offer : Sale on Personal Care

गृहसज्जा के उत्पादों पर छूट

Offer : Sale on Home Decor

शिशु की देखभाल के उत्पादोंं पर छूट

Offer : Sale on Baby Care Products

ऑटो एक्सेसरी पर सेल

Offer : Sale on Auto Accessory

 

मिन्त्रा, ऑफर अवधि – स्टॉक रहने तक

स्टाइलिश घड़ियों पर फ्लैट 40 प्रतिशत की छूट

Offer : Flat 40% off Stylish Watches

बच्चों के कपड़ों पर कम से कम 50 प्रतिशत की छूट

Offer : Get Min 50% off on Kids Wear

कैजुअल स्टाइल्स पर 50 – 70 प्रतिशत तक की छूट

Offer : Get upto 50%-70% off on Casual Style

 

 

 

कोलकाता, ओडिशा और दक्षिण भारत के शहरों से 7 माह बाद बेतिया पहुँचे फूल

50,000 फूलों के पौधों की खेप पहुँची

कोलकाता : लॉकडाउन के बाद अब कोलकाता, ओडिशा, नेपाल और दक्षिण भारत के कई शहरों से बेतिया में फूलों के पौधों की आवक शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय की नर्सरियों में एक बार फिर से हरियाली देखी जा रही है। विगत कई दशक से फूलों और होम डेकोरेटर से जुड़े ग्रीन प्लांट की उपलब्धता ग्राहकों को कराने के लिए प्रसिद्ध इरशाद आलम ने दैनिक भास्कर को बताया कि हाल ही में कोलकाता से 50,000 तरह-तरह के देसी-विदेशी फूलों के पौधों की खेप पहुंच चुकी है। इसके लिए धीरे-धीरे बिक्री का ग्राफ भी बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि चैंपियन नर्सरी में पौधों की रखरखाव के लिए फिलहाल 40 लोगों की टीम बनाई गई है, जो निर्धारित मानदेय पर फूलों की देखभाल करते हैं। ताकि ग्राहकों को ताजे रंग बिरंगे फूलों के पौधे उपलब्ध हो सके।

ओडिसा से सन ऑफ इंडिया और कोलकाता से मेरी गोल्ड, फायर बॉल की खेप पहुँची

ओडिशाै से एरिका पाम और सन ऑफ इंडिया सहित तरह-तरह के होम डेकोरेटर से जुड़े ग्रीन प्लांट्स मंगाए गए हैं। कोलकाता से मेरी गोल्ड फायर बॉल पिटूनिया बोनसाई सहित तरह-तरह के रंगों वाले फूलों के पौधे मंगाए जा चुके हैं। इरशाद ने बताया कि लॉकडाउन के समय महीनों तक नर्सरी बंद रही जिससे हजारों पौधे नष्ट हो गए और कुछ पौधों के ऊपर शेड लगाकर उनको जीवित रखा गया। लॉकडाउन के कारण फिलहाल नेपाल से ग्राहक नहीं आ रहे लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमा सहित आसपास के कई जिलों के ग्राहक फूलों की खरीदारी के लिए आने लगे हैं। इन दिनों सबसे अधिक डिमांड मेरी गोल्ड सहित पौधों का भी है। फलदार पौधों में आम, अमरूद, आंवला, लीची सहित कई पौधे मंगाए गए हैं।

गाँव की जोकर से लेकर सुपरस्टार का सफर करने वाली कंगना

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत छोटे शहर से ताल्लुक रखने वाली कई लड़कियों के लिए इंस्पिरेशन हैं। लाइफ से जुड़े फैक्ट्स से लेकर कंगना हर मुद्दे पर अपनी राय खुलकर रखती हैं। एक्ट्रेस के फैशन सेंस की भी चर्चाएं भी होती रहती हैं। हाल ही में कंगना रनौत ने अपनी एक पुरानी और हालिया फोटो शेयर कर फैन्स को अभी तक के सफर के बारे में बताया। उनका कहना है कि यह जर्नी उनके लिए बिलकुल भी आसान नहीं रही, लोग उनपर हंसते थे।

कंगना रनौत ने लिखा, “जब मैं छोटी बच्ची थी तब खुद को मोतियों से सजाती थी, अपने बाल खुद काटती थी, थाई हाई जुराब पहनती थी और हील्स कैरी करती थी। लोग मुझपर हंसते थे। एक गाँव की जोकर होने से लेकर लंदन, पैरिस, न्यूयॉर्क फैशन वीक में सबसे आगे की लाइन में बैठना, मुझे महसूस होता है कि फैशन एक ऐसी चीज है जिसे आप स्वतंत्रता से कहीं भी और कभी भी अभिव्यक्त कर सकते हैं।”

कंगना रनौत की फिल्म ‘थलाइवी’ की शूटिंग अभी बाकी है, जिसके लिए वह जल्द ही सेट पर वापसी करेंगी। यह फिल्म एक्ट्रेस-पॉलिटीशियन जयललिता की बायोपिक है। इसके अलावा कंगना जल्द ही फिल्म ‘तेजस’ की भी शूटिंग शुरू करेंगी। इसमें कंगना रनौत इंडियन एयर फोर्स पायलट की भूमिका निभाती नजर आएंगी। इस फिल्म का निर्देशन सर्वेश मेवारा करेंगे। शूटिंग दिसंबर के महीने से शुरू होगी।

अलापन बंदोपाध्याय बने बंगाल के नए मुख्य सचिव

कोलकाता : भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1987 बैच के अधिकारी अलापन बंदोपाध्याय ने गुरुवार को औपचारिक रूप से बंगाल के नए मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया। उन्होंने राजीव सिन्हा का स्थान लिया है जो एक दिन पहले सेवानिवृत्त हो गए। वैसे इनाम के तौर पर राज्य सरकार ने सिन्हा को पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (डब्ल्यूबीआइडीसी) का 3 वर्ष की अवधि के लिए अध्यक्ष बनाया है।

गृह, सूचना और परिवहन विभाग के सचिव रह चुके

सिन्हा ने सेवानिवृत्ति के बाद बंदोपाध्याय को राज्य के नए मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी। अलापन बंधोपाध्याय मुख्य सचिव बनने से पहले गृह, सूचना और परिवहन विभाग के सचिव रह चुके हैं तथा वह दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं।

हरिकृष्ण द्विवेदी ने भी गृह सचिव का पदभार संभाला

वहीं बंदोपाध्याय के मुख्य सचिव बनने के बाद उनकी जगह हरिकृष्ण द्विवेदी ने इस दिन गृह सचिव का पदभार संभाला। द्विवेदी इससे पहले राज्य के वित्त सचिव के पद पर थे। वहीं, उनकी जगह मनोज पंत ने नए वित्त सचिव के रूप में पदभार संभाला।

 

निर्माण गतिविधियों में 8 साल की सबसे बड़ा विकास, सितम्बर में 56.8 रहा परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स

कोरोना के कारण देश की आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों में अब तेज रिकवरी हो रही है। अर्थव्यवस्था की इस सुनहरी तस्वीर की गवाही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) दे रहा है। आईएचएस मार्किट के मुताबिक, सितंबर महीने में पीएमआई इंडेक्स 56.8 फीसदी रहा है, जबकि अगस्त में यह इंडेक्स 52 था। बीते करीब साढ़े आठ सालों में पीएमआई इंडेक्स में यह सबसे बड़ी ग्रोथ है। आईएचएस मार्किट के मुताबिक, जनवरी 2012 के पीएमआई इंडेक्स 56.8 पर पहुंचा है।

पूरी उत्पादन क्षमता पर पहुंची फैक्ट्रियां: लीमा

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया था। इससे आर्थिक और कारोबारी गतिविधियां थम गई थीं। इस वजह से अप्रैल में पीएमआई इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई थी। लगातार 32 महीनों तक ग्रोथ के बाद यह गिरावट दर्ज की गई थी। यदि पीएमआई इंडेक्स 50 अंक से ऊपर रहता है तो इसे ग्रोथ माना जाता है। यदि इंडेक्स 50 से नीचे रहता है तो इसे गिरावट माना जाता है। आईएचएस मार्किट के इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा का कहना है कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री सही दिशा में जा रही है। सितंबर के पीएमआई डाटा में कई सकारात्मक बातें शामिल हैं। कोविड-19 के प्रतिबंधों के बाद देश की फैक्ट्रियां पूरी क्षमता पर पहुंच गई हैं।

निर्यात ऑर्डर से सुधरने लगे हालात

लीमा का कहना है कि लगातार 6 महीने तक गिरावट के बाद निर्यात के नए ऑर्डर मिलने लगे हैं। इससे निर्यात पटरी पर लौटने लगा है। लीमा के मुताबिक, सितंबर के पीएमआई डाटा से खरीदारी दर बढ़ने और कारोबारी विश्वास के मजबूत होने के इनपुट मिले हैं। हालांकि, ऑर्डर बुक वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ के बावजूद भारतीय कारोबारी पे-रोल संख्या में कमी लाने पर विचार कर रहे हैं। कई मामलों में सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइंस के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में कमी लाई जा रही है।

तैयार सामान की कीमत बढ़ी

पीएमआई सर्वे के मुताबिक, बीते 6 महीने में पहली बार तैयार सामान की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी इनपुट लागत ज्यादा होने के कारण हुई है। सर्वे में कहा गया है कि एक तिहाई मैन्युफैक्चरर अगले 12 महीनों तक ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, 8 फीसदी ने गिरावट की उम्मीद जताई है। पीएमआई का मुख्‍य मकसद इकोनॉमी के बारे पुष्‍ट जानकारी को आधिकारिक आंकड़ों से भी पहले उपलब्‍ध कराना है। इससे अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में सटीक संकेत पहले ही मिल जाते हैं। पीएमआई 5 प्रमुख कारकों पर आधारित होता है। इसमें नए ऑर्डर, इन्‍वेंटरी स्‍तर, प्रोडक्‍शन, सप्‍लाई डिलिवरी और रोजगार वातावरण शामिल हैं।

(साभार – दैनिक भास्कर)

टाटा ग्रुप के सुपर ऐप में बड़ी हिस्सेदारी खरीद सकती है वॉलमार्ट

1.8 लाख करोड़ रुपए के निवेश की सम्भावना

नयी दिल्ली : नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक कारोबार करने वाला टाटा ग्रुप ‘सुपर ऐप’ लाने की तैयारी कर रहा है। इस ऐप के जरिए टाटा ग्रुप रिटेल सेक्टर में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है। इस सुपर ऐप के लिए फंड जुटाने के मकसद से ग्रुप संभावित निवेशकों से बातचीत कर रहा है। इस फंड के बदले टाटा ग्रुप निवेशकों को सुपर ऐप में हिस्सेदारी देगा।

अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट कर सकती है बड़ा निवेश

सूत्रों के हवाले से खबरों में कहा गया है कि सुपर ऐप में हिस्सेदारी के लिए अमेरिका की होलसेल कंपनी वॉलमार्ट इंक की टाटा ग्रुप से बातचीत चल रही है। खबरों के मुताबिक, वॉलमार्ट इंक सुपर ऐप में 20 से 25 बिलियन डॉलर करीब 1.4 से 1.8 लाख करोड़ रुपए का निवेश कर सकती है। वॉलमार्ट ने मई 2018 में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की 66 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। यह सौदा 16 बिलियन डॉलर में हुआ था। यदि टाटा ग्रुप और वॉलमार्ट इंक के बीच साझेदारी होती है तो यह रिटेल सेक्टर में देश की सबसे बड़ा सौदा होगा।

संयुक्त रूप से लॉन्च हो सकता है सुपर ऐप

खबरों के मुताबिक, टाटा ग्रुप और वॉलमार्ट एक जॉइंट वेंचर के तहत संयुक्त रूप से सुपर ऐप को लॉन्च कर सकते हैं। इससे टाटा ग्रुप और फ्लिपकार्ट के ई-कॉमर्स कारोबार के बीच तालमेल का लाभ मिलेगा। इस साझेदारी से ग्राहकों को टाटा और फ्लिपकार्ट के सभी उत्पाद एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे। एक अन्य सूत्र के मुताबिक, वॉलमार्ट ने इस ट्रांजेक्शन के लिए गोल्डमैन सैशे को इन्वेस्टमेंट बैंकर के रूप में नियुक्त किया है। सुपर ऐप की वैल्यूएशन 50 से 60 बिलियन डॉलर हो सकती है।

अन्य निवेशकों से भी चल रही है बातचीत

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुपर ऐप की हिस्सेदारी बेचने के लिए टाटा ग्रुप अन्य संभावित निवेशकों से भी बातचीत कर रहा है। इसमें कई ग्लोबल टेक कंपनियां भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी यह बातचीत प्रारंभिक चरण में है और निवेश को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।

दिसंबर तक लॉन्च हो सकता है सुपर ऐप

टाटा ग्रुप का यह सुपर ऐप दिसंबर तक लॉन्च हो सकता है। देश में बढ़ते ई-कॉमर्स कारोबार को देखते हुए कंपनी ने यह फैसला लिया है। इस ऐप पर खाने-पीने के सामान के अलावा फैशन, लाइफस्टाइल और बिल पेमेंट की भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा टाटा ग्रुप के ई-कॉमर्स कारोबार टाटा क्लिक, स्टार क्विक और क्रोमा के उत्पाद भी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।

रिलायंस और अमेजन से होगी सीधी टक्कर

टेलीकॉम सेक्टर में कामयाबी के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अब रिटेल सेक्टर पर फोकस किया है। हाल ही में रिलायंस ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट लॉन्च किया है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स की 32.97 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 1.52 लाख करोड़ रुपए जुटा चुके हैं। टाटा ग्रुप के सुपर ऐप का रिलायंस और अमेजन से सीधा मुकाबला माना जा रहा है।

अमेज़न सेलर्स इस फेस्टिव सीजन में करेंगे कर्मचारियों की भर्ती

अमेज़न ने कंपनी के एक विशेष  के निष्कर्षों  को साझा किया। यह सर्वे आने वाले फेस्टिव सीजन से अमेज़ॅन पर बिक्री करने वाले एसएमबी सेलर्स की उम्मीदों, और इसके लिए की जाने वाली तैयारी का अनुमान लगाना शामिल है। यह अध्ययन 2००० से अधिक अमेज़न सेलर्स के बीच नीएल्सन द्वारा 12-22 सितम्बर 2०2० के दौरान किया गया था। पूरे भारत के 17 शहरों में, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में किये गये, इस अध्ययन में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, लुधियाना, इंदौर, नागपुर, कोयम्बटूर, कोच्चि, पटना, जयपुर और राजकोट के सेलर्स शामिल थे। सवेर् में शामिल 98 फीसदी सेलर्स (2०36) फेस्टिव सीजन के दौरान ई-कॉमर्स का लाभ उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। सीजनल हायरिंग की योजना बनाने वाले 69 फीसदी सेलर्स इस फेस्टिव सीजन में कम से कम पांच लोगों को काम पर रखने की बात कर रहे हैं।
नए उत्पादों को लॉन्च करने की योजना बनाने वाले सेलर्स में से 63 फीसदी सेलर्स इस फेस्टिव सीजन में कम से कम तीन नए प्रॉडक्ट लॉन्च करेंगे। नए प्रॉडक्ट को लॉन्च करने की योजना बनाने वाले सेलर्स का प्रतिशत गैर-मेट्रो शहरों में अधिक है,क्योंकि इनमें से 68 प्रतिशत सेलर्स इस फेस्टिव सीजन में कम से कम तीन नए प्रॉडक्ट लॉन्च करेंगे। अमेज़ॅन इंडिया के उपाध्यक्ष मनीष तिवारी ने सवेर् के निष्कषोर्ं पर टिप्पणी करते हुए कहा, “फेस्टिव सीज़न इवेन्ट्स के लिए हमारा प्रमुख पैमानों में से एक यह है कि हमारे सेलर्स इससे कैसे लाभ उठाते हैं और इस फेस्टिव सीजन में, हमारे सेलर्स के लिए बिजनेस  को ठीक करने और उसमें तेजी लाने में मदद करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। नीएल्सन रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि हमारे प्रयासों का सेलर्स और छोटे व्यवसायों की जरूरतों के साथ तालमेल बना हुआ है। जैसा कि हम नए नियमों को देखते हैं, अपने घरों के सुरक्षित माहौल में बैठे ग्राहकों की सेवा करने, पूरे भारत में ग्राहकों के व्यापक समूह तक पहुंचने के नए अवसर पैदा करने, और उन व्यवसायों के प्रॉडक्ट्स के लिए अधिक वैल्यू जनरेट करने के लिए ई-कॉमर्स सही विकल्प है।“