Monday, June 29, 2026
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ऋचा घोष को प्रदान की गयी ‘बंगभूषण’ की उपाधि

कोलकाता । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में विश्व कप विजेता ऋचा घोष के सम्मान में ईडन गार्डेन्स में क्रिकेट एसोसिशएन ऑफ बंगाल ने विशेष समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर ऋचा घोष को विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार ने ऋचा को ‘बंगभूषण’ उपाधि प्रदान किया। इसके साथ ही ऋचा घोष को राज्य पुलिस में डीएसपी के मानद पद पर नियुक्त भी किया गया है। गौरतलब है कि पिछली रविवार को ही आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कमाल कर दिखाया। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रिका को हराकर अपना पहला विश्व कप जीता। इस जीत के बाद ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के तमाम बड़े नेताओं व पूरे देश की जनता ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का तहे दिल से हार्दिक अभिनंदन किया था। अब बारी अपने घर में सम्मानित होने की थी। शनिवार को सीएबी की ओर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा राज्य के खेल मंत्री अरुप विश्वास, राज्य मंत्री मनोज तिवारी, सीएबी अध्यक्ष पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, पूर्व क्रिकेटर झूलन गोस्वामी समेत अन्य कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हुई। इस मौके पर ऋचा घोष को CAB की तरफ से 34 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और सोने का बैट उपहार में दिया गया। इसके साथ ही ऋचा को राज्य सरकार की ओर से सोने की एक चेन भी भेंट दी गयी। सौरभ गांगुली ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सम्मान करते हुए उन्हें फ्रीडम ट्रॉफी की रेप्लिका भेंट स्वरूप दी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने ऋचा को उपहार में दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋचा जैसी प्रतिभा पाकर बंगाल गौरवांवित हो गया है।

हरमनप्रीत कौर को डीलिट. की मानद उपाधि देगा जेयू
पिछली रविवार को ही आईसीसी महिला विश्वकप जीप कर भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा था। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप की ट्राफी पर अपना नाम लिखवाया है। अब जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में हरमनप्रीत कौर को डीलिट. की मानद उपाधि से सम्मानित करने का प्रस्ताव दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में जेयू में सभी फैकल्टी के डीन की एक बैठक हुई जिसमें अगले महीने होने वाले दीक्षांत समारोह में हरमतप्रीत कौर को डी.लिट की मानद उपाधि से सम्मानित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस बैठक में जेयू के उपाचार्य चिरंजीव भट्टाचार्य, कार्यवाहक रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जेयू में आमतौर पर 24 दिसंबर को ही हर साल दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाता है। मीडिया से इस बारे में बात करते हुए जेयू प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जादवपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हरमनप्रीत कौर को डीलिट की मानद उपाधि प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिनकी अगुवाई में भारत ने पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। बताया जाता है कि अब यह प्रस्ताव राज्य के राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के आचार्य सीवी आनंद बोस के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। अगर उन्होंने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जता दी तो इस प्रस्ताव को यूनिवर्सिटी की एग्जिक्यूटिव काउंसिल (ईसी) के सामने आधिकारिक तौर पर पेश किया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में ही नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी, डीआरडीओ के चेयरमैन समीर वी. कामत और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के सीईओ शिव कुमार कल्याणरामन को इस साल मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने पर चर्चा की गयी है। हालांकि इन नामों को भी आचार्य के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। गौरतलब है कि इस साल जेयू का दीक्षांत समारोह बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इस साल जेयू को लंबे समय बाद स्थायी उपाचार्य, चिरंजीव भट्टाचार्य मिले हैं। सूत्रों की मानें तो चिरंजीव भट्टाचार्य ने खुद आचार्य से इन प्रस्तावित नामों पर चर्चा के लिए समय की मांग की है।

टेस्ला के एलन मस्क को मिलेगा 1 ट्रिलियन डॉलर वेतन

वॉशिंगटन । टेस्ला के सीईओ एलन मस्क एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कंपनी के शेयरधारकों ने उनके अब तक के सबसे बड़े और रिकॉर्ड तोड़ वेतन पैकेज को मंजूरी दे दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह पैकेज करीब 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक का हो सकता है, जो किसी भी कॉरपोरेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा वेतन समझौता माना जा रहा है।बता दें कि इस फैसले पर गुरुवार को हुए मतदान में लगभग 75 प्रतिशत शेयरधारकों ने मस्क के पक्ष में वोट दिया। कंपनी के बोर्ड ने यह प्रस्ताव पिछले साल सितंबर में पेश किया था ताकि मस्क की नेतृत्व क्षमता और उनके साथ कंपनी की दीर्घकालिक दिशा बरकरार रहे। यह पूरा वेतन पैकेज 12 हिस्सों में बंटा हुआ है, और मस्क को हर हिस्सा तभी मिलेगा जब टेस्ला आने वाले वर्षों में तय किए गए उत्पादन, लाभ और मार्केट कैप से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करेगी। गौरतलब है कि अगर टेस्ला इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त कर लेती है, तो एलन मस्क की हिस्सेदारी कंपनी में 13 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यानी उन्हें करीब 423 मिलियन नए शेयर मिलेंगे, जिनकी कीमत लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, बशर्ते टेस्ला का मार्केट वैल्यू 8.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड का मानना है कि एलन मस्क की अगुवाई में टेस्ला न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों में बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्वचालित वाहनों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छू सकती है। हालांकि कुछ प्रमुख सलाहकार फर्मों जैसे ग्लास लुईस और आईएसएस ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। उनका कहना था कि यह वेतन पैकेज बहुत बड़ा और शासन की दृष्टि से असंतुलित है। जानकारी के मुताबिक, अगर यह प्रस्ताव खारिज हो जाता, तो मस्क ने संकेत दिया था कि वे टेस्ला के सीईओ पद से हट सकते हैं। वोटिंग के बाद एलन मस्क ने निवेशकों का आभार जताते हुए कहा, “मैं आप सभी का बेहद आभारी हूं।” सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अगर मस्क टेस्ला के सभी लक्ष्य हासिल कर लेते हैं, तो यह पैकेज उन्हें प्रतिदिन करीब 275 मिलियन डॉलर की कमाई दिला सकता है, जो किसी भी सीईओ के वेतन के मुकाबले अभूतपूर्व है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, एलन मस्क की कुल संपत्ति इस समय करीब 473 अरब डॉलर है, जिसमें टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्सएआई जैसी कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। तुलना करें तो, मस्क का संभावित वेतन दुनिया के अन्य शीर्ष सीईओ की तुलना में कई गुना अधिक है। उदाहरण के लिए, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला ने 79.1 मिलियन डॉलर, एप्पल के टिम कुक ने 74.6 मिलियन डॉलर और एनविडिया के जेनसन हुआंग ने 49.9 मिलियन डॉलर कमाए हैं। यह साफ दिखाता है कि मस्क का यह वेतन पैकेज किसी भी मौजूदा कॉरपोरेट मानक से कहीं ऊपर है और इसे लेकर निवेशकों और विश्लेषकों के बीच चर्चा जारी है। एलन मस्क और टेस्ला दोनों ही अब एक नए युग की ओर बढ़ रहे हैं जहां केवल इलेक्ट्रिक कारें नहीं, बल्कि एआई और रोबोटिक्स भविष्य की दिशा तय करेंगे। यह फैसला उस विश्वास को मजबूत करता है कि मस्क की अगुवाई में टेस्ला तकनीकी नवाचार की सीमाओं को और आगे ले जाएगी हैं।

पश्चिम बंगाल में अब तक वितरित हुए तीन करोड़ से अधिक एन्यूमरेशन फॉर्म

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने उल्लेखनीय रफ्तार पकड़ी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार रात 8:00 बजे तक राज्य भर में कुल 3.04 करोड़ से अधिक एन्यूमरेशन फॉर्म घर-घर जाकर वितरित किए जा चुके हैं। यह अभियान 04 नवम्बर से प्रारंभ हुआ था और महज़ चार दिनों में ही इसने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। आयोग के अनुसार, राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में तैनात लगभग 80 हजार 681 बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के घरों तक जाकर दो-दो प्रतियों में एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर रहे हैं। इनमें से एक प्रति मतदाता के पास सुरक्षित रखी जा रही है, जबकि दूसरी प्रति निर्वाचन आयोग के अभिलेखों हेतु जमा की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में अभियान की रफ्तार में विशेष वृद्धि दर्ज हुई है। गुरुवार रात 8 बजे तक 2.01 करोड़ फॉर्म बांटे गए थे, जो शुक्रवार शाम तक बढ़कर 3.04 करोड़ से अधिक हो गए। आयोग का कहना है कि यह बढ़ोतरी बीएलओ नेटवर्क की सक्रियता और क्षेत्रीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार का एसआईआर अभियान विशेष रूप से व्यापक है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया 23 वर्षों बाद की जा रही है। वर्ष 2002 के बाद यह पहला मौका है जब मतदाता सूची के पूर्ण पुनरीक्षण के लिए राज्य स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर फॉर्म वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक प्राप्त विवरण की गहन निगरानी और सत्यापन किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाया जा सके।

इस बीच, कुछ जिलों से बीएलओ और राजनीतिक दलों के बूथ स्तर कार्यकर्ताओं पर हमलों की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं। निर्वाचन आयोग ने इन घटनाओं पर गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की बाधा या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक योग्य नागरिक तक प्रपत्र सुरक्षित रूप से पहुंचे।

आयोग के सूत्रों ने बताया कि अभियान के पहले चरण में अपेक्षित लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया जा रहा है। एसआईआर अभियान 09 दिसम्बर तक जारी रहेगा और इसके बाद प्राप्त आंकड़ों का सत्यापन कर अंतिम मतदाता सूची जनवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी।

राष्ट्रपति व पीएम से मिली विश्व विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम

नयी दिल्ली। भारतीय महिला टीम ने विश्व चैंपियन बनने के बाद पीएम मोदी से दिल्ली स्थिति प्रधानमंत्री आवास पर मुलाकात की। इस दौरान भारतीय महिला टीम ने पीएम मोदी को साइन की हुई जर्सी गिफ्ट की। इसके बाद वर्ल्ड चैंपियन महिला टीम ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। गुरुवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने साइन की हुई जर्सी राष्ट्रपति को सौंपी। साथ ही ट्रॉफी के साथ पोज भी दिया। मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने भारतीय टीम की ऐतहासिक जीत की सराहना की। साथ ही करोड़ों लड़कियों की प्रेरणा बनने पर प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस जीत ने कई लड़कियों को प्रेरित किया है। वह युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बन गई हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने टीम को बधाई दी और कहा कि उन्होंने इतिहास रच दिया है और युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बन गई हैं। उन्होंने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है। वे विभिन्न क्षेत्रों, विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों और विभिन्न परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन वे एक टीम हैं- भारत। गौरतलब हो कि भारतीय टीम ने 2 नवंबर को महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर अपना पहला आईसीसी खिताब जीता। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेल गए फाइनल मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराया।

मल्टीप्लेक्स में महंगाई पर भड़का सुप्रीम कोर्ट

कहा – कॉफी के 700 रुपये लेंगे तो कौन जाएगा सिनेमा हॉल
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मल्टीप्लेक्स थिएटर्स में टिकट के साथ बिकने वाले स्नैक्स और पेय पदार्थों की ऊंची कीमतों पर गहरी चिंता जाहिर की है। जस्टिस नाथ ने टिप्पणी की कि जब एक पानी की बोतल 100 रुपये और कॉफी 700 रुपये में बेची जा रही हो, तो दर्शक सिनेमा देखने क्यों आएंगे?
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि ताज होटल में कॉफी 1,000 रुपये में मिलती है, क्या कोर्ट उसकी कीमत कंट्रोल कर सकता है? यह पूरी तरह ग्राहक की पसंद का मामला है। जवाब में जस्टिस नाथ ने कहा कि सिनेमा हॉल पहले से ही घटते जा रहे हैं। अगर कीमतें उचित नहीं रहीं, तो थिएटर सूने पड़ जाएंगे। मल्टीप्लेक्स को ऐसी दरें तय करनी चाहिए जो लोगों को सिनेमा की ओर आकर्षित करें। रोहतगी ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की रोक का जिक्र किया। दरअसल, कर्नाटक सरकार ने नियम बनाकर फिल्म टिकट की अधिकतम कीमत 200 रुपये निर्धारित की थी, जिस पर कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने विरोध जताया। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 23 सितंबर को इस नियम के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने 30 सितंबर को सिंगल बेंच के आदेश को कायम रखा, हालांकि कुछ अतिरिक्त शर्तें जोड़ीं हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने इन शर्तों पर भी अंतरिम रोक लगा दी है। जब रोहतगी ने कहा कि महंगा लगे तो मल्टीप्लेक्स न जाएं, सामान्य सिनेमा हॉल चुन लें, तो जस्टिस नाथ ने पलटकर पूछा अब सामान्य सिनेमा हॉल बचे ही कहां हैं?

 

एसआईआर के एन्यूमरेशन फॉर्म अब ऑनलाइन उपलब्ध

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध होंगे। गुरुवार सुबह से मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से फॉर्म डाउनलोड हो रहे हैं और इसे भरा भी जा सकता है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधे फॉर्म प्राप्त करने में असमर्थ हैं, विशेषकर वे मतदाता जो नौकरी या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रहते हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, ऑनलाइन फॉर्म तक पहुंच मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल की वेबसाइट के जरिए संभव होगी। इसके अलावा, आयोग के मोबाइल एप ‘ईसीआइनेट’ पर भी यह सुविधा दी गई है। तकनीकी खामियों के कारण यह सुविधा मंगलवार से शुरू नहीं हो सकी थी, किन्तु आज गुरुवार से फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध हो गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसे ऑफलाइन की तरह ही भरना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अपलोड की विस्तृत गाइडलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। उधर, बीएलओ राज्य भर में घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं और मतदाताओं से आवश्यक जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं। आयोग द्वारा राज्य में 80 हजार से अधिक बीएलओ को इस अभियान में लगाया गया है। बुधवार रात आठ बजे तक कुल 1.10 करोड़ से अधिक एन्यूमेशन फॉर्म लोगों को दिए जा चुके हैं। बीएलओ के कार्य निरीक्षण और मतदाताओं की सुविधा के लिए राजनीतिक दलों ने अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति भी कर दी है।गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि देश के 11 अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी एक साथ जारी है। आयोग का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूर्ण, सटीक और अद्यतन बनाना है।

सुरेश रैना और शिखर धवन की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्‍त

-ईडी ने अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में कार्रवाई
नयी दिल्‍ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप के संचालन से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्‍त की हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शिखर धवन की 4.50 करोड़ रुपये की अचल-संपत्ति और सुरेश रैना के 6.64 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को जब्‍त कर लिया गया है। ईडी को जांच में पता चला है कि दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने विदेशी कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1 एक्स बेट को प्रमोट किया। ईडी का दावा है कि रैना और धवन ने इस एप के जरिए सट्टेबाजी में शामिल होकर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की थी। ईडी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट ‘1एक्सबेट’ के मामले में अपनी जांच के तहत युवराज सिंह, सुरेश रैना, रॉबिन उथप्पा और शिखर धवन जैसे क्रिकेटरों और अभिनेता सोनू सूद, मिमी चक्रवर्ती (पूर्व तृणमूल सांसद) और अंकुश हाजरा (बांग्ला सिनेमा) से पूछताछ की थी। इसके अलावा कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से भी पूछताछ की गई थी और इनके बयान भी दर्ज किए थे। ईडी ने बताया कि इन दोनों खिलाड़ियों ने वनएक्सबेट और उससे जुड़े सरोगेट ब्रांड्स का जानबूझकर प्रचार किया, जिससे भारत में अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही खिलाड़ियों ने विदेशी कंपनियों के साथ प्रचार अनुबंध किए और उनका भुगतान विदेशी माध्यमों की मदद से लेयर ट्रांजैक्शन के जरिए कराया। अवैध फंड्स की असल पहचान भी छिपाई गई।ईडी ने 1 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले का खुलासा किया है। इसमें 6,000 से ज्यादा म्यूचुअल खाते और कई असत्यापित भुगतान गेटवे शामिल हैं। ईडी ने अब तक 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि और 60 बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। फिलहाल आगे की जांच जारी है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार जीता विश्व कप

-52 साल बाद रचा इतिहास
नयी दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत 52 साल के लंबे इंतजार के बाद मिली है। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपना पहला आईसीसी महिला वनडे विश्व कप खिताब जीत लिया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने टीम इंडिया को बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत! फाइनल में उनका प्रदर्शन अद्भुत कौशल और आत्मविश्वास से भरा रहा। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण टीम वर्क और दृढ़ता दिखाई। हमारी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई। यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैंपियन खिलाड़ियों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।” गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी बधाई संदेश में कहा, “विश्व विजेता टीम इंडिया को सलाम! यह राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है, जब हमारी बेटियों ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 अपने नाम किया है। देशभर में जश्न का माहौल है और यह ऐतिहासिक जीत अब आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी है।

भारत की जीत पर भावुक हो गयीं झूलन, मिताली व अंजुम

कोलकाता । भारत ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहला आईसीसी खिताब जीत लिया। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम इंडिया ने डीवाई पाटिल स्टेडियम में इतिहास रचते हुए महिला वनडे क्रिकेट की नई विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 2005 और 2017 में फाइनल में हार झेल चुकी भारतीय टीम ने आखिरकार सपना पूरा कर दिखाया। इस जीत ने देशभर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया और महिला क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत की है। वर्ल्ड कप भले ही हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में आया है, लेकिन इसके पीछे दशकों का संघर्ष छिपा है। झूलन गोस्वामी, मिताली राज और अंजुम चोपड़ा जैसी दिग्गजों ने अपनी मेहनत से इसकी नींव रखी थी। रविवार को जब भारत चैंपियन बना, तो ये पूर्व खिलाड़ी खुशी के आंसुओं को रोक नहीं पाईं। ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के बाद खिलाड़ियों ने मैदान का लैप ऑफ ऑनर लिया। इसी दौरान कमेंट्री बॉक्स में मौजूद झूलन गोस्वामी, मिताली राज और अंजुम चोपड़ा से भारतीय टीम मिली। जश्न में इन तीनों को शामिल किया गया और ट्रॉफी उठाने का सम्मान भी उन्हें सौंपा गया।कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जब ट्रॉफी झूलन गोस्वामी को थमाई, तो वह भावुक हो गईं। झूलन की आंखों से आंसू छलक पड़े और वे लंबे समय तक हरमनप्रीत को गले लगाकर रोती रहीं। जीत के बाद झूलन ने एक्स पर लिखा, ‘यह मेरा सपना था, और तुमने इसे सच कर दिखाया। कप अब घर आ गया है।’ झूलन ने आगे खुलासा किया कि स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने उनसे खास वादा किया था। उन्होंने कहा, ‘वर्ल्ड कप से पहले स्मृति और हरमन ने मुझसे कहा था कि हम यह कप आपके लिए जीतेंगे। पिछले साल 2022 में हम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन इस बार जरूर जीतेंगे। आधी रात को वे मेरे कमरे में आईं और बोलीं, हमें नहीं पता अगली बार आप रहेंगी या नहीं, लेकिन हम आपके लिए ट्रॉफी लाएंगे। आज उन्होंने वादा निभाया, इसलिए मैं भावनाओं को काबू नहीं कर पाई।’

गुमनाम नायक हैं भारतीय महिलाओं को विश्व विजेता बनाने वाले अमोल मजुमदार

मुम्बई । महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम इंडिया ने लगातार तीन मैच हारने के बाद टूर्नामेंट में शानदार वापसी की और इतिहास रचते हुए महिला वनडे क्रिकेट की नई विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत का एक ‘साइलेंट हीरो’ भी है, जो पर्दे के पीछे से लगातार भारतीय महिला टीम को सपोर्ट कर रहा था और उन्हें इस काबिल बनाया कि वह इस बड़े टूर्नामेंट को जीत सकें। यह और कोई नहीं बल्कि टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार हैं। मजूमदार भारत के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं, जो बेहद टेलेंटेड होने के बावजूद भारत के लिए अभी नहीं खेल पाये। मजूमदार कहते हैं कि वे ‘गलत दौर’ में पैदा हुए थे, जब भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज मौजूद थे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 11 हज़ार से अधिक रन बनाने के बावजूद उन्हें कभी भारतीय सीनियर टीम की जर्सी नहीं मिली। छोटे कद के दाएं हाथ के बल्लेबाज मजूमदार अपनी ताकत की बजाय बेहतरीन टाइमिंग के लिए मशहूर थे। अमोल की प्रतिभा बचपन से ही झलकती थी। शारदाश्रम इंग्लिश स्कूल की टीम में खेलते हुए, जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664 रनों की विश्व ऐतिहासिक साझेदारी की थी, तब अगले बल्लेबाज के रूप में पैड पहनकर पवेलियन में मजूमदार ही बैठे थे। उस दिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। 1993-94 सीजन में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया और हरियाणा के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में नाबाद 260 रन ठोके। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी साबित हुई। इसके बाद वे ‘बॉम्बे स्कूल ऑफ बैट्समैनशिप’ की अगली बड़ी उम्मीद बन गए। शुरुआती दिनों में उन्हें ‘भविष्य का तेंदुलकर’ तक कहा जाने लगा। 1994 में भारत अंडर-19 टीम के उप-कप्तान बने और सौरव गांगुली आर राहुल द्रविड़ के साथ इंडिया ए में शानदार प्रदर्शन किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बावजूद सीनियर टीम में जगह नहीं मिली। 2006-07 सीजन में मुंबई टीम की कप्तानी मिली। खराब शुरुआत के बावजूद टीम को चैंपियन बनाया और सर्वाधिक रनों का अशोक मांकड़ का रिकॉर्ड तोड़ा। अगस्त 2009 में बुच्ची बाबू टूर्नामेंट के लिए चयन न होने पर मुंबई छोड़ दी और असम के लिए खेलने लगे। इसके बाद पांच साल तक असम और आंध्र प्रदेश के लिए प्रोफेशनल क्रिकेटर रहे। 2014 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लिया। संन्यास के बाद कोचिंग में कदम रखा। भारत अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के बल्लेबाजी कोच, नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के सलाहकार, आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी कोच और दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय टीम (भारत दौरे पर) को कोचिंग दी। मुंबई टीम के मुख्य कोच भी बने। 2023 में भारतीय महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच नियुक्त हुए। उनके नेतृत्व में फोकस रहा: सख्त फिटनेस रूटीन, माइंडसेट ट्रेनिंग, आक्रामक-आधुनिक रणनीति और घरेलू टैलेंट को निखारना। यही फॉर्मूला विश्व कप जीत की नींव बना। अमोल मजुमदार ने 171 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों की 260 पारियों में 48.13 की बेहतरीन औसत से 11167 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 60 अर्धशतक और 30 शतक ठोके। वहीं, लिस्‍ट ए में मजूमदार ने 113 मैचों की 106 पारियों में 38.20 की औसत से 3286 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने तीन शतक और 26 अर्धशतक लगाए हैं। टी20 क्रिकेट उन्होंने ज्यादा नहीं खेला। 14 टी20 मैचों की 13 पारियों में मजूमदार ने 19.33 की औसत से 174 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक अर्धशतक लगाया।