Wednesday, July 15, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

अब स्कूलों में भी लगेगी एचपीवी वैक्सीन

कोलकाता । राज्य सरकार ने सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को तेज करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की है। अब केवल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रहने के बजाय सरकारी और निजी सभी स्कूलों में भी पात्र छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए अभियान को दो अलग-अलग मॉडल के माध्यम से संचालित करने का फैसला किया है। स्वास्थ्य विभाग के आकलन के अनुसार 10 जुलाई दोपहर 12 बजे तक राज्य में 1 लाख 92 हजार 940 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन दी जा चुकी है। हालांकि पिछले दो सप्ताह के दौरान टीकाकरण अभियान की रफ्तार लगभग ठहर गई थी। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर अभियान को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।नई व्यवस्था के तहत पहला मॉडल यह है कि 14 वर्ष की पात्र छात्राओं को उनके निकट स्थित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर टीका लगाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल का निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर के साथ मैपिंग करना अनिवार्य होगा, ताकि छात्राओं को आसानी से टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। दूसरे मॉडल के तहत यदि किसी स्कूल में कम से कम 50 छात्राओं की सूची तैयार हो जाती है और उनके अभिभावकों की लिखित सहमति प्राप्त हो जाती है, तो उसी विद्यालय परिसर में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। इससे छात्राओं को अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी और अधिक संख्या में लाभार्थियों तक पहुंच बनाई जा सकेगी। संशोधित दिशा-निर्देशों में टीकाकरण शिविर आयोजित करने से पहले कई तैयारियां अनिवार्य की गई हैं। इनमें अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करना, अभिभावकों से लिखित सहमति पत्र प्राप्त करना, यू-विन पोर्टल पर छात्राओं का अग्रिम पंजीकरण तथा टीकाकरण दल की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण के दौरान कोल्ड चेन प्रणाली पूरी तरह बनाए रखी जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी छात्रा खाली पेट टीका न लगवाए। वैक्सीन देने के बाद प्रत्येक छात्रा को कम से कम 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनेफिलैक्सिस किट और एम्बुलेंस की उपलब्धता भी अनिवार्य होगी। इसके अलावा टीकाकरण से जुड़ी सभी जानकारियां वास्तविक समय (रियल टाइम) में यू-विन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि संशोधित व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य की अधिक से अधिक 14 वर्ष की किशोरियों तक एचपीवी वैक्सीन पहुंचाई जा सकेगी। इससे गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा राज्य का एचपीवी टीकाकरण अभियान पहले की तुलना में अधिक तेजी और प्रभावशीलता के साथ आगे बढ़ सकेगा।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news