बचपन से हम दूध, दही और पनीर के फायदों के बारे में सुनते आए हैं। इनमें मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं। लेकिन क्या आप विश्वास करेंगे कि एक ऐसी फैक्ट्री है जहां बिना किसी गाय से एक बूंद दूध निकाले ही असली दूध, दही और पनीर बनाया जा रहा है? जी हां, ये लैक्टोज फ्री मिल्क है जो पारंपरिक दूध के पोषक गुणों से भरपूर है। यह क्रांति इजरायली कंपनी रेमिल्क (Remilk) की बदौलत संभव हुई है। कंपनी का दावा है कि उसने दुनिया की पहली ऐसी डेयरी फैक्ट्री विकसित की है जहां गायों की कोई जरूरत नहीं पड़ती। रीमिल्क प्रेसिजन फर्मेंटेशन तकनीक का इस्तेमाल करती है। इसमें खमीर (यीस्ट) जैसे सूक्ष्मजीवों को इस तरह प्रोग्राम किया जाता है कि वे गाय के दूध वाले प्रोटीन (जैसे व्हे और केसीन) पैदा करें। ये प्रोटीन रासायनिक रूप से बिल्कुल वही होते हैं जो गाय के दूध में पाए जाते हैं। परिणामस्वरूप बना दूध स्वाद, बनावट और पोषण में पारंपरिक दूध जैसा ही होता है। लेकिन इसमें लैक्टोज, कोलेस्ट्रॉल, हार्मोन और एंटीबायोटिक्स नहीं होते।
असली दूध से ज्यादा गुणकारी
कंपनी इसे “रियल डेयरी, नो काउज” कहती है। इस दूध से दही, पनीर, आइसक्रीम और अन्य डेयरी उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। रीमिल्क की स्थापना 2019 में अवीव वोल्फ और ओरी कोहावी ने की थी। कंपनी ने अमेरिका के एफडीए, सिंगापुर और इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी हासिल की है। हाल ही में इजरायल में गैड डेयरिज के साथ साझेदारी में “द न्यू मिल्क” लॉन्च किया गया। कैफे, रेस्तरां और जल्द सुपरमार्केट में यह उपलब्ध हो रहा है। बारिस्टा स्टाइल मिल्क भी बाजार में आ चुका है जो कॉफी में बढ़िया फोम बनाता है। पर्यावरण के लिहाज से यह तकनीक बहुत फायदेमंद बताई जाती है। रीमिल्क का दावा है कि उनकी प्रक्रिया में पारंपरिक डेयरी की तुलना में सिर्फ 1 प्रतिशत जमीन, 4 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और 5 प्रतिशत पानी लगता है। पशुओं पर निर्भरता खत्म होने से पशु कल्याण भी बेहतर होता है।




