Thursday, July 9, 2026
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द हेरिटेज स्कूल में राउंड टेबल इंडिया का ‘तारे जमीन पर’

कोलकाता । द हेरिटेज स्कूल, कोलकाता ने हाल ही में राउंड टेबल इंडिया का सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तारे जमीन पर’ आयोजित किया गया । इसके तहत चित्रांकन प्रतियोगिता समेत कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। जरूरतमंद बच्चों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न गैर सरकारी संगठनो (एनजीओ) के 3500 बच्चों ने भाग लिया । उद्घाटन समारोह में द हेरिटेज स्कूल के चेयरमैन विक्रम स्वरूप, कल्याण भारती ट्रस्ट के सचिव एवं कार्यक्रम के प्रायोजक सेंचुरी प्लाई के चेयरमैन सज्जन भजनका, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ पी. के. अग्रवाल. कोलकाता विक्टोरियन्स राउंड टेबल 227 के टीआर. विनोद जैन., टीआर. केशव भजनका, द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू, कल्याण भारती ट्रस्ट के निदेशक प्रबीर राय एवं एचआईटीके के प्रिंसिपल प्रो. बासव चौधरी उपस्थित थे। कार्यक्रम में अभिनेत्री प्रियंका सरकार एवं पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा उपस्थित थे। द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू ने आयोजन की सराहना की ।

कोविड काल की कहानी कहती है मधुर भंडारकर की “इंडिया लॉकडाउन”

कोलकाता । देश के सबसे बड़े घरेलू वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जी फाइव पर 2 दिसंबर को नई फिल्म ‘इंडिया लॉकडाउन’ का प्रीमियर शुरू होने वाला है। मधुर भंडारकर द्वारा निर्देशित डायरेक्ट-टू-डिजिटल इस फिल्म में कोविड महामारी के दौरान देश के लोगों पर पड़े इसके भयंकर प्रभाव पर आधारित यह पहला हिंदी फीचर फिल्म है।
मधुर भंडारकर के साथ अमित जोशी और आराधना साह द्वारा लिखे गए इस फिल्म की कहानी में श्वेता बसु प्रसाद, अहाना कुमरा, प्रतीक बब्बर, साई तम्हनकर और प्रकाश बालेवाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है । इसके मुख्य भूमिका में ऋषिता भट्ट भी दिखेंगी।
पेन स्टूडियोज के डॉ. जयंतीलाल गडा, मधुर भंडारकर के भंडारकर एंटरटेनमेंट और प्रणव जैन के पीजे मोशन पिक्चर्स द्वारा निर्मित ‘इंडिया लॉकडाउन’ का 21 नवंबर को आईएफएफआई गोवा में ग्लोबल प्रीमियर हुआ था, जिसमे इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। 2021 में शूट की गई इस फिल्म में कोरोना महामारी के कारण घोषित किए गए लॉकडाउन में अलग-अलग पात्रों की चार समानांतर कहानियां दर्शायी गई है, जिनका जीवन एक अप्रत्याशित नाटकीय मोड़ पर पहुंच जाता हैं।
आदर्श टेलीमीडिया के संस्थापक अमित अग्रवाल अपने दोस्त और निर्देशक मधुर भंडारकर के लिए कोलकाता में इंडिया लॉकडाउन के प्रीमियर की जिम्मेदारी संभाल रहे है।

उर्दू पुस्तक ‘शम्स कलकत्तावी : शख्स और शायर’ का लोकार्पण

कोलकाता । कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज के उर्दू विभाग में शिक्षक जनाब डॉ. वामिकुल इरशाद अलकादरी की किताब ‘शम्स कलकत्तावी : शख्स और शायर’ का लोकार्पण हुआ । इस मौके पर कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या डॉ, सत्या उपाध्याय के अलावा डॉ. दबीर अहमद, डॉ. सयेदा शरेकतुल मौला, विभागाध्यक्ष डॉ. नईम अनीस और निसार अहमद ने विचार रखे । कार्यक्रम का संचालन डॉ. इम्तियाज अहमद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन शिरीन जफर ने किया । डॉ. अलकादरी के शोधकार्य पर उनकी यह किताब आधारित है । शम्स के व्यक्तित्व पर रोशनी डालते हुए लेखक ने उर्दू साहित्य के विकास में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार रखे हैं । प्राचार्या डॉ. सत्या उपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया । उन्होंने साहित्यिक – सांस्कृतिक एकता, भाईचारे एवं मानवीय मूल्यों का जिक्र किया जिनके बिना शिक्षा जगत की उन्नति सम्भव नहीं है ।

भारतीय भाषा परिषद में मुक्तिबोध जयंती का आयोजन

कोलकाता । कवि मुक्तिबोध को मध्यमवर्ग से यह आशा रही है कि ये लोग अच्छे-बुरे के बीच संघर्ष से अच्छे को चुनकर देश में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे| मुक्तिबोध आधुनिक हिंदी कविता के एक बड़े आलोक स्तंभ हैं| आज उनकी जयंती के अवसर पर भारतीय भाषा परिषद द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान और काव्य पाठ के एक कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह कहा| आसनसोल गर्ल्स कॉलेज के प्रो. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मुक्तिबोध की कविताएं आत्मसंघर्ष को महत्व देती हैं और वे अंधविश्वास की भावनात्मक जगह की आवाजें हैं|
सभा के अध्यक्ष और परिषद के निदेशक डॉ.शंभुनाथ ने कहा कि मुक्तिबोध आधुनिकता को फैशन नहीं परंपरा-विवेक और नवीनता-विवेक के रूप में देखते थे| उन्हें उन भारतीय श्रेष्ठताओं को लेकर चिंता थी, जो सांस्कृतिक ह्रास के दौर में खोती जा रही हैं| आज मनुष्य अंध-तकनीकी आधुनिकता और धार्मिक कूपमंडूकता के बीच सैंडविच है| मुक्तिबोध की कविता मनुष्य होने का बोध देती है| विद्यासागर विश्वविद्याल के प्रो.संजय जायसवाल ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि मुक्तिबोध आधुनिक हिंदी कविता में प्रयोगशीलता और प्रगतिशीलता के बीच सेतु हैं| उन्हें नौजवानों से बड़ी आशा थी|
इस अवसर पर सेराज खान बातिश, राज्यवर्द्धन, मनोज मिश्र, गीता दूबे, सुरेश शॉ, पंकज सिंह, इबरार खान, प्रिया श्रीवास्तव, शिव प्रकाश दास, अमित साव, आशुतोष राउत, संजीव महतो, मोहित शर्मा, ज्योति चौरसिया, सुषमा कुमारी, शिप्रा मिश्रा पांडेय, रोशमी सेन शर्मा, सुमन शर्मा आदि ने कविता पाठ किया| डॉ. कुसुम खेमानी ने अपने शुभकामना संदेश में मुक्तिबोध के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की| श्री रामनिवास द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया|

भवानीपुर कॉलेज ब्लड डोनेशन कार्निवाल 22 का आयोजन

भवानीपुर कॉलेज ब्लड डोनेशन कार्निवाल 22 का आयोजन

कोलकाता ।  भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने ब्लड डोनेशन कार्निवाल 2022 का उद्घाटन समारोह उत्सव के रूप में मनाया। विद्यार्थियों की बड़ी संख्या ने रक्त देकर पुण्य कार्य में अपना योगदान दिया। कॉलेज के अध्यक्ष रजनीकांत भाई दानी ने ब्लड डोनेशन कार्निवाल का उद्घाटन प्रमुख कार्यकर्ता को बैच पहनाकर कार्निवाल का आरंभ किया।प्रो दिलीप शाह ने सभी नये विद्यार्थियों का स्वागत किया ।वालिया हॉल में रक्तदान के लिए आए सभी छात्र छात्राओं का रक्त देने के पूर्व डॉक्टर द्वारा चेकप किया गया जिसकी पूर्ण व्यवस्था की गई । हर बेड के पास वोलिंटियर्स और हेल्थकेयर के कम्पाऊंडर मौजूद रहे।दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया कॉलेज के अध्यक्ष रजनीकांत भाई दानी ने ।साथ में संयोजक डीन प्रो दिलीप शाह, प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिव्या उदेशी, प्रो गार्गी,लक्ष्मी, धानीश, नागेश पटेल और बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। प्रदीप सेठ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रक्तदान का महत्व बताया। अध्यक्ष रजनीकांत भाई दानी ने भी कॉलेज से जुड़े अपने अनुभवों को बताया।
भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज में ब्लड डोनेशन कार्निवाल में 754यूनिट रक्त दान हुआ। भवानीपुर एडूकेशन सोसायटी कॉलेज में ब्लड डोनेशन कार्निवाल में विद्यार्थियों ने बहुत अधिक संख्या में भाग लिया। लगभग 905 छात्र छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया जिसमें से 151 विद्यार्थी अनफिट रहे। रक्त दान में प्रोजेक्ट लाइफ फोर्स का योगदान रहा।सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि 603 विद्यार्थियों ने प्रथम बार रक्तदान किया। उपाध्यक्ष श्री मिराज डी शाह ने ब्लड डोनेशन के लिए विद्यार्थियों को विभिन्न सुविधाएं देकर उत्साहित किया। विद्यार्थियों के लिए नाश्ता, जूस, ग्लूकोज़ और रक्तदान के बाद भोजन की व्यवस्था की गई। संगीत और नुक्कड़ नाटक के द्वारा विद्यार्थियों ने रक्तदान उत्सव मनाया ।एनसीसी के कैडट और कैप्टन आदित्य राज ने व्यवस्था में अपना योगदान दिया। डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी।

वाजा द्वारा महिला पदाधिकारियों का मनोनयन 

कोलकाता ।  राइटर्स और जर्नलिस्ट एसोसिएशन कोलकाता इकाई के अध्यक्ष छपते छपते हिंदी दैनिक और ताजा टीवी के डायरेक्टर वरिष्ठ संपादक विश्वम्भर नेवर के सानिध्य में ताजा टीवी के सभाकक्ष में वाजा लेडिज विंग कोलकाता के पदाधिकारियों की बैठक हुई। राइटर्स और जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं संस्थापक शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी की उपस्थिति में इस बैठक को आयोजित किया गया। शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी ने साहित्य और पत्रकारिता को एक सिक्के के दो पहलू बताया और वाजा के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय एकीकरण और सभी भारतीय भाषाओं पर चर्चा करते हुए भारत में वाजा की सोलह इकाइयों की चर्चा की।
विश्वंभर नेवर ने वर्तमान में बदलते हुए मीडिया पर प्रकाश डालते हुए हिंदी फिल्मों और नए बन रहे लोकप्रिय वेब सीरीज पर अपने विचार व्यक्त किए जो हिंदी में लिखे जा रहे हैं। महिला इकाई की महासचिव दी वेक की वरिष्ठ संपादक शकुन त्रिवेदी ने कहा कि यह महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है जो साहित्य के माध्यम से एक अच्छा कार्य कर सकता है। कोलकाता के प्रतिष्ठित टीवी चैनल ताजा टीवी के कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार तथा राइटर्स एंड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन इंडिया, कोलकाता इकाई के अध्यक्ष विश्वम्भर नेवर द्वारा राइटर्स एंड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन महिला इकाई कोलकाता के
नवनियुक्त पदाधिकारियों को जिनमें डॉ सुषमा हंस, पूनम त्रिपाठी, कविता कोठारी, सुषमा त्रिपाठी कनुप्रिया, उषा श्राफ को मनोनयन पत्र सौंपा गया, इस अवसर पर उपरोक्त एसोसिएशन की महिला शाखा की कोलकाता अध्यक्ष डॉ. वसुंधरा मिश्रा व अन्य तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। संतोष तिवारी और कृष्ण गोपाल की उपस्थिति रही।

28वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 15 दिसंबर से

कोलकाता । 28वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (केआइएफएफ) आगामी 15 दिसंबर से शुरू होगा और 22 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में केआइएफएफ का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। इसमें बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, उनकी अभिनेत्री पत्नी जया बच्चन व सुपरस्टार शाहरुख खान मौजूद रह सकते हैं। उन्हें न्योता भेजा गया है।

पहली बार एक कैलेंडर वर्ष में दूसरी बार हो रहा आयोजन – गौरतलब है कि शाहरुख खान बंगाल के ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। नव नियुक्त राज्यपाल सीवी आनंद बोस को उद्घाटन समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। गौरतलब है कि केआइएफएफ के इतिहास में पहली बार एक कैलेंडर वर्ष में इसका दूसरी बार आयोजन होने जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण दो साल इसका आयोजन नहीं हो पाया था। 27वां संस्करण इसी साल 25 अप्रैल से शुरू हुआ था और एक मई तक चला था। उस दौरान 40 देशों की 163 फिल्में दिखाई गई थीं। अब इसी साल फिर से इसका आयोजन होने जा रहा है। कोरोना के पहले अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान नियमित रूप से इसके उद्घाटन समारोह में मौजूद रहते थे और अब फिर से दिख सकते हैं।

एयर इंडिया – एयर होस्टेज की बिंदी और चूड़ी से लेकर पुरुषों के बाल के लिए नियम जारी

एयर इंडिया ने केबिन अटेंडेंट के लिए ग्रूमिंग गाइडलाइंस जारी की है। इसमें बिंदी की साइज से लेकर चूड़ी की संख्या भी तय की गई है। गाइडलाइन में कहा गया है कि बिंदी की साइज 0.5 सीएम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एक से ज्यादा चूड़ी पहनने की भी इजाजत नहीं है।  क्रू के पुरुष सदस्यों की हेयरस्टाइल का भी गाइडलाइन में जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने ग्रूमिंग गाइडलाइंस में मेल क्रू के उन सदस्यों को, जिनके बाल कम हैं या जिन्हें गंजापन है, उन्हें क्लीन शेव्ड सिर यानी बाल्ड लुक रखने को कहा है। ऐसे क्रू के सदस्य को अपने सिर को रोजाना शेव करने को भी कहा गया है। वहीं क्रू के सदस्य बिखरे हुए बाल या लंबे उलझे बाल वाली हेयरस्टाइल भी नहीं रख सकते।

महिला क्रू सदस्यों को पर्ल इयररिंग्स यानी मोती की बालियां पहनने की अनुमति नहीं है। बिंदी विकल्प है, लेकिन उसका साइज 0.5 सीएम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। महिला क्रू हाथों में सिर्फ एक चूड़ी पहन सकती हैं, लेकिन चूड़ी में कोई डिजाइन या स्टोन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा महिला क्रू बालों को बांधने के लिए हाई टॉप नॉट और लो बन्स स्टाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं। महिला क्रू बिना किसी डिजाइन वाली सिर्फ गोल्ड और डायमंड की राउंड शेप्ड इयर रिंग्स पहन सकती हैं। साड़ी और इंडो-वेस्टर्न वियर दोनों के साथ त्वचा के रंग से मेल खाने वाली शीयर काल्फ लेंथ स्टॉकिंग्स भी अनिवार्य हैं। वहीं दोनों हाथों में सिर्फ एक-एक अंगूठी पहने की अनुमति है, लेकिन इसमें शर्त यह है कि अंगूठी एक सीएम से ज्यादा चौड़ाई वाली नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा महिला क्रू सदस्यों को सिर्फ चार बॉबी पिन यूज करने की अनुमति दी गई है। मेंहदी लगाने की भी अनुमति नहीं है।

धार्मिक या काले धागे बांधने की अनुमति नहीं

गाइडलाइंस में कहा गया है कि कलाई, गर्दन और एंकल पर धार्मिक या काले धागे को बांधने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा क्रू को पब्लिक एरिया में प्लास्टिक बैग या शॉपिंग बैग ले जाने की भी अनुमति नहीं है।

रसोई – कहानी सतना के रामपुर के खुरचन की

खुरचन… यह पढ़कर आपको लगेगा कि यह किसी चीज को जलाने के बाद खुरच-खुरचकर बनाई जाने वाली कोई मिठाई है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसका सिर्फ नाम ही खुरचन है। यह मिठाई शुद्ध दूध की मलाई से बनाई जाती है। मलाई की कई परतें जमने से मखमली सी दिखने वाली यह मिठाई मप्र की प्रसिद्ध मिठाइयों में से एक है। बात हो रही सतना के रामपुर बाघेलान की ‘खुरचन’ की। यह मिठाई यहां 80 साल पहले अस्तित्व में आई थी। रामपुर बाघेलान के हाईवे से इस मिठाई का स्वाद प्रदेश ही नहीं देशभर में फैल चुका है। इस सप्ताह जायका में पढ़िए रामपुर बाघेलान की ‘खुरचन’ की कहानी।

बारापत्थर गांव में यादवों ने बनाना शुरू किया

कुछ समय बाद नागौद के करीबी और नेशनल हाईवे के किनारे बसे बारापत्थर गांव में कुछ यादवों ने आशियाना बनाए। वे भी मवेशी पालते थे लिहाजा दूध का इस्तेमाल उन्होंने भी खुरचन बनाने में करना शुरू कर दिया। उस वक्त वे नागौद के घरों और कुछ दुकानों में भी खुरचन पहुंचाते थे। अब भी रामपुर की ही तरह नागौद के बारापत्थर में भी नेशनल हाईवे के किनारे खुरचन की दुकानें लगती हैं।

रामपुर में शक्कर नागौद में दूध की मिठास

खुरचन की रेसिपी नागौद से रामपुर पहुंची तो उसके बनाने के तरीके में बदलाव भी हो गए। नागौद की खुरचन में शक्कर का इस्तेमाल नहीं किया जाता। रामपुर में इस पर पिसी शक्कर छिड़की जाती है। नागौद की खुरचन शुगर फ्री होती है। दूध की मिठास को ही खुरचन की मिठास के लिए इस्तेमाल किया जाता है लिहाजा नागौद में बनी खुरचन रामपुर की खुरचन के मुकाबले महंगी बिकती है। यहां इसकी कीमत 500 रुपए किलो तक है।

बड़े होटल से ज्यादा बिक्री हाईवे की दुकानों पर

खुरचन कस्बे के अन्य बड़े होटलों में भी बिकती है, लेकिन रोजाना खुरचन की उनसे कहीं ज्यादा बिक्री सड़क किनारे की छोटी-छोटी दुकानों में होती है। ये दुकानें किसी और नाम से नही बल्कि विक्रेता के सरनेम से पहचानी जाती हैं। मसलन दुकानों के नाम, पटेल खुरचन, मिश्रा खुरचन, पांडेय खुरचन वगैरह हैं। ये दुकानें उन्हीं की होती हैं जो खुद खुरचन बनाते हैं।

धीमी आंच पर पकाते हैं

दूध को एक-एक पाव की मात्रा में लोहे की कड़ाहियों में पकाया जाता है। दूध के ठंडा होने के बाद बेहद बारीकी से इसकी मलाई उतारी जाती है और उसे थाली में फैलाया जाता है। पिसी शक्कर छिड़ककर एक के ऊपर एक मलाई की परतें डाली जाती हैं।

पहले बेचने के लिए रीवा जाते थे

वीरेंद्र मिश्रा बताते हैं कि खुरचन बनाने और बेचने का काम उनके यहां तीन पीढ़ियों से हो रहा है। पहले दादी खुरचन बनाती थीं और बेचने के लिए रीवा ले जाती थीं। बाद में पिता जी ने इस काम को आगे बढ़ाया और अब वे पढ़ाई करने के बाद भी खुरचन बनाने और बेचने के काम में लग गए। उन्होंने बताया कि यहां डेढ़ सौ से अधिक दुकानदारों की आजीविका का साधन खुरचन ही है। त्योहारों के दिनों में सामान्य दिनों की अपेक्षा बिक्री भी अच्छी होती है। कई बार यहां से निकलते वक्त विदेशी सैलानी भी रुकते हैं और खुरचन ले जाते हैं।

अब रेलवे ने भी किया प्रमोट

रामपुर बाघेलान की खुरचन को अब भारतीय रेलवे ने भी प्रमोट किया है। रेलवे ने बघेलखंड की इस जायकेदार विरासत को वन स्टेशन वन प्रोडक्ट प्रोग्राम के तहत शामिल किया है। हावड़ा-मुम्बई रेल मार्ग के प्रमुख जंक्शन सतना के प्लेटफॉर्म में इसका स्टॉल लगाया गया है। स्टाल संचालक लक्ष्मी नारायण मिश्रा बताते हैं कि नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वालों के जरिए ही खुरचन देश के अन्य स्थानों तक पहुंचती थी, अब रेल यात्रियों के माध्यम से भी इसका जायका भारत के कोने-कोने तक पहुंच रहा है।

सीवी आनंद बोस ने बंगाल के राज्यपाल के रूप में ली शपथ

कोलकाता । कोलकाता में बुधवार 23 नवम्बर को सीवी आनंद बोस ने पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण किया। राज्यपाल को कोलकाता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने के बाद राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व अन्य नेताओं से मुलाकात की। 17 नवंबर को पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल नामित किए गए थे। सीवी आनंद बोस कौन हैं। तो बोस 1977 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस हैं। वह ला गणेशन की जगह लेंगे। 2011 में सेवानिवृत्त होने से पहले बोस कोलकाता में राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रशासक के रूप में कार्य कर हे थे।