Saturday, June 20, 2026
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कोरोना काल के भगवान

उत्कर्ष जायसवाल 

शिक्षण संस्थान – पूर्वान्चल विद्यामंदिर

शुभजिता क्लासरूम – पाठ – राम-लक्ष्मण -परशुराम संवाद

शिक्षिका – नीलम सिंह, वाराणसी

कक्षा -10

पाठ्यपुस्तक – एन. सी. ई. आर. टी  हिंदी पाठ्यक्रम क्षितिज कोर्स ‘अ’

लॉकडाउन और मेरे अनुभव

निखिता पांडेय

‘लॉकडाउन’ कभी नहीं सोचा था किसी ने की मनुष्य के जीवन पर कभी भी तालाबंदी हो सकती है।मगर यह भी संभव हुआ और इस कदर हावी हुआ कि आज दो माह से हम मनुष्य जाति अपने घरों में बंद हैं और पता नहीं कि यह लॉकडाउन कब खत्म हो?इसकी शुरुआत कोरोना महामारी के कारण हुई और यह देश-विदेश में फैलकर यह समस्या सर्वव्यापी हो गई है।इस समस्या के दौर में आर्थिक क्षति काफी हो रही है और देश की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई है क्योंकि कर्म संस्थान, शिक्षण संस्थान सभी बन्द हैं।लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’अर्थात घर से ही काम करना पड़ रहा है और बहुत से गैर-सरकारी कर्म संस्थानों से कर्मचारियों को निकाला जा रहा है।बहुत ही भयावह और दुखद स्थिति हो गयी है।मेरी तृतीय वर्ष की फाईनल परीक्षा स्थगित हो गयी और इस बीच मानसिक तनाव होना स्वाभाविक है।परंतु इस तनाव से उबरने के लिए जीवन को पहले जैसे जी रही थी,वैसे ही इसमें भी जी सकूँ, उसमें कुछ परिवर्तन किये हैं।जैसे पहले योग करने का समय न रहता था,अब हर सुबह योग करती हूं, जिससे सकारात्मकता हर दिन बढ़ती रहे।फिर दूरदर्शन पर रामायण,महाभारत और उपनिषद गंगा जैसे पौराणिक धारावाहिक को वापस से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ,उसे देखकर मन में जीवन जीने का उद्देश्य,पारिवारिक रिश्ते-नातों को समझने की एक नयी सीख मिली।फिर वापस अपनी पढ़ाई नित जैसे करती थी,वैसे ही अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हूं।परिवार के बीच समय बिताने का सुखद पल मिला,उसे जीती हूं-कभी लूडो,चेस और कैरम बोर्ड के खेल खेलकर।बाहर के बच्चों को गलियों में खेलते हुए देखती हूं,कभी-कभी मैं भी खेलती हूँ।25 मार्च से अब तक लगभग सात कविताएं,एक कहानी और एक निबंध लिख चुकी हूं।क्योंकि मुझे कविताएं,कहानी तथा उपन्यास पढ़ना बहुत पसंद है और लिखते रहना मेरी आदत है।हर दिन कुछ-न-कुछ लिखती हूँ।इसी तरह समय कट रहा है।इसके अलावा चित्रकारी कर रही और उपयोग की वस्तुएं बना रही हूं।कुछ दिन पहले कुछ ज़रूरतमंदों को राहत सामग्री प्रदान की।मन में बहुत संतोष हुआ।इसी बीच ‘अम्फान’ नामक तूफ़ान आया,बहुत क्षति।बिजली और पानी हमारे इलाके में 95 घंटे के बाद मिली।अभी भी बहुत में समस्या निहित है।इन दो माहों के समय का विस्तार मैं इसी रुप में कर पाई।यह मेरे लॉकडाउन का अनुभव था,जितना हो सके सकारात्मक बने रहें और सच्ची खबरों से जुड़े रहें।सभी घर पर रहें, स्वस्थ रहें और बाहर जाना पड़े तो सामाजिक दूरी और मास्क का प्रयोग अवश्य करें।

 

शुभजिता युवा सृजन चुनौती – संस्कृत

प्रतिभागी – शुभांगी उपाध्याय

संस्कृत श्लोक – श्रीमद्भगभतगीता

-कर्मयोग

घरेलू हिंसा बनती है हर साल 10 हजार से अधिक महिलाओं की मौत का कारण

आ गया ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ का बांग्ला संस्करण
अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और स्वयं के साथ बनाया है
कोलकाता : लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। इस परिस्थिति को देखते हुए ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ नामक जागरूकता वीडियो हिन्दी में बनाया गया था। अब इसका बांग्ला संस्करण भी आ गया है जिसे अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और स्वयं के साथ बनाया है। इस वीडियो में ऋचा शर्मा, अपर्णा सेन, उषा उत्थुप, परमब्रत चटर्जी, विक्रम घोष, कोन्कना सेन शर्मा, आदिल हुसैन तथा जया सील ने काम किया है। इन हस्तियों ने घरेलू हिंसा पर चुप न रहने और राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन के जरिए शिकायत करने की सलाह दी है। अक्षरा सेन्टर ने डेविड एंड गोलिथ फिल्म और ‘स्वयं’, स्पेशल सेल फॉर विमेन एंड चिल्ड्रेन के साथ महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से कई हस्तियों को लेकर हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी में घरेलू हिंसा के खिलाफ यह जागरूकतामूलक वीडियो बनाया है। गत 19 अप्रैल को महाराष्ट्र सरकार ने ट्विटर पर यह वीडियो जारी किया था जिसे 5.5 मीलियन लोगों ने देखा। डेविड एंड गोलिथ फिल्म के चेयरमैन लाल भाटिया तथा निदेशक इमरान जाकी तथा ऋचा शर्मा ने इस अभियान की तारीफ की। अक्षरा सेंटर की सह निदेशक नन्दिता शाह ने कहा कि घरेलू हिंसा न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ रही है और ‘लॉकडाउनऑनडोमेस्टिकवायलेंस’ को लेकर वह खुश हैं। तथा ‘स्वयं’ की निदेशक अनुराधा कपूर ने कहा कि घरेलू हिंसा के कारण हर साल 10 हजार महिलाएँ आत्महत्या करने पर मजबूर होती हैं या उनकी हत्या कर दी जाती है। लॉकडाउन ने घर को भी महिलाओं के लिए असुरक्षित बना दिया है और यह पहल राज्य महिला आयोग की हेल्पलाइन साझा करने के लिए है। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन लीना गंगोपाध्याय ने कहा कि यह वीडियो समय की जरूरत है।

पूरा वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं

सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन ने हुगली में की जरूरतमंदों की मदद

कोलकाता : कोलकाता की सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्था सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से तीसरे चरण में हुगली जिले के रिसडा में ग्वालपाड़ा ,वेलिंगटन जूटमिल और एस एन रोड अंचल में 40 जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित किया गया ।कोरोना महामारी और अम्फन चक्रवात के कारण उपस्थित स्थिति से निपटने के लिए संस्था के सदस्यों ने लोगों से आग्रह किया कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग रखें ।यह समय डरने का नहीं बल्कि समझदारी के साथ लड़ने का है ।रिसडा में राहत सामग्री बांटने का काम संस्था के सदस्य रामाशंकर सिंह, प्रकाश त्रिपाठी, पंकज सिंह, पंकज पांडे, दीपक ठाकुर,शम्भू सिंह,आर गुस्ताख एवं राकेश यादव ने किया।

ईद : शेयरचैट पर 40 लाख से ज्यादा वॉट्सऐप शेयर और प्लैटफॉर्म पर 30 करोड़ व्यूज़ मिले

कोलकाता : भारत में निर्मित सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म शेयरचैट इस साल ईद पर बड़ी तादाद में प्रयोक्ताओं की सक्रियता का गवाह बना। हिंदी, पंजाबी, तमिल, मलयालम, तेलुगू, कन्नड़, उर्दू, गुजराती, मराठी, बंगाली, ओड़िया और असमी भाषाओं 10 लाख से ज्यादा यूजीसी कॉन्टेंट की रचना हुई।
विभिन्न भाषा बोलने वाले प्रयोक्ताओं ने 10 लाख से ज्यादा विविधतापूर्ण कॉन्टेंट पोस्ट प्लैटफॉर्म पर भेजीं, जिन्हें 40 से अधिक बार शेयर किया गया और शेयरचैट प्लैटफॉर्म पर 30 करोड़ से ज्यादा व्यूज़ प्राप्त हुए। अन्य कॉन्टेंट के बीच ईद की शुभकामना देने वाले कॉन्टेंट शीर्ष पर रहे जिनमें लोगों ने चांदनी रात वाले शुभकामना के वीडियो, इमेज, टैक्स्ट पोस्ट तथा ईद की मुबारकबाद वाले वीडियो इमेज पोस्टर अपने प्रियजनों के साथ साझा किए। प्रयोक्ताओं ने घर में बनी सेवईयों समेत स्वादिष्ट व्यंजनों की रेसिपी और तस्वीरें भी साझा कीं। इस खास दिन का जश्न मनाने के लिए बहुत से प्रयोक्ताओं ने ईद की मुबारकबाद वाले वीडियो संदेश व बॉलीवुड गाने भी शेयर किए। इस पाक मौके पर प्रयोक्ताओं ने अपनी सेल्फी साझा की और वीडियो एवं इमेज पोस्ट कर के सोशल डिस्टेंसिंग संदेश भी शेयर किए।
ईद संबंधी यूजीसी कॉन्टेंट पोस्ट करने के मामले में मलयालम भाषा सबसे ऊपर रही- 75000 यूजीसी पोस्ट और 12 लाख से ज्यादा वॉट्सऐप शेयर। मलयालम भाषा के कॉन्टेंट को 15 करोड़ से अधिक व्यूज़ प्राप्त हुए (कुल व्यूज़ का 50 प्रतिशत)।
इसके बाद बांग्ला और हिन्दी का नंबर रहा। बांग्ला में 30,000 और हिंदी में 22000 यूजीसी पोस्ट किए गए। बंगाली को 3 लाख से अधिक वॉट्सऐप शेयर और 3 करोड़ व्यूज़ मिले। हिंदी को 4 लाख से ज्यादा वॉट्सऐप शेयर और 2 करोड़ 20 लाख से अधिक व्यूज़ प्राप्त हुए।

कोविद- 19 में युवाओं की चुनौतियों पर भवानीपुर कॉलेज और आईसीएआई की पैनल वार्ता

कोलकाता : भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज और द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की सहभागिता से ऑनलाइन पैनल वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिष्ठित सीए, सीएस और कॉर्पोरेट उद्योग जगत के विशिष्ट लोगों ने अपने मूल्यवान विचारों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। “कोविद 19 के दौर में युवाओं के लिए अवसर और डर” विषय को केंद्र में रखते हुए रोजगार के अवसर, उद्योगों की स्थिति, बड़े बड़े फर्मों, बैंकिंग सेक्टर की स्थिति, आने वाली आर्थिक मंदी से किस प्रकार निपटना होगा, कॉर्पोरेट और जमीनी स्तर पर हो रही बाधाओं, संरचनात्मक संसाधनों की कमी और उद्योग करने में कानूनी कठिनाइयां आदि विभिन्न पहलुओं पर पैनल वार्ता में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथियों में सीएम ए बलविंदर सिंह, अध्यक्ष डॉ. डी. पी. नंदी (वरिष्ठ डायरेक्टर कॉस्ट एकाउंटेंट्स इंस्टीट्यूट)प्रमुख वक्ताओं में सीएस अशोक पारीक (डायरेक्टर श्रेयी ग्रुप), नीहार वासा (पीडब्ल्यूसी), शौभिक राय (फेडरल बैंक), प्रो. दिलीप शाह(डीन भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज) रहे।भर्ती को लेकर कोविद 19 के समय लॉक डाउन से आर्थिक मंदी की भयावह स्थितियां बन गयी हैं जिससे सभी उद्योग धंधों में डर का वातावरण व्याप्त है। भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में कर्मचारियों की छंटनी और बेरोजगारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आने वाली पीढ़ी को नये सिरे से उद्योगों को विकसित करने के लिए सोचना होगा।
बी.कॉम के 153 विद्यार्थियों ने इस वेबिनार में भाग लिया। वर्तमान समय में” घर से ऑफिस कार्य प्रणाली” पर चर्चा की गयी जो आनेवाले समय में पदाभिलाषियों के लिए महत्त्वपूर्ण चुनौती है। वक्ताओं ने कहा कि अब स्नातक स्तर से ही अब व्यवसाय और कार्यों के लिए सोचने का समय है। अपने कौशल और व्यावहारिक यानी प्रैक्टिकल ज्ञान पर बल देने की आवश्यकता है। वर्तमान में उपयोगी सीखने के प्लेटफार्म पर अपने व्यक्तित्व और कम्युनिकेशन कौशल के द्वारा अवसर तलाशना होगा। ज्यादा से ज्यादा ज्ञान के तत्वों को अर्जन करने पर जोर देना होगा। समय की माँग के अनुसार आज के युवाओं को नये सिरे से विभिन्न क्षेत्रों में प्रबन्धन यानी मैनेजमेंट की शिक्षा देने के लिए भवानीपुर कॉलेज ने नयी पहल की है और इस महामारी के विकट स्थिति में हर संभव प्रयास कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
वेबिनार के संचालक सीएस मोहित शॉ ने सभी प्रमुख वक्ताओं के विचारों को संक्षेप में बताते हुए कोविद से आए संकट से उबरने के विषय में बताया। प्रो. दिलीप शाह ने विद्यार्थियों को उत्पादकता और योजनाओं के अनुसार कॅरियर बनाने की सलाह दी। सीए विवेक पटवारी ने वेबिनार की सफलता के लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया और भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों और डीन ऑफिस के इस आयोजन पर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने।

रणवीर सिंह बने कोटाक 811 अभियान के ब्रांड अम्बास्डर

कोलकाता : कोटाक महिन्द्रा 811 ने भारत का पहला जीरो कॉन्टैक्ट कोटाक 811 अभियान जारी कर दिया है। जीरो कॉन्टैक्ट वीडियो केवाईसी सेविंग्स अकाउंट के ब्रांड अम्बास्डर अभिनेता रणवीर सिंह होंगे। यह अभियान लाखों भारतीयों को पूर्ण कोटाक 811 सेविंग्स अकाउंट डिजिटल तरीके से खोलने का मौका देगा। इस क्रम में आप किसी के सम्पर्क में नहीं आते इसलिए इसे जीरो कॉन्टैक्ट कहा गया है। इस सुविधा के लिए जारी वीडियो अभियान की विषय -वस्तु कार्ट्व्हील क्रिएटिल कन्सल्टेंसी की है और घर से ही निर्देशन केरोसिन फिल्म्स ने किया है। वीडियो में रणवीर सिंह ने अपने घर से ही इसकी शूटिंग की है। फिल्म की शूटिंग लॉक़डाउन के नियमों का पालन करते हुई यानी रणवीर सिंह खुद ही अपने स्पॉट बॉय. कैमरामैन, मेकअप मैन और निर्देशक थे। ‘बैंक फ्रॉम होम’ पहल के तहत कोटाक ने पहली डिजिटल सेविंग्स अकाउंट खोलने की सुविधा ग्राहकों को दी है। कोटाक महिन्द्रा बैंक की ज्वाएंट प्रेसिडेंट (कन्ज्यूमर, कमर्शियल व वेल्थ मार्केटिंग) एलिजाबेथ वेंकटरमण ने कहा कि कोटाक बैंक के ग्राहक अब घर से बाहर कदम रखे बगैर अपना बचत खाता खोल सकते हैं और इसके लिए उनको किसी के सम्पर्क में आने की जरूरत नहीं है।

अम्फान और कोरोना काल में आप भी बढ़ाइए मदद का हाथ

कोरोना से पूरा देश परेशान है मगर बंगाल इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है। अम्फान के कारण हुई तबाही ने राज्य को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। कई लोग मरे, घर टूटे, पेड़ गिरे और इस भयंकर तूफान के कारण पश्चिम बंगाल में जीवन अस्त – व्यस्त हो गया है। ऐसी स्थिति में राज्य को फिर से खड़ा करने के लिए राज्य व केन्द्र सरकार के साथ आम नागरिक भी आगे आ रहे हैं। कोरोना में मदद का हाथ बढ़ाने के बाद अम्फान से हुई तबाही के समय में भी जनसम्पर्क विशेषज्ञ शगुफ्ता हनाफी आगे आई हैं। अम्फान और कोविड – 19 के सेवाकार्य वे एक साथ चला रही हैं। हुगली के तेलिनीपाड़ा और दक्षिण 24 परगना के सुन्दरवन में सहायता जारी है।


शगुफ्ता के अनुसार उनकी ओर से नये – पुराने कपड़े, केक, बिस्कुट, नकद, चेक, दवाएँ, सत्तू, मूढ़ी, चावल, चिवड़ा, ट्रैम्पोलिन समेत अन्य सामान एकत्र किया जा रहा है। अगर आप भी शगुफ्ता के इस सेवा कार्य में मदद करना चाहते हैं तो आप उनसे यहाँ सम्पर्क कर सकते हैं
– शगुफ्ता हनाफी,
सम्पर्क – 9831362042
जमाल बिल्डिंग, खिदिरपुर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल