मुम्बई : करीब चार दशकों तक अपने दमदार अभिनय और दिलकश अदाओं से सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में बीती रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ‘‘सदमा’’, ‘‘चांदनी’’, ‘‘लम्हे’’ से लेकर ‘‘इंग्लिश विंग्लिश’’ और ‘‘मॉम’’ आदि फिल्मों में तक विविधतापूर्ण किरदारों को पर्दे पर सजीव बनाने वाली श्रीदेवी 54 वर्ष की थीं।
फिल्म निर्माता बोनी कपूर से विवाह करने वाली श्रीदेवी की दो पुत्रियां… जाह्नवी और खुशी हैं। वर्ष 2013 में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकीं श्रीदेवी ने अपने अभिनय की शुरूआत चार साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘‘थुनाइवन’’ से 1969 में की। मलयालम, तेलुगु ओर कन्नड़ फिल्मों में अभिनय की अपनी सफल पारी के बाद श्रीदेवी दक्षिण भारतीय फिल्मों का एक लोकप्रिय चेहरा बन गईं।
बॉलीवुड में उन्होंने अपना कदम फिल्म ‘‘सोलवां सावन’’ से रखा। यह फिल्म 1978 में आई लेकिन श्रीदेवी को पहचान नहीं दे पाई। पांच साल बाद श्रीदेवी फिल्म ‘‘हिम्मतवाला’’ में अभिनेता जीतेंद्र के साथ आईं और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी।‘‘हिम्मतवाला’’ के बाद श्रीदेवी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और नायक प्रधान फिल्मों के दौर में उन्होंने ‘‘मवाली’’ (1983), ‘‘तोहफा’’ (1984), ‘‘मिस्टर इंडिया’’ (1987), ‘‘चांदनी’’ (1989), ‘‘चालबाज’’ (1989), ‘‘लम्हे’’ (1991) और ‘गुमराह’ (1993) जैसी फिल्में दीं। बॉक्स ऑफिस पर हिट कहलाने वाली इन फिल्मों के बीच उनकी फिल्म ‘‘सदमा’’ एक अलग पहचान रखती है। यह फिल्म 1983 में आई थी।
फिल्म ‘‘जुदाई’’ में उन्होंने अनिल कपूर और उर्मिला मातोंडकर के साथ काम किया। इसके बाद ही श्रीदेवी ने अनिल कपूर के बड़े भाई बोनी कपूर से विवाह किया और करीब 15 साल तक रूपहले पर्दे पर नजर नहीं आईं। इस लंबे अंतराल में अपनी दो बेटियों की परवरिश करने के बाद श्रीदेवी साल 2012 में गौरी शिंदे के निर्देशन में बनी ‘‘इंग्लिश विंग्लिश’’ में नजर आईं। इस फिल्म में श्रीदेवी अपनी ‘‘ग्लैमर क्वीन’’ की छवि से बिल्कुल अलग, मध्यम वर्गीय गृहणी की भूमिका में नजर आईं जो इंग्लिश बोलने की चाहत इसलिए रखती है कि उसका परिवार उसकी अहमियत समझे।
बीते साल वह ‘‘मॉम’’ फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी ओर अक्षय खन्ना के साथ दिखाई दीं। उन्होंने अभिनेता शाहरूख खान की आगामी फिल्म ‘‘जीरो’’ में एक अतिथि भूमिका के लिए भी शूटिंग की। यह फिल्म दिसंबर में रिलीज होगी। श्रीदेवी ने अपनी अंतिम श्वांस दुबई में ली जहां वह अपने परिवार के साथ अपने भतीजे मोहित मारवाह के विवाह समारोह में शामिल होने गई थीं।
श्रीदेवी के परिवार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि विवाह समारोह के बाद कुछ संबंधी दुबई से भारत लौट आए थे, लेकिन श्रीदेवी और उनकी छोटी बेटी खुशी दुबई में रूक गई थीं। श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी अपनी पहली फिल्म की शूटिंग की वजह से मुंबई में ही थीं।




खूबसूरत बनाने वाली हर चीज पर आपकी नजर होती है और कब यह आपका तनाव बन जाती है, खुद आपको पता ही नहीं चलता…। आपको पता ही नहीं चलता कि कब आपके हँसते हुए चेहरे की चमक कोई ब्रांडेड लिपस्टिक की ख्वाहिश छीन लेती है।
दिक्कत है कि ऐसा है नहीं। आप डायटिंग करने लगती हैं…आप हर वो चीज छोड़ देती हैं जो आपको बहुत प्यारी थीं। आपकी कमर की चर्बी कम होती जाती है और आपको पता ही नहीं चलता है कि कब वह कुपोषण में तब्दील हो जाता है। आप अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए महँगे से महँगा फेसपैक लगाती हैं, कई बार आप इसके लिए किसी विशेषज्ञ से ज्यादा विज्ञापन पर भरोसा करती हैं मगर क्या आपको नहीं लगता कि हर रंग की अपनी खूबसूरती होती है और नकली आवरण ओढ़कर प्राकृतिक खूबसूरती नहीं पायी जा सकती है।
आप अपनी पूरी ताकत और ऊर्जा बस सुन्दर बनने के पीछे खर्च कर देती हैं और इस बीच आपको याद भी नहीं रहता है कि आपमें इतनी खूबियाँ हैं कि आपको नकली चेहरा ओढ़ने की जरूरत ही नहीं है। हर रंग खूबसूरत है….जी हाँ…साँवला रंग भी बेहद खूबसूरत होता है…आपको त्वचा के पोषण पर ध्यान देने की जरूरत है। खुद को भूखा रहकर और तमाम मेकअप और तामझाम के बाद आयी सुन्दरता की जरूरत आपको नहीं है।
प्रकृति के करीब जाइए और कभी अपनी माँ – दादी – नानी को गौर से देखिए…..उनकी खूबसूरती को महँगे सौंदर्य प्रसाधनों की जरूरत नहीं पड़ी थी। आपका दिल साफ होगा तो उसकी चमक आपकी निश्चल हँसी में दिखायी पड़ेगी…अपने – आप को स्वीकार करना सीखिए…..खूबसूरती की पहली चमक तो वहीं से आ सकती है।




