Friday, April 10, 2026
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अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडेन

4 दिनों तक चली वोटों की गिनती के बाद अमेरिका को अपना 47वां राष्ट्रपति जो बाइडेन के तौर पर मिल गया है। 78 साल के बाइडेन ने राष्ट्रपति बनकर एक दिलचस्प रिकॉर्ड बनाया है। वह अमेरिका के सबसे युवा सिनेटर बने थे और अब सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बन गए हैं। राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन को 290 इलेक्टोरल सीट हासिल हुआ है जबकि जीतने के लिए उन्हें 270 इलेक्टोरल सीट की जरूरत थी। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप को सिर्फ 214 इलेक्टोरल सीट हासिल हुई थी।

चुनाव जीतने के बाद बाइडेन ने कहा, “मैं हर अमेरिकी नागरिक का राष्ट्रपति हूं, चाहे उन्होंने मुझे वोट किया हो या ना किया हो।” बाइडेन का राष्ट्रपति बनना भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहतर होगा। जुलाई में बाइडेन ने फंड रेजिंग के दौरान कहा था कि भारत और अमेरिका नेचुरल पार्टनर हैं। उन्होंने कहा था, “हमारी सुरक्षा के लिए पार्टनरशिप..यानी एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की जरूरत है।”

बाइडेन का सफर

बाइडेन का जन्म 1942 में एक कैथोलिक परिवार में हुआ था । जो बाइडेन ने यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर से पढ़ाई की और 1968 में साइराकुज यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की थी।  1972 में बाइडेन पहली बार सीनेटर चुने गए थे। वह स्टेट ऑफ डेलावेयर से 6 बार सीनेटर चुने गए हैं। 29 साल में बाइडेन को पहली बार अमेरिका का सीनेटर नियुक्त हुए थे। इसके बाद 1988 और 2008 में बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रेसिडेंट पद के कैंडिडेट तो बने लेकिन तीसरी बार में ही पार्टी ने उनका नाम राष्ट्रपति पद के लिए आगे बढ़ाया।

 

जिंदगी का मुश्किल सफर 

बाइडेन का पारिवारिक जीवन काफी मुश्किल भरा रहा है। 1972 में एक कार क्रैश में उनकी पत्नी नेलिया और उनकी 13 साल की बेटी नाओमी की मौत हो गई थी। इस हादसे में बाइडेन के दोनों बेटे ब्यू (Beau) और हंटर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद 1975 में बाइडेन जिल जैकब से मिले और जून 1977 में शादी की। उनसे 1981 में बाइडेन को एक बेटी-एश्ले-हुई। 2015 में ब्यू की 46 साल में ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई। ब्यू इराक वॉर में शामिल थे और डेलावेयर के अटर्नी जनरल थे। बाइडेन का दूसरा बेटा हंटर युवा अवस्था में ड्रग की लत से जूझ रहे थे।  बाइडेन की सेहत भी 1988 में काफी खराब हो गई थी। वह brain aneurysms से जूझ रहे थे। 2019 में उनकी पूर्व स्टाफ तारा रीडे ने उनपर सेक्सुअल हैरासमेंट का आरोप लगाया था। तारा का आरोप था कि 90 के दशक में बाइडेन के साथ काम करते हुए वह असहज थीं। वह 1993 में भी सेक्सुअल असॉल्ट का आरोप लगा चुकी है। लेकिन 2020 में बाइडेन और उनकी कैंपेन टीम ने इस आरोप का खंडन किया।

बिहार चुनाव: राजग को पूर्ण बहुमत, एक बार फिर नीतीश सरकार

पटना : बिहार में सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष की कड़ी चुनौती को पार करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243 सीटों में से 125 सीटों पर जीत प्राप्त कर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया।

भले ही राजग ने बहुमत हासिल किया है, लेकिन इस चुनाव में विपक्षी ‘महागठबंधन’ का नेतृत्व कर रहा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 75 सीटें अपने नाम करके सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरा है। मतगणना के शुरुआती घंटों में बढ़त बनाती नजर आ रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 16 घंटे चली मतों की गिनती के बाद 74 सीटों के साथ दूसरा स्थान मिला। विपक्षी महागठबंधन ने कुल 110 सीटें जीतीं। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद के सर्वाधिक सीटें हासिल करने के बावजूद महागठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाया।

राजग के बहुमत हासिल करने के साथ ही नीतीश् कुमार के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह साफ हो गई है। हालांकि इस बार उनकी पार्टी जद(यू) को 2015 जैसी सफलता नहीं मिली है। जद(यू) को 2015 में मिली 71 सीटों की तुलना में इस बार 43 सीटें ही मिली हैं। उस समय कुमार ने लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव जीता था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा समेत राजग पहले ही कुमार को मुख्यमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका हैं। इसलिए भले ही कुमार की पार्टी का प्रदर्शन गिरा है, कुमार चौथी बार सरकार का नेतृत्व करेंगे।
जद(यू) को चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है। लोजपा को एक सीट पर जीत मिली, लेकिन उसने कम से कम 30 सीटों पर जदयू को नुकसान पहुंचाया।

जद(यू) के प्रवक्ता के सी त्यागी ने नयी दिल्ली में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक ‘‘साजिश’’ के तहत नीतीश कुमार के खिलाफ ‘‘अपमानजनक अभियान’’ चलाया गया। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए कहा, इसमें ‘‘अपने भी शामिल थे और बेगाने भी।’’

उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार ही राजग सरकार का नेतृत्व करेंगे।

भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने गठबंधन की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘राजग ने अपनी गरीब हितैषी नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण जीत दर्ज की। जनता ने मोदी के नेतृत्व पर एक बार फिर विश्वास जताया है।’

यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री को लेकर कोई बदलाव किया जाएगा, क्योंकि भाजपा को अपने गठबंधन सहयोगी जद(यू) से अधिक सीटों पर विजय मिली है तो जायसवाल ने कहा कि दोनों दल एक साथ लड़े और चुनाव से पहले ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया था।

भाजपा की 74 और जदयू की 43 सीटों के अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन साझीदारों में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को चार और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को चार सीटें मिलीं। विपक्षी महागठबंधन में राजद को 75, कांग्रेस को 19, भाकपा माले को 12 और भाकपा एवं माकपा को दो-दो सीटों पर जीत मिली।

इस चुनाव में एआईएमआईएम ने पांच सीटें और लोजपा एवं बसपा ने एक-एक सीट जीती है। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा है। हालांकि जद(यू) की घटी हुई ताकत के बाद भाजपा मंत्रिपदों के बंटवारे में अधिक हिस्सा दिए जाने का दबाव बना सकती है। महागठबंधन को मुस्लिम वोट बंटने का भी नुकसान हुआ। मुस्लिम वोट एआईएमआईएम, बसपा और आरएसएलपी समेत पार्टियों के बीच बंटने का लाभ राजग को मिला।

असदुद्दीन आवैसी की एआईएमआईएम ने चुनाव में हैरान करते हुए पांच सीटों पर कब्जा किया और उसकी सहयोगी बसपा ने भी एक सीट पर जीत हासिल की। तेजस्वी यादव पिछले साल लोकसभा चुनाव में राजद के खाता भी न खोल पाने के बाद इस बार पार्टी को सर्वाधिक सीटें जीतने वाली पार्टी बनाने में कामयाब रहे।

मुख्य रूप से दो गठबंधनों के बीच हुए इस मुकाबले में वाम दलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। भाकपा माले को 12 और उसके बाद भाकपा एवं माकपा को दो-दो सीटें मिली। निवर्तमान विधानसभा में भाकपा माले की तीन सीटों के अलावा सदन में वाम दलों की कोई मौजूदगी नहीं थी।

तेजस्वी यादव और तेज प्रताप ने राघोपुर एवं हसनपुर सीटों पर क्रमश: 38,174 और 21,139 मतों के अंतर से शानदार जीत हासिल की।

पोत परिवहन मंत्रालय का नाम हुआ बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल में की गयी घोषणा के अनुरूप केंद्र सरकार ने पोत परिवहन मंत्रालय का नाम बदलकर बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय कर दिया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय की अधिसूचना के मुताबिक इस मंत्रालय के तहत पोत परिवहन और नौवहन, समुद्री व्यापार के लिए शिक्षण एवं प्रशिक्षण, प्रकाशस्तंभ और प्रकाशपोत, बंदरगाहों, पोत परिवहन और नौवहन का प्रशासन काम करेगा। इसमें राष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए यात्रियों एवं माल की आवाजाही भी शामिल है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 77 के खंड (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके और भारत सरकार (कार्य का आवंटन) नियम, 1961 में संशोधन करके लिया गया था।
विभिन्न स्वायत्त निकाय जैसे मुंबई, कोलकाता और अन्य बंदरगाह न्यास, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और भारत के पोत परिवहन निगम भी मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे।
मोदी ने रविवार को गुजारत के घोघा और हजीरा के बीच रोपैक्स फेरी सेवा के शुभारंभ के मौके पर कहा था कि पोत परिवहन मंत्रालय का विस्तार किया जा रहा है और अब इसका नाम बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय होगा।

व्हाट्सऐप करने जा रहे हैं भुगतान तो रखिए यह जानकारी

नयी दिल्ली : कई सालों तक कानूनी अड़चनों का सामना करने के बाद पिछले हफ्ते ही फेसबुक के स्वामित्व वाले वाट्सएप ने डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में कदम रखा है। वाट्सएप (WhatsApp) ने शुरुआती दौर में अपने लगभग 40 करोड़ के यूजर बेस में से दो करोड़ ग्राहकों के लिए इस सेवा की पेशकश की है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो आपको पता होना चाहिए, अगर आप वाट्सएप के जरिए पेमेंट्स करने जा रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन
वाट्सएप के माध्यम से पेमेंट करने के लिए आपके पास एक बैंक अकाउंट और उससे लिंक्ड एक मोबाइल नंबर होना चाहिए। इसके बाद आपको पहले अपना बैंक अकाउंट एड करना होता है और एक यूपीआई पिन सेट करना होता है। अगर आपके पास पहले से यूपीआई पासकोड है, तो आप उसका भी उपयोग कर सकते हैं।
यूपीआई पर काम करती है वाट्सएप पेमेंट सुविधा
वाट्सएप पर पेमेंट्स की सुविधा गूगल पे, फोन पे, भीम और अन्य बैंक एप्स की तरह ही यूपीआई (UPI) पर कार्य करती है। इसलिए आपको वाट्सएप के वॉलेट में पैसा रखने की जरूरत नहीं है। आप अपने बैंक अकाउंट से सीधे पेमेंट कर सकते हैं। जब आप पेमेंट्स के लिए रजिस्टर करेंगे, तो वाट्सएप एक फ्रेश यूपीआई आईडी क्रिएट करेगा। आप ऐप के पेमेंट्स सेक्शन पर जाकर इस आईडी को देख सकते हैं।

पेटीएम छोटे व्यवसायियों को देगी 1000 करोड़ का कर्ज

नहीं देनी होगी कोई गारंटी
नयी दिल्ली : पेटीएम ने अगले साल मार्च तक दुकानदारों को 1,000 करोड़ रुपये के कर्ज वितरण यानी लोन डिस्ट्रीब्यूशन का लक्ष्य रखा है। कम्पनी ने कहा कि वह अपने बिजनेस ऐप के यूजर्स को ‘दुकानदार ऋण कार्यक्रम’ के तहत बिना गारंटी वाला कर्ज उपलब्ध कराना जारी रखेगी। पेटीएम ने बयान में कहा है, ‘‘हम अपने 1.7 करोड़ दुकानदारों के आंकड़ों के आधार पर कारोबार क्षेत्र को 1,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करेंगे। इस ऋण के जरिये दुकान मालिक अपने कारोबार का डिजिटलीकरण कर सकेंगे और परिचालन में विविधता ला सकेंगे। इससे उनकी दक्षता में सुधार होगा और उन्हें डिजिटल इंडिया मिशन में शामिल होने में मदद मिलेगी।’’
कम्पनी का कहना है कि उसका लक्ष्य 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज मार्च तक वितरित करने का है। पेटीएम दुकानदारों के रोजाना के लेनदेन के आधार पर उनकी ऋण पात्रता तय करती है और उसके बाद गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (एनबीएफसी) और बैंकों के साथ भागीदारी में बिना गारंटी वाला ऋण उपलब्ध कराती है।
बयान में कहा गया है कि वह सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) की वृद्धि के लिए निचली ब्याज दरों में पाँच लाख रुपये तक के गारंटी-मुक्त ऋण का विस्तार कर रही है। इस ऋण की वसूली दुकानदार के पेटीएम के साथ रोजाना के निपटान के आधार पर की जाती है और इसके समय से पहले भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। पेटीएम का दावा है कि उसने पिछले वित्त वर्ष में 1 लाख से ज्यादा मर्चेंट पार्टनर्स को 550 करोड़ रुपये के कर्ज दिए।

मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने किया हेल्थकेयर स्टार्ट अप आई क्योर में निवेश

नयी दिल्ली : हेल्थकेयर सर्विसेज स्टार्टअप आईक्योर ने कहा कि दिग्गज उद्योगपति और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कम्पनी में निवेश किया है। कम्पनी ने निवेश की रकम के बारे में जानकारी नहीं दी। आईक्योर क्लिनिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजीज और प्रशिक्षित फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के जरिये प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विसेज प्रदान करती है।
कम्पनी ने कहा कि नए फंड से वह देशभर में और ग्लोबल लेवल पर तेजी से अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। टाटा के निवेश के बारे में आईक्योर के संस्थापक और सीईओ सुजय सांतरा ने कहा कि हमें खुशी है कि रतन टाटा ने निवेश के बारे में सोचा है। हम अत्यधिक सम्मान और प्रोत्साहन महसूस करते हैं।
अगले 5 साल में 1 करोड़ ग्राहकों तक पहुँचने का लक्ष्य
अभी तक आईक्योर ने देश के 7 राज्यों में 11 लाख से ज्यादा लोगों को प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विसेज दी है। कंपनी अगले 5 साल में 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों तक अपनी सेवा पहुंचाना चाहती है। कंपनी ने बताया कि प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विसेज देने में उसे एक्सेसेबिलिटी, अफॉर्डेबिलिटी, अवेलेबिलिटी और अवेयरनेस जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
अफ्रीका के कई देशों में आईक्योर के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के कुम्हार ने बनाया 24 घंटे तक लगातार जलने वाला दीया

बस्तर : दिवाली आने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं।आजकल एक ऐसे दीये की चर्चा हो रही है जो पूरा दिन जल सकता है। छत्तीसगढ़ के एक कुम्हार ने मिट्टी का एक ऐसा दीपक डिज़ाइन किया है, जो पूरे दिन जल सकता है। द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बस्तर ज़िले के कोंडागांव नाम के एक छोटे से गाँव में रहने वाले अशोक चक्रधारी के पास दीयों के ऑर्डर्स की भरमार है।
चक्रधारी के दीयों में में तेल का प्रवाह अपने आप होता है. इन दीयों का नाम ‘मैजिक लैंप’ यानी जादुई दीया है। यू ट्यूब पर एक वीडियो देखने के बाद एक दीये को घंटों तक जलाए रखने के बारे में चक्रधारी ने सोचा. उन्होंने कहा, “मैं हमेशा नए विचारों की तलाश में रहता हूं, जो मेरे हुनर को चुनौती दे और मेरे आसपास के लोगों के लिए एक उपयोगी आविष्कार हो।” 62 वर्षीय चक्रधारी ने कहा, “2019 में, दिवाली से पहले मैं दीयों को तराशने के लिए एक नए डिज़ाइन की तलाश में था। तभी मैंने एक दीया देखा, जिस पर तेल भरा रहता है ताकि दीया जलना बंद न हो। मुझे ये अच्छा लगा और मैंने इसे बनाने का फ़ैसला किया।”
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि मिट्टी के दीपक बनाने की तकनीक कई ऑनलाइन वीडियो के बाद बनाया. वह कहते हैं, “मैंने ऑनलाइन कई तकनीक सीख कर इस दीए को बनाना सीख लिया है मुझे ऐसे और अधिक दीए बनाने के लिए अच्छी संख्या में ऑर्डर मिले हैं।”

नयी प्रतिभाओं को मौका देगा मोजोप्लेक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म

कोलकाता : मनोरंजन की दुनिया में ओटीटी की बढ़ती माँग को देखते हुए कोलकाता में मोजोप्लेक्स नामक ओटीटी इन्टरटेन्मेंट ऐप उतारा गया है। इस ऐप के सह संस्थापक अभिषेक मिश्रा और तूफान मुखर्जी का उद्देश्य मनोरंजन प्रदान करने के साथ नयी औऱ उभरती प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना है। मोजोप्लेक्स गूगल प्ले पर उपलब्ध होगा और वेब ब्राउजर ( www.mojoplex.in) 15 नवम्बर 2020 से उपलब्ध होगा। मोजोप्लेक्स से अरिजीत दत्ता. जॉय सेनगुप्ता, सायनी घोष, सिधू, सुदर्शन चक्रवर्ती, ओम साहनी, चन्द्रेयी घोष, जोजो. कौशानी, लग्नजीता समेत कई अन्य हस्तियाँ जुड़ी हैं। मोजोप्लेक्स के सह संस्थापक तूफान मुखर्जी ने कहा कि वह अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ सभी सुविधाएं देना चाहते हैं। मोजोप्लेक्स के सह संस्थापक अभिषेक मिश्रा ने कहा कि महामारी के दौरान दर्शकों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। मोजोप्लेक्स पर राष्ट्रीय स्तर के साथ बांग्ला में भी कार्यक्रम उपलब्ध होंगे। नयी प्रतिभाओं को भी यह माध्यम मौका देगा।

 

सोदपुर का मर्लिन मैक्सिमम्स बना ‘मर्लिनेर शेरा पूजो अवार्ड’ का विजेता

पर्णश्री का मर्लिन सफायर, हावड़ा के मर्लिन वाटरफ्रंट क्रमानुसार प्रथम थम रनर अप, तथा द्वितीय रनर अप
बांग्ला बैंड भूमि के संस्थापक सदस्य व प्रख्यात गायक सौमित्र राय रहे मुख्य अतिथि

कोलकाता : रियल इस्टेट समूह मर्लिन ग्रुप ने दुर्गा पूजा अवार्ड का दूसरा संस्करण प्रदान किये हैं। गत 7 नवम्बर को प्रिसेन्टन क्लब में आयोजित ‘मर्लिन शेरा पूजो’ नामक यह पुरस्कार विभिन्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों को यह पुरस्कार दुर्गापूजा उत्सव को पूरे धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया गया। एक समारोह में मर्लिन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक साकेत मोहता ने विजेताओं को यह पुरस्कार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बांग्ला बैंड भूमि के संस्थापक सदस्य गायक सौमित्र राय की उपस्थिति में प्रदान किये। सोदपुर में स्थित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ‘मर्लिन मैक्सिमम्स’ ने प्रथम पुरस्कार ‘मर्लिनेर शेरा पूजो अवार्ड’ जीता। वहीं बेहला के पर्णश्री में स्थित ‘मर्लिन सफायर’ हाउसिंग कॉम्प्लेक्स प्रथम रनर अप बना और इसे ट्रॉफी. प्रमाणपत्र और प्लाक प्रदान किये गये। हावड़ा में स्थित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ‘मर्लिन वाटर फ्रंट’ को द्वितीय रनर अप चुना गया और इसे ट्रॉफी, प्लाक और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। मर्लिन ने विभिन्न श्रेणियों में हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों को सम्मानित किया। सर्वश्रेष्ठ सज्जा के लिए ‘मर्लिन ग्रोव’ और ‘मर्लिन वार्डन लेक व्यू’ को पुरस्कृत किया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा की श्रेणी में ‘मर्लिन एमेरल्ड’ और ‘मर्लिन अल्ट्रा’ को पुरस्कार दिया गया।। सर्वश्रेष्ठ विचार व परिकल्पना के लिए ‘मर्लिन लेगेसी’ को पुरस्कृत किया गया। सुरक्षा व सावधानी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रबन्ध के साथ किये गये प्रबन्धों के लिए ‘मर्लिन जबाकुसुम’ को पुरस्कृत किया गया।
सम्मान प्रदान करते हुए मर्लिन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक साकेत मोहता ने कहा, ‘हमने पिछले साल ‘मर्लिन शेरा पूजो’ पुरस्कार बंगाल में स्थित मर्लिन के सभी हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों को दुर्गा पूजा आयोजित करने के लिए उत्साहित करने के लिए आरम्भ किया था। हमारा उद्देश्य था कि लोग बंगाल के सबसे बड़े उत्सव दुर्गापूजा को इसकी सही भावना के साथ आयोजित करें। इस साल कोविड -19 के माहौल में सभी नियमों औऱ सावधानियों का पालन करते हुए मर्लिन के सभी हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के निवासियों ने जिस तरह खुशी और उत्साह के साथ दुर्गापूजा का आयोजन किया, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। सबसे अधिक प्रेरक हमारे सभी महत्वपूर्ण निवासियों के बीच बन्धन और सौहार्द है, जिसके साथ यह उत्सव मनाया गया। हम प्रण करते है कि हम अगले साल भी पूरी तैयारी और सर्वश्रेष्ठ भाव के साथ सालों तक यह उत्सव आयोजित करते रहेंगे।
कोविड के दौरान कोलकाता में दुर्गा पूजा धूमधाम और उत्साह के साथ मनायी गयी। मर्लिन ग्रुप ने मर्लिनेर शेरा पूजा के दूसरे संस्करण की घोषणा कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार सभी सुरक्षा मानकों और स्वच्छता के नियमों का पालन करके की थी।
प्रख्यात बांग्ला बैंड ‘भूमि’ के संस्थापक सदस्य तथा गायक सौमित्र राय महासप्तमी और महा अष्टमी के दिन पूजा प्रतिमाओं का परिदर्शन करते हुए कोलकाता, हुगली, हावड़ा के सभी मर्लिन हाउसिंग अपार्टमेंट्स में सभी निवासियों से जुड़े थे। निवासियों के अनुरोध पर वे पारम्परिक ढाक वादक बने। अभिनेत्री अलेविया सरकार ने महा नवमी को मर्लिन हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का परिदर्शन किया।
मर्लिन ग्रुप ने 12 मर्लिन हाउसिंग कॉम्प्लेक्सों के सभी 1700 अपार्ट्मेंट्स में ‘मर्लिन शेरा पूजो’ के दूसरे संस्करण के आयोजन की घोषणा की थी। यह इन कॉम्प्लेक्सों के 7 हजार निवासियों और उनके मेहमानों तक पहुँची जिन्होंने कोविड -19 के दौरान आशा और विश्वास के साथ पूजा में भाग लिया और माँ की आराधना की।

वोकल फॉर लोकल : हिन्दुस्तान जिंक से जस्ता खरीदेगा टाटा स्टील

कोलकाता : देश के अग्रणी स्टील निर्माता टाटा स्टील ने घरेलू उद्योगों को मजबूत करने का दायित्व उठाया है। ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील ने निर्णय लिया है कि वह अपनी आवश्यकता के लिए जिंक यानी जस्ता हिन्दुस्तान जिंक से लेगा और आयात घटाएगा। दोनों कम्पनियों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें टाटा स्टील एक आत्मानिभर भारत के लिए आयातित उत्पादों का विकल्प तैयार करेगी। एमओयू के तहत, हिंदुस्तान जिंक ने टाटा स्टील के लिए वीएमआई समाधान लागू किया है – जो अलौह धातु उद्योग में पहला है। हिन्दुस्तान जिंक इस समझौते के तहत 45 के टी जिंक व अन्य धातु का उत्पादन करेगा जो टाटा स्टील तथा उसकी सहायक कम्पनी टाटा स्टील बीएसएल (पहले भूषण स्टील) के उपयोग के लिए होगा। इस समझौते को लेकर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया साझा और अपनी तरह का पहला कदम बताया। टाटा स्टील को हिन्दुस्तान जिंक वेंडर मैनेजमेंट इन्वेन्टरी (वीएमआई) समाधान देगा प्रथम वीएमआई ग्राहक होने के नाते टाटा स्टील की इन्वेन्टरी और स्टॉक की लगातार निगरानी की जाएगी। कमी होने की स्थिति में हिन्दुस्तान जिंक के वेयरहाउस से जस्ते की आपूर्ति की जायेगी। यह निगरानी और आपूर्ति देश भर में की जाएगी।