Saturday, October 31, 2026
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वाणी प्रवाह 2022 – चित्रांकन प्रतियोगिता

प्रतिभागी – इच्छा साव, कक्षा – 6,शिबपुर अंबिका हिंदी हाई स्कूल 

पोकेमॉन सीरीज अब हिन्दी समेत कई भारतीय भाषाओं में

 कोलकाता/टोक्यो :  द पोकेमॉन कम्पनी ने अपने यूट्यूब चैनल पर भारत-केंद्रित कंटेंट स्ट्रैटजी की घोषणा की है।अपने हिन्दी यूटयूब चैनल की बड़ी सफलता के बाद, कंपनी अपनी नई पोकेमॉन ऐनिमे सीरीज़ पोकेमॉन जर्नीज , तेलुगू, तमिल और बांग्ला इन तीन भाषाओं में भी लॉन्च करने वाली है। 8,00,000 से अधिक सब्स्क्राइबरों के साथ द पोकेमॉन एशिया ऑफिशियल (हिन्दी) के यू ट्यूब चैनल चैनल पर 29अक्टूबर 2021से यह सीरीज़ प्रदर्शित हो रही है। कंपनी के हिन्दी कंटेंट चैनल को 3 दिन में1,00,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर प्राप्त हुए हैं  – जिससे इसकी लोकप्रियता दिखाई देती है। द पोकेमॉन कम्पनी की बहुभाषी रणनीति को लेकर कम्पनी के एक्जिक्यूटिव ऑफिसर सुसुमु फुकुंगा ने कहा, “मैंने देखा है कि अक्टूबर 2021 से पोकेमॉन एशिया ऑफिशियल (हिन्दी) चैनल पर दिखाई देने वाले हमारे पोकेमॉन ऐनिमे के हिन्दी में डब किए गए एपिसोड बहुत सारे लोगों ने देखे हैं। मुझे इस बात की भी बहुत ख़ुशी है कि भारत में और कई लोग पोकेमॉन ऐनिमे का आनंद ले सकेंगे क्योंकि पहली बार हम तमिल, तेलुगू और बांग्ला में डब किए गए एपिसोड प्रदर्शित करने वाले हैं। सीरीज़ में,मशहूर ऐश के अलावा, दूसरे मुख्य पात्र के रूप में दिखाई देगा गोह, जो एक 10 साल का लड़का है, जिसका सपना है हरतरह के पोकेमॉन को पकड़ना (और मिथिकल पोकेमॉन म्यू कोभी)।

एक इत्तेफ़ाक से गोह की मुलाकात होती हैस्कोरबनी नामक पोकेमॉन से। और ऐसे शुरू होता है ऐश और पिकाचू के साथ गोह और उसके पार्टनर स्कोरबनी का यह अनोखा सफ़र। हर सप्ताह शुक्रवार को शाम 7 बजे कम्पनी  उपरोक्त भाषाओं में एक नया एपिसोड रीलिज करेगी।

वाणी प्रवाह 2022- प्रतियोगिता – चित्रांकन

प्रतिभागी – निहारिका मिश्रा, कक्षा – 9, शिक्षण संस्थान – मारिया मेमोरियल हाई स्कूल

द हेरिटेज स्कूल में मनाया गया गणतंत्र दिवस

कोलकाता । कोविड सम्बन्धी नियमों का पालन करते हुए द हेरिटेज स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया। समारोह में स्कूल के चेयरमैन विक्रम स्वरूप, प्रिंसिपल सीमा सप्रू के अतिरिक्त हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डीजीएम सन्तोष राय, कैम्पस एडमिनिस्ट्रेटर लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ घोष दस्तीदार समेत अन्य लोग उपस्थित थे। हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल ने स्वाधीनता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर की।

‘देश के लोकप्रिय इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल है एचआईटीके’

कोलकाता । हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता (एचआईटीके) ने पाँचवीं ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित की। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन के चेयरमैन प्रो. डॉ. के. के. अग्रवाल उपस्थित थे। उन्होंने कहा, ‘हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देश में कुल इंजीनियरिंग संस्थानों के 5 प्रतिशत के अंदर और रैंकिंग के मामले में देश में एप्लीकेबल इंजीनियरिंग संस्थानों के 15 प्रतिशत के अंदर आता है। मौके पर उपस्थित हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि यह स्नातक समारोह सभी स्नातकों के कॅरियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ‘ इस दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता मकाउट के वाइस चांसलर प्रो. सैकत मित्रा ने की। एचआईटीके के प्रिंसिपल बासव चौधरी ने विद्यार्थियों भविष्य की मशाल को धारण करने वाला बताया।
इस अवसर पर एसवीवाईएएसए के चांसलर पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेन्द्र, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्गापुर के निदेशक प्रो. डॉ. अनुपम बसु, तेगा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मदन मोहका भी उपस्थित थे। समारोह में हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कोलकाता के चेयरमैन एच. के. चौधरी, एचआईटीके के चेयरमैन पी.आर. अग्रवाल, तथा एचआईटीके की गर्वनिंग बॉडी के सदस्य एच.पी. बुधिया भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में स्नातक में 1204, बी.टेक में 1109, एम.टेक में 47 और एमसीए में 48 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गयीं। रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर, गोलपार्क के सचिव स्वामी सुपर्णानंदजी महाराज की उपस्थिति में स्मारिका का लोकार्पण किया गया। रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी के वाइस चांसलर प्रो. एस.पी. सिंह, एचआईटीके के संस्थापक निदेशक प्रो. बी.बी. पायरा, राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक प्रणवेश दास ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। यह कार्यक्रम एचआईटीके के फेसबुक पेज एनं संस्थान के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया।

बीएचएस में मनायी गयी नेताजी जयंती

कोलकाता । बिड़ला हाई स्कूल में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती का पालन किया गया। इस अवसर पर एक विशेष असेम्बली में उनको याद करते हुए आभासी माध्यमों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। नेताजी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की गयी और विद्यार्थी प्रेरित हुए।

वाणी प्रवाह 2022 – चित्रांकन, गणतंत्र दिवस विशेष

                  प्रतिभागी – रिद्धिमा सिन्हा, कक्षा -3 ,सेठ सूरजमल जालान बालिका विद्यालय

                 प्रतिभागी – सक्षम कुमार, कक्षा – प्रथम, शिक्षण संस्थान – केन्द्रीय विद्यालय

                  प्रतिभागी – आराध्या, कक्षा – 3, शिक्षण संस्थान – सनफ्लावर पब्लिक स्कूल

           प्रतिभागी – आरुषि कुमारी, कक्षा – 4, शिक्षण संस्थान – सनफ्लावर पब्लिक स्कूल

               प्रतिभागी – सिद्धि चौधरी, कक्षा – 4, शिक्षण संस्थान – द गार्डन रीच

                प्रतिभागी – सचिन दास, शिक्षण संस्थान – हिन्दी नागरी प्रचारिक विद्यालय

नवांकुर की पहली काव्य-गोष्ठी का आयोजन

कोलकाता । पराक्रम दिवस और नेताजी जयंती के पावन अवसर पर रविवार को कोलकाता की प्राचीन संस्था ‘बंगीय हिंदी परिषद’ के तत्वाधान में नवांकुर की पहली काव्य गोष्ठी ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से संपन्न हुई| हिमाद्रि मिश्रा जी की अध्यक्षता में नवांकुर की प्रथम काव्य- गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया,जिसमें नवोदित एवं वरिष्ठ सभी कवियों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आरंभ परिषद के मंत्री डाॅ. राजेन्द्रनाथ त्रिपाठी के स्वागत वक्तव्य से हुआ।
गोष्ठी की शुरुआत राष्ट्रीय वंदना से हुई,जिसे सिद्धार्थ त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। सभी कवियों ने मिलकर काव्य गोष्ठी को अपनी ओजपूर्ण एवं भावयुक्त कविताओं से समृद्ध किया। गोष्ठी में सम्मिलित कविगण हिमाद्रि मिश्रा, डॉ. राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी, नन्दलाल रौशन, अनुज पाण्डेय, निशा राजभर, सपना कुमारी, शालू राय, शकीबा अहमद, निखिता पाण्डेय, राजेश सिंह, मोनू यादव, रजनी सिंह, परीक्षित जायसवाल, हिमांशु पाण्डेय, श्रद्धा उपाध्याय, सौमी मजूमदार और ज़ोया अहमद ने अपने काव्य-रस से सबको भाव-विभोर कर दिया |
अध्यक्षीय वक्तव्य में हिमाद्रि मिश्रा ने नवांकुर के बच्चों की कविताओं का अवलोकन करते हुए उनकी प्रशंसा की तथा उनके भीतर दिखने वाले जोश को भी सराहा तथा निरंतर लिखते रहने की प्रेरणा दी | कार्यक्रम का संचालन ज़ोया अहमद ने किया| इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कोलकाता के प्रसिद्ध शायर एवं कवि नन्दलाल रौशन जी उपस्थित थें, जिन्होंने अपनी बातों से अंकुरित होते कवियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही गजेन्द्र नाहटा, मनोज मिश्रा, सुरेश साव, रामाकांत सिन्हा, पुष्पा मिश्रा और सुषमा राय पटेल इन सभी के ऊर्जावान शब्दों ने सभी युवाओं को प्रोत्साहित किया। प्रो.संजय जायसवाल, विनोद यादव, अंजली चौधरी और रोहित साव सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी उपस्थित थें |कार्यक्रम का सफल संयोजन अभिषेक पाण्डेय तथा धन्यवाद ज्ञापन निखिता पाण्डेय ने किया।

नहीं रहे चित्रकार वसीम कपूर

कोलकाता । जाने-माने चित्रकार वसीम कपूर (71) का सोमवार को कोलकाता स्थित उनके निवास स्थल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह उन्हें अचानक ब्रेन स्ट्रोक हुआ। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनका निधन हो गया। उन्होंने आगे बताया कि वसीम कपूर को कोई बीमारी नहीं थी हालांकि कोरोना के कारण उन्होंने बाहर निकलना बंद कर दिया था। वसीम कपूर ने बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु समेत कई हस्तियों की तस्वीरें उकेरी थीं। बंगाल विधानसभा में उनके द्वारा तैयार किया गया ज्योति बसु का तैल चित्र लगा हुआ है। वसीम कपूर का जन्म 1951 में लखनऊ में हुआ था लेकिन पढ़ाई के सिलसिले में वे कोलकाता आ गए थे। इसके बाद उन्होंने इसी शहर को अपनी कर्मभूमि भी बना लिया। कोलकाता की चित्रकारी जगत में वे चिर-परिचित नाम थे। वसीम कपूर ‘आवाज’ नामक संगठन के राज्य अध्यक्ष भी थे।

प्रख्यात कार्टूनिस्ट पद्मश्री नारायण देवनाथ का निधन

कोलकाता । कार्टूनिस्ट और बंगाली कॉमिक किरदार ‘ बंतुल द ग्रेट’ , ‘ हांडा-भोंदा’ और ‘नोंते फोंते’ के रचयिता नारायण देबनाथ  का गत मंगलवार की सुबह कोलकाता के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। देबनाथ को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह 97 साल के थे। उन्हें 24 दिसंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर थे. सीएम ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक जताया। देवनाथ की कामिक्स स्ट्रिप्स को बंगाल में बच्चों के बीच एक पंथ का दर्जा प्राप्त है। बंगाली कामिक्स के इलस्ट्रेटर और ‘हांडा भोंडा’, ‘बातूल द ग्रेट’ तथा ‘नोनते फोनते’ के रचयिता देवनाथ को 2013 में पश्चिम बंगाल सरकार के सर्वोच्च सम्मान बंग भूषण से भी सम्मानित किया गया था। शारीरिक अस्वस्थता के कारण देवनाथ पिछले दिनों पद्मश्री पुरस्कार लेने भी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन नहीं जा सके थे। इसके बाद बीते 13 जनवरी को ही बंगाल सरकार में मंत्री अरूप राय और राज्य के गृह सचिव बीपी गोपालिका ने अस्पताल जाकर उन्हें पद्मश्री पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया था। देवनाथ को बीते 24 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शरीर में कमजोरी समेत उनका हीमोग्लोबिन कम था। साथ ही वह उम्रजनित समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे।