नयी दिल्ली । टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने मंगलवार को टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 जारी किया। इसके तहत टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को खास तौर पर वॉयस और एसएमएस के लिए ज्यादा स्पेशल टैरिफ वाउचर देने होंगे। इस बदलाव का मकसद सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाले एसटीवी की सीमित उपलब्धता, खासकर कम समय वाले ऑप्शन की कमी को दूर करना है। ट्राई ने देखा कि ऐसे वाउचर सीमित संख्या में उपलब्ध थे और ज्यादातर लंबी वैलिडिटी वाले थे, जिससे कम आय वाले कस्टमर्स के लिए कम कीमत वाले और कम समय वाले ऑप्शन कम थे। इस फैसले के बाद जहां भारती एयरटेल का शेयर 0.87 फीसदी की गिरावट के साथ 1817 रुपए पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर वोडाफोन आइडिया के शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली और 14.26 रुपए पर बंद हुआ।
ट्राई ने दी बड़ी राहत
ट्राई ने 7 अप्रैल, 2026 को सलाह-मशविरे के लिए संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया था। उसे स्टेकहोल्डर्स से 1,132 जवाब मिले और रेगुलेशन को अंतिम रूप देने से पहले 15 जून को ओपन हाउस डिस्कशन किया गया। संशोधित नियमों के तहत, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाले एसटीवी देने होंगे। इसके लिए टैरिफ में उचित कटौती करनी होगी, खासकर उन वैलिडिटी पीरियड के लिए (30 दिन या उससे कम) जिनके लिए वे वॉयस, एसएमएस और डेटा वाले एसटीवी देते हैं। ऑपरेटर्स को सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाला ऐसा एसटीवी भी देना होगा जिसकी वैलिडिटी हर महीने उसी तारीख को रिन्यू हो सके। अगर किसी महीने में वह तारीख नहीं आती है, तो रिन्यूअल की तारीख उस महीने का आखिरी दिन होगी। इसके अलावा, ऑपरेटर्स को ऊपर बताए गए ऑप्शन से ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाला एसटीवी देना होगा, जो वॉयस, एसएमएस और डेटा वाले एसटीवी की वैलिडिटी पीरियड के बराबर हो।
मिलेगी बड़ी राहत
ट्राई ने कहा कि संशोधित टैरिफ फ्रेमवर्क से कम आय वाले कस्टमर्स को ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे और वे अपनी जरूरतों और आर्थिक क्षमता के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे। अथॉरिटी का मानना है कि ऐसा टैरिफ फ्रेमवर्क ग्राहकों की जरूरतों को अच्छी तरह से पूरा करेगा। यह संशोधित रेगुलेशन कम आय वाले ग्राहकों को ज्यादा ऑप्शन देगा, जिससे वे अपनी जरूरतों और आर्थिक क्षमता के अनुसार रिचार्ज कर सकेंगे।




