कोलकाता । कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय लालबाजार की ओर से सख्त कदम उठाते हुए ज़ीरो एफआईआर को लेकर गाइडलाइंस जारी किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर की ओर से रविवार (12 जुलाई) को एक विज्ञप्ति जारी की जिसमें कोलकाता पुलिस के अधीनस्थ सभी थाना के लिए विशेष निर्देश दिया गया है।
इस विज्ञप्ति में खासतौर पर महिलाओं की शिकायतों को अधिक महत्व के साथ दर्ज करने और उनका समाधान करने की सख्त हिदायत दी गयी है। इसके साथ ही ज़ीरो FIR के मामले में क्या-क्या कदम उठाना होगा, इस संबंध में भी खासतौर पर उल्लेख किया गया। बता दें, कल यानी 13 जुलाई से पश्चिम बंगाल में गुंडा नियंत्रण कानून लागू होने वाला है। उससे पहले कोलकाता में पुलिस मुख्यालय लालबाजार की ओर से इस विज्ञप्ति का जारी होना, बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एफआईआर दायर करने के मामले में कोई लापरवाही नहीं चलेगी। अगर कोई महिला शिकायत दर्ज करवाने जाती है, तो उसपर खास ध्यान दिया जाएगा।
कोलकाता पुलिस के अधीनस्थ सभी थाना में अगर कोई महिला किसी समस्या की शिकायत दर्ज करवाने आती है तो उसे ज़ीरो एफआईआर के तौर पर दर्ज किया जाएगा।
ज़ीरो एफआईआर के संबंध में डेप्यूटी कमिश्नर को पूरी रिपोर्ट देनी पड़ेगी।
ज़ीरो एफआईआर को संबंधित थाना में स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी पहले वाले थाना के ओसी की होगी। ज़ीरो एफआईआर स्थानांतरित करने के बाद कोलकाता के डिविजनल डीसी को प्रत्येक थाना की ओर से रिपोर्ट देनी होगी।कोई महिला अपनी किसी समस्या के संबंध में कोलकाता के किसी भी थाना में जाकर शिकायत दर्ज करवा सकेंगी। पुलिस महिला से अपने इलाके के थाना में जाकर शिकायत दर्ज करने के लिए नहीं कह सकती है। पुलिस को महिला की शिकायत को ज़ीरो एफआईआर के तौर पर दर्ज करना होगा, जिसे बाद में उस थाना के ओसी खुद संबंधित थाना में स्थानांतरित करेंगे। पहले वाले थाना के ओसी खुद संबंधित थाना के ओसी से इस बारे में बात करेंगे।
लालबाजार द्वारा 12 जुलाई को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक महिला की शिकायत को रजिस्टर और ज़ीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे स्थानांतरित करने के मामले में पुलिस के डिविजनल डेप्यूटी कमिश्नर (डीसी) के पास रिपोर्ट भेजनी होगी। जिन्होंने शिकायत दर्ज करवायी होगी, उनके बारे में विस्तृत जानकारी पहले वाले थाना के ओसी को ही मामला स्थानांतरित होने वाले थाना के ओसी को बतानी पड़ेगी। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि ज़ीरो एफआईआर को सिर्फ स्थानांतरित करके ही जिम्मेदारी पूरी नहीं करनी होगी बल्कि कोलकाता के डिविजनल डीसी को प्रत्येक थाना की ओर से इस बाबत रिपोर्ट भी भेजनी पड़ेगी।




