Thursday, April 2, 2026
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भवानीपुर कॉलेज में नेपथ्य के नायकों का होली सम्मान 

कोलकाता :  भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज में गत पांच सालों से गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को होली के अवसर पर सम्मानित किया जाता रहा है। शिक्षण संस्थानों में शिक्षकगणों और छात्र प्रमुख हैं लेकिन उसके सहायक कॉलेज के नेपथ्य में काम करने वाले गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के बिना संभव नहीं है। कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह ने इस परंपरा की शुरुआत की। प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सभी गैर शैक्षणिक कर्मचारी कॉलेज के रीढ़ होते हैं जिनके द्वारा पूरा सिस्टम सुचारू रूप से कार्य करता है। इस अवसर पर टीआईसी डॉ सुभब्रत गंगोपाध्याय ने सबसे पुराने कर्मचारी हरिसिंह जी को सम्मानित किया। होली सम्मान के इस अवसर पर लगभग 200 लोगों को उपहार और फूड पैकेट दिए गए। कॉलेज के क्रिसेंडो, फ्लेम और इन एक्ट के विद्यार्थियों ने होली का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कोरोना की सुरक्षा को देखते हुए तीन भागों में कार्यक्रम किए गए। जुबली हॉल में सामाजिक दूरी और सेनेटाइज़ करने की पूरी व्यवस्था की गई। संचालन दीप्ति पंचारिया और अमन झा ने किया। रोहित वालिया की 20 से अधिक विद्यार्थियों की टीम ने होली सम्मान को सफल बनाने में पूर्ण योगदान दिया। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

आयोजक – राष्ट्रीय पुस्तकालय,

पंजीकरण की अंतिम तिथि – 25.3.2021
https://forms.gle/M8d4Mj81PxtBSBmE6

शुभ सृजन सम्पर्क व शुभजिता से जुड़े युवाओं व उद्यमियों के लिए अवसर

जैसा कि आफ सब जानते हैं कि शुभ सृजन नेटवर्क के तहत शुभजिता प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए काम कर रही है। हम युवाओं, महिलाओं और नव उद्यमियों के साथ खास तौर पर काम करते हैं और उनके हुनर को लाने के लिए शुभजिता और शुभ सृजन सम्पर्क हिन्दी इन्फो डायरेक्टरी की सुविधा उपलब्ध है और इसके सदस्यों के काम को सामने लाने के लिए हम प्रयासरत हैं और इसके लिए अलग – अंलग स्तरों पर संस्थानों और प्रोफेशनल्स से हाथ मिला रहे हैं। हम ब्रांडिंग, प्रॉडक्ट डिस्प्ले और वर्चुअल प्रदर्शनी की सुविधा भी देते हैं (हमारे शुभादि चैनल पर आपके सामान दिखाते हुए वीडियो रहेंगे… जो शुभ सृजन नेटवर्क की वेबसाइट के साथ शुभजिता शॉपिंग बैग में भी उपलब्ध करवाये जा सकते हैं। इसके साथ ही हम सोशल मीडिया माध्यमों पर भी आपके उत्पादों का प्रचार इस लिंक के जरिए कर सकते हैं।)

इसी कड़ी में हम शी इवेन्ट्स के साथ काम कर रहे हैं…शीघ्र ही आयोजित होने वाली प्रदर्शनी सह बिक्री में शुभजिता रहेगी जहाँ शुभजिता प्रतिभा सम्मान 2020 के प्रतिभागी अपनी प्रतिभा सामने ला सकते है। इसके साथ ही शुभ सृजन सम्पर्क के सदस्य अगर स्टॉल लगाना चाहते हैं तो वे हमारी इस साझेदारी का लाभ उठाते हुए छूट के साथ स्टॉल पा सकते हैं…अगर आप इनमें से दोनों ही रूपों में जुड़े नहीं हैं तो भी तय की गयी दरों पर स्टॉल खरीद सकते हैं।
आप खुद भी अपनी जानकारी व उत्पाद अपडेट कर सकते हैं और कोई असुविधा हो तो हमें व्हाट्सऐप भी कर सकते हैं या मेल भी कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए हमें व्हाट्सऐप या मेल करें –
व्हाट्सऐप नम्बर – 9163986473
मेल आई डी – [email protected]

अगर आप शुभ सृजन इन्फो डायरेक्टरी में पंजीकरण करवाना है तो लिंक यह रहा। पंजीकरण करें – शुभ सृजन सम्पर्क

विस्तृत जानकारी के लिए लिंक यह रहा – शुभ सृजन भुगतान प्रक्रिया

बंगीय हिन्दी परिषद द्वारा ऑनलाइन कवि गोष्ठी का आयोजन

कोलकाता : बंगीय हिंदी परिषद में 20 मार्च, 2021 को काव्य गोष्ठी ‘कविकल्प’ का आयोजन किया गया।यह आयोजन ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ ग़ज़ल कार कृष्ण कुमार दूबे जी ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं प्रसिद्ध कवयित्री सुदामी यादव। कार्यक्रम का आरंभ करते हुए अपने स्वागत भाषण में परिषद के मंत्री डॉ. राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रत्येक रचनाकार को चाहिए कि वे वरिष्ठ एवं परिपक्व कवियों की कविताओं को सुनें एवं समझें और फिर वे लिखने का अभ्यास करें। नए रचनाकारों को उन्होंने सलाह दी कि आप सभी आत्ममुग्धता से बचें। आलोचकों व समीक्षकों की बातों को ध्यान से सुनें व उनसे सीखें। रीमा पांडेय ने अपनी काव्यांजलि के द्वारा माँ भारती को अपना अर्घ्य अर्पित किया।अनेक नए कवियों ने होली के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।। वरिष्ठ एवं नवांगतुक कवियों ने मिलकर काव्य गोष्ठी को सफल बनाया।
गोष्ठी में शामिल अन्य कवि थे- निखिता पांडेय, दीपा ओझा, प्रीति कुमारी साव,प्रीति साव, संजय कुमार , अंजू छारिया, किरण वर्मा स्वागता बसु , डॉक्टर राजेंद्र नाथ त्रिपाठी, रमाकांत सिन्हा, रीमा पांडेय, तथा सुषमा पटेल।अध्यक्षीय वक्तव्य में कृष्ण कुमार दूबे जी ने बताया कि सीखना मनुष्य की सहज प्रकृति है , जिसे मनुष्य को सहर्ष स्वीकारना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन परिषद की संयुक्त मंत्री, सुषमा राय पटेल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन परिषद के साहित्य मंत्री,भानु प्रताप पांडेय ने किया।

 

बड़े भाग ते फागुन आयो री”  होली के रंग अर्चना के संग

कोलकाता :  “अर्चना” संस्था की ओर से अर्चना संस्था में अॉन-लाइन जूम पर कार्यक्रम किया गया। गीत – संगीत – हास्य व्यंग्य  विविध प्रकार की रचनाएं इस कार्यक्रम की विशेषता रही। भोजपुरी , गुजराती, हिंदी, राजस्थानी, ब्रज, अवधी और चुनावी होली के गीत आदि विभिन्न भाषाओं के होली गीतों की प्रस्तुति रही। भारत के विभिन्न लोकगीतों ने कार्यक्रम को रस राग से पूर्ण कर दिया। घघन- घघन बाजे मंजीरे मृदंग (इंदु चांडक), आ गई आज ननदिया झगड़े आधी रात (सुशीला चनानी), चाल चंदा जागिए पर भीनी-भीनी चांदनी मिल रास रींवा जी फागण में – राजस्थानी गीत -( हिम्मत चौरडिया), मेरे कान्हा जै आए पलट के मैं तो खेलूंगीं होरी डटके (विद्या भंडारी), रंगों के मेले हैं, जहां में अकेले हैं ( नौरतन मल भंडारी ), होली का त्योहार है /छाई बाहार है /चुनावों का बाजार है (मीना दूगड़), मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे (वसुंधरा मिश्र), चालें छे पिचकारी फागण फोरमतो आवियो (गुजरात से – भारती मेहता और बहू भैरवी ), होली के रसिया न रंग लगाओ (संगीता चौधरी) आदि सदस्याओं ने सभी के मन मोह लिए। हास्य व्यंग्य रचना में वरिष्ठ कवि बनेचंद मालू नेे समाज पर बहुत ही करारा व्यंग्य सुनाया। इस अवसर पर सुशीला चनानी ने रसभरी (भारती मेहता), इंदु चांडक (डाबर हनी), मंगल ग्रह तक जाऊंगी(हिम्मत चौरडिया), एक चतुर नार बड़ी होशियार (वसुंधरा मिश्र), कदम कदम बढाए जा (संगीता चौधरी), बिग बॉस( विद्या भंडारी), जोडी़ क्या बनायी (नौरतन मल भंडारी), देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर (मीना दूगड़), जिन खोजा तिन पाइयां (बने चंद मालू),सिद्ध हस्त कलाकार और प्रिय ज्ञानेश्वरी (सुशीला चनानी) को टाइटल दिए गए। अंत में, वसुंधरा मिश्र ने हास्य व्यंग्य रचना द्वारा मास्क पहन कर होली खेलने की हिदायत दी। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन सुशीला चनानी और तकनीकी सहयोग दिया इंदु चांडक ने। वरिष्ठ सदस्या विद्या भंडारी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

अटैचमेंट क्षेत्र

निटको ने उतारीं इटली निर्मित टाइल्स स्लैब्स

कोलकाता : निटको इटली में बनीं टाइल्स भारतीय बाजार में उतारी हैं। संग्रह में छोटे, मध्यम से अतिरिक्त बड़े, (2×1 फीट, 2×2 फीट, 2×4 फीट से 8×4 फीट) तक सभी आकारों में एक सीमा होती है, जो संगमरमर, पत्थर, सीमेंट और न्यूवो इटैलियन लुक, एक आधुनिक मिश्रण से सभी लोकप्रिय रंग रेंज को कवर करता है। बड़े प्रारूप वाली टाइलों की नयी श्रेणी, वर्ग नवीनतम तकनीक में सर्वश्रेष्ठ के साथ आती है, 6 मिमी मोटाई (8×4 फीट) में, उद्योग में उच्चतम शक्ति और स्थायित्व के साथ, किसी भी मौजूदा टाइल की तुलना में अधिक है। फुल बॉडी अनगल्टेड टाइल्स का यह संयोजन, केवल प्राकृतिक मिट्टी के साथ बनाया गया है और शॉपिंग मॉल, हवाई अड्डों आदि जैसे भारी शुल्क क्षेत्रों के लिए उपयोग केवल भारत में एक ही सुविधा है।
मेड इन इटली कलेक्शन में 3 नए एक्स एल डिज़ाइन अज़ुल (ब्लू), और ब्लैक एंड व्हाइट ग्रेफाइट जैसे दिलचस्प रंगों में उपलब्ध हैं। यह संग्रह ग्राहकों को आवासीय और सार्वजनिक दोनों परियोजनाओं में बोल्ड शेड के साथ प्रयोग करने की अनुमति देता है।
इतालवी सटीक तकनीक इन टाइलों को दीवार और फर्श दोनों अनुप्रयोगों के लिए बाहरी और व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे सभी एप्लिकेशन क्षेत्रों में उपयोग करने के लिए तकनीकी रूप से बेहतर और सही विकल्प बनाती है।
मुंबई की इस कंपनी ने पहले अपना पहला सेट मेड इन इटली टाइल्स – एयॉन, अर्थ और नॉर्डिक में लॉन्च किया था। निटको के एमडी विवेक तलवार ने कहा, “हम मेड इन इटली टाइल्स के अपने नए संग्रह को लॉन्च करके खुश हैं। ये टाइलें विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं, जिनमें 8×4 फीट सबसे बड़ा है। ये न सिर्फ कोविड सैनिटाइजेशन रेसिस्टेंट हैं बल्कि किसी भी स्पेस के सौंदर्यशास्त्र को भी उभारते हैं। हमें विश्वास है कि हमारे ग्राहक इस संग्रह को पसंद करेंगे जो बेजोड़ इतालवी उत्कृष्टता का दावा करता है।

सीवरेज का पानी उपचारित कर दुबारा उपयोग में लाकर किया जल संरक्षण

लाखों लीटर पानी बचा रहा है हिन्दुस्तान जिंक

उदयपुर : पानी जीवन की एक बुनियादी आवश्यकता है। राजस्थान में अधिकांश जलस्रोतों में औसत से कम बारिश होने के कारण यहां पानी का अलग महत्व है। ऐसे में हिन्दुस्तान जिंकअपने संयंत्र को संचालित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल का पुनः उपयोग करने में सक्षम हुआ है।
राजस्थान जैसे जल की कमी वाले राज्य में कार्य करना, पानी के महत्व को खास तौर पर दर्शाता है। यही वजह है कि यहां बारिश होने, कुओं में पानी आने और झीलों के भरने पर खुशी मनाई जाती है। जल संरक्षण के पारंपरिक स्रोतों ने यहां के लोगों का जीवन बचाया है।
राजस्थान में प्रमुख आर्थिक सहयोग देने वाली कम्पनी होने के नाते हिंदुस्तान जिंक द्वारा जलस्रोत पर पानी की कमी, रिसाइक्लिंग, पानी के वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से पानी की पूर्ति पर जोर दिया गया है । हिंदुस्तान जिंक ने पानी के स्थायीत्व के लिए लगातार प्रयास किए हैं। कम्पनी के पास स्टेट एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स और रिसाइकलिंग सुविधाएं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल दक्षता में वृद्धि और वर्षा जल संचयन संरचनाएँ हैं जिसने जल-प्रबन्ध अभियान एवं प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।यही वजह है कि हिंदुस्तान जिंक जल सकारात्मक कम्पनी के रूप में प्रमाणित की गयी है।
इस बारे में हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरूण मिश्रा ने कहा जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। हम जो भी काम करते हैं उसमें जीवन को बचाने के नए तरीकों पर जाना चाहिए। जल प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखते हैं। इसका मकसद हमारे काम में नवीकरणीय शक्ति पर ध्यान केंद्रित करना है। पानी का सही इस्तेमाल करते हुए बचाना है। हमने आगे बढ़ते हुए पानी के सकारात्मकता के साथ स्थिरता के लक्ष्य को हासिल किया है। हमने क्षेत्र की समृद्धि पर दीर्घकालिक प्रभाव वाले परिवर्तनकारी पहलों में योगदान दिया है और देते रहेंगे।

 

 

 

गो एयर ने केन्द्रशासित प्रदेशों में पकड़ मजबूत की, भरी श्रीनगर की रात्रिकालीन उड़ान

कोलकाता : गो एयर ने श्रीनगर जाने के लिए रात्रिकालीन सेवा शुरू कर दी है। इस उड्डयन विमानन कम्पनी ने श्रीनगर से दिल्ली के लिए पहली रात्रिकालीन उड़ान भरकर इतिहास रचा। गो एयर फ्लाइट जी 8 7007 की यह फ्लाइट 19.35 बजे उड़ान भरी। रोजाना यह फ्लाइट श्रीनगर से 20.30 बजे (रात 8.30 बजे) उड़ान भरेगी। गो एयर के चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर कौशिक खोना ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि गो एयर जम्मू कश्मीर के साथ लद्दाख में भी अपनी दैनिक सेवाएं मजबूत करेगा।
गो एयर का समर सेल
गर्मियों को ध्यान में रखते हुए गो एयर समर सेल पर आकर्षक ऑफर भी दे रहा है। पहली और महत्वपूर्ण विशेषता बिना किसी अतिरिक्त लागत के 5 किलोग्राम अतिरिक्त सामान भत्ता है। ग्राहकों को अपने टिकट के लिए किसी भी तारीख में संशोधन का लाभ मुफ्त में मिलेगा। यह सुविधा हमारे सम्मानित ग्राहकों को उनकी गर्मियों की यात्रा की योजना बनाने और पुनः योजना बनाने में सक्षम बनाएगी। गोएयर ने ग्राहक के लिए सुविधा शुल्क माफ कर दिया है, जो एयरलाइन के सभी प्रत्यक्ष चैनलों यानी गोएयर वेबसाइट, ऐप और हवाई अड्डे के टिकट काउंटरों के माध्यम से अपना टिकट बुक करते हैं।

एक्रोपोलिस मॉल ने आयोजित किया होली स्पेशल फूड फेस्टिवल

कोलकाता : एक्रोपोलिस मॉल ने होली के रंगारंग त्योहार को खास बनाते हुए हाल ही में होली स्पेशल फूड फेस्टिवल आयोजित किया। ‘रंग बरसे’ नामक इस फूड फेस्टिवल में ठंडाई प्रतियोगिता और होली पर विशेष तौर पर बनायी जाने वाली मिठाइयों का स्वाद दर्शकों ने लिया। ऑनलाइन फूड कम्यूनिटी कलकत्ता फूडीज क्लब ने ठंडाई, भोजन फोटोग्राफी, मिठाई खाने की प्रतियोगिता, चाट खाने की प्रतियोगिता एक्रोपोलिस मॉल के सहयोग से आयोजित की। ठंडाई बनाने की प्रतियोगिता में कलकत्ता फूडीज क्लब के 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रख्यात शेफ शॉन केनवर्दी इन प्रतियोगिताओं के निर्णायक थे। एक्रोपोलिस मॉल के जी एम के विजयन के अनुसार लोगों ने इस फूड फेस्टिवल का खूब आनंद लिया।

मायरें टेक्नीमॉन्ट ग्रुप और अडानी एंटरप्राइजेज ने मिलाया हाथ

भारत में करेंगे ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट के विकास के लिए करार किया

कोलकाता :  मायरें टेक्नीमॉन्ट एस.पी.ए ने अपनी सब्सिडीयरी नेक्स्टकेम, स्टैमीकार्बन  और एमईटी डेवलपमेंट  (एमईटी डेव)के जरिये अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) से आज एक समझौता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत भारत में औद्योगिक परियोजनाओं के विकास में औद्योगिक हरित रसायन और चक्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नेक्स्टकेम और स्टैमीकार्बन की तकनीक और एमईटी डेव की परियोजना विकास की क्षमता और विशेषता का इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध एईएल अडानी समूह की कंपनी है जो भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है, जिसमें 14 गीगावाट की अक्षय ऊर्जा का परिचालन, निर्माण और निविदा शामिल है। एईएल 3.2 गीगावाट अक्षय ऊर्जा की मौजूदा सालाना क्षमता और सालाना सोलर पैनल निर्माण योजना के लिए अभिनव पर्यावरण हितैषी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

करार के तहत, एईएल और मायरें टेक्नीमॉन्ट समूह की सब्सिडयरी संयुक्त रूप से अक्षय ऊर्जा के अकूत भंडार के मूल्यस्थिरीकरण के लिए नेक्स्टकेम और स्टैमीकार्बन की तकनीक का रसायन, अमोनिया और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में केमिकल वैल्यू चेन के लिए एकीकृत अन्वेषण करेंगी करेगी। मायरें टेक्नीमॉन्ट ग्रुप के पास तकनीकी समाधान है और वह परियोजनाओं के विकास और क्रियान्यवन के लिए जानी जाती है, भारत में उसकी बड़ी और ऐतिहासिक उपस्थिति रही है (2,200 से अधिक इंजीनियर और करीब 3,000 इलेक्ट्रिकल और इंस्टूमेंट प्रोफेशनल मुंबई में हैं) जिसमें संयुक्त रूप से उसके पोर्टफोलियो में तकनीक के साथ बड़े स्तर के कॉम्लेक्स के निर्माण के लिए शुरू से अंत तक परियोजनाओं को अंजाम देने का अऩुभव है।

पाइरोबर्तो फुलजैरो, मायरें टेक्नीमॉन्ट ग्रुप और नेक्स्टकेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ने कहा भारत हमारा दूसरा घर है, वह हरित ऊर्जा को बढ़ाने के रोडमैपर पर रणनीतिक रूप से काम कर रहा है जिसमें टेक्नोमॉन्ट ने अभी तक लागू किया है। सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध देश और कार्बनउत्सर्जन घटाने के लक्ष्य को लेकर भारत जो काम कर रहा है उसमें हमें खुसी है कि पुराने समझौते को भी जारी रखकर आगे बढ़ते हुए भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, आज हमने एईएल जैसे अभिनव औरदिग्गज कंपनी से सहयोग कर हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में एक और अहम कदम बढ़ाया है। हमें पूरी दृढता से दिख रहा है कि हरित रसायन भविष्य का रसायन है, और हम इस तकनीक आधारित क्षेत्र में वैश्विक रूप से सक्षम हैं, साथ ही ग्रुप के आंतरिक सहयोग के लिए बधाई देता हूं।

जयंत परिमल, चेयरमैन के सलाहकार, अडानी समूह ने कहा अडानी समूह भारत की ऊर्जा क्रांति में अग्रणी है और ग्रीन हाइड्रोजन स्वभाविक रूप से हमारे वैश्विक अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार है। ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के प्रसार के कई उपयोग हैं जिसमें हरित अमोनिया (ग्रीन अमोनिया) और हरित रसायन (ग्रीन केमिकल) शामिल हैं। उनका केवल पर्यावरण के लिहाज से ही नहीं बल्कि भारत की आपूर्ति व्यवस्था (सप्लाई चेन) में भी अहम योगदान हो सकता है। एईएल को इस क्षेत्र में अवसर की खोज के लिए मायरें टेक्नीमॉन्ट के साझेदारी करके बेहद खुशी हो रही है। इस सहयोग के साथ अमोनिया और हरित रसायन में मैरी टेक्मोमॉन्ट की अचूक तकनीक और परियोजना प्रबंधन की विशेषज्ञता के साथ अडानी समूह की अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में विश्वस्तरीय क्रियान्वयन एक साथ मिलेंगे। हम एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं जहां यह सहयोग भविष्य की अक्षय ऊर्जा औद्योगिक जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।