नयी दिल्ली, एजेंसी। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेतहाशा बढ़ती ताकतों को लेकर एक खौफनाक तस्वीर दुनिया के सामने रखी है। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर इस एडवांस्ड तकनीक को बिना किसी नियंत्रण के छोड़ दिया गया, तो यह भयानक स्तर पर तबाही मचा सकती है। गेट्स ने यहां तक कह दिया कि यह 1 अरब लोगों की जान ले सकती है। गेट्स का मानना है कि एआई अपने आप में शायद विनाशकारी न हो, लेकिन अगर यह गलत और आपराधिक इरादे वाले लोगों के हाथ लग जाए, तो इससे बड़ा हथियार आज तक मानव इतिहास में नहीं बना है। इस संभावित सर्वनाश से बचने के लिए उन्होंने सरकारों और कानून निर्माताओं से तुरंत दखल देने की जोरदार अपील की है। टेक अरबपति का कहना है कि सिर्फ इंडस्ट्री के भरोसे इस तकनीक को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। राजनेताओं और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अब यह तय करना होगा कि इसके लिए कौन से सख्त नियम और निगरानी के तरीके अपनाए जाएं। उनके मुताबिक, अगर कंपनियों पर कुछ लीगल पाबंदियां लगाई जाती हैं, तो इससे उनका कामकाज धीमा नहीं होगा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद तकनीकी माहौल तैयार हो सकेगाबिल गेट्स का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले ब्रिटेन के प्रतिष्ठित एलन ट्यूरिंग संस्थान ने भी इसी तरह की खौफनाक चेतावनी जारी की थी। संस्थान ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस बात की प्रबल संभावना जताई है कि अगले 5 वर्षों के अंदर ही इंसान ‘सुपरइंटेलिजेंट’ मशीनों से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो सकता है। यह रिपोर्ट साफ करती है कि एआई हमारी सोच और समझ से कहीं ज्यादा तेज हो जाएगा, जिससे इंसानी फैसले बेमानी हो जाएंगे। इसके अलावा यह तकनीक हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को तहस-नहस करने के साथ-साथ खतरनाक रासायनिक और जैविक हमलों का भी आसान जरिया बन सकती है।
100 करोड़ लोगों को मिटा देगा एआई : बिल गेट्स




