सीजेआई ने जारी की महिलाओं के प्रति शब्दावली निर्देशिका हैंडबुक
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड होगी हैंडबुक
नयी दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लैंगिक रूढ़िवादिता से निपटने के लिए हैंडबुक जारी किया है। इसके साथ ही जरूरी न्यायिक शर्तों के लिए नए वैकल्पिक शब्द भी सुझाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एडल्ट्रेस, अफेयर, लेडीलाइक, मिस्ट्रेस, मैरिएजेबल एज जैसे शब्दों का प्रयोग न करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की तरफ से जारी किया गया हैंडबुक जजों और वकीलों दोनों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसमें अनुचित लैंगिक शब्दों की शब्दावली के साथ वैकल्पिक शब्द और वाक्यांश भी सुझाए गए हैं। इसका प्रयोग कोर्ट में दलीलों, आदेशों और फैसलों में किया जा सकता है। यह हैंडबुक यौन रूढ़िवादिता की व्याख्या करता है और रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने वाली भाषा की पहचान करके वैकल्पिक शब्द भी सुझाता है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हैंडबुक महिलाओं के बारे में आम धारणाओं की पहचान करता है। इनमें से कई का प्रयोग पहले भी कोर्ट द्वारा किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि वे कैसे गलत हैं और कानून के प्रयोग को किस तरह से विकृत करते हैं। सीजेआई ने कहा कि हैंडबुक का विमोचन पिछले फैसलों की आलोचना के लिए नहीं बल्कि अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने के लिए किया गया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह हैंडबुक जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी जाएगी। इसके साथ ही वीडियो ट्यूटोरिय के साथ ई-फाइलिंग पर यूजर मैनुअल भी होगा। इस हैंडबुक में जजों के लिए यह सुझाव है कि प्रोवोकेटिव क्लातथिंग की जगह क्लाथिंग शब्द का प्रयोग हो। अनवेड मदर की जगह सिर्फ मदर शब्द का प्रयोग, स्पिंस्टर की जगह अनमैरिड वुमन शब्द का प्रयोग होना चाहिए।
कानूनी शब्दकोष से बाहर हो जाएंगे लेडीलाइक, बिन ब्याही मां, वेश्या जैसे शब्द
“इटरनल साउंड्स का देशभक्ति गीतों वाला अल्बम “ये देश” जारी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया गया लॉन्च
कोलकाता । क्वालिटी म्यूजिक की एक नई विरासत को बनाने के लिए इटरनल साउंड्स का गठन किया गया है! स्वतंत्रता के 77वें वर्ष के शुभ मौके पर इटरनल साउंड्स अपने म्यूजिक प्रेमियों के लिए भावपूर्ण और प्रेरणादायक धुनों पीआर बने गीत लेकर आया है, जो राष्ट्र- भारत को समर्पित शहीदों के लिए एक श्रद्धांजलि है! स्वतंत्रता दिवस का जश्न सिर्फ हमारे राष्ट्रीय गौरव और हमारी विरासत का जश्न नहीं है, बल्कि यह एक शुभ अवसर भी है, जो 1.4 बिलियन भारतीयों के हमारे सर्वोत्कृष्ट मूल्यों और आकांक्षाओं के लिए – “विश्वगुरु” के रूप में हमारी नवीनीकृत प्रतिबद्धताओं का आह्वान करता है – जिनकी अद्वितीय विविधता को “ये देश”! की प्रस्तुति के जरिए जश्न मनाने की कोशिश की गई है!
इस अवसर पर, उस्ताद बिक्रम घोष ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर इटरनल साउंड्स हमारी यह कंपनी, जिसमें गौरांग जालान, उत्सव पारेख, मयंक जालान और मैं बिक्रम घोष शामिल हैं। हमने इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘ये देश’ नामक एक भव्य और विचारोत्तेजक गीत जारी किया है। ‘ ये देश’ जो मेरे द्वारा रचित है, हमारे देश के कुछ बेहतरीन सेलिब्रिटी गायकों जिनमे महान हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ ने इस ट्रैक पर अपने सुरों को शब्दों में पिरोया है। उनके साथ हमारे देश की कुछ बेहतरीन युवा प्रतिभाओं, इंडियन आइडल के विभिन्न सीज़न में भाग लेने वाले गायकों के अलावा हमारे देश के कुछ महान वाद्य यंत्रवादियों जिनमे पंडित विश्वमोहन भट्ट, राजेश वैद्य, पूर्बयन चटर्जी और मैंने भी इसमें संगीत की धुनों को बिखेरा है। इस गाने को खूबसूरत वीडियो से सजाने वाले बहुत ही महत्वपूर्ण लोगों में से एक इंद्रजीत नट्टोजी हैं, जिन्होंने पेंटिंग एनीमेशन की तकनीक का उपयोग करके एक अद्भुत, बहुत सुंदर और रंगीन वीडियो बनाया है। हमें उम्मीद है कि पूरा देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय हमारे नए और अत्याधुनिक गाने को पसंद करेंगे।”
गीत उस्ताद बिक्रम घोष द्वारा रचित एवम स्पंदित और भावना प्रधान हैं । गायकों में प्रमुख हैं, हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ, ऋषि सिंह, चिराग कोटवाल, बिदीप्त चक्रवर्ती, सेनजुति दास, मोहम्मद फ़ैज़ और देबोस्मिता रॉय शामिल हैं। साज में प्रमुख, वैश्विक नेता मोहन भट्ट (मोहन वीणा), रोनू मजूमदार (बांसुरी), पूर्बयन चटर्जी (सितार), राजेश वैध्य (वीणा), बिक्रम घोष (तबला और तालवाद्य)। इटरनल साउंड्स के पीछे प्रमुख करता-धर्ता में उत्सव पारेख (फाइनेंशियल मार्केट्स गुरु), मयंक जालान (उद्योगपति, केवेंटर एग्रो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक),गौरांग जालान (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और फिल्म निर्माता और उद्यमी) और बिक्रम घोष (संगीत उस्ताद) की भूमिका प्रमुख हैं।
भवानीपुर 75 पल्ली में खूंटी पूजा के साथ दुर्गापूजा की तैयारियां आरम्भ
भवानीपुर 75 पल्ली ने रविवार को खूंटी पूजा के साथ दुर्गापूजा के तैयारियों की शुरुआत की। 1/1सी, देबेंद्र घोष रोड, भवानीपुर, नेताजी भवन मेट्रो स्टेशन के पास स्थित भवानीपुर 75 पल्ली का मंडप अपनी अभिनव थीम और आकर्षक उत्सव शैली के लिए शहर की आकर्षक पूजाओं में से एक है। यह पूजा विशेष रूप से अपने पंडालों की अनूठी शैली और समिति द्वारा पूरे वर्ष किए जाने वाले सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। खूंटी पूजा के बाद आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में बांग्ला फिल्म “ओह लवली” की टीम प्रचार के लिए पहुँची । मदन मित्रा (विधायक), श्री कार्तिक बनर्जी (सामाजिक कार्यकर्ता), श्रीमती पापिया सिंह (पार्षद), श्री संदीप रंजन बख्शी, (पार्षद) श्री आशिम बसु (पार्षद) श्री सयान देब चटर्जी (पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस के राज्य सचिव), श्रीमती काजरी बनर्जी (पार्षद), श्री हरनाथ चक्रवर्ती (निदेशक), श्री बब्लू सिंह (कार्यकारी अध्यक्ष, भवानीपुर 75 पल्ली और सामाजिक कार्यकर्ता) के साथ कई अतिथि उपस्थित थे ।
आयात एवं निर्यात के बीच सन्तुलन आवश्यक – सुरेश प्रभु
दूसरा एमसीसीआई इकोनॉमिस्ट फोरम सम्पन्न
कोलकाता । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के चांसलर सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में इकोनॉमिस्ट्स फोरम के दूसरे संस्करण का आयोजन किया । फोरम के अध्यक्ष सुरेश प्रभु ने कहा कि देश सिर्फ निर्यात करे और आयात न हो, व्यापार संतुलन में कमी होने पर भी यह संभव नहीं है। अच्छा निर्यात काफी हद तक किये गये आयात की गुणवत्ता पर निर्भर करता था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने कहा कि बंदरगाह व्यापार करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है जिससे 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात की सुविधा मिल सकती है। यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ, अश्विनी कुमार ने कहा कि बैंक ने एक नोडल एजेंसी के रूप में ईरान के 8 बैंकों और रूस के तीन बैंकों में वोस्ट्रो खाते खोले हैं। यूको बैंक उन सभी को सुविधा देने के लिए उत्सुक था जो रूस के साथ व्यापार करना चाहते थे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ सुमंत चौधरी, समुद्री अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी केंद्र के प्रमुख शुभमय भट्टाचार्य शामिल थे और संबंधित फेलो, आरआईएस जॉयदेब चटर्जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य वित्तीय अधिकारी, पैकेजिंग फिल्म्स, लैमिनेटेड और कोटेड फैब्रिक बिजनेस, एसआरएफ लिमिटेड और बंधन बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सिद्धार्थ सान्याल ने विचार रखे । पैनल ने 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात हासिल करने पर चर्चा की। एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने कहा, जब तक देश में मुद्रास्फीति का दबाव मौजूद था, प्रतिस्पर्धी विनिर्माण मुश्किल था। इकोनॉमिस्ट्स फोरम के संयोजक ऋषभ सी. कोठारी ने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं को मंदी से बाहर निकालने के लिए सात साल बहुत लंबा समय नहीं है और न ही बहुत कम समय है। कोठारी ने कहा कि भारत को अप-साइकिल का अवसर मिल सकता है, जिससे व्यापार वृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।
सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में कॅरियर प्रदर्शनी
कोलकाता । सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में दूसरी बार कॅरियर फेयर आयोजित किया गया । ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा की छात्राओं के लिए आयोजित इस कॅरियर प्रदर्शनी में अशोक यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, कलकत्ता बिजनेस स्कूल, जेडीबीआई, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रेथक्लाइड, विशिलंग वुड्स इंटरनेशनल, वॉक्सेन यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी एवं क्रिया यूनिवर्सिटी ने इस कॅरियर प्रदर्शनी में भाग लिया । हाई स्कूल मॉम्स के संस्थापक ने छात्राओं को कॅरियर से जुड़े टिप्स दिये । महानगर के प्रतिष्ठित स्कूलों, बिड़ला हाई स्कूल, एपीजे स्कूल, अभिनव भारती एवं साउथ प्वाइंट स्कूल ने इस प्रदर्शनी में भाग लिया ।
हावड़ा में एमसीसीआई की कार्यशाला एवं हेल्प डेस्क
हावड़ा । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एमसीकेवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के सहयोग से गत 18 अगस्त को एमसीकेवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, हावड़ा में एमएसएमई कार्यशाला एवं हेल्प डेस्क आयोजित किया । सत्र में उद्योगपतियों, व्यापारियों, एमएसएमई बिरादरी और हावड़ा की अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया और एमसीकेवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष किशन कुमार केजरीवाल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए । हावड़ा की जिला मजिस्ट्रेट मुक्ता आर्य, रीना चक्रवर्ती, सहायक। निदेशक (ई.आई.), एमएसएमई डीएफओ कोलकाता, एमएसएमई मंत्रालय, सरकार। भारत के एमएसएमई कार्यशाला में अतिथि के रूप में उपस्थित थे । डीएम ने राज्य सरकार की नयी पहल शिल्पेर समाधाने की जानकारी दी और उद्योग जगत एवं सरकार के बीच आपसी सहयोग पर जोर दिया । रीना चक्रवर्ती, सहायक। निदेशक (ई.आई.), एमएसएमई डीएफओ कोलकाता, एमएसएमई मंत्रालय, सरकार। भारत सरकार ने एमएसएमई-डीएफओ, सरकार द्वारा की गई पहलों के बारे में बात की। भारत की। उन्होंने उद्यम पंजीकरण, जीईएम पंजीकरण, समाधान पोर्टल और सरकार की अन्य पहलों के महत्व के बारे में उल्लेख किया। भारत की। एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में एमएसएमई में तेजी से वृद्धि हुई । उन्होंने कहा कि राज्य भर में व्यापार बिरादरी से जुड़ने के साथ-साथ समावेशी विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के जिलों और टियर II और टियर III शहरों में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मई 2011 से अप्रैल 2021 तक लगभग 13,997 औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। 5,988 करोड़. अनुमानित निवेश लगभग 1,36,114 लोगों को रोजगार प्रदान करता है। एमसीकेवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन किशन कुमार केजरीवाल ने कहा कि एमसीकेवी ग्रुप हावड़ा जिले के विकास और जिले के खोए हुए गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान हावड़ा में फाउंड्री, इंजीनियरिंग, कपड़ा, खाद्य उद्योग और अन्य क्षेत्रों के विकास में एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। एमसीसीआई की एमएसएमई काउंसिल के कोषाध्यक्ष एवं चेयरमैन संजीव कुमार कोठारी ने हेल्प डेस्क के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । एमएसएमई कार्यशाला का समापन एमएसएमई परिषद, एमसीसीआई के सह अध्यक्ष, अखिल सोंथालिया द्वारा प्रस्तावित हार्दिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। सत्र के बाद एमसीसीआई एमएसएमई हेल्प डेस्क, निम्नलिखित मेंटर पैनल के साथ एक-पर-एक परामर्श सत्र आयोजित किया गया ।
सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में कॅरियर प्रदर्शनी
कोलकाता । सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में दूसरी बार कॅरियर फेयर आयोजित किया गया । ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा की छात्राओं के लिए आयोजित इस कॅरियर प्रदर्शनी में अशोक यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, कलकत्ता बिजनेस स्कूल, जेडीबीआई, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रेथक्लाइड, विशिलंग वुड्स इंटरनेशनल, वॉक्सेन यूनिवर्सिटी, सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी एवं क्रिया यूनिवर्सिटी ने इस कॅरियर प्रदर्शनी में भाग लिया । हाई स्कूल मॉम्स के संस्थापक ने छात्राओं को कॅरियर से जुड़े टिप्स दिये । महानगर के प्रतिष्ठित स्कूलों, बिड़ला हाई स्कूल, एपीजे स्कूल, अभिनव भारती एवं साउथ प्वाइंट स्कूल ने इस प्रदर्शनी में भाग लिया ।
डीपीएस रूबी पार्क में प्रज्ञा -2023
कोलकाता । दिल्ली पब्लिक स्कूल, रूबी पार्क द्वारा हिन्दी उत्सव प्रज्ञा का आयोजन किया गया । इस साहित्यिक उत्सव में महानगर के 24 शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया । कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाध्यापिका प्रीति सिंह, उप प्रधानाचार्या इन्द्राणी चट्टोपाध्याय एवं गण्यमान्य अतिथियों ने किया । सरस्वती वंदना की सुमधुर प्रस्तुति की गयी । शब्द क्रीड़ा, विज्ञापन प्रस्तुति, आर.जे. शैली में कथा वाचन और नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता आयोजित की गयी । प्रतियोगिता का विजेता डीपीएस रूबी पार्क एवं उप विजेता डीपीएस हावड़ा रहे ।
अर्चना द्वारा पूर्व संध्या स्वतंत्रता दिवस पर काव्य मिलन
कोलकाता । अर्चना संस्था की ओर से आयोजित स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सदस्यों ने कविताएँ गीत दोहे कुंडलियां सुना कर देश के प्रति अपने भावों को व्यक्त किया। आज़ादी की कहानी; इन्सान ख़ामोश है, पर बातों का शेर है। आदि बनेचंद मालू ने कविताओं का पाठ किया।। सावन का बुखार /स्वतंत्रता का खुमार /स्वतंत्रता दिवस का मच रहा शोर।/मिली आजादी,पर दिल मांगे मोर।। मीना दूगड़ ने देश भक्ति की भावना से भरे भाव प्रस्तुत किए। हिम्मत चोरडिया प्रज्ञा ने गीत देश जब-जब माँगता हो, दें सकें बलिदान अपना।मृदुला कोठारी ने गीत नई उमंगे नई तरंगे नव उल्लास मनाएं। आओ हिल मिल आज तिरंगा धरती पर फहराये / अमृत कहा से लाऊ मैं कैसे आजादी मनाऊँ। सुनाया। ज़रा मंदिरों से बाहर आओ ईश्वर /देखो नजारा बाहर का। विद्या भंडारी ने सुनाया वहीं ये वीरों का देश है कण-कण देता,संदेश है/देश हमारी शान है/देश हमारी आन है/इसके खातिर जीना है/इसके खातिर मरना है/वन्दे मातरम ।नौरतनमल भंडारी ने देश के प्रति आन बान शान और गौरव को दर्शाया। चंद्र कांता सुराना ने आजादी पर सवाल उठाते हुए अपनी कविता सुनाई स्वतंत्रता क्या है स्वतंत्रता/अहम सवाल मेरे मन में उठा। संगीता चौधरी ने देश के सपूतों सलाम करते हुए को ए वीर सपूतों तुम्हें सलाम कविता सुनाई। सुशीला चनानी ने स्वरचित दोहे-झंडा भारत देश की संस्कृति की पहचान। /साहस , वैभव शांति से मेरा देश महान।। गीत -स्वतंत्रता दिवस का अर्थ न केवल झण्डा ही फहराना है।/वीर शहीदों की गाथायें हमको भी दोहराना है । देश के प्रति अपने भावों को सुनाया। इंदू चांडक ने कार्यक्रम का संचालन किया और अपनी कविता वीर सपूतों भारत माँ के जन्मभूमि के पहरेदार और गीत प्रस्तुति दी। डॉ वसुंधरा मिश्र ने भारत श्रेष्ठ है कविता सुनाई।स्वागत एवं धन्यवाद दिया मृदुला कोठारी ने ।स्वतन्त्रता की पूर्व सन्ध्या पर अर्चना की काव्य गोष्ठी में सदस्यों ने एक से एक भावभरी रचनाओं की प्रस्तुति दी ।
नमस्ते भारत – हिमाचल की शान है कुल्लू टोपी
यूं तो ताज राजा महाराजा ही पहना करते थे लेकिन हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में हर शख्स खुद राजा है और राजा की तरह ही ताज पहनता है. फर्क सिर्फ इतना है कि यह ताज हीरे-मोतियों से जड़ा नहीं होता बल्कि नरम मुलायम ऊन, पशम और मखमल से बना होता है. यह है हिमाचली परिधान का अभिन्न अंग टोपी। पहाड़ियों के सिर का ताज यह टोपी न केवल सर्दियों से बचाती है बल्कि अपनी अनूठी संस्कृति और पहनावे की परिचायक भी है. यह अलग बात है कि आज राजनीति के लोभियों ने इस टोपी को राजनीतिक रंग देने से भी गुरेज नहीं किया।
किन्नौरी, बुशहरी और कुल्लुवी टोपी
हिमाचल प्रदेश में मुख्य रूप से तीन तरह की टोपियां प्रचलन में हैं । इनमें किन्नौरी, बुशहरी व कुल्लुवी टोपी शामिल हैं. इनमे सबसे ऊपर है किन्नौरी टोपी. किन्नौरी व बुशहरी टोपी में बड़ा ही मामूली सा अंतर है । मुख्यतः तीन अंतर हैं, पहला किन्नौरी टोपी में मखमल की पट्टी चौड़ी होती है जबकि बुशहरी टोपी में कम चौड़ी। दूसरा टोपी के किनारे किन्नौरी के तीखे तो बुशहरी के गोल होते हैं । तीसरा टोपी के मखमल के साथ लगने वाली मगज़ की पट्टी जो किन्नौरी में तीन पट्टियां तो बुशहरी में दो पट्टियां होती है । ये अंतर इतना कम होता है कि केवल जानकार ही पहचान सकते हैं जबकि दोनों ही एक समान नजर आती हैं । इसके अलावा कुल्लुवी, भरमौरी, सिरमौरी, लाहुली, नेहरू, चम्बायाली और ठियोगी आदि टोपियां कई तरह के अलग अलग रंगों व डिजाइनों में पूरे हिमाचल में प्रचलित हैं ।
कुल्लवी टोपी जिसे हिमाचली टोपी भी कहा जाता है। इस टोपी ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। यदि ये टोपी किसी के सिर पर सजी है तो दुर से ही पता लगा जाता है की ये हिमाचली टोपी है। प्रधानमंत्री तक इस टोपी के कायल हैं। इस टोपी को तो सभी जानते-पहचान हैं। लेकिन बहुत कम लोग होंगे जो ये जानते हैं कि इस टोपी को पहचान दिलवाने वाला स्वर्गीय दीनानाथ भारद्वाज थे। देश की आजादी से पहले 1942 से दीनानाथ भारद्वाज ढालपुर कुल्लू में नमदे बनाने की दुकान किया करते थे जो 1962 तक इसी व्यवसाय से जुड़े रहे। उनका बनाया निमदा उस समय 9-10 रूपये में बिकता था। ये निमदे विदेशी व अमीर लोग ही खरीदा करते थे। एक बार किसी को बेचा हुआ निमदा कुछ त्रुटी के कारण वापिस आ गया। जिससे दीनानाथ बहुत दुखी हुए। उन्होने निमदे के टुकड़े काट कर उसमें शनील का कपड़ा लगा कर नई किस्म की टोपियां बना डाली जिसे आज कुल्लवी टोपी के नाम से जाना जाता है।

उस वक़्त टोपियां 2.50 – 3.00 रूपये में बिकती थी। ये टोपियाँ लोगों ने बहुत पसंद की। यहीं से कुल्लवी टोपी अस्तित्व में आ गई। वक़्त के बदलाव के साथ टोपियों की बनावट में परिवर्तन आते रहे। कहा जाता है कि तत्कालीन प्रधानमन्त्री ज्वाहर लाल नेहरू व इंदिरा गांधी कुल्लू से होते हुए मनाली को जा रहे थे, रास्ते में ढालपुर में लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। लोगों ने उन्हे हार पहनाए लेकिन भारद्वाज जी ने कुल्लवी टोपी पहनाकर सम्मानित किया था। इंदिरा गांधी को वह टोपी इतनी पसन्द आई कि मनाली से वापिस जाते हुए वह बहुत सी टोपियां अपने नाती पोतियों के लिए ले गई।
कुल्लू- मनाली में फिल्माई फिल्म ‘बदनाम’ में भी कुल्लवी टोपी को दिखाया गया है। दीनानाथ भारद्वाज का देहान्त 27 मार्च 2003 को हुआ। लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई कुल्लवी टोपी की पहचान आज विश्व भर में अगल ही है। हालांकि किन्नौरी टोपी का इतिहास कुल्लवी टोपी से भी प्राचीन है। यही से दीनानाथ भारद्वाज को कुल्लवी टोपी बनाने का विचार आया था। ऐतिहासिक रूप से हिमाचली टोपी, किन्नौर से लेकर पूर्व की रियासत बुशहर राज्य के कुछ हिस्सों में फैली हुई थी।




