Wednesday, May 13, 2026
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डॉ. वसुंधरा मिश्र के कथा काव्यसंग्रह ‘नव दुर्गा नव रूप’ का लोकार्पण 

-भारतीय भाषा परिषद में जैन महिला मंडल ने किया आयोजन

कोलकाता । भारतीय भाषा परिषद के सभाकक्ष में लेखिका डॉ वसुंधरा मिश्र की कथा काव्यसंग्रह ‘नव दुर्गा नव रूप’ काव्य पुस्तक का लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम जैन महिला मंडल की संस्थापक सदस्य अंजू सेठिया और अध्यक्ष चंदा गोलछा द्वारा आयोजिकिया गया। गत 2 मई 2026 को लोकार्पण समारोह में प्रमुख अतिथि प्रो सोमा बंद्योपाध्याय, पूर्व कुलपति बाबा साहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय,वरिष्ठ पत्रकार और प्रधान संपादक विश्वंभर नेवर ताजा टीवी छपते-छपते समाचार, राजस्थान ब्राह्मण संघ की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानाचार्या दुर्गा व्यास, भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज की प्रातःकालीन सत्र की वाइस प्रिंसिपल प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज के रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह, भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ शंभुनाथ की उपस्थिति में लेखिका डॉ वसुंधरा मिश्र द्वारा लिखित ‘नव दुर्गा नव रूप’ काव्य कथा संग्रह का लोकार्पण संपन्न हुआ।
इस अवसर पर डॉ सोमा बंदोपाध्याय , पूर्व कुलपति बाबा अंबेडकर विश्वविद्यालय ने कहा कि दुर्गा का उच्चारण करते ही आपको अनुभव होगा एक शक्ति का संचार होता है और वही शक्ति स्त्री को आगे बढ़ने में सहायता करती है।स्त्री शक्ति की तुलना हमेशा पृथ्वी और प्रकृति से की जाती है क्योंकि उसमे सहन शक्ति अपरंपार है।
जब तक महिला आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होती तब तक उसकी बात नही सुनी जाती । डॉ सोमा बंद्योपाध्याय ने कहा कि ये कविताएं शोधपूर्ण कार्य है और आधुनिक संदर्भ में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।उन्होंने पुस्तक की एक कविता की पंक्तियों की आवृत्ति की। विश्वंभर नेवर ने स्त्री की भूमिका पर प्रकाश डाला और अपनी शक्तियों को शिक्षा और ज्ञान द्वारा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया । माँ दुर्गा की मूर्ति को कई तरह से सजाया जाता है। हमें अत्याचार का प्रतिकार करना चाहिए ।अप्प दीपो भव को मानना चाहिए।
डॉ शंभूनाथ ने पृथ्वी के विकास के फलस्वरूप होने वाले अवतारों के द्वारा पूर्ण मनुष्य के निर्माण प्रक्रिया बात रखी ।
दुर्गा व्यास ने वसुंधरा मिश्र की रचनाधर्मिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘एक नहीं दो दो मात्रा नर से भारी नारी।’
छोटी सी पुस्तक किंतु प्रेरणादाई इस पुस्तक को सभी को पढ़ना चाहिए। इसमें वसुंधरा मिश्र ने दुर्गा के मंत्र, कथा और आधुनिक स्त्री को अपनी शक्तियों को बढ़ाने का संदेश दिया है। उन्होंने पुस्तक की कविताओं से कई पंक्तियाँ उद्धृत की।
प्रो दिलीप शाह ने वर्तमान संदर्भ में स्त्री पुरुष में न बांटकर गुणों के आधार पर देखना चाहिए। व्यक्ति को उसके गुणों द्वारा देखना चाहिए । ज्ञान की उपासना होनी चाहिए। महिलाएं कुछ करना चाहती है उनकी इच्छा का सम्मान करे।
प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने काव्य संग्रह के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्त्रियों का अधिकार सदैव रहा उन्हें धुरी कहा जाता था। फिर आज ऐसा क्या ? ऐसे में वसुंधरा मिश्र जी की ये पुस्तक एक रोशनी की तरफ ले जाती हैं ।
डॉ वसुंधरा मिश्र ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि माँ दुर्गा समाज की ही बेटी, स्त्री और मातृशक्तियां हैं। नौ देवियों के गुणों को अपने जीवन का अंग बनाना माँ दुर्गा के प्रति सच्ची भक्ति है। मेरी लिखी ‘मैं रहस्यमयी’ कविता मेरे लिए प्रेरणादायी कविता थी। बंगाल शक्ति स्थल है जहांँ से स्त्रियां साहित्यिक और सांस्कृतिक ऊर्जा प्राप्त करती हैं।
शुभ सृजन प्रकाशन की महिला प्रकाशक सुषमा त्रिपाठी कोलकाता द्वारा ‘नव दुर्गा नव रूप’ को छपाने का उद्योग लेना मेरे लिए प्रसन्नता की बात थी। उत्सव मूर्ति डॉ वसुंधरा मिश्र ने ‘मैं ही रहस्यमयी स्थूल सूक्ष्म सब मुझमें व्याप्त’ का पाठ करते हुए मां दुर्गा को शब्दांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमोकार मंत्र से हुआ जिसमें सरोज भंसाली और जैन महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा किया गया। प्रो डॉ देविना गुप्ता ने माँ दुर्गा की स्तुति ‘अयि गिरिनन्दिनि’ से किया। पूर्व शिक्षिका शिक्षायतन और कवयित्री कविता कोठारी ने अध्यात्म और जीवन दर्शन से युक्त एक मधुर गीत गाया । पूनम त्रिपाठी खिदिरपुर स्कूल की शिक्षिका और छत्तीसगढ़ के अखबार की कॉलम संपादक और कई पुरस्कारों से सम्मानित ने शुभकामनाएं देते हुए डॉ वसुंधरा मिश्र को नवीन कदम न्यूज़ नेटवर्क छत्तीसगढ़ से भेजे हुए नारी शक्ति सम्मान 2026 के लिए प्रदत्त शॉल और मोमेंटो, सर्टिफिकेट, कलम प्रदान किया।
इस अवसर पर कोलकाता के प्रमुख हिंदी जगत के साहित्यकार कवि कवयित्री लेखक लेखिकाओं पत्रकारों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर ट्रासजेंडर महिला और स्त्री सशक्तिकरण के लिए कई साहित्यकारों और कवयित्री महिलाओं को सम्मानित किया गया। अंजू सेठिया ने संचालन किया और सभी अतिथियों का स्वागत किया ।कार्यक्रम की सूत्रधार एवं संचालक अंजू सेठिया ने भारत जैन महिला मंडल द्वारा नारी शक्ति अवार्ड कुसुम किला, श्रुति धर को मिला।
गणमान्य लोगों में पवन जी पाटोदिया, सुरेश चौधरी, गोविंद इन्दौरिया, कयुर मजमूदार , अमित मुधडा, किशन जी किला ,बाबूलाल जी दुगड ,ताराचंद पटोदिया ,उषा जैन,अमृता चतुर्वेदी, मीनाक्षी श्रीवास्तव, सुशील जी आदि अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। भारत जैन महामंडल से अध्यक्ष चंदा गोलछा संस्थापक, सरोज भंसाली, उपाध्यक्ष नेहा रामपुरिया ,सुमित्रा सेठिया, सुप्यार पुगलिया, सुनीता कुडलिया, सुमन चौरडीया आदि उपस्थित रही।

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