Saturday, April 4, 2026
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अटल बिहारी वाजपेयी की दो कविताएँ

अटल बिहारी वाजपेयी

क़दम मिलाकर चलना होगा

बाधाएँ आती हैं आएँ

घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,

पावों के नीचे अंगारे,

सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,

निज हाथों में हँसते-हँसते,

आग लगाकर जलना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में,

अगर असंख्यक बलिदानों में,

उद्यानों में, वीरानों में,

अपमानों में, सम्मानों में,

उन्नत मस्तक, उभरा सीना,

पीड़ाओं में पलना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

उजियारे में, अंधकार में,

कल कहार में, बीच धार में,

घोर घृणा में, पूत प्यार में,

क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,

जीवन के शत-शत आकर्षक,

अरमानों को ढलना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,

प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,

सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,

असफल, सफल समान मनोरथ,

सब कुछ देकर कुछ न मांगते,

पावस बनकर ढ़लना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

कुछ काँटों से सज्जित जीवन,

प्रखर प्यार से वंचित यौवन,

नीरवता से मुखरित मधुबन,

परहित अर्पित अपना तन-मन,

जीवन को शत-शत आहुति में,

जलना होगा, गलना होगा।

क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

हरी हरी दूब पर

ओस की बूंदे

अभी थी,

अभी नहीं हैं|

ऐसी खुशियाँ

जो हमेशा हमारा साथ दें

कभी नहीं थी,

कहीं नहीं हैं|

 

क्काँयर की कोख से

फूटा बाल सूर्य,

जब पूरब की गोद में

पाँव फैलाने लगा,

तो मेरी बगीची का

पत्ता-पत्ता जगमगाने लगा,

मैं उगते सूर्य को नमस्कार करूँ

या उसके ताप से भाप बनी,

ओस की बुँदों को ढूंढूँ?

 

सूर्य एक सत्य है

जिसे झुठलाया नहीं जा सकता

मगर ओस भी तो एक सच्चाई है

यह बात अलग है कि ओस क्षणिक है

क्यों न मैं क्षण क्षण को जिऊँ?

कण-कण मेँ बिखरे सौन्दर्य को पिऊँ?

 

सूर्य तो फिर भी उगेगा,

धूप तो फिर भी खिलेगी,

लेकिन मेरी बगीची की

हरी-हरी दूब पर,

ओस की बूंद

हर मौसम में नहीं मिलेगी|

पिकनिक का मजा बढ़ा देंगे ब्रेड स्नैक्स

ब्रेड उत्तपम

सामग्री – ब्रेड की चार स्लाइस, आधा कप सूजी, दो बड़े चम्मच मैदा, आधा कप दही, एक बारीक कटा टमाटर, एक बारीक कटी शिमला मिर्च, दो बारीक कटी, आधा कप बारीक कटा हरा धनिया, एक बड़ा चम्मच कसा अदरक, दो बारीक कटी हरी मिर्च, नमक स्वादानुसार, तेल आवश्यकतानुसार, पानी आवश्यकतानुसार

विधि – सबसे पहले ब्रेड के किनोरों को काटकर अलग निकाल लें। अब ब्रेड के सफेद हिस्से को सूजी, मैदा, पानी और दही के साथ मिक्स कर पीस लें और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। पेस्ट में टमाटर, शिमला मिर्च, प्याज, अदरक , हरी मिर्च और नमक मिलाएं।  मध्यम आंच में एक तवा पर थोड़ा सा तेल गरम करने के लिए रखें। तेल के गरम होते ही उत्तपम का तैयार पेस्ट डालें। एक साइड से सिक जाने के बाद इसे पलटकर दूसरे साइड से भी सुनहरा होने तक सेंक लें।  तैयार है ब्रेड उत्तपम। चटनी या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें।

नोट – आप चाहें तो थोड़ा सब्जियां बचाकर इसे ऊपर से भी डाल सकती हैं। उत्तपम को पलटते समय किनारों पर थोड़ा तेल लगा लें। पलटने में आसानी होगी।

ब्रेड पापड़ी चाट

सामग्री – आठ ब्रेड स्लाइस, एक छोटी कटोरी उबले हुए काबुली चने, एक छोटी कटोरी दही, दो छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, दो छोटा चम्मच जीरा पाउडर, दो छोटी चम्मच मीठी चटनी, दो छोटी चम्मच तीखी चटनी, नमक स्वादानुसार, तेल तलने के लिए, एक छोटी कटोरी नमकीन सेव, एक छोटी कटोरी बूंदी

विधि – सबसे पहले सभी ब्रेड्स को बीच में से गोलाकार शेप में काट लें। इसके बाद तेज आंच में एक पैन में तेल गरम करने के लिए रखें। तेल के गरम होते ही ब्रेड के कटे हुए पीस डालकर सुनहरा तल लें और एक प्लेट में निकालकर रख लें। एक बॉउल में दही में नमक डालकर अच्छे से फेंट लें। अब ब्रेड पर उबले काबुली चने फैलाएं। फिर उसके बाद आलू के टुकड़े रखें, दही डालें।  दही के ऊपर मीठी और तीखी चटनी डालकर लाल मिर्च पाउडर और जीरा पाउडर छिड़कें।  तैयार है ब्रेड पापड़ी चाट। नमकीन सेव और बूंदी से गार्निश सर्व कर खाएं और सर्व करें।

नोट – ब्रेड तेज आंच पर ही तलें क्योंकि ब्रेड बहुत ज्यादा तेल सोख लेती है। आप चाहें तो नमकीन सेव और बूंदियों के साथ अनार के दानों से भी गार्निश कर सकते हैं।

डब्ल्यूईएफ के वैश्विक विनिर्माण सूचकांक में भारत 30वें स्थान पर, जापान शीर्ष पर

विश्व आर्थिक मंच :डब्ल्यूईएफ: के वैश्विक विनिर्माण इंडेक्स में भारत को 30वें स्थान पर रखा गया है। इस सूची में भारत चीन से पीछे है। चीन पांचवें स्थान पर है। हालांकि, ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका की तुलना में भारत की रैंकिंग बेहतर है।

डब्ल्यूईएफ की भविष्य के उत्पादन की तैयारियों पर रिपोर्ट में जापान अव्वल रहा है। जापान में उत्पादन का ढांचा सबसे बेहतर आंका गया है। सूची में जापान के बाद दक्षिण कोरिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, चीन, चेक गणराज्य, अमेरिका, स्वीडन, आस्ट्रिया और आयरलैंड शीर्ष दस स्थान पर हैं।

ब्रिक्स राष्ट्रों में इस सूचकांक में रूस 35वें, ब्राजील 41वें और दक्षिण अफ्रीका 45वें स्थान पर रहा है।

रिपोर्ट में आधुनिक औद्योगिक रणनीतियों के विकास का विश्लेषण किया गया है और इसमें सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया गया है। इसमें 100 देशों को चार समूहों में वर्गीकृत किया गया है। ये हैं…अग्रणी (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य के लिए उच्चस्तर की तैयारियां), बेहतर संभावना (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य के लिये बेहतर संभावना), विरासती (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य में जोखिम) और उदीयमान (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य की तैयारियां भी निचले स्तर पर) ।

भारत को इस सूची में हंगरी, मेक्सिको, फिलिपींस, रूस, थाइलैंड तथा तुर्की सहित अन्य देशों के साथ विरासत वाले वर्ग में रखा गया है। चीन अग्रणी देशों में शामिल है। जबकि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शुरुआती स्तर वाले वर्ग में हैं।

डब्ल्यूईएफ की यह रिपोर्ट उसकी इसी महीने दावोस, स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्षिक बैठक से पहले आई है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि इस सूची में शीर्ष 25 देशों को उत्पादन प्रणाली में होने वाले बदलावों का सबसे अधिक लाभ होगा।

भारत के बारे में डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और भारत में विनिर्मित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत का विनिर्माण क्षेत्र सालाना आधार पर औसतन सात प्रतिशत बढ़ा है। विनिर्माण क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: में 16 से 20 प्रतिशत योगदान है।

सर्दियों में स्वेटर से बरकरार रखिए फैशन की गरमाहट

भारी-भारी वुलन कपड़ों को पहनने में बाद कहीं आप भी तो अपने स्टाइल और फैशन को नहीं भूल जाते। या फिर आपने भी मान लिया कि सर्दियों ने आपके स्टाइल स्टेटमेंट को भी जकड़ लिया है। अगर आपको भी ऐसा लगने लगा है तो इसका मतलब ‌कि आप अपनी शारीरिक बनावट के हिसाब से स्वेटर नहीं चुन पा रहे हैं, नहीं तो सर्दियां तो होती ही है स्टाइल में रहने के लिए। मतलब एक से बढ़कर एक जैकेट, स्वेटर सब कुछ पर्सनलिटी को चार चांद जो लगा देता है।

इस सर्दियों अगर आप इस हिसाब से वुलन वियर खरीदेंगे तो शर्त लगा लीजिए ये सर्दियां भी आपको स्टाइल को जकड़ नहीं पाएगी।

बटन या जिप वाले स्वेटर्स

थोड़े हेल्दी या हेवी पर्सनलिटी वाले लोगों के लिए बटनटार स्वेटर या जिपर सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। इन्हें पहनने से उनका लुक थोड़ा सा स्लिम लगेगा। हां, थोड़ी पतली काया वाले लोग चाहें तो लूज जिपर ट्राइ कर सकते हैं जो जैकेट जैसा लुक देंगे।

सदाबहार कार्डिगन्स

पुरुष, कार्डिगन्स का समझदारी से चयन करें तो ये हर दौर में फैशनेबल व ग्रेसफुल लगेंगे। खास तौर पर खाकी ट्राउजर या कॉटराय ट्राउजर के साथ ये बेहद स्मार्ट और स्टाइलिश लुक देंगे। बहुत अच्छी पर्सनलिटी वाले लोगों के लिए ये विकल्प बेहतरीन है।

टर्टल नेक स्वेटर्स

बहुत अधिक ठंड में लंबे गले के यानी टर्टल नेक स्वेटर बहुत ज्यादा इस्तेमाल में आते हैं। ये स्वेटर बहुत अधिक पतले या लंबे गले वाले लोगों के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। आप इन्हें किसी भी सेमीफॉर्मल जैकेट के भीतर भी ट्राइ कर सकते हैं। खासतौर पर प्लेन टर्टन लेक स्वेटर जैकेट के साथ पहनने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

गोल गला या क्रयू नेक स्वेटर्स

वैसे तो गोल गले के स्वेटर्स सदाबहार होते हैं और इन्हें हर तरह की बनावट वाले लोग पहन सकते हैं फिर भी ये युवाओं पर सबसे ज्यादा फबते हैं। खासतौर पर किसी भी कैजुअल ब्लू जीन्स पर गोल गले के स्वेटर बिल्कुल कैजुअल और कंफर्टेबल लुक देते हैं। बहुत अधिक लंबे और बहुत पतले लोगों के लिए ये सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।

सर्दियों में पुरुष रखें अपनी त्वचा का ख्याल

सर्दियों में ठंडी हवाओं की वजह से त्वचा की नमी गायब हो जाती है और त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है। ऐसा सिर्फ महिलाओं ही नहीं बल्कि पुरुषों की त्वचा के साथ भी होता है। पुरुषों की त्वचा महिलाओं की स्किन से थोड़ी अलग होती है। इसलिए दोनों की स्किन के लिए ट्रीटमेंट भी अलग-अलग होते हैं। पुरुषों को सर्दियों के दौरान अपनी त्वचा में नमी बरकरार रखने के लिए सही ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे त्वचा में बिना किसी तरह का नुकसान पहुंचे नमी को बरकरार रखा जा सके। तो चलिए जानते हैं कि सर्द हवाओं के बीच पुरुष अपनी त्वचा को नम कैसे रखें।

अगर आपकी त्वचा शुष्क है तो सर्दियों में इसे हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप नेचुरल फेस मॉइश्चराइजर्सर का इस्तेमाल कर सकते हैं। नहाने के बाद और सोने से पहले दिन में दो बार मॉइश्चराइजर लगाने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है।

सर्दियों में होंठ रूखे होकर फटने लगते हैं। ऐसे में केमिकलयुक्त लिप बाम के इस्तेमाल की जगह ऑर्गेनिक लिप बाम का इस्तेमाल करना चाहिए। दिन भर में कई बार और सोने से पहले लिप बाम लगाने से होंठ सर्दियों में भी नर्म बने रहते हैं।

सर्दियों में त्वचा की ऊपरी परत कसी हुई होती है। ऐसे में रेजर से शेविंग करने से कटने-पिटने का खतरा बढ़ जाता है। खास तौर पर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो आपको शेविंग में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सर्दियों में शेविंग के लिए इलेक्ट्रिक ट्रिमर का इस्तेमाल ज्यादा सही रहता है। इससे कटने-छिलने की आशंका कम होती है।

सन्सक्रीम का इस्तेमाल गर्मियों में सूरज की पराबैगनी किरणों से बचने के लिए किया जाता है। लेकिन सर्दियों में भी अगर आप तीस मिनट या उससे ज्यादा वक्त के लिए बाहर रहते हैं तो आपको अपनी त्वचा पर सन्सक्रीम लगा लेना चाहिए।

अल्ट्रा मॉइश्चराइजिंग हैंड लोशन सर्दियों में आपके फटे हाथों से निजात दिलाने में मदद करता है। इसके लिए एख ऐसे नेचुरल हैंड लोशन का इस्तेमाल करें जो स्किन को हाइड्रेटेड रखे और त्वचा पर कोई तैलीय परत न छोड़े।

गुलाबी गैंग के बाद अब बनीं लाल गैंग, महिलाओं की कर रहीं है मदद

शराबियों को सबक सिखाने एक साल पहले रहली क्षेत्र में बनी गुलाबी गैंग से प्रेरित होकर जिले में महिलाओं की मदद के लिए अब एक नई गैंग तैयार हुई है, नाम है लाल गैंग। इस गैंग की महिलाओं द्वारा गरीब, अनपढ़ महिलाओं की मदद के लिए कार्य किया जाता है। गैंग में फिलहाल 9 महिलाएं शामिल हैं, जो घरेलू कार्यों के साथ महिलाओं की मदद के लिए भी कार्य करती हैं।

अधिकारियों को आवेदन देकर बताती हैं समस्याएं

लाल गैंग की सदस्य सपना चौरसिया ने बताया कि हमारी गैंग में कोई अध्यक्ष, उपाध्यक्ष नहीं बल्कि सभी सदस्य हैं। हम लोग अपने-अपने क्षेत्र की महिलाओं की राशन, पेंशन, कुटीर, घरेलू हिंसा सहित अन्य कई समस्याओं का आवेदन तैयार करके अधिकारियों को अवगत कराते हैं ताकि घरों में चूल्हा फूंकने वाली इन गरीब महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं पढ़ी लिखी नहीं होने के कारण हम लोग उनका आवेदन बनाकर उनकी मदद करते हैं।

दिल्ली की मैडम देती हैं प्रशिक्षण

दल की सदस्यों का कहना है कि दिल्ली की एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी की मैडम हम लोगों को इस संबंध में ट्रेनिंग देती हैं कि कैसे कार्य करें और महिलाओं की समस्या कैसे दूर करें। इसमें एक कानूनी सलाहकार नरेंद्र अहिरवार भी हमारी मदद करते हैं, जिसके बाद हम लोग इन महिलाओं की मदद करते हैं। इसलिए इन महिलाओं की मदद के लिए मंगलवार को हम लोग यहां इन महिलाओं को लेकर आए हैं ताकि उनकी समस्याएं दूर हो सके। दल की सदस्यों का कहना है कि टीवी और अखबारों में जिले में एक गुलाबी गैंग की खबर पढ़ी थी, जो शराब के लिए अभियान चलाती है। इस गैंग की लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं दिखी तो हम लोग महिलाओं की मदद के लिए यह कार्य कर रहे हैं।

पाक टीवी एंकर का अनोखा विरोध, न्यूज रूम मे साथ लेकर आई बेटी

पाकिस्तान में एक न्यूज चैनल की महिला एंकर न्यूज रूम में अपनी मासूम बेटी को भी साथ लेकर आई और उसकी यह बेटी नेशनल चैनल पर लाइव दिखाई गई। महिला एंकर ने यह कदम एक ऐसी घटना के विरोध में उठाया है जिसका विरोध पूरे देश में हो रहा है। एंकर के इस कदम के चलते उसकी खूब तारीफ भी हो रही है।

खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कासुर जिले में रहनेवाली 8 वर्षीय बच्ची का पिछले हफ्ते अपहरण हो गया था। मंगलवार को उसका शव कचरे के ढेर पर मिला। बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की इस घटना ने पूरे मुल्क को हिला दिया और अब जगह-जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस घटना के विरोध में पाक मीडिया भी उतर आया है और इसी के चलते टीवी एंकर किरन नाज न्यूज रूम में अपनी बेटी को लेकर पहुंची। उन्होंने देश के लोगों को बताया कि कैसे वो मासूम बच्ची जैनब के साथ हुई घटना का दर्द महसूस करती हैं। नाज के इस कदम की चारों तरफ तारीफ हो रही है।

एक पाक पत्रकार ने उनका यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि शायद ही कभी कोई महिला पत्रकार अपने न्यूज कास्ट में अपनी बेटी को लेकर आई हो। पाकिस्तान ही नहीं भारत में भी लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर लिखा है कि शानदार एंकरिंग और रिपोर्टिंग, भारत में भी ऐसी ही रिपोर्टिंग की जरूरत है।

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना स्वैच्छिक है: उच्चतम न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने अपने 2016 के आदेश में सुधार करते हुये सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाने को अब स्वैच्छिक कर दिया है।

शीर्ष अदालत ने 30 नवंबर, 2016 के अपने आदेश में संशोधन करते हुये राष्ट्रगान बजाने को स्वैच्छिक कर दिया। इससे पहले, न्यायालय ने अपने आदेश में फिल्म के प्रदर्शन से पहले सिनेमाघरों के लिये राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य बना दिया था।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि केन्द्र द्वारा गठित 12 सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी समिति सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

पीठ ने कहा कि समिति राष्ट्रगान बजाने से संबंधित सारे पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी। इसके साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ताओं को इस समिति के समक्ष अपना प्रतिवेदन रखने की अनुमति प्रदान कर दी।

पीठ ने उसके समक्ष लंबित याचिकाओं का निस्तारण करते हुये कहा कि राष्ट्रीय सम्मान के अनादर की रोकथाम कानून 1971 में संशोधन के बारे में सुझाव देने के लिये 12 सदस्यीय समिति गठित की जा चुकी है।

अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को सूचित किया कि यह समिति छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

यूपी की लड़की ने बनाया रेप-प्रूफ अंडरवियर

हमारे देश में हर रोज रेप की इतनी घटनाएं होती हैं कि अखबार के किसी न किसी कोने में दो चार खबरें जरूर होती हैं। क्या करें, तमाम कोशिशों के बावजूद मर्दों की मानसिकता में कोई सुधार आ ही नहीं पाता। शायद यही वजह है कि रेप से बचने के लिए लड़कियां खुद ही कोई आइडिया खोजकर लाती हैं। पेपर स्प्रे और आत्मरक्षा के लिए आपने कई सारी तरकीबों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप ‘रेप प्रूफ अंडरवियर’ के बारे में जानते हैं? देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले की रहने वाली सीनू कुमारी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो रेप को रोकने के साथ ही रेपिस्ट को पकड़ने में कारगर साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी रेप की घटनाएं बेहद आम हैं। सीनू ने जो डिवाइस बनाई है उसमें कैमरा, जीपीएस जैसी खूबियों से लैस है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस में एक इमरजेंसी कॉलिंग का बटन भी लगा हुआ है। सीनू का मानना है कि इस खोज से रेप जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और आसानी से कार्रवाई भी की जा सकेगी। इसमें लगे कैमरे से रेपिस्ट का चेहरा कैप्चर किया जा सकेगा और एक क्लिक पर मदद के लिए कॉल भी की जा सकेगी।

सीनू का कहना है कि महिलाओं को इसे हर समय पहनने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अकेले सफर करने के दौरान वे इसे पहन सकती हैं। सीनू के इस प्रयोग को राष्ट्रीय खोज संस्थान इलाहाबाद में रजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिया गया है। सीनू ने सात साल की बच्ची के साथ रेप की घटना की खबर सुनकर कुछ करने के बारे में सोचा था। उन्हें इस घटना ने विचलित कर दिया था। जिसके बाद वे खुद को कुछ करने से रोक नहीं पाईं।

सीनू ने बताया की इसमें लगे जीपीएस की मदद से परिवार और पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा। साथ ही कैमरे के जरिए उन्हें आरोपी की पहचान भी मिल जाएगी। इसमें लगा कॉम्बिनेशन लॉक एक खास कोड डालने पर ही खुलेगा। सीनू अभी बीएससी कर रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे कुछ ऐसा करना चाहती थी, जो महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने में मददगार हो। रेप के अधिकतर मामलों में आरोपी की पहचान साबित न होने के कारण उन्हें सजा नहीं मिल पाती। सीनू की खोज शायद रेप की शिकार लड़कियों की मदद कर सके।

यूपी की लड़की ने बनाया ‘रेप-प्रूफ’ अंडरवियर

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हमारे देश में हर रोज रेप की इतनी घटनाएं होती हैं कि अखबार के किसी न किसी कोने में दो चार खबरें जरूर होती हैं। क्या करें, तमाम कोशिशों के बावजूद मर्दों की मानसिकता में कोई सुधार आ ही नहीं पाता। शायद यही वजह है कि रेप से बचने के लिए लड़कियां खुद ही कोई आइडिया खोजकर लाती हैं। पेपर स्प्रे और आत्मरक्षा के लिए आपने कई सारी तरकीबों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप ‘रेप प्रूफ अंडरवियर’ के बारे में जानते हैं? देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले की रहने वाली सीनू कुमारी ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो रेप को रोकने के साथ ही रेपिस्ट को पकड़ने में कारगर साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी रेप की घटनाएं बेहद आम हैं। सीनू ने जो डिवाइस बनाई है उसमें कैमरा, जीपीएस जैसी खूबियों से लैस है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस में एक इमरजेंसी कॉलिंग का बटन भी लगा हुआ है। सीनू का मानना है कि इस खोज से रेप जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और आसानी से कार्रवाई भी की जा सकेगी। इसमें लगे कैमरे से रेपिस्ट का चेहरा कैप्चर किया जा सकेगा और एक क्लिक पर मदद के लिए कॉल भी की जा सकेगी।

सीनू का कहना है कि महिलाओं को इसे हर समय पहनने की जरूरत नहीं है। सिर्फ अकेले सफर करने के दौरान वे इसे पहन सकती हैं। सीनू के इस प्रयोग को राष्ट्रीय खोज संस्थान इलाहाबाद में रजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिया गया है। सीनू ने सात साल की बच्ची के साथ रेप की घटना की खबर सुनकर कुछ करने के बारे में सोचा था। उन्हें इस घटना ने विचलित कर दिया था। जिसके बाद वे खुद को कुछ करने से रोक नहीं पाईं।

सीनू ने बताया की इसमें लगे जीपीएस की मदद से परिवार और पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा। साथ ही कैमरे के जरिए उन्हें आरोपी की पहचान भी मिल जाएगी। इसमें लगा कॉम्बिनेशन लॉक एक खास कोड डालने पर ही खुलेगा। सीनू अभी बीएससी कर रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे कुछ ऐसा करना चाहती थी, जो महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने में मददगार हो। रेप के अधिकतर मामलों में आरोपी की पहचान साबित न होने के कारण उन्हें सजा नहीं मिल पाती। सीनू की खोज शायद रेप की शिकार लड़कियों की मदद कर सके।