Sunday, July 12, 2026
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अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भरा आयकर

नयी दिल्ली, एजेंसी । आयकर विभाग ने शनिवार को बताया कि आकलन वर्ष (असेसमेंट ईयर-एवाई) 2026-27 के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “1.7 करोड़ से अधिक करदाताओं ने समझदारी दिखाते हुए आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अपना आईटीआर पहले ही दाखिल कर दिया है।” विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अकेले 10 लाख से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। आयकर विभाग ने उन सभी पात्र करदाताओं से अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया है, कि वे 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले रिटर्न भर दें, ताकि अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी परेशानियों से बचा जा सके। गौरतलब है कि मई में आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध करा दी थी। इसके साथ ही करदाता इन दोनों फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग, दोनों विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं। आईटीआर-1 (सहज) उन निवासी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपए तक है और जिनकी आय वेतन, एक मकान तथा अन्य स्रोतों से होती है। इसमें सालाना 5,000 रुपए तक की कृषि आय भी शामिल हो सकती है। वहीं, आईटीआर-2 उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए लागू होता है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन जैसे अन्य स्रोतों से आय प्राप्त होती है। इससे पहले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित खुलासा नियमों के साथ नए आईटीआर फॉर्म अधिसूचित किए थे। नए नियमों के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन), शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान और कुछ प्रकार के ट्रेडिंग लेनदेन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
इस बीच, आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 17 जून, वित्त वर्ष 2027 के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन) सालाना आधार पर 14.64 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। वहीं, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन) 12.46 प्रतिशत बढ़कर 6.1 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5.4 लाख करोड़ रुपये था।

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