कोलकाता । डिकोडिंग एसएसबी सेमिनार स्वयं से पहले सेवा की धारणा को ध्यान में रखते हुए, 27 फरवरी 2024 को, हमारे पूर्व कैडेट जेयूओ शिवांश सोमवंशी (बैच 2020-2023) ने हमारे एनसीसी कैडेटों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें उन्होंने एसएसबी साक्षात्कार के अपने अनुभव और टिप्स और ट्रिक्स साझा किए। इससे उन्हें अपने पहले प्रयास में ही सफल होने में मदद मिली। शिवांश को एनसीसी स्पेशल एंट्री के लिए 19 एसएसबी-इलाहाबाद 55वें कोर्स से अनुशंसित किया गया और उसने अखिल भारतीय रैंक 35 हासिल की है।
सेमिनार एसएसबी साक्षात्कार के सभी विभिन्न चरणों के बारे में था। साक्षात्कार पांच दिनों की अवधि में आयोजित किया जाता है, और इसे 2 चरणों में वर्गीकृत किया जाता है। उन्होंने पहले दिन की शुरुआती स्क्रीन-इन के बारे में बताया, जिसमें ओआईआर (ऑफिसर्स रेटिंग टेस्ट), पीपीडीटी (पिक्चर परसेप्शन एंड डिस्कशन टेस्ट) और उसके बाद ग्रुप डिस्कशन शामिल था। शिवांश ने नियमों पर प्रकाश डाला और हमारे सीडीटी को कुछ नोट्स दिए। चरण दो में मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह कार्य और बाधाएं, व्याख्यान, समूह योजना अभ्यास, साक्षात्कार और अंतिम सम्मेलन शामिल है। उन्होंने एसएसबी साक्षात्कार के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपना अनुभव भी साझा किया। बाद में, प्रोफेसर दिलीप शाह, रेक्टर और डीन बीईएससी ने उन्हें उनकी उपलब्धि के लिए एक स्मृति चिन्ह भेंट किया और साथ ही सशस्त्र बलों में करियर चुनने के लिए कैडेटों को परामर्श देने और प्रेरित करने के लिए उन्हें एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। अरित्रिका दुबे एनसीसी प्रभारी एयर विंग ने आयोजन और संयोजन में भाग लिया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज के एन सी सी कैडेटों द्वारा डिकोडिंग एस एस बी सेमिनार
भवानीपुर कॉलेज ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज ने तीन दिवसीय महिला दिवस मनाया जो 7-8-9 मार्च तक चला। प्रथम दिन बाल झड़ने की और त्वचा की विभिन्न समस्याओं को लेकर इंटर एक्टिव सत्र चला जिसमें इपटा क्लिनिक के डॉ विसवपति मुखर्जी ने छात्र छात्राओं को बालों की समस्याओं के विषय पर महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन दिया। इपटा क्लिनिक की टीम ने 130 से अधिक छात्र छात्राओं और संकायों का ब्लड प्रेशर, वेट, सूगर आदि सभी का चेकअप किया।कार्यक्रम का संचालन इपटा क्लिनिक की प्रमुख प्रो चंद्रेयी बागची ने किया। कार्यक्रम का आरंभ करते हुए कॉलेज के रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह ने सभी छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वागत किया। द्वितीय दिन सीएमआरआई के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजरी चटर्जी और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अयन राय द्वारा विशेष सत्र का आयोजन किया गया। डॉ मंजरी चटर्जी ने युवा पीढ़ी से लेकर वृद्धा स्त्रियों की गायनिक समस्याओं को प्रजेंटेशन द्वारा रखा जो वर्तमान छात्र छात्राओं के लिए महत्त्वपूर्ण जानकारी रही। स्त्रियों के गर्भाशय में होने वाली विभिन्न समस्याओं जैसे मासिक धर्म, सिस्ट, फेब्रायड आदि पर विचार रखे। डॉ अयन राय आईपीएल के खिलाडिय़ों की हड्डी संबंधित समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। विद्यार्थियों और शिक्षक शिक्षिकाओं ने इस सत्र में बहुत सी हड्डी और मांसपेशियों संबंधित जानकारी ली। डॉ अयन ने वर्तमान समय में खान पान और आदतों के प्रति भी ध्यान दिलाया। घर का बना भोजन हमें बहुत सी बिमारियों से बचा सकता है। मोटापा, और वजन को कम करने के उपाय भी बताए।150 से अधिक विद्यार्थियों छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही और सभी ने अपनी समस्याओं को साझा किया। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने डॉ कार्यक्रम का आयोजन किया।
तृतीय दिन दामिनी कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ईस्टर्न इंडिया रिजनल कौंसिल के साथ भवानीपुर कॉलेज द्वारा शक्ति रूपेण संस्थिता के अंतर्गत पद्मविभूषण ऊषा उत्थुप द्वारा उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और सेमिनार किया गया। अपने को शक्तिशाली बनाने के लिए यह सेमिनार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक महत्वपूर्ण कदम था। इस कार्यक्रम का आयोजन और संयोजन भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ईस्टर्न रिजनल कौंसिल के अध्यक्ष डॉ मोहित शॉ ने किया।सन्मार्ग हिंदी दैनिक कोलकाता की प्रमुख रुचिरा गुप्ता को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित किया। इस अवसर पर भवानीपुर कॉलेज के डायरेक्टर जनरल डॉ सुमन मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में प्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण ऊषा उत्थुप और छात्र छात्राओं को शुभकामनाएँ दीं। सीएस कंपनी की प्रमुख रुपांजना दे ने अपना अनुभव साझा किया। 160 विद्यार्थियों ने ऊषा उत्थुप जी के ऊर्जा से भरे वक्तव्य का आनंद लिया और उनके गीतों के साथ स्वर मिलाया। आर जे कुहेली 91.9एफ एम, आर जे जिमी टेंगरी, सुकिरती अग्रवाल, सुमंत्र बोस, विशाल दवे, सीएस उदित जालान, प्रो विवेक पटवारी इस सेमिनार के महत्वपूर्ण पैनलिस्ट रहे। कॉमर्स और अन्य विभाग के प्रोफेसर इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
समीक्षा – काव्य संग्रह ‘एक उत्सव :एक महोत्सव’ बावरे मन की ये ज़ुबानी चिट्ठी

भवानीपुर कॉलेज के शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ सदस्यों के बीच क्रिकेट टूर्नामेंट
भवानीपुर कॉलेज ने मनाया विद्यार्थियों के साथ इबीजा फ़र्न रिज़ॉर्ट में पिकनिक
महिला दिवस पर आपसे कुछ सवाल शुभजिता के
गृहलक्ष्मी, दुर्गा, सरस्वती…जाने कितनी शुभकामनाएं….पर क्या स्त्री के सम्मान का यह मापदंड हो सकता है । हम यह सोच ही रहे थे कि वेबदुनिया पर हमें यह प्रश्न मिले और ऐसा लगा कि यह प्रश्न तो वह प्रश्न हैं जो हम भी पूछना चाहते हैं तो चलिए वेबदुनिया पर प्रीति सोनी ने जो शानदार प्रश्न पूछे हैं, वही शुभजिता भी आपसे पूछना चाहती है…चलिए अब बताइए –
1. क्या किसी बस, ट्रेन या सार्वजनिक स्थल पर खड़ी महिला को सीट देने के लिए आप पहल करते हैं, या फिर आप अपनी सीट पर बैठे-बैठे उन्हें परेशान होता देखना पसंद करते हैं?
2. क्या आप किसी महिला को उसके अच्छा या बुरा दिखने पर घूर-घूरकर ऊपर से नीचे तक बार-बार देखते हैं, या एक बार नजर देखने के बाद दूसरी बार ऐसा नहीं करते?.
3. किसी महिला की गलती होने पर आप उससे बदतमीजी से बात करते हैं, या सामान्य तरीके से उसे समझाने का प्रयास करते हैं?
4. सड़क पार कर रही, या वहां से गुजर रही महिला या किशोरी पर क्या आप अच्छा या बुरा कमेंट करते हैं, या सहयोगात्मक रवैया जताकर उसे निकलने के लिए रास्ता देते हैं?
5. क्या महिलाओं की निजता से जुड़ी किसी बात पर आप अकेले में या समूह में खिसियाकर अपनी हंसी छुपाने का प्रयास करते हैं?
6. क्या आपने कभी महिला या किसी युवती को अवांछित रूप से छूने का प्रयास किया है? अपने अनुसार परिस्थिति न बनने या आपकी बात न मानने पर आप महिलाओं के चरित्र को लेकर सवाल उठाते हैं ?
7. कुछ स्थितियों में क्या आप महिलाओं की मदद सिर्फ इसलिए करते हैं, कि आपको उन पर दया आ रही हो?
8. क्या आप अपने घर में या बाहर महिलाओं के लिए अपशब्द या गाली का प्रयोग करते हैं, या फिर उनपर हथ उठाने का प्रयास करते हैं?
9. क्या आप महिलाओं को केवल उसकी देह की दृष्टि से देखते हैं, या फिर उसका अपना कोई व्यक्तित्व और अस्तित्व है इस पर यकीन करते हैं?
10. किसी महिला के सफल होने या प्रतिष्ठा और कार्य के मामले में आपसे आगे निकल जाने की स्थिति में आप उसका उत्साहवर्धन करते हैं, या उसका उत्साह कम करने का प्रयास करते हैं ?
इन सारे सवालों के सही जवाब आप खुद जानते हैं, लेकिन अगर आपके जवाब, सही जवाबों से मेल नहीं खाते, तो आपको एक बार विचार करने की आवश्यकता है, खुद के लिए…कि क्या आप सच में नारी का सम्मान करते हैं।
(साभार – वेबदुनिया)
महाशिवरात्रि पर ऐसे पंचामृत
महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ का जल, दूध, घी, शहद, गन्ने के रस के साथ पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इतना ही नहीं, शिव भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में पंचामृत भी बांटा जाता है. आपको बता दें, पंचामृत पांच पवित्र चीजों से बनता है। इसे बनाने के लिए पांच अमृत सामग्री- दूध, दही, घी, शहद और चीनी का उपयोग किया जाता है। दरअसल, सभी देवी-देवताओं की पूजा में पंचामृत का उपयोग किया जाता है। लेकिन महादेव को यह बहुत प्रिय है. ऐसे में अगर आप भी महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजा के लिए घर पर पंचामृत बनाना चाहते हैं तो इस रेसिपी को अपनाएं।
पंचामृत बनाने के लिए सामग्री- 5-6 बड़े चम्मच दही, 1 बड़ा चम्मच घी, 2 कप दूध, 1 चम्मच सूखे मेवे, 2 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी,1 बड़ा चम्मच शहद, 4-5 तुलसी के पत्ते
पंचामृत बनाने की विधि- पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें। इसके बाद बर्तन में दूध, दही, घी, शहद और चीनी डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। आप चाहें तो इसके लिए ग्राइंडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इस मिश्रण में तुलसी के पत्ते और कटे हुए सूखे मेवे मिलाएं। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए पंचामृत तैयार है।
गोटा पट्टी से सजाएं साधारण सलवार कमीज
हम सभी को बाज़ार में खरीदारी करना बहुत पसंद होता है। इसलिए हम अक्सर ट्रेंडी डिज़ाइन वाले कपड़े पहनते हैं। लेकिन कई बार हम एक ही डिजाइन के कपड़े पहनकर थक जाते हैं। ऐसे में आप अपने सादे कपड़ों को फैंसी बनाने के लिए गोटा पट्टी का इस्तेमाल कर सकती हैं।
इसमें आपका लुक भी अच्छा लगेगा. इसके अलावा आपके कपड़ों का लुक भी बदल जाएगा। आइए हम आपको बताते हैं कि आप इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं.
सूट के गले पर प्रयोग करें -अगर आपको लगता है कि सूट की नेकलाइन प्लेन है तो आप इसे फैंसी बनाने के लिए इस पर गोटा पट्टी का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आपको एक पतली पट्टी लगानी होगी ताकि आप इसकी परत बना सकें। इसके बाद आप इससे चौकोर या बॉक्स डिजाइन बना सकते हैं। आप चाहें तो इसे सूट की स्लीव्स और बॉटम पर भी लगा सकती हैं। इसके साथ आपका सिंपल सूट अच्छा लगेगा।
सूट के किनारे पर गोटा पट्टी लगाएं – अगर आपको लगता है कि सूट में प्रिंट की कमी के कारण वह प्लेन दिखता है तो ऐसे में आप इसके किनारों पर गोटा का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए एक पतली पट्टी का प्रयोग करें। ऐसा स्कार्फ खरीदें जो सूट के रंग से मेल खाता हो और फिर आप चाहें तो इसे दुपट्टे के ऊपर भी पहन सकती हैं। इससे आपका सूट भी अच्छा लगेगा. इसके अलावा आप चाहें तो छोटे-छोटे फूलों के डिजाइन बनाकर भी गर्दन पर लगा सकती हैं।
प्रिंटेड सूट पर गोटा पट्टी लगाएं – अगर आपका सूट प्रिंटेड है तो आप उसे फैंसी बनाने के लिए गोटा पट्टी का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप इसे गर्दन और आस्तीन और नीचे के बॉर्डर पर लगा सकती हैं। इससे आपका सूट अच्छा दिखेगा। इसके लिए आप चाहें तो मोटे बकरे का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे पीस आपको बाजार में 20 से 40 रुपये में मिल जाएंगे ।
‘चिठ्ठी आई है, आई है चिठ्ठी आई’, गाने से मिली पंकज उधास को गायकी में पहचान
इस तरह संवारिए अपना छोटा सा घर
जरूरी नहीं है कि घर को सजाने के लिए बेहद महंगे शोपीस या अन्य महंगी चीजों का ही इस्तेमाल किया जाए। कई बार घर की सादगी ही उसकी असली खूबसूरती होती है। चूंकि घर आपका है तो उसमें अपनेपन का एहसास होना बहुत जरूरी है और एक घर तभी घर बनता है, जब आप उसे अपने हाथों से सजाते हैं। इसे अपने प्यार के रंगों से भरें. तो आज हम आपको घर को सजाने के कुछ बेहद आसान लेकिन बेहद उपयोगी टिप्स बता रहे हैं-
फर्नीचर को पुनर्व्यवस्थित करें – किसी भी घर में फर्नीचर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लेकिन हर बार फर्नीचर बदलना संभव नहीं है, लेकिन अगर आप अपने घर में बदलाव चाहते हैं तो इसे अपने घर की जगह के अनुसार पुनर्व्यवस्थित करें। हालाँकि, आप चाहें तो अपने फर्नीचर को ब्राइट पेंट करके नया लुक दे सकते हैं। यकीन मानिए यह छोटा सा बदलाव आपके घर का पूरा लुक बदल देगा।
एक केंद्र बिंदु बनाएं – कमरे में एक केंद्र बिंदु बनाने का प्रयास करें। जब आप किसी कमरे की एक दीवार को केंद्र बिंदु बनाते हैं, तो इसका फायदा यह होता है कि यह कमरे के पूरे स्वरूप को संतुलित करती है। साथ ही आपको कमरे में हर जगह सजावट पर पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है। इस प्रकार की सजावट जेब के अनुकूल होती है। हालाँकि, दीवार को केंद्र बिंदु बनाना आवश्यक नहीं है। आप कमरे में कोई बड़ा गमला रखकर या किसी अन्य तरीके से फोकल प्वाइंट बना सकते हैं।
पर्यावरण के अनुकूल बनें – अगर घर में हरियाली हो तो पूरा घर खूबसूरत दिखता है। पौधों की मदद से अपने घर को सजाने के कई फायदे हैं। ये सस्ते तो हैं ही, आपकी सेहत भी अच्छी रखते हैं. आप कई तरीकों से अपने घर में हरियाली ला सकते हैं। आप चाहें तो एक दीवार पर पौधे लगाकर उसे नया लुक दे सकते हैं या फिर अगर आपका घर छोटा है तो आप हैंगिंग प्लांटिंग की मदद भी ले सकते हैं। कोशिश करें कि घर में ऐसे पौधों को जगह दें जो किचन के साथ-साथ हवा को भी शुद्ध करने में आपकी मदद कर सकें।
दीवार को नया आकार दें – कमरे की दीवारें आपके पूरे कमरे की शान होती हैं। इसमें बदलाव करने से कमरे में जान आ जाती है। आप इसे कई तरीकों से नया लुक दे सकते हैं। चाहे आप दीवारों का रंग बदलना चाहें या फिर आजकल 3डी वॉल डिजाइन का चलन है जो कमरे को रियल लुक देता है।
छोटे परिवर्तन – अगर आप अपने घर में कुछ नया चाहते हैं तो छोटी-छोटी चीजों में बदलाव करें। जैसे आप कुशन कवर, टेबल रनर, बेडशीट, पर्दे आदि बदलते हैं। साथ ही घर के लिए ऐसे कुशन कवर, टेबल रनर, बेडशीट, पर्दे चुनें जो न सिर्फ घर में रंगत भरें बल्कि थोड़े अलग और फंकी भी हों।




