Saturday, July 4, 2026
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अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का निधन

मुम्बई : मशहूर अभिनेता एवं ‘बिग बॉस-13’ के विजेता सिद्धार्थ शुक्ला का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 40 वर्ष के थे। धारावाहिक ‘बालिका वधू’ में निभाई गई उनकी भूमिका के लिए उन्हें काफी लोकप्रियता मिली थी और वह घर-घर में पहचाने जाने लगे थे। वे बिग बॉस के विजेता भी रहे। अभिनेता को सुबह करीब 10 बजकर 20 मिनट पर कूपर अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब उनकी मौत हो चुकी थी। अचानक हुई मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया। शुक्ला के परिवार में उनकी मां और दो बहने हैं। उन्होंने एक मॉडल के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। ‘बाबुल का आंगन छूटे ना’ धारावाहिक के साथ छोटे पर्दे पर उन्होंने कदम रखा और बाद में ‘जाने पहचाने से … ये अजनबी’, ‘लव यू जिंदगी’ जैसे धारावाहिकों में भी वह दिखाई दिए, लेकिन ‘बालिका वधू’ से वह घर-घर में पहचाने जाने लगे। इनके अलावा, वह ‘झलक दिखला जा 6‘, ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 7‘ में भी नजर आए। 2014 में शुक्ला ने करण जौहर की फिल्म ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां’ के साथ बॉलीवुड में करियर की शुरुआत की थी।

मशहूर बांग्ला लेखक बुद्धदेव गुहा का निधन

कोलकाता : जाने-माने बंगाली लेखक बुद्धदेव गुहा का कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद हुई समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 85 साल के थे। लेखक के परिवार ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद उत्पन्न हुई समस्याओं के कारण उन्हें यहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और गत 30 अगस्त को दिल का दौरा पड़ने के बाद देर रात 11 बजकर 25 मिनट पर उनका निधन हो गया। उनके परिवार ने बताया कि गुहा कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद उत्पन्न हुई समस्याओं से परेशान थे और सांस लेने में तकलीफ तथा पेशाब में संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें इस माह के शुरु में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गुहा अप्रैल में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और करीब 33 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। गुहा के परिवार में उनकी पत्नी रितु गुहा और दो बेटियां हैं। लेखक की बड़ी बेटी मालिनी बी गुहा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बुद्धदेव गुहा नहीं रहे। गुहा का जन्म 29 जून 1936 को कोलकाता में हुआ था। उनका बचपन पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) के रंगपुर और बारीसाल जिलों में बीता। उनके बचपन के अनुभवों और यात्राओं ने उनके दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी, जो बाद में उनके लेखन में दिखाई दी। उन्हें 1976 में आनंद पुरस्कार, इसके बाद शिरोमन पुरस्कार और शरत पुरस्कार के अलावा उनके अद्भुत काम के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

डाकिया आपके घर लाएगा बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम का प्रसाद

डाक विभाग चारधाम का प्रसाद डाक के माध्यम से श्रद्धालुओं के घर पहुंचाने की योजना बना रहा है। इसके लिए देवस्थानम बोर्ड से बातचीत चल रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ विश्वविख्यात धाम हैं। इन धामों के प्रति लोगों की अटूट आस्था है और हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जब से कोरोना संकट पैदा हुआ है, चारधाम यात्रा बंद है। बावजूद इसके, कई ऐसे श्रद्धालु हैं, जो घर बैठे चारधाम का प्रसाद मंगवाना चाहते हैं। अब डाक विभाग पहल करने जा रहा है। श्रद्धालु घर बैठे डाक विभाग की वेबसाइट या दूरभाष नंबर पर प्रसाद की मांग कर सकेंगे। विभाग प्रसाद डाक के माध्यम से घर भिजवाएगा। विभाग की देवस्थानम बोर्ड और मंदिर समितियों से बातचीत चल रही है। डाक से प्रसाद भेजने का प्रयोग विभाग देश के बाकी स्थानों पर भी कर रहा है। काशी विश्वनाथ का प्रसाद भी डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है। सहायक पोस्टमास्टर जनरल एके कंडवाल ने बताया कि देश के कई प्रसिद्ध मंदिरों का प्रसाद डाक से भेजने की तैयारी चल रही है। इसमें उत्तराखंड के चारधाम भी शामिल हैं। यदि देवस्थानम बोर्ड से बात बनती है तो जल्द इस प्रयोग को शुरू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड में डाक विभाग ने 2016 में डाक से गंगाजल भेजने की सुविधा शुरू की। इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। हर साल करीब चार लाख बोतलें गंगाजल की डाक के माध्यम से श्रद्धालुओं तक भेजी जा रही हैं। बोतल 250 एमएल की हैं, जिसके दाम 30 रुपये हैं। इसके अलावा इसमें डाक का खर्चा अलग से लगता है। पहले बोतलों में गंगाजल ऋषिकेश और हरिद्वार से भरा जाता था, लेकिन अब सीधे गंगोत्री से भरा जा रहा है।

 

सिर्फ 7 रुपये के खर्च में 100 कि.मी. चलती है ये बाइक

ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं
नयी दिल्ली : रोज पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशान करके रख दिया है। ऐसे में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। इसी वजह से मार्केट में कई वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश करने में लगी हैं, ख़ासकर दोपहिया सेग्मेंट में इनकी भरमार है। जहां एक तरह दिग्गज प्लेयर्स इस सेग्मेंट में नए मॉडलों को पेश कर रहे हैं वहीं स्टार्टअप्स भी पीछे नहीं हैं। हैदराबाद बेस्ड स्टार्टअप Atumobile प्राइवेट लिमिटेड ने भी हाल ही में अपनी नयी इलेक्ट्रिक बाइक Atum 1.0 पेश की, जिसकी शुरुआती कीमत 49,999 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है।
ये देश की सबसे किफायती कैफे रेसर इलेक्ट्रिक बाइक है, जो कि कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरे देश में उपलब्ध है। कंपनी ने इस बाइक में पोर्टेबल लिथियम-आईऑन बैटरी का प्रयोग किया है, जिसे फुल चार्ज होने में महज 4 घंटे का समय लगता है। कंपनी का दावा है कि ये बाइक सिंगल चार्ज में 100 किलोमीटर तक का ड्राइविंग रेंज देती है।
इस बाइक की बैटरी के साथ 2 साल की वारंटी भी दी जा रही है। इस बाइक की एक और ख़ास बात ये है कि इसे चलाने के लिए आपको ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं है। दरअसल, इस बाइक की टॉप स्पीड को कम से कम रखा गया है। इसमें 6 किलोग्राम की बैटरी दी गयी है और इसे फुल चार्ज होने में महज 1 यूनिट बिजली खर्च होती है। जिसके लिए आपको सामान्य तौर पर 6 से 7 रुपये खर्च करने होंगे। इस लिहाज से ये बाइक महज 7 रुपये में 100 किलोमीटर तक का रेंज देगी।

बुजुर्गों को नहीं भरना होगा आयकर रिटर्न

नयी दिल्ली : आयकर विभाग ने 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की छूट के लिए घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। यह फॉर्म वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में जमा कराना होगा। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में पेंशन आय और उसी बैंक में सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज पाने वाले 75 साल और अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को कर रिटर्न दाखिल करने से छूट का प्रावधान पेश किया गया है। इन वरिष्ठ नागरिकों को एक अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमों और घोषणा फॉर्म को अधिसूचित कर दिया है। वरिष्ठ नागरिकों को यह फॉर्म बैंक में जमा कराना होगा, जो पेंशन और ब्याज आय पर कर काटकर उसे सरकार के पास जमा कराएंगे। आयकर दाखिल करने की छूट उन्हीं मामलों में मिलेगी जिनमें ब्याज आय उसी बैंक से प्राप्त होगी जहां पेंशन जमा होती है। आयकर कानून के तहत एक निर्धारित सीमा से अधिक की आय वाले सभी लोगों को रिटर्न दाखिल करना होता है। वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या अधिक) और अत्यंत वरिष्ठ नागरिकों (80 साल और अधिक) के लिए यह सीमा कुछ अधिक है। कर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना तो लगता है और साथ ही संबंधित व्यक्ति को अधिक स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) देना पड़ती है। नांगियां एंड कंपनी एलएलपी के निदेशक इतेश दोधी ने कहा कि अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए 75 साल और अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को बजट में कुछ राहत दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के अपने बजट भाषण में कहा था कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर सरकार 75 साल और अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों पर अनुपालन के बोझ को कम करेगी।

पैरा ओलम्पिक्स पांच स्वर्ण सहित भारत ने जीते 19 पदक

समापन समारोह में ‘गोल्डन गर्ल’ अवनि ने लहराया तिरंगा
टोक्यो : टोक्यो में 13 दिनों तक चलने वाला पैरा खेलों का ‘महाकुंभ’ गत रविवार यानी 5 सितम्बर को समाप्त हो गया। खेलों के इस महाकुंभ में भारत पांच स्वर्ण, आठ रजत और छः कांस्य पदक अपने नाम किए। आज के समापन समारोह में ‘गोल्डन गर्ल’ अवनि लेखरा ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुवाई की। समापन समारोह में कुछ ही खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारतीय दल में 11 प्रतिभागी शामिल हुए थे। बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई टेक चंद ने की थी। बता दें कि 24 अगस्त से पांच सितंबर तक चलने वाले पैरालंपिक खेलों के दौरान 163 देशों के लगभग 4500 खिलाड़ी 22 खेलों की 540 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था। टोक्यो पैरालंपिक में अवनि ने कामयाबी की नई इबारत लिख दी। गोल्ड जीतकर तो उन्होंने इतिहास रचा ही था, इसके बाद उन्होंने एक और कांस्य पदक अपने नाम किया। एक ही पैरालंपिक में दो पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई। पहले अवनि ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण जीता। इसके बाद 19 साल की इस निशानेबाज ने 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा में 445.9 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। बता दें कि अवनि से पहले जोगिंदर सिंह सोढी ने 1984 पैरालंपिक में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था।

पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों की सूची

स्वर्ण पदक विजेता:

1. अवनि लेखरा (वुमेंस 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्टैंडिंग एसएच1)

2. सुमित अंतिल (मेंस जेवलिन थ्रो एफ64)

3. मनीष नरवाल (पी4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच1)

4. प्रमोद भगत (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल3)

5. कृष्णा नागर (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएच6)

रजत पदक विजेता:

1. भाविनाबेन पटेल (वुमेंस सिंगल्स टेबल टेनिस – क्लास 4)

2. निशाद कुमार (मेंस हाई जंप टी47)

3. देवेंद्र झाझरिया (मेंस जेवलिन थ्रो एफ46)

4. योगेश काथुनिया (मेंस डिस्कस थ्रो एफ56)

5. सिंघराज अधाना (पी4 मिक्स्ड 50मीटर पिस्टल एसएच1)

6. मरियप्पन थंगावेलु (मेंस हाई जंप टी63)

7. प्रवीण कुमार (मेंस हाई जंप टी64)

8. सुहास एल यतिराज (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल4)

कांस्य पदक विजेता:

1. सुंदर सिंह गुर्जर (मेंस जेवलिन थ्रो एफ46)

2. सिंघराज अधाना (मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग एसएच1)

3. शरद कुमार (मेंस हाई जंप टी63)

4. अवनि लेखरा (वुमेंस 50मीटर राइफल 3 पोजिशन शूटिंग एसएच1)

5. हरविंदर सिंह (मेंस इंडिविजुअल रिकर्व आर्चरी)

6. मनोज सरकार (बैडमिंटन मेंस सिंगल्स एसएल3)

 

तीन दिवसीय ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में भाग लेगा उत्तराखंड पर्यटन

कोलकाता : उत्तराखंड पर्यटन कोलकता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में पर्यटन क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ 10 सितंबर को होगा। इस फेयर में देश-दुनिया के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर भारत में घरेलू पर्यटन को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किए जाने वाले प्रमुख ट्रेवल इवेंट्स में से एक है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के अपर निदेशक श्री विवेक सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होने के साथ प्राकृतिक सुंदरता की भूमि भी है। नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण उत्तराखंड के कई पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को लुभा रहे हैं। फेयर में विभाग प्रदेश के विभिन्न सर्किटों से रूबरू कराने के साथ गढवाल मंडल विकास प्राधिकरण और कुमाऊं मंडल विकास प्राधिकरण के गेस्ट हाउस बुकिंग के लिए पर्यटकों को दी जा रही छूट की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा तन-मन को सुकून देने वाली उत्तराखंड की सुरम्य वादियां में बने होमस्टे से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। वर्क फ्रॉम होम के दृष्टिगत होम स्टे में बेहतर वाई-फाई कनेक्टिविटी और स्थानीय व्यंजन परोसने के साथ अन्य सुविधाएं विकसित की कई हैं, जो लोगों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराती हैं। ट्रेवल मार्ट में उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से अपने टूर पैकेजों, होटलों, निवेश क्षेत्रों एवं विभाग की प्रचार गतिविधियों को प्रदर्शित करने के साथ राज्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उधर कोरोना के तेजी से कम होते मामलों के बीच कोरोना गाइड लाइन को केंद्रित कर उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को शुरू किया गया है।
इस फेयर में विभिन्न राज्यों के पर्यटन बोर्डं, निगम, पर्यटन विभाग, होटल व्यवसायी, ट्रेवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, एयरलाइंस, टैक्सी ऑपरेटर्स, ट्रेवल मीडिया सहित यात्रा व्यवसाय से जुड़े अनेक संगठन एवं संस्थान भाग लेते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक कर रही हैं क्रिकेटर मिताली राज

1 लाइफ ने आयोजित किया ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता दिवस

कोलकाता  : 5 से 10 सितंबर तक विश्व आत्महत्या रोकथाम सप्ताह की पूर्व संध्या पर 1 लाइफ 24/7 हेल्पलाइन द्वारा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान पद्मश्री मिताली राज के साथ एक ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।   कार्यक्रम में मिताली राज (कप्तान भारतीय महिला क्रिकेट टीम), श्री सुशील बोर्डे (रिलायंस इनोवेशन सेंटर के प्रमुख और मुंबई भारतीय टीम के पूर्व सीईओ), डॉ श्वेता (मनोचिकित्सक आशा अस्पताल) ने भाग लिया।
सुश्री मिताली राज ने श्री सुशील बोर्डे के साथ बातचीत में मानसिक स्वास्थ्य में मन-शरीर को जोड़ने के प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। सकारात्मक पुष्टि, अच्छी नींद, सकारात्मक आत्म-चर्चा कार्य जीवन संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। मशहूर हस्तियां भी कमजोर होती हैं, रचनात्मक आलोचना पर ध्यान केंद्रित करना, विकास मानसिकता और आत्म-विश्वास अलग-अलग हैं। एक नेता के रूप में वह मानती हैं कि दयालु होना, भावनात्मक रूप से देना, लोगों को स्वीकार करना आवश्यक लक्षण हैं। उन्होंने दोहराया कि सभी के पास सपोर्ट मैकेनिज्म होना चाहिए और मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि साहस की निशानी है। मिताली राज ने जरूरतमंद लोगों को भावनात्मक समर्थन देने के लिए 1लाइफ के प्रयासों और आज की दुनिया में महत्व की सराहना की।
डॉ श्वेता ने उल्लेख किया कि महामारी के दौरान आत्महत्या की दर में 6% की कमी आई है।  कोविड 19 ने हमारे मुकाबला करने के कौशल में सुधार किया और इस बात की सराहना की कि दूसरी लहर के दौरान अधिक महिलाएं 1 जीवन की मदद के लिए आगे बढ़ी हैं। सुशील बोर्डे ने 1लाइफ वालंटियर्स की सराहना की, जिन्होंने संकट में फंसे 11500 कॉल करने वालों की सेवा के लिए लगातार 24/7 काम करते हुए प्रोबोनो सेवाएं प्रदान कीं और 190 लोगों की जान बचाई, वहां परिवारों द्वारा भी।
1लाइफ ने आत्महत्या रोकथाम सप्ताह की पूर्व संध्या पर नई पहल की घोषणा की है:
1. महिला सुरक्षा विंग, तेलंगाना पुलिस, घरेलू हिंसा के पीड़ितों के लिए वर्चुअल कॉल सेंटर के साथ साझेदारी
2. छात्रों और स्कूलों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की: 78930 70049
इस अवसर पर बोलते हुए, संचालन निदेशक, सुश्री लक्ष्मी प्रसन्ना ने कहा ‘हम 1लाइफ पर, हमारे हेल्पलाइन नंबर (78930 78930) पर महीने दर महीने मदद के लिए 1500 से अधिक कॉल प्राप्त करते हैं। महामारी के दौरान 190 से अधिक लोगों की जान बचाई है।

 

सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने सीखा प्रकृति संरक्षण

कोलकाता : सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में ‘पौधों की खाद्य फैक्टरी’ का पाठ आसान बनाने के लिए चौथी कक्षा में ऑनलाइन टूल के साथ कई व्यावहारिक गतिविधियों को शामिल किया गया था। छात्राओं को पौधों और जानवरों के बीच अन्योन्याश्रयता (एक दूसरे पर निर्भर होना) और मानव गतिविधियों के प्रभावों से अवगत कराया गया। गत 22 अप्रैल पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देते हुए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस बार की थीम रिस्टोर आवर अर्थ यानी पृथ्वी को दोबारा सहेजना था। इसी विचार को केन्द्र में रखकर सारी गतिविधियाँ तय की गयी थीं। इसमें प्रकृति से जुड़ी प्रक्रिया, हरित तकनीक यानी ग्रीन टेक्नोलॉजी और विश्व के इको सिस्टम को संरक्षित करने पर चर्चा हुई। छात्राओं को प्लास्टिक के कुप्रभाव से अवगत करवाया गया और प्लास्टिक की बोतलों को फिर से करने के तरीके समझाए गये। उनको प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बर्ड फीडर बनाना और कचरे को कम करना सिखाया गया

भवानीपुर कॉलेज की एनएसएस टीम पहुँची वृद्धाश्रम,

जयनगर में नेत्र परीक्षण शिविर ईक्क्षाना का आयोजन 

कोलकाता : किसी भी समाज के लिए, वहाँ की बुजुर्ग आबादी ज्ञान और गौरव का स्रोत होती है। जहाँ तक ​​वरिष्ठ लोगों की आंँखों के स्वास्थ्य का सवाल है, उसके लिए स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है जो जीवन की लंबी अवधि तक आंँखों के स्वास्थ्य को अच्छा रखे। कहा भी गया है ‘आँखें हैं तो जहाँ है’। सच में आँखें शरीर के लिए दीपक की तरह है, आँखें यदि बेहतर है तो जीवन भी बेहतर ढंग से कट जाता है।
इसके लिए आवश्यक है कि हम समाज के वृद्ध लोगों की आँखों की देखभाल और उनकी सेवा के लिए जागरूक रहें। हमारी दी गई सेवाएँ उन तक अच्छी तरह से पहुंँचे।
बुजुर्गों में आँख से संबंधित बहुत – सी बिमारियाँ जैसे मोतियाबिंद, उम्र से संबंधित धब्बेदार अध: पतन (एएमडी) और ग्लूकोमा आदि हैं जैसी जो बुजुर्गों में अधिक होती हैं । मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ उम्र से संबंधित नेत्र रोगों के जोखिम को बढ़ाती हैं। खराब दृष्टि के परिणामस्वरूप गतिशीलता और सक्रियता में कमी आ जाती है। स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए आँखों का स्वस्थ होना बहुत महत्वपूर्ण है
वृद्धों की आँखों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज की एनएसएस इकाई ने दक्षिण बारासात आई फाउंडेशन के सहयोग से जोयनगर ब्लॉक में जन्म भूमि बृद्धबास, दक्षिण बारासात, जोयनगर में एक नि: शुल्क नेत्र जांँच शिविर ईक्क्षाना का आयोजन किया। शिविर का उद्देश्य आंँखों की जांँच और आवश्यक मोतियाबिंद सर्जरी, पर्टिजियम, कैलाजियम डीसीटी/डीसीआर सर्जरी आदि के उपचार की पहचान करना था।
भवानीपुर कॉलेज की एनएसएस टीम ने तैइस अगस्त को शिविर का निरीक्षण करने और सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए आयोजन स्थल का दौरा किया। उन्होंने रोगियों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांँचे और सुविधाओं की जांँच करने के लिए दक्षिण बारासात आई फाउंडेशन अस्पताल का भी दौरा किया।
अट्ठाइस अगस्त, इक्कीस को एनएसएस का प्रतिनिधित्व करने वाले पाँच छात्रों और एनसीसी का प्रतिनिधित्व करने वाले चार छात्रों और तीन संकाय सदस्यों ने जन्मभूमि बृद्धबास का दौरा किया और नि: शुल्क नेत्र जांँच शिविर की शुरुआत की। स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से कतार प्रबंधन किया, शिविर को सुचारू रूप से चलाने के लिए डॉक्टरों और लाभार्थियों की सहायता की। दक्षिण बारासात आई फाउंडेशन ने जाँच शिविर आयोजित करने के लिए चिकित्सा, पैरा मेडिकल और शिविर समन्वयक आदि प्रदान किए। वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों के साथ स्थानीय लोगों ने भी आंँखों की जांँच कराई।
इस शिविर में कुल अस्सी लोगों का चेक-अप किया गया।वहीं मोतियाबिंद का कुल ग्यारह ऑपरेशन आवश्यक समझे गए। वहाँ कुल उनतालीस चश्मे प्रदान किए गए।
भवानीपुर कॉलेज चश्मे उपलब्ध कराएगा और एनएसएस यूनिट मोतियाबिंद की सर्जरी कराने के लिए नेत्र अस्पताल के साथ समन्वय करेगी। सेवा भाव और देखभाल के प्रतीक के रूप में, भवानीपुर कॉलेज ने वृद्धाश्रम के सभी निवासियों को राशन, नाश्ता, साबुन, तौलिया, मास्क और सैनिटाइज़र की बोतलें, थर्मामीटर, सर्जिकल कैप जैसी आवश्यक चीजें प्रदान कीं। एनएसएस के वास्तविक आदर्श वाक्य “नॉट मी बट यू” को प्रतिबिंबित करने का यह छोटा सा प्रयास था।
कॉलेज प्रबंधन, प्रो. दिलीप शाह, प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी को धन्यवाद जिन्होंने पूरे प्रोजेक्ट को संचालित करने के लिए अपना निरंतर समर्थन दिया । हम इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रो. चंदन झा और प्रो. मोहित सिंह को भी धन्यवाद देते हैं। पूरा कार्यक्रम एनएसएस की एक पहल थी जिसका समन्वयन प्रो. गार्गी ने किया। इस प्रकार के सामाजिक कार्यों में विद्यार्थियों की अथक भागीदारी रही। विद्यार्थियों ने एक टीम के रूप में काम करना सीखा और महसूस किया कि कैसे कम भाग्यशाली लोग अपना जीवन निर्वाह करते हैं। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।