Thursday, April 2, 2026
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महाबीर दानवर ज्वेलर्स  ने की ‘कपल नम्बर 1’ प्रतियोगिता की घोषणा

कोलकाता ।  महाबीर दानवर ज्वेलर्स  की ओर से विवाहित जोड़ों को विशेष महसूस करवाने के लिए ‘कपल नम्बर 1 प्रतियोगिता की घोषणा की है। भारत में शादियों को हमेशा के लिए आनंदमय माना जाता है, लेकिन रोमांस को फिर से जगाना और हर गुजरते दिन को अपने साथी के साथ सेलिब्रेट करना भी महत्वपूर्ण है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए इस अनूठी, मनोरंजक और रचनात्मक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

इस अवसर पर अभिनेत्री ऋचा शर्मा, सेलिब्रिटी साड़ी ड्रेपिस्ट और स्टाइलिस्ट डॉली जैन, सेलिब्रिटी मोटिवेशनल स्पीकर नैना मोरे, महाबीर दानवर ज्वेलर्स के निदेशक विजय सोनी व महाबीर दानवर ज्वेलर्स के निदेशक अरविंद सोनी मौजूद थे। यह प्रतियोगिता सभी विवाहित जोड़ों को शादी के बाद की अपनी विशेष जोड़े की तस्वीरें भेजने के लिए आमंत्रित करती है। सभी भाग लेने वाले जोड़ों का स्क्रीनिंग राउंड होगा और उसके बाद ही उनका चयन किया जाएगा। साप्ताहिक चयनित जोड़ों को एमडीजे शोरूम जाने और छूट वाउचर प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

भारत जैन महामडल लेडीज विंग कोलकाता द्वारा सम्मानित की गयीं रंगकर्मी उमा झुनझुनवाला

 कोलकाता ।  भारत जैन महामडल लेडीज विंग कोलकाता की आज प्रसिद्ध हस्ती नारी शक्ति का अनुपम उदाहरण उमा जी झुनझुनवाला से मुलाकात हुई। भारत जैन महामंडल की किताब जैन जगत उमा को भेंट की गयी ।उमा झुनझुनवाला का जन्म 20 अगस्त 1968 में कलकत्ता में हुआ था। हिन्दी से एम.ए करने के बाद इन्होंने बीएड किया क्योंकि इनका मानना है, “स्कूल का शिक्षक होना ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है, आप एक ज़िम्मेदार नागरिक का निर्माण करते हैं वहाँ।” कला के प्रति रुझान बचपन से ही था। इसलिए परिवार में अनुकूल परिवेश न होने के बावजूद ये रंगमंच से आखिरकार जुड़ ही गईं। १९८४ में दसवीं की परीक्षा के बाद उन्हें स्कूल के रजत जयंती के अवसर पर नाटक मे हिस्सा लेने का अवसर मिला। यहीं से उनके जीवन की दिशा बदल गयी। तब से नाट्य क्षेत्र में सक्रियता बनी हुई है।
उमा झुनझुनवाला लिटिल थेस्पियन की संस्थापक/निदेशक हैं। इन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा “कहानियों के मंचन” पर काम करने हेतु जूनियर फेलोशिप प्रदान की गयी। ये अब तक 9 नाटकों, 36 कहानियों, 12 एकांकियों तथा 8 बाल-नाटकों का निर्देशन दे चुकी हैं तथा 50 से ज़्यादा नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं। इनके लिखे पाँच नाटक उपलब्ध हैं – रेंगती परछाईयाँ (प्रकाशित), हज़ारों ख़्वाहिशें (प्रकाश्य), लम्हों की मुलाकात (प्रकाशित), भीगी औरतें और चौखट। बच्चों के लिए भी 9 नाटक लिखे हैं। इनका एक डायरी संकलन भी प्रकाशित हुआ है – ‘एक औरत की डायरी से।’ काव्य संग्रह ‘मैं और मेरा मन’ और कहानी-संग्रह ‘लाल फूल का एक जोड़ा एवं अन्य कहानियाँ’ शीघ्र प्रकाशित होने वाली है। अंग्रेज़ी, बांग्ला और उर्दू से अब तक 11 नाटकों का अनुवाद कर चुकी हैं जिनमें से कई प्रकाशित भी हैं। इनका चर्चित नाटक ‘रेंगती परछाइयाँ’ का तीन एपिसोड में रेडियो से दो बार प्रसारण हो चुका है| इन्होंने रानी लक्ष्मी बाई संग्रहालय, झाँसी के लिए स्क्रिप्टिंग और प्रकाश व संगीत की परिकल्पना भी की है। बांग्ला डॉक्यूमेंट्री फिल्म का हिंदी में अनुवाद किया। इनकी कहानियाँ, एकाँकी, कविताएं और रंगमंच पर आलेख हंस, आजकल, समकालीन भारतीय साहित्य, वागर्थ, कथादेश, समावर्तन, अक्षर-शिल्पी, वीणा, विश्व-गाथा, प्रभात ख़बर आदि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं।
रंगमंच के क्षेत्र में निरंतर और उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए इन्हें विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता रहा है – राष्ट्रीय रंग-सम्मान, विवेचना रंगमंडल, जबलपुर द्वारा नाट्य शिरोमणि सम्मान, सेतु सांस्कृतिक केंद्र, बनारस द्वारा संस्कृति और साहित्य सम्मान, भारतीय भाषा परिषद् द्वारा अनन्या सम्मान, हिंदुस्तान क्लब, कलकत्ता द्वारा गुंजन कला सदन, जबलपुर द्वारा ‘संतश्री नाट्य अलकंरण’ सम्मान आदि। यह जानकारी भारत जैन महामंडल लेडीज विंग कोलकाता की उपाध्यक्ष अंजू सेठिया ने दी।

भारत की जीडीपी अक्टूबर-दिसंबर में 5.8 प्रतिशत बढ़ने की संभावना: एसबीआई रिपोर्ट

मुम्बई । भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शोध रिपोर्ट ईकोरैप के अनुसार देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही में 5.8 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है।
देश की अर्थव्यवस्था 20211-22 की दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। हालांकि, जीडीपी वृद्धि दर जुलाई-सितंबर में इससे पिछली तिमाही के 20.1 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले कम थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 28 फरवरी को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान घोषित करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया, “एसबीआई नाउकास्टिंग मॉडल के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहेगी। पूरे वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 9.3 प्रतिशत से घटाकर 8.8 प्रतिशत कर दिया गया है।”
नाउकास्टिंग मॉडल औद्योगिक गतिविधियों, सेवा गतिविधियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े 41 उच्च आवृत्ति संकेतकों पर आधारित है।
रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार का आधार अभी व्यापक होना बाकी है, क्योंकि निजी खपत महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले कम है।
रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि सरकार ग्रामीण गरीबों को 50,000 रुपये तक आजीविका ऋण की पेशकश कर सकती है।

दिसंबर में भारत के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.28 करोड़ घटी : ट्राई

नयी दिल्ली । दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में मोबाइल ग्राहकों की संख्या में दिसंबर 2021 के दौरान मासिक आधार पर 1.28 करोड़ की गिरावट हुई।
समीक्षाधीन अवधि में रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया को ग्राहकों की कमी का सामना करना पड़ा, जबकि भारती एयरटेल ग्राहकों को बढ़ाने में सफल रही।
ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक रिलायंस जियो ने लगभग 1.29 करोड़ वायरलेस ग्राहकों को खो दिया, और उसके ग्राहकों की संख्या घटकर 41.57 करोड़ रह गई।
वोडाफोन आइडिया ने दिसंबर 2021 में 16.14 लाख मोबाइल ग्राहक खो दिए और उसके पास 26.55 करोड़ ग्राहक बचे।
इसके विपरीत, एयरटेल के पास 4.75 लाख ग्राहक बढ़ गए, जिससे उसके वायरलेस उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 35.57 करोड़ हो गई।

 

कोविड-19 टीका लगवाने के बाद कसरत करने से बढती हैं एंटीबॉडी: अध्ययन

वाशिंगटन । कोविड-19 या किसी फ्लू से बचने के लिए टीकाकरण कराने के बाद 90 मिनट तक हल्की या मध्यम स्तर की कसरत करके शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा बढ़ाई जा सकती हैं। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष ‘ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्युनिटी’ पत्रिका में प्रकाशित किए गए है। अध्ययन में शामिल जिन लोगों ने टीकाकरण कराने के बाद डेढ़ घंटे तक साइकिल चलाई या सैर की, उनमें आगामी चार सप्ताह में उन लोगों की तुलना में अधिक एंटीबॉडी बनीं, जिन्होंने टीकाकरण के बाद किसी प्रकार का व्यायाम नहीं किया था।
अमेरिका स्थित ‘आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी’ के अनुसंधानकर्ताओं ने भी चूहों और ट्रेडमिल का इस्तेमाल करके इसी प्रकार का प्रयोग किया, जिसका निष्कर्ष भी समान निकला।
आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मरियन कोहुट ने कहा कि इस बात के कई कारण हो सकते हैं कि लंबे समय तक हल्की या मध्यम स्तर की कसरत करने से शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता में सुधार क्यों होता है।
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, व्यायाम करने से रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो प्रतिरक्षा कोशिकाओं के संचार में मदद करता है और जब ये कोशिकाएं शरीर में प्रवाहित होती हैं, तो किसी बाहरी तत्व को बेहतर तरीके से उनके द्वारा पहचान लेने की संभावना अधिक होती है।
कोहुट ने कहा, ‘‘लेकिन इसका कारण जानने के लिए और अनुसंधान की आवश्यकता है। जब हम कसरत करते हैं, तो शरीर में चयापचय, जैव रासायनिक, न्यूरोएंडोक्राइन और (रक्त एवं कोशिका के) संचार स्तर पर कई बदलाव होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि संभवत: इन कारकों के संयोजन के कारण एंडीबॉडी की मात्रा बढ़ती है।

यूनिस तूफान को चीरते हुए एयर इंडिया के विमान ने किया लैंड, पायलट की हो रही ‘वाह-वाही’

लंदन : ब्रिटेन इस वक्त यूनिस तूफान से जूझ रहा है। इसके चलते लंदन में विमानों का उतरना मुश्किल हो गया है। शनिवार को एक यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो में कई विमानों को लड़खड़ाते हुए लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर खतरनाक तरीके से लैंड करते हुए देखा गया। इसमें एयर इंडिया के एक विमान का वीडियो भी ट्विटर पर तेजी से शेयर हो रहा है। वीडियो में विमान को बेहद कुशलता से एयरस्ट्रिप पर उतरते हुए देखा जा सकता है जिसके लिए पायलट की जमकर तारीफ हो रही है।
वीडियो में लैंडिंग के वक्त तेज हवाओं के चलते एयर इंडिया के विमान का संतुलन हवा में ही बिगड़ता हुआ दिख रहा है। धीरे-धीरे विमान नीचे उतरता है और पायलट की सूझबूझ से एक बेहद सुरक्षित लैंडिंग करता है। वीडियो को कई लोगों ने ट्विटर पर शेयर किया। एक यूजर ने लिखा, ‘बेहद कुशल भारतीय पायलट, एयर इंडिया की इस फ्लाइट के पायलटों ने अपने बी787 ड्रीमलाइनर विमान को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर अपने पहले प्रयास में आसानी से उतारने में कामयाबी हासिल की, जबकि स्टॉर्म यूनिस ने सैकड़ों उड़ानों को प्रभावित किया.. जय हिंद।’

वीडियो में दिखी विमानों की ऊबड़-खाबड़ लैंडिंग
एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘एयर इंडिया के पायलट ने कल यूनिस तूफान के दौरान तेज हवाओं में एक ड्रीमलाइनर को उतारा… कई एयरलाइनें 2-3 प्रयासों में ऐसा कर पाईं।’ शनिवार को एक लाइव स्ट्रीमिंग में ब्रिटिश एयरवेज से लेकर एमाइरेट्स के कई विमानों को तेज तूफानी हवाओं के बीच ऊबड़-खाबड़ तरीके से नीचे उतरते हुए देखा गया। इस वीडियो को लाखों लोगों ने यूट्यूब पर देखा था।

तूफान के चलते अब तक 13 लोगों की मौत
यूनिस तूफान के चलते लंदन में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि मौसम जान के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। यूनिस तूफान के चलते ब्रिटेन में 140,000 से अधिक घरों और आयरलैंड में 80,000 घरों और व्यवसायों की बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। तूफान के चलते वर्तमान में लाखों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। ब्रिटेन, आयरलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, जर्मनी और पोलैंड में पेड़ गिरने, उड़ते हुए मलबे और तेज हवाओं के चलते अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है।

कोरोना में जमकर बेटिकट घूमे, रेलवे ने भी वसूला भारी-भरकम जुर्माना

नयी दिल्ली । आरटीआई के जवाब से यह भी पता चला कि अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान 1.78 करोड़ से अधिक यात्रियों को बेटिकट  या निर्धारित गंतव्य से अलग टिकट और बिना बुक किए सामान के साथ यात्रा करते हुए पाया गया। उनसे 1,017.48 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई।
कोरोना में लोगों ने जमकर की बिना टिकट रेल यात्रा
नई दिल्ली: कोरोना में लोगों ने जमकर बिना टिकट रेलवे से यात्रा की है। आंकड़े इसके गवाह हैं। रेलवे ने वित्त वर्ष 2021-22 के पहले नौ महीनों में 1.78 करोड़ से अधिक बेटिकट यात्रियों सामान की बुकिंग कराए बिना सफर करने वालों को पकड़ा। गैर-कोविड प्रभावित वित्तीय वर्ष 2019-2020 की तुलना में यह लगभग 79 फीसद की वृद्धि है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब से यह जानकारी सामने आई है। वहीं, लोगो ने आवश्यकता से कम ट्रेनें होने की शिकायत भी की।

मांग-आपूर्ति में अंतर की शिकायत
यात्रियों ने यह शिकायत की है कि ट्रेन सेवाओं की मांग व आपूर्ति में अंतर है। रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार सीट आरक्षण चार्ट को अंतिम रूप देने के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल 52 लाख से अधिक लोग चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में ट्रेनों से यात्रा नहीं कर सके, जो व्यस्त मार्गों पर अधिक ट्रेनों की आवश्यकता का संकेत देता है। वित्तीय वर्ष 2021-2022 के सितंबर तक बुकिंग कराने वाले 52,96,741 यात्रियों की तुलना में 32,50,039 पीएनआर (PNR) को स्वत: रद्द कर दिया गया, क्योंकि उनके नाम चार्ट तैयार होने के बाद प्रतीक्षा सूची की स्थिति में थे।

वसूला 1,017 करोड़ का जुर्माना
कोरोना महामारी से प्रभावित 2020-21 के वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे यात्रियों की संख्या 27 लाख थी, जब यातायात की आवाजाही पर गंभीर प्रतिबंध थे। मध्यप्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में रेलवे ने यह आंकड़ा उपलब्ध कराया है। आरटीआई के जवाब से यह भी पता चला कि अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान 1.78 करोड़ से अधिक यात्रियों को बेटिकट या निर्धारित गंतव्य से अलग टिकट और बिना बुक किए सामान के साथ यात्रा करते हुए पाया गया। उनसे 1,017.48 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई।

यह है बेटिकट यात्रा में वृद्धि का कारण
सूत्रों ने संकेत दिया कि बेटिकट यात्रा में इस तरह की वृद्धि का एक प्रमुख कारण यह है कि मौजूदा समय में जब अधिकतर कोविड प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में केवल ऑनलाइन बुकिंग और सीमित सेवाएं हैं।

कोरोना काल से पहले यह था आंकड़ा
कोरोना वायरस महामारी से अप्रभावित 2019-2020 के वित्तीय वर्ष में 1.10 करोड़ लोग बेटिकट यात्रा करते पकड़े गए और उनसे कुल 561.73 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 यानी वित्त वर्ष 2020-21 के बीच 27.57 लाख लोग बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए और उन पर 143.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
लोग कर रहे अधिक यात्रा
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘समस्या यह है कि पिछले दो वर्षों में यात्रा पर गंभीर प्रतिबंधों के बाद लोग अब अधिक से अधिक यात्रा कर रहे हैं। कुछ आपात स्थिति के कारण और कई छुट्टियों की वजह से। यात्रियों की संख्या में तो वृद्धि हुई है, लेकिन ट्रेनों की संख्या, फेरों की संख्या समान बनी हुई हैं। हमने क्लोन ट्रेनें शुरू की हैं और चीजें बेहतर होंगी।’’

पत्नी को बचाने के लिए गिरवी रखी एमबीबीएस की डिग्री

मौत के मुंह ऐसे खींच लाया अर्धांगनी को
पाली । फरवरी के महीने प्यार का प्रतीक माना जाने लगा है। इसी बीच प्रेम की ऐसी दास्तां राजस्थान के पाली जिले से सामने आई है, जिसे जानकर आप भी यहीं कहेंगे, प्यार हो तो ऐसा…। यहां दरअसल पत्नी को मौत के मुंह से वापस लाने के लिए डॉक्टर पति ने अपनी नौकरी दांव पर लगा दी। यही नहीं इलाज के लिए एमबीबीएस की डिग्री गिरवी रखकर 70 लाख का कर्ज लिया। इलाज पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन इस परिस्थितियों से हार ना मानते हुए उसने अपनी पत्नी को बचा लिया।
मई 2021 में खुशहाल जिंदगी में आया भूचाल
बता दें कि पाली जिले के खेरवा गांव के 32 वर्षीय डॉ सुरेश चौधरी पीएससी में पोस्टेड है । वे पत्नी और 5 साल के बच्चे के साथ गांव में ही रहते हैं । मई 2021 में उनकी खुशहाल जिंदगी में भूचाल सा आ गया। कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी। पत्नी अनिता चौधरी को बुखार आया और 13 मई को कोरोना से तबीयत ज्यादा बिगड़ गई । अंजू को बांगड़ अस्पताल लेकर गए , लेकिन वहां बेड नहीं मिला।
जोधपुर एम्स में किया भर्ती
इसके बाद 14 मई को जोधपुर एम्स में भर्ती करवाया। 2 दिन वहां रहने के बाद रिश्तेदार को पत्नी के पास छोड़कर ड्यूटी पर आ गए, क्योंकि कोरोना पिक पर था और डॉक्टरों को छुट्टी नहीं मिल रही थी। 30 मई को जोधपुर एम्स में पत्नी से मिलने पहुंचे, तो हालत और ज्यादा बिगड़ गई थी। वे छोटे वेंटिलेटर पर थी और लंग्स खराब हो चुके थे । डॉक्टरों ने बताया बचना मुश्किल है, लेकिन सुरेश ने हार नहीं मानी और पत्नी को अहमदाबाद लेकर 1 जून को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवया ।

87 दिन बाद ईश्वर ने सुनी, पत्नी ने स्वास्थ्य में आया सुधार
अंजू का वजन 50 किलो से गिरकर 30 किलो हो गया। शरीर में खून भी मात्र डेढ़ यूनिट बचा था। अंजू को ईसीएमओ मशीन पर लिया इस मशीन के जरिए हार्ट व लंग्स ऑपरेट होते हैं । यहां का रोजाना का खर्च एक लाख से ज्यादा था, सुरेश कर्ज के बोझ तले दबे जा रहे थे, लेकिन उनका एक ही मकसद था पत्नी की जान बचाना। आखिर ईश्वर ने इनकी सुनी और पूरे 87 दिन बाद इस मशीन पर रहने के बाद अनीता के लंग्स में सुधार हुआ और वह फिर से बोलने लगी। कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
4 बैंकों में गिरवी रखकर 70 लाख का लिया कर्ज
डॉ सुरेश चौधरी ने बताया कि एमबीबीएस की डिग्री के रजिस्ट्रेशन नंबर 4 बैंकों में गिरवी रखकर 70 लाख का कर्ज लिया। अंजू कहती है कि पति की जीत और जुनून के कारण ही वह जिंदा है।

नागार्जुन ने गोद ली 1000 एकड़ वनभूमि, दान देंगे करोड़ों रुपये

तेलुगू फिल्‍मों के सुपरस्‍टार नागार्जुन ने एक बहुत ही नेक काम किया है। नागार्जुन ने 1,000 एकड़ वनभूमि को गोद लिया है। यानी अब वह और उनका एनजीओ इस जंगल और इसकी जमीन की देखभाल करेंगे। उन्‍होंने इसके लिए तेलंगाना हरित निध‍ि में 2 करोड़ रुपये दान करने की घोषणा की है। नागार्जुन और उनकी पत्‍नी अमला हैदराबाद में एनजीओ ‘ब्‍लू क्रॉस’ चलाते हैं। नागार्जुन तमाम दूसरे काम के साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए इस एनजीओ के जरिए लगातार कुछ न कुछ करते रहते हैं।
नागार्जुन ने हाल ही मेडचल में एक पार्क की आधारश‍िला रखी। इस दौरान उन्‍होंने 1,000 एकड़ जंगल को गोद लेने और 2 करोड़ रुपये फंड में देने को लेकर भी जानकारी दी। इस बाबत नागार्जुन अक्‍क‍िनेनी परिवार ने एक बयान भी जारी किया। नागार्जुन ने खुद इसकी तस्‍वीरें ट्विटर पर शेयर कीं। नागार्जुन ने जो तस्‍वीरें शेयर की हैं, उनमें पत्‍नी अमला अक्‍क‍िनेनी के साथ बेटे नागा चैतन्‍य और अख‍िल भी नजर आ रहे हैं।

यूएई में पुरातत्‍वविदों को बड़ी सफलता, खोजी 8500 साल पुरानी इमारत

दुबई । संयुक्‍त अरब अमीरात के पुरातत्‍वविदों ने देश की सबसे प्राचीन बिल्डिंग की खोज की है। पुरातत्‍वविदों ने बताया कि यह इमारत 8500 साल पुरानी है। यह बिल्डिंग इससे पहले मिली इमारत से भी 500 साल ज्‍यादा पुरानी है। अबूधाबी के संस्‍कृति और पर्यटन विभाग ने इस शानदार खोज की जानकारी दी है। यह प्राचीनतम इमारत अबू धाबी शहर के पश्चिम में स्थित घाघा द्वीप पर मिली है।
इस द्वीप से जो ढांचा मिला है, वह ‘साधारण गोल कमरों’ की तरह से है जिसके चारों ओर पत्‍थर की दीवार है। यह दीवार 3.3 फुट ऊंची है और अभी भी काफी हद तक सुरक्षित है। शोधकर्ताओं के दल ने कहा कि यह ढांचा संभवत: एक छोटे से समुदाय का घर था जो इस द्वीप पर उस समय रहते थे। उन्‍होंने कहा कि यह खोज इस बात का दर्शाती है कि लंबी दूरी तक समुद्री व्‍यापारिक रास्‍ते शुरू होने से पहले ही नवपाषाण युग की बस्तियां यहां मौजूद थीं।
इमारत के पास शव दफन किया हुआ मिला
इस जगह से हजारों की तादाद में पुरावशेष भी मिले हैं। इनमें पत्‍थर से बने तीर के नोक भी शामिल हैं जो शिकार के लिए इस्‍तेमाल किया जाते थे। टीम ने कहा कि इस बात की संभावना है कि यहां रहने वाले लोग समुद्र में मिलने वाले प्राकृतिक संसाधनों का इस्‍तेमाल करते थे। हालांकि पुरातत्‍वविदों को अभी भी भरोसा नहीं है कि इस घर का कब इस्‍तेमाल किया गया। इस बिल्डिंग के पास एक शव दफन किया हुआ मिला है जो करीब 5 हजार साल पुराना है।
अबूधाबी द्वीप पर यह कुछ चर्चित कब्रों में शामिल है। संस्‍कृति विभाग के चेयरमैन मोहम्‍मद अल मुबारक ने कहा, ‘घाघा द्वीप पर हुई खोज यह दर्शाती है कि इनोवेशन की विशेषता, स्‍थायित्‍व और लचीलापन यहां रहने वाले लोगों के डीएनए में हजारों साल पहले से ही मौजूद थी।’ इससे पहले यूएई में सबसे पुरानी बिल्डिंग की खोज मारवाह द्वीप पर हुई थी जो अबू धाबी के तट पर स्थित है। यही पर साल 2017 में दुनिया का सबसे पुराना मोती मिला था।