रंगों का मजा लें मगर त्वचा का रहे ख्याल

होली की कल्पना रंग और गुलाल के बगैर नहीं की जा सकती मगर त्वचा के लिए कई बार यही परेशानी खड़ी कर देते हैं। केमिकल युक्त रंगों से एलर्जी और रिएक्शन जैसी समस्या होने लगती है। इनमें कई तरह के रासायनिक और विषैले पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा, नाखून और मुंह से शरीर में प्रवेश कर अंदरूनी हिस्सों को क्षति पहुंचा सकते हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक हर साल होली के बाद एलर्जी के सैकड़ों मामले आते हैं। इसलिए होली खेलने के पहले बचाव की तैयारी कर लेना चाहिए।

त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार केमिकल युक्त रंगों से त्वचा रूखी हो जाती है। त्वचा की अंदरूनी सतह तक नुकसान पहुंचता है। जलन, चकते, एक्जिमा जैसी समस्याएं होती है। बच्चों की त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है। इसलिए बच्चों में समस्या ज्यादा देखी जाती है।

प्राकृतिक रंग सबसे बेहतर 

त्वचारोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप हेमनानी कहते हैं प्राकृतिक रंग होली के लिए सबसे अच्छे होते हैं। इनसे दुष्प्रभाव नहीं होता है। लोग जान-बूझकर पक्के केमिकल रंगों का प्रयोग करते हैं, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। रंग निकालते वक्त भी लोग ज्यादा रगड़ते हैं। इससे एलर्जी बढ़ जाती है। रंग निकालने के लिए डिटर्जेंट का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए।

इस तरह बचें दुष्प्रभाव से 

– होली के दिन आप पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। अच्छा होगा कि कपड़ों के अंदर स्विम सूट पहन लें जिससे होली का रसायनयुक्त रंग अंदर जाने से बचें।

– होली खेलने से पहले अपने शरीर पर तेल या फिर मॉइश्चराइजर लगाएं और 15 मिनट शरीर को सोखने दें। इसके बाद वाटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाकर होली खेलें।

– बालों पर अच्छा तेल लगाएं जिससे रंग और धूल से बचाव हो सके। तेल के अलावा होंठों को हानिकारक रंगों से बचाने के लिए लिपबाम लगाएं।

– नाखूनों और उनके अंदर तैलीय वस्तु लगाएं। महिलाएं नेलपॉलिश भी लगा सकती हैं।

– आंखों को रंगों से बचाएं क्योंकि इनमें मौजूद पोटेशियम हाईक्रोमेट नामक हानिकारक तत्व नुकसान पहुंचा सकता है। यदि कुछ रंग आंख में चला जाए तो आंखों को तब तक पानी से धोएं जब तक रंग ठीक से निकल न जाएं।

– रंग खेलने के बाद त्वचा रुखी हो जाती है, तो इसके लिए शरीर पर मलाई और बेसन का पेस्ट बनाकर लगाया जा सकता है। यदि आपके शरीर पर कोई घाव या चोट है तो होली न खेलें। इससे रंगों में मिले रासायनिक तत्व घाव के माध्यम जरिये शरीर के रक्त में मिलकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ऐसे छुड़ाएं रंग

बनाना पैक: केला मैश कर नीबू का रस मिलाएं। इसे त्वचा पर मलकर छोड़ दें और सूखने के बाद पानी के छींटें मारकर स्क्रब करें। इससे रंग भी उतर जाएगा और त्वचा की नमी भी नहीं जाएगी।

बेसन पैक: बेसन में नीबू का रस व मलाई डालकर पेस्ट बनाएं और त्वचा पर स्क्रब की तरह मसाज करें। फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें। इससे रंग भी उतर जाएगा और त्वचा पर निखार भी आएगा।

जौ या चोकर का स्क्रब: गेहूं के चोकर या जौ के आटे में दूध मिलाकर त्वचा पर मलें। इससे रंग आसानी से निकल जाएगा।

मसूर-दूध: मसूर की दाल को रातभर भिगोकर रखें और पीसकर दूध मिलाएं। इस पैक को त्वचा पर लगाकर छोड़ दें और फिर हल्के गर्म पानी के साथ स्क्रब करें।

कच्चा पपीता पैक: कच्चे पपीते को पीस लें। इसमें थोड़ा दूध, मुल्तानी मिट्टी और जैतून का तेल मिलाएं। इसे चेहरे और गर्दन पर लगाकर 20 मिनट बाद साफ कर लें। पैक के साथ रंग भी उतर जाएगा।

दही-बेसन पैक: बालों से रंग निकालने के लिए दही में बेसन और नीबू का रस मिलाकर सिर की मसाज करें। फिर शैंपू से धो लें।

 

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