Sunday, April 5, 2026
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महिला दिवस पर ‘शी’ ने 20 महिलाओं को आइवा अवार्ड्स से किया सम्मानित

कोलकाता : ‘शी’ इवेन्ट्स की ओर से हाल ही में आइवा अवार्ड्स समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाली 20 महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में रेवा रॉय (सामाजिक कार्य), सिने स्टार मउबनी सरकार (अभिनय), सुचेतना दे (गीतकार), ब्रिगेड जोन्स (आईकॉन मेकअप आर्टिस्ट), पांचाली दत्ता (कुलिनरी आर्टिस्ट), मिनी अरोड़ा (पंजाबी होम शेफ), सुषमा त्रिपाठी कनुप्रिया (जर्नलिस्ट ऑफ डिकेड), कृष्णा राय (आइकॉन फोटो जर्नलिस्ट) , अनुराधा कपूर (आइकॉन ऑथर ) , पत्राली बनर्जी (वोकेशनल ट्रेनिंग (मेकअप) ), आलिया रजा (एक्जिबिटर ऑफ द इयर), बाधन सरकार (फूड ब्लॉगर), पियाल बनर्जी (कॉस्ट्यूम डिजाइनर), हुमा रेहान (न्यूट्रिशनिस्ट), हेरा नफीस (आईकॉनिक लॉयर), सदफ आसिफ (इंटीरियर डिजाइनर ऑफ द इयर), रिंकी साहा (ग्लोरियस दीवा), डॉ. मधुमिता सेनगुप्त ( प्रेरक वक्ता), शर्मीली दास ( मोस्ट प्रॉमिसिंग पी आर पर्सना), प्रियंका चौधरी (मोस्ट प्रॉमिसिंग पेजेंट्री विनर), शामिल थीं।

 

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री पापिया अधिकारी के अतिरिक्त टेकनो इंडिया के निदेशक सुजय विश्वास, एबीएमएफ की अध्यक्ष नंदिनी भट्टाचार्य, आईसीसीआर के क्षेत्रीय निदेशक आर. एन. गोस्वामी, पूर्व सम्पादक सोमा लाहिड़ी, प्रख्यात ब्लॉगर कोन्निका दे और बेस्ट फ्रेंड्ज फिलॉनथ्रॉपी क्लब की चेयरपर्सन पायल वर्मा मौजूद रहीं। ‘शी इवेंट्स’  की संस्थापक निदेशक तथा आइवा अवार्ड्स की आयोजक शगुफ्ता हनाफी ने कहा कि इस पुरस्कार समारोह की सफलता को देखकर उनको बढ़ती हुई जिम्मेदारी का अनुभव हो रहा है और अगली बार आइवा अवार्ड्स और भी वृहद रूप में होगा। कार्यक्रम का संचालन निशा सलूजा और रौनक ने किया।

जानिए शिव के नाम की महिमा

वरिष्ठ पत्रकार माधवी श्री द्वारा आपके लिए यह प्रस्तुति….जानिये शिव और उनके नाम की शक्ति

सीआईएससीई ने घोषित कीं आईएससीई और आईएससी  बोर्ड परीक्षाओं की संशोधित तारीखें

नयी दिल्ली :  काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानी सीआईएससीई ने आईएससीई और आईएससी  बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा की संशोधित तारीखें घोषित कर दी हैं।  आईएससी यानी कक्षा 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 08 अप्रैल, 2021 से शुरू होंगी, जबकि आईएससीई  यानी 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 04 मई, 2021 से आयोजित की जाएंगी। पूर्व में घोषित परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन करते हुए सीआईएससीई की ओर से 13 मई और 15 मई को कक्षा 10 (आईएससीई) की कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जााएगी। जबकि कक्षा 12 (आईएससी) के लिए 13 मई, 15 मई और 12 जून को होने वाली परीक्षाओं की तारीखें बदली गईं हैं। अधिकारियों ने बताया कि काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने गत सोमवार को घोषणा की कि वह अब 08 अप्रैल से आईएससी की बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा और 04 मई से आईसीएसई की परीक्षाएं शुरू करेगा। साथ ही दोनों बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जुलाई, 2021 तक घोषित कर दिए जाएंगे।सीआईएससीई की ओर से जारी संशोधित परीक्षा टाइमटेबल के अनुसार, अधिकांश परीक्षाएं सुबह 09 बजे से शुरू होंगी। कुछ परीक्षाएं सुबह 11 बजे से आयोजित की जाएंगी।

संशोधित आईसीएसई टाइमटेबल
अर्थशास्त्र (समूह II वैकल्पिक परीक्षा) : यह पेपर पहले 13 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब यह 04 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 2 (नेचर ड्राइंग / पेंटिंग) : यह पेपर पहले 15 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब यह 22 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 3 (ऑरिजनल कंपोजिशन) : यह पेपर पहले 22 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब यह 29 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 4 (एप्लाइड आर्ट) : यह पेपर पहले 29 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब यह 05 जून को लिया जाएगा।

संशोधित आईएससी टाइमटेबल
बिजनेस स्टडीज पेपर : यह पहले 05 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब 18 जून को लिया जाएगा।
इंग्लिश पेपर 2 (लिटरेचर इन इंग्लिश) : यह पहले 13 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब 04 मई को लिया जाएगा।
होम साइंस पेपर 1 (थ्योरी) : यह पहले 15 मई के लिए निर्धारित किया गया था। अब 22 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 5 (क्राफ्ट ए) : यह पहले 02 जून के लिए निर्धारित किया गया था। अब 05 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 4 (ऑरिजनल इमेजिनेटिव कंपोजिशन इन कलर) : पहले 05 जून के लिए निर्धारित किया गया था। अब इसे 02 जून को लिया जाएगा।
हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट यानी आतिथ्य प्रबंधन : यह पेपर पहले 08 जून के लिए निर्धारित किया गया था। अब यह 05 जून को लिया जाएगा।
बायोटेक्नोलॉजी यानी जैव प्रौद्योगिकी (पेपर 1  सैद्धांतिक) : यह पेपर पहले 10 जून के लिए निर्धारित किया गया था। अब इसे 08 मई को लिया जाएगा।
आर्ट पेपर 1 (ड्राइंग एंड पेंटिंग फ्रॉम स्टिल लाइफ) : यह पेपर पहले 12 जून के लिए निर्धारित किया गया था। अब इसे 12 मई को लिया जाएगा।

 

झंडा मंदिर- शिवलिंग की जगह बदलने के लिए खुदाई हुई थी, लेकिन नहीं मिल पाया तल

यमुनागर जिले में साढ़ौरा-कालाअंब रोड के पास है गांव झंडा। यहां शिवालिक की पहाड़ी पर श्री महालेश्वर शिव मंदिर है। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने तपस्या की थी। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में बड़ा आयोजन होता है। मंदिर में सुबह के समय चंदन व फूलों ने शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है और दिन के समय विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। रात्रि के समय चार पहर की पूजा होती है व सारी रात भोले बाबा का जागरण किया जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष की चौदस पर मंदिर में कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

श्री महाकालेश्वर शिव मंदिर गौशाला समिति के सदस्य रामकुमार बताते हैं कि माना जाता है कि मंदिर महाभारत काल का है। पूर्वज सदियों से इस मंदिर मे माथा टेकते आ रहे हैं। 1985 में तत्कालीन सरपंच के समय में गांव के लोगों ने चाहा कि इस शिवलिंग का यहां से निकालकर गांव में स्थापित करेंगे। शिवलिंग को निकालने का काम शुरू किया गया था। कई फुट गहरी खुदाई के बाद भी शिवलिंग की तली नहीं मिली। खुदाई के दौरान शिवलिंग के चारों ओर गणेश जी, नंदी सहित कई मूर्तियां मिली थी। एक सांप निकला और शिवलिंग से लिपट गया था। उसके बाद ग्रामीणों ने शिवलिंग को यहां से ले जाने की बजाय मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया था। 2010 में दोबारा से मंदिर भवन का निर्माण शुरू किया गया था।

मान्यता- बर्बरीक ने यहीं से देखा था महाभारत युद्ध – मान्यता है कि जब घटोत्कच और अहिलावती का बेटा बर्बरीक महाभारत युद्ध में भाग लेने चला था तो श्रीकृष्ण ने यहां पर बर्बरीक की परीक्षा ली थी और दान में बर्बरीक का सिर मांग लिया था। जब बर्बरीक ने युद्ध देखने की इच्छा जाहिर की थी तब श्री कृष्ण ने उनके सिर को एक पेड़ पर रख दिया था। मान्यता है कि महाकालेश्वर मंदिर के पास आज भी वहीं बरगद का पेड़ खड़ा है।

युद्ध के बाद सतकुम्भा के पानी में स्नान कर पांडवों ने हत्या का दोष दूर किया था – श्री महाकालेश्वर मंदिर से तीन किलोमीटर की दूरी पर सत कुंभा है। यहां जमीन से पानी की 7 धाराएं निकलती हैं। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने सत कुंभा में स्नान करके ही हत्या के दोष को दूर किया था। शिव मंदिर गौशाला समिति झंडा के प्रधान रमेश चंद (बिट्टू), मान सिंह, रामकुमार, रामकरण, कृपाल, चमन के अनुसार जब पांडव महाभारत के युद्ध के बाद यहां तपस्या के लिए आए थे, तब श्री कृष्ण ने पांडवों को हत्या का दोष दूर करने के लिए 7 कुंभ नहाने को कहा था। यह भी बताया था कि भगवान भोलेनाथ के मंडल में 7 कुंभों का पानी है। पांडवों ने जब भगवान शिव से पानी मांगा तो भगवान शिव ने पानी देने से मना कर दिया था और भगवान शिव वहां से चले गये थे। मान्यता है कि जब पांडव भगवान शिव के पीछे-पीछे चले तो शिव के कमंडल से पानी की कुछ बूंदें यहां गिर गईं थी। यहां से पानी की 7 धाराएं बह निकली थी।

कोटक सिल्क ने महिलाओं के लिए शुरू किया वित्तीय शिक्षा अभियान

कोलकाता : महिला दिवस के मौके पर कोटक महिन्द्रा बैंक लिमिटेड (केएमबीएल) ने महिलाओं को वित्तीय शिक्षा देने की घोषणा की। बैंक यह वित्तीय शिक्षा महिलाओं के लिए खास तौर पर बनाये गये बैंकिंग प्रोग्राम तहत देगा। यह सूचनाप्रद शैक्षणिक सीरीज #शीइजदचेंज के तहत चलायी जा रही है। गत 6 मार्च को एक वित्तीय वेबिनार आयोजित हुआ जिसमें महिला वित्त विशेषज्ञों ने कोटक सिल्क की ग्राहकों को बचत, निवेश और आर्थिक व्यवहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। 30 मिनट के इस सत्र में प्रश्नोत्तर भी शामिल थे।

कोटक महिन्द्रा बैंक की ज्वाएंट प्रेसिडेंट (कन्ज्यूमर, कमर्शियल एंड वेल्थ मार्केटिंग) एलिजाबेछ वेंकटरमण ने कहा कि महिलाएं वित्तीय सेवाओं के लिए अक्सर पुरुष ग्राहकों पर निर्भर रहती हैं और इस अभियान का उद्देश्य पुरुष वर्चस्व वाली अवधारणा को तोड़ना है। महिलाओं को अपने वित्तीय फैसले खुद करने का अधिकार है। इस वेबिनार की पहली श्रृंखला में सीए रचना रानाडे ने निवेश से सम्बन्धित मूल जानकारियाँ समझायीं। दूसरा चैप्टर 17 मार्च को होगा जिसमें सीपीएफ श्वेता जियान महिलाओं के लिए वित्तीय योजनाओं पर बात करेंगी। इस अभियान को लेकर कोटक सिल्क ने वि

राष्ट्र जागरण ही कवि धर्म होना चाहिए -जगदीश मित्तल

राष्ट्रीय कवि संगम, पश्चिम बंगाल का द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन संपन्न

कोलकाता ; बड़ाबाजार लाइब्रेरी के आचार्य विष्णुकांत शास्त्री सभागार में राष्ट्रीय कवि संगम की पश्चिम बंगाल इकाई का द्वितीय प्रांतीय अधिवेशन दो सत्रों में संपन्न हुआ l अधिवेशन की अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने की। अतिथियों में राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री दिनेश देवघरिया , प्रांतीय अध्यक्ष गिरधर राय , एच डी पी सी लॉजिस्टिक के चेयरमैन के के बंसल , प्रेरक वक्ता सूर्या सिन्हा एवं समाजसेवी के के सिंघानिया एवं डॉ.ऋषिकेश राय थेl कोविड से सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए सेनिटाइज़िंग, सामाजिक दूरी तथा मास्क के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया । अतिथियों का स्वागत एनसीसी की बैंड और सलूट के साथ हुआ तथा चंदन तिलक के साथ हुआ । गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया तथा मां सरस्वती को माल्यार्पण और पुष्पार्पण करने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । अधिवेशन का शुभारम्भ रीमा पाण्डेय द्वारा मधुर स्वर में गाए सरस्वती वंदना से हुआ। स्वागत भाषण ऋषिकेश राय द्वारा दिया गया, एवं कार्यक्रम का संचालन बलवंत सिंह (मंत्री-पश्चिम बंगाल) ने किया l राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने कहा कि पश्चिम बंगाल से बहुत प्रशंसनीय प्रयास हो रहे हैं तथा हिंदी के साथ बांग्ला के कवियों का भी स्वागत किया । राष्ट्रीय मंत्री दिनेश देवघरिया ने कहा कि कविताएं रातों रात नहीं रची जातीं हैं। उनकी सुप्रसिद्ध कविता “जय काली कलकत्ते वाली” की प्रस्तुति से सभागार भव्य विमुग्ध हो उठा। स्वागत भाषण में डॉ ऋषिकेश राय ने कहा कि साहित्य सृजन और राष्ट्रवाद ही राष्ट्रीय कवि संगम का उद्देश्य है। प्रेरक वक्ता सूर्या सिन्हा जी ने कहा कि रचना मौलिक और अपने व्यक्तित्व के अनुरूप होनी चाहिए कभी किसी और रचनाकार का अनुसरण नहीं करना चाहिए । प्रांतीय अध्यक्ष डॉ.गिरिधर राय ने सभी पदाधिकारियों एवं कवियों का आभार व्यक्त किया। पश्चिम बंगाल के महा- मंत्री राम पुकार सिंह ने प्रतिवेदन के साथ देशभक्तिपरक कविता सुनायी। प्रथम सत्र में काव्य पाठ करने वाले कवियों में सीमा सिंह, रमाकांत सिन्हा, रंजन मिश्रा, रीमा पाण्डेय, कामयानी संजय, देवेश मिश्र, श्यामा सिंह,चंद्रिका प्रसाद अनुरागी ,नन्दलाल रोशन समेत अन्य कवि शामिल रहे lकार्यक्रम के द्वितीय सत्र का शुभारंभ कामायनी संजय द्वारा राष्ट्र वंदना से हुआ l इस सत्र में प्रथम सत्र के सभी विशिष्ट कवियों को सम्मानित किया गया l उसके पश्चात नगर के प्रायः 75 कवियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ अपना काव्य पाठ किया l संग के सभी कार्यकर्ताओं दिवेश मिश्रा (मीडिया प्रभारी ), मीना शर्मा (अध्यक्ष – कोलकाता),निहारिका सिंह (उपाध्यक्ष ),राजीव मिश्रा ,अरविन्द मिश्रा , सुधा सिंह (मीडिया प्रभारी) अंजलि मिश्रा (कोषाध्यक्ष) उमा अगरवाल, रूमा गुप्ता, उमेश पांडेय,सुषमा राय,अशोक शर्मा, सरिता सिंह, और बड़ाबाजार लाइब्रेरी के पदाधिकारीगण ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लेडीज फर्स्ट

बलवंत सिंह गौतम

महिला दिवस के मौके पर समस्त नारी शक्ति को प्रणाम करता हूँ ।
“गति काल चक्र में तुझसे है
ज्योति दिनकर में तुझसे है
कदमों तले रौंद सको जिसको
हैं नही तू वो फुलवारी…
तू ही भक्ति हैं, तू ही शक्ति हैं
तू ही जीवन दे सकती हैं

है ये सारी सृष्टि तुझसे
*तू ब्रह्माण्ड कोख में रखती हैं..”…..

लेडीज फर्स्ट

जानते हैं हम पुरुष को सबसे ज़्यादा किस शब्द से टीस होती हैं ? वह हैं “लेडीज़ फर्स्ट “! हमें लगता हैं हर सुनहरा मौका पहले महिलाओं को मिलता हैं क्योंकि जमाना “लेडीज़ फर्स्ट” का हैं।
हर बात में सब बोलते है “लेडीज़ फर्स्ट”। टिकट काउन्टरों में “लेडीज़ फर्स्ट,” बैंकों में भी “लेडीज़ फर्स्ट”, दुकानों पर भी “लेडीज़ फर्स्ट”, मतलब की हर जगह “लेडीज़ फर्स्ट”। वे सोचते हैं होटल में साथ खाने पर बिल देते समय “लेडीज़ फर्स्ट” क्यों नहीं? जब बसों में खड़े होने की बारी आती हैं तब “लेडीज़ फर्स्ट” क्यों नहीं कहती ? जब सिलेंडर उठाने के बारी आती है तो “लेडीज़ फर्स्ट” क्यों नहीं कहती? सच में ये औरतें बेहद अजीब होतीं हैं!
रात को पूरी नींद नहीं सोती हैं। बीच बीच में जागती रहती हैं । टटोलती रहती हैं रात भर – खिड़की-दरवाजों की कुंडियां, बिजली का स्विच, कभी जाड़ों की रातों में बच्चों की रज़ाई, कभी बुख़ार में तपते बच्चों का बदन, इम्तिहानों के समय बच्चों का मन, रसोई में दही, राजमा- चने भिगोना और ना जाने क्या-क्या ? सुबह जब जागती हैं तो पूरा नहीं जागती । आधी नींद में ही भागती रहती हैं। दूधवाला, पेपर वाला, पौधों में पानी , बच्चों का टिफ़िन, जल्दी जल्दी में आधी नहाई ,पूजा का दीपक हाथों में, पर नज़र चूल्हे पर चढ़े दूध पर होती हैं। अपनी ठंडी होती चाय को निहारती हुई ढूँढने लगती हैं बच्चों के मोजे, गुमशुदा बिजली का बिल, दादी माँ की ऐनक, दादाजी का दवाइयों वाला पर्चा| और फिर एक दिन, उसकी आँखों में कभी जुगनू की तरह चमकने वाले स्वप्न ईंधन हो जाते हैं,वो ईंधन जिसे जलाकर वो मकान को घर बनाती हैं। सच में ये औरतें बेहद अजीब होतीं हैं!
एक सवाल का जवाब दीजियेगा ! अगर सच में “लेडीज़ फर्स्ट” का ज़माना हैं तो हमारी माएँ हमेशा सब के बाद में खाना क्यों खाती हैं? “लेडीज़ फर्स्ट” को तो मुझे नहीं मालूम पर “लेडीज़ फास्ट”ज़रूर होती हैं। सच में ये औरतें बेहद अजीब होतीं हैं! अगर आज हम कहते हैं स्त्री प्रथम या “लेडीज फर्स्ट” तो इसके पीछे भी प्राचीन भारतीय संस्कृति ही हैं । नारी को ईश्वर की सबसे सुंदर कृति कहा जाता हैं । कहते हैं कि नारी में ईश्वर स्वयं वास करते हैं। ईश्वर की जन्मदात्री भी नारी ही रही है। चाहे भगवान राम हों, गणेश- कार्तिकेय हों, कृष्ण हों या गुरुनानक हों, सदैव माँ के रूप में कौशल्या, पार्वती, यशोदा और तृप्ता देवी की आवश्यकता पड़ती है। सनातन धर्म में माता का स्थान पिता से दस गुना अधिक होता है। माता सीता एक पुत्री, अर्धांगिनी एवं वधू के रूप में आदर्श है । अगर भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है तो इसका कारण भी भगवती सीता ही हैं। नारी को अर्धांगिनी भी कहा जाता हैं। नर-नारी समानता ईश्वरीय आदेश हैं । भवानी शंकर जब एकाकार होते हैं तो अर्धनारीश्वर बनते है। सभी युगल देवी-देवों के नाम में प्रायः पहले देवी का ही नाम आता है। राधा कृष्ण,सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण, गौरी-शंकर।हमारी संस्कृति हमें सिखाती है, “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्रदेवता” अर्थात् जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। आइए आज महिला दिवस के मौक़े पर हम सब एक संकल्प लें, “लेडीस फर्स्ट” की अवधारणा को धरातल पर साकार करने का ।
महिला दिवस के मौके पर समस्त नारी शक्ति को प्रणाम करता हूँ
“गति काल चक्र में तुझसे है
ज्योति दिनकर में तुझसे है
कदमों तले रौंद सको जिसको
हैं नही तू वो फुलवारी…
तू ही भक्ति हैं, तू ही शक्ति हैं
तू ही जीवन दे सकती हैं
है ये सारी सृष्टि तुझसे
*तू ब्रह्माण्ड कोख में रखती हैं..”…..
चलिये आज सुबह की चाय चुस्की महिलाओं के नाम करते हैं ।
अपने हाथों से चाय बनाकर ले चलते हैं अपनी माता, बहन, बेटी या फिर हमसफ़र के लिए, और कहते हैं “लेडीज़ फर्स्ट” !!

द हेरिटेज अकादमी में मनाया गया अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस

कोलकाता : द हेरिटज अकादमी के मीडिया साइंस विभाग में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वर्चुअल परिचर्चा आयोजित की गयी। परिचर्चा का विषय चुनौतीपूर्ण समय में नेतृत्व था। परिचर्चा में अभिनेत्री सोहिनी सेनगुप्ता ने इस क्षेत्र में पारिश्रमिक की असमानता पर बात की। आईसीआईसीआई बैंक के ट्रेड प्रोडक्ट्स की हेड नंदिनी भट्टाचार्य ने कॉरपोरेट जगत में महिलाओं के सामने आने वाली समस्याओं और नेतृत्व की चुनौतियों पर बात की। उन्होंने इस बाबत गुण और योग्यताओं की चर्चा भी की। पैटन समूह के बिजनेस डेवलपमेंट की प्रेसिडेंट प्रियम बुधिया ने कोविड – 19 के दौरान खोजे गये समाधानों पर चर्चा की। ड्रीम स्पोर्ट्स (ड्रीम 11) की मुख्य सम्पर्क तथा जनसम्पर्क अधिकारी परमा रॉय चौधरी नेतृत्व कर रही महिलाओं के सामने आने वाली समस्याओं पर बात की। उन्होंने राजनीति. व्यवहार, संरचना, खुद पर विश्वास रखने की बात कही। द हेरिटेज अकादमी के मीडिया साइंस विभाग की डीन प्रो. डॉ. मधुपा बक्सी ने सत्र का संचालन किया। इस परिचर्चा के दौरान पश्चिम बंग राज्य विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी तथा केबीटी के वरिष्ठ निदेशक (शिक्षा) प्रो. बासव चौधरी, केबीटी के सीईओ प्रदीप अग्रवाल तथा द हेरिटेज अकादमी के प्रिंसिपल डॉ. गौर बनर्जी भी उपस्थित थे।

कोटक जनरल इन्श्योरेंस ने महिला चालकों को दिया सम्मान

कोलकाता : महिला दिवस के अवसर पर कोटक महिन्द्रा जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड (कोटक जनरल इन्श्योरेंस ) ने महिला चालकों को सम्मान दिया और सामाजिक अभियान #शीड्राइव्सविद्प्राइड की घोषणा की। इसके पहले मार्च 2019 में कोटक जनरल इन्श्योरेंस ने अपने बीमा क्लेम अनुभवों के आधार पर सोशल मीडिया #ड्राइवलाइकएलेडी चलाया था और इसमें महिला और पुरुष पॉलिसीधारकों की नीतियों में अन्तर देखा गया। कंपनी ने समकालीन भारतीय महिलाओं के बारे में बात करने के लिए इस डेटा का लाभ उठाया है जो गहरे सामाजिक पूर्वाग्रहों से लड़ते हुए सड़क सुरक्षा में एक सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

कोटक जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ महेश बालासुब्रमण्यन ने कहा, महिला चालकों को लेकर जिस तरह के पूर्वाग्रह हैं, उनको दूर करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। अपने अभियान के मूल संदेश को घर तक पहुंचाने के लिए, हमने एक लाइव पोल करके एक अनोखा सामाजिक प्रयोग किया, जिससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को आकर्षक स्वरूप देने की पेशकश की गई। पोल से प्रतिक्रियाएं हमारी मुख्य कहानी में फीड होती हैं, जो लोगों की प्रतिक्रियाओं पर विचार करती है।

महिला खिलाड़ियों के सपनों को पूरा करेगा मेडीबडी, शुरू किया ‘#ऑलराउंडर्स’

नयी दिल्ली : महिला दिवस के मौके पर मेडीबडी ने ऑलराउंडर महिलाओं के योगदान को सराहते हुए नया अभियान ऑलराउंडर्स शुरू किया है। इसके तहत कई महिला एथलिटों और खिलाड़ियों, मसलन गीता फोगट (महिला पहलवान), क्रिकेटर सुषमा वर्मा, हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल, बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा, बैडमिंटन पैरा ओलम्पिक खिलाड़ी पलक कोहली से हाथ मिलाया है। इनके संघर्ष और दायित्व से भरे जीवन को लेकर इनको सम्मानित किया है। अभियान #AllRounders महिलाओं की ताकत और उनके सपनों का पालन करने के लिए हर बाधा पर काबू पाने की सराहना करता है। MediBuddy स्वास्थ्य सेवाओं की उच्च गुणवत्ता वाली डिलीवरी के मामले में #AllRounder बनकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए इन महिलाओं का समर्थन करने की प्रतिज्ञा करती है। मेडीबडी के सह संस्थापक सतीश कन्नन ने इस साझेदारी पर खुशी जतायी।